कोलकाता में सुहरावर्दी एवेन्यू का नाम बदला, अब वीर गोपाल मुखर्जी रोड से जाना जाएगा, प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो साभार: AI ChatGPT)
पश्चिम बंगाल की राजनीति में ‘नाम बदलने’ के एक फैसले ने देशव्यापी बहस छेड़ दी है। कोलकाता की ऐतिहासिक और बेहद व्यस्त सड़कों में से एक ‘सुहरावर्दी एवेन्यू’ (Suhrawardy Avenue) का नाम अब बदलकर ‘गोपाल मुखर्जी रोड’ (Gopal Mukherjee Road) कर दिया गया है। कोलकाता नगर निगम (KMC) द्वारा जारी इस आधिकारिक नोटिफिकेशन के बाद जहाँ भारतीय जनता पार्टी (BJP) इसे ‘ऐतिहासिक न्याय’ और ‘हिंदुओं के स्वाभिमान की बहाली’ बताकर जश्न मना रही है, वहीं कांग्रेस और वामपंथी खेमे में इसके खिलाफ तीखा विरोध देखा जा रहा है।
मुसलमानों द्वारा टेलीग्राम पर एक ग्रुप बनाया गया
— Pushpraj sharma (@ThePushprajX) June 25, 2026
ग्रुप का नाम - सनातनियों की नीलामी
ग्रुप का काम - हिंदू लड़कियों को फसाना,हिंदू देवी देवताओं से हिन्दू लड़कियों को दूर करना
ग्रुप की चैट सामने आई उसमें लिखा कि एक हिंदू लड़की से 3 4 हिन्दू लड़कियां और फसाओ और हिंदू लड़कियों को… pic.twitter.com/cQWGufaj2b
#Punjab #SGPC #Hindus #Sanatan #Sikhs
— Paramjeet Singh Berwal (@ParamjeetBerwal) June 24, 2026
गुरुद्वारों में अब रागियों को वो शबद गाने से रोका जाता है जिससे सिख पंथ का सनातन के साथ संबंध दृष्टिगोचर हो।
दरबार साहिब से तो बाकायदा ऐसे रागियों को निकाला जा रहा है जो ऐसे शबद गाते हैं।
इनका दर्द सुनिए pic.twitter.com/2AnxPg6a5L
अब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के निशाने पर हैं धारा 30,बहुत जल्द धारा 30 को समाप्त करने का प्रोसेस शुरू हो सकता है..!
— Bhaskar mishra (@Bhaskar_m11) June 24, 2026
अब तक तो ये धारा हट जानी चाहिए थी....!! pic.twitter.com/2IIUTrptVP
कांग्रेस इस फैसले को भाजपा की ‘ध्रुवीकरण की राजनीति’ करार दे रही है और सोशल मीडिया पर आम हिंदुओं को भाजपा कार्यकर्ता बताकर उनका मजाक उड़ा रही है। कांग्रेस का तर्क है कि यह सड़क ‘बंगाल के कसाई’ कहे जाने वाले हुसैन शहीद सुहरावर्दी के नाम पर नहीं, बल्कि उसके चाचा और कलकत्ता विश्वविद्यालय के पहले मुस्लिम कुलपति (VC) डॉ. हसन सुहरावर्दी के नाम पर थी।
मूर्खों की जमात है यह भाजपाइयों की। हसन सुहरावर्दी और हुसैन सुहरावर्दी में फ़र्क़ ही नहीं पता इन जाहिलों को। https://t.co/DR8GXy93Ly
— Pawan Khera 🇮🇳 ಪವನ್ ಖೇರಾ (@Pawankhera) June 21, 2026
लेकिन क्या वाकई इतिहास इतना सीधा और साफ है? क्या सिर्फ नाम का अंतर होने से एक देशद्रोही और अंग्रेजों के मददगार परिवार का दाग धुल जाता है? क्या कांग्रेस का इस सुहरावर्दी परिवार से लगाव सिर्फ आज का है या इसके तार देश के बंटवारे, जवाहरलाल नेहरू और पूर्व कार्यवाहक राष्ट्रपति हिदायतुल्लाह तक जुड़े हुए हैं? आइए इस पूरी कड़वी हकीकत, दफन इतिहास और ‘गोपाल पाठा’ के शौर्य की कहानी को विस्तार से समझते हैं।
कौन था हसन सुहरावर्दी? अंग्रेजों की चाटुकारिता और ‘सर’ की उपाधि का सच
‘बंगाल के कसाई’ हुसैन सुहरावर्दी से क्या था हसन का रिश्ता?
नेहरू का ‘सुहरावर्दी प्रेम’ और कांग्रेस का पुराना तुष्टिकरण
हिदायतुल्लाह कनेक्शन: कार्यवाहक राष्ट्रपति और पाकिस्तान जाने वाला परिवार
BJP is gloating over changing the name of a lane on Kolkata which was named after Hassan Suhrawardy
— Supriya Shrinate (@SupriyaShrinate) June 22, 2026
Hassan Suhrawardy was a prominent physician and the Vice-Chancellor of the University of Calcutta between 1930 and 1934
They mistook it for being named after Huseyn Shaheed… pic.twitter.com/9mZ7lx47Ev
कौन थे गोपाल पाठा? जिन्होंने कोलकाता के हिंदुओं को कटने से बचाया
गोपाल मुखर्जी रोड हिंदुओं के सम्मान की बहाली, ये बीजेपी सरकार का साहसिक कदम
लेकिन पश्चिम बंगाल की वर्तमान भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कोलकाता नगर निगम के माध्यम से ‘सुहरावर्दी एवेन्यू’ का नाम बदलकर ‘गोपाल मुखर्जी रोड’ करके एक ऐतिहासिक भूल को सुधारा है।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस फैसले पर ट्वीट करते हुए लिखा, “दशकों तक हमारे शहर की एक मुख्य सड़क का नाम उस व्यक्ति (या परिवार) के नाम पर रहा जिसने राजनीतिक लाभ के लिए निर्दोष नागरिकों के नरसंहार की साजिश रची और सत्ता का दुरुपयोग किया। वीर गोपाल मुखर्जी के नाम पर इस सड़क का नामकरण कर, जिन्होंने हजारों मासूमों की जान बचाई, आखिरकार इतिहास के साथ न्याय किया गया है। यह समय पश्चिम बंगाल के असली नायकों को याद करने और उन्हें सम्मान देने का है।”
I commend the historic decision taken by the Kolkata Municipal Corporation, yesterday, on the solemn occasion of Paschimbanga Divas, which would be instrumental in rectifying a historical wrong.
— Suvendu Adhikari (@SuvenduWB) June 21, 2026
Suhrawardy Avenue will now be renamed as Gopal Mukherjee Road.
For decades, a major… pic.twitter.com/eUmZj1msE9
नाम बदलना क्यों है हिंदुओं का वास्तविक सम्मान?
कांग्रेस आज भले ही ‘हसन’ और ‘हुसैन’ के नाम का तकनीकी खेल खेलकर हिंदुओं का मजाक उड़ाए, लेकिन सच यही है कि हसन सुहरावर्दी ने देश की बेटी बीना दास को गिरफ्तार करवाकर अंग्रेजों से वफादारी निभाई थी, और उसी के परिवार ने भारत मां के टुकड़े किए थे। ऐसे किसी भी व्यक्ति या परिवार का नाम स्वतंत्र भारत की सड़कों पर होना देश के स्वतंत्रता सेनानियों और विभाजन के शिकार हुए लाखों निर्दोष हिंदुओं का अपमान था।
भाजपा सरकार ने गोपाल पाठा के नाम पर सड़क का नाम रखकर यह साबित किया है कि अब देश अपने रक्षकों का सम्मान करेगा, न कि भक्षकों और गद्दारों का। यह फैसला केवल एक सड़क का नाम बदलना नहीं है, बल्कि यह बंगाली हिंदुओं के खोए हुए गौरव, पराक्रम और आत्मसम्मान को वापस लौटाने वाला एक क्रांतिकारी कदम है, जिसके लिए वर्तमान सरकार निश्चित रूप से बधाई की पात्र है।








