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‘अगर हम नहीं रहे, तो एक सेकेंड लगेगा…’: हिंदुओं को बीजेपी का साथ देने पर मुस्लिमों के हमले की ममता ने दी थी धमकी, कोलकाता में FIR दर्ज


पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ शुक्रवार (12 जून 2026) को कोलकाता में FIR दर्ज की गई। यह मामला उनके मार्च 2026 के उस भाषण से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने बंगाली हिंदुओं को चेतावनी दी थी कि अगर वे BJP को वोट देकर उन्हें सत्ता से बाहर कर देंगे, तो मुस्लिम उन्हें निशाना बना सकता है।

ममता की इस धमकी के बाद भी बीजेपी को सत्ता में लाकर योगी आदित्यनाथ की बात "बटोगे तो कटोगे" सच साबित कर दी। हिन्दुओं पर वामपंथी सरकार से कहीं ज्यादा हमले ममता के राज में हुए। जिन गुंडों के दम पर ममता उछल रही थी आज सब भीगी बिल्ली बन छुपे फिर रहे हैं, तो कहीं परेड निकाली जा रही है। 

मुसलमानों को भी ममता और इसे समर्थन देने वालों से होशियार रहने की जरुरत है। जिस तरह अपनी कुर्सी की खातिर हिन्दुओं को मुसलमानों का डर दिखाया जा रहा है मानों मुसलमान इंसान नहीं कोई गुंडा या मवाली हो।   

ममता बनर्जी ने यह बयान स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के विरोध में आयोजित एक प्रदर्शन रैली के दौरान दिया था। रिपोर्ट के अनुसार, ममता बनर्जी ने कहा था, “हम (TMC) हैं इसलिए आप (हिंदू) सब अच्छे से हैं। जिस दिन हम नहीं रहेंगे, एक सेकंड लगेगा।”

इसके बाद उन्होंने कहा, “अगर एक खास समुदाय (मुस्लिम) एकजुट होकर आपको घेर ले, तो एक सेकंड लगेगा, वे आपको पूरी तरह खत्म कर देंगे।” 20 मई 2026 को कोलकाता निवासी तुषार कांती दास ने दक्षिण कोलकाता के नेताजी नगर पुलिस स्टेशन में ममता बनर्जी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायतकर्ता का आरोप था कि ममता बनर्जी का यह बयान उस समय चुनावी माहौल वाले राज्य में डर, गलतफहमी और तनाव पैदा कर सकता था। इसी शिकायत के आधार पर कोलकाता पुलिस ने शुक्रवार (12 जून 2026) को FIR दर्ज की।

ममता बनर्जी पर BNS की धारा 351(2) (आपराधिक धमकी), धारा 196 (धर्म, जाति, भाषा या अन्य आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी या नफरत फैलाने) समेत अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

मध्य प्रदेश : मनमोहन की सरकार में मंत्री रहे कांति लाल भूरिया 4 निकाह वालों के लिए खजाना खोलेगी कांग्रेस : 1 बीवी पर 1 लाख रूपए, 2 पर 2 लाख रूपए…

लोक सभा चुनाव 2024 को कांग्रेस ने लगभग हिन्दू बनाम मुस्लिम की ओर मोड़ दिया है। राहुल गाँधी द्वारा अपने निकटस्थों को सत्ता में आने पर शाहबानो की तरह राममंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को बदलने की बात पूर्व कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम द्वारा बताया गया। वैसे तो दूर तक भी कांग्रेस या INDI गठबंधन सत्ता के जाते नहीं दिख रही, फिर अगर असंभव सम्भव हो गया और राममंदिर निर्णय को बदल दिया, निश्चितरूप कांग्रेस देश को गृह युद्ध की तरफ धकेल देगी। 

दूसरे, गाँधी परिवार द्वारा देश की आज़ादी के लिए क़ुरबानी देने की बात कहकर क्यों देश को गुमराह किया जा रहा है? जवाहरलाल नेहरू को जेल हुई, 2 दिन में माफ़ी मांग बाहर आ गए, जो वीर सावरकर द्वारा ब्रिटिश सरकार से माफ़ी मांगने के दुष्प्रचार के दिनों में TimesNow के 'नवभारत' चैनल पर नेहरू के माफीनामा को दिखाया गया था। रही बात इंदिरा गाँधी की हत्या की, जिस खालिस्तान ने इंदिरा  जान ली, वही खालिस्तान तथाकथित किसान आंदोलन में नज़र आया, फिर भी कांग्रेस ने अपना समर्थन क्यों दिया? राजीव गाँधी की मानव बम में हत्या हुई, लेकिन परिवार दोषियों को माफ़ कर देती है, क्यों?   

कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में हर महिला को जो 1 लाख रुपए देने का वादा किया है, उसके पीछे मंशा क्या है इसका खुलासा हाल में कॉन्ग्रेस प्रत्याशी कांतिलाल भूरिया के बयान से हुआ। मध्य प्रदेश के पूर्व केंद्रीय मंत्री और रतलाम के कांग्रेस अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया ने यहाँ जनसभा को संबोधित करते हुए ऐलान किया कि कॉन्ग्रेस बाकी महिलाओं को 1 लाख रुपए देगी और दो बीवी वाले लोगों को 2 लाख रुपए देगी।

उनकी यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल है। इस वीडियो में वह कहते दिखाई पड़ रहे हैं कि कांग्रेस हर महिला को एक लाख रुपए देगी। सरकार आते ही एक लाख देगी। इसके बाद मुँह पर हँसते हुए बोले जिस व्यक्ति की दो पत्नियाँ हैं, उसे दो लाख रुपए सालाना दिए जाएँगे। इसके अलावा कांग्रेस ने चुनावी घोषणापत्र में सभी महिलाओं के खातों में एक-एक लाख रुपये देने की बात कही है।

बताया जा रहा है कि जिस रैली में कांग्रेस प्रत्याशी ने ऐसी बात कही है उस रैली में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी भी मौजूद थे। मंच पर बैठकर इन लोगों ने भूरिया की बात पर न केवल उनका समर्थन किया था बल्कि ये तक कहा था कि जिसकी दो पत्नियाँ, उसको डबल।

 कांतिलाल भूरिया की बात सुनने के बाद जहाँ कांग्रेस के नेता उनको समर्थन करने से पीछे नहीं हट रहे। वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया यूजर्स इस बयान को सुनने के बाद कह रहे हैं कि क्या कांग्रेस अप्रत्यक्ष रूप से यह कहना चाह रही है कि वो मुस्लिमों को (जिन्हें इस्लाम में 4 निकाह करने की इजाजत है) उन्हें चार लाख रुपए तक देगी।

कुछ तो यह भी कह रहे हैं कि इस तरह की स्कीमें सिर्फ मुस्लिमों को ज्यादा निकाह करने में बढ़ावा देंगी, इसके अतिरिक्त और कुछ नहीं। वहीं कुछ स्पष्ट पूछ रहे हैं कि आखिर हिंदू जब दो शादी कर नहीं सकते तो ये पार्टी इस स्कीम के जरिए किस समुदाय तक पहुँचने के लिए अपना प्रचार कर रही है।

नीदरलैंड : नुपूर शर्मा के ‘हमदर्द’ गीर्ट वाइल्डर्स के प्रधानमंत्री बनने की प्रबल संभावनाएं

नुपुर शर्मा का समर्थन कर चुके गीर्ट वाइल्डर्स के नीदरलैंड के पीएम बनने के आसार (फोटो साभार: Britannica/ABP)
यूरोपीय देश नीदरलैंड के चुनाव नतीजों ने बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नुपुर शर्मा (Nupur Sharma) को चर्चा में ला दिया है। वजह हैं गीर्ट वाइल्डर्स (Geert Wilders)। वाइल्डर्स की पहचान एक ऐसे नेता के तौर पर है जो इस्लामी कट्टरपंथ के खिलाफ मुखर हैं।

बीते साल जब ‘ऑल्ट न्यूज’ के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर ने नूपुर शर्मा को टारगेट किया था, तब वाइल्डर्स ने बीजेपी की इस पूर्व नेता का समर्थन किया था। जुबैर के उकसावे के बाद से नुपुर शर्मा को जिहादी हत्या की धमकी दे रहे हैं। वे सार्वजनिक जीवन से दूर रहने को मजबूर हैं।

हालिया चुनावों के बाद गीर्ट वाइल्डर्स के नीदरलैंड के प्रधानमंत्री बनने के आसार हैं। दक्षिणपंथी वाइल्डर्स की पार्टी को एग्जिट पोल में सर्वाधिक सीट मिलती दिख रही है। 22 नवम्बर 2023 को नीदरलैंड के आम चुनावों के लिए सामने आए एग्जिट पोल में यह स्पष्ट हो गया है कि वाइल्डर्स की कंजर्वेटिव पार्टी फॉर फ्रीडम (PVV) सर्वाधिक 35 सीटें जीतने की ओर है। उनकी पार्टी नीदरलैंड में इस्लाम के प्रसार के विरुद्ध रही है। ऐसे में इन नतीजों का पूरे यूरोप पर प्रभाव पड़ने की संभावना है।

PVV नीदरलैंड में मस्जिदों, कुरान और हिजाब पर प्रतिबंध लगाने की माँग करती रही है। अब 150 सीटों वाली नीदरलैंड की संसद में यह सबसे अधिक सीटों वाला दल बनने की और अग्रसर है। उनकी पार्टी को यूरोप के अन्य दक्षिणपंथी नेताओं और पार्टियों की तरफ से बधाई मिल रही है।

PVV सरकार बनाने में सबसे आगे होगी। सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी। उसे 35 सीटें मिल सकती हैं। यह 2021 के मुकाबले दोगुनी है। हालाँकि, स्पष्ट बहुमत ना होने के कारण उसे अन्य पार्टियों के साथ गठबंधन करना होगा। लेकिन इस बात की पूरी संभावना है कि गठबंधन का नेतृत्व करते हुए गीर्ट वाइल्डर्स प्रधानमंत्री बनेंगे। इस पूरी प्रक्रिया में अभी 8-10 महीने का समय लगने की संभावना है।

कौन हैं गीर्ट वाइल्डर्स?

गीर्ट वाइल्डर्स एक दक्षिणपंथी डच नेता हैं। वह अपने इस्लाम विरोधी रुख के लिए जाने जाते हैं। वह वर्ष 2004 के बाद से लगातार पुलिस सुरक्षा में रहते हैं। उनके एक बार मोरक्को के लोगों को कूड़ा बोलने पर काफी विवाद हुआ था।
वाइल्डर्स पिछले ढाई दशकों से नीदरलैंड की राजनीति में सक्रिय हैं, वह 1998 के बाद से डच संसद में हैं। उनका ताल्लुक एक सामान्य माध्यम वर्गीय परिवार से है। वह 1981 से 1983 के बीच इजरायल में भी रहे हैं। इस दौरान उन्होंने मध्य एशियाई देशों की यात्रा की, जिस दौरान उनके इस्लाम विरोधी विचार बने।
वाइल्डर्स को अवैध प्रवासियों के प्रति उनके कठोर रवैए और डच हितों को सबसे आगे रखने के लिए जाना जाता है। उन्होंने जुलाई 2022 में भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नुपुर शर्मा और बांग्लादेशियों का मुद्दा भी डच संसद में उठाया था। उन्होंने अक्टूबर 2022 में भी नुपुर शर्मा के समर्थन में ट्वीट किया था।
गीर्ट वाइल्डर्स ने हिन्दुओं से सहिष्णुता छोड़ने का अपील भी की थी।
डच सांसद ने भारत में हिंदुओं पर हमले की घटनाओं का भी जिक्र किया था। उन्होंने नूपुर शर्मा का समर्थन करने पर इस्लामी कट्टरपंथियों द्वारा एक हिंदू दर्जी (कन्हैया लाल) का सिर कलम करने की घटना पर भी प्रकाश डाला था।
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा पर भी वे सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने विदेश मंत्रालय से बांग्लादेश में हिंदू घरों, पूजा स्थलों और दुकानों में आग लगानी वाली घटना पर विचार करने को कहा था। मालूम हो कि 15 जुलाई 2022 को बांग्लादेश में लोहागारा के सहपारा इलाके में कट्टरपंथी मुस्लिमों की भीड़ ने हिन्दुओं के एक मंदिर, किराने की दुकान और कई घरों को तोड़ दिया था।