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तेलंगाना : भगवान की पवित्र भूमि से खिलवाड़ नहीं करेंगे बर्दाश्त: चिलकूर बालाजी मंदिर के पास बन रही थी अवैध मस्जिद, बजरंग दल के विरोध के बाद निर्माण रुका

                                                                    तेलंगाना में प्रदर्शन
तेलंगाना के चिलकुर बालाजी मंदिर के पास एक जमीन को वक्फ जमीन बताकर वहाँ मस्जिद बनाया जा रहा है। अब बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने इसी का विरोध करते हुए कॉन्ग्रेस प्रशासन को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि मंदिर की पवित्रता के साथ कोई भी खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने निर्माण हो रहे मस्जिद को गिराने की माँग की है।

चिलकुर बालाजी देवस्थानम के अर्चक सीएस रंगराजन ने कहा, “चिलकुर बालाजी मंदिर के आसपास की जमीन पवित्र है और बहुत लंबे समय से मौजूद है। जिस तरह तिरुपति बालाजी मंदिर के आसपास की जमीन पूजनीय है, उसी तरह चिलकुर बालाजी मंदिर के आसपास का इलाका भी उतना ही पवित्र है और भगवान इसके असली मालिक हैं क्योंकि भगवान वेंकटेश्वर ने खुद को उन्हें सिलकुर में प्रकट किया है। यह अन्य धर्मों के पूजा स्थलों के लिए जगह नहीं है।”

उन्होंने आगे कहा कि मंदिर की पवित्रता को सुनिश्चित करना पुलिस, राजस्व और अन्य विभागों की जिम्मेदारी है। वह बोले, “मंदिर के दो किलोमीटर के भीतर एक नई मस्जिद बनाई जा रही है। वे भी हमारे भाई हैं और हम उनसे प्यार करते हैं और उनका सम्मान करते हैं, लेकिन सरकार और मस्जिद बनाने वालों से यह अनुरोध है कि भूमि की पवित्रता और स्वामित्व को बरकरार रखा जाए। यह प्रशासन और कलेक्टर कार्यालय से हमारी सम्मानजनक अपील है। सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यहाँ किसी अन्य धर्म के लिए कोई नया पूजा स्थल न बनाया जाए।”

बजरंग दल के राज्य संयोजक शिवरामुलु ने माँग की कि स्थानीय तहसीलदार जिन्होंने निजी भूमि को वक्फ भूमि बताने वाली रिपोर्ट बनाई, उन्हें तत्काल निलंबित किया जाना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में मुस्लिम एमएलसी की बात सुनी गई, साइट पर बोरवेल खोदने का काम हुआ। उनके मुताबिक इन सबसे दौरान पुलिस मौके पर थी और निर्माण कार्य करते समय स्थानीय लोगों को आतंकित कर रही थी। इसी के बाद बजरंग दल ने चेतावनी दी कि हिंदू समुदाय अपने खिलाफ साजिश का जवाब देगा।

इस मामले में ताजा अपडेट के अनुसार हिंदू कार्यकर्ताओं और सीएस रंगराजन द्वारा विरोध प्रदर्शन के बाद, जिला कलेक्टर ने तुरंत इस मामले का संज्ञान लिया और मस्जिद के निर्माण को रोक दिया गया है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी थी कि अगर निर्माण जारी रहा तो प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।

उत्तर प्रदेश : महादेव की नगरी में ईसाई धर्मांतरण के लिए 50000 रूपए का लालच ; बाहर से ‘सत्संग भवन’, अंदर से चर्च

                        उत्तर प्रदेश के वाराणसी में चर्च के अंदर धर्मान्तरण की शिकायत पर पहुँचे हिन्दू संगठन
उत्तर प्रदेश के वाराणसी एक एक चर्च में में धर्मान्तरण के प्रयास का एक नया मामला सामने आया है। आरोप है कि एक चर्च संचालक ने लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए उकसाते हुए पैसे का लालच भी दिया था। ‘हिन्दू जागरण मंच’ के सदस्यों ने चर्च मे पहुँच कर कार्यक्रम को रोकने का दावा किया है। इसी के साथ उन्होंने थाने में तहरीर दे कर आरोपितों पर कार्रवाई की माँग की है। आरोपित पॉस्टर को हिन्दू संगठनों ने पुलिस को सौंप दिया है। पुलिस ने मामले में जाँच कर के कार्रवाई का भरोसा दिया है। घटना रविवार (16 अक्टूबर, 2022) की है।

घटना वाराणसी देहात के थानाक्षेत्र फूलपुर की है। आरोप है कि यहाँ के बावतपुर इलाके में छोटेलाल जायसवाल नाम का व्यक्ति चर्च चलाता था। चर्च का नाम ‘सर्व इंडिया मिनिस्ट्री’ है। इस चर्च पर ‘सत्संग भवन’ लिखा हुआ है। बाबतपुर क्षेत्र में ही वाराणसी का एयरपोर्ट भी है। छोटेलाल स्थानीय बाबतपुर क्षेत्र का ही रहने वाला है। हिंदू संगठनों द्वारा थाने में दी गई शिकायत के मुताबिक, आरोपित चर्च संचालक ने हिन्दू धर्म के लोगों को धर्म परिवर्तन करने पर 50 हजार रुपए प्रति व्यक्ति का वादा किया। आरोप यह भी लगाया गया है कि छोटेलाल ने इसके लिए 2-2 हजार रुपए एडवांस में भी दिए थे।

                                                                शिकायत कॉपी

जिन लोगों को धर्मान्तरण के लिए एडवांस पैसे दिए गए थे उनके नाम गौरव सिंह और वैभव सिंह हैं। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। इस शिकायत कॉपी में आगे बताया गया है कि रविवार के दिन धर्मान्तरण की साजिश के तहत सभी को चर्च आने के लिए भी कहा गया था। इस घटना का एक वीडियो भी ऑपइंडिया के पास मौजूद है, जिसमें हिन्दू संगठन के लोग कार्यक्रम के बीच में पहुँच कर छोटेलाल को धर्मान्तरण रोकने के लिए कह रहे हैं। इसी वीडियो में कुछ महिलाएँ भी दिखाई दे रही हैं, जो हिन्दू संगठनों से बहस कर रही हैं।

हिन्दू संगठनों का आरोप है कि जब वो चर्च में पहुँचे तब वहाँ धर्मान्तरण करवाया जा रहा था। ‘धर्म जागरण मंच’ के सदस्यों के मुताबिक, मौके से सदस्यता फार्म और स्टील से बना ईसाई क्रॉस मिला है। फादर छोटेलाल को हिन्दू संगठनों ने पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया है। घटना की जानकारी होने पर तमाम हिन्दू संगठनों और भाजपा नेताओं ने थाने पर पहुँच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की माँग की है।

‘आसमानी किताब को बैन करो, नूपुर शर्मा ने क्या गलत कहा?’: दिल्ली में हिन्दुओं का प्रदर्शन

                                            कन्हैया लाल की बेरहम हत्या के विरुद्ध सड़क पर उतरे हिन्दू
नूपुर विवाद में जिस बात की शंका थी, जिसे दबे शब्दों में व्यक्त भी किया जा रहा था, वह सत्य होती दिख रही है। जून 29 को दो काम ऐसे हुए हैं, अगर इन दोनों ने तूल पकड़ लिया, कोई मुस्लिम देश बचाव में नहीं आएगा, पहला, केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान द्वारा मदरसों पर प्रहार, दूसरा हिन्दुओं द्वारा कन्हैया लाल की हत्या को लेकर राजस्थान हाउस दिल्ली में हुए प्रदर्शन में उठी कुरान पर बैन की मांग। भारतीय कट्टरपंथियों को एक बात अच्छी तरह समझ लेनी चाहिए कि आज प्रधानमंत्री राजीव गाँधी नहीं है, जिसने 31 जुलाई 1986 को तीस हज़ारी कोर्ट के कुरान की आयतों के विरुद्ध निर्णय को लागु होने से रुकवा दिया था। नीचे लिंक पर क्लिक करें। दूसरे, कलकत्ता हाई कोर्ट में भी 124 आयतों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। किताब Quran Petition पढ़ लो। 29 मार्च 1985 को कुरान को Sections 153A and 295A के अंतर्गत बैन करने का केस दर्ज हुआ था।
और अगर अनवर शेख की पुस्तकें चलन में आ गयीं, फिर तो ऊपर वाला ही मालिक है। लेखक अनवर शेख के खिलाफ किसी में फतवा देने या फिर उनकी किसी भी किताब को बैन बनने की हिम्मत नहीं हुई। 
कट्टरपंथियों के दोगलेपन की भी हद है, जिसे हर शांतिप्रिय मुस्लिम को समझना होगा। वह यह कि एक तरफ तो टीवी पर चर्चाओं में कहते हैं कि मुगलों से हमारा कोई वास्ता नहीं, दूसरी तरफ कहते हैं कि 'एक मस्जिद खो दी दूसरी नहीं खोएंगे।' मतलब यह की मुगलों की वकालत भी कर रहे हैं। 
अयोध्या पर कितना विवाद खड़ा किया था। खुदाई में मिले सबूतों को ही कोर्ट से छुपा लिया गया था। जिसका उल्लेख पुरातत्व विभाग के तत्कालीन निदेशक के.के. मोहम्मद जिनके संरक्षण में अयोध्या में खुदाई हुई थी, ने अपनी पुस्तक में लिखा कि मंदिर कई साल पहले बन चुका होता, अगर कोर्ट से खुदाई में मिले सबूत छुपाये नहीं गए होते। नूपुर तो एक बहाना है, ज्ञानवापी और मथुरा को बचाना है।  
कश्मीर से जब हिन्दुओं को भगाया गया, महिलाओं इस्लाम न कबूलने पर बलात्कार और हत्या की जा रही थी, सबके मुंह में दही जमा हुआ था। 
दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘बजरंग दल’ और ‘विश्व हिन्दू परिषद (VHP)’ ने राजस्थान के उदयपुर में कन्हैया लाल तेली का सिर कलम कर हत्या किए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान कइयों ने गिरफ्तारियाँ भी दी। पुलिस उन्हें DTC की बसों में भर कर ले गई। कई अन्य जगहों पर भी हिन्दू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया। पृथ्वीराज रोड स्थित राजस्थान हाउस के सामने भी हिन्दू कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा। 

इस दौरान एक प्रदर्शनकारी ने कहा, “वो बाहर आकर वही करते हैं जो उनकी किताब में लिखा है। नूपुर शर्मा ने कुछ बोल भी दिया तो वही बोला जो उनकी किताब में लिखा है। क्या गलत बोला? इस बेचारे का क्या कसूर है? इसने सिर्फ समर्थन में एक डीपी लगाई थी। एक सप्ताह पहले इन्होंने रिपोर्ट लिखवाई थी, लेकिन अशोक गहलोत की सरकार बैठी रही। ये सब मदरसों में सिखाया जा रहा है। कश्मीर से हिन्दुओं को भगा दिया गया।”

एक प्रदर्शनकारी महिला ने कहा कि सरेआम सारे सबूत पब्लिक डोमेन में मौजूद हैं, ऐसे में उसका कीमा बना दिया जाना चाहिए, उसे फाँसी होनी चाहिए। महिलाओं ने कहा कि नूपुर शर्मा हमारी बहन है, हम सब उनकी डीपी लगाएँगे। महिलाओं ने नूपुर शर्मा के बयान को दोहराया। उन्होंने कहा कि हिन्दुओं का क़त्ल करना इन्हें सिखाया जाता है। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को धमकी दी गई है वीडियो बना कर, उन्हें जरा भी खरोंच भी आ गई तो गजब हो जाएगा। इस दौरान उन्होंने ‘हिंदुस्तान को तालिबान नहीं बनने देंगे’ जैसे पोस्टर्स भी ले रखे थे।

एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा कि पूरा मामला साफ़ होना चाहिए और जो-जो साजिश में शामिल हैं, सबको पकड़ा जाना चाहिए। लोगों ने कहा कि नरेंद्र मोदी को धमकी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोनों हत्याओं को हमारे हवाले कर दो – लोगों ने डिमांड की। इस दौरान उन्होंने कहा, “इस देश में आसमानी किताब पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।” साथ ही लोगों ने हिन्दुओं को बाँटने का आरोप लगाते हुए पूछा कि ‘अवॉर्ड वापसी गैंग’ चुप क्यों हैं?

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हिन्दू संगठन के एक अन्य पदाधिकारी ने कहा कि सीमा पार करने वालों को जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ‘बजरंग दल’ हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है और हम हर एक हिन्दू पीड़ित के साथ खड़े हैं। उन्होंने प्रशासन पर भी FIR करने की माँग की, क्योंकि हिन्दुओं की टारगेट किलिंग और कई बार शिकायत दिए जाने के बावजूद वो चुप बैठे रहे। इस दौरान लगातार ‘जय श्री राम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगते रहे।