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अचूक ‘ब्रह्मास्त्र’ : भारत ने MIRV तकनीक वाली एडवांस ‘अग्नि’ का किया परीक्षण; एक मिसाइल और दुश्मन के कई ठिकाने तबाह

                   भारत की आत्मनिर्भर एडवांस अग्नि मिसाइल MIRV (साभार : X_@DefenseNewsIN)
सोचिए, आसमान से एक बिजली कड़कती है और वह जमीन पर गिरने से पहले कई हिस्सों में बँटकर दुश्मन के अलग-अलग ठिकानों को एक साथ राख कर देती है। सुनने में यह किसी पौराणिक कथा के अस्त्र जैसा लगता है, लेकिन भारत के वैज्ञानिकों ने इसे हकीकत बना दिया है।

 8 मई 2026 की शाम, जब ओडिशा के तट पर सूरज ढल रहा था, तभी डॉ एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से एक ऐसी मिसाइल निकली जिसने न सिर्फ आसमान को जगमगा दिया, बल्कि भारत के दुश्मनों की नींद भी उड़ा दी। यह कोई साधारण मिसाइल नहीं थी, यह ‘अग्नि’ परिवार की वह एडवांस मिसाइल थी जो अब एक साथ कई शिकार करने में सक्षम है।

क्या है यह नई शक्ति और कैसे करती है काम?

साधारण मिसाइलें एक बार में एक ही लक्ष्य (Target) पर वार करती हैं। लेकिन इस नई एडवांस अग्नि मिसाइल की खासियत इसकी MIRV (मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेबल री-एंट्री व्हीकल) तकनीक है। आसान भाषा में समझें तो यह एक ‘बस’ की तरह है।

जैसे एक बस में कई यात्री बैठते हैं और बस अपनी यात्रा के दौरान अलग-अलग स्टॉप पर यात्रियों को उतारती जाती है, वैसे ही यह मिसाइल अपने साथ कई परमाणु हथियार (वॉरहेड्स) लेकर उड़ती है। अंतरिक्ष में पहुँचने के बाद यह मिसाइल अलग-अलग दिशाओं में अपने इन हथियारों को छोड़ देती है। नतीजा यह होता है कि एक ही मिसाइल से दुश्मन के पाँच-छह अलग-अलग शहर या सैन्य ठिकाने एक साथ तबाह किए जा सकते हैं।

DRDO का ‘मेक इन इंडिया’ चमत्कार

इस महाशक्तिशाली मिसाइल को हमारे वैज्ञानिकों की संस्था DRDO (रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन) ने तैयार किया है। सबसे गर्व की बात यह है कि इसे बनाने में देश की प्राइवेट इंडस्ट्रीज ने भी पूरा सहयोग दिया है।

परीक्षण के दौरान मिसाइल ने बंगाल की खाड़ी से उड़ान भरी और हिंद महासागर में हजारों किलोमीटर दूर रखे गए अलग-अलग लक्ष्यों को बिल्कुल सटीक तरीके से भेदा। जमीन पर लगे रडार और समुद्र में तैनात युद्धपोतों ने इसकी हर हरकत पर नजर रखी और पाया कि मिसाइल ने हर कसौटी पर खुद को सौ फीसदी सही साबित किया है।

दुश्मन के लिए इसे रोकना क्यों है नामुमकिन?

आजकल दुनिया के कई देशों के पास ऐसी तकनीक है जो आने वाली मिसाइल को हवा में ही मार गिराती है। लेकिन भारत की इस MIRV तकनीक ने उस सुरक्षा घेरे को बेकार कर दिया है। जब एक मिसाइल से दस अलग-अलग हथियार अलग-अलग गति और दिशा में निकलेंगे, तो दुश्मन का डिफेंस सिस्टम भ्रमित (Confuse) हो जाएगा।

वह एक को रोकेगा तब तक बाकी नौ अपना काम कर चुके होंगे। यही कारण है कि इस परीक्षण के बाद चीन और पाकिस्तान जैसे देशों में हलचल मच गई है, क्योंकि अब भारत की पहुँच और मारक क्षमता कई गुना बढ़ गई है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने थपथपाई वैज्ञानिकों की पीठ

इस ऐतिहासिक सफलता के बाद देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने खुद सोशल मीडिया और आधिकारिक बयान के जरिए वैज्ञानिकों को बधाई दी। उन्होंने कहा, “यह परीक्षण भारत की रक्षा तैयारियों को एक अविश्वसनीय मजबूती देता है। बदलती सुरक्षा चुनौतियों और बढ़ते खतरों के बीच, हमारे वैज्ञानिकों, भारतीय सेना और इंडस्ट्री ने मिलकर देश का सिर फख्र से ऊँचा कर दिया है।”

ओडिशा से बांग्लादेश तक दिखा अद्भुत नजारा

जब यह मिसाइल शाम के वक्त छोड़ी गई, तो आसमान में एक नारंगी और सफेद रंग की लंबी पूंछ जैसा नजारा दिखा। यह इतना चमकदार था कि इसे सिर्फ ओडिशा में ही नहीं, बल्कि पड़ोसी देश बांग्लादेश के कॉक्स बाजार तक देखा गया। लोगों को लगा कि कोई पुच्छल तारा या उड़नतश्तरी (UFO) जा रही है, लेकिन असल में वह भारत की सुरक्षा की नई गारंटी ‘अग्नि’ थी।

दुनिया के चुनिंदा देशों के क्लब में भारत

इस सफल परीक्षण के साथ ही भारत अब दुनिया के उन गिने-चुने देशों (जैसे अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन) की कतार में मजबूती से खड़ा हो गया है जिनके पास एक मिसाइल से कई निशाने साधने की तकनीक है। यह मिसाइल शांति का प्रतीक है क्योंकि यह बताती है कि भारत की तरफ आँख उठाने वाले का अंजाम क्या होगा। यह वैज्ञानिकों की तपस्या और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प की जीत है।

‘महाराज बहुत हो गया अब रोक दीजिए’: राजनाथ सिंह ने संसद से बताया ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से कैसे पाकिस्तान कर रहा था बाप-बाप

  लोकसभा में बोलते रक्षामंत्री राजनाथ सिंह/कश्मीर में ढेर हुए आतंकी (फोटो साभार: X@SansadTV/IndiaToday)
लोकसभा में सोमवार 28 जुलाई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर हुई चर्चा के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान और आतंकवाद के खिलाफ जोरदार प्रहार करते हुए विपक्ष को आईना दिखाया। उन्होंने जोर देकर कहा कि कभी-कभी विपक्षी दलों के लोग सवाल उठाते हैं कि हमारे कितने विमान गए? लेकिन उनका यह सवाल हमारी राष्ट्रीय भावनाओं का सही से प्रतिबिंब नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने एक बार भी यह नहीं पूछा कि हमारी सेनाओं ने दुश्मन के कितने विमान मार गिराए? यदि सवाल ही करना है तो सही सवाल यह होना चाहिए कि क्या भारत ने आतंकी ठिकानों को प्रभावी तरीके से तबाह किया और ऑपरेशन सिंदूर सफल रहा तो उसका उत्तर है, हां।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम आतंकी हमले पर सरकार का पक्ष रखा। इस दौरान उन्होंने भारतीय सेना की वीरता और रणनीतिक सफलता का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि 6-7 मई 2025 की रात भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए, जिसका उद्देश्य पहलगाम हमले का बदला लेना और आतंकवाद की नर्सरियों को नष्ट करना था। इस कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकी और उनके हैंडलर मारे गए।

रक्षामंत्री ने कहा कि पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में आतंकियों ने पर्यटकों से धर्म पूछकर 26 लोगों की हत्या की थी, जिसमें ज्यादातर हिंदू थे। इस हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली थी।

इसके जवाब में प्रधानमंत्री ने सेना को निर्णायक कार्रवाई की छूट दी। भारतीय सेना ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकी ठिकानों को नष्ट किया। भारत ने ऑपरेशन सिंदूर में सिर्फ 22 मिनट में सभी आतंकी हमलों को हिट किया और 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराया।

इसके बाद पाकिस्तान की ओर से हमले 7 मई से 10 मई की रात 1 बजकर 30 मिनट तक मिसाइल और लंबी दूरी के हथियारों का इस्तेमाल किया। उसके निशाने पर हमारे सैन्य अड्डे थे। हमारा डिफेंस सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट ने पाकिस्तान के हर हमले को नाकाम कर दिया और पाकिस्तान किसी भी टार्गेट को हिट नहीं कर पाया। भारत के रक्षा तंत्र ने सभी हमलों को विफल कर दिया।

राजनाथ सिंह ने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान एक भी लक्ष्य को हिट नहीं कर पाया। इसके जवाब में 10 मई की सुबह भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के एयरफील्ड पर करारा प्रहार किया, जिसके बाद पाकिस्तान के डीजीएमओ ने भारत से संपर्क कर कार्रवाई रोकने की अपील की।

रक्षामंत्री ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन को केवल पॉज किया गया है और यदि पाकिस्तान ने फिर उकसाया तो इसे दोबारा शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन युद्ध छेड़ने के लिए नहीं, बल्कि आतंकवाद को खत्म करने के लिए था, जिसमें भारत ने अपने सभी लक्ष्य हासिल किए।

ऑपरेशन महादेव में हासिम मूसा समेत 3 आतंकी ढेर, जारी है एनकाउंटर

वहीं, जम्मू-कश्मीर में ऑपरेशन महादेव के तहत श्रीनगर के लिदवास में 28 जुलाई को सुरक्षाबलों ने तीन आतंकियों सुलेमान साहा, अबु हमजा और यासिर को मार गिराया। चिनार कॉर्प्स के अनुसार, मुठभेड़ सुबह 11:30 बजे शुरू हुई, जब 24 राष्ट्रीय राइफल्स और 4 पैरा ने आतंकियों को घेर लिया।

मारे गए आतंकी सुलेमान साहा को मीडिया रिपोर्ट्स में हासिम मूसा बताया जा रहा है, जो पहलगाम आतंकी हमले का मास्टरमाइंड था।

आतंकियों के पास से भारी मात्रा में हथियार और ग्रेनेड बरामद हुए। माना जा रहा है कि ये आतंकी पहलगाम हमले से जुड़े थे, जिसके लिए एनआईए ने पहले दो आतंकियों को गिरफ्तार किया था। ऑपरेशन अभी जारी है, क्योंकि एक अन्य आतंकी की तलाश चल रही है।

रक्षामंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि वे सही सवाल नहीं पूछ रहे। उन्होंने जोर दिया कि ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सेना की वीरता और रणनीतिक शक्ति का प्रतीक है। भारत शांति चाहता है, लेकिन अपनी संप्रभुता पर किसी भी हमले का करारा जवाब देगा।

राजनाथ सिंह ने कॉन्ग्रेस पर तंज करते हुए कहा कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को दोनों देशों की डायलॉग प्रॉसेस से 2009 की सरकार ने डीलिंक कर दिया था। साल 2006 में यह मान लिया गया था कि पाकिस्तान आतंक से पीड़ित है। इसने भारत की रणनीति को कमजोर किया। हमारे डेलिगेशन ने दुनिया के देशों में जाकर ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भारत के स्टैंड को प्रभावी तरीके से रखा।

रक्षामंत्री ने कहा, “पीएम मोदी ने भी कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर रुका है, समाप्त नहीं हुआ है। पाकिस्तान अगर फिर कोई हरकत करता है, तो हम और भी कठोर कार्रवाई करेंगे। पाकिस्तान के मन में गलतफहमी थी, उसे हमने ऑपरेशन सिंदूर से दूर कर दिया। अगर कुछ बचा होगा तो उसे भी दूर कर देंगे।”

DRDO बनाएगी 5th जेनेरेशन का विमान ‘AMCA’, निजी कम्पनियाँ भी हो सकेंगी शामिल: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी हरी झंडी, फाइटर जेट बनाने को मोदी सरकार ने दिए थे 15000 करोड़ रूपए

            रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने AMCA के निर्माण कार्यक्रम का जानकारी एक्स पर साझा की (photo- rmoX)
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एडवांस मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) को बनाने वाले कार्यक्रम को मंजूरी दे दी है। ये पाँचवी जेनेरेशन का फाइटर जेट होंगे। इसके जरिए स्वदेशी एयरोस्पेस तकनीक को बढ़ावा दिया जाएगा। रक्षा मंत्री कार्यालय के एक्स हैंडल पर इसकी जानकारी साझा की गई है।

एक्स पर साझा पोस्ट में लिखा गया है कि भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने और घरेलू एयरोस्पेस उद्योग को मजबूत करने के लिए रक्षा मंत्री ने उन्नत मध्यम युद्धक विमान (AMCA) कार्यक्रम के एक्जीक्यूशन (निष्पादन) मॉडल को मंजूरी दे दी है।

रक्षा मंत्रालय ने एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) को इसे बनाने की मंजूरी दे दी है। ADA के साथ इस 5th जेनेरेशन फाइटर जेट को बनाने में निजी कंपनियाँ भी शामिल हो सकती हैं।

पोस्ट में यह भी लिखा गया कि स्वदेशी विशेषज्ञता, क्षमता और योग्यता का उपयोग करके AMCA प्रोटोटाइप विकसित करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।इससे एयरोस्पेस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2024 में भारतीय वायु सेना (IAF) के लिए 5th जेनेरेशन वाले AMCA फाइटर जेट के निर्माण के लिए 15,000 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी थी।

सीएनबीसी टीवी18 की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस कार्यक्रम की सफलता से भारत को विदेशी फाइटर जेट पर निर्भर नहीं रहना होगा, बल्कि एयरोस्पेस इंडस्ट्री को बढ़ावा मिलेगा और स्वदेशी कंपनियाँ भी नई और अत्याधुनिक तकनीक पर काम कर सकेंगी। इससे भविष्य में भारत अपने बनाए फाइटर जेट्स अन्य देशों को बेचने की क्षमता पैदा कर सकता है।

रिपोर्ट के अनुसार, इस मॉडल के निर्माण के लिए भारतीय कंपनियों के लिए जल्द ही एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) जारी किया जा सकता है। इसके बाद इस कार्यक्रम का हिस्सा बनने कि लिए भारतीय सरकारी और निजी कंपनियाँ बिडिंग (bidding) में भाग ले सकती हैं। निजी कंपनियाँ ज्वाइंट वेंचर या कंसोर्टियम की तरह भी सम्मिलित हो सकती हैं।

भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद वायुसेना में लड़ाकू विमानों की कमी पर रक्षा मंत्रालय काफी ध्यान दे रहा है। देश पर अमेरिका और रूस से 5th जेनेरेशन का लड़ाकू विमान खरीदने का भी काफी दबाव है। ऐसे में स्वदेशी लड़ाकू विमान बनाने वाले इस कार्यक्रम से काफी उम्मीदें लगाई जा रही हैं। इसके निर्माण के लिए चुनी गई कंपनियाँ भी वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अपनी स्थिति मजबूत कर सकती हैं।

अग्निवीर पर राहुल गाँधी के झूठ की पोल बलिदानी के परिजनों ने खोली; सदन में गुमराह करने पर कांग्रेस नेता को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी फटकारा; राहुल कब तथ्यों पर बोलोगे?


लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी ने हाल में अग्निवीर योजना पर सवाल खड़ा करते हुए तमाम तरह के दावे किए थे। उन्होंने कहा था कि अग्निवीर केवल यूज एंड थ्रो वाले मजदूर होते हैं। उन्हें न तो शहीद का दर्जा मिलता है और न ही उन्हें कोई मुआवजा मिलता है। उनके इसी बयान के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सदन को अग्निवीर योजना की सच्चाई बताई। उन्होंने राहुल गाँधी पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया।

राहुल जब सदन में बोल रहे थे, कई बार तो लगता था कि शायद अरविन्द केजरीवाल बोल रहे हैं उनका एक उद्देश्य है कि 'न खाता न बही, जो केजरीवाल बोले वही सही' ठीक वही हाल राहुल का था कि 'जो राहुल बोले वही सही', नेता प्रतिपक्ष को जिस गंभीरता से बोलते हुए सरकार को घेरना था, विपरीत इसके राहुल झूठ पर झूठ बोल खुद ही घिरते रहे। जब नेता प्रतिपक्ष की ऐसी स्थिति है, वह सरकार तो क्या देश को क्या निर्देश देगा, समझा जा सकता है। राहुल भूल रहे थे कि वह किसी चुनावी रैली नहीं सदन में बोल रहे हैं, जहाँ हवाबाज़ी में नहीं, तथ्यों पर बात करनी चाहिए। 

रक्षा मंत्री रानाथ सिंह ने राहुल गाँधी के बयान के बाद तत्काल सीट से खड़े होकर जवाब दिया। उन्होंने राहुल गाँधी के बयान पर आपत्ति जताते कहा, “राहुल गाँधी को गलत बयान देकर सदन को गुमराह करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। हमारी सीमाओं की रक्षा करते हुए या युद्ध के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले अग्निवीर के परिवार को एक करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है।”

उन्होंने कहा, “मैं नेता प्रतिपक्ष से विनम्रतापूर्वक अनुरोध करना चाहता हूँ कि कृपया वो संसद को गुमराह करने की कोशिश न करें। अग्निवीर योजना के संबंध में बहुत सारे लोगों से, 158 संस्थाओं के साथ सीधा संवाद स्थापित किया गया, उनके सुझाव लिए गए, तब यह अग्निवीर योजना लाई गई है। बहुत सोच समझकर यह योजना लाई गई है। ऐसे में बिना अग्निवीर योजना के बारे में समझे। बिना उस संबंध में कोई पूरी जानकारी हासिल किए, इस तरीके से सदन को गुमराह करना, इसे कदापि उचित नहीं ठहराया जा सकता।”

रक्षा मंत्री ने राहुल गाँधी की ऐसी हरकत के लिए लोकसभा अध्यक्ष से अपील की कि वह ऐसा झूठ फैलाने के लिए राहुल गाँधी को सदन से ही बाहर कर दें। वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने भी कहा कि सदन झूठ बोलने की जगह नहीं। फैक्चुअल पोजिशन रखनी चाहिए अगर नेता प्रतिपक्ष अपने स्टेटमेंट का सत्यापन नहीं करते तो उन्हें माफी माँगनी चाहिए।

इसके अलावा अगर हम टाइम्स नाऊ की एक रिपोर्ट देखें तो उससे पता चलता है कि राहुल गाँधी सदन में साफ झूठ बोलते देखे गए। यहाँ अग्रिवीर बलिदानी का परिवार बता रहा है कि उन्हें एक बार 50 लाख रुपए मिले, फिर दोबारा में 50 लाख रुपए मिले और महाराष्ट्र सरकार से भी 10 लाख रुपए भी मिले है। यानी कुल मिलाकर उन्हें अभी तक 1 करोड़ 10 लाख रुपए की सहायता सरकार से मिल चुकी है। 

अग्निवीर योजना को बदनाम करने का काम शुरुआत से ही होता रहा है। अब सदन में भी इस पर झूठ फैलाया जा रहा है जबकि हकीकत तो यह है कि इस योजना के तहत सेना में शामिल अग्निवीरों को अगर वीरगति प्राप्त होती है तो उन्हें अंतिम विदाई दी जाती है। अग्निवीर की सेवा शर्तों के मुताबिक युद्ध में बलिदान होने पर परिवार वालों को इंश्योरेंस (नॉन कॉन्ट्रिब्यूटरी) के 48 लाख रुपए, अग्निवीर द्वारा जमा सेवा निधि (30 पर्सेंट) और इतना ही अमाउंट सरकार द्वारा दिया जाएगा। वहीं एक्स ग्रेशिया के तौर पर 44 लाख रुपए, बाकी बचे कार्यकाल की सैलरी (चार साल कुल कार्यकाल) दी जाएगी। साथ ही आर्म्ड फोर्सेस बैटल कैजुअल्टी फंड से 8 लाख रुपए और AWWA की तरफ से तुरंत मदद के तौर पर 30 हजार रुपए दिए जाएँगे। मालूम हो कि यही सेवाएँ सामान्य प्रत्येक सैनिक के लिए होती हैं। इसलिए राहुल गाँधी का सदन मेंकिया दावा गलत होता है।

मोदी की चेतावनी पर USA ने क्लियर किया स्टैंड : भारत घुसकर मारेगा तो बचाने नहीं आएगा अमेरिका

                                 अमेरिका के डिपार्टमेंट प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने भारत का किया समर्थन
नया भारत अब न सिर्फ आतंकियों को घर में घुस कर मारेगा, बल्कि उन्हें बचाने के लिए अमेरिका भी नहीं आएगा। USA के ताज़ा बयान से इतना तो साफ़ हो गया है। अमेरिका के डिपार्टमेंट स्पोक्सपर्सन मैथ्यू मिलर ने मंगलवार (16 अप्रैल, 2024) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कई सवालों के जवाब दिए। इस दौरान भारत की चुनावी रैलियों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान को लेकर भी सवाल किए गए।

एक पत्रकार ने कहा कि भारत के PM और रक्षा मंत्री ने चुनाव प्रचार के दौरान कहा है कि भारत आतंकियों को मारने के लिए सीमा पार करने में संकोच नहीं करेगा। पत्रकार ने एक प्रोपेगंडा के तहत सवाल पूछते हुए ये तक दावा कर दिया कि इस तरह भारत ने कनाडा में खालिस्तानी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या, अमेरिका के न्यूयॉर्क में गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या के प्रयास और पाकिस्तान में हत्याओं में संलिप्तता स्वीकार कर ली है। उक्त पत्रकार ने पूछा कि क्या अमेरिकी राष्ट्रपति जो बायडेन के प्रशासन के लिए ये चिंता का विषय है?

इस पर जवाब देते हुए मैथ्यू मिलर ने कहा, “जैसा कि मैंने पहले भी कहा है, संयुक्त राज्य अमेरिका इसके बीच में नहीं पड़ेगा। लेकिन, हम भारत और पाकिस्तान दोनों को तनाव से बचने और बातचीत के माध्यम से समाधान खोजने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।” इसके बाद अगला सवाल किया गया कि अमेरिका अपने देश में हत्या की साजिश में शामिल विदेशी आरोपितों पर पाबंदियाँ लगाता है, क्या भारत के खिलाफ भी ऐसी कार्रवाई होगी? एक बार फिर एजेंडे के तहत पूछा गया कि भारत को छूट दिए जाने का कारण क्या है।

इस पर अमेरिकी डिपार्टमेंट स्पोक्सपर्सन ने कहा, “मैं किसी भी कार्रवाई के संबंध में नहीं बताने जा रहा हूँ। इसका अर्थ ये नहीं है कि कोई प्रतिबंध लगाया जाने वाला है। अगर आप मुझसे प्रतिबंधों के बारे में पूछते हैं तो ये एक ऐसा विषय है जिस पर हम सार्वजनिक चर्चा नहीं करते।” बता दें कि बिहार के जमुई में पीएम मोदी ने कहा था कि आज का भारत घर में घुस कर मारता है। वहीं राजनाथ सिंह ने कहा था कि भारत की जमीन पर किसी वारदात को अंजाम दिया जाता है तो आतंकियों को मुँहतोड़ जवाब दिया जाएगा, अगर वो पाकिस्तान भागेंगे तो वहाँ भी उन्हें मारा जाएगा।