Showing posts with label #Ramcharitmanas controversy. Show all posts
Showing posts with label #Ramcharitmanas controversy. Show all posts

उत्तर प्रदेश : रामचरितमानस जलाने और स्वामी प्रसाद मौर्य का विरोध करने पर समाजवादी पार्टी ने महिला नेत्रियों को निकाला

समाजवादी पार्टी ने दो महिला नेताओं को पार्टी से निकाल दिया है। इनके नाम हैं- रोली तिवारी मिश्रा और ऋचा सिंह। इन दोनों ने रामचरितमानस पर पार्टी नेता स्वामी प्रसाद मौर्य की अनर्गल टिप्पणियों पर कड़ी आपत्ति जताई थी। साथ ही मानस को जलाए जाने का विरोध किया था।

सपा ने गुरुवार (16 फरवरी 2023) को ट्वीट कर रोली तिवारी मिश्रा और ऋचा सिंह को पार्टी से निष्कासित किए जाने की जानकारी दी। निष्कासन के बाद दोनों महिला नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। सपा को महिला विरोधी बताते हुए रामद्रोहियों के खिलाफ आवाज उठाते रहने की बात कही है।

रोली तिवारी मिश्रा ने रामचरितमानस के पन्नों को जलाने और स्वामी प्रसाद मौर्य की विवादित टिप्पणियों का विरोध किया था। इस मामले में पार्टी की तरफ से कोई एक्शन न लेने पर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने मौर्य के बयान वाले वीडियो को ट्वीट करते हुए कहा था, “स्वामी प्रसाद का कहना है कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनी तो श्रीरामचरितमानस की चौपाइयों को प्रतिबंधित करवाएँगे। 2012 में रोटी कपड़ा सस्ती हो दवा पढ़ाई मुफ्त हो, इस नारे के साथ अखिलेश यादव यूपी के मुख्यमंत्री बने थे। क्या ‘मानस का मुद्दा’ लेकर सपा पुनः सरकार बना पाएगी?”

यही नहीं उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा था, “श्रीरामचरितमानस के सम्मान स्वाभिमान की लड़ाई धर्मद्रोहियों से लड़ती रहूँगी। मैं छल, कपट, धूर्त्तता, धोखेबाजी, कूटयोजना से मेरा अपमान करने वालों को खुली चुनौती देती हूँ। मर्द हो तो सामने से लड़ो।”

वहीं ऋचा सिंह ने भी स्वामी प्रसाद मौर्य का विरोध किया था। उन्होंने ट्वीट कर कहा था, “छद्म समाजवादी स्वामी प्रसाद मौर्य समाजवादी की नींव डॉ. राम मनोहर लोहिया से बड़े हो गए हैं? डॉ. लोहिया ने 1961 में रामायण मेले कि परिकल्पना की थी। स्वामी प्रसाद रामचरित मानस का निरंतर अपमान कर रहे हैं। क्या समाजवादी पार्टी अब राम मनोहर लोहिया के बदले स्वामी प्रसाद मौर्य के सिद्धान्तों पर चलेगी??”

पार्टी से निकाले जाने के बाद ऋचा सिंह ने एक के बाद एक कई ट्वीट कर समाजवादी पार्टी को महिला विरोधी बताया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा है, “महिलाओं का अपमान करने वाले लंपटों के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष जी डीजीपी ऑफिस पहुँच जाते हैं और महिलाओं के-जन अधिकारों के लिये संघर्ष करने वाली महिलाओं को बिना कारण बताए निष्कासित कर दिया जाता है। समाजवादी पार्टी का महिला विरोधी चेहरा।”

उन्होंने यह भी कहा है, “संविधान के भाग 3, फंडामेंटल राइट पृष्ठ की शुरुआत भगवान राम लक्ष्मण और भगवती सीता के चित्र से होती है। राम भारत की आत्मा हैं। यहाँ तक कि अल्लामा इक़बाल ने उनको इमामे हिंद माना है। ऐसे में भारत की आध्यात्मिक एवं संवैधानिक आत्मा के साथ मैं खड़ी थी और खड़ी रहूँगी।”

वहीं रोली तिवारी मिश्रा ने कहा है, “16 वर्षों की निष्ठा के इस पुरस्कार के लिए आभार आदरणीय अखिलेश यादव जी। राष्ट्रद्रोहियों, सनातन धर्मद्रोहियों, रामद्रोहियों के खिलाफ आवाज उठाती थी, उठाती रहूँगी। सनातन धर्म के स्वाभिमान प्रभु श्रीराम, श्रीरामचरितमानस के सम्मान के लिए ऐसे हजारों निष्कासन स्वीकार। धर्मो रक्षति रक्षितः।”

उत्तर प्रदेश : रामचरितमानस का विरोध करना डुबो रहा समाजवादी पार्टी को ; परिषद् चुनाव में चटा दी धूल

उत्तर प्रदेश में हाल ही में हुए विधान परिषद (MLC) चुनाव के परिणाम आ गए हैं। कुल 5 सीटों के लिए चुनाव हुए थे। जहाँ 4 सीटों पर सत्ताधारी भाजपा को जीत मिली है, वहीं 1 सीट निर्दलीय के खाते में गई। इन सीटों में 3 स्नातक की थी और 2 सीटें शिक्षक कोटे की थी। सोमवार (30 जनवरी, 2023) को इसके लिए मतदान हुआ है। कानपुर स्नातक सीट पर भाजपा के अरुण पाठक ने सपा के कमलेश यादव को 9331 वोट से हरा दिया।

जैसी शंका थी, वह सर्वविदित होने जा रही है। जनता ने केवल विधान परिषद् में समाजवादी पार्टी को ही नहीं नकारा, बल्कि रामचरितमानस का विरोध करने वालों और उनका समर्थन कर रही पार्टियों का भी सामाजिक बहिष्कार करने की योजना चल रही है। जो केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं समस्त भारत में लागू होने वाली है।   

वहीं बरेली-मुरादाबाद खंड स्नातक MLC सीट पर भाजपा के ही डॉक्टर जय पाल सिंह की जीत हुई है। झाँसी-इलाहाबाद शिक्षक सीट से बीजेपी के बाबूलाल तिवारी विजयी रहे हैं। गोरखपुर-फैजाबाद खण्ड स्नातक से बीजेपी के देवेंद्र प्रताप सिंह जीत की हैट्रिक लगाने में कामयाब रहे हैं। निर्दलीय उम्मीदवार राज बहादुर चंदेल ने ने कानपुर शिक्षक MLC सीट पर जीत दर्ज की है। उन्होंने 1520 मतों के अंतर से अपने प्रतिद्वंद्वी को हराया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाजपा की जीत पर बधाई देते हुए कहा, “उत्तर प्रदेश विधान परिषद के चुनाव में विजयी सभी प्रत्याशियों को हार्दिक बधाई! राज्य विधान मण्डल के उच्च सदन के लिए हुए चुनाव में भाजपा उम्मीदवारों को मिली यह जीत आदरणीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार के प्रति अथाह जन विश्वास की प्रतीक है।” 2022 विधानसभा चुनाव में भी भाजपा ने राज्य में बड़ी जीत दर्ज की थी। अब उनके शासन के प्रति फिर लोगों ने विश्वास जताया है।

उत्तर प्रदेश का हालिया विधान परिषद चुनाव तब हुआ है, जब तुलसीदास कृत रामचरितमानस को लेकर विवाद हो रहा है। सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने रामचरितमानस को लेकर विवादित बयान दिया, जिसके बाद पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी उनका समर्थन करते हुए पवित्र हिन्दू ग्रन्थ की चौपाइयों पर सवाल खड़े कर दिए। अब MLC चुनाव में सपा को हार मिली है। स्पष्ट है कि जनता को सपा का हिन्दू विरोधी रवैया पसंद नहीं आया।