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‘अपने बॉस का पजामा थामने में व्यस्त हैं’: रेखा शर्मा पर TMC सांसद महुआ मोइत्रा की अभद्र टिप्पणी से भड़का महिला आयोग


बीजेपी के लिए 2024-29 का दौर काँटों भरा हो सकता, बशर्ते I.N.D.I. गठबंधन पर नकेल नहीं डाली। उधर राहुल गाँधी मनगड़ंत आरोप लगा अराजकता फ़ैलाने की कोशिश कर रहे हैं। अब मजबूत विपक्ष नहीं, बल्कि भारत विरोधी टूलकिट है, जो मोदी सरकार में ऊलजलूल आरोपों से बदनाम करने में कोई मौका हाथ से गंवाना नहीं चाहिए। तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की अध्यक्ष रेखा शर्मा के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की है। शर्मा हाथरस हादसे वाली जगह पर गई थीं। इस दौरान उनके पीछे एक व्यक्ति छाता पकड़ पीछे चल रहा है। इसको लेकर सवाल उठे तो महुआ ने अभद्र टिप्पणी कर दी। इस पर NCW ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की है। साथ ही भाजपा ने इस्तीफा माँगा है।

अगर बीजेपी ने चुनावों से पहले सनातन धर्म पर कुठाराघात करने वालों पर सख्त कार्यवाही की होती, शायद तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा द्वारा राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा पर ऐसी अभद्र टिप्पणी करने की हिम्मत नहीं होती। खैर, अब समय रहते कार्यवाही नहीं की, हिम्मत बढ़ जाएगी। 

टीएमसी सासंद महुआ मोइत्रा और रेखा शर्मा (साभार: Free Press Journal)
राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने सांसद महुआ मोइत्रा द्वारा रेखा शर्मा के खिलाफ की गई अपमानजनक टिप्पणी की निंदा की। इसके साथ ही इस बयान का स्वतः संज्ञान लिया और सांसद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की है। इसके लिए NCW ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र भी लिखा है।

NCW ने अपने X पोस्ट में लिखा, “अभद्र टिप्पणी अपमानजनक है और एक महिला के सम्मान के अधिकार का उल्लंघन है। आयोग ने पाया कि यह टिप्पणी भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 79 के अंतर्गत आती है। एनसीडब्ल्यू सुश्री मोइत्रा के खिलाफ सख्त कार्रवाई का अनुरोध करता है।”

राष्ट्रीय महिला आयोग ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा, “उनके (महुआ मोइत्रा के) खिलाफ FIR दर्ज की जानी चाहिए और 3 दिनों के भीतर आयोग को कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट दी जानी चाहिए।” ANI की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले की शिकायत दिल्ली पुलिस के आयुक्त संजय अरोड़ा से भी शिकायत की गई है।

दरअसल, रेखा शर्मा भगदड़ के बाद स्थिति का जायजा लेने के लिए हाथरस गई थीं। घटनास्थल पर बारिश के दौरान उनके पीछे एक व्यक्ति छाता पकड़ कर चल रहा था। पत्रकार निधि राजदान ने एक्स पर जानना चाहा कि चेयरमैन ने खुद छाता क्यों नहीं पकड़ा। मोइत्रा ने एक्स पर राजदान की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए टिप्पणी की, “वह अपने बॉस का पजामा थामने में बहुत व्यस्त हैं।”

NCW की शिकायत पर प्रतिक्रिया देते हुए महुआ मोइत्रा ने पछतावा दिखाने के बजाए दिल्ली पुलिस को चुनौती दे दी। उन्होंने ट्वीट किया, “आओ दिल्ली पुलिस कृपया इन स्वत: संज्ञान वाले आदेशों पर तुरंत कार्रवाई करो। अगर आपको अगले 3 दिनों में मेरी ज़रूरत पड़े तो मैं नादिया में हूँ, ताकि मैं जल्दी से जल्दी गिरफ़्तारी दे सकूँ। मैं अपना छाता खुद ही थाम सकती हूँ।”

इस बीच भाजपा ने महुआ मोइत्रा के इस्तीफे की माँग की है। भाजपा के नेता शहजाद पूनावाला ने कहा, “सांसद महुआ मोइत्रा, जिन्होंने संदेशखली और तालिबानी पिटाई को न्यायसंगत ठहराने की कोशिश की और उस पर चुप्पी साधे रखी, स्वाति मालीवाल पर चुप रहीं, अब एक अन्य महिला और वह भी NCW प्रमुख पर घृणित टिप्पणी करती हैं!”

उन्होंने आगे कहा, “कल्पना कीजिए कि अगर भाजपा के किसी सांसद ने ऐसा कहा होता तो सब कुछ बिगड़ जाता!! महुआ मोइत्रा को टीएमसी द्वारा बर्खास्त किया जाना चाहिए! क्या प्रियंका वाड्रा, राहुल गाँधी, खड़गे जी, सोनिया गाँधी, प्रियंका चतुर्वेदी और AAP इस पर आवाज़ उठाएँगे? क्या ममता दीदी उन पर कार्रवाई करेंगी? नहीं, ठीक वैसे ही जैसे वे संदेशखली और चोपड़ा पर चुप रहीं।”

नूपुर शर्मा पर अखिलेश यादव की ‘शरीर’ वाली टिप्पणी पर नींद से जागी महिला आयोग

                   सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (बाएँ ) एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष रेखा शर्मा (दाएँ)
नूपुर शर्मा मुद्दे किस ओर जा रहा है या जायेगा कहना कठिन है। विदेशी मौलानाओं के नूपुर के पक्ष में बोलने के साथ-साथ केरल के राज्यपाल द्वारा मदरसों और देवबंद पर प्रहार करना कट्टरपंथियों के षड़यंत्र की ओर इशारा किया जा रहा है। मुसलमानों में भी दो मत हो रहे है, एक पक्ष का मानना है कि जब नूपुर ने हमारी ही इस्लामिक किताब के हवाले से तस्लीम रहमानी के उकसाने पर बात कही, फिर विवाद क्यों? उनका यह भी कहना है कि अगर यह मसला ख़त्म नहीं हुआ, वह मुसलमानों के बहुत खिलाफ जाने वाला है और उसके जिम्मेदार कोई नहीं, बल्कि नेता और मुस्लिम रहनुमा कहलाये जाने वाले होंगे। क्योकि अगर नूपुर ने गलत बयानबाज़ी की थी, ऐतराज उसी रात से होना था, 10 दिन बाद क्यों? जबकि कट्टरपंथी सोंच इसे पैगम्बर का अपमान मान रहे हैं। इतना ही नहीं, बॉलीवुड की 
लीना मनिमेकलाई ट्विटर पर माँ काली को सिगरेट पीते दिखाकर आग में घी डाल रहा है। 

जिसे देखो मौके पर चौका मारने का कोई मौका नहीं छोड़ रहा। अब अखिलेश यादव की नूपुर पर "शरीर से भी माफ़ी" वाली टिप्पणी का राष्ट्रीय महिला आयोग ने संज्ञान लेकर योगी सरकार से इस पर कार्यवाही करने के लिए कहा है। महिला आयोग ने भी सुर्खियां बटोरने का अच्छा मौका तलाशा। इतने दिनों से उसे बलात्कार और तन से सर जुदा की धमकियाँ मिल रही, तब उन धमकियों का संज्ञान क्यों नहीं लिया? क्या बलात्कार या तन से सर जुदा होने का इंतज़ार किया जा रहा था? क्यों नहीं ऐसी मांग करने वालों सख्त कार्यवाही करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को लिखा? क्यों नहीं प्रेस कांफ्रेंस करके जिस इस्लामिक किताब के हवाले से नूपुर ने तस्लीम रहमानी को जवाब दिया, उस किताब के पृष्ठ की फोटो कॉपी मीडिया को देकर कट्टरपंथियों को  बेनकाब किया?   

बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा के खिलाफ ट्वीट करके समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव बुरा फँस गए हैं। राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने अखिलेश यादव के ट्वीट पर संज्ञान लिया है। यह ट्वीट उन्होंने 1 जुलाई को किया था। एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने उत्तर प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर उनके खिलाफ कानून के संबंधित प्रावधानों के तहत तत्काल कार्रवाई करने को कहा है। साथ ही निष्पक्ष और समयबद्ध जाँच को भी कहा। एनसीडब्ल्यू ने यह भी कहा है कि कार्रवाई के बाद आयोग को भी इससे अवगत कराया जाए।

एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने 4 जुलाई 2022 को यूपी पुलिस और डीजीपी यूपी को टैग करते हुए ट्वीट किया, “इस शख्स को देखिए जो खुद को एक पार्टी का नेता बताता है। वह लोगों को नूपुर शर्मा पर हमला करने के लिए उकसा रहा है। यूपी पुलिस और डीजीपी उसके खिलाफ कार्रवाई करें। माननीय सर्वोच्च न्यायालय से अनुरोध है कि उनके खिलाफ स्वतः संज्ञान (Suo Moto action) लें।”

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने 1 जुलाई को नूपुर शर्मा के खिलाफ ट्वीट किया था, “सिर्फ मुख को नहीं शरीर को भी माफी माँगनी चाहिए। देश में अशांति और सौहार्द बिगाड़ने की सजा भी मिलनी चाहिए।”

पैगंबर मुहम्मद को लेकर की गई टिप्पणी के ​कारण बीजेपी की राष्ट्रीय प्रवक्ता नूपुर शर्मा को पिछले महीने पार्टी से निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद से उन्हें लगातार जान से मारने की ध​मकियाँ मिल रही हैं। इसी बीच 2 जुलाई को नुपूर शर्मा के खिलाफ कोलकाता पुलिस ने लुकआउट नोटिस जारी कर दिया था। कोलकाता की दो थानों की पुलिस ने नुपूर शर्मा को कुछ दिन पहले समन भेजकर उनसे वहाँ पेश होने को कहा था। हालाँकि जान का खतरा होने के कारण नुपूर थानों में नहीं गई, जिसके बाद कोलकाता पुलिस ने ये नोटिस जारी किया ताकि नुपूर देश छोड़कर कहीं न जा पाएँ।

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