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तृषा कृष्णन और CM विजय पर अभद्र टिप्पणी करने के मामले में उदयनिधि स्टालिन गिरफ्तार, पहले भी महिलाओं पर दे चुके हैं विवादित बयान: सनातन को खत्म करने का भी देखते हैं सपना

                     तृषा कृष्णन और सीएम विजय पर अश्लील टिप्पणी कर फंसे उधयनिधि स्टालिन, गिरफ्तार
जब नेता महिला का सम्मान नहीं कर सकते फिर किस कीमत पर उनके वोट और उनके हित की बात करते हैं। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी द्वारा बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती के साथ गेस्ट हाउस कांड तमिल नाडु में जयललिता के साथ विधानसभा में शर्मनाक हरकत पर किस आधार पर महिलाएं इन पार्टियों में हैं? यह सोंचने की बात है।  

तमिलनाडु की राजनीति में विरोधी दलों से जुड़ी महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणियाँ करने के कई मामले सामने आ चुके हैं। इसी सिलसिले में DMK के नेता और राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने 3 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय की आलोचना करते हुए अभिनेत्री तृषा कृष्णन को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की।

तृषा कृष्णन को निशाना बनाकर की गई इस मानहानिकारक टिप्पणी के मामले में मंगलवार (4 अगस्त 2026) को पुलिस ने उदयनिधि स्टालिन को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया।

3 अगस्त को कर्नाटक के साथ कावेरी जल बंटवारे के मुद्दे पर तंजावुर में आयोजित एक विरोध रैली को संबोधित करते हुए उदयनिधि स्टालिन ने आरोप लगाया कि सीएम विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) सरकार कावेरी का पानी नहीं मिलने के मुद्दे पर चुप है और उसका पूरा ध्यान DMK नेताओं के खिलाफ कथित तौर पर झूठे मामले दर्ज कराने पर है।

इसी दौरान रैली में मौजूद DMK कार्यकर्ताओं ने ‘तृषा, तृषा’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। इस पर उदयनिधि स्टालिन कुछ पल रुके, मुस्कुराए और एक ऐसी टिप्पणी की, जिसे कई लोगों ने आपत्तिजनक और दोहरे अर्थ वाली टिप्पणी के तौर पर देखा।

तृषा कृष्णन का नाम लिए बिना उदयनिधि स्टालिन ने कहा, “हमारे यहाँ पानी आए या न आए, वहाँ पानी जरूर पहुँचना चाहिए। उन्हें बस इसी की चिंता है।” इसके बाद उन्होंने सफाई देते हुए कहा, “मेरा मतलब कावेरी के पानी से था।”

सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया है, जिस पर अलग-अलग राजनीतिक दलों और वैचारिक पृष्ठभूमि के लोगों ने प्रतिक्रिया दी है। कई लोगों ने अभिनेत्री त्रिशा कृष्णन को लेकर उदयनिधि स्टालिन की कथित दोहरे अर्थ वाली टिप्पणी की आलोचना की है।

तृषा इन दिनों अभिनेता से राजनेता बने और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के साथ अपने कथित निजी संबंधों को लेकर भी चर्चा में हैं। उदयनिधि स्टालिन की टिप्पणी को लेकर तमिलनाडु की राजनीति भी गरमा गई है।

TVK विधायक रेवन्थ चरण ने इसे ‘घृणित और अस्वीकार्य’ बताते हुए कहा, “इसी वजह से तमिलनाडु की जनता ने आपको नकार दिया और आज आप जिस स्थिति में हैं, वहीं सीमित कर दिया। अरिवालयम के पहले से ही बेहद निम्न स्तर के बावजूद यह उससे भी नीचे की बात है।”

तमिलनाडु भाजपा ने भी विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन की कथित टिप्पणी की कड़ी निंदा की। पार्टी ने इसे ‘घृणित, अश्लील, अभद्र और शर्मनाक’ करार देते हुए उनके बयान पर सवाल उठाए।

तमिलनाडु भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए पूछा कि वह अपने बेटे उदयनिधि स्टालिन की एक महिला के खिलाफ अभद्र टिप्पणी पर मौन क्यों हैं। उन्होंने उदयनिधि स्टालिन की गिरफ्तारी की भी माँग की थी।

इधर सत्तारूढ़ TVK ने इस मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) को पत्र लिखकर उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ कार्रवाई की माँग की है। पार्टी का कहना है कि उनकी भाषा सार्वजनिक जगहों पर महिलाओं को वस्तु समझने और मौखिक उत्पीड़न (Verbal harassment) को सामान्य बनाती है तथा सार्वजनिक पद पर बैठे लोगों से अपेक्षित मर्यादा को गंभीर रूप से ठेस पहुँचाती है।

TVK ने यह भी कहा कि इस तरह का आचरण सार्वजनिक जीवन में महिलाओं के प्रति व्यवहार को लेकर एक ‘खतरनाक मिसाल’ कायम करता है। TVK ने राष्ट्रीय महिला आयोग से आग्रह किया है कि वह उदयनिधि स्टालिन से इस मामले में स्पष्टीकरण माँगे और उन्हें बिना शर्त सार्वजनिक माफी जारी करने का निर्देश दे।

साथ ही पार्टी ने माँग की है कि उनके खिलाफ सार्वजनिक अश्लीलता फैलाने और महिला की मर्यादा का कथित रूप से अपमान करने से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाए।

राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधने के लिए महिलाओं को घसीटने के आरोपों को लेकर पहले भी विवादों में रहे हैं उदयनिधि स्टालिन

अभिनेत्री तृषा कृष्णन पर कथित तौर पर निशाना साधते हुए की गई दोहरे अर्थ वाली टिप्पणी को लेकर उदयनिधि स्टालिन को भारी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। हालाँकि, राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों से जुड़ी महिलाओं को निशाना बनाते हुए लैंगिक (सेक्सिस्ट) टिप्पणियाँ करने के आरोप पहले भी उन पर लग चुके हैं।

2021 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों से पहले, प्रचार के दौरान उदयनिधि स्टालिन ने कहा था, “जब भी मैं अपने चुनावी भाषण में एडप्पडी सरकार का जिक्र करता हूँ, लोग मुझसे एडप्पडी नहीं, बल्कि ‘एडुपुडी’ (किसी के इशारों पर चलने वाला) कहने को कहते हैं। मैं पूछता हूँ कि एडुपुडी कौन है, तो लोग कहते हैं, मोदी का एडुपुडी। मेरी हाल की एक रैली में भीड़ से किसी ने कहा कि वह एडुपुडी नहीं, बल्कि ‘डेड बॉडी’ है, क्योंकि वह शशिकला के पैरों में गिर चुका है।”

इसी वर्ष जब TVK ने सरकार बनाई, तब उदयनिधि स्टालिन ने TVK प्रमुख जोसेफ विजय पर अपने राजनीतिक हमलों में उनकी पत्नी संगीता सोर्नालिंगम को भी घसीटा था। उन्होंने कहा था, “उनका (विजय का) ‘कुट्टी स्टोरी’ सुनाने वाला भाषण विधानसभा की गरिमा के पूरी तरह खिलाफ है। चेंगलपट्टू कोर्ट में अपने पति को तलाशती पत्नी की कहानी पूरे तमिलनाडु को पता है।”

मुख्यमंत्री विजय और उनकी पत्नी के बीच निजी विवाद को अपने राजनीतिक हमलों में घसीटने को लेकर उदयनिधि स्टालिन की उस समय कड़ी आलोचना हुई थी। और अब एक बार फिर उदयनिधि स्टालिन ने छोटे राजनीतिक लाभ के लिए तृषा कृष्णन और सीएम विजय के कथित निजी संबंधों को अपने राजनीतिक हमले का हिस्सा बनाया है।

उदयनिधि स्टालिन पिछले कई वर्षों में अलग-अलग कारणों से विवादों में रहे हैं। वर्ष 2023 में उन्होंने सनातन धर्म की तुलना ‘डेंगू, मलेरिया’ से करते हुए इसके ‘उन्मूलन’ का आह्वान किया था। उस समय देशभर में उनके खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए थे और इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी डीएमके नेता को फटकार लगाई थी।

‘अपने बॉस का पजामा थामने में व्यस्त हैं’: रेखा शर्मा पर TMC सांसद महुआ मोइत्रा की अभद्र टिप्पणी से भड़का महिला आयोग


बीजेपी के लिए 2024-29 का दौर काँटों भरा हो सकता, बशर्ते I.N.D.I. गठबंधन पर नकेल नहीं डाली। उधर राहुल गाँधी मनगड़ंत आरोप लगा अराजकता फ़ैलाने की कोशिश कर रहे हैं। अब मजबूत विपक्ष नहीं, बल्कि भारत विरोधी टूलकिट है, जो मोदी सरकार में ऊलजलूल आरोपों से बदनाम करने में कोई मौका हाथ से गंवाना नहीं चाहिए। तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की अध्यक्ष रेखा शर्मा के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की है। शर्मा हाथरस हादसे वाली जगह पर गई थीं। इस दौरान उनके पीछे एक व्यक्ति छाता पकड़ पीछे चल रहा है। इसको लेकर सवाल उठे तो महुआ ने अभद्र टिप्पणी कर दी। इस पर NCW ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की है। साथ ही भाजपा ने इस्तीफा माँगा है।

अगर बीजेपी ने चुनावों से पहले सनातन धर्म पर कुठाराघात करने वालों पर सख्त कार्यवाही की होती, शायद तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा द्वारा राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा पर ऐसी अभद्र टिप्पणी करने की हिम्मत नहीं होती। खैर, अब समय रहते कार्यवाही नहीं की, हिम्मत बढ़ जाएगी। 

टीएमसी सासंद महुआ मोइत्रा और रेखा शर्मा (साभार: Free Press Journal)
राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने सांसद महुआ मोइत्रा द्वारा रेखा शर्मा के खिलाफ की गई अपमानजनक टिप्पणी की निंदा की। इसके साथ ही इस बयान का स्वतः संज्ञान लिया और सांसद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की है। इसके लिए NCW ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र भी लिखा है।

NCW ने अपने X पोस्ट में लिखा, “अभद्र टिप्पणी अपमानजनक है और एक महिला के सम्मान के अधिकार का उल्लंघन है। आयोग ने पाया कि यह टिप्पणी भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 79 के अंतर्गत आती है। एनसीडब्ल्यू सुश्री मोइत्रा के खिलाफ सख्त कार्रवाई का अनुरोध करता है।”

राष्ट्रीय महिला आयोग ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा, “उनके (महुआ मोइत्रा के) खिलाफ FIR दर्ज की जानी चाहिए और 3 दिनों के भीतर आयोग को कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट दी जानी चाहिए।” ANI की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले की शिकायत दिल्ली पुलिस के आयुक्त संजय अरोड़ा से भी शिकायत की गई है।

दरअसल, रेखा शर्मा भगदड़ के बाद स्थिति का जायजा लेने के लिए हाथरस गई थीं। घटनास्थल पर बारिश के दौरान उनके पीछे एक व्यक्ति छाता पकड़ कर चल रहा था। पत्रकार निधि राजदान ने एक्स पर जानना चाहा कि चेयरमैन ने खुद छाता क्यों नहीं पकड़ा। मोइत्रा ने एक्स पर राजदान की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए टिप्पणी की, “वह अपने बॉस का पजामा थामने में बहुत व्यस्त हैं।”

NCW की शिकायत पर प्रतिक्रिया देते हुए महुआ मोइत्रा ने पछतावा दिखाने के बजाए दिल्ली पुलिस को चुनौती दे दी। उन्होंने ट्वीट किया, “आओ दिल्ली पुलिस कृपया इन स्वत: संज्ञान वाले आदेशों पर तुरंत कार्रवाई करो। अगर आपको अगले 3 दिनों में मेरी ज़रूरत पड़े तो मैं नादिया में हूँ, ताकि मैं जल्दी से जल्दी गिरफ़्तारी दे सकूँ। मैं अपना छाता खुद ही थाम सकती हूँ।”

इस बीच भाजपा ने महुआ मोइत्रा के इस्तीफे की माँग की है। भाजपा के नेता शहजाद पूनावाला ने कहा, “सांसद महुआ मोइत्रा, जिन्होंने संदेशखली और तालिबानी पिटाई को न्यायसंगत ठहराने की कोशिश की और उस पर चुप्पी साधे रखी, स्वाति मालीवाल पर चुप रहीं, अब एक अन्य महिला और वह भी NCW प्रमुख पर घृणित टिप्पणी करती हैं!”

उन्होंने आगे कहा, “कल्पना कीजिए कि अगर भाजपा के किसी सांसद ने ऐसा कहा होता तो सब कुछ बिगड़ जाता!! महुआ मोइत्रा को टीएमसी द्वारा बर्खास्त किया जाना चाहिए! क्या प्रियंका वाड्रा, राहुल गाँधी, खड़गे जी, सोनिया गाँधी, प्रियंका चतुर्वेदी और AAP इस पर आवाज़ उठाएँगे? क्या ममता दीदी उन पर कार्रवाई करेंगी? नहीं, ठीक वैसे ही जैसे वे संदेशखली और चोपड़ा पर चुप रहीं।”

कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत और एचएस अहीर पर NCW सख्त, चुनाव आयोग से एक्शन की माँग: कंगना रनौत को लेकर ‘रं$, रेट क्या है’ जैसे शब्दों का किया था इस्तेमाल


राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत के खिलाफ कार्रवाई की माँग की है। सुप्रिया श्रीनेत ने फेसबुक और इन्स्टाग्राम पर एक पोस्ट में अभिनेत्री कंगना रनौत पर अभद्र टिप्पणी की थी। उन्होंने यह पोस्ट बाद में हटा ली थी और सफाई पेश की थी।

राष्ट्रीय महिला आयोग ने एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा, “राष्ट्रीय महिला आयोग सुप्रिया श्रीनेत और श्री एच.एस. अहीर के अभद्र आचरण से हैरान है। इन्होने कंगना रनौत के विषय में सोशल मीडिया पर फूहड़ और अपमानजनक टिप्पणी की है। ऐसा व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है, यह महिलाओं की गरिमा के विरुद्ध है। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने देश के चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर सुप्रिया श्रीनेत और अहीर के खिलाफ जल्द कार्रवाई की माँग की है। महिलाओं के सम्मान और गरिमा को बनाएँ रखें।”

24 मार्च, 2024 को अभिनेत्री कंगना रनौत को भाजपा ने हिमाचल प्रदेश के मंडी से लोकसभा प्रत्याशी घोषित किया था। कंगना रनौत के चुनाव प्रत्याशी घोषित होने के साथ ही उनके खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियों और ट्रोल का अभियान चलाया गया था।

कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने इन्स्टाग्राम अकाउंट पर कंगना की एक फोटो डालते हुए लिखा, “क्या भाव चल रहा है मंडी में कोई बताएगा?”  

कंगना रनौत महिला आयोग

सुप्रिया के यह पोस्ट करने के बाद उनकी जम कर आलोचना हुई। कंगना रनौत ने उन पर प्रश्न उठाते हुए ट्विटर लिखा, “प्रिय सुप्रिया जी, एक कलाकार के रूप में अपने 20 वर्ष के करियर में मैंने हर तरह की महिला की भूमिका निभाई है। क्वीन फिल्म में एक भोली लड़की से लेकर धाकड़ फिल्म में एक जासूस तक, मणिकर्णिका में एक देवी से लेकर चंद्रमुखी में एक राक्षसी तक, रज्जो में एक वेश्या से लेकर थलैवी में एक क्रांतिकारी नेता तक।”

सुप्रिया के इस पोस्ट पर प्रश्न उठाए जाने पर उन्होंने इसे हटा लिया और ट्विटर पर सफाई पेश की। उन्होंने ट्विटर पर एक ट्वीट लिख कर अकाउंट का एक्सेस किसी और के हाथ में होने और साथ ही एक पैरोडी अकाउंट पर दोष मढ़ने का प्रयास किया। उन्होंने अपने ही अकाउंट से पोस्ट किए गए फोटो को लेकर जिम्मेदारी से बचने का प्रयास किया।

उन्होंने लिखा, “मेरे मेटा अकाउंट (फेसबुक और इंस्टा) का एक्सेस रखने वाले किसी व्यक्ति ने एक काफी घृणित और आपत्तिजनक पोस्ट की, जिसे हटा दिया गया है। जो भी मुझे जानता है उसे पता होगा कि मैं किसी महिला के लिए ऐसा कभी नहीं कहूँगी। हालाँकि, मुझे अभी पता चला है कि मेरे नाम से एक पैरोडी अकाउंट ट्विटर पर चलाया जा रहा है, इससे ही पूरी शरारत शुरू हुई और इसकी रिपोर्ट की जा रही है।”

एक कांग्रेस नेता HS अहीर ने भी कंगना पर अभद्र ट्वीट किया था और बाद में यही सफाई पेश की थी कि उनका अकाउंट एक्सेस किसी और के पास था और उसने यह ट्वीट किया।

केरल : ‘3 घंटे बिना ब्रा के दी NEET की परीक्षा, अंत में कहा – हाथ में लेकर निकल जाओ’

                                       केंद्र और महिला आयोग हरकत में (तस्वीर- न्यूज़ मिनट)
मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET के दौरान केरल के कोल्लम में एग्जास हॉल में जाने से पहले चेकिंग के नाम पर कुछ छात्राओं के ब्रा उतरवाने की घटना को लेकर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। जहाँ शिक्षा मंत्रालय ने एग्जाम बाद से उभरे इस मामले में NTA से रिपोर्ट माँगी है। वहीं NTA ने पुलिस में दी गई शिकायत को ‘मनगढ़ंत’ और ‘गलत इरादे’ से की गई बताया है। फ़िलहाल NTA ने इलाके का दौरा करने से एक कमिटी का गठन किया है, जो तथ्यों का पता लगाएगी। वहीं इस मामले में महिला आयोग भी कार्रवाई के लिए पत्र लिख चुका है।

केरल के कोल्लम में NEET एग्जाम सेंटर पर सख्ती के नाम पर करीब 100 से अधिक छात्राओं को अपने ब्रा उतारने के लिए मजबूर किया गया। इसको लेकर अब छात्राओं के परिजनों ने पुलिस में मामला दर्ज कराया है। जबकि कोल्लम के मोर्थम इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नॉलेजी ने छात्राओं के आरोपों से इनकार किया है।

इस मामले में केरल पुलिस को अब तक तीन शिकायतें मिलीं हैं। जिसमें से एक केरल के कोल्लम जिले में 17 वर्षीय लड़की के पिता गोपकुमार सूरनाद ने दर्ज कराई है। उन्होंने TNM से बात करते हुए बताया कि उन्होंने अपनी शिकायत में कहा है कि राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) द्वारा जारी आधिकारिक सूचना बुलेटिन में धातु के हुक वाली ब्रा पर किसी प्रतिबंध का उल्लेख नहीं है। उन्होंने कहा कि जब उनकी बेटी ने अपने इनरवियर को हटाने से इनकार कर दिया, तो उन्हें परीक्षा न देने के लिए कहा गया। मेरी बेटी लंबे समय से इस परीक्षा की तैयारी कर रही थी। लेकिन वह ठीक से परीक्षा भी नहीं लिख पा रही थी। वह दुखी होकर रोती हुई हमारे पास लौट आई। उन्होंने आगे बताया कि सेंटर पर अनिवार्य रूप से छात्राओं से अपने इनरवियर को हटाने के लिए कहा गया था। बच्चे बहुत असहज थे। उनमें से कई रो रहे थे। अगर ऐसा है तो वे फ्रिस्किंग के दौरान इनरवियर चेक कर सकते हैं। लेकिन उन्हें क्यों हटाएँ? NEET बुलेटिन में ऐसे कोई नियम नहीं हैं।

वहीं NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित छात्रा ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा, “उन्होंने मुझसे पूछा, क्या आपने मेटल हुक इनरवियर पहना है? मेरे हाँ कहने पर उन्होंने मुझे अलग लाइन में खड़ा कर दिया।”

लड़की ने कहा कि उसे समझ नहीं आया कि क्या हो रहा है। इसके बाद बाद उन्होंने मुझे इनरवियर उतारकर मेज पर रखने को कहा। सारी इनरवियर एक साथ रखी गई थीं। हमें ये तक नहीं पता था कि हमें ये वापस मिलेंगी भी या नहीं। हम जब एग्जाम देकर लौटे तो बहुत भीड़ थी। धक्का-मुक्की हुई लेकिन मुझे अपनी इनरवियर वापस मिल गई।”

पीड़िता ने आरोप लगाया, “उन्होंने हमसे अपनी इनरवियर हाथ में लेकर वहाँ से जाने को कहा, उन्होंने कहा कि इसे यहाँ पहनने की जरूरत नहीं है। हम यह सुनकर हम बहुत शर्मिंदा हुए। यह बहुत भयानक अनुभव था। जब हम एग्जाम हॉल में लिख रहे थे तब हमने अपने बालों से सीना ढका। वहाँ लड़के-लड़कियाँ दोनों थे। यह बहुत ही कठिन और असहज स्थिति थी।”

राष्ट्रीय महिला आयोग ने लिया संज्ञान

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस संगीन प्रकरण को लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग शर्मनाक करार दे चुका है। एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने एनटीए को पत्र लिखकर आरोपों की स्वतंत्र जाँच की माँग की है। इस घटना के सामने आने के बाद केरल के उच्च शिक्षा मंत्री आर बिंदू ने भी इस घटना को ‘अमानवीय और चौंकाने वाला’ करार दिया और केंद्र से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया।
वहीं NBT की रिपोर्ट के अनुसार, इस संबंध में एनटीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हमें कोई शिकायत अथवा प्रतिवेदन नहीं मिला है। मीडिया रिपोर्ट में किए गए दावों के आधार पर केन्द्र के अधीक्षक तथा पर्यवेक्षक से तत्काल रिपोर्ट माँगी गई है।” उन्होंने आगे यह भी कहा कि हमें बताया गया है कि इस प्रकार की कोई घटना नहीं हुई है और दर्ज कराई गई शिकायत ‘मनगढ़ंत’ और ‘गलत इरादे’ से की गई है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, छात्राओं ने दावा किया है कि रविवार को जब वे परीक्षा देकर बाहर निकलीं तो उन्हें सारे अंडरगारमेंट्स डिब्बों में एक साथ फेंके हुए मिले। जबकि केरल के मार्थोमा इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में स्थित अयूर चदायमंगलम केंद्र ने यह कहते हुए जिम्मेदारी लेने से इनकार किया है कि छात्राओं की तलाशी और बायोमेट्रिक जाँच बाहरी एजेंसियों द्वारा की गई थी।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के अधिकारियों के अनुसार, मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट में रविवार को करीब 95 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई थी, जिसके लिए इस साल सबसे ज्यादा आवेदन आए थे। कुल 18,72,329 उम्मीदवारों ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET के लिए पंजीकरण कराया था, जिनमें से 10.64 लाख छात्राएँ थीं।