आतंकियों ने जो दिल्ली में धमाका किया है देखना यह है कि अब इस धमाके की लपेटे में कौन-कौन आएगा? आए दिन वोट चोरी को लेकर जो धमाकों की बात कही जाती थी यह बयान भी अब सबकी जबानों पर आ गया है। अगर मोदी सरकार ने इस धमाके की अति गंभीरता से जाँच की भारत में पल रहे पाकिस्तान और उनके समर्थकों की भी अब शायद खैर नहीं होगी। इस धमाके ने केंद्र सरकार ही नहीं जितनी भी गुप्तचर संस्थाएं हैं सभी को ऐसी हरकत में ला दिया है कि जिसे अंजाम तक पहुंचाए बगैर कोई चैन की नींद नहीं सोयेगा। इन लोगों ने Operation Sindoor के दूरगामी परिणामों को नहीं समझा। पूर्व सेना अध्यक्ष बिपिन रावत ने ठीक कहता था कि बाहरी दुश्मन से लड़ने के साथ हमें ढाई मोर्चे पर लड़ना होगा। ये वही रावत है जिन्हे एक कांग्रेस नेता ने सड़क का गुंडा कहा था। मुस्लिम तुष्टिकरण में कितना नीचे गिर जाते हैं अपने आपको देश रक्षक कहलाने वाले नेता। क्या सरकार को देश में भी Operation Sindoor चलाने का समय आ गया है?
देशप्रेमी भारतीयों को याद करना होगा कि मुस्लिम आक्रांता अपने साथ कोई लम्बी-चौड़ी फ़ौज लेकर नहीं आए थे क्योकि उनको मालूम था कि भारत में बिकाऊ जयचन्दों की कोई कमी नहीं। क्या तुष्टिकरण करने वाले नेता जिन्हे जनता अपना हितैषी समझती है इतिहास को दोहरा रहे हैं?
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास सोमवार (10 नवंबर 2025) शाम को एक चलती कार में जोरदार धमाका हुआ था। इस हमले में लगभग 8 लोगों की मौत हो गई है और कई अन्य घायल हुए हैं। इसे संदिग्ध आतंकी हमला माना जा रहा है। जाँच एजेंसियाँ अब धमाके से कुछ देर पहले के एक CCTV फुटेज पर फोकस कर रही हैं।
चर्चा यह भी है दिल्ली पुलिस सुनहरी मस्जिद में भी कार्यवाही कर रही है क्योकि कार पहले यहीं 3 घंटे तक रुकी हुई थी। संदेह किया जा रहा है कि क्या आतंकी मस्जिद में बैठ विस्फोट की योजना को अंजाम देने की प्लानिंग कर रहे थे?
फुटेज में विस्फोट वाली I-20 कार और उसमें काला मास्क पहने संदिग्ध ड्राइवर मोहम्मद उमर नजर आ रहा है। यह फुटेज और कार की जटिल खरीद-फरोख्त की कड़ी, जाँच में अहम सुराग साबित हो रहे हैं।
जाँच का केंद्र बनी संदिग्ध I-20 कार
धमाके से कुछ देर पहले का एक CCTV फुटेज सामने आया है। इस फुटेज में सफेद रंग की I-20 कार भीड़ वाले ट्रैफिक से गुजरते हुए दिख रही है। कार चला रहे शख़्स ने काले रंग का मास्क पहना हुआ था। यह शख्स आतंकी मोहम्मद उमर बताया जा रहा है। जाँच एजेंसियाँ फुटेज में दिख रही इस संदिग्ध कार और मास्क पहने ड्राइवर की पहचान पक्की कर रही हैं। वे तकनीकी और मानवीय खुफिया जानकारी का इस्तेमाल कर रहे हैं।
कार की लंबी खरीद-फरोख्त और पुलवामा कनेक्शन
जिस I-20 कार में धमाका हुआ, उसकी खरीद-फरोख्त की कड़ी लंबी है। यह कार पहले मोहम्मद सलमान की थी। सलमान ने इसे नदीम को बेचा था। नदीम ने इसे फरीदाबाद के एक यूज्ड कार डीलर, रॉयल कार जोन को बेच दिया।
इसके बाद तारिक अहमद ने इसे खरीदा और फिर उमर ने लिया। जानकारी के मुताबिक, दो लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। उनका नाम आमिर राशिद और तारिक अहमद है। तारिक जम्मू और कश्मीर के पुलवामा का रहने वाला है। जाँचकर्ता फरीदाबाद के एक आतंकी मॉड्यूल से उसके कनेक्शन की जाँच कर रहे हैं। माना जा रहा है कि इस मॉड्यूल ने ही बम धमाके की साजिश रची थी।
पहाड़गंज-दरियागंज से 4 संदिग्ध हिरासत में लिए गए: लाल किला मेट्रो स्टेशन किया गया बंद
दिल्ली ब्लास्ट का संदिग्ध डॉक्टर उमर फिदायीन बम हो सकता है। वह पुलवामा का रहने वाला है। न्यूज 18 के मुताबिक उसकी माँ और उसके भाई को जम्मू कश्मीर पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। ब्लास्ट स्थल से धमाके वाली कार के पास से क्षतिग्रस्त हाथ के टुकड़े मिले हैं।
इस बीच दिल्ली पुलिस ने पहाड़गंज, दरियागंज और आसपास के इलाकों के होटलों में रात भर तलाशी ली। पुलिस टीम ने होटलों के रजिस्टरों की जाँच की। तलाशी के दौरान, चार संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया।
#WATCH | On Delhi blast case, DCP North Raja Banthia says, "As of now, the investigation is going on. We cannot comment on anything conclusively... FSL is lifting the traces of explosives...We are examining the scene of the crime." pic.twitter.com/Onr98F9a79
इस बीच दिल्ली पुलिस ने पहाड़गंज, दरियागंज और आसपास के इलाकों के होटलों में रात भर तलाशी ली। पुलिस टीम ने होटलों के रजिस्टरों की जाँच की। तलाशी के दौरान, चार संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया।
डीसीपी नॉर्थ राजा बंथिया के मुताबिक, “कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। यूएपीए, विस्फोटक अधिनियम और बीएनएस की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। एनएसजी, दिल्ली पुलिस और एफएसएल की टीमें मौके पर मौजूद हैं और पूरे क्राइम सीन की जाँच कर रही हैं। जाँच जारी है। जिस कार में धमाका हुआ था, उसमें कुछ बॉडी पार्ट्स हैं। एफएसएल टीम उन्हें इकट्ठा कर रही है, देखते हैं कि ये कैसे जुड़ते हैं।”
न्यूज 18 के मुताबिक, कश्मीर में दो लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलवामा के संबूरा निवासी तारिक अहमद डार और उमर उर्फ आमिर। तारिक ने दावा किया कि उसने कार आमिर को सौंप दी थी।
कार का पता पुलवामा से चला
जाँचकर्ताओं ने कार का पता जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के एक व्यक्ति से लगाया है, जिससे संभावित आतंकी संबंध का पता चला है। सीएनएन न्यूज़18 के सूत्रों के अनुसार, कार मूल रूप से गुरुग्राम में HR26 नंबर के तहत पंजीकृत थी और पहले मोहम्मद सलमान के पास थी। कथित तौर पर यह चार बार बदली गई। सलमान से देवेंद्र, देवेंद्र से सोनू और अंत में सोनू से पुलवामा के शंभूरा गाँव के तारिक के पास आई।
दिल्ली पुलिस ने तारिक और उसके साथियों के बारे में जानकारी की पुष्टि के लिए एक विशेष टीम श्रीनगर भेजी है। कार को कथित तौर पर फरीदाबाद के एक कार डीलर के माध्यम से अवैध रूप से खरीदा गया था।
विस्फोट में आईईडी का इस्तेमाल
प्रारंभिक जाँच से पता चलता है कि विस्फोट में एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) का इस्तेमाल किया गया था।विस्फोट की वजह से कार के परखच्चे उड़ गए। कश्मीरी गेट, दरियागंज, सुनहरी मस्जिद और लाल किलाविस इलाकों से 50 से ज़्यादा सीसीटीवी फुटेज इकट्ठा किए गए हैं। इससे कार के बारे में पता चला कि दोपहर से ही उत्तरी दिल्ली में कार घूम रहा था। विस्फोट से पहले वह कई घंटों तक कार सुनहरी मस्जिद के पास खड़ी थी।
हमले में तालिबान के मौलाना मुजीब अंसारी की मौत (फोटो साभार: khaama
अफगानिस्तान में शुक्रवार (2 सितंबर 2022) को जुमे की नमाज के दौरान हुए आत्मघाती हमले में कम-से-कम 18 लोगों की मौत और 23 से अधिक लोग घायल हो गए। इस विस्फोट में तालिबान के सबसे बड़े मजहबी उलेमाओं में से एक मुल्ला मुजीब रहमान अंसारी भी मारा गया है। हमले की जिम्मेदारी अभी किसी संगठन ने नहीं ली है।
हेरात प्रांत में गजरगाह मस्जिद में यह आत्मघाती हमला ऐसे वक्त में हुआ है, जब तालिबान के उप-मंत्री मुल्ला अब्दुल गनी बरादर आधिकारिक बैठक के लिए वहाँ गए थे। माना जाता है कि यह हमला इस्लामिक स्टेट के खुरासान समूह (ISKP) द्वारा किया गया है। हालाँकि, तालिबान ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
घटना के हेरांत प्रांत के गाजारघ शहर की है। राज्यपाल के प्रवक्ता हमीदुल्लाह मोटावकिल ने बताया कि यहाँ के गजरगाह मस्जिद में शुक्रवार को जुमे की नमाज के लिए दर्जनों लोग इकट्ठा हुए थे। इस मस्जिद का इमाम मुल्ला अंसारी था। इसी दौरान आत्मघाती हमला हो गया।
At least 18 people were killed, including Mawlawi Mujeeb Rahman Ansari, and 23 others were wounded in the blast that occurred today at Guzargah mosque in Herat province, said the governor's spokesman Hamidullah Motawakil. https://t.co/d2w3qsdHEd
इस्लामिक अमीरात के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने ट्वीट कर अंसारी की मौत पर दुख जताया और कहा कि हमले के दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा। मुजाहिद ने कहा, “धर्म के दुश्मनों द्वारा कायरतापूर्ण हमले में दीन के विद्वान मुजीब अंसारी शहीद हो गए।”
वहीं, देश के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने ट्वीट कर मस्जिद में हुए विस्फोट की निंदा की है। उन्होंने कहा कि मस्जिद पर हमला मानवता के खिलाफ इस्लामी सिद्धांतों एवं मूल्यों के विरुद्ध है। हेरात सुरक्षा विभाग के प्रवक्ता महमूद शाह रसूली ने कहा कि विस्फोट में घायल हुए लोगों को प्रांतीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
38 वर्षीय मौलवी मुजीब रहमान अंसारी को एक कट्टर मौलवी माना जाता है, जिसके विचार हमेशा कट्टरता से भरे रहे हैं। तालिबान के जिरगा का सदस्य था। अंसारी ने कहा था कि जो कोई भी इस्लामी शासन के खिलाफ विद्रोह करता है, उसका सिर काट दिया जाना चाहिए।
अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए अंसारी ने कहा था कि अफगानिस्तान के इस्लामी अमीरात के खिलाफ अगर कोई मामूली कदम भी उठाता है तो उसका सिर कलम कर दिया जाना चाहिए। इतना ही नहीं, अंसारी ने एक बार फतवा दिया था कि अगर किसी व्यक्ति की बीवी बुर्का नहीं पहनती है तो वह मर्द कायर है।
अंसारी ने यह भी कहा था कि व्यभिचारियों को पत्थर मारकर मौत के घाट उतार देना चाहिए और चोरों के हाथ काट देने चाहिए। कोविड-19 को अंसारी ने गैर-मुस्लिमों पर अल्लाह का कहर बताया था। मुल्ला अंसारी लड़कियों की शिक्षा देने और उनके घर से बाहर निकलने का सख्त विरोधी था।
यह हमला इस्लामिक स्टेट (ISIS) का प्रतिशोध माना जा रहा है। बुधवार (31 अगस्त 2022) को तालिबान और ISKP के बीच खूनी झड़प हुई थी। इसमें ISKP के 3 आतंकी मारे गए थे। इसके बाद ISIS ने कहा था कि वह इन मौतों का बदला जरूर लेगा। बता दें कि तालिबान का सबसे बड़ा प्रतिद्वंद्वी ISKP है और दोनों के बीच खूनी झड़पें होती रहती हैं।