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मातम का मुहर्रम या हिंसा का मुहर्रम? कहीं मंदिर में तोड़फोड़ तो कहीं हिन्दू को चाकू से गोदा: इस्लामी जुलूस की आड़ में कट्टरपंथ का प्रदर्शन; पाकिस्तान, चीन और तुर्की आदि को शिकस्त देने के लिए भारत में पल रहे उनके इन sleeper cells का फन कुचलना बहुत जरुरी


इस्लामी कट्टरपंथियों ने साल 2025 का मुहर्रम में जमकर हिंसा की है। उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पूरे देशभर में कहीं इस्लामी भीड़ ने हिंदुओं पर हमला किया। तो कहीं मंदिर पर पत्थर चलाए। कहीं रास्ते को लेकर तो कहीं झंडे को लेकर उत्पात मचाया। ऑपइंडिया ऐसी ही सारी घटनाओं को एक साथ संकलित कर रहा है। 
पाकिस्तान, चीन और तुर्की आदि को शिकस्त देने के लिए भारत में पल रहे उनके sleeper cells का फन कुचलना बहुत जरुरी है। ये दुश्मन इन्ही  sleeper cells के दम ही भारत पर खुर्राते हैं। आर्मी चीफ बिपिन रावत ने कहा था कि भारत को ढाई मोर्चे पर लड़ाई लड़नी है। तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने इंडो-पाक युद्ध के दौरान ढाई मोर्चे पर ही युद्ध किया था। 
सरकार को इन सभी sleeper cells को ब्लैकलिस्ट कर सारी सरकारी सुविधाएं छीन लेनी चाहिए। Victim Card खेल चीखचील्ली करने वाले इनके आकाओं पर भी कार्यवाही करनी चाहिए। जिस तरह पाकिस्तान में आतंकियों को पाल रहा है उसी तरह ये इनको पाल रहे हैं। जिस दिन सरकार ने इनके फन कुचल दिए पाकिस्तान, चीन और तुर्की घुटने के बल आकर भारत के आगे नाक रगड़ेंगे। इस गंभीर समस्या में निचली अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट और सारी बार एसोसिएशन को सरकार के साथ खड़ा होगा।   

मोतिहारी में अजय यादव की तलवार से गला रेतकर हत्या

बिहार के मोतिहारी जिले में मुहर्रम जुलूस के दौरान अजय यादव की तलवार से गला रेतकर हत्या कर दी गई। इस्लामी कट्टरपंथियों ने अजय यादव के दो भाइयों पर भी हमला बोला। धनंजय यादव और नवल किशोर यादव बुरी तरह घायल हुए हैं। पुलिस मामले में 12 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

दरभंगा में ASI अमित कुमार पर चाकू से हमला

बिहार के दरभंगा में मुहर्रम जुलूस के दौरान मुस्लिम भीड़ ने बवाल मचाया। फिर शांत करने पहुँची पुलिस पर भी हमला किया। ASI अमित कुमार पर मोहम्मद रब्बानी ने चाकू से वार किया। ASI को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। आरोपित मोहम्मद रब्बानी को गरिफ्तार कर लिया गया है।

बिहार के अररिया में इस्लामी कट्टरपंथियों ने थानेदार का सिर फोड़ दिया

बिहार के अररिया जिले में मुहर्रम जुलूस में शामिल मुस्लिम भीड़ ने पुलिस पर हमला किया। पुलिस बिना अनुमति निकाले जा रहे जुलूस को रोकने पहुँची थी। यहाँ हथियार से लैस इस्लामी कट्टरपंथियों ने वीडियोग्राफी कर रहे ड्रोन कैमरा के ऑपरेटर की पिटाई कर कैमरा और मोबाइल छीन लिया था। बीच-बचाव में लगी पुलिस से मारपीट की गई।
घटना में थानेदार मिथिलेश कुमार का सिर फट गया। वहीं, कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। पुलिस ने 7 आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

पश्चिम बंगाल के बीरभूम में हिंदू ई-रिक्शा चालक से मारपीट

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में मुहर्रम का चंदा न देने पर हिंदू ई-रिक्शा चालक बेदन घोष की बेरहमी से पिटाई की गई। दरअसल, एक दिन पहले बेदन घोष चंदा दे चुका था। लेकिन दोबारा चंदा देने पर उसने इनकार किया था। जिसके बाद इस्लामी कट्टरपंथियों ने बेदन घोष पर पत्थर से हमला कर दिया। बंगाल पुलिस ने आरोपितों की गिरफ्तारी का आश्वासन दे दिया।

रतलाम में ‘हिंदू राष्ट्र’ लिखे बैनर को जलाया

मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में मुहर्रम जुलूस के दौरान मुस्लिमों ने मुँह में पेट्रोल डाल आग लगाकर ‘हिंदू राष्ट्र’ लिखा बैनर जलाया गया। वीडियो वायरल होने के बाद हिंदू संगठन ने विरोध जताते हुए हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ किया। पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है।

उत्तर प्रदेश के सीतापुर में हिंदू दुकान मालिक से मारपीट

उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में मुहर्रम पर ताजिया का जुलूस निकाल रही मुस्लिम भीड़ ने हिंदू दुकान मालिक बेचेलाल संग मारपीट की। विवाद ईंट हटाने को लेकर शुरू हुआ था। दरअसल, ताजिया जुलूस बेचेलाल की दुकान तक पहुँचा। मुस्लिम भीड़ने ईंट हटाने को कहा, बेचेलाल के इनकार करने पर लाठी-डंडे से हमला किया। मौके पर पुलिस पहुँचते ही इस्लामी भाग निकले।

हाजीपुर में मुस्लिम भीड़ ने बस में लगाई आग

बिहार के हाजीपुर जिले में मुहर्रम के ताजिया जुलूस में भीड़ को हटाने के लिए बस ने हॉर्न बजाया। तो इस्लामी कट्टरपंथी ने गुंडागर्दी पर उतर आए। बस में से सवारियाँ को उतारा और बस को आग के हवाले कर दिया। पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है।

पुणे में मुहर्रम पर खामेनेई के लगे पोस्टर

महाराष्ट्र के पुणे के लोनी खलबोर गाँव में मुहर्रम पर ईरान के नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बैनर लगाए गए। हिंदू संगठन ने शिकायत पर पुलिस ने बैनर हटवाए। पुलिस ने बताया कि बिना अनुमति के बैनर लगाए गए थे, इसीलिए संबंध लोगों को नोटिस भेजा गया।

बरेली में ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के लगाए नारे

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के फरीदपुर में ताजिया रखने के दौरान मुस्लिम भीड़ ने ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाए। इस्लामी कट्टरपंथियों ने मोहल्ले के दुकानों को तोड़ने के साथ व्यापारियों को जान से मारने और लूटने की भी धमकी दी। मामले में पुलिस ने मोबीना, अनस और नाजिम को गिरफ्तार किया है।

बिहार के जमुई में पाकिस्तान और फिलिस्तान का झंडा फहराया

बिहार के जमुई जिले के पैरामटिहाना गाँव में मुहर्रम के ताजिया जुलूस में पाकिस्तान का झंडा लहराया। वहीं, जमुई के ही भछियार मोहल्ले में मुहर्रम जुलूस में फिलिस्तीन का झंडा फहराया गया। दोनों मामले की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई। इसके बाद हिंदू संगठन ने विरोध-प्रदर्शन किया।

बिलासपुर में मंदिर की छत पर इस्लामी कट्टरपंथियों ने किया ‘शेर नाच’

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में मुहर्रम जुलूस के दौरान शेर की वेशभूषा में इस्लामी कट्टरपंथी ने मंदिर में उत्पात मचाया। मंदिर की छत पर चढ़कर नाचने लगे। वीडियो वायरल होने पर हिंदू संगठन ने विरोध जाहिर किया। इसके बाद पुलिस तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

बिहार के कटिहार में महावीर मंदिर पर हमला, हिंदू-पुलिस पर पथराव

बिहार के कटिहार जिले में मुहर्रम के जुलूस के दौरान नया टोला स्थित महावीर मंदिर पर पथराव किया। घटना का वीडियो भी ऑपइंडिया के पास मौजूद है। वीडियो में इस्लामी कट्टरपंथी मंदिर पत्थर फेंक रहे हैं। एक अन्य वीडियो में कट्टरपंथी हिंदू घरों और सड़क किनारे खड़ी गाड़ी पर ईंट के बड़े-बड़े टुकड़े फेंके जा रहे हैं।
घटना के बाद तनाव के माहौल को देखते हुए इलाके में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई। घटना में पुलिसकर्मी समेत 20 से अधिक लोग घायल हुए हैं।

उज्जैन में मस्जिद के पास हंगामा

मध्य प्रदेश के उज्जैन में मुहर्रम जुलूस के दौरान खजूर वाली मस्जिद के पास हंगामा हुआ। उपद्रवियों ने बैरिकेड तोड़ दिए और प्रतिबंधित मार्ग पर घोड़ा ले जाने की जिद की। पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो हमला किया गया। इसमें दो पुलिसकर्मी घायल हुए। पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। जुलूस के आयोजक इरफान खान उर्फ लल्ला समते 15 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है।

लखीमपुर खीरी में हिंदू घरों पर फेंका सफेद पाउडर, विरोध पर पथराव

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में मुहर्रम के ताजिया जुलूस में विवाद हो गया। जुलूस में शामिल मुस्लिम भीड़ ने हिंदू परिवार के घर पर सफेद पाउडर फेंक दिया। परिवार के लोगों ने इसका विरोध किया तो भीड़ ने हिंदू परिवार के बाकी घरों में पथराव किया।
पुलिस ने पीड़ित पंकज की तहरीर के आधार पर 4 लोग तालिब, जाहिद, सुलेमान और नूरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। ऑप इंडिया के पास इस FIR की कॉपी भी मौजूद है।

रायबरेली में मुस्लिम भीड़ ने की तोड़फोड़

उत्तर प्रदेश के रायबरेली के कुढ़ा गाँव में बिना अनुमति से निकाले गए मुहर्रम के जुलूस के दौरान जमकर विवाद हुआ था। जुलूस में शामिल लोगों ने आपत्तिजनक नारेबाजी की। लोगों ने विरोध किया तो मुस्लिम लोग उग्र हो गए और हिंसा शुरू कर दी।
उन्होंने लाठी-डंडों और हथियारों से हमला किया। उपद्रवियों ने 4 बाइक, एक ऑटो और एक ट्रैक्टर तोड़ डाले। पुलिस ने पूरे फाजिल गाँव निवासी साजिद अली, सोनू, फूलबाबू, अट्टू, अमरोज, शब्बीर समेत 150 लोगों के खिलाफ मारपीट, तोड़फोड़ करने समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है।

कोलकाता में सियालदह रेलवे स्टेशन पर खूनी संघर्ष

कोलकाता के सियालदह रेलवे स्टेशन पर मुहर्रम से पहले कई मुस्लिम युवक तलवारों से लैस होकर लोकल ट्रेन में चढ़ गए। उन्होंने हथियार लहराते हुए एक व्यक्ति को गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के वीडियो में व्यक्ति को खून से लथपथ देखा जा सकता है। वहीं, रेलवे स्टेशन पर भी जगह-जगह खून पड़ा दिखा।

महाराजगंज में बीजेपी नेता से मारपीट

यूपी के महाराजगंज में मुहर्रम के जुलूस के दौरान बीजेपी नेता शिवभूषण चौबे से मारपीट की गई। घर लौटते समय जुलूस की भीड़ ने उन्हें घेर लिया और गाली-गलौज कर हाथापाई की।
सूचना पर पहुँची पुलिस ने बीजेपी नेता को सुरक्षित निकाला और तीन लोगों को हिरासत में लिया है।

ये मुहर्रम का जुलुस था या जेहादियों का जमावड़ा? क्या Peace Committees हिन्दुओं को ही कटघरे में खड़ा करने के लिए हैं? जब जेहादी इतने हिंसक थे तो प्रशासन ने पुलिस को firing के आर्डर क्यों नहीं दिए?

मुहर्रम के जुलुस में जेहादियों ने मजहब के नाम पर साम्प्रदायिकता का नंगा नाच खेला, क्या यह पूर्व नियोजित था? क्योकि इतने बड़े स्तर पर साम्प्रदायिक दंगा अचानक नहीं हो सकता। ये इतने पत्थर और लाठियां कहाँ से आयीं? जेहादियों के साथ साथ मुहर्रम के आयोजकों पर भी कार्यवाही होनी चाहिए। कुछ भी हो मुहर्रम के इस दंगे ने एक बात आइने की तरह साफ कर दी है कि हिन्दू त्योहारों पर दंगा दंगाइयों के आकाओं द्वारा करवाया जाता है। अब राज्य और केन्द्र सरकारों को पाकिस्तान से ज्यादा देश में पल इन गद्दारों से सतर्क रहने की जरुरत है जो लकड़ी में दीमक का काम कर रहे हैं। पाकिस्तान से तो निपटा जा सकता है लेकिन पहले इनसे और इनके आकाओं से भी निपटना जरुरी है। इन जेहादियों ने आर्मी चीफ (स्व) विपिन रावत को सच साबित कर दिया कि "हमें दुश्मन से एक मोर्चे पर नहीं बल्कि ढाई मोर्चे पर लड़ने के लिए तैयार रहना चाहिए।"    
बिहार के कटिहार में 6 जुलाई 2025 की दोपहर मुहर्रम के जुलूस के दौरान कट्टरपंथियों ने नया टोला स्थित महावीर मंदिर पर पथराव करना शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों ने बताया कि वार्ड नंबर 34 और 35 से ताजिया जुलूस निकल रहा था। तभी अचानक मंदिर और वहाँ रह रहे लोगों पर कट्टरपंथियों ने हमला कर दिया।

ऑपइंडिया से बात करते हुए स्थानीय लोगों ने बताया कि मुहर्रम जुलूस शांति से निकाला जा रहा था, पर नया टोला में पहुँचते ही यह उग्र हो गया।

वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कट्टरपंथी महावीर मंदिर पर पत्थर फेंक रहे हैं। वे सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों और घरों पर भी पत्थर बरसा रहे हैं।


कुछ लोगों और पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई हैं। हिंसा सिर्फ नया टोला तक सीमित नहीं रही, यह पानी टंकी चौक, दौलत राम चौक और आजाद चौक जैसे अन्य इलाकों तक भी फैल गई।

कट्टरपंथियों के उपद्रव की अलग-अलग वीडियो

ये मुहर्रम जुलूस के नाम पर कट्टरपंथियों के जरिए हिंसा हो रही है। 3 अलग-अलग वीडियो है। एक वीडियो में स्थानीय लोगों ने अपने घर की बालकनी से पत्थरबाजी करते हुए रिकॉर्ड किया है, जिसमें ईंट के बड़े-बड़े टुकड़े लोगों पर और पुलिसकर्मियों पर फैंके जा रहे हैं।


दूसरी वीडियों में महावीर मंदिर के पास खड़े स्थानीय लोगों को कट्टरपंथी लाठी-डंडों से मारने के लिए दौड़े चले आ रहे हैं।

तीसरी वीडियो में देखा जा सकता है कि महावीर मंदिर के सामने कट्टरपंथी तोड़फोड़ कर रहे हैं। हाथों में लाठी-डंडे लिए हुए है। स्थानीय लोग अपने घरों से वीडियो रिकॉर्ड कर रहे हैं।

पुलिस की कार्रवाई और वर्तमान स्थिति

इस घटना पर पुलिस ने प्रतिक्रिया दी है। डीएम मनीष कुमार मीणा और एसपी वैभव कुमार शर्मा मौके पर पहुँचे। उन्होंने नगर वासियों से घरों में रहने और सोशल मीडिया पर अफवाहें न फैलाने की अपील की।

बिहार गृह सचिवालय ने एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा गया है कि गलत और भ्रामक खबरें फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। कटिहार शहर में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है।

पुलिस और प्रशासन ने हिंसा में शामिल लोगों पर कठोर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। वर्तमान माहौल तनावपूर्ण है पर पुलिस की भारी तैनाती के बाद स्थिति नियंत्रण में है।

पुलिसकर्मी समेत लोग घायल

कट्टरपंथियों के पथराव का शिकार वहाँ की पुलिसकर्मी और आम जनता हुई। इसमें कई पुलिसकर्मियों समेत 20 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद और एमएलसी अशोक अग्रवाल भी मौके पर पहुँचे।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस की ढीली व्यवस्था के कारण बवाल बढ़ा। डीएसपी और नगर विधायक इलाके में कैंप कर रहे हैं।

देशभर में मुहर्रम पर अन्य हिंसक घटनाएँ

देश के कई हिस्सों में 6 जुलाई 2025 को मुहर्रम के ताजिया जुलूसों के दौरान हिंसा और सांप्रदायिक तनाव की खबरें सामने आई हैं।
  • मध्य प्रदेश- उज्जैन में मुहर्रम जुलूस के दौरान खजूर वाली मस्जिद के पास हंगामा हुआ। उपद्रवियों ने बैरिकेड तोड़ दिए और प्रतिबंधित मार्ग पर घोड़ा ले जाने की जिद की। पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो हमला किया गया। इसमें दो पुलिसकर्मी घायल हुए। पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। जुलूस के आयोजक इरफान खान उर्फ लल्ला समते 15 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है।
  • राजस्थान- राजसमंद के कुंभलगढ़ किले में मुहर्रम जुलूस की अनुमति को लेकर पाँच दिनों से विवाद चल रहा है। हिंदू संगठनों और व्यापारियों ने 5 जुलाई 2025 को बाजार बंद कर विरोध प्रदर्शन किया।
  • उत्तर प्रदेश- रायबरेली में 4 जुलाई 2025 को कुढ़ा गाँव में बिना अनुमति निकाले गए मुहर्रम जुलूस के दौरान आपत्तिजनक नारेबाजी हुई। विरोध करने पर मुस्लिम लोग उग्र हो गए और लाठी-डंडों व हथियारों से हमला किया। 4 बाइक, एक ऑटो और एक ट्रैक्टर तोड़ दिए गए। 150 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
  • कुंडा- मुहर्रम से पहले शांति व्यवस्था के लिए पूर्व कैबिनेट मंत्री राजा भैया के पिता राजा उदय प्रताप सिंह समेत 13 लोगों को नजरबंद किया गया।
  • महाराजगंज- मुहर्रम जुलूस के दौरान बीजेपी नेता शिवभूषण चौबे से मारपीट की गई। पुलिस ने उन्हें सुरक्षित निकाला और तीन लोगों को हिरासत में लिया।
  • देवरिया– मुहर्रम जुलूस में एक कट्टरपंथी को फिलिस्तीन की टीशर्ट पहनने पर हिरासत में लिया गया। श्रीनगर में भी ऐसे ही झंडे दिखे थे।
  • आजमगढ़– भुजी गांव में मुहर्रम जुलूस के दौरान मुस्लिम युवक आपस में भिड़ गए, जिसमें 7 लोग घायल हुए। 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
  • कुशीनगर- गुलहरिया रेगुलेटर पर मुहर्रम जुलूस के दौरान एक प्राचीन शिव मंदिर के सामने इस्लामिक झंडा फहराया गया और भड़काऊ नारे लगाए गए, जिससे तनाव फैल गया। रामकोला में डीजे की आवाज को लेकर विवाद में एक बच्चा घायल हुआ।
  • बरेली– साहूकारा बाजार में ताजिया रखने को लेकर दो समुदायों के बीच तनाव हुआ। हिंदू व्यापारियों ने विरोध में बाजार बंद कर दिया।
  • बिहार- गोपालगंज माँझा थाना क्षेत्र में ताजिया मिलान के दौरान हिंसक झड़प और पत्थरबाजी हुई, जिसमें 6 से अधिक लोग घायल हुए।
  • भागलपुर में दो पक्षों में भिड़ंत हुई। इसमें 8 लोग घायल हुए। एक वीडियो में एक युवक फायरिंग करते देखा गया था।
  • वैशाली में दो अखाड़ों के बीच झड़प हुई। इसमें आजाद अखाड़ा और पगला अखाड़ा शामिल था।

पिछली घटनाएँ और उठते सवाल

कटिहार की इस घटना ने कई सवाल खड़े किए हैं। खासकर सांसद तारिक अनवर के कार्यकाल में ऐसी घटनाओं का होना चिंताजनक है। साल 2017 में भी मुहर्रम के समय ही दुर्गा पूजा के दौरान हिंसा हुई थी।
अब 8 साल बाद फिर से मुहर्रम पर यह घटना हुई है। 2017 की घटना के बाद हिंदू संगठनों ने त्योहारों पर कोई अनहोनी न हो, यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी ली थी। 2022 और 2025 में बजरंग दल ने हिंदू शोभायात्राओं के दौरान मस्जिद पर रंग गुलाल पड़ने से रोकने के लिए ह्यूमन चेन भी बनाई थी।

प्रशासन की सतर्कता और पीस कमेटी पर सवाल

इन सभी घटनाओं के बाद प्रशासन अलर्ट पर है। बिहार और यूपी में सख्त गाइडलाइंस जारी की गई हैं। बिना अनुमति जुलूस निकालने पर रोक है। भड़काऊ हरकतों पर सख्ती बरती जा रही है।
कई जिलों में ड्रोन और CCTV से निगरानी हो रही है। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। डीएम और एसपी ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक तनाव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
हैरानी की बात यह है कि इन सभी जगहों पर पीस कमेटियों (शांति समितियों) की बैठकें हुई थीं। लेकिन इसके बावजूद हिंसा का दौर नहीं थमा।
ऑपइंडिया ने अपने लेख में बताया था कि इन पीस कमेटियों की बैठकों का इस्तेमाल अक्सर हिंदुओं को कटघरे में खड़ा करने के लिए होता है। जबकि घटना को अंजाम हमेशा इस्लामी पक्ष देता है।

महाराष्ट्र में ईरान समर्थक बैनर

महाराष्ट्र के पुणे में लोनी खलबोर गाँव में मुहर्रम पर ईरान के नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और रुहोल्ला खुमैनी के ईरान के झंडे वाले बैनर लगाए गए।
बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों के विरोध के बाद पुलिस और नगर निगम ने बैनर हटाए। पुलिस ने बताया कि बैनर लगाने की कोई अनुमति नहीं ली गई थी।      साथ में हर्षवर्धन
                                                                                                                                   (साभार)

उत्तर प्रदेश : ‘हिंदुस्तान में रहना है, या हुसैन कहना है’ : अमेठी के मुसाफिरखाना में मुहर्रम पर हुई नारेबाजी का वीडियो वायरल; I.N.D.I. गठबंधन को वोट देने वाले जिम्मेदार हैं इस उपद्रव के लिए

                                                          अमेठी में मुहर्रम पर लगे नारे
जब से देश में I.N.D.I. गठबंधन को जनता ने खटखट 8500 रूपए हर महीने मिलने के लालच में इनको वोट दिया, सनातन और देश विरोधी ताकतें मुखरित होनी शुरू हो गयी हैं। गनीमत है ये गठबंधन सत्ता में नहीं आया, जो अंजाम होना था, उसके बीज अंकुरित होने शुरू हो चुके हैं। पता नहीं इन घटनाओं को देख इस गठबंधन को वोट देने की बंद अक्ल और आंखें खुल रही है या नहीं।  

उत्तर प्रदेश के अमेठी के मुसाफिरखाना थाना से हाल में एक वीडियो सामने आई है। ये वीडियो मुहर्रम के दिन की बताई जा रही है। इसमें कुछ मुस्लिम लड़के जोर-जोर से भड़काऊ नारेबाजी कर रहे हैं। वीडियो में मुस्लिम लड़कों को उछल-उछलकर कहते सुना जा सकता है- “हिंदुस्तान में रहना है या हुसैन कहना है।”

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पता चला है कि मुसाफिरखाना कोतवाली क्षेत्र में रविवार (14 जुलाई 2024) देर शाम मुहर्रम का जुलूस निकाला जा रहा था, जिसमें युवकों के झुंड में शामिल लड़कों ने ऐसे नारे लगाने शुरू कर दिए। बाद में वीडियो वायरल हुई और लोगों ने इस मुद्दे को उठाया। इसके बाद पुलिस ने इस पर संज्ञान लिया।

वीडियो को शेयर करते हुए स्वराज्य की वरिष्ठ पत्रकार स्वाति गोयल शर्मा ने अपने एक्स पर कहा कि ये वीडियो उत्तर प्रदेश के अमेठी की है। इसी समुदाय के लोग और नेता बाद में कहते हैं कि इनके मजहब के लोगों को सताया जा रहा है वो डर में जी रहे है और नरसंहार का सामना कर रहे हैं।

इस वीडियो के वायरल होने के बाद अमेठी पुलिस ने भी अपनी कार्रवाई की। उन्होंने वीडियो में शामिल युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। साथ ही उनके ऊपर सुसंगत धाराओं में अभियोग भी पंजीकृत किया गया है। आगे की कार्रवाई जाँच के बाद होगी।

वायरल वीडियो के बाद अमेठी के संत समाज में भी नाराजगी है। न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक सागरा आश्रम पीठाधीश्वर मौनी महाराज ने वायरल वीडियो पर आपत्ति जताते हुए मुख्यमंत्री व पुलिस अधीक्षक से मामले में कार्रवाई की गुहार लगाई है और कहाँ है कि ऐसे लोगों पर सख्त से सख्त कार्रवाई हो जिससे भविष्य में इस तरह का माहौल न बन पाए।

झारखंड : ‘मुहर्रम पर तिरंगे का अपमान, अशोक चक्र गायब, तलवार के साथ उर्दू के शब्द’: BJP नेता ने शेयर किया फोटो

                          मुहर्रम के दौरान राष्ट्रीय ध्वज में अशोक चक्र के बजाय कलमा लिखा (चित्र साभार- थर्ड आई न्यूज़)
मुहर्रम में झारखंड के पलामू से राष्ट्रीय ध्वज से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। आरोप है कि मुहर्रम के जुलूस के दौरान तिरंगे में अशोक चक्र के बदले उर्दू में कुछ लिख कर उसमें तलवार का चित्र छाप दिया गया। कुछ ही समय में ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं। आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की माँग की जा रही है। पुलिस ने इस मामले में जाँच करवाकर कार्रवाई की बात कही है। मामला शुक्रवार (28 जुलाई 2023) का है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला पलामू जिले के थानाक्षेत्र चैनपुर का है। यहाँ डालटनगंज कल्याणपुर इलाके में कंकरी मार्ग पर शुक्रवार को मुहर्रम का जुलूस निकला था। इस जुलूस में बज रहे DJ के साथ चल रहे कुछ लोगों के हाथ में तिरंगा जैसे झंडे भी थे। इस झंडे में बाकी सब कुछ राष्ट्रध्वज की तरह था लेकिन बीच में अशोक चक्र गायब था। अशोक चक्र की जगह उर्दू में कुछ शब्द लिखे हुए थे और उसके नीचे तलवार का चित्र बना हुआ था। आस-पास के लोगों ने इस तिरंगे की फोटो खींच ली।

कुछ ही देर में यह फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। ऑपइंडिया से बातचीत के दौरान एक इस्लामी जानकर मोहम्मद मौसूफ़ ने बताया कि झंडे के बीच में मुस्लिमों का कलमा तैय्यब लिखा हुआ है। इसको ‘ला इलाहा इलल्लाहु मुहम्मदुर्रसूलुल्लाहि’ के तौर पर पढ़ते हैं। इसका हिंदी में अर्थ, “अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं और हज़रत मुहम्मद सलल्लाहो अलैहि वसल्लम अल्लाह के रसूल हैं” होता है।

झारखंड भाजपा नेता दीपक प्रकाश ने इस घटना पर नाराजगी जताई। 28 जुलाई को उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, “पलामू जिले में मुहर्रम जुलूस में राष्ट्रध्वज के साथ छेड़छाड़ का मामला अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है, तिरंगा झंडा में अशोक चक्र हटाकर उर्दू शब्द लिखना संविधान के खिलाफ है और हमारे राष्ट्रध्वज तिरंगे का अपमान। आखिर हेमंत राज में ऐसी देश विरोधी ताकतें कैसे मजबूत हो रही हैं?” झारखंड भाजपा के एक अन्य नेता ने इसे तुष्टिकरण की राजनीति का खतरनाक खेल बताया।

इस घटना पर पलामू के एडिशनल एसपी ऋषभ गर्ग ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस टीम भेज कर जाँच करवाई गई थी लेकिन कोई ख़ास जानकारी नहीं मिल पाई। साथ ही उन्होंने फोटो के पूरी तरह से क्लियर न होने की भी जानकारी दी। एडिशनल एसपी का कहना है कि मामले की जाँच करवाई जा रही है और सबूत पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उत्तर प्रदेश : कानपुर में इस बार नहीं निकलेगा मुहर्रम का पाइकी जुलूस

(प्रतीकात्मक तस्वीर) (फोटो साभार: फैब होटेल्स)
उत्तर प्रदेश के कानपुर में 3 जून को नूपुर शर्मा के कथित बयान के विरोध में जुमे की नमाज के बाद पथराव किया गया था। अब अचानक से शहर के मुस्लिम संगठनों ने इस साल मुहर्रम के दौरान पाइकी जुलूस नहीं निकालने का फैसला किया है, क्योंकि उन्हें जुलूस के दौरान हालात बिगड़ने का डर है। माना जा रहा है कि वे शहर में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर ‘चिंतित’ हैं।

जुलुस न निकाले जाने के पीछे और भी कई कारण बताए जा रहे हैं। सिर्फ नूपुर ही नहीं, और भी वजह हैं, जैसे जगह-जगह रामनवमी जुलुस पर पथराव, कांवर यात्रा में रुकावट डालना, हिन्दू नव वर्ष पर पथराव, फिर नूपुर के समर्थन में हिन्दू के बाहर आने का भी डर सताने लगा है आदि आदि। इसका सारा दोष आम मुसलमान मुस्लिम कट्टरवाद और इसको उकसाने वाली पार्टियों पर डाल रहे हैं। जिस कारण मुसलमान को केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं पूरे भारत में बदनामी झेलनी पड़ रही है। 

कोरोना महामारी के कारण बीते दो वर्षों को छोड़कर पिछले 225 सालों से लगातार ये जुलूस निर्बाध रूप से निकाले जाते रहे हैं। इस साल से इसके एक बार फिर से शुरू होने की संभावना थी, लेकिन अब एक बार फिर से इस पर रोक लग गई है। बता दें कि पाइकी जुलूस शहर में मुहर्रम के बड़े जुलूसों में से एक माना जाता है।

पाइकी वे लोग हैं, जो कि काले ‘कुर्ता-पायजामा’ पहने हुए रहते हैं। इनकी पीठ और कंधों पर रस्सियों के साथ घंटियाँ बंधी होती हैं। ये मुहर्रम के जुलूस के साथ इमामबाड़ा, कर्बला और इमाम चौक पर जाते हैं, ‘हाँ हुसैन, या हुसैन’ का नारा लगाते हैं।

तंज़ीम निशान-ए-पाइक कासीद-ए-हुसैन के खलीफा शकील और तंज़ीम-अल-पाइक कासिद-ए-हुसैन के लोग अच्छे मुस्लिमों से चंदा लेकर हर साल जुलूस निकालते रहे हैं। इस बार के जुलूस को लेकर जुलूस के वर्तमान प्रभारी कफील कुरैशी ने कहा कि इस साल मुहर्रम के मौके पर पाइकी जुलूस नहीं निकाला जाएगा। उन्होंने कहा, “शहर के माहौल को ध्यान में रखते हुए इस साल पाइकी जुलूस नहीं निकालने का फैसला किया गया है। हमने लोगों से इस मोहर्रम में अपने घरों में नमाज अदा करने और शहर में अमन बनाए रखने में मदद करने की अपील की है।”

खलीफा ने भी लिया ऐसा ही फैसला

कानपुर शहर के खलीफा शकील ने भी शहर की सख्त कानून व्यवस्था को देखते हुए इस साल पाइकी जुलूस नहीं निकालने की बात कही है। खलीफा ने कहा, “इस साल पाइकी का जुलूस नहीं निकाला जाएगा। प्रशासन को इस बारे में अवगत करा दिया गया है। यह निर्णय 3 जून की हिंसा के बाद शहर के माहौल को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। हमने लोगों से इस तरह के किसी भी काम में शामिल नहीं होने के लिए कहा है।”