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गृह मंत्री अमित शाह जी पत्थरबाजों पर blind firing कब? कहीं किया पथराव तो कहीं तोड़ीं मूर्तियाँ, सरस्वती पूजा पर भी इस्लामी कट्टरपंथियों ने मचाया बवाल

   24 जनवरी को झारखंड के हजारीबाग में एक मुस्लिम भीड़ ने सरस्वती पूजा विसर्जन जुलूस पर पथराव किया। (साभार)
हिन्दू त्योहारों पर पत्थरबाज़ी करने वालों पर blind firing कब करोगो, गृह मंत्री अमित शाह जी? आखिर हिन्दू पुलिस के साये में कब तक अपने त्यौहार मनाएगा? बर्दाश्त की भी एक सीमा होती है।     
ज्ञान और बुद्धि की देवी माँ सरस्वती को समर्पित बसंत पंचमी का पर्व पूरे देश में हिंदुओं द्वारा श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। देश में हिंदू त्योहारों के जश्न को बिगाड़ना अब एक घृणित और नियोजित ट्रेंड बन चुका है। राम नवमी, हनुमान जयंती और अन्य त्योहारों के दौरान विघ्न डालने की प्रवृत्ति इस साल बसंत पंचमी पर भी दिखी। देश के कई हिस्सों में हिंदू विरोधी तत्वों ने सरस्वती पूजा में व्यवधान डालने की कोशिश की। पूजा के दौरान और विसर्जन के समय उत्सव को निशाना बनाकर हमला और तोड़फोड़ की कई घटनाएँ दर्ज की गईं।

झारखंड: हजारीबाग में माँ सरस्वती की शोभायात्रा पर कट्टरपंथियों ने किया पथराव

झारखंड के हजारीबाग में शनिवार (24 जनवरी 2026) को एक मुस्लिम भीड़ ने सरस्वती पूजा विसर्जन के लिए निकाली जा रही शोभायात्रा पर पथराव किया। केरेदरी प्रखंड के बेल्टू गाँव में मूर्ति विसर्जन के लिए जुलूस निकाला जा रहा था। अचानक, मुस्लिम भीड़ ने हिंदू जुलूस पर पथराव शुरू कर दिया। इसके जवाब में जुलूस में शामिल कुछ लोगों ने भी पलटवार किया।

विवाद जुलूस में बज रहे संगीत के कारण शुरू हुआ। मुस्लिम पक्ष को अचानक गीत आपत्तिजनक लगने लगे और थोड़ी ही देर में मामला हिंसा में बदल गया। मुस्लिम कट्टरपंथियों ने हिंदुओं पर पथराव किया, जिससे कई लोग घायल हो गए।

हजारीबाग वर्षों से हिंदुओं के खिलाफ इस्लामी हिंसा का केंद्र रहा है। राम नवमी, हनुमान जयंती, होली जैसी अवसरों पर मुसलमान अक्सर मामूली बहानों जैसे संगीत बजना या भगवा झंडा के हवाले से हिंदुओं पर हमले करते रहे हैं। 2020 में भी हजारीबाग के लखे सुंडी बस्ती में मुस्लिम भीड़ ने सरस्वती पूजा विसर्जन जुलूस पर पथराव किया, कई वाहन तोड़े और 4-5 लोग घायल हुए थे। आज भी हिंदुओं के त्योहारों पर इसी तरह का तरीका अपनाया जा रहा है।

असम: डिब्रूगढ़ में सरस्वती की मूर्ति तोड़ी गई

शनिवार (24 जनवरी 2026) को पूजा के दिन माँ सरस्वती की मूर्ति को अज्ञात व्यक्तियों ने तोड़ दिया। अब तक इस घटना के पीछे कौन लोग हैं, इसकी कोई जानकारी नहीं मिली है। स्थानीय हिंदुओं ने दोषियों की पहचान कर उन्हें सजा देने की माँग की है।

त्रिपुरा: कैलाशहर में सरस्वती पूजा के दौरान मुसलमानों ने अशांति फैलाई

त्रिपुरा के कैलाशहार में सरस्वती पूजा के दौरान तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब कथित तौर पर लगभग 16 मुस्लिम युवाओं ने दरांती और डंडों से हिंदू जुलूस में तोड़ने का प्रयास किया। यह झड़पें कतल डिघीरपुर क्षेत्र में हुईं।

भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रीतम घोष ने कहा कि लगभग 16 मुस्लिम युवाओं ने दरांती और डंडों से हिंदुओं पर हमला कर सरस्वती पूजा में विघटन करने का प्रयास किया। घोष ने कहा, “सूचना मिलते ही जब हम मौके पर पहुँचे, उन्होंने हमारे ऊपर बेतहाशा हमला कर दिया। स्थिति और हिंसक हो गई। ये शरारती तत्व बांग्लादेश जैसी खतरनाक स्थिति दोहराने की कोशिश कर रहे हैं। हमें ऐसे ताकतों के खिलाफ एकजुट होकर लड़ना होगा।”

हमले में प्रीतम घोष घायल हुए, वहीं भाजपा युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष अरूप धर का घर भी तोड़ा गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, कतल डिघीरपुर में भाजपा का दफ्तर भी आग के हवाले कर दिया गया। पुलिस बलों को स्थिति पर काबू पाने के लिए तैनात किया गया।

पश्चिम बंगाल: TMC की अंदरूनी लड़ाई ने उत्तर 24 परगना जिले में सरस्वती पूजा में खलल डाला

शुक्रवार (23 जनवरी) को पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के कामरहाटी शहर में तृणमूल कांग्रेस(TMC) के आंतरिक संघर्ष के कारण सरस्वती पूजा में बाधा उत्पन्न हो गई। सूत्रों के अनुसार, बेलघाड़िया सर्वजनिन श्री श्री दुर्गा चौक सोसाइटी मंदिर को TMC के एक गुट ने बंद कर दिया है।
इसके कारण स्थानीय हिंदू महिलाएँ माँ सरस्वती की पूजा नहीं कर पा रही हैं। स्थानीय पुलिस ने तब तक हस्तक्षेप करने या ताला हटाने से इनकार कर दिया है, जब तक TMC के विवादित गुटों के बीच किसी प्रकार का समझौता नहीं हो जाता।

TMC नेता ने ममता बनर्जी के स्कूल में सरस्वती पूजा न करने के लिए स्टूडेंट्स को धमकाया

साउथ कोलकाता के सरकारी समर्थित जोगेश चंद्र चौधरी कॉलेज में पढ़ाई कर रही एक महिला छात्रा ने बताया कि उन्हें तृणमूल कांग्रेस(TMC) के एक नेता ने सरस्वती पूजा आयोजित करने के खिलाफ धमकी दी।
पीड़िता के अनुसार, TMC नेता का नाम दाऊद आलम मोल्ला बताया गया। छात्रा ने एक वायरल वीडियो में कहा,”दाऊद आलम मोल्ला बाहर खड़ा है। उसने मुझे धमकी दी कि वह मेरी LLM को बर्बाद कर देगा।” संयोगवश, जोगेश चंद्र चौधरी लॉ कॉलेज से ही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और TMC सुप्रीमो ममता बनर्जी ने पढ़ाई की है।

TMC गुटों के बीच अंदरूनी लड़ाई के कारण कूचबिहार में सरस्वती पूजा समारोह रोका गया

पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले के दिनहाटा कॉलेज में शुक्रवार (23 जनवरी) को सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस(TMC) के दो गुटों के बीच आपसी झड़प के बाद सरस्वती पूजा मंडप को छोड़ना पड़ा।
स्थिति बिगड़ने पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को बुलाया गया। मामले की जानकारी मिलते ही दिनहाटा थाने के प्रभारी और SDPO कॉलेज परिसर पहुँचे। सरस्वती पूजा में शामिल होने आए हिंदू श्रद्धालुओं को अपनी सुरक्षा के लिए वहाँ से भागने पर मजबूर होना पड़ा। मौके से सामने आई तस्वीरों में दिखा कि सत्तारूढ़ TMC के गुंडों ने कॉलेज परिसर को युद्ध के मैदान में बदल दिया।

हिंदू स्टूडेंट्स को स्कूल कैंपस में सरस्वती पूजा करने की इजाज़त नहीं है क्योंकि 50% से ज्यादा स्टूडेंट्स मुस्लिम हैं

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के बारासात शहर से एक अन्य घटना सामने आई, जहाँ हिंदू छात्रों को स्कूल परिसर के भीतर सरस्वती पूजा आयोजित करने की अनुमति नहीं दी गई।
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह अनुमति इसलिए रोकी गई क्योंकि संबंधित स्कूल में 50% से अधिक छात्र मुस्लिम समुदाय से हैं। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में पुलिसकर्मियों को छात्रों को देवी सरस्वती की पूजा करने से रोकते हुए देखा गया। बाद में हिंदू छात्रों को स्कूल परिसर के बाहर फुटपाथ पर सरस्वती पूजा आयोजित करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
इस दौरान प्रदीप चटर्जी नामक एक व्यक्ति को यह कहते हुए सुना गया, “हमें बताया गया कि इस स्कूल में हिंदू अल्पसंख्यक हैं, इसलिए यहाँ पूजा नहीं हो सकती… पश्चिम बंगाल में रहने वाले हिंदुओं की स्थिति और बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति में कोई फर्क नहीं रह गया है।”
उन्होंने आगे कहा कि यदि 50 प्रतिशत मुस्लिम छात्रों वाला तर्क पूरे देश में लागू किया जाए, तो कल हिंदू यह दावा कर सकते हैं कि देश में उनकी आबादी 50 प्रतिशत से अधिक है और ऐसे में नमाज की अनुमति भी नहीं दी जानी चाहिए।

झारखंड: लोहरदगा में सरस्वती पूजा जुलूस को लेकर मुसलमानों ने हिंदुओं पर हमला किया

झारखंड के लोहरदगा जिले में रविवार (25 जनवरी 2026) को सरस्वती पूजा जुलूस के दौरान हिंदुओं पर मुस्लिम भीड़ ने हमला किया। यह घटना लोहरदगा के कूडू थाना क्षेत्र अंतर्गत बारिडीह गाँव में सरस्वती पूजा विसर्जन के समय हुई। हिंदू श्रद्धालु गाँव से होकर माँ सरस्वती की झाँकी निकाल रहे थे, तभी मूर्ति ले जा रही गाड़ी एक मुस्लिम के घर की छत से हल्की सी टकरा गई।
इसके बाद मुस्लिम परिवार और उनके साथियों ने इकट्ठा होकर गाड़ी के ड्राइवर के साथ मारपीट की। सुबह तक मामला पूरी तरह हिंसक हो गया और मुस्लिम भीड़ ने हिंदुओं तथा उनके घरों पर हमला कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही कूडू थाना की पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (BSF) की बाइक दस्ता मौके पर पहुँचा और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
                                                                                                                             फोटो – आज तक
हमले में तीन लोग घायल हुए हैं, जिनका स्थानीय अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस ने स्थिति पर काबू कर लिया है।

ये मुहर्रम का जुलुस था या जेहादियों का जमावड़ा? क्या Peace Committees हिन्दुओं को ही कटघरे में खड़ा करने के लिए हैं? जब जेहादी इतने हिंसक थे तो प्रशासन ने पुलिस को firing के आर्डर क्यों नहीं दिए?

मुहर्रम के जुलुस में जेहादियों ने मजहब के नाम पर साम्प्रदायिकता का नंगा नाच खेला, क्या यह पूर्व नियोजित था? क्योकि इतने बड़े स्तर पर साम्प्रदायिक दंगा अचानक नहीं हो सकता। ये इतने पत्थर और लाठियां कहाँ से आयीं? जेहादियों के साथ साथ मुहर्रम के आयोजकों पर भी कार्यवाही होनी चाहिए। कुछ भी हो मुहर्रम के इस दंगे ने एक बात आइने की तरह साफ कर दी है कि हिन्दू त्योहारों पर दंगा दंगाइयों के आकाओं द्वारा करवाया जाता है। अब राज्य और केन्द्र सरकारों को पाकिस्तान से ज्यादा देश में पल इन गद्दारों से सतर्क रहने की जरुरत है जो लकड़ी में दीमक का काम कर रहे हैं। पाकिस्तान से तो निपटा जा सकता है लेकिन पहले इनसे और इनके आकाओं से भी निपटना जरुरी है। इन जेहादियों ने आर्मी चीफ (स्व) विपिन रावत को सच साबित कर दिया कि "हमें दुश्मन से एक मोर्चे पर नहीं बल्कि ढाई मोर्चे पर लड़ने के लिए तैयार रहना चाहिए।"    
बिहार के कटिहार में 6 जुलाई 2025 की दोपहर मुहर्रम के जुलूस के दौरान कट्टरपंथियों ने नया टोला स्थित महावीर मंदिर पर पथराव करना शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों ने बताया कि वार्ड नंबर 34 और 35 से ताजिया जुलूस निकल रहा था। तभी अचानक मंदिर और वहाँ रह रहे लोगों पर कट्टरपंथियों ने हमला कर दिया।

ऑपइंडिया से बात करते हुए स्थानीय लोगों ने बताया कि मुहर्रम जुलूस शांति से निकाला जा रहा था, पर नया टोला में पहुँचते ही यह उग्र हो गया।

वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कट्टरपंथी महावीर मंदिर पर पत्थर फेंक रहे हैं। वे सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों और घरों पर भी पत्थर बरसा रहे हैं।


कुछ लोगों और पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई हैं। हिंसा सिर्फ नया टोला तक सीमित नहीं रही, यह पानी टंकी चौक, दौलत राम चौक और आजाद चौक जैसे अन्य इलाकों तक भी फैल गई।

कट्टरपंथियों के उपद्रव की अलग-अलग वीडियो

ये मुहर्रम जुलूस के नाम पर कट्टरपंथियों के जरिए हिंसा हो रही है। 3 अलग-अलग वीडियो है। एक वीडियो में स्थानीय लोगों ने अपने घर की बालकनी से पत्थरबाजी करते हुए रिकॉर्ड किया है, जिसमें ईंट के बड़े-बड़े टुकड़े लोगों पर और पुलिसकर्मियों पर फैंके जा रहे हैं।


दूसरी वीडियों में महावीर मंदिर के पास खड़े स्थानीय लोगों को कट्टरपंथी लाठी-डंडों से मारने के लिए दौड़े चले आ रहे हैं।

तीसरी वीडियो में देखा जा सकता है कि महावीर मंदिर के सामने कट्टरपंथी तोड़फोड़ कर रहे हैं। हाथों में लाठी-डंडे लिए हुए है। स्थानीय लोग अपने घरों से वीडियो रिकॉर्ड कर रहे हैं।

पुलिस की कार्रवाई और वर्तमान स्थिति

इस घटना पर पुलिस ने प्रतिक्रिया दी है। डीएम मनीष कुमार मीणा और एसपी वैभव कुमार शर्मा मौके पर पहुँचे। उन्होंने नगर वासियों से घरों में रहने और सोशल मीडिया पर अफवाहें न फैलाने की अपील की।

बिहार गृह सचिवालय ने एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा गया है कि गलत और भ्रामक खबरें फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। कटिहार शहर में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है।

पुलिस और प्रशासन ने हिंसा में शामिल लोगों पर कठोर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। वर्तमान माहौल तनावपूर्ण है पर पुलिस की भारी तैनाती के बाद स्थिति नियंत्रण में है।

पुलिसकर्मी समेत लोग घायल

कट्टरपंथियों के पथराव का शिकार वहाँ की पुलिसकर्मी और आम जनता हुई। इसमें कई पुलिसकर्मियों समेत 20 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद और एमएलसी अशोक अग्रवाल भी मौके पर पहुँचे।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस की ढीली व्यवस्था के कारण बवाल बढ़ा। डीएसपी और नगर विधायक इलाके में कैंप कर रहे हैं।

देशभर में मुहर्रम पर अन्य हिंसक घटनाएँ

देश के कई हिस्सों में 6 जुलाई 2025 को मुहर्रम के ताजिया जुलूसों के दौरान हिंसा और सांप्रदायिक तनाव की खबरें सामने आई हैं।
  • मध्य प्रदेश- उज्जैन में मुहर्रम जुलूस के दौरान खजूर वाली मस्जिद के पास हंगामा हुआ। उपद्रवियों ने बैरिकेड तोड़ दिए और प्रतिबंधित मार्ग पर घोड़ा ले जाने की जिद की। पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो हमला किया गया। इसमें दो पुलिसकर्मी घायल हुए। पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। जुलूस के आयोजक इरफान खान उर्फ लल्ला समते 15 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है।
  • राजस्थान- राजसमंद के कुंभलगढ़ किले में मुहर्रम जुलूस की अनुमति को लेकर पाँच दिनों से विवाद चल रहा है। हिंदू संगठनों और व्यापारियों ने 5 जुलाई 2025 को बाजार बंद कर विरोध प्रदर्शन किया।
  • उत्तर प्रदेश- रायबरेली में 4 जुलाई 2025 को कुढ़ा गाँव में बिना अनुमति निकाले गए मुहर्रम जुलूस के दौरान आपत्तिजनक नारेबाजी हुई। विरोध करने पर मुस्लिम लोग उग्र हो गए और लाठी-डंडों व हथियारों से हमला किया। 4 बाइक, एक ऑटो और एक ट्रैक्टर तोड़ दिए गए। 150 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
  • कुंडा- मुहर्रम से पहले शांति व्यवस्था के लिए पूर्व कैबिनेट मंत्री राजा भैया के पिता राजा उदय प्रताप सिंह समेत 13 लोगों को नजरबंद किया गया।
  • महाराजगंज- मुहर्रम जुलूस के दौरान बीजेपी नेता शिवभूषण चौबे से मारपीट की गई। पुलिस ने उन्हें सुरक्षित निकाला और तीन लोगों को हिरासत में लिया।
  • देवरिया– मुहर्रम जुलूस में एक कट्टरपंथी को फिलिस्तीन की टीशर्ट पहनने पर हिरासत में लिया गया। श्रीनगर में भी ऐसे ही झंडे दिखे थे।
  • आजमगढ़– भुजी गांव में मुहर्रम जुलूस के दौरान मुस्लिम युवक आपस में भिड़ गए, जिसमें 7 लोग घायल हुए। 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
  • कुशीनगर- गुलहरिया रेगुलेटर पर मुहर्रम जुलूस के दौरान एक प्राचीन शिव मंदिर के सामने इस्लामिक झंडा फहराया गया और भड़काऊ नारे लगाए गए, जिससे तनाव फैल गया। रामकोला में डीजे की आवाज को लेकर विवाद में एक बच्चा घायल हुआ।
  • बरेली– साहूकारा बाजार में ताजिया रखने को लेकर दो समुदायों के बीच तनाव हुआ। हिंदू व्यापारियों ने विरोध में बाजार बंद कर दिया।
  • बिहार- गोपालगंज माँझा थाना क्षेत्र में ताजिया मिलान के दौरान हिंसक झड़प और पत्थरबाजी हुई, जिसमें 6 से अधिक लोग घायल हुए।
  • भागलपुर में दो पक्षों में भिड़ंत हुई। इसमें 8 लोग घायल हुए। एक वीडियो में एक युवक फायरिंग करते देखा गया था।
  • वैशाली में दो अखाड़ों के बीच झड़प हुई। इसमें आजाद अखाड़ा और पगला अखाड़ा शामिल था।

पिछली घटनाएँ और उठते सवाल

कटिहार की इस घटना ने कई सवाल खड़े किए हैं। खासकर सांसद तारिक अनवर के कार्यकाल में ऐसी घटनाओं का होना चिंताजनक है। साल 2017 में भी मुहर्रम के समय ही दुर्गा पूजा के दौरान हिंसा हुई थी।
अब 8 साल बाद फिर से मुहर्रम पर यह घटना हुई है। 2017 की घटना के बाद हिंदू संगठनों ने त्योहारों पर कोई अनहोनी न हो, यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी ली थी। 2022 और 2025 में बजरंग दल ने हिंदू शोभायात्राओं के दौरान मस्जिद पर रंग गुलाल पड़ने से रोकने के लिए ह्यूमन चेन भी बनाई थी।

प्रशासन की सतर्कता और पीस कमेटी पर सवाल

इन सभी घटनाओं के बाद प्रशासन अलर्ट पर है। बिहार और यूपी में सख्त गाइडलाइंस जारी की गई हैं। बिना अनुमति जुलूस निकालने पर रोक है। भड़काऊ हरकतों पर सख्ती बरती जा रही है।
कई जिलों में ड्रोन और CCTV से निगरानी हो रही है। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। डीएम और एसपी ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक तनाव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
हैरानी की बात यह है कि इन सभी जगहों पर पीस कमेटियों (शांति समितियों) की बैठकें हुई थीं। लेकिन इसके बावजूद हिंसा का दौर नहीं थमा।
ऑपइंडिया ने अपने लेख में बताया था कि इन पीस कमेटियों की बैठकों का इस्तेमाल अक्सर हिंदुओं को कटघरे में खड़ा करने के लिए होता है। जबकि घटना को अंजाम हमेशा इस्लामी पक्ष देता है।

महाराष्ट्र में ईरान समर्थक बैनर

महाराष्ट्र के पुणे में लोनी खलबोर गाँव में मुहर्रम पर ईरान के नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और रुहोल्ला खुमैनी के ईरान के झंडे वाले बैनर लगाए गए।
बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों के विरोध के बाद पुलिस और नगर निगम ने बैनर हटाए। पुलिस ने बताया कि बैनर लगाने की कोई अनुमति नहीं ली गई थी।      साथ में हर्षवर्धन
                                                                                                                                   (साभार)

मध्य प्रदेश : चैंपियंस ट्रॉफी में भारत की जीत का जश्न मना रहे लोगों पर अल्लाह-हू-अकबर और नारा-ए-तकबीर चिल्लाती भीड़ ने कर दिया हमला: महू में आगजनी-पत्थरबाजी के बाद बुलानी पड़ी सेना; जेहादियों के आकाओं को भी गिरफ्तार करो

                                         इंदौर में कई जगह आगजनी भी हुई (साभार: Nai Dunia)
मध्य प्रदेश के इंदौर में चैंपियंस ट्रॉफी का जश्न मनाते लोगों पर मस्जिद से निकली मुस्लिम भीड़ ने हमला कर दिया। रमजान में मस्जिद में मौजूद लोगों ने चैंपियंस ट्रॉफी का जश्न मनाने वालों पर पथराव किया। इंदौर के कुछ इलाकों में कई गाड़ियों में आग लगाई गई। इस घटना के कई वीडियो भी वायरल हुए हैं।

जेहादियों को भटका, गरीब और नादान बताने वाले हिन्दू विरोधी छद्दम सेक्युलरिस्ट्स कहाँ है? इन पाखंडियों से पूछो भारत की जीत का जश्न भारत में नहीं मनेगा फिर कहाँ मनेगा? इन भटके, गरीब और नादान लोगों के पास पेट्रोल बम के लिए पेट्रोल के पैसे किसने दिए? पत्थर किसने सप्लाई किये और पत्थरबाज़ी के पैसे किसने दिए? जब तक इनके आकाओं को नहीं गिरफ्तार जेलों में डाला जाएगा जेहादी काबू में नहीं आएंगे। और अगर कोई कोर्ट इनकी गिरफ़्तारी पर प्रश्नचिन्ह लगा जेल से बाहर करती है उन जजों से उसी वक़्त पूछा जाए कि जब इसी तरह की पत्थरबाज़ी और पेट्रोल बमों का इस्तेमाल होने की स्थिति में क्या निर्णय लोगे? जब तक तमाम अदालतें इन जेहादियों और इनके आकाओं के साथ सख्ती से पेश नहीं आएँगी हिंसा रुकेगी नहीं।         

रविवार(9 मार्च, 2025) को भारत ने न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हरा चैंपियंस ट्रॉफी जीत ली थी। इसके बाद पूरे देश में जश्न का माहौल था। इंदौर में भी युवा इसका जश्न मना रहे थे। उन्होंने बाइक पर बैठ कर इंदौर के अलग-अलग इलाकों में जुलूस निकाला।

जब यह सभी इंदौर के महू शहर में जामा मस्जिद रोड पर पहुँचे तो मस्जिद के सामने विवाद हो गया। एक वायरल वीडियो में दिखता है कि जुलूस के यहाँ पहुँचते ही मस्जिद से मुस्लिम भीड़ निकल आती है। इसके बाद शोर मचने लगता है। इस दौरान जुलूस में शामिल लोग टीम की जीत पर नारे लगा रहे होते हैं।

कुछ ही देर में यहाँ जुलूस पर हमला हो जाता है। वायरल वीडियो में अल्लाह-हू-अकबर और नारा-ए-तकबीर के शोर भी सुनाई पड़ते हैं। इसके बाद लोग इधर उधर भागते हैं और पथराव होने लगता है। एक और वीडियो में दिखाई पड़ता है कि अल्लाह-हू-अकबर के नारे लगाती भीड़ एक स्कूटी तोड़ रही है।

इसके बाद यह पथराव जामा मस्जिद के अलावा पत्ती बाजार, सब्जी मार्केट, गफ्फार होटल समेत कई इलाके हिंसा की चपेट में आ गए। यहाँ भारतीय क्रिकेट टीम के फैन्स पर जम कर पथराव हुआ। इस पथराव के बाद दंगाई भीड़ ने कई गाड़ियों में आग भी लगा दी।

पेट्रोल बम भी चलाए जाने की सूचना है। दंगाई भीड़ ने कई जगह काफी गाड़ियाँ तोड़ी भी हैं। पथराव-आगजनी के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं। दंगे की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुँची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस के साथ ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियाँ भी शहर में अलग-अलग जगह भेजी गईं।

इंदौर ग्रामीण एसपी हितिका वत्सल ने इस घटना के बारे में कहा, “इंडिया न्यूजीलैंड मैच के बाद जुलूस निकल रहे थे, इसमें मस्जिद के बाहर पटाखे चले तो विवाद हो गया। इसके बाद दो पक्षों के बीच पथराव हो गया। पुलिस बल अब मौजूद है। स्थिति नियंत्रण में है। अभी कुछ लोगों को चिन्हित किया गया है। रात को ही उनको पकड़ा गया है।”

एसपी ने अपील की कि लोग अफवाह ना फैलाएँ और उन पर विश्वास भी करें। एसपी वत्सल के अनुसार, 3 लोग इस पथराव में घायल हुए हैं। पुलिस ने घटना के बाद महू में लाठीचार्ज भी किया है। 300 से अधिक पुलिसवाले यहाँ तैनात किए गए हैं।

महू, भारतीय सेना का भी एक प्रमुख केंद्र है। इसके चलते प्रशासन ने सेना की भी त्वरित कार्यवाही बल (QRT) की 8 टुकडियां भी बुला लीं। सेना ने भी शहर में फ्लैग मार्च किया। पथराव करने वालों कड़ी कार्रवाई की माँग कई संगठनों ने की है।