Showing posts with label #threatened. Show all posts
Showing posts with label #threatened. Show all posts

उत्तर प्रदेश चुनाव 2027 : ममता की तरह धमकाने पर उतरे अखिलेश यादव, कहा- सरकार बनी तो करेंगे सख्त कार्रवाई: एनकाउंटर्स को बताया फर्जी

जिस तरह बंगाल में ममता बनर्जी मुसलमानों का डर दिखाकर हिन्दुओं को धमका रही थी, ठीक उसी रास्ते पर अखिलेश यादव चल निकले हैं। योगी आदित्यनाथ से पहले उत्तर प्रदेश में जो जंगल राज था उसी की वापसी करने की तैयारी की जा रही है। जो पुलिस समाजवादी पार्टी के मंत्री की भैंस ढूंढने कानून व्यवस्था को छिन बिन्न कर रखा था वही वापस लाने पुलिस को धमकाना शुरू कर दिया है। जब सत्ता से 10 साल दूर रहने की इतनी तड़प हो रही है कि पुलिस अधिकारियों को धमका रहे हैं हिन्दुओं का क्या होगा? क्या हिन्दू योगी राज से पहले की तरह समाजवादी पार्टी के राज में अपने त्यौहारों को खुलकर नहीं मना सकेंगे? बंगाल की तर्ज पर उत्तर प्रदेश के हिन्दुओं को ही नहीं बल्कि सभी धर्मों को समाजवादी पार्टी के खिलाफ लामबंद होना होगा।  
चांदी का चम्मच मुंह में लेकर पैदा होने सत्ता के बिना किस तरह बिलबिला रहे हैं कि प्रदेश में सत्ताभोग नहीं तो चलो संसद पहुँच कर राजशाही करो। ऐसे नेताओं को ना ही देश की चिंता है और ना ही जनता की इन्हे चाहिए विलासिता जीवन और तिजोरी भरने का साधन।  
देखिए सोशल मीडिया पर वायरल ‎ये है असली रुप इन कांग्रेसी,सपा,आरजेडी,टीएमसी और अन्य पारिवारिक पार्टी का।
‎हिंदुओं के वोट पाने के लिए 2014 के बाद से हमें मजबूरन पूजा करने मंदिरों में जाना पड़ रहा है। लेकिन उससे आप कोई गलतफहमी मत पाल लेना कि हम अब बदल गए हैं, खुदा कसम हम वही है और वही रहेंगे जो 2014 पहले हुआ करते थे।
‎देखिए न, हम जो भी तोड़फोड़ करते हैं हिंदुओं में ही करते हैं मुसलमानों को जातियों में बांटकर आपस में लड़ाने का काम ना हम तब करते थे और न आज कर रहे हैं, ऐसा गंदा काम करने की बात तो हम कभी सोचते भी नहीं
। 2027 में रहम मेरे ऊपर ही करना किसी और पर नहीं,आपको खुदा का वास्ता  
आज राज्य की जनता योगी मॉडल अपनाने की मांग कर रही है, और समाजवादी पार्टी और INDI गठबंधन हिन्दुओं को जातियों में बाँट राज करने की हिमाकत कर रहे हैं। मुसलमानों को भी सोंचना होगा कि जो अपने धर्म का नहीं किसी दूसरे के मजहब नहीं हो सकता। अगर हिन्दुओं को ये लोग बांट रहे हैं तो बदनाम मुसलमान भी हो रहा है।   
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव अब धमकाने पर उतर आए हैं। अखिलेश यादव ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर बयान देते हुए धमकी दी है कि प्रदेश में उनकी सरकार बनती है तो जिन अधिकारियों ने फर्जी एनकाउंटर किए हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

इसके साथ ही अखिलेश यादव ने रोजगार के मुद्दे पर योगी सरकार और केंद्र की BJP सरकार पर आरोप लगाया कि युवाओं को नौकरी देने के मोर्चे पर सरकार पूरी तरह नाकाम रही है। उन्होंने दावा किया कि सत्ता में आने पर उनकी पार्टी बड़े स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करेगी।

स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी उन्होंने वादा किया कि समाजवादी सरकार बनने पर एंबुलेंस व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा और गरीबों को सरकारी अस्पतालों में बेहतर तथा मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। अखिलेश ने पेट्रोल-डीजल में कथित मिलावट का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे लोगों की गाड़ियों को नुकसान हो रहा है।

असम : पादरी ने 16 साल की बच्ची को बंधक बनाकर 12 दिन तक किया बलात्कार : इशाक हापट के खिलाफ FIR; सारे सेक्युलरिस्ट खामोश, क्यों?

                                                                                       प्रतीकात्मक 
संविधान से Secular शब्द हटाने के लिए पाखंडी नेताओं और उनकी पार्टियों द्वारा खूब चीखा-चिल्ली हो रही है। लेकिन समय-समय पर पाखंड सामने आता रहा है। इन पाखंडियों को Secularism तभी दिखाई देता है जब किसी हिन्दू द्वारा दूसरे मजहबों के साथ हुई दुर्घटना होने पर। लेकिन जब उन्ही मजहबों द्वारा किसी दुर्घटना को अंजाम दिया जाता है सबके सब भीखी बिल्ली बन जाते हैं। अब इसे पाखंडी और हिन्दुओं को गुमराह करने वाला Secularism नहीं कहा जाए तो क्या कहा जाए? हिन्दू समाज को इस पाखंड को अच्छी तरह से समझना होगा।   

असम के तिनसुकिया जिले के मार्गेरिटा में पादरी इसहाक हापट ने नाबालिग के साथ लगातार 12 दिन तक रेप किया। पादरी ने 16 साल की लड़की को धमकाकर अपने घर में बँधक बनाकर रखा। फिर रोजाना नाबालिग का उत्पीड़न कर बलात्कार को अंजाम दिया।

घटना 10 जून 2025 की है, जब पादरी की बीवी घर पर नहीं थी। इसका फायदा उठाते हुए नाबालिग को अपने घर ले आया। यहाँ नाबालिग को रोजाना धमकाकर लगातार रेप किया। 22 जून 2025 को लड़की पादरी के चंगुल से भागकर परिवार के पास पहुँची। यहाँ परिवार ने उसकी बिगड़ी हालत देख पूछा तो नाबालिग अपने साथ हुए अत्याचारों की आपबीती सुनाई।

इंडिया टुडे नॉर्थ ईस्ट के अनुसार, पीड़िता के बयान के आधार पर परिजनों ने मार्गेरिटा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। मामला उजागर होते ही स्थानीय लोगों में आक्रोश है। पादरी इसहाक हापट के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग कर रहे हैं। 

हिंदुओं की आवाज उठाने वाली नाजिया इलाही खान पर ‘झूठा’ ईशनिंदा का केस, गिरफ्तारी के बाद बात लिंचिंग तक पहुँची

                                                 नाजिया इलाही खान को मिल रही धमकियाँ
नूपुर शर्मा विवाद से लगातार मुस्लिम कट्टरपंथियों पर हमले करने वाली नाज़िया इलाही खान निशाने पर रही हैं। नूपुर विवाद पर सोशल मीडिया पर अकेली नाज़िया ही नहीं एक्स मुस्लिम भी लगातार कट्टरपंथियों और देश में तुष्टिकरण करने वालों को भी नहीं बख्शा। कई बार लिखा कि अनेकों मौलानाओं/इमामों और इस्लामिक विद्वानों को Jaipur Dialogue, Sach और NewsNation पर 'इस्लाम क्या कहता है' पर एक्स मुस्लिमों के आगे बेबस देखा। 
सोशल मीडिया पर इस्लामी कट्टरपंथ के खिलाफ आवाज उठाने वाली नाजिया इलाही खान को 10 सितंबर को ईशनिंदा मामले में गिरफ्तार किया गया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने पैगंबर मोहम्मद का अपमान किया। उनके विरुद्ध शिकायत वकील नूर महविश ने दर्ज कराई थी।

शिकायत में कहा था कि नाजिया देश में सांप्रदायिक हिंसा और मजहबी तनाव पैदा करना चाहती हैं। महविश ने शिकायत में भारतीय न्याय संहिता की धारा 299, 353 और 362 के तहत केस को दर्ज कराया था। इस मामले में अलीपुर कोर्ट में पेश होने के बाद नाजिया को भले जमानत मिल गई लेकिन कट्टरपंथियों की नफरत उनके लिए कम नहीं हुई।

नाजिया पर ये केस 3 अगस्त 2024 को दिए एक इंटरव्यू के बाद दर्ज हुआ था। अपने इंटरव्यू में उन्होंने इस बात पर आपत्ति जताई थी कि आखिर हिंदू नाम से मुस्लिम दुकान क्यों खोल रहे हैं। उन्होंने पूछा था कि आखिर वो सलीम जो हिंदुओं को काफिर समझता है, उसने महादेव के नाम पर ढाबा क्यों खोला है।

जब पत्रकार ने उनसे कहा कि ये तो लोगों की इच्छा है कि वो क्या नाम रखेंगें, क्या नहीं… इस पर नाजिया ने कहा था कि फिर तो हिंदू भी अपनी मनमर्जी का नाम लिख सकते हैं।

नाजिया ने इस दौरान कुछ उदाहरण ऐसे दिए जिन्हें लेकर विवाद उपजा। उन्होंने कहा था कि अगर हिंदू कोई मुस्लिम नाम के साथ दुकान का नाम रख लेंगे तो हल्ला मच जाएगा और गुस्ताख-ए-रसूल की एक सजा सिर तन से जुदा के नारे लगने लगेंगे।

वीडियो में हालाँकि सुना जा सकता है कि नाजिया सिर्फ मुस्लिम नाम लगाकर उदाहरण दे रही हैं उन्होंने कहीं पैंगबर मोहम्मद के बारे में कुछ नहीं कहा है। उन्होंने मुस्लिम नाम के साथ दुकान का नाम जोड़ सिर्फ पूछा कि क्या अच्छा लगेगा अगर हिंदू ऐसे नाम से दुकान खोल लें। मगर, इस्लामी कट्टरपंथी इसी बात से नाराज हो गए और मामला थाने तक पहुँच गया।

नाजिया ने अपनी वीडियो में थूक जिहाद का खतरा बताते हुए कहा था कि नाम बदलकर कारोबार करने की क्या जरूरत है जिसके मन में चोर होता है वो ही ऐसा करता है। इस दौरान उन्होंने योगी आदित्यनाथ के फैसले का समर्थन किया था जहाँ दुकानों पर मालिक का असली नाम लिखने को कहा गया था।

इस इंटरव्यू के बाद इस्लामी कट्टरपंथी उन्हें सोशल मीडिया पर गाली देने लगे। क्रिकेटर शिवम दुबे की बीवी अंजुम खान तक ने उनके खिलाफ जहर उगला। अपनी स्टोरी में अंजुम ने कहा- “अगर नबी के शान में गुस्ताखी होने पर आपको गुस्सा नहीं आता तो अपना ईमान मर चुका है और अगर आपका ईमान जिंदा है तो नाजिया की गिरफ्तारी की माँग करिए।”

इसी तरह अन्य मुस्लिम समूहों ने भी नाजिया के खिलाफ जहर उगला। नतीजा ये हुआ कि नाजिया को धमकियाँ आने लगीं। एजाज असलम नाम के मुस्लिम यूट्यूबर ने भी धमकी दी।

4 सितंबर को सोशल मीडिया पर नाजिया ने बताया जहाँ पूरा देश आरजी कर अस्पताल की डॉक्टर के लिए इंसाफ माँग रहा है, वहीं बंगाल के मुस्लिम उनके खिलाफ ‘सर तन से जुदा’ की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने अपने ट्वीट में कोलकाता पुलिस और टीएमसी नेताओं को भी जिम्मेदार ठहराया था। 

उन्होंने ये भी बताया कि जब उन्हें अलीपुर कोर्ट ले जाया जा रहा था तब लोगों ने उनकी लिंचिंग की कोशिश की। उन्होंने कहा, “पहले मुझे पोर्ट एरिया गार्डन रीच पुलिस स्टेशन से झूठे ईशनिंदा मामले में गिरफ्तार किया गया, फिर कोलकाता पुलिस के गार्डन रीच पुलिस स्टेशन के अधिकारी की मिलीभगत से अलीपुर कोर्ट में लाखों मुसलमानों को इकट्ठा करके मेरी मॉब लिंचिंग की साजिश रची गई। मेरा गला काटने की साजिश में कई टीएमसी विधायक, मुस्लिम महिला टीएमसी नेता का सीधा हाथ है!”