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बॉलीवुड प्रोड्यूसर अशोक पंडित ने लगाया बीजेपी और शिवसेना पर धोखा देने का आरोप, ट्वीट कर कहा- वोटर्स को ठग रहे हैं

बॉलीवुड प्रोड्यूसर ने लगाया बीजेपी और शिवसेना पर धोखा देने का आरोप, ट्वीट कर कहा- वोटर्स को ठग रहे हैं...भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना गठबंधन को महाराष्ट्र में भले ही स्पष्ट बहुमत मिला है, लेकिन सरकार बनाने को लेकर अभी भी पेंच फंसा हुआ है। शिवसेना अब इस बात पर अड़ी हुई है कि सरकार का गठन 2.5-2.5 साल के फॉर्मूले पर होना चाहिए, यानी कि 2.5 साल बीजेपी का मुख्यमंत्री और 2.5 साल शिवसेना का मुख्यमंत्री। हालांकि बीजेपी की तरफ से इस पर अभी तक कोई स्थित स्पष्ट नहीं है।
महाराष्ट्र और हरियाणा में 21 अक्टूबर को हुए विधानसभा चुनावों के बाद देश में अब इस बात को लेकर काफी चर्चा है कि दोनों ही प्रदेशों में किसकी सरकार बनेगी जहां एक तरफ हरियाणा में कांग्रेस ने बीजेपी को कड़ी टक्कर दी है, तो वहीं दूसरी ओर महाराष्ट्र में बीजेपी और शिवसेना के गठबंधन को 288 सीटों में से 161 सीटें मिली है हालांकि इस जीत के बाद भी दोनों ही पार्टियों में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार को लेकर काफी मतभेद हो रहा है अब इसको लेकर अब बॉलीवुड प्रोड्यूसर अशोक पंडित का रिएक्शन आया है
अशोक पंडित ने महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना के बीच चल रही इस मतभेद को लेकर एक ट्वीट किया है उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल से महाराष्ट्र में बीजेपी और शिवसेना पर गुस्सा जाहिर करते हुए कहा, 'हमने बीजेपी और शिवसेना के गठबंधन को ये सोचकर अपना वोट दिया था कि ये दोनों एक-साथ काम करेंगी लेकिन ये आपस में ही लड़कर वोटर्स को ठग रहे हैं
अशोक पंडित ने आगे लिखा, 'अगर यही मामला है तो इनमें व्यक्तिगत रूप से चुनाव लड़ने के लिए हिम्मत होनी चाहिए थी आम आदमी को इनके मामले में कोई दिलचस्पी नहीं है' बता दें, प्रोड्यूसर अशोक पंडित लगभग हर समसामयिक मुद्दे पर अपनी राय रखते नजर आते हैं उन्होंने बॉलीवुड में 'द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर (The Accidental Prime Minister)' फिल्म प्रोड्यूस की है
Aditya Thackerayमहाराष्ट्र में फंसा पेंच: 50-50 फॉर्मूले पर अड़ी शिवसेना, कांग्रेस देखने लगी संभावनाएं
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के साथ विधायकों की बैठक के बाद प्रताप सारनिक ने कहा, 'हमारी बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जैसे अमित शाह जी ने लोकसभा चुनावों से पहले 50-50 फॉर्मूले का वादा किया था, उसी तरह दोनों सहयोगी दलों को 2.5-2.5 साल तक सरकार चलाने का मौका मिलना चाहिए, इसलिए शिवसेना का भी सीएम बनना चाहिए। उद्धव जी को यह आश्वासन भाजपा से लिखिन में मिलना चाहिए।'


सारनिक ने कहा, 'उद्धव जी चाहते हैं कि भाजपा का शीर्ष नेतृत्व चाहे अमित शाह हों या देवेंद्र फडणवीस यह लिखित में दें कि भाजपा 50:50 के फॉर्मूले पर टिकेगी और दोनों दलों के बीच सीएम की सीट समान रूप से साझा की जाएगी।' उन्होंने कहा, 'हम कुछ कारणों से चुनावों में सीटों का बंटवारे 50:50 के फार्मूले से नहीं कर सके। लेकिन अब समय आ गया है कि बीजेपी चुनाव पूर्व वादे को पूरा करे। सरकार तभी बनेगी जब बीजेपी इसे लिखित में देगी कि सीएम की कुर्सी को समान रूप से बांटा जाएगा। शिवसेना के नवनिर्वाचित विधायकों ने यह भी मांग की कि अगली सरकार में आदित्य ठाकरे को मुख्यमंत्री बनाया जाए। सारनिक ने कहा, 'हम अगले मुख्यमंत्री के रूप में आदित्य ठाकरे को देखना चाहते हैं। लेकिन अंतिम निर्णय उद्धव जी लेंगे।'
इस बीच मुंबई में मातोश्री (ठाकरे निवास) के बाहर 'महाराष्ट्र सीएम आदित्य ठाकरे' का पोस्टर लग गया है। ऐसे में कहा जा सकता है कि शिवसेना मुख्यमंत्री पद के लिए बीजेपी के सामने शर्त रख सकती है।
वहीं बीजेपी को दिए गए शिवसेना के इस प्रस्ताव पर कांग्रेस के विजय वडेट्टीवार ने कहा, 'गेंद भाजपा पाले में है, यह शिवसेना को तय करना है कि वे 5 साल का सीएम चाहते हैं या 2.5 साल की मांग पर भाजपा की प्रतिक्रिया का इंतजार करते हैं। यदि शिवसेना का प्रस्ताव हमारे पास आता है, तो हम हाईकमान से चर्चा करेंगे।' 
इससे पहले उन्होंने कहा, 'हमें विपक्ष की भूमिका दी गई है और हम उस भूमिका को निभाएंगे लेकिन अगर किसी विकल्प पर चर्चा की जानी है तो शिवसेना को हमारे पास आना चाहिए, उन्होंने अभी तक हमसे संपर्क नहीं किया है।'
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आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार हरियाणा में पूर्ण बहुमत वाली बीजेपी सरकार आज लंगड़ी सरकार बनाकर भी खुश हो रही है। क्या ...

इसके अलावा एनसीपी के प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि हम विपक्ष में रहेंगे और एक मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाएंगे। हम सरकार बनाने में कोई भूमिका नहीं चाहते हैं, भाजपा-शिवसेना को जनादेश मिला है, इसलिए उन्हें शुभकामनाएं।
ऐसे में पूरी स्थिति को देखते हुए कहा जा सकता है कि शिवसेना अपनी मांग पूरी करवाने के लिए बीजेपी के सामने अड़ सकती है। अगर बीजेपी इस प्रस्ताव को नहीं मानती है तो शिवसेना एनसीपी और कांग्रेस से समर्थन लेकर सरकार बना सकती है। सत्ता से बीजेपी को दूर रखने के लिए कांग्रेस और एनसीपी शिवसेना का समर्थन कर सकती हैं।