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‘ऑपरेशन सिंदूर’ से घबराए पाकिस्तान ने सऊदी अरब से लगाई थी गुहार, ‘भाईजान’ से सीजफायर के लिए रोए थे डिप्टी PM: लाइव TV पर किया खुलासा; क्या पाकिस्तान ने इस्लाम को ATM बनाया हुआ है? ईरान की जासूसी करने ड्रोन भेजने पर पाकिस्तान ने कितने में किससे सौदा किया है?

इशाक डार (बाएँ) ने स्वीकार किया है कि उन्होंने सऊदी अरब से मदद माँगी थी (साभार: India Today & Dawn)
भारत में जिन लोगों का पाकिस्तान के लिए दिल धड़कता है उन्हें समझना होगा कि क्या पाकिस्तान इस्लाम को ATM की तरह इस्तेमाल कर सबको पागल बनाए हुए है? पाकिस्तान कंगाल नहीं है, सभी इस्लामिक मुल्क जानते है कि पाकिस्तान की आर्मी और सियासतखोर इस्लाम के नाम पर चंदा लेकर विदेशों में अपना आशियाना बना रखे हैं। भारत द्वारा पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर हो रहे हमलों पर अमेरिका, चीन और तुर्की आदि को छोड़ कोई मुस्लिम देश पाकिस्तान के साथ कहीं दूर तक नज़र नहीं आया। इन पाकिस्तान के हमदर्दों को सोंचना चाहिए।  

यह कोई आरोप नहीं, कटु सच्चाई है, "हाथ कंगन को आरसी क्या पढ़े लिखे को फ़ारसी क्या", अभी पाकिस्तान आर्मी मुख्य असीम मुनीर अमेरिका में है, क्यों? अमेरिकन राष्ट्रपति White House में बैठाकर खाना खिलाने की आड़ में क्या सौदा हो रहा है? अमेरिका को मालूम है कि पाकिस्तान को आर्मी चलाती है कोई सियासत पार्टी नहीं। इतना ही नहीं चर्चा है कि जून 19 को ईरान की जासूसी करने गए पाकिस्तानी ड्रोन को ईरान ने मार गिराया।      

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारत के हमलों से डरा-सहमा पाकिस्तान सिर्फ अमेरिका ही नहीं बल्कि सऊदी अरब के पास भी पहुँचा था। उसने सऊदी अरब से भारत के हमले रुकवाने और सीजफायर को कहा था। यह खुलासा पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने लाइव टीवी पर किया है।

इशाक डार ने यह खुलासा पाकिस्तान के जियो टीवी पर किया है। उन्होंने पत्रकार हामिद मीर के शो कैपिटल टॉक में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सऊदी अरब के शाही परिवार के एक राजकुमार से हुई बातचीत का जिक्र किया है। इसकी एक क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल है।

इशाक डार इसमें कहते हैं, “भारत ने 6-7 मई, 2025 की रात को शोरकोट एयरबेस और नूर खान एयरबेस पर हमला कर दिया। इसके 45 मिनट के भीतर मुझे सऊदी के राजकुमार फैसल बिन सलमान का फोन आया।”

आगे इशाक डार ने बताया, “उन्होंने मुझसे कहा कि भाईजान मुझे पता चला है कि आपकी बात रुबियो (अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो) से हुई है लेकिन क्या मैं जयशंकर (भारतीय विदेश मंत्री) से बात कर सकता हूँ कि आप लोग अपनी कार्रवाई रोकने को तैयार हो।”

इशाक डार ने कहा, “मैंने कहा कि जी भाईजान बिलकुल हम कुछ नहीं करेंगे आप उन्हें यह सन्देश पहुँचा सकते हैं। इसके 20-25 मिनट बाद फिर उन्होंने मुझे फोन किया कि मैंने जयशंकर साहब को यह बात कह दी है।”

इशाक डार ने इस दौरान कहा कि सऊदी चाहें तो भारत और पाकिस्तान के बीच कथित सीजफायर का क्रेडिट ले सकते हैं। ऑपरेशन सिंदूर के बाद ऐसा पहली बार हुआ है कि पाकिस्तान ने सऊदी अरब से इस मामले में मदद माँगने का खुलासा किया है।

साथ ही पाकिस्तान ने पहली बार यह बात स्वीकारी है कि उसके पंजाब में स्थित एयरबेस नूर खान और एयरबेस शोरकोट पर भारत ने बड़े हमले किए थे। पाकिस्तान ने इससे भारत की कार्रवाई पर मुहर लगा दी है और अब तक आई सैटेलाईट इमेज से निकली जानकारी भी स्वीकार कर ली है।

पाकिस्तान पर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हुआ हमला कितना ताकतवर था, इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि उसका रहीम यार खान एयरबेस अभी तक नहीं चालू हो पाया है। पाकिस्तान ने इसे एक बार फिर 4 जुलाई, 2025 तक बंद करने का फैसला लिया है।

गौरतलब है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने सिंध स्थित रहीम यार खान एयरबेस पर बड़े हमले किए थे और इस हमले में पाकिस्तान के एक स्क्वाड्रन लीडर समेत 4 वायुसेना कर्मी मारे गए थे। भारत का रहीम यार खान पर हमला इतना जबरदस्त था कि इसके रनवे पर बड़ा गड्ढा भी बन गया था।

भारत ने 22 अप्रैल, 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में 7 मई की रात को पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) में 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। इसके बाद पाकिस्तान ने भारतीय शहरों निशाना बनाने का प्रयास किया था लेकिन भारत ने तब तक उसके एयरबेस उड़ाने चालू कर दिए थे।

मोदी को बदनाम करने के लिए अवनी डायस ने डॉक्यूमेंट्री में भारत के संविधान को लेकर बोला झूठ, अपनी ‘पत्रकार’ की करतूत ABC News ने कबूली; बीजेपी क्यों नहीं ABC News और इसकी पत्रकार पर कार्यवाही करती?

कहते हैं आदमी के मरने के बाद लकीर पीटने से कुछ नहीं होता, यह बात भारत की जनता पर शत-प्रतिशत लागू होती है। जो शिक्षित होते हुए भी अनपढ़ों की तरह व्यवहार करती है। 2024 लोक सभा चुनाव में नरेंद्र मोदी को हराने संविधान को लेकर कितनी भ्रांतियों फैलाई गयी। लेकिन शिक्षित भी अनपढ़ बन उन दुष्प्रचार का शिकार हो गया। क्या मेरी आयु(+) वालों को नहीं मालूम कि कांग्रेस ने संविधान में इतने अधिक संशोधन किये कि प्रस्तावना तक बदल दी। क्या संविधान निर्माताओं ने ऐसी प्रस्तावना लिखी थी? यूपीए काल में सोनिया गाँधी को प्रधानमंत्री से अधिक अधिकार क्यों दिए? सोनिया की इजाजत के बिना मनमोहन सिंह में किसी फाइल पर साइन करने की हिम्मत नहीं थी? सोनिया एक सांसद थी किस अधिकार से किसी भी कार्यक्रम में प्रथम पंक्ति में मंत्रिमंडल के साथ बैठती थी? मोदी सरकार ने संविधान से इन असंवैधानिक बातों को निकालकर क्या गलत किया था? और जो नेता ऐसी तर्कहीन बातों को संविधान से निकाले जाने पर देश में आग लगने की बात कहे, क्या ऐसा कोई नेता एक भी वोट का हक़दार है? 

I.N.D.I.गठबंधन को समर्थन करने वालों, अपनी भावी पीढ़ी की चिंता करो और इस I.N.D.I.गठबंधन से जितनी अधिक दूरी बना सकते हो बनाओ, जरा सोंचों: देश का संविधान तब खतरे में नहीं था, जब बहुमत के नशे में कांग्रेस और इसकी समर्थक पार्टियों ने Muslim Waqf Board बनाया था, जब बहुमत के नशे में Minority Commission बना था, तब खतरे में नहीं था जब Muslim Personal Law Board बना दिया था, तब खतरे में नहीं था जब Places of Worship Act बनाया था, तब संविधान खतरे में नहीं था जब Anti-Communal Violence Act बनाया था, ये तो बीजेपी की मेहरबानी से पास नहीं हुआ और 2014 चुनाव हो गया। इस Act के अनुसार दंगा चाहे मुसलमान ने किया हो कसूरवार हिन्दू ही, सजा हिन्दू को, हिन्दू की संपत्ति कुर्क कर मुसलमान को दे दी जाएगी, यानि कांग्रेस और इसके समर्थक पार्टियां जिसे I.N.D.I.गठबंधन कहते हैं भारत को इस्लामिक देश नहीं मुल्क बनाने की तैयारी कर दी थी।   

इमरजेंसी में जनता ने क्या-क्या अत्याचार नहीं हुए, आज की युवा पीढ़ी को नहीं मालूम। अपनी वार्षिक वेतन वृद्धि, पदोन्नति या transfer करवाने या रुकवाने के लिए कर्मचारी को नसबंदी के 2 केस देने होते थे, जो कर्मचारी को झूठे फर्जी केस का प्रमाण लेने के लिए 50-50 रूपए यानि दो केस के 100 रूपए देकर प्राप्त करने होते थे। 

फिल्म "आंधी" को बैन कर दिया था, अभिनेता-निर्माता और निर्देशक मनोज कुमार की बहुचर्चित फिल्म "रोटी कपडा और मकान" का बहुचर्चित गीत " हाय महंगाई तू कहाँ से आयी..." को बैन कर दिया था। इतना ही नहीं, किसी कार्यक्रम में गायक किशोर कुमार ने गाने से मना करने पर रेडियो पर किशोर के गानों को बैन कर दिया था। फिल्म "किस्सा कुर्सी का" सेंसर से पास नहीं होने दिया। मारधार दिखाई जाने वाली फिल्मों को सेंसर पास नहीं करता था, लेकिन गाँधी परिवार के करीबी अमिताभ बच्चन अभिनीत मारधार वाली फिल्म "शोले" पास हो गयी।      


बाप(राजीव गाँधी) कह रहा है कि अगर संविधान बदलने की जरूरत होगी तो हम बार बार संविधान बदलेंगे, हमारे पूर्वजों ने भी कई बार संविधान बदला है और  बेटा(राहुल गाँधी) कह रहा है कि अगर संविधान बदला तो देश में आग लगा देंगे समझ नहीं आता कहां लोचा हो गया है। 

एबीसी की ‘पत्रकार’ अवनी दास के फैलाए फेक न्यूज पर ऑपइंडिया की रिपोर्ट के 2 सप्ताह बाद आखिरकार एबीसी न्यूज ने मान लिया कि उसकी कथित ‘पत्रकार’ अवनी डायस ने भारत के संविधान के बारे में दर्शकों को गुमराह किया है। अब एबीसी न्यूज ने अपनी सफाई दी है।

27 जून 2024 को एबीसी न्यूज ने स्वीकार किया कि अवनी डायस ने ‘भारत की आजादी के साथ ही ‘सेकुलर’ शब्द संविधान का हिस्सा है’ का जो दावा किया है, वो झूठा है। एबीसी न्यूज ने अवनी दास के फेक न्यूज पर सफाई देते हुए कहा कि ‘नरेंद्र मोदी पर बने डॉक्यूमेंट्री, जिसे 5 जून को पब्लिश किया गया था, उसमें ‘भारत के मूल संविधान में सेकुलर’ होने का दावा गलत था।’

अपनी इज्जत बचाने के क्रम में एबीसी न्यूज ने लिखा, ‘भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने 1960 के दशक के दौरान पुष्टि की थी कि धर्मनिरपेक्षता भारत के 1950 के संविधान की एक बुनियादी विशेषता है, इस शब्द को 1976 में एक संवैधानिक संशोधन में जोड़ा गया, जिससे भारत का वर्णन “संप्रभु, लोकतांत्रिक गणराज्य” से बदलकर “संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक गणराज्य” हो गया।’

मामला कैसे शुरू हुआ?

इस विवाद की शुरुआत 5 जून को हुई थी, जब एक तरफ पीएम मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने की तैयारी कर रहे थे, तो दूसरी तरफ भारत विरोधी शक्तियाँ भारत सरकार और खासकर मोदी सरकार को बदनाम करने के प्रयास में लगातार जुटे हुए थे। इन्हीं प्रयासों में एक है ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन (एबीसी) की कथित ‘पत्रकार’ अवनी डायस द्वारा झूठ फैलाने का प्रयास, जिसमें अवनि ने 5 जून 2024 को भारत के संविधान के बारे में फर्जी बातें प्रसारित की।
अवनी डायस ने कुछ समय पहले ही ये फर्जी खबर फैलाई थी कि ‘निगेटिव रिपोर्टिंग’ की वजह से भारत सरकार ने उनका वीजा रद्द कर दिया है, जबकि वो दावा फर्जी निकला था। इस बार अवनि ने दावा किया है कि ‘धर्मनिरपेक्षता’ भारतीय संविधान का अहम हिस्सा है, वो भी अंग्रेजों से आजादी मिलने के बाद यानी 1947 से। अवनी ने ‘नरेंद्र मोदी से पहले के भारत की कहानी’ हेडलाइन के साथ एक वीडियो बनाकर ये बताने की कोशिश की कि भारत में पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत की धर्मनिरपेक्षता किस तरह के खतरे में है।
अपने वीडियो के 9.19 मिनट पर अवनी डायस ने कहा, “आपको बता दें कि जब 1947 में अंग्रेजों से आजादी मिलने के बाद भारत की स्थापना हुई थी, तो इसके संविधान में लिखा गया था कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है, जिसका मतलब है कि धर्म के आधार पर देश में सभी को आजादी होनी चाहिए।” अवनी ने दावा किया कि भारत के संविधान में सेक्युलर शब्द पेज नंबर 33 पर बड़े अक्षरों में लिखा है।
हालाँकि अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही ‘पत्रकार’ अवनी ये भूल गई कि भारत का संविधान 1947 में लागू नहीं हुआ और जब भारत का संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ, तब सेक्युलर शब्द उस संविधान का हिस्सा ही नहीं था। बता दें कि भारत का संविधान 1947 में नहीं, बल्कि तीन साल बाद 1950 में लागू हुआ और ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्द को संविधान की प्रस्तावना का हिस्सा 1976 में (आपातकाल के काले दिनों के दौरान) बनाया गया।
तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी ने संसद को दरकिनार कर संविधान में ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्द शामिल करने के लिए 42वाँ संविधान संशोधन पारित किया था। अवनी डायस के दावों के विपरीत, संविधान यह बताने के लिए नहीं लिखा गया था कि भारत एक ‘धर्मनिरपेक्ष देश’ है। पूरे वीडियो में एबीसी न्यूज के ‘पत्रकार’ ने वैश्विक स्तर पर देश की छवि को धूमिल करने के लिए अटकलों, अनुमानों और मान्यताओं पर भरोसा किया।

पहले भी विवादों में रही हैं अवनी डायस

इसी साल अप्रैल में अवनी डायस ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर दावा किया था कि मोदी सरकार ने उनका वीजा नहीं बढ़ाया, जिसकी वजह से उन्हें भारत छोड़ना पड़ा। अवनी ने दावा किया कि ऐसा इसलिए किया गया, क्योंकि उनकी रिपोर्टिंग सरकार को पसंद नहीं आ रही थी। हालाँकि ये पूरी तरह से झूठ था, क्योंकि उन्होंने जैसे ही वीजा के लिए अप्लाई किया, उनका वीजा 2 माह के लिए बढ़ा दिया गया। इसके बावजूद एबीसी न्यूज ने एक आर्टिकल प्रकाशित किया और दावा किया कि भारत के विदेश मंत्रालय ने फोन करके अवनी को सूचित किया था कि उनका वीजा नहीं बढ़ाया जा रहा।
खैर, इस प्रोपेगेंडा से इतर अवनी डायस से जुड़ा एक और मामला भी है। उसने कनाडा में हरदीप निज्जर की हत्या को भारत से जोड़ने की कोशिश करते हुए एक डॉक्यूमेंट्री बनाई थी, जिस पर भारत सरकार रोक लगा चुकी है और यू-ट्यूब पर पर भी उसके मामले में नोटिस दिख रहा है। दरअसल, यो डॉक्यूमेंट्री न सिर्फ तथ्यात्मक रूप से गलत थी, बल्कि भारत के संवेदनशील सीमाई इलाकों में गलत तरीके से फिल्माई गई थी। उन लोकेशन पर शूट करने के लिए गलत तरीके से अनुमति हासिल की गई थी, जिसका बीएसएफ ने भी विरोध किया था।

पहले भी भारत को लेकर प्रोपेगेंडा फैलाती रही हैं अवनि डायस

अवनी डायस भारत विरोधी, सनातन विरोधी लेखों के लिए जानी जाती है। उसने कई बार प्रोपेगेंडा फैलाने की कोशिश की, लेकिन हर बार एक्सपोज होती रही। इसी साल मार्च में अवनी डायस ने ब्रिसबेस में स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर पर खालिस्तानी कट्टरपंथियों के हमले को नकारते हुए कट्टरपंथियों को क्लीनचिट देने की कोशिश की थी। उन्हें इसे हिंदू समूहों का ही हमला करार दे दिया था। उनके दावों को खुद ऑस्ट्रेलियन हिंदू मीडिया ने एक्सपोज कर दिया था। एक फेसबुक पोस्ट में ऑस्ट्रेलियन हिंदू मीडिया ने अवनी डायस और उनकी साथी नाओमी सेल्वारत्नम को ‘ब्राउन सिपाही’ की संज्ञा दी थी।

खरगे के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने भी माना 2024 में एक बार फिर मोदी सरकार

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लोकसभा चुनाव 2024 के बाद एक बार फिर से देश के प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। इसकी भविष्यवाणी I.N.D.I. Alliance के प्रमुख सहयोगी और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने की है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 17 फरवरी को दिल्ली विधानसभा में एक तरह से 2024 में बीजेपी की जीत की भविष्यवाणी करते हुए कहा कि भले ही वे इस साल लोकसभा चुनाव जीत जाए, 2029 में आम आदमी पार्टी देश को बीजेपी से मुक्त कराएगी। अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा में कहा कि आज बीजेपी के लिए सबसे बड़ा खतरा आम आदमी पार्टी है। उन्होंने कहा कि 2024 में बीजेपी नहीं हारी तो आम आदमी पार्टी 2029 में देश को बीजेपी से मुक्ति दिलाएगी।

वैसे तथाकथित किसान आंदोलन को समर्थन देकर, मोदी को हराने केजरीवाल अपने तरकश के हर तीर का इस्तेमाल जरूर कर रहे हैं, लेकिन हताशा दिखाई पड़नी शुरू हो चुकी है, क्योकि विपक्ष को सबसे बड़ा डर यह है कि नरेंद्र मोदी इस आंदोलन को धराशाही करने कब कौन-सा पैंतरा चल सभी समर्थकों को भी पटकनी देकर इन्ही तथाकथित किसानों की भी वोट अपनी झोली में डाल लें। 

          

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इसके पहले सोनिया गांधी और राहुल गांधी के करीबी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा में स्वीकार किया कि बीजेपी 400 पार जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में खरगे ने राज्यसभा में कहा कि आपका इतना बहुमत है, पहले 300- 334 थी, अब तो 400 पार हो रहा है।