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राजस्थान: कांग्रेस विधायक वाजिब अली की बोलेरो पर फोटो और स्टीकर, गोमांस की 4 बोरियाँ मिली

            विधायक वाजिब अली सीएम गहलोत के साथ (बाएँ), गोमांस वाली बोलेरो को ग्रामीणों ने पकड़ा (दाएँ)
राजस्थान के भरतपुर से गोमांस तस्करी का मामला सामने आया है। ये घटना सिकरी के बर्रू गाँव में हुई, जहाँ बुधवार (जनवरी 20, 2021) की रात को गोमांस की तस्करी के लिए प्रयोग की जा रही बोलेरो गाड़ी पकड़ी गई। इस गाड़ी पर नगर विधायक वाजिब अली के नाम और उनके चुनावी स्टिकर्स चिपके थे। वाजिब अली कांग्रेस के विधायक हैं।

राजस्थान पुलिस का कहना है कि विधायक के नाम पर पिछले दो वर्षों से गोमांस की तस्करी की जा रही थी। इस मामले में पुलिस ने 5 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। गाड़ी जिसके नाम पर है, पुलिस ने उसका भी विवरण और पता निकाल लेने का दावा किया है। लेकिन, अब तक पुलिस ने किसी की गिरफ़्तारी नहीं की है। गोमांस से भरी 4 बोरियाँ तब पकड़ी गईं, जब वो बर्रू गाँव से पालकी की तरफ जा रही थी।

रास्ते में गाड़ी एक व्यक्ति के मकान से टकरा गई, जिसके बाद ये खुलासा हुआ। जिसके घर से गाड़ी टकराई थी, उस व्यक्ति का नाम पदम है। जब दुर्घटना की आवाज़ सुन कर वह अपने पड़ोसियों के साथ बाहर निकला तो बोलेरो में सवार आरोपित गोलीबारी करते हुए वहाँ से भाग निकले। इस मामले में रेवती शर्मा के बेटे संजय ने FIR दर्ज कराई है। इसमें हनीफ के बेटे, खुर्शीद के बेटे मुरसलीम और सलीम को नामजद बनाया गया है।

संजय ने अपनी शिकायत में लिखा है कि टक्कर की आवाज़ सुन कर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुँच गए थे। लोगों का कहना है कि इस गाड़ी को उन्होंने इससे पहले भी कई मौकों पर इधर से गुजरते हुए देखा है। गाड़ी के मालिक का नाम साहबदीन है, जो बिलोड का रहने वाला है। साहबदीन ने दावा किया है कि उसने इस गाड़ी को पालकी के मुरसलीम को बेच दी थी। पुलिस इस मामले की जाँच कर रही है।

उधर विधायक वाजिब अली ने कहा है कि उक्त बोलेरो गाड़ी से उनका कोई सम्बन्ध नहीं है। उन्होंने दावा किया कि ये उन्हें बदनाम करने के लिए कोई बड़ी साजिश हो सकती है। विधायक ने पुलिस में भी लिखित शिकायत देकर गाड़ी मालिक के खिलाफ कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। वाजिब अली बसपा के उन 6 विधायकों में शामिल थे, जिन्होंने पाला बदल कर कांग्रेस का दामन थाम लिया था। वो राज्य की अल्पसंख्यक समिति के सदस्य भी हैं।

राजस्थान में पिछले वर्ष भी गोमांस तस्करी और गोहत्या के कई मामले सामने आए थे। जून 2020 में गो तस्करों ने एक गौशाला (गाय-आश्रय) पर हमला कर महंत की पिटाई की थी और तीन गायों को लेकर भाग गए थे। इससे पहले अलवर ज़िले के तिजारा क्षेत्र में, जो मेवात के अंतर्गत आता है, पुलिस ने अरंडका गाँव में निषाद नाम के एक व्यक्ति के घर पर छापा मारा था और गायों का माँस और खाल बरामद की थी।

हलाल घोटाला : दुनिया भर के मुस्लिमों को खिलाया घोड़े-कंगारू का मीट

                                                            हलाल के नाम पर दलाली!
बुजुर्गों का कहना था कि "कभी बाजार का पका मीट और कीमे से बनी चीजें नहीं खानी चाहिए।" जिसे 
मलेशिया में उजागर हुए हलाल घोटाले ने बुजुर्गों की शिक्षा को सार्थक सिद्ध कर दिया। अभी कोरोना कालखंड में तो कुत्ते का मीट बकरे के नाम पर 800 रूपए किलो बिक गया। मीट की दुकान पर बकरे का कटा सिर नहीं देखा, किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया कि जब लॉक डाउन में कत्लगाह बंद हैं, फिर ये मीट कहाँ से आ रहा है, और फिर कसाई के पास आखिर कितने बकरे हैं कि रोज मीट बेचा जा रहा है।  

मलेशिया को दुनिया का सबसे बड़ा हलाल एक्सपोर्टर बनना था। अब शायद दिक्कत आएगी! हलाल के नाम पर वहाँ के एक गैंग (कई कंपनियाँ भी हो सकती हैं शामिल) ने बहुत बड़ा घोटाला किया है। इससे दुनिया के न सिर्फ तमाम मुस्लिम देश बल्कि खुद मलेशिया की 60% मुस्लिम आबादी भी गुस्से में है।

न्यू स्ट्रेट टाइम्स के अनुसार मलेशिया यह गैंग पिछले 40 सालों से हलाल के नाम पर घोटाला करते आ रही थी। चीन, यूक्रेन और दक्षिण अमेरिका के गैर-हलाल बूचड़खानों से यह गैंग घोड़ों और कंगारूओं तक का मीट खरीदती थी। इसके बाद अधिकारियों को रिश्वत खिला कर उन्हें बीफ में मिला कर पूरी दुनिया के मुस्लिम देशों में सप्लाई करती थी।

मलेशिया की पुलिस ने इस मामले में अभी तक एक गिरफ्तारी की है। लेकिन कंपनी या किसी के नाम का खुलासा नहीं किया गया है। वहाँ की सरकार ने रॉयल कमिशन ऑफ इंक्वॉयरी का गठन करने पर भी विचार किया है, जिसे लेकर धार्मिक मामलों के मंत्री ने कहा कि यह इस तरह के अपराध की जड़ तक पहुँचने का सबसे जरूरी कदम होगा।

हलाल के नाम पर इस घोटाले के उजागर होने का मीट व्यापार पर इतना बड़ा असर पड़ा है कि कुआला लम्पुर के 6000 हॉकरों को बीफ संबंधी सामग्रियों को बेचने की मनाही की गई है। मलेशिया का यह गैंग इतना शातिर था कि जो कंपनियाँ सारे प्रोटोकॉल फॉलो करते हुए हलाल मीट प्रोसेस करती थी, उनमें भी यह मिलावट करते थे।

मिलावट का यह तरीका ही इनका यूनिक बिजनेस मॉडल था, जो 40 सालों तक चला। घोड़े-कंगारूओं के गैर-हलाल मीट को यह गैंग अकेले नहीं बेचता था। इससे पकड़े जाने का खतरा था। इसलिए ये गैर-हलाल मीट बंदरगाहों से अधिकारियों को रिश्वत देकर डायरेक्ट वेयरहाउस में लाया जाता था। यहाँ हलाल सर्टिफायड मीट और बीफ के साथ इन्हें मिक्स कर दिया जाता था। इसके बाद फेक हलाल लोगो वाले पैकेट में फिर से इन्हें पैक कर दुनिया भर के मुस्लिम देशों में भेजा जाता था।

हलाल का बिजनेस 2.3 ट्रिलियन डॉलर का है। मलेशिया फिलहाल अकेले 9 बिलियन डॉलर का एक्सपोर्ट करता है।

हलाल मांस = जिहाद

किसी भी भोज्य पदार्थ, चाहे वे आलू के चिप्स क्यों न हों, को ‘हलाल’ तभी माना जा सकता है, जब उसकी कमाई में से एक हिस्सा ‘ज़कात’ में जाए- जिसे वे जिहादी आतंकवाद को पैसा देने के ही बराबर मानते हैं, क्योंकि हमारे पास यह जानने का कोई ज़रिया नहीं है कि ज़कात के नाम पर गया पैसा ज़कात में ही जा रहा है या जिहाद में। और जिहाद काफ़िर के खिलाफ ही होता है- जब तक यह इस्लाम स्वीकार न कर ले!

 यानी जब कोई गैर-मुस्लिम हलाल वाला भोजन खरीदता है, तो वह उसका एक हिस्सा अपने ही खिलाफ होने जा रहे जिहाद को आर्थिक सहायता देने में खर्च करता है। इसे ‘हलालो-नॉमिक्स’ यानी हलाल का अर्थशास्त्र कहते हैं। “हलालो-नॉमिक्स का अर्थ है आप अपनी सुपारी खुद दे रहे हैं।”

हैदराबाद नगर निगम चुनाव : बीफ बिरयानी पर BJP का पलटवार : ओवैसी को सूअर वाली स्वादिष्ट बिरयानी खिलाने का ऑफर

हैदराबाद में नगर निगम चुनावों के मद्देनजर राजनीति तेज हो रखी है। इस बीच AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी जनता के बीच विवादित बयान देते नजर आ रहे हैं। उन्होंने प्रचार के दौरान जनता से कहा कि भाजपा नेता फ्रस्ट्रेट हो रखे हैं और उन्हें अल्हम्दुलिल्लाह होटल में जाकर बिरयानी खानी चाहिए। बता दें कि, यह होटल बीफ से जुड़ी डिश बनाने के लिए फेमस है।

अब ओवैसी की इसी टिप्पणी की प्रतिक्रिया में गोशामहल से भाजपा विधायक राजा सिंह का जवाब आया है। उन्होंने ओवैसी को पोर्क बिरयानी खाने के लिए आमंत्रित किया है। एक वीडियो में वह कहते सुने जा सकते हैं, “AIMIM का सांसद असदुद्दीन ओवैसी पुराने शहर में पार्टी प्रचार में लगा हुआ है और चुनाव के दरमियाँ वो ये कहता है कि भाजपा वाले फ्रस्ट्रेशन में आ गए हैं और वह उनको  बिरयानी खाने की सलाह दे रहा है।”

राजा सिंह आगे कहते हैं,

“ओवैसी ने जिस होटल का जिक्र बिरयानी खिलाने के लिए किया है। वहाँ पर बीफ की बिरयानी बनती है और वो बीजेपी वालों को कह रहा है बीफ की बिरयानी खाओ। तो मैं असदुद्दीन ओवैसी को कहना चाहता हूँ कि फ्रस्ट्रेशन में कौन है, ये तुम्हारे बयान से पता चल जाता है। बीजेपी की कभी किसी की भावनाओं को आहत करने की आदत नहीं है। लेकिन तुम्हारी ये आदत है कि चुनाव के समय पब्लिक को भड़काना है और बहुत ही गलत शब्दों का प्रयोग करना है।”

अपनी वीडियो में उन्होंने ओवैसी पर निशाना साधते हुए कहा, “हमारे पास भी वाल्मिकी समाज के भाई-बंधु हैं, जिनके पास होटल हैं और जो बहुत सुंदर बिरयानी बनाते हैं। एक बार उनकी बिरयानी भी खाकर देख लो, वो कितनी टेस्टी बिरयानी बनाते हैं।”

आगे राजा सिंह ने ओवैसी की पार्टी के टीआरएस के साथ गठबंधन को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि पुराने शहर का मुसलमान उन्हें वोट नहीं देगा। वह बोले कि AIMIM ने कभी मुसलमानों की भलाई नहीं चाही। उन्होंने जनता से AIMIM का बहिष्कार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस पार्टी का ऐसे बहिष्कार हो कि इनका एक पार्षद भी न जीतने पाए।

यहाँ बता दें कि राजा सिंह ने उक्त बातें न्यूजमीटर के ट्वीट पर शेयर हुई वीडियो में कहा है। न्यू इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार उन्होंने ओवैसी के बीफ बिरयानी के कमेंट को लेकर कहा, 

अमित शाह को बीफ खिलाने की बात कर चुके हैं ओवैसी

ओवैसी ने भाजपा नेताओं को बीफ खिलाने की बात पहली बार नहीं की है। वह लगातार भाजपा पर निशाना साधने के बहाने अक्सर हिंंदुओं की भावना आहत करते आए हैं। उन्होंने साल 2018 में अमित शाह को बीफ बिरयानी भिजवाने को कहा था। उन्होंने अमित शाह के लिए कहा था,

“हमें नहीं पता था कि आपको बिरयानी इतनी पसंद हैं। मैं अभी केसीआर को फोन करूँगा कि वह आपको (शाह को) कम से कम कल्याणी (बीफ) बिरयानी भिजवाएँ।”

पीएम मोदी पर कस चुके हैं बीफ खाने का तंज

इसके बाद ओवैसी ने साल 2019 में भी बीफ को लेकर जहर उगला था। ओवैसी ने पुलवामा हमले को लेकर पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा था, “वाह, क्या दिमाग है आपके पास, आप दिल्ली से बैठ कर देख सकते हैं कि बालाकोट में 300 फोन थे, लेकिन पुलवामा में 50 किलो आरडीएक्स चला गया, आपने उसे क्यों नहीं देखा?” उन्होंने आगे कहा, “आपने बिरयानी खा ली थी क्या? हो सकता है कि बीफ बिरयानी खाकर डकार लेकर सो गए होंगे?”


अदनान सामी के ट्वीट पर हंगामा : शराब इस्‍लामिक देश पाकिस्‍तान में खुले तौर पर मिलती है जैसे भारत में बीफ...

अदनान सामी के ट्वीट पर हंगामा, लिखा- शराब इस्‍लामिक देश पाकिस्‍तान में खुले तौर पर मिलती है जैसे भारत में बीफ...
सिंगर अदनान सामी के एक ट्वीट ने सोशल मीडिया पर जमकर हंगामा मचा रखा है. अदनान सामी ने इस ट्वीट में भारत और पाकिस्तान को लेकर बातें कही हैं, और इस वजह से सोशल मीडिया पर उनको काफी तीखे रिएक्शंस का भी सामना करना पड़ रहा है. मशहूर सिंगर अदनान सामी ने इस ट्वीट में भारत में बीफ और पाकिस्तान में शराब खुले तौर पर मिलने की बात कही है. हालांकि अदनान सामी ने पाकिस्तान को लेकर तंज कसा है, और उन्हें इसके लिए कई फॉलोअर्स के गुस्से का भी सामना करना पड़ रहा है.




अदनान सामी ने अपने ट्विटर (Twitter) एकाउंट पर लिखा हैः 'एक चीज तो मुझे पूरी तरह साफ हैः भारत में बीफ  खुले तौर पर मिलता है...बिल्कुल उसी तरह जैसे इस्लामिक देश पाकिस्तान में शराब मिलती है.' अदनान सामी के इस ट्वीट को लेकर उन्हें तरह-तरह के रिएक्शंस का सामना करना पड़ रहा है.
मशहूर सिंगर अदनान सामी ने 2016 में भारतीय नागरिकता ली थी, और तभी से वे भारत में रह रहे हैं. अदनान सामी का जन्म 15 अगस्त को हुआ था. अदनान इससे पहले पाकिस्तान के नागरिक थे. अदनान सामी का जन्म ब्रिटेन में हुआ था. अदनान सामी अपनी बेहतरीन गायकी की वजह से खास पहचान रखते हैं, वे प्राइवेट एल्बम के अलावा बॉलीवुड फिल्मों में भी अपनी आवाज दे चुके हैं. 

क्या प्रधानमंत्री ने बीफ बिरयानी खा ली और सो गए थे ? : असदुद्दीन ओवैसी

Asaduddin Owaisi
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का विरोध करने उनके किसी भी विरोधी के पास कोई ऐसा मुद्दा नहीं, जिससे मतदाता विचलित होकर मोदी यानि भारतीय जनता पार्टी के विरुद्ध अपना मत दे सके। लेकिन मोदी विरोध ने लगता है समस्त मोदी विरोधियों के दिलो-दिमाग में दीमक लग गयी है। जिसका प्रमाण असदुद्दीन ओवैसी के भाषण से मिलता है। जबकि ओवैसी को इतनी हल्की बात नहीं बोलनी थी, क्योकि उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र में ऐसे काम किये हैं, जिनकी वजह से उनको हराना असम्भव है। अपने हैदराबाद प्रवास के दौरान उनके जनहित कार्यों को बहुत निकट से देखा है, बेशक वह काम अधिकाँश मुस्लिम समाज के हित में हैं, लेकिन काम ही काम ही होता है। उनके कामों को देख एवं सुनकर दिल करता था कि हर सांसद ही नहीं बल्कि किसी भी सदन के लिए निर्वाचित सदस्य को भी इसी भाँति जनहित में काम क्यों नहीं करते?  
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मार्च 23 को पुलवामा आतंकी हमले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला, और पूछा कि जबकि हमला हुआ तब क्या प्रधानमंत्री ने बीफ बिरयानी खा ली और सो गए थे? ओवैसी ने कहा, 'भारतीय वायु सेना ने बालाकोट में बम गिराए। इस पर भाजपा प्रमुख अमित शाह ने कहा कि 250 आतंकवादी मारे गए और गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि एनटीआरपी ने 300 सेल फोन टैप किए।'
ओवैसी ने मार्च 23 को एक बैठक को संबोधित करते हुए कहा, 'आप देख सकते हैं कि बालाकोट में 300 सेल फोन थे, लेकिन आप यह देखने में विफल रहे कि 50 किलो आरडीएक्स को पुलवामा में आपकी नाक के नीचे कैसे ले जाया गया?' 
उन्होंने कहा, 'मैं पीएम मोदी और राजनाथ सिंह से पूछना चाहता हूं कि क्या उन्होंने बीफ बिरयानी खाई और सो गए?'
असदुद्दीन ओवैसी हैदराबाद से आगामी लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी लड़ाई उन ताकतों के खिलाफ है जो देश में धर्मनिरपेक्षता और भाईचारे को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। 
एमआईएम नेता हैदराबाद से लगातार चौथी बार चुनाव लड़ रहे हैं। यह संसदीय सीट लगभग तीन दशकों से एमआईएम का गढ़ है। उनके पिता सुल्तान सलाहुद्दीन ओवैसी भी इस संसदीय सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और वह यहां से लगातार छह बार (1984-2004) निर्वाचित हुए थे।

तीन किलोग्राम बीफ का पता लग सकता है, लेकिन 350 किलोग्राम आरडीएक्स का नहीं: हारून यूसुफ

दिल्ली कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष हारून यूसुफ के एक बयान से फरवरी 21 को उस वक्त विवाद खड़ा गया हो गया जब उन्होंने पुलवामा आतंकी हमले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा और सवाल किया कि तीन किलोग्राम बीफ का पता लगाया जा सकता है, लेकिन 350 किलोग्राम आरडीएक्स के बारे में पता क्यों नहीं चला। यूसुफ ने ट्वीट कर आरोप लगाया, ”प्रधानमंत्री मोदी तीन किलोग्राम बीफ का पता लगा सकते हैं, लेकिन 350 किलोग्राम आरडीक्स के बारे में उन्हें पता नहीं चला। 
इसको लेकर भाजपा नेताओं के हमले के बारे में पूछे जाने पर यूसुफ ने कहा, ”मैंने क्या गलत कहा है। मैंने जो कहा, वो सही है। देश में लोगों की पीट-पीटकर हत्या कर दी जाती है। आप बीफ के बारे में पता लगा लेते हैं, लेकिन इतने ज्यादा आरडीएक्स का पता नहीं चला। यह कैसे हो सकता है। उन्होंने कहा, ”सवाल तो पूछे जाने चाहिए। हमले के बाद हमारे प्रधानमंत्री शूटिंग कर रहे थे। फिर तो सवाल पूछे जाएंगे। भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने इस बयान के बारे में पूछे जाने पर कहा कि यह शर्मनाक और गैरजिम्मेदराना टिप्पणी है।