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दिल्ली : केजरीवाल सरकार ने पटाखों पर लगाया प्रतिबंध, इस बार भी सूनी रहेगी दिवाली: बोले AAP के मंत्री – दीया जलाइए

दिल्ली वालों की दिवाली इस बार भी सूनी रहने वाली है। केजरीवाल सरकार ने सोमवार (11 सितंबर, 2023) को आदेश जारी कर पटाखों के बनाने, भण्डारण और बिक्री पर रोक लगा दी है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने इसकी जानकारी देते हुए लोगों से दीये जलाकर दिवाली मनाने की अपील की।

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा, “दिल्ली में खासतौर से दिवाली के अवसर पटाखे जलाने से जो प्रदूषण पैदा होता है, उसे रोकने के लिए सीएम केजरीवाल ने सभी तरह के पटाखों के निर्माण, भंडारण, बिक्री, ऑनलाइन डिलीवरी और जलाने पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया है। पुलिस को दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से यह निर्देश जारी करने के लिए कहा गया है कि किसी भी तरह का लाइसेंस जारी न किया जाए।”

पत्रकारों ने गोपाल राय से हिंदू त्योहारों पर ही रोक लगाने को लेकर सवाल किया। इस पर उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि जो बदली हुई परिस्थितियाँ हैं उसमें हमें धूमधाम से श्रद्धा के साथ त्योहार मनाना जरूरी है। उतना ही सब लोगों की जिंदगी बचाना जरूरी है। इसलिए पिछले 2 साल से यह निर्णय लिया जा रहा है। दिल्ली के लोगों द्वारा सहयोग भी मिल रहा है। हमारी लोगों से अपील है कि दीये जलाकर धूमधाम से हम दिवाली मनाएँ।”

उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली में सर्दी के मौसम में प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। जनवरी से लेकर अगस्त के महीने तक दिल्ली का औसत AQI काफी कम रहा है। 10 सितंबर को दिल्ली में एक्यूआई 45 था। लेकिन धीरे-धीरे अक्टूबर के महीने में सर्दी बढ़ने के साथ दिल्ली के वातावरण में नमी आती है और यहाँ के पार्टिकल मैटर जमा होने शुरू होते हैं। इसमें दिल्ली के बाहर और दिल्ली के अंदर का प्रदूषण यहाँ की हवा को जहरीला बना देते हैं।

गोपाल राय ने दिल्ली के प्रदूषण को नियंत्रित करने को लेकर प्लानिंग की जानकारी देते हुए कहा कि प्रदूषण रोकने के लिए दिल्ली सरकार ने एक्शन प्लान बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत 12 सितंबर को दिल्ली सचिवालय में एक्सपर्ट्स के साथ मीटिंग होगी। 14 सितंबर को ऑल डिपार्टमेंट्स के अधिकारियों की बैठक होगी। इसमें विंटर एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा।


पंजाब : AAP दीवाली को करती है बदनाम ; पराली जलाने की घटनाएँ 10000 के पार, पिछले साल के मुकाबले 25% अधिक

                                             साभार: Tribune India
मौजूदा मौसम में पंजाब में पराली जलाने की घटनाएँ 10,000 के पार हो गई हैं। उधर नवाँशहर पहुँचे राज्य के कृषि मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल कह रहे हैं कि राज्य की AAP सरकार ने किसानों को पराली के प्रबंधन के लिए सब्सिडी पर 1.33 लाख उपकरण मुहैया कराए हैं। जबकि वास्तविकता ये है कि अकेले शुक्रवार (28 अक्टूबर, 2022) को राज्य में पराली जलाने की 2000+ घटनाएँ सामने आई हैं। ये अब तक एक दिन में रिकॉर्ड है।

अगर समान अवधि की ही बात करें तो पिछले साल के मुकाबले इस साल पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं में 26.5% की वृद्धि दर्ज की गई है। शुक्रवार को 2067 जगह पराली जलाया जाना एक नया रिकॉर्ड है। पराली जलाने की कुल घटनाओं की संख्या अब 10,214 के पार चली गई है। जबकि पिछले वर्ष 15 सितंबर से लेकर 28 अक्टूबर तक इसी अवधि में ऐसी 7503 घटनाएँ सामने आई थीं। शुक्रवार को सबसे ज्यादा मामले संगरूर में सामने आए।

जिले में पराली जलाने की एक दिन में 296 मामले सामने आए। इसके बाद पटियाला का स्थान आता है, जहाँ 274 जगह पराली जलाई गई। तीसरे नंबर पर तरनतारण जिले में 258 जगह से पराली जलाने की घटनाएँ सामने आईं। इसी तरह कपूरथला (137), फ़िरोजपुर (131), बठिंडा (124) और जालंधर (116) भी पीछे नहीं रहा। पठानकोट अकेले ऐसा जिला है, जहाँ से पराली जलाने की कोई भी घटना सामने नहीं आई।

अब तक के कुल आँकड़ों की बात करें तो इस साल सबसे ज्यादा पराली जलाने की घटनाएँ तरनतारण (1996) में सामने आई हैं। इसी तरह अमृतसर में पराली जलाने की 1245, पटियाला में 1059 और संगरूर में 760 मामले सामने आए हैं। खास बात ये भी है कि संगरूर में 760 में से 550 मामले पिछले 3 दिनों में ही सामने आए हैं। अकेले पंजाब के 10 जिले राज्य में पराली जलाने की 83% घटनाओं के लिए जिम्मेदार हैं।

इनमें से 5 जिले मालवा में आते हैं, जबकि 2 दोआब और 3 माँझा में स्थित हैं। हरियाणा में पराली जलाने के मामले में सुधार हुआ है। जहाँ पिछले साल इस तरह की 2252 घटनाएँ सामने आई थीं, इस साल आँकड़ा 24% की गिरावट के साथ 1701 पर है।2021 में दिल्ली में पराली जलाने के एक भी मामले नहीं थे, जबकि इस साल यहाँ भी ऐसी 5 घटनाएँ हुई हैं। मध्य प्रदेश में भी 14% की गिरावट दर्ज की गई है। उत्तर प्रदेश में भी मामले घटे हैं।

भाजपा इसे लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर हमलावर हैं, जो पिछले साल तक पंजाब-हरियाणा को दोष देते फिरते थे और इस साल चुप्पी साध कर दीवाली के पटाखे प्रतिबंधित करने में लगे रहे। दिल्ली में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा कि केजरीवाल सरकार प्रदूषण को नियंत्रित करने में नाकाम रही है और यमुना साफ़ करने के नाम पर उसमें ज़हरीला सिलिकॉन डिफॉमर डाल रही है। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी कहा कि प्रदूषण का कारण पराली जलाने की घटनाओं में वृद्धि है, लेकिन हिन्दू विरोधी AAP दीवाली को बदनाम करती है।

दिल्ली : AAP सरकार के पटाखा प्रतिबंध की लोगों ने उड़ा दी धज्जियाँ

                       केजरीवाल सरकार के बैन के बावजूद लोगों ने धड़ाधड़ शेयर की पटाखा फोड़ने की तस्‍वीरें
देश भर में दिवाली का जश्न जारी है और हिंदुओं के इस प्रमुख त्‍योहार में पटाखा फोड़ने की परंपरा रही है। हालाँकि, गत कई वर्षों से पटाखों पर बैन है ओर इस संबंध में कई याचि‍काएं कोर्ट में यह कहकर खारिज की जाती रहीं हैं क‍ि इससे प्रदूषण में बढ़ोतरी होगी। जबकि दिवाली से पहले ही प्रदुषण लगभग 300 तक पहुँच चूका था। प्रदुषण हो या कोरोना केजरीवाल कुछ करने की बजाए भाजपा या उपराज्यपाल पर ही दोषारोपण करते रहे हैं। केजरीवाल भाषण के अलावा कुछ काम करने में पूर्णरूप से असमर्थ होने के कारण ही अपने पास एक भी मंत्रालय नहीं रखा, क्यों? वैसे हमारा मीडिया भी कुछ कम नहीं। दिवाली पर आतिशबाज़ी से बड़े प्रदुषण पर चीख-पुकार करने वाला मीडिया बकरा ईद पर कहाँ था? जब बकरे अथवा भैसे के गंद को न उठाए जाने के कारण घरों में बैठना मुश्किल हो रहा था। लेक‍िन, आम जनमानस ने सरकार और कोर्ट का फैसला पूरी तरह मान ल‍िया, ऐसा होता तो बिल्‍कुल भी नहीं दिख रहा। सोशल मीडिया यूजर्स अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी के नेतृत्व वाली  सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंध की अवहेलना करते हुए दिल्ली में पटाखे जलाने के वीडियो और तस्वीरें अपलोड कर रहे हैं।

जिस तरह देर रात तक दिल्ली में आतिशबाज़ी हुई है, ऐसा नहीं कि इसमें भाजपाई ही थे, हर तरफ होती आतिशबाज़ी से साफ़ दिख रहा है, इसमें सभी शामिल थे। जबकि सोशल मीडिया पर केजरीवाल समर्थक सारा दोष भाजपा पर डाल अपना बचाव करते हुए बच्चों को आगे करने पर आपत्ति भी कर रहे हैं। लेकिन बच्चों और महिलाओं को आगे कर सियासत करने का रास्ता दिखाने वाली भी आम आदमी पार्टी है। CAA विरोध हो या किसान आंदोलन, दुनियां ने देखा। CAA धरने में तो कड़कती ठंठ में दूध पीते बच्चों तक को लेकर ड्रामा किया गया था। 

ट्विटर पर यूजर्स ने हैशटैग #DhuaHuaKejriwal का इस्तेमाल किया और तस्वीरें और वीडियो शेयर किए। शेयर किए गए विजुअल दिल्ली के लग रहे हैं, लेक‍िन ऑपइंडिया समय की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं कर सका। एक यूजर श्रवण बिश्नोई ने लिखा, “कथित तौर पर दिल्ली आज धमाल मचा रही थी…हर हर महादेव।”

एक अन्य यूजर गौरव ने लिखा, “औरंगजेब के बेटे को अपना साहस दिखाने के लिए दिल्ली का धन्यवाद ।” इसके साथ ही गौरव ने आकाश में आतिशबाजी का एक वीडियो साझा किया।

ट्विटर यूजर मयंक सिंह ने लिखा, ”#CrackerBan my foot अरविंद केजरीवाल, एक दिन दिवाली सेलेब्रेशन के बदले पराली और दिल्ली वाहन प्रदूषण पर अपना ज्ञान दें।” मयंक ने #DhuaHuaKejriwal हैशटैग के साथ पटाखे फोड़ते हुए एक वीडियो ट्वीट किया।

एक यूजर अनुश्री ने पटाखा फोड़ते हुए वीडियो शेयर क‍िया और लिखा, “हैप्‍पी दिवाली। अरविंद केजरीवाल और दोस्तों को समर्पित!”

भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय सचिव तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने भी ट्विटर पर केजरीवाल पर तंज कसते हुए लिखा, “अरविंद केजरीवाल कह रहे थे कि फुलझड़ियाँ जलाने पर हिंदुओं के बच्चों को 6 महीने के लिए जेल भेज दिया जाएगा, बच्चों ने धज्जियाँ उड़ा दी केजरीवाल की।”

दिल्ली सरकार ने खराब वायु गुणवत्ता का हवाला देते हुए राज्य में सभी प्रकार के पटाखों के निर्माण, भंडारण, बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया था। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने 19 अक्टूबर को कहा था कि राष्ट्रीय राजधानी में पटाखों का निर्माण, भंडारण और बिक्री एक दंडनीय अपराध है। उन्होंने आगे कहा कि इन गतिविधियों में लिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को 5,000 रुपये का जुर्माना और छह महीने की जेल की सजा हो सकती है। यहां तक कि दिवाली पर पटाखे खरीदने और फोड़ने पर 200 रुपये का जुर्माना और छह महीने की जेल हो सकती है।

जहां तक पटाखों से वायु प्रदूषित होने की थ्‍योरी है, दिल्ली की खराब वायु गुणवत्ता के लिए केवल एक दिन पटाखा फोड़े जाने को जिम्‍मेदार नहीं ठहराया जा सकता। पड़ोसी राज्यों, विशेषकर पंजाब में पराली जलाने की वजह से यह समस्‍या विकराल रूप लेती है। अक्टूबर के मध्य में होने वाली कटाई के बाद पराली जलाने से वायू प्रदूषक कण राष्ट्रीय राजधानी की ओर आ जाते हैं जिससे दिवाली के आसपास वायु की गुणवत्ता गंभीर रूप से प्रदूषित हो जाती है।