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पंजाब : AAP के इस विधायक के सामने तो केजरीवाल भी फेल: सैलरी ना लेने का वादा कर ले लिए लाखों, साइकिल से चलने की बात कर लिया 3 लाख का डीजल अलाउंस

पंजाब में नाभा के आम आदमी पार्टी के विधायक गुरदेव सिंह मान ने पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल को भी पीछे छोड़ दिया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सत्ता में आने से पहले वादा किया था कि वे कोई घोड़ा-गाड़ी या महल नहीं लेगें। राजनीति से भ्रष्टाचार दूर करने का वादा कर कुर्सी संभालने वाले केजरीवाल खुद इस दलदल में इतना डूब गए कि आज दुनियाभर में उनके शीशमहल की चर्चा हो रही है। लक्जरी गाड़ियों के काफिले के साथ चलते हैं। आप संयोजक केजरीवाल की ही राह पर चलते हुए गुरदेव सिंह मान ने दावा किया था कि वह अपनी सरकार के दौरान किसी प्रकार की कोई सरकारी सुविधा या अपना वेतन नहीं लेंगे।

उस समय उन्होंने दावा किया था कि वह सिर्फ 1 रुपए वेतन लेंगे। इसकी काफी चर्चा भी हुई थी। यह पूछने पर कि अपना खर्चा कैसे चलाएंगे तो उन्होंने कहा था कि उनकी पत्नी की कैनेडियन पीआर है और इतना बंदोबस्त है कि वह खर्च निकाल लेंगे। कार लेने के मामले में उन्होंने कहा था कि वह अकसर साइकिल से ही इलाके में घूमते हैं और साइकिल चलाना उनका शौक भी है।

लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि वे वेतन और भत्ता के मद में लाखों रुपये ले चुके हैं। आरटीआई से खुलासा हुआ है कि वे साल भर में 10 लाख रुपये की सैलरी और तीन लाख रुपये की डीजल अलाउंस ले चुके हैं। इससे उनकी भद्द पिट रही है। लोग सोशल मीडिया पर तंज कस रहे हैं। आप भी देखिए लोग सोशल मीडिया पर क्या कह रहे हैं।



NDTV : बच्चों के नाम पर पैसे वसूल कर भर रहा खुद की जेब? – NCPCR ने दर्ज की शिकायत

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR, देश में बाल अधिकारों के कानूनों और नीतियों के लिए जिम्मेदार शीर्ष निकाय) ने आर्थिक अपराध शाखा को पत्र लिखते हुए विवादास्पद न्यूज़ चैनल NDTV के खिलाफ धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए मामले में उचित कार्रवाई की माँग की है। आयोग का आरोप है कि चैनल बच्चों की आड़ में अवैध रूप से पैसा कमाने का काम कर रहा है।

दिल्ली पुलिस के ईओडब्ल्यू के जॉइंट कमिश्नर को लिखे गए पत्र में – NCPCR ने भारत सरकार के साथ काम करने वाले एक फाउंडेशन के नाम का उपयोग करके बच्चों के लिए कथित फंड इकट्ठा करने के लिए NDTV के खिलाफ एक शिकायत की जाँच करने के लिए कहा है।

NCPCR ने अपने पत्र में कहा कि उन्हें NDTV के खिलाफ एक शिकायत मिली है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि विवादास्पद समाचार कंपनी UNICEF के साथ मिल कर चीन से फैले कोरोना वायरस महामारी से प्रभावित बच्चों की मदद के लिए फंड इकट्ठा कर रहा है।

शिकायतकर्ता ने कहा था कि NDTV ने दावा किया है कि ये फंड चाइल्डलाइन इंडिया फाउंडेशन के लिए इकट्ठा किया जा रहा है, जो महिला और बाल विकास मंत्रालय के साथ काम करती है। बता दें कि चाइल्डलाइन इंडिया फाउंडेशन मंत्रालय के तहत एक नोडल एजेंसी है, जो संकटग्रस्त बच्चों के लिए ‘चाइल्डलाइन 1098’ नामक एक टेलीफोन हेल्पलाइन संचालित करती है।

हालाँकि, यह बात चौकाने वाली है कि कथित फाउंडेशन और मंत्रालय को NDTV द्वारा इनके नाम पर आयोजित धन उगाही अभियान के बारे में पता नहीं है।

                                                            NCPCR का इस संबंध में पत्र
NCPCR को लिखे गए अपने पत्र में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि NDTV द्वारा शुरू किया गया कथित धन उगाहने वाला आयोजन महज एक धोखाधड़ी था, जिसमें चैनल द्वारा अपने फायदे के लिए अवैध तरीके से बच्चों के नाम का इस्तेमाल पैसा जुटाने के लिए किया गया था।

ईओडब्ल्यू की शिकायत को फॉरवर्ड करते हुए NCPCR ने अब NDTV के खिलाफ कार्रवाई के लिए एक पत्र लिखा है और समाचार कंपनी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए इस तरह धन जुटाने और इससे प्राप्त धन के उपयोग को लेकर जाँच की माँग की है। इसके अलावा NCPCR ने बाल अधिकारों के संरक्षण अधिनियम, 2005 की धारा 13 (1) (j) के तहत NDTV पर कार्रवाई करने की बात कही है।

विवादास्पद मीडिया हाउस NDTV, जिसके प्रमोटर्स मनी लॉन्ड्रिंग और टैक्स धोखाधड़ी के मामलों में आरोपित हैं, ने नवंबर 2020 में COVID-19 संकट के दौरान बच्चों की सहायता के लिए ‘NDTV-UNICEF रिइमैजिन टेलीथॉन‘ के तहत धन इकट्ठा करने वाली एक कथित पहल शुरू की थी।

NDTV के अनुसार, इसने बच्चों के लिए फंड इकट्ठा करने के लिए UNICEF के साथ हाथ मिलाया था। ‘रिइमैजिन’ स्पेशल टेलीथॉन का मुख्य उद्देश्य COVID-19 संकट से प्रभावित सबसे कमजोर बच्चों की मदद करना है, जो कि NDTV द्वारा निर्धारित फंड लॉन्च पर दावा किया गया था।

लॉन्च के दौरान NDTV ने कहा था, “इस महामारी से शिकार बच्चों को भुला दिया गया है। COVID ने न केवल बच्चों के स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित किया है, बल्कि इसके चलते कई बच्चों ने अपना स्कूल छोड़ दिया है। लॉकडाउन के सुकून के साथ, चीजों में सुधार होगा लेकिन बहुत लंबे समय तक यह स्थिति सामान्य नहीं होगी। जिसके चलते जीवन, शिक्षा और भविष्य में काफी नुकसान होगा।”

लॉन्च के दौरान, NDTV ने दावा किया था कि स्वास्थ्य देखभाल, पोषण और टीकाकरण जैसे तत्काल वित्त पोषण और महत्वपूर्ण जीवन-यापन हस्तक्षेप के बिना, अगले छह महीनों में हर दिन भारत में अतिरिक्त 1600 बच्चे मर सकते हैं। बच्चों की मदद करने के नाम पर फंड की माँग करते हुए NDTV ने यह दावा करते हुए धनराशि माँगी थी कि वे सबसे कमजोर वर्ग के बच्चों की रक्षा करेंगे।

NDTV ने दावा किया, “हमारे बच्चों के भविष्य को फिर से रिइमैजिन करें। NDTV और UNICEF के विशेष अभियान, “रिइमैजिन अवर चिल्ड्रन फ्यूचर में शामिल हों।”

जहाँ एक तरफ NDTV ने दावा किया है कि उन्होंने UNICEF के साथ धन इकट्ठा करने का आयोजन किया था, वहीं वैश्विक बाल अधिकार संस्था ने NDTV द्वारा किए गए इस तरह के दावों का खंडन किया। NDTV द्वारा यूनिसेफ के नाम के इस्तेमाल को लेकर वैश्विक संगठन ने एक बयान जारी कर कहा कि कुछ संगठन और व्यक्ति बिना किसी प्राधिकरण के धन जुटाने और प्रचार के लिए यूनिसेफ के नाम का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।

UNICEF ने विवादास्पद न्यूज़ आउटलेट का नाम लिए बिना NDTV के धन उगाहने वाले अभियान की आलोचना करते हुए कहा, “हम इस अनैतिक अभ्यास की निंदा करते हैं और इसमें शामिल संगठनों/व्यक्तियों से नाता तोड़ते हैं।”

NDTV ने अभी तक अपने ऊपर लगे आरोपों का जवाब नहीं दिया है। बता दें कि NCPCR में दर्ज शिकायत और NDTV के कथित धन उगाहने की घटना को लेकर आर्थिक अपराध शाखा को दिए गए पत्र के बाद अब इस समाचार कंपनी के खिलाफ विस्तृत जाँच हो सकती है।

राममन्दिर : क्लोन किया चेक देकर राम मंदिर ट्रस्ट से लाखों रुपए उड़ा लिए

VHP general Secretary Champat Rai said obstacle of build Ram temple in  Ayodhya will solveकहते कि "गांव बसा नहीं, लुटेरे पहले आ थमके", अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए जमा हो रही रकम पर जालसाजों ने हाथ साफ कर दिया। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खाते से लाखों रुपए निकाल लिए गए। दो बार ऐसा हुआ। ट्रस्टवालों को इसकी भनक भी नहीं लगी। तीसरी बार में बड़ी रकम निकालने की कोशिश हुई, लेकिन पोल खुल गई। अब पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच चल रही है।
बताया जा रहा है कि ये पूरी धोखाधड़ी चेक की क्लोनिंग करके की गई। मतलब ओरिजिनल चेक ट्रस्ट के ही पास थे, लेकिन उनके सीरियल नंबर दूसरे फर्जी चेक पर छाप दिए गए। दस्तखत भी जालसाजी से बना दिए गए।
‘इंडिया टुडे’ के कुमार अभिषेक की रिपोर्ट के मुताबिक, इस फर्जीवाड़े की शुरुआत हुई 1 सितंबर 2020 के दिन। जालसाज ने लखनऊ के बैंक में एक चेक लगवाया। ढाई लाख रुपए का। ये चेक श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खाते का क्लोन्ड चेक था। बैंक से चेक पास हो गया। दो दिन बाद ही इसी बैंक में एक और चेक लगाया गया। साढे़ तीन लाख रुपए का। ये चेक क्लोन किया गया था। लेकिन बैंकवालों ने इस पर भी मुहर लगा दी। इस तरह छह लाख रुपए तीन दिन के अंदर ट्रस्ट के खाते से गायब कर दिए गए।
फिर जालसाज ट्रस्ट का एक और क्लोन चेक लेकर बैंक पहुंचा। रकम थी 9 लाख 86 हजार रुपए।अमाउंट बड़ा था, इसलिए बैंक वालों ने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को फोन करके कन्फर्म किया। तब उन्होंने बताया कि ऐसा तो कोई चेक जारी करने के लिए नहीं कहा गया है। फिर बैंक ने तुरंत पेमेंट रोकते हुए जांच की तो फर्जीवाड़ा पकड़ में आया। चंपत राय की शिकायत पर अयोध्या कोतवाली में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है।

60 लाख की ठगी में हरियाणवी नायिका गिरफ्तार

नोटबंदी (Demonetization) के दौरान एक महिला से 60 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में हरियाणा से एक्ट्रेस-सिंगर शिखा राघव (27) को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी जनवरी 10 को उत्तरी जिला पुलिस ने की है। उसे 60 लाख रुपये की धोखाधड़ी में दो साल पहले दिल्ली की कोर्ट ने भगोड़ा घोषित किया था। वह काफी समय से हरियाणा और दिल्ली पुलिस को चकमा दे रही थी, अब जाकर वह गिरफ्त में आई है। 
दिल्ली पुलिस की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, सिंगर शिखा राघव को बृहस्पतिवार को स्थानीय पुलिस की मदद से हरियाणा के बहादुरगढ़ से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के दौरान शिखा शूटिंग कर रही थी।
आरोप
उत्तरी जिला पुलिस के मुताबिक, दो साल पहले नवंबर 2016 में हुई नोटबंदी के दौरान एक महिला के पास पुराने नोट थे। आरोप है कि हरियाणा की सिंगर-एक्ट्रेस ने महिला को नोट बदलवाने का झांसा देकर 60 लाख रुपये ले लिए, लेकिन उसने महीनों तक अपना वादा नहीं निभाया। महिला ने इस बाबत कई बार शिखा से गुजारिश की, लेकिन उसने साफतौर पर मना कर दिया। इसके बाद पीड़ित महिला ने अपनी शिकायत पुलिस में दर्ज करवाई थी, जिसमें शिखा को नामजद किया था।
ऐसे हुई गिरफ्तारीदिल्ली पुलिस ने बताया कि जनवरी 10 को दिन में शूटिंग के दौरान शिखा को हरियाणा के बहादुरगढ़ से गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में पुलिस शिखा के साथी पवन को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस ने शिखा की गिरफ्तारी के लिए स्थानीय पुलिस की भी मदद ली। वहीं, शिखा को इस बात भनक नहीं थी कि पुलिस शूटिंग स्थल के इर्द-गिर्द तैनात है और वह गिरफ्तार होने वाली है।
कौन है पीड़िता, जिसके साथ हुई 60 लाख की धोखाधड़ी
जानकारी के मुताबिक, दिल्ली के राणा प्रताप बाग की रहने वाली संतोष भारद्वाज हरियाणा सिंगर-एक्ट्रेस शिखा राघव के झांसे में आई थी। शिखा ने अपने रसूख का हवाला देते हुए कहा था कि उसकी बड़े लोगों से जान पहचान है, इसलिए वह आसानी से पुराने नोट बदलवाकर नए नोट दिलवा देगी।  संतोष भी शिखा की बातों में आ गई और 60 लाख रुपये दे दिए।

दिल्ली की रामलीला में सीता बनती थी शिखा
ठगी की पीड़िता संतोष ने बताया कि वह सुभाष प्लेस रामलीला कमेटी में सलाहकार थी। इस दौरान उसकी मुलाकात एक्ट्रेस शिखा राघव व पवन से हुई थी। जहां  पवन राम की भूमिका तो सीता की भूमिका शिखा निभा रही थी।
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उत्तर प्रदेश के बहराइच स्थित कतर्नियाघाट वन्य जीव विहार में अवैध शिकार करने के आरोप में गिरफ्तार अंतरराष्ट्रीय ग...

इस दौरान हुई मुलाकात में संतोष ने शिखा को बताया कि उसके पास 60 लाख मूल्य के पुराने नोट पड़े थे। इस पर शिखा और पवन ने कहा कि नोट बदल जाएंगे। आश्वासन देने के साथ शिखा ने संतोष से 60 लाख रुपये ले लिए।