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TMC ने बंगाल में नागिन डांस के साथ मनाया स्वतंत्रता दिवस; ‘सैंया जी गमछा बिछाई के…’

पश्चिम बंगालसोशल मीडिया पर इस वक्त पश्चिम बंगाल का एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में मंच पर स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी और उनकी ही पार्टी के सांसद अभिषेक बनर्जी मौजूद हैं, जिनके पीछे एक बड़ा सा बैनर लगा हुआ है। जिसके सामने ‘नागिन-नागिन’ गाने पर कुछ लड़कियाँ उत्तेजक डांस करती हुई नजर आ रही है। इनका नृत्य देखकर वहाँ मौजूद लोग सीटियाँ बजाते हुए हूटिंग कर रहे।
इंडिया टुडे के रिपोर्ट के अनुसार यह वीडियो 15 अगस्त को स्वतन्त्रता दिवस की वर्षगाँठ के मौके पर पश्चिम बंगाल के 24 परगना में हुए एक कार्यक्रम के दौरान का है। सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर बंगाल में सत्तारूढ़ पार्टी के इस वीडियो की जमकर आलोचना हो रही है। यह कार्यक्रम स्थानीय तृणमूल कांग्रेस समिति द्वारा उत्तर 24 परगना जिले डींगा के सोहाई-स्वेतपुर क्षेत्र में आयोजित किया गया था।

मंच पर जारी डांस के बीच एक स्थानीय तृणमूल नेता वीडियो में कहते है, “सोहाई-स्वेतपुर तृणमूल कांग्रेस समिति ने 74 वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाने के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया है। हमारे पंचायत समिति के नेता जल्द ही हमें संबोधित करेंगे।”
वहीं वीडियो के वायरल होने के बाद टीएमसी के जिला प्रवक्ता सुनील मुखर्जी ने इस पर पार्टी की तरफ से सफाई पेश की है। उन्होंने कोरोना वायरस का हवाला तो दिया, लेकिन राष्ट्रीय के सम्मान में इस तरह के आयोजन करने पर कोई टिप्पणी नहीं की।
मुखर्जी ने कहा, “हमारे सीएम ने बार-बार पार्टी कार्यकर्ताओं से महामारी के दौरान इस तरह के आयोजन नहीं करने के लिए कहा है। मैंने व्हाट्सएप पर वीडियो देखा है। यह निस्संदेह गलत है।”
पश्चिम बंगाल में इससे पहले भी स्वतंत्रता दिवस के मौके पर तृणमूल कांग्रेस द्वारा एक अश्लील कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। जिसमें एक लड़की तिरंगे से सजे मंच पर ‘सैंया जी गमछा बिछाई के…’ पर अश्लील डांस करते हुए नजर आ रहीं है।
इसके अलावा वीडियो में मौजूद लोग सिटी बजाते, चिल्लाते और लड़की को पैसे देते हुए भी नजर आ रहे है।
दिल्ली में भी आम आदमी पार्टी के जुनैद अंसारी का वीडियो वायरल हो रहा, इसकी पुष्टि तो नहीं हो पायी है की यह कब की है? परन्तु ट्विटर पर ट्रेंड कर रहा है।  

AAP की आरती ने ‘नाजी सैल्यूट’ से की ‘वन्दे मातरम्’ की तुलना

वन्दे मातरम्, अरविन्द केजरीवाल
आरती चड्ढा ने की पुष्टि- केजीरवाल ने 'वन्दे मातरम' पर नहीं उठाया हाथ?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 74वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किला पर ध्वजारोहण किया और उसके बाद देश को सम्बोधित किया। इस दौरान केंद्रीय मंत्रिमंडल के कई सदस्यों के साथ-साथ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल भी वहाँ उपस्थित थे। भाजपा नेताओं का आरोप है कि जब पीएम मोदी ने जब ‘वन्दे मातरम्’ का उद्घोष किया तो, केजरीवाल ने न इसे दोहराया और न हाथ उठाया।
लेकिन ट्विटर पर केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का भी यह ट्वीट खूब चल रहा है: 

आदेश गुप्ता, मीनाक्षी लेखी, तजिंदर बग्गा, कपिल मिश्रा, मनोज तिवारी और प्रवेश साहिब सिंह वर्मा जैसे नेताओं ने इस आरोप को आगे बढ़ाया और भाजपा के दिल्ली व बिहार के आधिकारिक ट्विटर हैंडलों से इसे ट्वीट किया गया। अब खुद आम आदमी पार्टी (AAP) ही इसकी पुष्टि कर रही है कि दिल्ली सीएम ने उस समय बाकियों से अलग रुख अपनाया, जिसका अर्थ है कि उन्होंने ‘वन्दे मातरम्’ को न तो दोहराया और न ही हाथ उठाया।
आम आदमी पार्टी की नेशनल सोशल मीडिया टीम का हिस्सा आरती चड्ढा ने ट्विटर पर भारत के राष्ट्रगीत के उद्घोष की तुलना जर्मनी में नाजी युग के सैल्यूट यानी हैल हिटलर (Heil Hitler) के साथ की। उन्होंने दो तस्वीरें साझा की जिसमें एक जर्मनी का है और जहाँ सारे लोग ‘हैल हिटलर’ पर हाथ उठा कर सम्मान देते हुए नज़र आते हैं, वहीं एक व्यक्ति है जो भीड़ में खड़ा है, कोई मूवमेंट नहीं कर रहा। इसकी तुलना आरती ने कल के केजरीवाल के वायरल फोटो के साथ की।



आरती का कहना है कि जिस तरह नाजी जर्मनी में ‘ हैल हिटलर’ पर हाथ उठा कर सम्मान नहीं दिया, ठीक वैसा ही दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में ‘वन्दे मातरम्’ के साथ किया। साथ ही आरती ने ये भी लिखा कि एक ऐसा व्यक्ति को बाकियों से अलग खड़ा होने की हिम्मत रखता है। आरती ने अरविन्द केजरीवाल को जन्मदिन विश करते हुए ऐसा कहा।
अब पूरा माजरा समझते हैं। सबसे पहले भाजपा नेता तजिंदर बग्गा ने ट्विटर पर इस वीडियो को शेयर करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री की आलोचना की। दिल्ली बीजेपी के प्रवक्ता तजिंदर बग्गा द्वारा शेयर किए गए वीडियो में दिख रहा है कि जब पीएम मोदी ‘वन्दे मातरम्’ का उद्घोष करते हैं तो वहाँ उपस्थित सभी लोग अपने दोनों हाथ उठा कर इसे दोहराते हैं, लेकिन अरविन्द केजरीवाल चुपचाप मास्क लगा कर बैठे हुए हैं और उन्होंने कोई मूवमेंट नहीं की।
भाजपा नेता ने ट्विटर पर इस वीडियो को शेयर करते हुए आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो से पूछा कि बाटला हाउस एनकाउंटर के आतंकवादियो के लिए तो आपके हाथ बड़ी जल्दी खड़े हुए थे, सर्जिकल स्ट्राइक के समय सेना से सबूत माँगने के लिए तो आपके हाथ बड़ी जल्दी खड़े हुए थे, तो आज आपको कौन सी बीमारी हो गई कि आपने ‘वन्दे मातरम्’ पर आपने हाथ खड़े करने से मना कर दिया?
तजिंदर बग्गा ने केजरीवाल से यह भी पूछा कि क्या ‘वन्दे मातरम्’ का सम्मान करने से उनका वोट-बैंक नाराज़ हो जाएगा? सोशल मीडिया पर इस ट्वीट की रिप्लाई में कई लोग भी दिल्ली सीएम से नाराज़ दिखे और लोगों इसका कारण पूछा कि आखिर उन्होंने भारत के राष्ट्रीय गीत से लिए गए उद्घोष का सम्मान नहीं किया? जबकि उनके आसपास बैठे बाकी सभी लोगों ने इस उद्घोष को पूरे जोश में दोहराया।
वहीं पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा कि 0.01% ऐसे रह जाते हैं, जो डिटॉल से भी नहीं जाते। वहीं अरविन्द केजरीवाल ने जब खुद झंडा फहराया तो उन्होंने अपने मंच से ‘इंकलाब ज़िंदाबाद’ के साथ-साथ ‘वन्दे मातरम्’ का नारा भी लगवाया। इस पर भाजपा सांसद मिनाक्षी लेखी ने कहा कि जब पीएम मोदी ने ये उद्घोष किया तो केजरीवाल शांत बैठे रहे और जब उन्होंने खुद ये नारा लगाया तो उनके पार्टी के नेताओं ने इसे नहीं दोहराया।
वहीं सांसद प्रवेश साहिब सिंह वर्मा कि ‘सड़ जी’ के वंदे मातरम कहने पर उनके पार्टी के मंत्री-कार्यकर्ता चुप्पी लगा गए। साथ ही उन्होंने ‘बोया पेड़ बबूल का तो आम कहाँ से होए’ वाली कहावत का जिक्र करते हुए पूछा कि कैसे लोग हैं ये? उन्होंने कहा कि जब यही नारा पीएम मोदी ने लगवाया तो केजरीवाल के मुँह से कुछ नहीं फूटा। वहीं बिहार भाजपा ने भी चुटकी लेते हुए कहा, “पहले लगा था कि केजरीवाल बिहार से दिल्ली जाने वाले श्रमिकों के खिलाफ हैं, लेकिन ये तो ‘वंदे मातरम’ बोलने के भी खिलाफ हैं जी!
नोट करने वाली बात है कि जब दिल्ली का मुख्यमंत्री नारा लगाता है, दूसरी तरफ से वह जवाब नहीं मिलता, जो राष्ट्रीय पर्व पर मिलना चाहिए


दिल्ली भाजपा के पूर्व अध्यक्ष मनोज तिवारी ने भी इस वीडियो को ट्वीट करते हुए कहा कि आज लाल किले की प्राचीर से भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री मोदी जी ने भारत माँ का जयघोष करवाया, लेकिन पता नही इस एक शख़्स को भारत माता की जय से क्या तकलीफ है? इसके बाद उन्होंने पूछा कि कहीं ये आप तो नहीं अरविन्द केजरीवाल जी? वहीं दिल्ली में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदेश कुमार गुप्ता भी नाराज़ नज़र आए।
आदेश गुप्ता ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ‘वन्दे मातरम्’ ना बोलकर कौन सी धर्मनिरपेक्ष होने की राजनीति कर रहें हैं, ऐसा करके किसे खुश करना चाहते हैं? हर एक दिल्लीवासी आपकी इस राजनीति को देखकर दुखी होगा। इसके बाद उन्होंने पूछा कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश ‘वन्दे मातरम्’ के नारे से गूँज रहा है तो केजरीवाल खामोश क्यों हैं? कई लोग भी इससे नाराज़ नज़र आए।
इस पर जनता की ट्विटर पर प्रतिक्रियाएं


इस पर पार्टी का कोई स्पष्टीकरण नहीं आया है। लेकिन, अब आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय सोशल मीडिया टीम की सदस्य आरती ने ही इसकी पुष्टि कर दी है।

पाकिस्तान कर रहा 15 अगस्त को काला दिन घोषित करने की तैयारी, भारत के साथ बस सेवा हो सकती है बंद

Pakistanभारत सरकार द्वारा धारा 370 को हटाने के बाद पाकिस्तान ने भारत के स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) को काला दिवस घोषित करेने की तैयारी कर रहा है। इसके साथ-साथ पाकिस्तान द्वारा  भारत के साथ व्यापार और बस सेवा भी बंद करने की बात कही जा रही हैं। इस बात की पुष्टि Times Now न्यूज चैनल ने की है।
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने से बौखलाया पाकिस्तान अब भारत के साथ राजनयिक संबंध खत्म करने की दिशा में बढ़ता दिख रहा है। पाकिस्तान भारत के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करेगा और राजनयिक संबंधों को कम करेगा। इसके अलावा कश्मीर पर भारत की कार्रवाई को लेकर सुरक्षा परिषद सहित संयुक्त राष्ट्र के समक्ष इस मुद्दे को उठाएगा। भारत के साथ कारोबार और बस सेवा बंद करने का भी फैसला लिया गया है। इसके अलावा पाकिस्तान 15 अगस्त को भारत के स्वतंत्रता दिवस को काला दिवस घोषित करेगा। पाकिस्तान वहां से भारत के उच्चायुक्त को वापस भेजेगा और अपने उच्चायुक्त को भी वापस बुलाएगा। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान वाघा-अटारी सीमा को भी बंद कर सकता है।
इससे पहले अनुच्छेद 370 के हटाये जाने के बाद पाकिस्तान सरकार में मंत्री फवाद चौधरी ने भारत के साथ राजनयिक संबंध तोड़ने की मांग की है। अनुच्छेद 370 को ख़त्म किये जाने के बाद पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने ससंद के दोनों सदनों का संयुक्त सत्र बुलाया था। इसी दौरान फवाद ने यह बात कही।
फवाद ने यह भी कहा कि – पाकिस्तान में भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया एक अच्छे इंसान हैं लेकिन वे एक फासिस्ट शासन का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। फवाद चौधरी पाकिस्तान सरकार में विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री हैं। फवाद ने कहा भारत जम्मू-कश्मीर के मामले में हमसे कोई बात नहीं करना चाहता तो ऐसे में अब कोई राजनयिक संपर्क नहीं होगा। हमारे उच्चायुक्त के वहां और उनके प्रतिनिधि के यहां होने का क्या मतलब है?



पाकिस्तान की सेना ने भी मंगलवार को 370 को हटाकर जम्मू-कश्मीर की विशेष स्थिति को रद्द करने के भारत सरकार के फैसले को खारिज कर दिया है। पाकिस्तान ने कहा कि कश्मीरी लोगों को उनके संघर्ष में समर्थन देने के लिए यह “किसी भी हद तक” जाएंगे।
पाकिस्तान ने नेशनल असेंबली और सिनेट का संयुक्त सत्र (joint parliamentary session) की आ’पात बैठक बुलाई। बेठक में विपक्ष के हंगामे के बाद संयुक्त सत्र को 20 मिनट के लिए स्थगित कर दिया गया

जम्मू कश्मीर पर भारत के फैसले को लेकर पाकिस्तान बौखलाया हुआ है. पाकिस्तान ने इसे लेकर भारत से राजनयिक संबंध को भी घटा लिया है. इसके साथ भारत के साथ उसने द्विपक्षीय व्यापार को भी निलंबित कर दिया है. इसके अलावा पाकिस्तान ने यह धमकी भी दी है कि वह मामले को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भी ले जाएगा. यह फैसला पाक नेशनल सिक्योरिटी कमेटी ने लिया है.
पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (एसएससी) की बुधवार को बैठक हुई। इस बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री इमरान खान ने की। इस अहम बैठक में विदेश मंत्री, रक्षा मंत्री, आंतरिक मंत्री, शिक्षा मंत्री, कानून मंत्री एवं अन्य एजेंसियों के अधिकारी शामिल हुए। इस बैठक में भारत द्वारा जम्मू-कश्मीर से 370 हटाए जाने के बाद उपजे हालातों पर चर्चा की गई।
पाकिस्तान ने 2 भारतीय कैदियों की रिहाई को रोक दिया, जिन्हें 5 जुलाई को वापस लाया जाना था। लेकिन आखिरी समय में इस्लामाबाद ने इसे रोक दिया। भारत ने इस मामले को पाकिस्तान के राजनयिक माध्यमों से उठाया है।