Showing posts with label jailed. Show all posts
Showing posts with label jailed. Show all posts

बिहार : जेल में बंद उम्मीदवार के समर्थन में लालू का रोड शो, RJD विधायक रीतलाल यादव जो तीन बार जेल से लड़ा है चुनाव; बिहार के पिछड़ापन का कारण है जातिगत और गुंडों का आतंक

            बाहुबली रीतलाल यादव के लिए लालू ने की 15KM लंबी रोड शो (साभार : MSN & Jansatta)
आज बिहार के पिछड़ेपन को दूर करने के लिए बिहारियों को जातिगत और गुंडों के आतंक के विरुद्ध सड़क पर आकर आना होगा। वैसे जातिगत सियासत पूरे भारत में है। हिन्दुओं को सोंचना होगा कि कोई भी पार्टी मुसलमानों और ईसाईयों में भयंकर जातिवाद के विरुद्ध बोलने की हिम्मत नहीं और ये कुर्सी के भूखे नेता हिन्दुओं को जातियों में बाँट सियासत करते हैं और महापागल हिन्दू भी इनके मकड़जाल में फंस लड़ते रहते हैं। और इस काम में मीडिया भी पीछे नहीं। देखिए 243 सीटों वाली विधानसभा में देखिए कितनी जातिगत पार्टियां बनी हुई है। सभी चुनावों में सौदेबाज़ी करते हैं। क्या देश या प्रदेश चलाएंगे ऐसे सौदेबाज़? 

हिन्दुओं को हिन्दुओं को जातियों में बांटने वाले नेताओं, पार्टियों और मीडिया के खिलाफ एकजुट होकर सबका विरोध करना होगा   

बिहार के पहले चरण के मतदान में मीडिया हिन्दुओं की जातियों का प्रतिशत दिखाते हैं लेकिन मुसलमानों को एकजुट दिखाता है, क्यों? जातिगत घिनौनी सियासत में फंसे हिन्दुओं को मालूम होना चाहिए कि हिन्दू किसी भी जाति का हो एक ही शमशान पर दाह संस्कार होता है और एक ही मन्दिर में जाकर अपने इच्छित ईश्वर की पूजा अर्चना करते हैं। जबकि मुसलमानों और ईसाईयों में यही स्थिति एकदम उलटी है। एक जाति का मुसलमान या ईसाई दूसरी जाति की मस्जिद या चर्च में नहीं जा सकता। अपने मुर्दे को भी दूसरे जाति के कब्रिस्तान में दफ़न नहीं सकते। हिन्दुओं को हिन्दुओं को जातियों में बांटने वाले नेताओं, पार्टियों और मीडिया के खिलाफ एकजुट होकर सबका विरोध करना होगा। चुनावों में ऐसे नेताओं और उनकी पार्टियों को चारों खाने चित करना होगा।   

पटना की सड़कों पर एक अजीबोगरीब दृश्य देखने को मिला। जिधर देखिए, हरे झंडे लहरा रहे थे और भीड़ में एक पुराना करिश्माई चेहरा, लालू प्रसाद यादव, अपनी बंद गाड़ी से जनता का अभिवादन स्वीकार कर रहे थे। यह रोड शो किसी समाज सुधारक या आम नेता के लिए नहीं था। लालू यादव खुद मैदान में उतरे थे, ताकि बाहुबली कहे जाने वाले उम्मीदवार रीतलाल यादव को जिता सकें।

यह चुनावी प्रचार कम और अपराध के महिमामंडन जैसा ज्यादा लगा, क्योंकि लालू यादव उस उम्मीदवार के लिए वोट माँग रहे थे जो खुद गंभीर आपराधिक आरोपों के चलते जेल में बंद है। यह घटना बिहार की राजनीति के एक गहरे सच को उजागर करती है। अपराध और राजनीति का गठजोड़। आईए एक बार आपको भी वाकिफ करा देते हैं रीतलाल यादव की आपराधिक हिस्ट्री।

लालू यादव ने रीतलाल यादव के लिए किया रोड शो

लालू यादव ने पटना के दानापुर विधानसभा क्षेत्र में 3 नवंबर 2025 को करीब 15 किलोमीटर लंबा रोड शो किया। इसका मकसद था- RJD के उम्मीदवार और सिटिंग विधायक रीतलाल यादव को जीताना।

लेकिन रीतलाल यादव जेल में हैं। हाँ, आपने सही पढ़ा- जेल में बंद उम्मीदवार के लिए रोड शो। रीतलाल 17 अप्रैल से बिल्डर कुमार गौरव से 50 लाख रुपए की रंगदारी माँगने और धमकी देने के मामले में जेल में हैं। चुनावी नियम के कारण वे खुद प्रचार में नहीं उत सकता था। हालाँकि, रीतलाल यादव ने नामांकन के लिए कोर्ट से अनुमति माँगी, जो नहीं मिली। अब रीतलाल का परिवार ही चुनाव प्रचार संभाल रहा है।

रोड शो का कारण?

लालू यादव का दानापुर में उतरना महज रीतलाल की सीट बचाने की कोशिश नहीं थी, बल्कि यह एक सोची-समझी रणनीतिक चाल थी, जिसका मुख्य उद्देश्य विरोधियों को हराना और अपना वोट बैंक सुरक्षित करना था।
दानापुर विधानसभा क्षेत्र, लालू के दामाद रामकृपाल यादव (जो अब भाजपा में हैं) को हराने वाली मीसा भारती के पाटलिपुत्र लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। रीतलाल की जीत मीसा भारती के भविष्य के रास्ते को आसान बनाएगी। लालू का आना यह स्पष्ट संदेश देता है कि परिवार के वर्चस्व के लिए किसी भी कीमत पर सीट जीतनी है, भले ही उम्मीदवार आपराधिक पृष्ठभूमि का हो।
इसके अलावा, दानापुर में यादव वोटर करीब 22% हैं। इसके बाद करीब 20% फॉरवर्ड, करीब 15% दलित, 20-25% EBC और 6-8% मुस्लिम हैं। NDA के उम्मीदवार रामकृपाल यादव (जो खुद लालू के पूर्व शिष्य रहे हैं) की छवि ‘सॉफ्ट’ है। इस इलाके में यादव वोटर बँट सकते थे। खुद को यादवों का सबसे बड़ा नेता मानने वाले लालू यादव ने सड़क पर उतरकर यह सुनिश्चित किया कि यादव वोट एकजुट होकर केवल रीतलाल को ही मिलें। यह एकजुटता अपराध की पृष्ठभूमि को दरकिनार कर केवल जातीय आधार पर वोट डालने का संकेत है।
लालू के करीबी रामकृपाल यादव, 2014 में टिकट न मिलने पर बीजेपी में चले गए थे और उन्होंने मीसा भारती को हराया था। लालू यादव अपने पुराने शिष्य को हराने के लिए पूरी ताकत लगा रहे हैं। लालू का रोड शो, रामकृपाल के यादव वोटों को अपनी तरफ खींचने के प्रयास को विफल करने की रणनीति का हिस्सा है।

कौन हैं रीतलाल यादव?

रीतलाल यादव, जिन्हें मीडिया में ‘बाहुबली‘ कहा जाता है, लालू यादव के पुराने संपर्क वाले हैं। रीतलाल का राजनीतिक सफर 2003 में लालू यादव की ‘तेल पिलावन, लाठी घुमावन‘ रैली के दौरान शुरू हुआ था। एक दौर ऐसा भी कहा जाता है कि जब दानापुर डिवीजन से रेलवे के जितने भी टेंडर निकलते थे, वो रीतलाल यादव ही डील करते थे।

रीतलाल 50 लाख रुपए की रंगदारी माँगने और धमकी देने के मामले में जेल में बंद हैं। यह मामला बिल्डर कुमार गौरव से जुड़ा है। रीतलाल के चुनावी हलफनामे के अनुसार, उन पर हत्या, रंगदारी, वसूली और धमकी देने जैसे कुल 11 आपराधिक मामले लंबित हैं।

रीतलाल तब चर्चा में आए जब उन पर भाजपा नेता सत्यनारायण सिन्हा की हत्या का आरोप लगा। 2010 में विधानसभा चुनाव से पहले रीतलाल ने सरेंडर कर दिया था। रीतलाल ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर जेल से ही चुनाव लड़ा और हारे। हालाँकि, रीतलाल को भाजपा नेता सत्यनारायण सिन्हा की हत्या मामले में हाल ही में जमानत मिली, लेकिन वे रंगदारी के मामले में फिर जेल में गए और पुलिस की हिरासत में नामांकन करने पहुँचे।

एक ऐसे उम्मीदवार के लिए, जिस पर संगीन आरोप हैं और जो चुनाव प्रचार की अनुमति के बावजूद जेल से बाहर नहीं आ सका, खुद पार्टी सुप्रीमो का प्रचार के लिए उतरना यह दिखाता है कि पार्टी की प्राथमिकता ‘अपराधमुक्त छवि’ नहीं, बल्कि ‘वोट बैंक की जीत’ है। यह सीधे तौर पर एक बार फिर से ‘जंगलराज’ और आपराधिक तत्वों को राजनीति में संरक्षण देने की मानसिकता को दर्शाता है।

अपराधी को टिकट: ‘दोहरी सोच’ की राजनीति

यह घटना लालू यादव की ‘दोहरी सोच‘ को उजागर करती है। एक तरफ, उनके परिवार के सदस्य (जैसे तेजस्वी यादव) अक्सर आपराधिक छवि वाले नेताओं पर बयान देते हैं, लेकिन जब दानापुर में रीतलाल यादव जैसे जेल में बंद उम्मीदवार की बात आती है, तो वे खुद प्रचार में उतर आते हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि लालू के लिए नैतिकता या कानून मायने नहीं रखता, बल्कि केवल चुनाव जीतना मायने रखता है। एक ऐसे उम्मीदवार को मैदान में उतारना, जो गंभीर आरोपों में फँसा है और जिसके लिए खुद पार्टी मुखिया को उतरना पड़े, यह दिखाता है कि RJD की राजनीति में अपराध और राजनीति को अलग-अलग मानने की सोच है। यदि कोई नेता बीजेपी का हो तो वह अपराधी है, लेकिन अगर RJD का हो, तो उसे ‘साजिश का शिकार’ बताकर उसे समर्थन दिया जाता है।

सऊदी अरब : काबा मस्जिद के सामने राहुल गाँधी का प्रचार करने पर पुलिस ने मारे 99 कोड़े, 8 महीने की सजा

 रजा कादरी ने मस्जिद अल हरम में भारत जोड़ो यात्रा के पोस्टर के साथ फोटो खिंचवाई थी। (साभार:@TheSquind/X)
सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि एक कांग्रेस से जुड़े एक भारतीय मुस्लिम को सऊदी अरब में 99 कोड़े मारने की सजा दी गई। अगर कोड़े मारने के बीच में वह शख्स बेहोश हो जाता तो उसे एक सप्ताह की छुट्टी देकर फिर से 99 कोड़े मारने का क्रम शुरू होता। दावा करने वालों ने यह भी कहा कि वह शख्स दो महीने तक जेल में भी रहा है।

दरअसल, वह शख्स अपनी दादी के साथ हज यात्रा पर गया था और वहाँ काबा के सामने राहुल गाँधी की भारत जोड़ो यात्रा का पोस्टर लहराया था। जिस व्यक्ति के बारे में इस तरह की बात कही जा रही है, उसका नाम रजा कादरी है। वह यूथ कांग्रेस का नेता है। काबा में भारत जोड़ो यात्रा का पोस्टर लहराने के कारण उसे 8 महीने तक जेल में रखा गया। वह 4 अक्टूबर 2023 को भारत आया है।

सोशल मीडिया पर कोड़े लगाने और जेल को लेकर जो दावा किया जा रहा है, वह पूरी तरह सच नहीं है। घटना 8 महीने पुरानी यानी जनवरी 2023 की है। भारत जोड़ो यात्रा के कारण रजा को सऊदी अरब की जेल में रखा गया था, लेकिन दो महीने नहीं बल्कि 8 महीने। वहीं, रजा कादरी ने कोड़े लगाने की बात का कहीं जिक्र नहीं किया है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मामला जनवरी 2023 का है जब रजा कादरी अपनी दादी के साथ सऊदी अरब गए हुए थे। रजा कादरी मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले के यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष हैं। उन्होंने 25 जनवरी को मक्का की मस्जिद अल हरम में काबा के सामने भारत जोड़ो यात्रा का पोस्टर लहराया था। फोटो खिंचवाई और उसे सोशल मीडिया पर डाल दिया।

इसके पश्चात 26 जनवरी की रात सऊदी पुलिस के कुछ लोग उनके होटल आ गए। सऊदी ने उन्हें बताया कि वे वीजा कम्पनी की तरफ से आए हैं और उनका इंटरव्यू लेना चाहते हैं। इसके बाद उन्हें बेहोश करके गिरफ्तार कर लिया गया। होश में आने पर पता चला कि वे सभी सऊदी अरब की पुलिस के लोग थे।

उनको बताया गया उन्होंने मस्जिद के भीतर कांग्रेस का पोस्टर लहरा कर सऊदी अरब का कानून तोड़ा है। हालाँकि, रजा कादरी ने सऊदी पुलिस से कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। सऊदी पुलिस ने कुछ वीडियो के आधार पर रजा से कहा कि वह एक राजनीतिक एजेंट हैं। इसके पश्चात उनको ढाहबान के सेंट्रल जेल में रखा गया।

दैनिक भास्कर को रजा ने बताया कि उन्हें जेल में खाने के लिए सुबह शाम ब्रेड के मात्र दो-दो टुकड़े मिलते थे। उन्हें जेल में एक अँधेरे कमरे में 2 महीने तक बंद रखा गया और उसके बाद सऊदी पुलिस उनसे पूछताछ करने लगी। सऊदी पुलिस उनको रात भर जगाकर उनसे लाइ डिटेक्टर टेस्ट से पूछताछ करती थी।

रजा कादरी ने बताया कि उन्हें ढाहबान के जेल में छह महीने तक रखने के बाद एक अन्य शुमैसी डिटेंशन सेंटर में भेज दिया गया। उन्होंने कहा कि इस डिटेंशन सेंटर में भेजे जाने से पहले उनकी मानसिक हालत भी बिगड़ गई थी। रजा ने बताया कि इस जगह पर नरक से भी बदतर माहौल था। यहाँ भारतीयों को सबसे गंदी और बुरी हालत में रखा जाता है। 

उन्होंने आगे बताया कि कुछ दिनों के बाद उनसे एक एजेंट मिलने आया, जिसे उनके परिवार वालों ने भेजा था। एजेंट के प्रयासों से वह 3 अक्टूबर 2023 को सऊदी की जेल से छोड़ दिए गए। रजा को कई प्रकार की मानसिक प्रताड़ना दी गई, लेकिन कोड़े मारने बात सामने नहीं आई है और ना ही इस संबंध में उन्होंने जिक्र किया है।

चर्च के सामने ‘ओरल सेक्स’ : रूस की अदालत ने कहा – धार्मिक भावनाएँ भड़काई

                            रूस में टिकटॉकर और उसकी गर्लफ्रेंड ने दिया अश्लील पोज
रूस में एक चर्च के सामने अश्लील पोज देने के लिए एक टिकटॉकर और उसकी गर्लफ्रेंड को गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों को 10 महीने जेल में काटने होंगे। इन्होंने राजधानी मॉस्को के रेड स्क्वायर स्थित एक कैथेड्रल चर्च के बाहर ‘सेक्स एक्ट’ की नकल की। तजाकिस्तान मूल के टिकटॉकर रुस्लन मरोडझाओनजोडा और रूस की अनास्तासिया चिस्तोवा को मॉस्को की ‘Tverskoi’ अदालत ने धार्मिक भावनाओं को आहत करने का दोषी मानते हुए सज़ा सुनाई।

इन दोनों ने मॉस्को के सेंट बेसिल कैथेड्रल चर्च के बाहर ओरल सेक्स करने की नकल उतारी थी। बता दें कि रूस में इन चीजों को लेकर सख्त नियम-कानून हैं और राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन के काल में ऐसी हरकतों पर सज़ा का सख्त प्रावधान है। इन दोनों को सितंबर 2021 में ही गिरफ्तार किया गया था। इन्होंने जो तस्वीरें पोस्ट की थीं, उनमें देखा जा सकता है कि रुसलन चर्च के सामने खड़े हैं और उनकी गर्लफ्रेंड अनास्तासिया घुटनों के बल उनके कमर तक झुकी हुई हैं।

इन्होंने अपनी तस्वीर का कैप्शन दिया था – ”The Labor Code is not the Criminal [Code], you can break it’. साथ ही महिला को इस तस्वीर में रूस की पुलिस का जैकेट पहने हुए भी देखा जा सकता है। इस तस्वीर को पोस्ट करने के 10 दिनों बाद इन्हें हिरासत में ले लिया गया था। ब्लॉगर ने इसके लिए माफ़ी माँगी थी और $71 (5244 रुपए) का जुर्माना भी भरा था। अदालत ने कहा कि इन दोनों ने सार्वजनिक रूप से इस तरह की हरकत कर के समाज का अपमान किया है।

जहाँ रुस्लन सोशल मीडिया पर प्रैंक वीडियो के लिए जाने जाते हैं, उनकी गर्लफ्रेंड एक इंस्टाग्राम मॉडल है। जेल की सज़ा काटने के बाद टिकटॉकर को तजाकिस्तान डिपोर्ट किया जा सकता है। 2012 में तीसरी बार राष्ट्रपति बनने के साथ ही पुतिन ने रूस की परंपरा को प्रमोट करने की घोषणा की थी। रूस के ऑर्थोडॉक्स चर्च और पुतिन के बीच अच्छे सम्बन्ध रहे हैं। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर इस जोड़े की गिरफ़्तारी का विरोध करते हुए कहा कि उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है।

MP Election 2018: आचार संहिता उल्‍लंघन पर बालाघाट से सपा प्रत्याशी अनुभा मुंजारे को भेजा जेल

MP Election 2018: आचार संहिता उल्‍लंघन पर बालाघाट से सपा प्रत्याशी अनुभा मुंजारे गिरफ्तार, भेजा जेल2013 में विधानसभा चुनाव के दौरान आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में कोर्ट ने बालाघाट विधानसभा क्षेत्र से सपा प्रत्याशी अनुभा मुंजारे नवंबर 21 को जेल भेज दिया है।
कोतवाली थाना प्रभारी महेन्द्र सिंह ठाकुर ने बताया कि 2013 में चुनाव के दौरान अनुभा मुंजारे के खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में धारा 188 के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामले में उनकी गिरफ्तारी का वारंट दो दिन पहले यानि 19 नवंबर को न्यायालय ने जारी किया था।
सभा के पहले हुईं गिरफ्तार
वारंट जारी होने के बाद पुलिस सपा प्रत्याशी की तलाश कर रही थी। वहीं बालाघाट विधानसभा के लालबर्रा में आयोजित सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की सपा में शामिल होने से पहले वे नगर में निकले ईद मिलादुनबी के जुलूस में शामिल होने अंहिसा द्वारा पर पहुंची थीं। यहीं पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। यहां से पुलिस उन्हें कोतवाली थाने लेकर पहुंची।
इनका कहना है
न्यायालय से वारंट जारी होने पर सपा प्रत्याशी अनुभा मुंजारे की गिरफ्तारी की गई है। उनके खिलाफ आचार संहिता के उल्लघंन के मामले में अपराध दर्ज था।
                                                                    -महेन्द्र सिंह ठाकुर, टीआई, कोतवाली