Showing posts with label jamati. Show all posts
Showing posts with label jamati. Show all posts

दिल्ली की मस्जिदों में छिपे पाए गए 800+ विदेशी जमाती

कोरोना वायरस, विदेशी जमातीदिल्ली के निजामुद्दीन से निकाले गए सैकड़ों जमातियों के बाद से देश के विभिन्न राज्यों में मौजूद मस्जिदों में स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर पुलिस की टीमें कोरोना से जंग लड़ने के लिए लगातार छापेमारी कर रही हैं। कुछ इसी तरह दिल्ली में भी यह क्रम जारी है। इसमें बीते दिन दिल्ली पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। स्वास्थ्य विभाग और दिल्ली पुलिस की टीम को छापेमारी के दौरान दिल्ली की विभिन्न मस्जिदों में छिपे 800 से अधिक विदेशी मिले हैं।
हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक एक अधिकारी ने कहा है कि दिल्ली की मस्जिदों में अभी और भी विदेशी जमातियों के छिपे होने की आशंका है। वहीं मस्जिदों से निकाले गए सभी 800 विदेशियों को राजधानी के अलग-अलग अस्पतालों में क्वारंटाइन किया गया है। इस सभी की कोरोना से जुड़ी जाँच होना बाकी है। वहीं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि डर इस बात का है कि अगर इनमें से कुछ कोरोना पॉजिटिव पाए गए तो यह चेन लम्बी भी हो सकती है, जोकि बेहद खतरनाक होगी।
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक सुरक्षा विभाग से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली के उत्तर-पूर्वी जिले की मस्जिदों में लगभग 100 विदेशी, दक्षिण-पूर्व जिले की मस्जिदों में 200 और साउथ दिल्ली जिले की मस्जिदों में 170 और पश्चिम दिल्ली जिले की मस्जिद में 7 विदेशी जमाती पाए गए।
सुरक्षा एजेंसियों ने जाँच में पाया है कि 1 मार्च से 18 मार्च के बीच 2100 से अधिक विदेशी नागरिकों ने निजामुद्दीन के मजहबी कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। गौर करने वाली बात यह कि अभियान के दौरान मरकज में 216 विदेशी जमाती पाए गए थे, जबकि 824 जमाती पहले ही देश के विभिन्न हिस्सों के लिए निकल चुके थे।
जानकारी के मुताबिक दिल्ली निजामुद्दीन से निकाले गए 2300 जमातियों के बाद दिल्ली पुलिस ने एक संदेश देते हुए कहा था कि दिल्ली की तमाम मस्जिदों की भी जाँच होनी चाहिए, क्योंकि उनमें विदेशी जमातियों के होने की आशंका है। इसके बाद दिल्ली में 16 मस्जिदों की छापेमारी के लिए एक लिस्ट तैयार की गई थी। इसके बाद जाँचकर्ताओं ने पाया कि निजामुद्दीन से निकलकर 187 विदेशी और दो दर्जन से अधिक भारतीय जमाती दिल्ली की विभिन्न मस्जिदों के लिए निकले थे।
पिछले महीने के अंत में दिल्ली पुलिस और और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने निजामुद्दीन में तबलीगी जमात मुख्यालय से करीब 2361 जमातियों कोरोना निकाला था। इनमें बड़ी संख्या में विदेशी जमाती भी थे। वहीं यहाँ से निकालने जाने के बाद सभी जमातियों को दिल्ली के अगल-अगल अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। चौंकाने वाली बात यह कि इनमें से अभी तक की जाँच रिपोर्ट में 259 लोगों में कोरोना से संक्रमित पाया गया है।
अवलोकन करें:-

NIGAMRAJENDRA.BLOGSPOT.COM
निजामुद्दीन मरकज की घटना अत्यन्त शर्मनाक और दुर्भाग्यजनक है। ऐसा लगता है कि…
About this website

NIGAMRAJENDRA.BLOGSPOT.COM
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार आखिर दिल्ली मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल और उनकी सरकार कब तक दोगली सियासत कर जनता को...
राष्ट्रीय राजधानी में बीते 24 घंटों के दौरान कोरोना वायरस संक्रमण के 91 नए मामले सामने आए और उनकी कुल संख्या बढ़कर 384 हो गई है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 384 नए मामलों में से 259 निजामुद्दीन मरकज से संबंधित हैं। वहीं दिल्ली में हुई अब 6 मौतों में से 3 मौत निजामुद्दीन से निकले जमातियों की हुई है।

अब जमात की नंगई के बचाव में उतरे केजरीवाल के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन

सत्येन्द्र जैन-केजरीवाल
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
आखिर दिल्ली मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल और उनकी सरकार कब तक दोगली सियासत कर जनता को भ्रमित करते रहेंगे? एक तरफ तो वो केजरीवाल निज़ामुद्दीन मरकज़ में हुए जमावड़े पर दिल्ली पुलिस को कार्यवाही करने के कहते हैं, और बड़ी शान से टीवी पर आकर बतातें हैं कि आज कोरोना के इतने नए मरीजों में इतने निजामुद्दीन के जमाती हैं। मरकज़ के प्रवक्ता शुऐब जमाई टीवी पर परिचर्चा में केजरीवाल पर FIR करने की बात करते हैं, यानि दोनों पार्टियां एक दूसरे को आरोपित कर जनता को पागल बना रहे हैं। दिल्ली में हुए नागरिकता संशोधक कानून के विरोध में हुए धरने और प्रदर्शनों का इनके मंत्री और विधायक समर्थन करते हैं और केजरीवाल खामोश रहते हैं और अब गाज़ियाबाद में जमातियों द्वारा नर्सों के सामने नंगा होने पर इनके मंत्री बचाव में आकर क्या सिद्ध करना चाह रहे हैं?
कल्पना कीजिए आप गैर हिंदी भाषी प्रदेश में हैं। आपको जाँच के लिए अस्पताल ले जाया जाता है। आपको वहॉं की भाषा समझ में नहीं आती। तो आप क्या करेंगे? आप डॉक्टर पर थूकेंगे? आप नर्स के सामने अपनी पतलून उतार लेंगे? आप बीड़ी-सिगरेट मॉंगेंगे? या फिर आप अश्लील गाने सुनेंगे और अस्पताल की महिला कर्मचारियों को भद्दे इशारे करेंगे?
आप यह सब कर सकते हैं, क्योंकि आपको वहॉं की भाषा समझ में नहीं आती। ये हम नहीं कह रहे। ऐसा मानना है कि दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन का। जैन केजरीवाल कैबिनेट में स्वास्थ्य विभाग का जिम्मा सॅंभालते हैं। बकौल जैन, “एक तो भाषा की परेशानी है। ज्यादातर लोगों को ना तो हिंदी आती है और ना ही अंग्रेजी आती है। वे दूर-दूर के राज्यों के हैं। कई विदेशी हैं। दूसरा उनको लगता है कि हमको अस्पताल में क्यों रखा गया है। पुलिस से मदद मॉंगी गई है।” जैन ने यह बात तबलीगी जमात के सदस्यों द्वारा अस्पताल स्टाफ के साथ दुर्व्यवहार को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कही।
उल्लेखनीय है कि नियम-कायदों की धज्जियॉं उड़ाकर तबलीगी जमात ने दिल्ली में मजहबी कार्यक्रम का आयोजन किया था। इसमें देश के अलग-अलग राज्यों के लोगों के अलावा विदेशियों ने भी शिरकत की। खुद दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बताया था कि निजामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात के मरकज से अभियान चलाकर 2361 लोगों को निकाला गया था। ये दिल्ली के अलग-अलग अस्पतालों और क्वारंटाइन में हैं। हालत यह है कि बीते दो दिनों में देश के 14 राज्यों में 647 कोरोना वायरस संक्रमण के ऐसे मामलों की पुष्टि हुई है जो मरकज से जुड़े हैं।



जब इनलोगों को यहॉं से निकाला जा रहा था तो उन्होंने सड़क और पुलिसकर्मियों पर थूक कर संक्रमण फैलाने की कोशिश की। इसके बाद भी इनकी मनमानी जारी है। दिल्ली के एलएनजेपी अस्पताल में जॉंच में इनकी आनकानी देखते हुए पुलिस तैनात करनी पड़ी। यह मामला केवल दिल्ली तक ही सीमित नहीं है। दिल्ली से सटे गाजियाबाद के एक अस्पताल में तो जमात के लोग हदें पार करते हुए नर्सों के सामने नंगे हो गए। हैदराबाद के गॉंधी अस्पताल में यहॉं से संक्रमित होकर गए एक शख्स ने डॉक्टर पर हमला किया। उस पर थूका।
आप गिनते जाएँगे, लेकिन पिछले कुछ दिनों में सामने आए जमात सदस्यों के कारनामें खत्म नहीं होंगे। बावजूद इनकी करतूतों पर पर्दा डालने की कोशिश करते हुए ‘भाषा’ का जैन का तर्क समझ से परे है। वैसे जमात की करतूत पर पर्दा डालने की कोशिश करने वाले जैन आप के अकेले नेता नहीं है। मुख्यमंत्री केजरीवाल के करीबी माने जाने वाले विधायक अमानतुल्लाह खान ने ट्वीट कर कहा है, “मुख़्तार अब्बास नक़वी और आरिफ़ मुहम्मद खॉं जैसे दलाल बताएँगे कि मौलाना साद साहब जैसे बुज़ुर्ग क्या हैं और मरकज़ निज़ामुद्दीन में क्या होता है। इन जैसे लोगों ने कोरोना को भी मुसलमान बना दिया अफ़सोस।” नकवी केंद्र सरकार में मंत्री और आरिफ मुहम्मद केरल के राज्यपाल हैं। जिस मौलाना साद का अमानतुल्लाह बचाव कर रहे हैं, वह मुकदमा दर्ज होने के बाद से फरार है। जिस मरकज के लिए वे नकवी और आरिफ मुहम्मद को कठघरे में खड़ा कर रहे हैं, वह देश में कोरोना वायरस संक्रमण का एपिक सेंटर बनकर उभरा है।
यह भी दीगर है कि लॉकडाउन में प्रवासी मजदूरों के पलायन और यूपी बॉर्डर पर अचानक जुटी भीड़ को लेकर भी दिल्ली की आप सरकार आरोपों के घेरे में है। घर लौटे मजदूरों का कहना है कि उनके बिजली-पानी के कनेक्शन काट दिए गए। उनसे कहा गया कि बॉर्डर से बसें उन्हें लेकर उनके घरों तक जाएगी। डीटीसी की बसों से उन्हें वहॉं तक पहुॅंचाया गया।
अवलोकन करें:-
About this website
NIGAMRAJENDRA.BLOGSPOT.COM
पूरे देश को खतरे में डालने वाले तबलीगी जमातियों के जाहिलपन और उपद्रव की चर्चा खूब हो रही है। जिस तरह उन्होंने मेडि.....
आज जिस तरह से तबलीगी जमात के लोगों की करतूतों पर पर्दा डालने की कोशिश हो रही है, ऐसा उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़के हिंदू विरोधी दंगों के दौरान भी देखने को मिला था। पार्षद ताहिर हुसैन इन दंगों का मुख्य सूत्रधार बनकर उभरा था। उसके घर से हिंदुओं को निशाना बनाकर पेट्रोल बम फेंके गए। आईबी के अंकित शर्मा की हत्या में भी उसका हाथ बताया जाता है। हालॉंकि जब ताहिर की संलिप्तता को लेकर लगातार तथ्य सामने आने लगे तो आप ने उसे निलंबित कर पल्ला झाड़ने की कोशिश की। लेकिन, अमानतुल्लाह जैसे ​आप विधायक फिर भी उसका बचाव करते रहे। अमानतुल्लाह ने आरोप लगाया था कि मुसलमान होने के कारण ताहिर को फॅंसाया गया है।

नर्सों के सामने नंगा होने वाले जमात के 6 लोगों पर FIR

गाजियाबाद एमएमजी हॉस्पिटल, तबलीगी जमात
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
गाजियाबाद के एमएमजी अस्पताल में नर्सों के साथ बदतमीजी करने के मामले में तबलीगी जमात के 6 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है। इन्हें एमएमजी अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड से राजकुमार गोयल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में शिफ्ट कर दिया गया है।
गुरुवार (अप्रैल 2, 2020) शाम सीएमओ ने जिले के डीएम से एमएमजी हॉस्पिटल में बनाए गए क्वारंटाइन सेंटर में भर्ती तबलीगी जमात के लोगों द्वारा नर्सों से बदतमीजी करने की शिकायत की थी। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुँच कर जाँच की थी। सीएमओ ने शिकायत में बताया कि क्वारंटाइन में रखे गए तबलीगी जमात के लोग बिना पैंट के घूम रहे हैं। नर्सों को देखकर भद्दे इशारे करते हैं। बीड़ी और सिगरेट की डिमांड करते हैं।
अब तब्लीग़ियों की इन हरकतों को देख यह संदेह होता है, "कहीं ये तबलीग का चोला ओढ़े गुंडे तो नहीं? क्योकि धर्म के काम में संलग्न लोग नर्सों के सामने नंगा नहीं होता।" दूसरे, यह कि "जमात में ऐसी ही अश्लील हरकतों की शिक्षा एवं दीक्षा दी जाती है?" पत्थरबाज़ी करना, जगह-जगह थूकने के अलावा डॉक्टरों पर थूकना क्या जमात में यही सिखाया जाता है? इन जमातियों की ये नीच हरकत केवल भारत तक ही सीमित नहीं, बल्कि पाकिस्तान में भी देखने और सुनने को मिल रही हैं। 
मामले की शिकायत मिलते ही डीएम ने जाँच के आदेश दिए। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इन 6 लोगों को एमएमजी अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड से राजकुमार गोयल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में शिफ्ट किया गया है। गाजियाबाद के एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि चीफ मेडिकल सुप्रीटेंडेंट द्वारा एक पत्र मिला, जिसमें आरोप लगाया गया कि अस्पताल (एमएमजी जिला अस्पताल) के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती मरीज अस्पताल के कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार कर रहे थे।


जिसके बाद उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 354, 294, 509, 269, 272 और 271 के तहत FIR दर्ज की गई है। साथ ही मामले में निष्पक्ष जाँच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
इससे पहले दिल्ली में कई जमाती बुधवार को बसों में बैठते वक्त पुलिस-सरकारी कर्मचारियों के ऊपर थूक रहे थे। निजामुद्दीन स्थित मरकज की इमारत से बुधवार सुबह तक दो हजार से ज्यादा जमातियों को बाहर निकाला गया था। एलएनजीपी हॉस्पिटल भी इनकी मनमानियों से परेशान है। जॉंच में सहयोग नहीं करने पर अस्पताल में पुलिस की तैनाती करनी पड़ी थी।
पाकः इस्लामी प्रचारक तबलीगी जमात के 27 सदस्य कोरोना पॉजिटिव, टेस्ट के दौरान एक ने पुलिस पर किया चाकू से हमला
पाकिस्तान में इस्लामिक प्रचारक तबलीगी जमात के 27 सदस्यों में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है। रायविंड के तबलीगी मरकज सेंटर में 35 लोगों की स्क्रीनिंग की गई थी। दरअसल, ऐसा संदेह था कि रायविंड रोड स्थित तबलीगी मरकज और विभिन्न मस्जिदों से कोरोना वायरस जगह-जगह फैला। इसके बाद ही स्थानीय प्रशासन ने तबलीगी के कई प्रचारकों को हिरासत में लेकर क्वारंटाइन किया था। 
पाकिस्तानी अखबार ‘द डॉन’ की रिपोर्ट के मुताबिक, जब क्वारंटाइन सेंटर में सभी तबलीगी जमातियों का टेस्ट किया जा रहा था तो उनमें से एक प्रचारक ने क्वारंटाइन से बचने के लिए पुलिस ऑफिसर SHO अशरफ मलिक माखी पर चाकू से हमला कर दिया और भागने की कोशिश की। हालाँकि, हमलावर को पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में स्वाबी जिले से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वहीं पुलिस अधिकारी को लेय्या में डीएचक्यू अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बताया जा रहा है कि फिलहाल पुलिस अधिकारी की हालत स्थिर बनी हुई है।
करीब 1200 तबलीगी जमात के प्रचारक 5 दिन के सम्मेलन में हिस्सा ले रहे थे जिनमें 500 विदेशी भी शामिल थे। इसके पहले फरवरी में प्रचार के लिए उन्होंने कई टीमें बनाई थीं। पंजाब सरकार ने आयोजकों से अपील की थी कि वह इस सम्मेलन को रद्द कर दें, लेकिन उन्होंने सरकार की नहीं सुनी। हालाँकि, बाद में उन्होंने मन बदल लिया और इसके बाद ही प्रांत में लॉकडाउन घोषित कर दिया गया था। जिसकी वजह से अब उनके घर जाने के लिए किसी तरह की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं थी। इसके बाद मरकज को सील कर दिया गया और 25 लोगों के आवास को क्वारंटाइन सेंटर में बदल दिया गया।
इससे पहले मार्च में तबलीगी जमात ने लाहौर के बाहरी इलाके में 1.5 लाख लोगों की एक मजहबी सभा का आयोजन किया था। इस सामूहिक सभा के परिणामस्वरूप कोरोना वायरस महामारी का भयंकर प्रसार देखा गया, क्योंकि इस सभा में हिस्सा लेने वाले लोगों ने सोशल डिस्टेंशिंग का पूर्ण रुप से उल्लंघन किया था।
इस मजहबी बैठक में भाग लेने वाले दो फिलिस्तीनी नागरिक कोरोना वायरस टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए, और इन दोनों के संक्रमित होने की पुष्टि के साथ ही गाजा में कोरोना संक्रमण का पहला केस सामने आया। संक्रमित मरीजों को रफा शहर के एक अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। इससे पहले इजराइल और मिस्र से गाजा में प्रवेश करने वाले लगभग 1,270 लोगों को क्वारंटाइन कर दिया गया था। वेस्ट बैंक में 55 लोगों में कोरोना वायरस का पता चला है। 
एहतियात के तौर पर वेडिंग हॉल और बाजार बंद कर दिए गए हैं। अब यहाँ पर सीमित परीक्षण क्षमताओं के साथ इस क्षेत्र में पैनिक की स्थिति पैदा हो गई है। गाजा में लगभग 20 लाख लोगों की देखभाल के लिए मात्र 60 ICU बेड हैं। कर्मचारियों की भारी कमी के कारण स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है।
अवलोकन करें:-
About this website

NIGAMRAJENDRA.BLOGSPOT.COM
देशभर में जारी 21 दिन के लॉकडाउन के दौरान इंदौर के डॉक्टर्स और पुलिसकर्मियों के साथ संवेदनशील इलाकों में बदसलूकी क.....
वहीं भारत में दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन स्थित मरकज में मलेशिया, इंडोनेशिया, सऊदी अरब और किर्गिस्तान समेत कई देशों के करीब 2500 से अधिक लोगों ने 1 से 15 मार्च तक तब्लीग-ए-जमात में हिस्सा लिया था। अब इनका पता लगने के बाद पूरे इलाके की कड़ी निगरानी की जा रही है और हर संदिग्ध को अस्पताल में एहतियात के तौर पर भर्ती किया जा रहा है। इनमें से 24 लोगों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव निकल आई है।