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मंदिर हमले पर अमित शाह ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर से माँगा जवाब

पुरानी दिल्ली के हौज काजी क्षेत्र में 100 वर्ष पुराने मंदिर में हुई तोड़फोड़ के मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली पुलिस के कमिश्नर अमुल्य पटनायक से जवाब मांगा है. गृह मंत्री ने इस घटना को लेकर पुलिस आयुक्त से नाराजगी जाहिर की है. बता दें कि 30 जून की रात को हौज काजी की दुर्गा मंदिर गली क्षेत्र में पार्किंग को लेकर हुए विवाद के बाद मुस्लिम समाज के कुछ युवकों ने मंदिर में पत्थरबाजी की और भगवान की प्रतिमाओं को खंडित कर दिया. इसके बाद इलाके में सांप्रदायिक तनाव पैदा हो गया था.
उल्लेखनीय है कि पुलिस ने दोनों समुदायों के बीच वार्ता के माध्यम से मामले को सुलझा लिया है किन्तु इस पर राजनीति आरंभ हो गई है. कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने 30 जून की इस घटना पर आज तल्ख़ प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र की सत्तारूढ़ भाजपा पर सवाल खड़े किए हैं. सिंघवी ने अपने ट्वीट के माध्यम से इस मामले पर सांप्रदायिक कार्ड खेलने का प्रयास किया है. कांग्रेस नेता ने गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस पर इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं करने का आरोप लगाया है, जबकि इस मामले में 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है जबकि एक नाबालिग को भी गिरफ्तार किया है.
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अभिशेख मनु सिंघवी ने अपने ट्वीट में कहा है कि, ‘मंदिर वाली घटना को हुए दो दिन हो चुके हैं, किन्तु अभी तक केंद्र की सत्तारूढ़ भाजपा के अंतर्गत आने वाली दिल्ली पुलिस या गृह मंत्रालय ने कोई कार्यवाही नहीं की है. यह तो हम जानते हैं कि सत्तारूढ़ दल अल्पसंख्यकों की परवाह नहीं करता है, किन्तु क्या यह बहुसंख्यकों की भावनाओं की भी परवाह नहीं करता? 

हौज काजी विवाद पर दिल्ली पुलिस के रवैये से अमित शाह नाराज, पुलिस कमिश्नर को तलब कर लगाई फटकार

Delhi Police Commissioner Amulya Patnaikआर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
चावड़ी बाजार के हौज काजी में हुई सांप्रदायिक विवाद पर गृह मंत्रालय हरकत में आ गया है। सूत्रों का कहना है कि हौज काजी में विवाद को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने जिस तरीके से कार्रवाई की है उससे गृह मंत्री अमित शाह नाराज हैं और इस मामले में लेट-लतीफ कार्रवाई के लिए उन्होंने दिल्ली पुलिस के कमिश्नर अमूल्य पटनायक को फटकार लगाई है। बता दें कि गत 30 जून को हौज काजी में पार्किंग को लेकर दो समुदाय के लोगों के बीच झगड़ा हुआ और देखते ही देखते ही इस झगड़े ने पहले मारपीट और फिर सांप्रदायिक झड़प का रूप ले लिया। मुस्लिम गुंडों ने वहां स्थित एक मंदिर को नुकसान पहुंचाया जिसके बाद तनाव और बढ़ गया। 
हौज काजी में हुई घटना के बाद गृह मंत्री से मिलने के बाद पुलिस कमिश्ननर ने कहा, 'मैंने उन्हें घटना के बारे में जानकारी दी है। इलाके में स्थिति अब सामान्य है। इस मामले में अब तक चार लोगों की गिरफ्तारी हुई है।'
विवाद के बाद चांदनी चौक संसदीय सीट से सांसद केंद्रीय मंत्री हर्षवर्द्धन ने जुलाई 2 को इलाके का दौरा भी किया था। वह उस मंदिर भी गए थे, जहां पथराव के कारण खिड़कियों के शीशे टूट जाने और खण्डित मूर्तियों को भी दिखा। उन्‍होंने दो टूक कहा कि घटना के लिए जिम्‍मेदार लोगों के खिलाफ जल्‍द से जल्‍द कार्रवाई की जाएगी तो लोगों से शांति बनाए रखने की अपील भी की। उनके दौरे के बाद जुलाई 3 की सुबह मंदिर में आरती और पूजा-अर्चना की गई।

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Delhi: Prayers being offered at the temple in Hauz Qazi area, which was vandalised on 30 June after a clash broke out between two groups over parking in the locality on the day.
इस बीच, विहिप के कार्यकर्ताओं ने भी इलाके का दौरा किया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। विहिप ने हौज काजी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मंदिर में तोड़फोड़ को 'बड़ी साजिश' करार दिया तो आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता संजय सिंह ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए मंदिर में तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने पर जोर दिया। पुलिस को उन लोगों के विरुद्ध भी सख्त कार्यवाही करनी चाहिए, जिसकी एक कॉल पर हज़ारों मुसलमान सड़क पर आ गए, क्या सड़क पर आए ये मुसलमान भाड़े के थे? क्योकि इस गंभीर मुद्दे पर यदि पुलिस कार्यवाही करती है, इससे भविष्य में होने वाले दंगों पर भी अंकुश लगने की पूरी सम्भावना है। क्योकि कोई दंगा होने पर मुस्लिम समाज पर एक ही तकिया कलाम "बाहर के लोग थे" सुनते-सुनते बुढ़ापा आ गया है। और यदि "बाहर के लोग" की बात आने पर सख्ती से पूछा जाये की "किसके कहने पर ये लोग आये थे, और किसने इनका खर्चा किया?" सच्चाई जानने के लिए अगर रिमांड पर लेना पड़े, पुलिस संकोच न करे, इस काम में सफल होने पर, सिर्फ पुलिस ही नहीं, देश के सामने इसके दूरगामी परिणाम आएंगे। दंगों से राहत मिलेगी।  
इस सांप्रदायिक तनाव पर राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है। भाजपा सांसद विजय गोयल ने दो पड़ोसियों के बीच हुए विवाद को सांप्रदायिक रंग देने के लिए आम आदमी पार्टी को जिम्मेदार ठहराया है। भाजपा नेता ने कहा कि लोगों को इकट्ठा कर सुनियोजित तरीके से इस सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश हुई। वहीं, अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने सांप्रदायिक तनाव को कम करने के लिए दोनों समुदायों की तरफ से उठाए गए कदमों की सराहना की है।


Delhi Police Commissioner Amulya Patnaik after meeting Home Minister Amit Shah over incident: I have briefed him about the situation here. Things are now normal in the Hauz Qazi area. 4 people have been arrested
नकवी ने माहौल को शांत करने एवं सद्भाव कायम करने की लोगों की पहल का स्वागत किया है। नकवी ने कहा, 'दिल्ली में जिस तरह से लोगों ने माहौल खराब करने की कोशिश की लेकिन वहां के स्थानीय लोगों ने मिलकर इन नापाक कोशिशों को नाकाम किया। ये पूरे देश के लिए एक उदाहरण है। दोनों समुदाय के लोगों ने सद्भाव दिखाते हुए आपसी भाईचारे की भावना को और मजबूत किया है। यह देश के लिए एक मिसाल है।' वहीं, इस घटना के लिए भाजपा सांसद विजय गोयल ने आम आदमी पार्टी को जिम्मेदार ठहराया है। 
भाजपा सांसद ने कहा, 'इस घटना के लिए आम आदमी पार्टी के नेता भी जिम्मेदार हैं। मैं उनका नाम नहीं ले रहा हूं लेकिन मुझे रास्ते चलते हुए लोगों ने बताया कि जो दो पड़ोसियों का झगड़ा था उसे सांप्रदायिक रंग दिया गया। लोगों को रात में इकट्ठा किया गया और फिर मंदिर के ऊपर हमला किया गया। पुलिस ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का भरोसा दिया है। अभी तक इस मामले में तीन लोग गिरफ्तार हुए हैं और जरूरत हुई तो आगे और गिरफ्तारियां होंगी।' 
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आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार अभी तक पुरानी दिल्ली में हिन्दू, मुस्लिम भाई चारा, गंगा जमुनी रवायत की बात करने वाले ख.....

इस बीच, याचिकाकर्ता आलोक श्रीवास्तव ने दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर इस घटना की जांच कराने की मांग की है। याचिकाकर्ता का कहना है कि दो पड़ोसियों के आपसी झगड़े को सुनियोजित ढंग से सांप्रदायिक रंग दे दिया गया। उन्होंने एसआईटी से इसकी जांच कराने और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

पुलिस मन्दिर को क्षति पहुँचाने और घर में घुसकर हिन्दु महिलाओं को पीटने वालों को कब गिरफ्तार करेगी ?

Communal tension in Delhi
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
अभी तक पुरानी दिल्ली में हिन्दू, मुस्लिम भाई चारा, गंगा जमुनी रवायत की बात करने वाले खामोश है, रात को 10:00 बजे के बाद लगभग 500 मुसलमानों ने किसी छोटी लॉ एंड ऑर्डर की घटना पर हौज काजी थाने लाल कुआँ, चावड़ी बाजार मेट्रो के समीप  का घेराव किया ताकि पुलिस भी थाने से नहीं निकल सके फिर दूसरे लगभग  500 मुसलमानों ने उस निःसहाय्य  परिवार को घृणित रूप से अपमानित कर मारा पीटा,  जिसने सिर्फ अपनी हलवाई की दुकान के आगे एक मुस्लिम को गाड़ी खड़ी करने के लिए मना किया था, वो कौन मुसलमान था जिसकी एक कॉल पर लगभग 1000 मुसलमान तुरंत इकट्ठे  हो गए  और 100 साल पुराने मंदिर को इस शांति प्रिय मज़हब के अनुयायिओं, गुंडों व् कारकूनो ने तहस नहस कर दिया,  अब घटना के तथ्य:-
 प्राचीन श्री दुर्गा मंदिर, गली दुर्गा मंदिर , बाजार लाल कुआँ, पुरानी दिल्ली में कुछ मुसलमानों ने जून 30 की रात को मूर्तियों को खंडित किया। सारे झगडे की जड़ जबरदस्ती किसी की दुकान के आगे गाड़ी खड़े करने के कारण हुआ। ज्वलंत प्रश्न यह है कि जब हलवाई संजीव गुप्ता ने अपनी दुकान के आगे गाड़ी खड़ा करने से मना किया तो क्या गुंडों को बुलाकर मंदिर पर हमला करोगे? हिन्दुओं के घरों में घुसकर औरतों को मारोगे ? कहाँ है #mob lynching,  #not in my name, #award vapsi, #intolerance आदि गैंग?  और जिस हरकत पर इतना हंगामा परपा है, इससे केवल हिन्दू ही नहीं मुस्लिम भी बहुत दुखी हैं। लेकिन कभी किसी मस्जिद अथवा दरगाह को तोड़ने की हिम्मत नहीं हुई। लेकिन हिन्दुओं के मंदिरों को क्षति पहुंचा सकते हैं, आखिर कौन हैं ये साम्प्रदायिक तत्व, जिन्होंने मंदिर को इतनी क्षति पहुंचाई? इतनी हिम्मत केवल हिन्दुओं के ही विरुद्ध कर सकते हैं। नारा-ओ-तकबीर, अल्ला-ओ-अकबर लगाने वाले कौन लोग हैं? 
अभी तक किसी न्यूज़ चैनल ने इसे कवर नहीं किया है, क्योकि पीड़ित हिन्दू है।
आज सुबह (जुलाई 2)क्षेत्रीय सांसद एवं केन्द्रीय मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने भी मौके का दौरा कर पुलिस से जल्द से जल्द अपराधियों को गिरफ्तार करने को कहा है। केंद्रीय मंत्री हर्षवर्द्धधन ने इलाके का दौरा कर चांदनी चौक के लाल कुंआ स्थित प्राचीन दुर्गा मंदिर में शीष नवाया और कहा कि तोड़फोड़ की घटना से उन्‍हें पीड़ा हुई है। उन्‍होंने यह भी कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्‍होंने हौज काजी थाने में पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर हालात का जायजा भी लिया और कहा कि किसी भी तरह की अप्रिय वारदात को रोकने के लिए भारी संख्‍या में पुलिस बलों की तैनाती की गई है। उन्‍होंने असामाजिक तत्त्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए तो लोगों से शांति व धैर्य बनाए रखने की अपील भी की।


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आज सुबह चांदनी चौक के लाल कुंआ स्थित प्राचीन दुर्गा मंदिर के दर्शन किये।मंदिर में देवी-देवताओं की प्रतिमाओं से हुई तोड़फोड़ से मन व्यथित हुआ है।मैंने स्थानीय लोगों से बात कर मामले की पूरी जानकारी ली और उन्हें आश्वस्त किया कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। @BJP4Delhi @DelhiPolice

आज सुबह लगभग 11 बजे विश्व हिन्दू परिषद् के कार्यकारी अध्यक्ष अलोक कुमार ने घटना स्थल पर जाकर क्षतिग्रस्त मन्दिर को देखने उपरान्त वहां उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित करते कहा कि "हमने पुलिस को पीड़ित संजीव गुप्ता को गुनहगारों की दफाओं में बंद किये जाने का विरोध करते हुए उन्हें तुरंत रिहा करने और 4 दिनों के अन्दर मंदिर को क्षति पहुँचाने वाले, माजिस लगाने वाले, घर में घुसकर हिन्दू महिलाओं के साथ मार-पिटाई करने वालों को गिरफ्तार कर जेल में डाले, अन्यथा पांचवां दिन हमारा होगा .... अब जो अपराधी छिपे भाग रहे हैं, इतने ही हिम्मत वाले हैं तो सामने क्यों नहीं आते? पुलिस को हर हाल में उन्हें गिरफ्तार कर जेलों में डालना होगा। दिल्ली पुलिस ने अपने खर्चे से मंदिर बनवाने की बात को मानने से इंकार करते हुए आगे कहा कि जब तक अपराधियों को सजा नहीं हो जाती, मंदिर नहीं बनेगा और जब बनेगा तो हिन्दुओं के धन से, सरकारी पैसे से नहीं।" बाद में कुछ स्थानीय लोगों ने अलोक से कहा कि "हम भाईचारे से रहना चाहते हैं।" जिसका उन्होंने माइक से जवाब दिया कि "पहले अपराधियों को गिरफ्तार करवाओ तभी समझा जायेगा कि  भाईचारे की बात सही है अन्यथा बेकार है।" अलोक ने कहा कि "दूसरी सियासी पार्टी के कहने पर निर्दोष संजीव गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है और पुलिस को हरहाल में उसे बाइज्जत रिहा करना होगा। "
विश्‍व हिन्‍दू परिषद (व‍िहिप) ने इसे मंदिर को निशाना बनाने की साजिश करार दिया तो यह भी कहा कि शरारती तत्‍वों का इरादा इलाके में जनसांख्यिकी बदलाव का है, जहां हिन्दू समुदाय के लोग सीमित संख्‍या में रह गए हैं। हमलावरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए विहिप ने आरोप लगाया कि वे (हमलावर) चाहते हैं कि हिन्दू समुदाय के लोग, जो सीमित संख्‍या में यहां रह गए हैं, वे वहां से अपनी दुकानें और घर छोड़कर चले जाएं और इसलिए उन्‍हें डराने-धमकाने की कोशिश की जा रही है। रामजन्मभूमि मंदिर को लेकर होते नितरोज के दंगों के ही कारण पुरानी दिल्ली हिन्दुओं से लगभग खाली ही हो गयी है। 
चर्चा है कि भाजपा के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के कुछ लोग अन्दर खाने मुसलमानों से नारे लगवा रहे हैं कि "हमें दंगा नहीं रोजगार चाहिए" इस षड्यंत्र में शामिल लोग उस समय कहाँ थे 'जब नारा ए तकबीर अल्ला हो अकबर' लगाकर हौज़ काज़ी थाने को घेरा गया और पुलिस के वहां पहुँचने के रास्ते बंद हिन्दुओं का दमन किया जा रहा था।     
इस बीच, एआईएमआईएम के नेता व हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी घटना पर प्रतिक्रिया दी है। उन्‍होंने अपने ट्वीट में कहा कि किसी भी पूजास्‍थल या श्रद्धालुओं पर हमला इस देश की विविधता पर हमला है। इस तरह के तोड़फोड़ की हर घटना निंदनीय है। उन्‍होंने निर्धारित समय सीमा के भीतर दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
Attack on any place of worship or worshippers is an attack on the very pluralism & diversity of our dear country.

This act of vandalism is highly condemnable & I demand that the culprits be prosecuted & convicted in a time-bound manner https://twitter.com/iamrana/status/1145919870095073281 
वहीं, फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम मुफ्ती डॉ. मुकर्रम अहमद ने एक संदेश जारी कर मुस्लिम समाज के लोगों से मंदिर निर्माण में सहयोग देने की अपील की। उन्‍होंने यह भी कहा कि पुरानी दिल्‍ली गंगा-यमुना संस्‍कृति की जीती-जागती मिसाल है और यहां मामले आपस में बैठकर सुलझा लिए जाते हैं। झड़प व पथराव को कुछ शरारती तत्‍वों की साजिश करार देते हुए उन्‍होंने यह भी कहा कि इस जगह पुरानी गंगा-यमुना तहजीब वाली संस्‍कृति को बनाए रखने के लिए जरूरी है कि दोनों समुदायों के लोग आगे आएं।
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प्राचीन श्री दुर्गा मंदिर, गली दुर्गा मंदिर , बाजार लाल कुआँ, पुरानी दिल्ली में कुछ मुसलमानों ने जून 30 की रात को मूर्...



फतेहपुरी इमाम पर वहां की जनता का कहना है कि "हिम्मत है तो मस्जिद से अपराधियों को पुलिस के हवाले किये जाने का हुक्म दें, गंगा-यमुना संस्कृति की बातें कर दोषियों को बचाने की कोशिश है। कानून को धोखा देने की कोशिश की जा रही है। इमाम की नसीयत उस वक्त कहाँ थी जब नारा ओ तकबीर अल्ला हो अकबर लग रहा था। ये दोगली नीति कब तक? इमाम बताये हिन्दुओं का क्या कसूर है? हमें ही पीटो और हमें ही शिक्षा, अब इसे दोगलापन नहीं कहा जाये तो क्या कहा जाये।" 

दिल्ली : लाल कुआँ में मंदिर को किस साम्प्रदायिक ने क्षति पहुंचाई? घरों में घुसकर किन गुंडों ने औरतों की पिटाई की?

 प्राचीन श्री दुर्गा मंदिर, गली दुर्गा मंदिर , बाजार लाल कुआँ, पुरानी दिल्ली में कुछ मुसलमानों ने जून 30 की रात को मूर्तियों को खंडित किया। सारे झगडे की जड़ जबरदस्ती किसी की दुकान के आगे गाड़ी खड़े करने के कारण हुआ।
यह कोई नयी बात नहीं, लोगों को स्कूटर लेने का शौक है, चाहे गाड़ी किसी के मकान के आगे खड़ी कर दो,  रहो कहीं, गाड़ी किसी और गली में किसी का दरवाज़ा बंद होता हो, हो जाये। यह पुरानी दिल्ली में बहुत पुरानी शिकायत है। गलियों में RWA बनी हुई हैं, कुछ गलियों में सक्रीय हैं, परन्तु कुछ गलियों में मात्र एक शोपीस से ज्यादा कुछ नहीं। केवल सरकारी सहायता लेने के लिए।
ज्वलंत प्रश्न यह है कि जब हलवाई संजीव गुप्ता ने अपनी दुकान के आगे गाड़ी खड़ा करने से मना किया तो क्या गुंडों को बुलाकर मंदिर पर हमला करोगे? हिन्दुओं के घरों में घुसकर औरतों को मारोगे ? कहाँ है #mob lynching,  #not in my name, #award vapsi, #intolerance आदि गैंग?  और जिस हरकत पर इतना हंगामा परपा है, इससे केवल हिन्दू ही नहीं मुस्लिम भी बहुत दुखी हैं। लेकिन कभी किसी मस्जिद अथवा दरगाह को तोड़ने की हिम्मत नहीं हुई। लेकिन हिन्दुओं के मंदिरों को क्षति पहुंचा सकते हैं, आखिर कौन हैं ये साम्प्रदायिक तत्व, जिन्होंने मंदिर को इतनी क्षति पहुंचाई? इतनी हिम्मत केवल हिन्दुओं के ही विरुद्ध कर सकते हैं। नारा-ओ-तकबीर, अल्ला-ओ-अकबर लगाने वाले कौन लोग हैं?
विकासपुरी में डॉ नारंग की हत्या के पीछे भी मात्र यही छोटी से बात थी। लेकिन दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल, राहुल गाँधी, मायावती और अखिलेश यादव आदि किसी में अपने वोटबैंक की इन सांप्रदायिक हरकतों के विरुद्ध बोलने की हिम्मत नहीं।
पुरानी दिल्ली में एक और आम समस्या यह है कि अपनी गली छोड़ दूसरी गली में जाकर क्रिकेट खेलना, शोर-शराबा करना और झुण्ड में मोबाइल पर अश्लील यूट्यूब की फिल्में देखना, आदि लेकिन माँ-बाप को इस बात की चिन्ता नहीं कि हमारा बच्चा मोबाइल लेकर कहाँ गया है? उनको इस बात की भी चिन्ता नहीं कि हमारा बच्चा मोबाइल का कहीं दुरूपयोग तो नहीं कर रहा?
क्या दिल्ली मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल, और केन्द्रीय गृहमंत्री गुनाहकारों को पकड़ने के लिए दिल्ली पुलिस को आदेश  देंगे ताकि भविष्य में कोई दंगाई दंगा करने का साहस न करने पाए? आखिर हमलावर कौन थे? क्या है उनका पेशा? कौन हैं उनके संरक्षण? हालाँकि इन्ही साम्प्रदायिक दंगों के ही कारण पुरानी दिल्ली हिन्दुओं से खाली हुई है, इस कटु सच्चाई से कोई इंकार नहीं कर सकता। और इस गंभीर मुद्दे पर भाजपा भी चुप्पी साधे रही। इस क्षेत्र में अब जो थोड़े बहुत हिन्दू बचे हुए हुए हैं, केवल अपने अच्छे पड़ोसियों की वजह से।
आज कैराना और मेरठ से हिन्दुओं के पलायन की चर्चा होती है, लेकिन पुरानी दिल्ली हिन्दुओं से लगभग खाली हो चुका है, किसी को चिन्ता नहीं। क्यों? आखिर अपनों आपको गरीब कहने वालों को कहाँ से वित्तीय सहायता मिली? कभी बिजली चोरी में पकडे जाते हैं तो गरीब बन जाते हैं। यह आरोप नहीं कटु सत्य है, बिजली अधिकारी भी इस सच्चाई से इंकार नहीं कर सकते। रातों-रात नंबर दो में 50/60 मीटर लम्बी तार पड़ जाती है। हिन्दू क्षेत्रों में अधिक्रमण हटाते हुए अधिकारी शेर बन जाते हैं, लेकिन मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में जितना अधिक्रमण हुआ हुआ है किसी में साहस नहीं हटाने का। क्या देश में हिन्दुओं और मुसलमानों के लिए अलग कानून हैं?
दोपहर को जैसे ही समाचार मिला, केवल एक बार ज़ी न्यूज़ ने स्ट्रिप दिखाई, लेकिन किसी भी चैनल पर रात 8.30 बजे तक कोई समाचार नहीं, यदि स्थिति एकदम विपरीत होती, सारे छद्दम धर्म-निरपेक्ष और चैनलों ने आसमान सिर पर उठा लिया होता। निम्न व्हाट्सअप सन्देश झूठा हो सकता है लेकिन ये खंडित हुए मंदिर की फोटुएं और वीडिओ क्या झूठ बोल रही हैं?

 Pacheen Shree Durga Mandir, Gali durga Mandir, Bazar lal kuwa, Delhi 110006  Thana Hoze Qazi, me muslimo ka hamla, mandir me aag lagai, our murtiya tod di, jab sab so rahe the raat 12 baje

Kal rat 10 baje k bad se bazar lal kuwa pe Halwai Sanjeev Gupta k sath gali Chabuk Saawar k ek muslim niwasi k sath vahan ki parking ko le k kaha suni k bad ladai ho gai. Muslim yuvak Gupta ji k ghar k samne jabardasti gadi park krna chahta tha. Muslimo ne gupta g ko mara, unki PATNI our BETIYO ko gher me ja k mara. Police Gupta ji ko pakad k thane le gai. Muslimo ne thane ka gherav kr k hangama kara aap video me dekh sakte he. Us k bad Gupta ji k gher k samne mandir wali gali "GALI DURGA MANDIR" me 400-500 muslimo ne ghus k MANDIR pe prahar kr MURTIYA KHANDIT ki our AAG lagai. HINDUO k gharo pe patharbazi ki, motercycle todi-girai our botle peki todi. Ye gali puri gali HINDUO ki he. Police sikayat k 1 gante bad sara hangama khatam hone k bad pahuchi. Bechari police krti bhi kya thana to 1000 k karib muslimo ne gher rakha tha.