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तमिलनाडु: 350 साल पुराने मंदिर में तोड़फोड़, ‘मंगलसूत्र’ चोरी

तमिलनाडु में मंदिर के भीतर चोरी का एक और मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ अज्ञात बदमाशों ने थंजवूर (Thanjavur) जिले के थिरुविदाइमरुथुर (Thiruvidaimaruthur) क्षेत्र स्थित प्राचीन मंदिर में तोड़फोड़ की। वहाँ स्थापित देवी की मूर्ति से सोने का मंगलसूत्र (थाली) चुरा लिया। चोरी की वारदात लगभग 350 साल पुराने ‘आनंदवल्ली समेथा भास्करेस्वरार’ मंदिर में कुछ दिनों पहले अंजाम दी गई थी।

पुजारी शिवानंदियार सेनाथीपति रात में पूजा करने के बाद मंदिर में ताला लगा कर घर चले गए थे। अगले दिन मंदिर के गार्ड ने मंदिर का मुख्य द्वार खोला तो उन्होंने देखा कि मंदिर के चारों ताले टूटे हुए थे। मंदिर परिसर के भीतर दाखिल होने पर पता चला कि अम्बल श्राइन में रखे गए पूजा-पाठ में उपयोग होने वाले थिरुमंगलयम, सोने और चाँदी के अन्य सामान गायब थे। 

प्रशासनिक लापरवाही की वजह से हुई चोरी

घटना की जानकारी मिलते ही मंदिर के प्रबंधक कृष्णासामी ने इस संबंध में थिरुविदाइमरुथुर पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने घटना की जाँच शुरू कर दी है। कथीर न्यूज़ (kathir news) की रिपोर्ट के मुताबिक़ मंदिर के कोष विभाग ने तमाम शिकायतों के बावजूद सुरक्षाकर्मियों की तैनाती नहीं करवाई। मंदिर में पूजा-पाठ करने वाले श्रद्धालुओं का आरोप है कि प्रशासनिक लापरवाही की वजह से चोरी की यह घटना हुई है।

दिल्ली : बेगमपुर में शिवशक्ति मंदिर में दर्जनों मूर्तियों का सिर किसने किया कलम?

 

दिल्ली के बेगमपुर थानांतर्गत कैलाश विहार पंसारी के एक मंदिर में तोड़फोड़ का मामला सामने आया है। घटना को अंजाम देने वाले विधर्मी ने हिंदू देवी-देवताओं की दर्जन भर मूर्तियों पर हमला करके उन्हें खंडित किया। तस्वीरों को यदि देखें तो यह साफ पता चलता है कि उसने मुख्य रूप से मंदिर में स्थापित मूर्तियों के सिर को धड़ से अलग किया है जैसे उसकी नियत ही सिर कलम करने की रही हो।

खंडित की गई मूर्ति

ऑपइंडिया के संज्ञान में जब यह मामला आया तो हमने मंदिर के ट्रस्टी विभूति शर्मा से बात की। उनका घर मंदिर से 500 मीटर की दूरी पर है। उन्होंने इस मामले की पुष्टि करते हुए यह बताया कि वह शिवशक्ति मंदिर के ट्रस्टी हैं। उन्हें कल यानी 25 नवंबर 2020 को सुबह करीब 7 बजे इस घटना की जानकारी मिली थी। मंदिर में साफ सफाई करने वाली महिला ने उन्हें इस बारे में घर आकर बताया था और फिर उन्होंने खुद जाकर देखा तो वाकई वहाँ हर मूर्ति का सिर अलग हो रखा था। 

अख़लाक़ की हत्या पर इतना शोर-शराबा करने वाले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल बताएं कि उनके कार्यकाल में अब तक कितने हिन्दू मंदिरों को खंडित किया जा चूका है? टीवी पर बहुत कहते हो कि "मै आपके परिवार का हिस्सा हूँ", फिर कुछ अंतराल के बाद क्यों हिन्दू मंदिरों पर हमले हो रहे हैं?

शिवशक्ति मंदिर

कैलाश विहार के ए ब्लॉक के शिवशक्ति मंदिर में लक्ष्मी नारायण की मूर्ति, कृष्ण-राधिका की मूर्ति, दुर्गा माता की मूर्ति, बगलामुखी माता की मूर्ति और पूरे शिव परिवार की मूर्तियाँ थी। विभूति शर्मा के अनुसार, “मंदिर में साफ-सफाई के लिए लगाई एक महिला सफाई कर्मी ने मुझे घर आकर बताया, ‘भैया किसी ने मूर्तियाँ तोड़ दी हैं।’ मैंने जाकर देखा तो सारी मूर्तियाँ क्षत-विक्षत हो रखी थीं। मैंने तुरंत पुलिस को फोन किया और कुछ देर में प्रशासन की टीम भी वहाँ पहुँची।”

मंदिर के ट्रस्टी के मुताबिक प्रशासन ने उन्हें आश्वासन दिया है कि वह उन्हें मंदिर में स्थापित करने के लिए नई मूर्तियाँ देंगे। उनके मुताबिक, खंडित की गई मूर्तियों का कल विसर्जन हो चुका है, लेकिन प्रशासन ने उन्हें अभी (खबर लिखने तक) नई मूर्तियाँ नहीं दी हैं।

मामले में कराई गई एफआईआर

सीसीटीवी आदि के बारे में पूछे जाने पर विभूति कहते हैं कि आम आदमी पार्टी की ओर से गली में सीसीटीवी लगा तो था, लेकिन जब घटना हुई और उसे चेक करने की बात उठी, तब पता चला कि उसका डीवीआर कोई 3-4 दिन पहले तोड़ चुका था।

उनके अनुसार, स्थानीयों ने 24 की रात एक लड़के को इलाके में भागते देखा था जो चिल्ला रहा था, “सिर काट दिया, सिर काट दिया।” मगर कोई उस लड़के का चेहरा नहीं देख पाया। ट्रस्टी के अनुसार, मंदिर का दरवाजा बंद रहता है लेकिन परसों किसी ने जब ध्यान नहीं दिया तो दरवाजा खुला रह गया और यह घटना हुई।

इस मामले में विभूति शर्मा ने पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाई है और धार्मिक भावनाओं को आहत करने के लिए अज्ञात आरोपित के ख़िलाफ़ कानूनी कार्रवाई की माँग की है। इस मामले को पुलिस ने आईपीसी की धारा 457 और 295 के तहत दर्ज किया है। बेगमपुर थाने की पुलिस का इस संबंध में कहना है कि वो इस मामले में अभी पड़ताल कर रहे हैं। बाकी इलाके में शांति हैं। आगे की कोई जानकारी पड़ताल होने के बाद ही दी जाएगी।

VHP ने उठाया मंदिर में तोड़फोड़ का मामला

मंदिर में हुई इस निंदनीय घटना को विश्व हिंदू परिषद ने भी उठाया है। विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल लिखते हैं, “दिल्ली के बेगमपुर थानांतर्गत कैलाश विहार पंसाली में शिव शक्ति मंदिर में लगभग दर्जन भर देवी-देवताओं का सर कलम करने वाले विधर्मी दुष्ट का दूसरे दिन भी कोई अता-पता नहीं। हिंदुओं की सहिष्णुता की कृपया और परीक्षा ना लें।”

आगे उन्होंने बताया कि इस मामले में एफआईआर हुई है लेकिन बहुत सीमित धाराओं के साथ। भगवान का सिर कलम करने के लिए अभी तक कोई गिरफ्तारी भी नहीं हुई है।              (एजेंसीज इनपुट्स सहित)

मेवात : मंदिर तोड़ कर मूर्ति तोड़ी… नवरात्र की पूजा नहीं होने दी

                                           मूर्ति चोरी के बाद मंदिर के पास इकट्ठा हुई भीड़
हरियाणा के मेवात में एक बार फिर से हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुँचाने का प्रयास हुआ है। खबर है कि नवरात्र के पावन अवसर पर मेवात के नगीना खंड के माँडीखेड़ा गाँव में दुर्गा माता की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की गई थी मगर मात्र दो ही दिन में मंदिर की मूर्ति को तोड़ दिया गया। दुर्गा माँ के मंदिर में अब मूर्ति की जगह सिर्फ़ शेर के पंजे बचे हैं।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि पहले भी इस तरह की घटनाएँ होती आई हैं और मंदिर से कुछ दूरी पर बने मदरसे के मौलवी के इशारों पर यह काम किया गया। हालाँकि, पुलिस की मानें तो पूरे मामले में अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज हुआ है।

ऑपइंडिया को प्राप्त जानकारी के मुताबिक, यह घटना 19 अक्टूबर की रात की है। नवरात्र के पहले दिन यानी, 17 अक्टूबर को मंदिर में मूर्ति की स्थापना हुई थी। सभी लोगों ने पूजा-पाठ के लिए मंदिर को सजाया था। लेकिन नवरात्र दिन पता चला कि मूर्ति वहाँ से गायब है।

मंदिर और उसके भीतर की तस्वीर
मूर्ति चोरी के बाद गठित हुए 11 सदस्यों की पंचायत समिति

माता की मूर्ति को टूटी देख हिंदू समुदाय के लोग आक्रोशित हैं। उन्होंने मामले में एफआईआर दर्ज करवाई और जल्द से जल्द कार्रवाई करने की माँग की है। इस केस में 20 अक्टूबर को एक 11 सदस्य पंचायत समिति का गठन भी हुआ। 

इस समिति के ही एक सदस्य धर्मपाल आर्या से ऑपइंडिया का संपर्क हुआ। उन्होंने पूरे मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि माँडीखेड़ा गाँव में 19 अक्टूबर की रात्रि यह घटना हुई। कुछ अज्ञात लोग मंदिर का ताला तोड़ कर मूर्ति को खंडित कर दिया। घटना को 5 दिन बीत गए हैं मगर आरोपितों का अभी तक कुछ पता नहीं है। किसी पर कोई कार्रवाई भी नहीं हुई है।

वह बताते हैं कि गाँव में अल्पसंख्यक आबादी में हिंदू कुछ बोल नहीं पाते हैं। मगर उन्हें अपनी बैठक में पता चला है कि मंदिर से थोड़ी दूर पर एक मदरसा है। कुछ लोग उसी मदरसे को शक की निगाह से देख रहे हैं।

उनका कहना है कि जब मंदिर की चारदीवारी करवाई गई थी या इससे पहले जब मूर्ति स्थापित हुई थी तब भी ऐसी घटनाएँ सामने आई थीं, इसलिए संभावना है कि उसी (मदरसे का रोल इस बार भी) का हाथ हो।

धर्मपाल के अनुसार, यह मंदिर बहुत पुराना है, लेकिन साल 2016 में एक ऐसी ही घटना घटी थी, तब लोगों ने आपस में बात करके समझौता कर लिया था और माफी भी माँगी गई थी। इस घटना में मुस्लिम समाज ने हिंदुओं के सामने घटना का खेद प्रकट किया था। उन्हें आश्वासन दिया था कि दोबारा ऐसी घटनाएँ नहीं होंगी। 

इसी के बाद इस मंदिर पर चारदीवारी करवाई गई और मूर्ति की इन नवरात्रियों में प्राण प्रतिष्ठा हुई, लेकिन फिर दो दिन बाद यह घटना हो गई। अब समाज के लोगों का कहना है कि वह पुलिस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है क्योंकि मामले में ढुलमुल रवैया अपनाया जा रहा है।

पेशे से पत्रकार और समिति के सदस्य धर्मपाल की मानें तो इस पूरे केस में हिंदू संगठनों में भी काफी नाराजगी है। उन्होंने कहा है कि यदि मामला नहीं सुलझता तो फिर उन्हें सड़कों पर उतरने को मजबूर होना पड़ेगा।

स्थानीय लोगों का क्या कहना है?

इसी प्रकार एक अन्य स्थानीय का कहना है कि पुलिस ने उन्हें इस मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया है, लेकिन उनके लिए बात केवल आश्वासन की नहीं है। यदि यह घटना दूसरे पक्ष के साथ हो गई होती, तो अभी तक पूरा मेवात बंद हो जाता। 

घटना के बाद मंदिर के पास मौजूद लोगों की एक वीडियो भी सामने आई है। पत्रकार गौरव मिश्रा ने इस वीडियो को शेयर करते हुए बताया कि मेवात के माँडीखेड़ा गाँव के मंदिर में ‘शांतिदूतों’ ने नवरात्र की पूजा नहीं होने दी। जो मूर्ति स्थापित की गई थी, उसे भी ‘शांतिदूतों’ ने तोड़ दिया और मंदिर का गेट भी तोड़ दिया। उन्होंने लिखा कि पथरावी मंदिर से स्थापित देवी माँ की प्रतिमा को तोड़ डाला गया।

 इस वीडियो में देख सकते हैं कि मंदिर के सामने कुछ लोग खड़े हैं। वह कहते हैं कि उनके मंदिर को दूसरी बार तोड़ा गया है। पहली बार में जब उन लोगों ने कुछ नहीं कहा तो दूसरी बार भी उनके साथ ऐसा हुआ। दूसरा व्याक्ति वीडियो में कहते सुना जा सकता है कि ये लोग जानबूझकर ऐसा काम करते हैं और फिर बच्चों का नाम लगा दिया जाता है।

वीडियो में व्यक्ति स्पष्ट रूप से कहता है कि मदरसे वाला जो मुफ्ती है, वो आस-पास के लोगों को इकट्ठा करके यह काम करवाता है। 17 अक्टूबर को मूर्ति आई थी और अब इसे तोड़ दिया गया। ये लोग हिंदू धर्म को भंग कर रहे हैं। कल को कुछ और भी करेंगे। लोगों की माँग है कि प्रशासन इस मामले पर कार्रवाई करे और उन्हें न्याय दिलाए।

एक अन्य वीडियो भी इस केस में सामने आई है, इसमें कहता सुना जा सकता है कि मंदिर में सिर्फ़ शेर के पंजे बचे हैं और उत्पाती बाकी पूरी मूर्ति को तोड़ दिए।

घटनास्थल पर पहुँची पुलिस
पुलिस कार्रवाई

ऑपइंडिया ने इस मामले में कार्रवाई संबंधी जानकारी के लिए नगीना थाने के एसएचओ रमेश चंद से बात की। उन्होंने मंदिर में तोड़फोड़ की बात को नकारा और कहा कि मंदिर से मूर्ति की चोरी हुई है। इस मामले में एफआईआर दर्ज है और पूरे मामले की तफ्तीश की जा रही है। अभी तक कोई भी व्यक्ति हिरासत में नहीं लिया गया है। मगर, जल्द से जल्द  इस मामले के निष्कर्ष में पहुँचा जाएगा। साल 2016 में मंदिर पर हुए हमले की बात को भी एसएचओ ने ऑन रिकॉर्ड होने से मना किया। उन्होंने कहा कि उनके नोटिस में बस हालिया मामला है।

गौरतलब है कि पिछले दिनों हरियाणा का मेवात दलितों पर अत्याचार के कारण चर्चा में आया था और अब भी वहाँ हिंदू के साथ भेदभाव की घटनाएँ थमी नहीं है। पिछले दिनों नगीना थाने के उलेटा गाँव में ही एक दलित परिवार बहुसंख्यक आबादी की बर्बरता का शिकार हुआ था। राहुल नाम के दलित लड़के के सिर पर धारदार फरसा मार कर कहा गया था कि अगर गाँव में रहना है तो उनकी जूती के नीचे रहना होगा। इस मामले पर भी पुलिस का आज भी यही कहना है कि मामले में जाँच चल रही है। (साभार)

मंदिर हमले पर अमित शाह ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर से माँगा जवाब

पुरानी दिल्ली के हौज काजी क्षेत्र में 100 वर्ष पुराने मंदिर में हुई तोड़फोड़ के मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली पुलिस के कमिश्नर अमुल्य पटनायक से जवाब मांगा है. गृह मंत्री ने इस घटना को लेकर पुलिस आयुक्त से नाराजगी जाहिर की है. बता दें कि 30 जून की रात को हौज काजी की दुर्गा मंदिर गली क्षेत्र में पार्किंग को लेकर हुए विवाद के बाद मुस्लिम समाज के कुछ युवकों ने मंदिर में पत्थरबाजी की और भगवान की प्रतिमाओं को खंडित कर दिया. इसके बाद इलाके में सांप्रदायिक तनाव पैदा हो गया था.
उल्लेखनीय है कि पुलिस ने दोनों समुदायों के बीच वार्ता के माध्यम से मामले को सुलझा लिया है किन्तु इस पर राजनीति आरंभ हो गई है. कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने 30 जून की इस घटना पर आज तल्ख़ प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र की सत्तारूढ़ भाजपा पर सवाल खड़े किए हैं. सिंघवी ने अपने ट्वीट के माध्यम से इस मामले पर सांप्रदायिक कार्ड खेलने का प्रयास किया है. कांग्रेस नेता ने गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस पर इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं करने का आरोप लगाया है, जबकि इस मामले में 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है जबकि एक नाबालिग को भी गिरफ्तार किया है.
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अभिशेख मनु सिंघवी ने अपने ट्वीट में कहा है कि, ‘मंदिर वाली घटना को हुए दो दिन हो चुके हैं, किन्तु अभी तक केंद्र की सत्तारूढ़ भाजपा के अंतर्गत आने वाली दिल्ली पुलिस या गृह मंत्रालय ने कोई कार्यवाही नहीं की है. यह तो हम जानते हैं कि सत्तारूढ़ दल अल्पसंख्यकों की परवाह नहीं करता है, किन्तु क्या यह बहुसंख्यकों की भावनाओं की भी परवाह नहीं करता? 

हौज काजी विवाद पर दिल्ली पुलिस के रवैये से अमित शाह नाराज, पुलिस कमिश्नर को तलब कर लगाई फटकार

Delhi Police Commissioner Amulya Patnaikआर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
चावड़ी बाजार के हौज काजी में हुई सांप्रदायिक विवाद पर गृह मंत्रालय हरकत में आ गया है। सूत्रों का कहना है कि हौज काजी में विवाद को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने जिस तरीके से कार्रवाई की है उससे गृह मंत्री अमित शाह नाराज हैं और इस मामले में लेट-लतीफ कार्रवाई के लिए उन्होंने दिल्ली पुलिस के कमिश्नर अमूल्य पटनायक को फटकार लगाई है। बता दें कि गत 30 जून को हौज काजी में पार्किंग को लेकर दो समुदाय के लोगों के बीच झगड़ा हुआ और देखते ही देखते ही इस झगड़े ने पहले मारपीट और फिर सांप्रदायिक झड़प का रूप ले लिया। मुस्लिम गुंडों ने वहां स्थित एक मंदिर को नुकसान पहुंचाया जिसके बाद तनाव और बढ़ गया। 
हौज काजी में हुई घटना के बाद गृह मंत्री से मिलने के बाद पुलिस कमिश्ननर ने कहा, 'मैंने उन्हें घटना के बारे में जानकारी दी है। इलाके में स्थिति अब सामान्य है। इस मामले में अब तक चार लोगों की गिरफ्तारी हुई है।'
विवाद के बाद चांदनी चौक संसदीय सीट से सांसद केंद्रीय मंत्री हर्षवर्द्धन ने जुलाई 2 को इलाके का दौरा भी किया था। वह उस मंदिर भी गए थे, जहां पथराव के कारण खिड़कियों के शीशे टूट जाने और खण्डित मूर्तियों को भी दिखा। उन्‍होंने दो टूक कहा कि घटना के लिए जिम्‍मेदार लोगों के खिलाफ जल्‍द से जल्‍द कार्रवाई की जाएगी तो लोगों से शांति बनाए रखने की अपील भी की। उनके दौरे के बाद जुलाई 3 की सुबह मंदिर में आरती और पूजा-अर्चना की गई।

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Delhi: Prayers being offered at the temple in Hauz Qazi area, which was vandalised on 30 June after a clash broke out between two groups over parking in the locality on the day.
इस बीच, विहिप के कार्यकर्ताओं ने भी इलाके का दौरा किया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। विहिप ने हौज काजी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मंदिर में तोड़फोड़ को 'बड़ी साजिश' करार दिया तो आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता संजय सिंह ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए मंदिर में तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने पर जोर दिया। पुलिस को उन लोगों के विरुद्ध भी सख्त कार्यवाही करनी चाहिए, जिसकी एक कॉल पर हज़ारों मुसलमान सड़क पर आ गए, क्या सड़क पर आए ये मुसलमान भाड़े के थे? क्योकि इस गंभीर मुद्दे पर यदि पुलिस कार्यवाही करती है, इससे भविष्य में होने वाले दंगों पर भी अंकुश लगने की पूरी सम्भावना है। क्योकि कोई दंगा होने पर मुस्लिम समाज पर एक ही तकिया कलाम "बाहर के लोग थे" सुनते-सुनते बुढ़ापा आ गया है। और यदि "बाहर के लोग" की बात आने पर सख्ती से पूछा जाये की "किसके कहने पर ये लोग आये थे, और किसने इनका खर्चा किया?" सच्चाई जानने के लिए अगर रिमांड पर लेना पड़े, पुलिस संकोच न करे, इस काम में सफल होने पर, सिर्फ पुलिस ही नहीं, देश के सामने इसके दूरगामी परिणाम आएंगे। दंगों से राहत मिलेगी।  
इस सांप्रदायिक तनाव पर राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है। भाजपा सांसद विजय गोयल ने दो पड़ोसियों के बीच हुए विवाद को सांप्रदायिक रंग देने के लिए आम आदमी पार्टी को जिम्मेदार ठहराया है। भाजपा नेता ने कहा कि लोगों को इकट्ठा कर सुनियोजित तरीके से इस सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश हुई। वहीं, अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने सांप्रदायिक तनाव को कम करने के लिए दोनों समुदायों की तरफ से उठाए गए कदमों की सराहना की है।


Delhi Police Commissioner Amulya Patnaik after meeting Home Minister Amit Shah over incident: I have briefed him about the situation here. Things are now normal in the Hauz Qazi area. 4 people have been arrested
नकवी ने माहौल को शांत करने एवं सद्भाव कायम करने की लोगों की पहल का स्वागत किया है। नकवी ने कहा, 'दिल्ली में जिस तरह से लोगों ने माहौल खराब करने की कोशिश की लेकिन वहां के स्थानीय लोगों ने मिलकर इन नापाक कोशिशों को नाकाम किया। ये पूरे देश के लिए एक उदाहरण है। दोनों समुदाय के लोगों ने सद्भाव दिखाते हुए आपसी भाईचारे की भावना को और मजबूत किया है। यह देश के लिए एक मिसाल है।' वहीं, इस घटना के लिए भाजपा सांसद विजय गोयल ने आम आदमी पार्टी को जिम्मेदार ठहराया है। 
भाजपा सांसद ने कहा, 'इस घटना के लिए आम आदमी पार्टी के नेता भी जिम्मेदार हैं। मैं उनका नाम नहीं ले रहा हूं लेकिन मुझे रास्ते चलते हुए लोगों ने बताया कि जो दो पड़ोसियों का झगड़ा था उसे सांप्रदायिक रंग दिया गया। लोगों को रात में इकट्ठा किया गया और फिर मंदिर के ऊपर हमला किया गया। पुलिस ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का भरोसा दिया है। अभी तक इस मामले में तीन लोग गिरफ्तार हुए हैं और जरूरत हुई तो आगे और गिरफ्तारियां होंगी।' 
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आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार अभी तक पुरानी दिल्ली में हिन्दू, मुस्लिम भाई चारा, गंगा जमुनी रवायत की बात करने वाले ख.....

इस बीच, याचिकाकर्ता आलोक श्रीवास्तव ने दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर इस घटना की जांच कराने की मांग की है। याचिकाकर्ता का कहना है कि दो पड़ोसियों के आपसी झगड़े को सुनियोजित ढंग से सांप्रदायिक रंग दे दिया गया। उन्होंने एसआईटी से इसकी जांच कराने और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

पुलिस मन्दिर को क्षति पहुँचाने और घर में घुसकर हिन्दु महिलाओं को पीटने वालों को कब गिरफ्तार करेगी ?

Communal tension in Delhi
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
अभी तक पुरानी दिल्ली में हिन्दू, मुस्लिम भाई चारा, गंगा जमुनी रवायत की बात करने वाले खामोश है, रात को 10:00 बजे के बाद लगभग 500 मुसलमानों ने किसी छोटी लॉ एंड ऑर्डर की घटना पर हौज काजी थाने लाल कुआँ, चावड़ी बाजार मेट्रो के समीप  का घेराव किया ताकि पुलिस भी थाने से नहीं निकल सके फिर दूसरे लगभग  500 मुसलमानों ने उस निःसहाय्य  परिवार को घृणित रूप से अपमानित कर मारा पीटा,  जिसने सिर्फ अपनी हलवाई की दुकान के आगे एक मुस्लिम को गाड़ी खड़ी करने के लिए मना किया था, वो कौन मुसलमान था जिसकी एक कॉल पर लगभग 1000 मुसलमान तुरंत इकट्ठे  हो गए  और 100 साल पुराने मंदिर को इस शांति प्रिय मज़हब के अनुयायिओं, गुंडों व् कारकूनो ने तहस नहस कर दिया,  अब घटना के तथ्य:-
 प्राचीन श्री दुर्गा मंदिर, गली दुर्गा मंदिर , बाजार लाल कुआँ, पुरानी दिल्ली में कुछ मुसलमानों ने जून 30 की रात को मूर्तियों को खंडित किया। सारे झगडे की जड़ जबरदस्ती किसी की दुकान के आगे गाड़ी खड़े करने के कारण हुआ। ज्वलंत प्रश्न यह है कि जब हलवाई संजीव गुप्ता ने अपनी दुकान के आगे गाड़ी खड़ा करने से मना किया तो क्या गुंडों को बुलाकर मंदिर पर हमला करोगे? हिन्दुओं के घरों में घुसकर औरतों को मारोगे ? कहाँ है #mob lynching,  #not in my name, #award vapsi, #intolerance आदि गैंग?  और जिस हरकत पर इतना हंगामा परपा है, इससे केवल हिन्दू ही नहीं मुस्लिम भी बहुत दुखी हैं। लेकिन कभी किसी मस्जिद अथवा दरगाह को तोड़ने की हिम्मत नहीं हुई। लेकिन हिन्दुओं के मंदिरों को क्षति पहुंचा सकते हैं, आखिर कौन हैं ये साम्प्रदायिक तत्व, जिन्होंने मंदिर को इतनी क्षति पहुंचाई? इतनी हिम्मत केवल हिन्दुओं के ही विरुद्ध कर सकते हैं। नारा-ओ-तकबीर, अल्ला-ओ-अकबर लगाने वाले कौन लोग हैं? 
अभी तक किसी न्यूज़ चैनल ने इसे कवर नहीं किया है, क्योकि पीड़ित हिन्दू है।
आज सुबह (जुलाई 2)क्षेत्रीय सांसद एवं केन्द्रीय मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने भी मौके का दौरा कर पुलिस से जल्द से जल्द अपराधियों को गिरफ्तार करने को कहा है। केंद्रीय मंत्री हर्षवर्द्धधन ने इलाके का दौरा कर चांदनी चौक के लाल कुंआ स्थित प्राचीन दुर्गा मंदिर में शीष नवाया और कहा कि तोड़फोड़ की घटना से उन्‍हें पीड़ा हुई है। उन्‍होंने यह भी कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्‍होंने हौज काजी थाने में पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर हालात का जायजा भी लिया और कहा कि किसी भी तरह की अप्रिय वारदात को रोकने के लिए भारी संख्‍या में पुलिस बलों की तैनाती की गई है। उन्‍होंने असामाजिक तत्त्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए तो लोगों से शांति व धैर्य बनाए रखने की अपील भी की।


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आज सुबह चांदनी चौक के लाल कुंआ स्थित प्राचीन दुर्गा मंदिर के दर्शन किये।मंदिर में देवी-देवताओं की प्रतिमाओं से हुई तोड़फोड़ से मन व्यथित हुआ है।मैंने स्थानीय लोगों से बात कर मामले की पूरी जानकारी ली और उन्हें आश्वस्त किया कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। @BJP4Delhi @DelhiPolice

आज सुबह लगभग 11 बजे विश्व हिन्दू परिषद् के कार्यकारी अध्यक्ष अलोक कुमार ने घटना स्थल पर जाकर क्षतिग्रस्त मन्दिर को देखने उपरान्त वहां उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित करते कहा कि "हमने पुलिस को पीड़ित संजीव गुप्ता को गुनहगारों की दफाओं में बंद किये जाने का विरोध करते हुए उन्हें तुरंत रिहा करने और 4 दिनों के अन्दर मंदिर को क्षति पहुँचाने वाले, माजिस लगाने वाले, घर में घुसकर हिन्दू महिलाओं के साथ मार-पिटाई करने वालों को गिरफ्तार कर जेल में डाले, अन्यथा पांचवां दिन हमारा होगा .... अब जो अपराधी छिपे भाग रहे हैं, इतने ही हिम्मत वाले हैं तो सामने क्यों नहीं आते? पुलिस को हर हाल में उन्हें गिरफ्तार कर जेलों में डालना होगा। दिल्ली पुलिस ने अपने खर्चे से मंदिर बनवाने की बात को मानने से इंकार करते हुए आगे कहा कि जब तक अपराधियों को सजा नहीं हो जाती, मंदिर नहीं बनेगा और जब बनेगा तो हिन्दुओं के धन से, सरकारी पैसे से नहीं।" बाद में कुछ स्थानीय लोगों ने अलोक से कहा कि "हम भाईचारे से रहना चाहते हैं।" जिसका उन्होंने माइक से जवाब दिया कि "पहले अपराधियों को गिरफ्तार करवाओ तभी समझा जायेगा कि  भाईचारे की बात सही है अन्यथा बेकार है।" अलोक ने कहा कि "दूसरी सियासी पार्टी के कहने पर निर्दोष संजीव गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है और पुलिस को हरहाल में उसे बाइज्जत रिहा करना होगा। "
विश्‍व हिन्‍दू परिषद (व‍िहिप) ने इसे मंदिर को निशाना बनाने की साजिश करार दिया तो यह भी कहा कि शरारती तत्‍वों का इरादा इलाके में जनसांख्यिकी बदलाव का है, जहां हिन्दू समुदाय के लोग सीमित संख्‍या में रह गए हैं। हमलावरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए विहिप ने आरोप लगाया कि वे (हमलावर) चाहते हैं कि हिन्दू समुदाय के लोग, जो सीमित संख्‍या में यहां रह गए हैं, वे वहां से अपनी दुकानें और घर छोड़कर चले जाएं और इसलिए उन्‍हें डराने-धमकाने की कोशिश की जा रही है। रामजन्मभूमि मंदिर को लेकर होते नितरोज के दंगों के ही कारण पुरानी दिल्ली हिन्दुओं से लगभग खाली ही हो गयी है। 
चर्चा है कि भाजपा के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के कुछ लोग अन्दर खाने मुसलमानों से नारे लगवा रहे हैं कि "हमें दंगा नहीं रोजगार चाहिए" इस षड्यंत्र में शामिल लोग उस समय कहाँ थे 'जब नारा ए तकबीर अल्ला हो अकबर' लगाकर हौज़ काज़ी थाने को घेरा गया और पुलिस के वहां पहुँचने के रास्ते बंद हिन्दुओं का दमन किया जा रहा था।     
इस बीच, एआईएमआईएम के नेता व हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी घटना पर प्रतिक्रिया दी है। उन्‍होंने अपने ट्वीट में कहा कि किसी भी पूजास्‍थल या श्रद्धालुओं पर हमला इस देश की विविधता पर हमला है। इस तरह के तोड़फोड़ की हर घटना निंदनीय है। उन्‍होंने निर्धारित समय सीमा के भीतर दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
Attack on any place of worship or worshippers is an attack on the very pluralism & diversity of our dear country.

This act of vandalism is highly condemnable & I demand that the culprits be prosecuted & convicted in a time-bound manner https://twitter.com/iamrana/status/1145919870095073281 
वहीं, फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम मुफ्ती डॉ. मुकर्रम अहमद ने एक संदेश जारी कर मुस्लिम समाज के लोगों से मंदिर निर्माण में सहयोग देने की अपील की। उन्‍होंने यह भी कहा कि पुरानी दिल्‍ली गंगा-यमुना संस्‍कृति की जीती-जागती मिसाल है और यहां मामले आपस में बैठकर सुलझा लिए जाते हैं। झड़प व पथराव को कुछ शरारती तत्‍वों की साजिश करार देते हुए उन्‍होंने यह भी कहा कि इस जगह पुरानी गंगा-यमुना तहजीब वाली संस्‍कृति को बनाए रखने के लिए जरूरी है कि दोनों समुदायों के लोग आगे आएं।
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प्राचीन श्री दुर्गा मंदिर, गली दुर्गा मंदिर , बाजार लाल कुआँ, पुरानी दिल्ली में कुछ मुसलमानों ने जून 30 की रात को मूर्...



फतेहपुरी इमाम पर वहां की जनता का कहना है कि "हिम्मत है तो मस्जिद से अपराधियों को पुलिस के हवाले किये जाने का हुक्म दें, गंगा-यमुना संस्कृति की बातें कर दोषियों को बचाने की कोशिश है। कानून को धोखा देने की कोशिश की जा रही है। इमाम की नसीयत उस वक्त कहाँ थी जब नारा ओ तकबीर अल्ला हो अकबर लग रहा था। ये दोगली नीति कब तक? इमाम बताये हिन्दुओं का क्या कसूर है? हमें ही पीटो और हमें ही शिक्षा, अब इसे दोगलापन नहीं कहा जाये तो क्या कहा जाये।"