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क्वारंटाइन में भेजे गए इटली से लाए गए 263 भारतीय

भारतीय छात्र
इटली से लाए गए भारतीय छात्र (साभार: बिजनेस स्टैंडर्ड )
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को बताया कि देश में कोरोना संक्रमित मरीजों की कुल संख्या 327 हो चुकी है।दिल्ली में ही कोरोना वायरस के मामले बढ़कर 27 तक पहुँच गए हैं। इस लड़ाई में आज प्रधानमंत्री द्वारा बुलाया गया ‘जनता कर्फ्यू’ एक अहम पड़ाव साबित हो सकता है। इन सबके बीच कोरोना की मार से बेहाल इटली से आज 263 भारतीय छात्रों को लेकर एयर इंडिया का एक विशेष जहाज भारत पहुँच चुका है।
इटली से भारतीय छात्रों को ला रही फ्लाइट रविवार सुबह दिल्ली हवाई अड्डे पर उतरी। थर्मल स्क्रीनिंग और इमिग्रेशन के बाद इन सभी छात्रों को आईटीबीपी छावला कैंप में क्वारेंटाइन फैसिलिटी में भेज दिया गया है। स्वास्थ्य सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि अब तक दूसरे देशों से 1600 भारतीयों की देश वापसी हो चुकी है। इन्हें हम अपने क्वारंटाइन सेंटर में सेवाएँ दे चुके हैं। आज रोम से आने वाले 263 यात्रियों को भी हम क्वारंटाइन सेंटर में रखेंगे। इनमें से अधिकतर छात्र हैं।

कोरोना के खिलाफ लड़ाई में केंद्र व राज्य सरकारें कोई भी कसर बाकी नहीं छोड़ रहीं। उड़ीसा और महाराष्ट्र द्वारा कुछ शहरों को लॉक डाउन किए जाने और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के इस तरह के कदम उठाने के संकेत के मध्य राजस्थान और पंजाब ने 31 मार्च तक टोटल लॉकडाउन का निर्णय लिया है। पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने राज्य की जनता से कोरोना वायरस से लड़ने में प्रशासन की मदद करने की भी अपील की है।



पंजाब को पूरी तरह लॉक डाउन करने का निर्णय लेने के पहले अमरिंदर सरकार ने राज्य के कुछ जिलों जालंधर, संगरूर आदि को बंद करने का फैसला लिया था। लेकिन कोरोना संक्रमण के फैलते जाने के बाद राज्य सरकार ने 31 मार्च तक के लिए पूरे राज्य को लॉकडाउन करने का फैसला लिया है। खबरों के अनुसार इस दौरान सब्जी, दूध की दुकानों के साथ-साथ मेडिकल स्टोर आदि दैनिक जरूरतों की दुकानें खुली रहेंगी।
पंजाब में अब तक कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या 13 हो चुकी है, जिसमें से एक मरीज की मौत भी हो चुकी है। शनिवार को नवांशहर के पहले कोरोना पॉजिटिव मरीज की मौत होने के साथ ही उसके परिवार के छह लोगों का टेस्ट भी पॉजिटिव आया है। सभी मरीजों को नवांशहर के सिविल अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करवाया गया है।
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ये है दिल्ली का जामा मस्जिद क्षेत्र आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार भारतीय राजनीतिक दलों और मीडिया को चीन से सीखना चा....
पंजाब के साथ साथ राजस्थान की गहलोत सरकार ने भी कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए रविवार से 31 मार्च तक टोटल लॉकडाउन का ऐलान कर दिया है। इस लॉकडाउन के दौरान सभी सरकारी और निजी दफ्तर, मॉल, फैक्ट्री, पब्लिक ट्रांसपोर्ट आदि बंद रहेंगे जबकि सब्जी, दूध जैसी रोज की जरूरत की दुकानें और मेडिकल स्टोर खुले रहेंगे।

क्यों न घुटे दिल्ली का दम ; ग्रीन टैक्स का 20% ही केजरीवाल सरकार ने किया खर्च

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आर.बी.एल. निगम, वरिष्ठ पत्रकार  
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के कारण हवा बेहद जहरीली हो गई है। आलम यह है कि लोगों के लिए घर से निकलना मुश्किल हो गया है। ऐसे में एक आरटीआई जवाब से पता चला है कि दिल्ली में AAP सरकार ने पिछले कई वर्षों में ग्रीन टैक्स के तहत एकत्रित किए गए अधिकतर धन राशि को खर्च नहीं किया है। अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली सरकार ने पर्यावरणीय समस्याओं को कम करने के लिए एकत्र किए गए धन का लगभग 20 फीसदी ही खर्च किया।
ऐसे में प्रश्न होता है कि आखिर कब तब केजरीवाल सरकार जनता की आँखों में धूल झोंकती रहेगी? मुफ्त पानी और बिजली देकर कब तक सरकारी धन पर वोट खरीदी जाएगी? जनता जानना चाहती है कि पर्यावरण मद का 80 प्रतिशत धन कहाँ खर्च किया? भूतपूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के समय दीपावली पूर्व से इतनी आतिशबाज़ी छोड़ी जाती थी, पंजाब और हरियाणा में तब भी पराली जलती थी, कोई समस्या नहीं हुई, फिर अरविन्द केजरीवाल के मुख्यमंत्री बनते ही यह विकट समस्या क्यों हुई? जिस मद का धन उस मद पर खर्च करने की बजाए इधर-उधर खर्च होगा, उस स्थिति में जनता को समस्याओं का सामना करना पड़ेगा ही, और अपने दोष दूसरों के सर पटकने से जनता को उस मद के धन के दुरूपयोग से बचा नहीं जा सकता। 
केजरीवाल सरकार को मालूम होना चाहिए की उनके जन्म लेने से पूर्व यमुना पार खेत ही खेत थे, हरियाणा और पंजाब को छोड़ो यहीं इतनी पराली जलती थी, श्राद्ध समाप्त होते ही आतिशबाज़ी वालों की दुकाने सजनी शुरू हो जाती थीं, और गंगा नहान तक आतिशबाज़ी छोड़ी जाती थी, कभी इस तरह की समस्या उत्पन्न ही नहीं हुई। 
अनुमान है, संभव हो अनुमान गलत हो, दीपावली पूर्व से पर्यावरण/प्रदुषण का शोर मचा कर, दीपावली पर हमला तो नहीं हो रहा? क्योकि तीन वर्षों से तो दिल्ली में आतिशबाज़ी पर जरुरत से पाबन्दी होने के बावजूद पर्यावरण की इतनी गंभीर समस्या का होना सिद्ध करता है, की यह ड्रामा कुछ और नहीं दीपावली पर गुप्त हमला है। जिसे दिल्ली की भोली-भाली जनता नहीं समझ पा रही। 
कुछ वर्षों से दीपावली के शुभावसर पर हैदराबाद प्रवास हो रहा है, जहाँ दिल्ली में दरीबा और सदर बाजार के कहीं अधिक आतिशबाज़ी की दुकानें लगती है, संध्या से लेकर रात्रि लगभग 11 बजे तक खूब छोड़ी जाती है, वहां कोई समस्या कोई नहीं

टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के मुताबिक एक आरटीआई जवाब में कहा गया कि दिल्ली सरकार ने साल 2015 में कुल ₹1174.67 करोड़ का ग्रीन टैक्स जमा किया था, जिसमें से केवल ₹272.51 करोड़ ही खर्च किए गए। इस ₹272 करोड़ में से ₹265 करोड़ सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर खर्च किए गए। दिल्ली सरकार ने सड़कों की मरम्मत के लिए ग्रीन फंड के कुछ करोड़ रुपए ही खर्च किए। आरटीआई के जवाब में कहा गया है कि दिल्ली-मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम पर ₹265 करोड़ खर्च किए गए। इसका मतलब यह है कि दिल्ली सरकार द्वारा ग्रीन टैक्स के रूप में एकत्र किए गए फंड में ₹902 करोड़ की बड़ी राशि का इस्तेमाल नहीं किया गया है। यह भारी भरकम रकम का 77 फीसदी है।
आरटीआई के जवाब पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि यह राजधानी के नागरिकों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली सरकार के लापरवाह और असंवेदनशील रवैये को दर्शाता है। डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि ₹900 करोड़ कोई छोटी राशि नहीं है। लोगों ने इसका भुगतान इसलिए किया ताकि सरकार इसका सही चीजों पर सही तरीके से खर्च करे। जिससे कि उनके लिए बेहतर जीवनयापन सुनिश्चित हो सके।
आरटीआई के जवाब पर दिल्ली की AAP सरकार ने कहा ये फंड का पैसा इस्तेमाल किया जाएगा। उनका कहना है कि ये पैसे एक निश्चित प्रक्रिया के तहत अगले 6 महीनों में खर्च किए जाएँगे। केजरीवाल सरकार ने यह भी कहा कि इलेक्ट्रिक बसों को पहले ही चालू कर दिया गया है।

वैसे यह पहली बार नहीं है जब आरटीआई के जवाब से पता चला है कि दिल्ली सरकार किस तरह से इकट्ठा किए गए ग्रीन टैक्स को खर्च करने में असफल रही है। 2017 में इसी तरह की एक और आरटीआई के जवाब से पता चला था कि ₹787 करोड़ ग्रीन टैक्ट जमा किए गए थे, जिसमें से केवल ₹93 लाख खर्च किए गए थे। यह राशि टोल प्लाजा पर रेडियो-फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन सिस्टम के लिए दस्तावेज तैयार करने पर खर्च की गई थी।
2017 में दिल्ली सरकार ने यह भी कहा था कि 500 इलेक्ट्रिक बसों को खरीदने के लिए अप्रयुक्त राशि का उपयोग किया जाएगा। इस साल मार्च में केजरीवाल सरकार ने 1000 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद को मंजूरी दी थी, लेकिन अभी तक राजधानी में इलेक्ट्रिक बस सेवाएँ शुरू नहीं हुई हैं।

केन्द्रीय सरकार और दिल्ली पुलिस के सहयोग से मन्दिर में मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा


आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
दिल्ली के हौज काजी इलाके में जुलाई 9 को विश्न हिन्दू परिषद के सानिध्य में शोभा यात्रा निकाली गयी। खास बात ये है कि इलाके मुसलमान जगह-जगह शोभा यात्रा का स्वागत कर रहे थे। हाल ही में इस इलाके में एक मंदिर में तोड़फोड़ के बाद सांप्रदायिक तनाव देखने को मिला था लेकिन जुलाई 9 को माहौल बिल्कुल अलग रहा।

मंदिर में फिर से स्थापित की गईं मूर्तियां पुरानी दिल्ली में हौज काजी के लाल कुआं इलाके के उस मंदिर में मंगलवार को नई मूर्तियां स्थापित की गईं जहां पिछले हफ्ते तोड़फोड़ की गई थी। मंगलवार को सुबह 10 बजे मंदिर में नई मूर्तियां स्थापित की गईं। तोड़फोड़ के बाद स्थानीय हिन्दू और मुसलमान दोनों समुदाय के लोगों ने किसी बाहरी की मदद के बिना फिर से मूर्तियों की स्थापना का ऐलान किया था। मूर्ति स्थापना के बाद शोभा यात्रा निकाली गयी। 
 पार्किंग विवाद ने लिया था सांप्रदायिक रंग, स्थानीय लोगों ने दिखाई समझदारी इलाके में स्कूटर खड़ा करने को लेकर अलग अलग समुदाय के दो व्यक्तियों में झगड़ा हो गया था जिसने सांप्रदायिक रंग ले लिया था जिसके बाद मंदिर पर पथराव किया गया था। मंदिर में तोड़फोड़ की गई थी, जिसमें पुलिस अब तक सात व्यक्तियों को गिरफ्तार कर चुकी है। मंदिर में तोड़फोड़ के बाद इलाके में तनाव हो गया था लेकिन स्थानीय लोगों ने समझदारी दिखाते हुए पूरा मामला निपटाया और आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस के साथ दिखे। साथ ही बाहरी लोगों को भी इलाके में ना आने को कहा, इससे धीरे-धीरे यहाँ तनाव घटा और मंगलवार को यहां शोभायात्रा में हिन्दू-मुसलमान एक साथ सड़क पर दिख रहे हैं।
यह सब संभव हुआ गृह मन्त्री की सख्ती के कारण। दूसरे अमन कमेटी और दूसरे क्षेत्र के अन्य लोगों के आगे आने को क्षेत्रीय सांसद एवं केन्द्रीय मंत्री डॉ हर्षवर्धन द्वारा घटना प्रभवित क्षेत्र का दौरा करने पर सख्त रवैये ने मजबूर कर दिया था। उनकी सख्ती ने क्षेत्रीय लोगों को किसी भी हाल में शान्ति बनाने रखने के मजबूर कर दिया था, क्षेत्र गवाह है कि उससे पहले कोई आगे नहीं आया था। खूब नारा ए तकबीर, अल्लाह ओ अकबर के नारे लगाए जा रहे थे। 
 शोभायात्रा का फूलों से स्वागत मंगलवार को मंदिर में मूर्ति की पुर्नस्थापना के बाद शोभायात्रा निकल रही है। कई जगहों पर मुस्लिम शहनाई बजा रहे हैं और शोभायात्रा का स्वागत कर रहे हैं। अमन कमेटी के लोगों ने शोभा यात्रा निकाल रहे लोगों के लिए खाना और पानी का भी इंतजाम किया है।
डॉ हर्षवर्धन और गृह मंत्री अमित शाह के हस्तक्षेप करने पर दिल्ली पुलिस को बहुत साहस और मामले को निपटाने के लिए हर संभव प्रयत्न करने का मौका दिया।
केन्द्रीय सरकार के सख्त रवैये से पुरानी दिल्ली में लोग भविष्य में किसी साम्प्रदायिक दंगे से सुरक्षित महसूस कर रही है। क्योकि अब से पूर्व किसी स्थानीय नेता तक ने पुरानी दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगे में केवल अपने वोट बैंक की चिन्ता करते नज़र आते थे, कभी हिन्दुओं की सुध नहीं ली। 
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आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार अभी तक पुरानी दिल्ली में हिन्दू, मुस्लिम भाई चारा, गंगा जमुनी रवायत की बात करने वाले ख.....

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आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार चावड़ी बाजार के हौज काजी में हुई सांप्रदायिक विवाद पर गृह मंत्रालय हरकत में आ गया है। ...







हौज काजी विवाद पर दिल्ली पुलिस के रवैये से अमित शाह नाराज, पुलिस कमिश्नर को तलब कर लगाई फटकार

Delhi Police Commissioner Amulya Patnaikआर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
चावड़ी बाजार के हौज काजी में हुई सांप्रदायिक विवाद पर गृह मंत्रालय हरकत में आ गया है। सूत्रों का कहना है कि हौज काजी में विवाद को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने जिस तरीके से कार्रवाई की है उससे गृह मंत्री अमित शाह नाराज हैं और इस मामले में लेट-लतीफ कार्रवाई के लिए उन्होंने दिल्ली पुलिस के कमिश्नर अमूल्य पटनायक को फटकार लगाई है। बता दें कि गत 30 जून को हौज काजी में पार्किंग को लेकर दो समुदाय के लोगों के बीच झगड़ा हुआ और देखते ही देखते ही इस झगड़े ने पहले मारपीट और फिर सांप्रदायिक झड़प का रूप ले लिया। मुस्लिम गुंडों ने वहां स्थित एक मंदिर को नुकसान पहुंचाया जिसके बाद तनाव और बढ़ गया। 
हौज काजी में हुई घटना के बाद गृह मंत्री से मिलने के बाद पुलिस कमिश्ननर ने कहा, 'मैंने उन्हें घटना के बारे में जानकारी दी है। इलाके में स्थिति अब सामान्य है। इस मामले में अब तक चार लोगों की गिरफ्तारी हुई है।'
विवाद के बाद चांदनी चौक संसदीय सीट से सांसद केंद्रीय मंत्री हर्षवर्द्धन ने जुलाई 2 को इलाके का दौरा भी किया था। वह उस मंदिर भी गए थे, जहां पथराव के कारण खिड़कियों के शीशे टूट जाने और खण्डित मूर्तियों को भी दिखा। उन्‍होंने दो टूक कहा कि घटना के लिए जिम्‍मेदार लोगों के खिलाफ जल्‍द से जल्‍द कार्रवाई की जाएगी तो लोगों से शांति बनाए रखने की अपील भी की। उनके दौरे के बाद जुलाई 3 की सुबह मंदिर में आरती और पूजा-अर्चना की गई।

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Delhi: Prayers being offered at the temple in Hauz Qazi area, which was vandalised on 30 June after a clash broke out between two groups over parking in the locality on the day.
इस बीच, विहिप के कार्यकर्ताओं ने भी इलाके का दौरा किया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। विहिप ने हौज काजी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मंदिर में तोड़फोड़ को 'बड़ी साजिश' करार दिया तो आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता संजय सिंह ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए मंदिर में तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने पर जोर दिया। पुलिस को उन लोगों के विरुद्ध भी सख्त कार्यवाही करनी चाहिए, जिसकी एक कॉल पर हज़ारों मुसलमान सड़क पर आ गए, क्या सड़क पर आए ये मुसलमान भाड़े के थे? क्योकि इस गंभीर मुद्दे पर यदि पुलिस कार्यवाही करती है, इससे भविष्य में होने वाले दंगों पर भी अंकुश लगने की पूरी सम्भावना है। क्योकि कोई दंगा होने पर मुस्लिम समाज पर एक ही तकिया कलाम "बाहर के लोग थे" सुनते-सुनते बुढ़ापा आ गया है। और यदि "बाहर के लोग" की बात आने पर सख्ती से पूछा जाये की "किसके कहने पर ये लोग आये थे, और किसने इनका खर्चा किया?" सच्चाई जानने के लिए अगर रिमांड पर लेना पड़े, पुलिस संकोच न करे, इस काम में सफल होने पर, सिर्फ पुलिस ही नहीं, देश के सामने इसके दूरगामी परिणाम आएंगे। दंगों से राहत मिलेगी।  
इस सांप्रदायिक तनाव पर राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है। भाजपा सांसद विजय गोयल ने दो पड़ोसियों के बीच हुए विवाद को सांप्रदायिक रंग देने के लिए आम आदमी पार्टी को जिम्मेदार ठहराया है। भाजपा नेता ने कहा कि लोगों को इकट्ठा कर सुनियोजित तरीके से इस सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश हुई। वहीं, अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने सांप्रदायिक तनाव को कम करने के लिए दोनों समुदायों की तरफ से उठाए गए कदमों की सराहना की है।


Delhi Police Commissioner Amulya Patnaik after meeting Home Minister Amit Shah over incident: I have briefed him about the situation here. Things are now normal in the Hauz Qazi area. 4 people have been arrested
नकवी ने माहौल को शांत करने एवं सद्भाव कायम करने की लोगों की पहल का स्वागत किया है। नकवी ने कहा, 'दिल्ली में जिस तरह से लोगों ने माहौल खराब करने की कोशिश की लेकिन वहां के स्थानीय लोगों ने मिलकर इन नापाक कोशिशों को नाकाम किया। ये पूरे देश के लिए एक उदाहरण है। दोनों समुदाय के लोगों ने सद्भाव दिखाते हुए आपसी भाईचारे की भावना को और मजबूत किया है। यह देश के लिए एक मिसाल है।' वहीं, इस घटना के लिए भाजपा सांसद विजय गोयल ने आम आदमी पार्टी को जिम्मेदार ठहराया है। 
भाजपा सांसद ने कहा, 'इस घटना के लिए आम आदमी पार्टी के नेता भी जिम्मेदार हैं। मैं उनका नाम नहीं ले रहा हूं लेकिन मुझे रास्ते चलते हुए लोगों ने बताया कि जो दो पड़ोसियों का झगड़ा था उसे सांप्रदायिक रंग दिया गया। लोगों को रात में इकट्ठा किया गया और फिर मंदिर के ऊपर हमला किया गया। पुलिस ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का भरोसा दिया है। अभी तक इस मामले में तीन लोग गिरफ्तार हुए हैं और जरूरत हुई तो आगे और गिरफ्तारियां होंगी।' 
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आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार अभी तक पुरानी दिल्ली में हिन्दू, मुस्लिम भाई चारा, गंगा जमुनी रवायत की बात करने वाले ख.....

इस बीच, याचिकाकर्ता आलोक श्रीवास्तव ने दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर इस घटना की जांच कराने की मांग की है। याचिकाकर्ता का कहना है कि दो पड़ोसियों के आपसी झगड़े को सुनियोजित ढंग से सांप्रदायिक रंग दे दिया गया। उन्होंने एसआईटी से इसकी जांच कराने और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

पुलिस मन्दिर को क्षति पहुँचाने और घर में घुसकर हिन्दु महिलाओं को पीटने वालों को कब गिरफ्तार करेगी ?

Communal tension in Delhi
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
अभी तक पुरानी दिल्ली में हिन्दू, मुस्लिम भाई चारा, गंगा जमुनी रवायत की बात करने वाले खामोश है, रात को 10:00 बजे के बाद लगभग 500 मुसलमानों ने किसी छोटी लॉ एंड ऑर्डर की घटना पर हौज काजी थाने लाल कुआँ, चावड़ी बाजार मेट्रो के समीप  का घेराव किया ताकि पुलिस भी थाने से नहीं निकल सके फिर दूसरे लगभग  500 मुसलमानों ने उस निःसहाय्य  परिवार को घृणित रूप से अपमानित कर मारा पीटा,  जिसने सिर्फ अपनी हलवाई की दुकान के आगे एक मुस्लिम को गाड़ी खड़ी करने के लिए मना किया था, वो कौन मुसलमान था जिसकी एक कॉल पर लगभग 1000 मुसलमान तुरंत इकट्ठे  हो गए  और 100 साल पुराने मंदिर को इस शांति प्रिय मज़हब के अनुयायिओं, गुंडों व् कारकूनो ने तहस नहस कर दिया,  अब घटना के तथ्य:-
 प्राचीन श्री दुर्गा मंदिर, गली दुर्गा मंदिर , बाजार लाल कुआँ, पुरानी दिल्ली में कुछ मुसलमानों ने जून 30 की रात को मूर्तियों को खंडित किया। सारे झगडे की जड़ जबरदस्ती किसी की दुकान के आगे गाड़ी खड़े करने के कारण हुआ। ज्वलंत प्रश्न यह है कि जब हलवाई संजीव गुप्ता ने अपनी दुकान के आगे गाड़ी खड़ा करने से मना किया तो क्या गुंडों को बुलाकर मंदिर पर हमला करोगे? हिन्दुओं के घरों में घुसकर औरतों को मारोगे ? कहाँ है #mob lynching,  #not in my name, #award vapsi, #intolerance आदि गैंग?  और जिस हरकत पर इतना हंगामा परपा है, इससे केवल हिन्दू ही नहीं मुस्लिम भी बहुत दुखी हैं। लेकिन कभी किसी मस्जिद अथवा दरगाह को तोड़ने की हिम्मत नहीं हुई। लेकिन हिन्दुओं के मंदिरों को क्षति पहुंचा सकते हैं, आखिर कौन हैं ये साम्प्रदायिक तत्व, जिन्होंने मंदिर को इतनी क्षति पहुंचाई? इतनी हिम्मत केवल हिन्दुओं के ही विरुद्ध कर सकते हैं। नारा-ओ-तकबीर, अल्ला-ओ-अकबर लगाने वाले कौन लोग हैं? 
अभी तक किसी न्यूज़ चैनल ने इसे कवर नहीं किया है, क्योकि पीड़ित हिन्दू है।
आज सुबह (जुलाई 2)क्षेत्रीय सांसद एवं केन्द्रीय मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने भी मौके का दौरा कर पुलिस से जल्द से जल्द अपराधियों को गिरफ्तार करने को कहा है। केंद्रीय मंत्री हर्षवर्द्धधन ने इलाके का दौरा कर चांदनी चौक के लाल कुंआ स्थित प्राचीन दुर्गा मंदिर में शीष नवाया और कहा कि तोड़फोड़ की घटना से उन्‍हें पीड़ा हुई है। उन्‍होंने यह भी कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्‍होंने हौज काजी थाने में पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर हालात का जायजा भी लिया और कहा कि किसी भी तरह की अप्रिय वारदात को रोकने के लिए भारी संख्‍या में पुलिस बलों की तैनाती की गई है। उन्‍होंने असामाजिक तत्त्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए तो लोगों से शांति व धैर्य बनाए रखने की अपील भी की।


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आज सुबह चांदनी चौक के लाल कुंआ स्थित प्राचीन दुर्गा मंदिर के दर्शन किये।मंदिर में देवी-देवताओं की प्रतिमाओं से हुई तोड़फोड़ से मन व्यथित हुआ है।मैंने स्थानीय लोगों से बात कर मामले की पूरी जानकारी ली और उन्हें आश्वस्त किया कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। @BJP4Delhi @DelhiPolice

आज सुबह लगभग 11 बजे विश्व हिन्दू परिषद् के कार्यकारी अध्यक्ष अलोक कुमार ने घटना स्थल पर जाकर क्षतिग्रस्त मन्दिर को देखने उपरान्त वहां उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित करते कहा कि "हमने पुलिस को पीड़ित संजीव गुप्ता को गुनहगारों की दफाओं में बंद किये जाने का विरोध करते हुए उन्हें तुरंत रिहा करने और 4 दिनों के अन्दर मंदिर को क्षति पहुँचाने वाले, माजिस लगाने वाले, घर में घुसकर हिन्दू महिलाओं के साथ मार-पिटाई करने वालों को गिरफ्तार कर जेल में डाले, अन्यथा पांचवां दिन हमारा होगा .... अब जो अपराधी छिपे भाग रहे हैं, इतने ही हिम्मत वाले हैं तो सामने क्यों नहीं आते? पुलिस को हर हाल में उन्हें गिरफ्तार कर जेलों में डालना होगा। दिल्ली पुलिस ने अपने खर्चे से मंदिर बनवाने की बात को मानने से इंकार करते हुए आगे कहा कि जब तक अपराधियों को सजा नहीं हो जाती, मंदिर नहीं बनेगा और जब बनेगा तो हिन्दुओं के धन से, सरकारी पैसे से नहीं।" बाद में कुछ स्थानीय लोगों ने अलोक से कहा कि "हम भाईचारे से रहना चाहते हैं।" जिसका उन्होंने माइक से जवाब दिया कि "पहले अपराधियों को गिरफ्तार करवाओ तभी समझा जायेगा कि  भाईचारे की बात सही है अन्यथा बेकार है।" अलोक ने कहा कि "दूसरी सियासी पार्टी के कहने पर निर्दोष संजीव गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है और पुलिस को हरहाल में उसे बाइज्जत रिहा करना होगा। "
विश्‍व हिन्‍दू परिषद (व‍िहिप) ने इसे मंदिर को निशाना बनाने की साजिश करार दिया तो यह भी कहा कि शरारती तत्‍वों का इरादा इलाके में जनसांख्यिकी बदलाव का है, जहां हिन्दू समुदाय के लोग सीमित संख्‍या में रह गए हैं। हमलावरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए विहिप ने आरोप लगाया कि वे (हमलावर) चाहते हैं कि हिन्दू समुदाय के लोग, जो सीमित संख्‍या में यहां रह गए हैं, वे वहां से अपनी दुकानें और घर छोड़कर चले जाएं और इसलिए उन्‍हें डराने-धमकाने की कोशिश की जा रही है। रामजन्मभूमि मंदिर को लेकर होते नितरोज के दंगों के ही कारण पुरानी दिल्ली हिन्दुओं से लगभग खाली ही हो गयी है। 
चर्चा है कि भाजपा के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के कुछ लोग अन्दर खाने मुसलमानों से नारे लगवा रहे हैं कि "हमें दंगा नहीं रोजगार चाहिए" इस षड्यंत्र में शामिल लोग उस समय कहाँ थे 'जब नारा ए तकबीर अल्ला हो अकबर' लगाकर हौज़ काज़ी थाने को घेरा गया और पुलिस के वहां पहुँचने के रास्ते बंद हिन्दुओं का दमन किया जा रहा था।     
इस बीच, एआईएमआईएम के नेता व हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी घटना पर प्रतिक्रिया दी है। उन्‍होंने अपने ट्वीट में कहा कि किसी भी पूजास्‍थल या श्रद्धालुओं पर हमला इस देश की विविधता पर हमला है। इस तरह के तोड़फोड़ की हर घटना निंदनीय है। उन्‍होंने निर्धारित समय सीमा के भीतर दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
Attack on any place of worship or worshippers is an attack on the very pluralism & diversity of our dear country.

This act of vandalism is highly condemnable & I demand that the culprits be prosecuted & convicted in a time-bound manner https://twitter.com/iamrana/status/1145919870095073281 
वहीं, फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम मुफ्ती डॉ. मुकर्रम अहमद ने एक संदेश जारी कर मुस्लिम समाज के लोगों से मंदिर निर्माण में सहयोग देने की अपील की। उन्‍होंने यह भी कहा कि पुरानी दिल्‍ली गंगा-यमुना संस्‍कृति की जीती-जागती मिसाल है और यहां मामले आपस में बैठकर सुलझा लिए जाते हैं। झड़प व पथराव को कुछ शरारती तत्‍वों की साजिश करार देते हुए उन्‍होंने यह भी कहा कि इस जगह पुरानी गंगा-यमुना तहजीब वाली संस्‍कृति को बनाए रखने के लिए जरूरी है कि दोनों समुदायों के लोग आगे आएं।
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प्राचीन श्री दुर्गा मंदिर, गली दुर्गा मंदिर , बाजार लाल कुआँ, पुरानी दिल्ली में कुछ मुसलमानों ने जून 30 की रात को मूर्...



फतेहपुरी इमाम पर वहां की जनता का कहना है कि "हिम्मत है तो मस्जिद से अपराधियों को पुलिस के हवाले किये जाने का हुक्म दें, गंगा-यमुना संस्कृति की बातें कर दोषियों को बचाने की कोशिश है। कानून को धोखा देने की कोशिश की जा रही है। इमाम की नसीयत उस वक्त कहाँ थी जब नारा ओ तकबीर अल्ला हो अकबर लग रहा था। ये दोगली नीति कब तक? इमाम बताये हिन्दुओं का क्या कसूर है? हमें ही पीटो और हमें ही शिक्षा, अब इसे दोगलापन नहीं कहा जाये तो क्या कहा जाये।"