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इजराइल और अमेरिका ही नहीं और भी देशों की है ईरान में सत्ता-परिवर्तन की चाहत: ईरान की महिलाएं भी चाहती हैं सत्ता परिवर्तन

भारत में आतंकवादियों का सम्मान से नाम लेने, देर रात उनकी फांसी रुकवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट खुलवाना, सुप्रीम कोर्ट द्वारा वृद्ध मुस्लिम महिला को गुजारा भत्ता मिलने के फैसले को संसद से बदलवाने पार्टी ईरान और गाज़ा पर रो कर क्या साबित करना चाहती है? खामेनेई के सत्ता सँभालने से ईरान की महिलाएं अपना जीवन जी रही थी, लेकिन खामेनेई संम्भालते ही महिलाओं को बुर्के में कैद करना वहां की महिलाओं को पसन्द नहीं आया। काफी समय से खामेनेई के हटने की दुआएं मांगी जा रही थी। कट्टरपंथी सोंच का विरोध करने कई बार महिलाओं ने प्रदर्शन किए, सड़क पर प्रदर्शन करते बुर्के और हिजाब को हवा में उड़ाया और बाल भी काटे। लगता है ईरानी महिलाओं की दुआ का असर है कि खामेनेई पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं।         

‘मेक ईरान ग्रेट अगेन’ ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने ये बयान दिया था। दरअसल अमेरिका ऐसा कह कर ईरान में सत्ता परिवर्तन की संभावना तलाश रहा है।

अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा, “सत्ता परिवर्तन शब्द का उपयोग करना राजनीतिक रूप से सही नहीं है, लेकिन अगर वर्तमान शासन ईरान को फिर से महान बनाने में समर्थ नहीं है, तो सत्ता परिवर्तन क्यों नहीं होगा?? MIGA (Make Iran Great Again)!”

अमेरिका ने ईरान में सुप्रीम लीडर खामेनेई को सत्ता से हटाने की कई बार प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोशिश की है। लेकिन मुस्लिम शिया धर्म के सुप्रीम लीडर खामेनेई को हटाना संभव नहीं हो सका। इस वक्त भी ईरान में सत्ता परिवर्तन की माँग उठ रही है। खुद खामेनेई के परिवार से इसकी माँग उठने लगी है।

कौन हैं महमूद मोरदखानी

महमूद मोरादखानी ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के भतीजे हैं। वह 1986 में ईरान छोड़कर फ्रांस चले गए थे और निर्वासन की जिंदगी जी रहे हैं। महमूद मोरदखानी ने कहा है कि वह युद्ध के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन ईरानी सरकार का खात्मा ही यहाँ स्थायी शांति के लिए जरूरी है।

उन्होंने कहा, ” जो भी इस शासन को मिटा सके, वह जरूरी है।” उनका मानना है कि कई ईरानी लोग खामेनेई के कमजोर होने से ईरान में खुश हैं।

कौन हैं रजा पहलवी

ईरान के पूर्व शहजादे रजा पहलवी ने भी शासन में बदलाव पर जोर दिया है। उनका कहना है कि तेहरान में सत्ता पतन जरूरी है।
रजा पहलवी ईरान के अंतिम पहलवी शासक मोहम्मद शाह पहलवी के बड़े बेटे हैं। उनका परिवार अमेरिका में निर्वासन की जिंदगी गुजार रहा है। 1979 में देश छोड़कर भागे पूर्व शाह के बेटे रजा पहलवी इस वक्त काफी सक्रिय हैं।
रजा अमेरिका में रहते हैं और खुद को ईरान के शासक के रूप में देखना चाहते हैं। 2016 में पहली बार जब अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति बने थे तो शाह ने ईरान में धर्मनिरपेक्ष सरकार बनाने और लोकतंत्र की बहाली की वकालत की थी।
इसके बाद फिर जब ट्रंप दूसरी बार राष्ट्रपति बने तो पहलवी ने ईरान में लोकतंत्र की वकालत करते हुए पश्चिमी राष्ट्रों से उसके संबंध सुधारने पर जोर दिया था। अब जब इजरायल ने ईरान पर हमला किया तो वह इजरायल का पक्ष लेते हुए नजर आए। उन्होंने कहा कि ईरान में अभी कई ऐसे लोग हैं जो इजरायल के इस कार्रवाई का समर्थन कर रहे हैं और खामनेई को सत्ताच्युत करना चाहते हैं।
माना जा रहा है कि अब राष्ट्रपति ट्रंप ईरान में सत्ता परिवर्तन में रजा पहलवी को समर्थन दे सकते हैं और ईरान में लोकतंत्र की स्थापना की पहल कर सकते हैं। हालाँकि खामनेई ने अपने विकल्प के तौर पर तीन उत्तराधिकारियों को चुन लिया है। ये तीनों ही मौलवी हैं यानी ईरान को इस्लामिक राष्ट्र बनाए रखने की व्यवस्था खामेनेई ने कर दी है।

खामेनेई के खिलाफ सड़कों पर उतरे कई संगठन

ईरान में अभी कई संगठन एक्टिव हैं जो चाहते हैं कि सत्ता परिवर्तन हो। इनमें पीपुल्स मुजाहिदीन या मोजाहिदीन ए खल्क यानी एमईके, ग्रीन मूवमेंट प्रमुख हैं। एमईके ऐसा संगठन है जिसे गोरिल्ला युद्ध लड़ने में महारत हासिल है। लेकिन अमेरिका इसे नहीं पसंद करता क्योंकि ये संगठन रूस के नजदीक रहा है। अमेरिका विरोध के बावजूद खामेनेई को उखाड़ फेंकने की कोशिश में ये संगठन लगा हुआ है।
दरअसल खामेनेई ने ही इस संगठन को कुचला था। धीरे-धीरे खुद को खड़ा करने के दौरान संगठन अमेरिका के संपर्क में भी आ गया। इस दल के नेता को अल्बानिया में स्थापित करने में अमेरिका ने अहम भूमिका निभाई। हालाँकि आज की तारीख में ये कहना काफी मुश्किल है कि संगठन ईरान की इस्लामिक सत्ता को उखाड़ फेंकने में सक्षम है।
ग्रीन मूवमेंट ईरान में 2009 में सुर्खियों में आया। राष्ट्रपति चुनाव में धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए संगठन ने आंदोलन चलाया। देश में लोकतांत्रिक सुधारों की बात करने वाला ये संगठन खामेनेई को सत्ता से हटाना चाहता है और अक्सर विरोध प्रदर्शन करता रहता है।
इस संगठन ने 2010 में बड़ा आंदोलन खड़ा किया था। इस्लामिक राष्ट्र का विरोध करने के कारण इसके आंदोलन को दबा दिया गया और इसके नेताओं को गिरफ्तार किया गया। आज की परिस्थिति में ये उम्मीद करना मुश्किल है कि ये संगठन ईरान में इस्लामिक सत्ता को हटा सकता है।

खामेनेई के विरोध में महिलाएँ

ईरान में इस्लामिक शासन के दौरान वर्षों से महिलाओं का दमन किया जाता रहा है। हिजाब के खिलाफ महिलाएँ सड़कों पर उतरती रही हैं और सरेआम इसे उतार कर फेंकती रही हैं। विरोध प्रदर्शन में हिजाब जलाना, खामेनेई की तस्वीर जलाकर ‘मुल्ला भाग जाओ’ का नारा बुलंद करना आम रहा है। अब इन महिलाओं को खामेनेई को सत्ता से हटाने का विकल्प सामने दिखने लगा है।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस का बयान

इधर अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान में सत्ता परिवर्तन पर बड़ा बयान दिया। उनका कहना है कि वो ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करना चाहते हैं। वे सत्ता परिवर्तन नहीं चाहते।

अमेरिका और इजरायल के अलावा भी कई देश हैं जो खामेनेई को सत्ता से बेदखल होते हुए देखना चाहते हैं। इनमें इराक, सऊदी अरब, लेबनान, मिस्र जैसे पड़ोसी इस्लामिक देश भी शामिल हैं। दरअसल इन राष्ट्रों का झगड़ा शिया-सुन्नी को लेकर है। ईरान एकमात्र शिया इस्लामिक देश है, जबकि बाकी देश सुन्नी इस्लामिक राष्ट्र हैं।

राहुल गाँधी और कांग्रेस द्वारा हिंदुओं को भड़काकर मुस्लिम युवकों को अग्निवीर बनाने की गहरी साजिश! मस्जिदों से एलान- मुस्लिम युवक ज्यादा से ज्यादा अग्निवीर बनें


2024 लोक सभा के दौरान यह चर्चा थी कि मोदी सरकार को हटाने भारत विरोधी अरबों खर्च कर रहे हैं। लेकिन बीजेपी का Legal Cell बिलकुल खामोश है, क्यों? चुनाव में हुए दुष्प्रचारों के सबूत होने के बावजूद क्यों नहीं मुक़दमे दर्ज किए जाते? जिस दिन 
बीजेपी का Legal Cell हरकत में आ गया, कांग्रेस हाशिए से भी नीचे आ जाएगी। कल(जुलाई 8) News18 पर एंकर लुबिका लियाकत के शो 'गूंज' में मणिपुर की असलियत सामने आयी। विपक्ष संसद में तो मणिपुर पर चर्चा चाहता है, लेकिन मणिपुर विधान सभा में आज तक सवाल नहीं उठाना, एक और गहरे  षड़यंत्र को उजागर करता है। इतना ही नहीं, 
राहुल की प्रेस वार्ता में जब मणिपुर पर समाधान पर प्रश्न करने पर कह दिया don't divert the issue. दूसरे, अगर अग्निवीर योजना गलत है फिर मस्जिदों से मुसलमानों से अग्निवीर बनने के लिए क्यों एलान किया जा रहा है? कांग्रेस और अन्य विपक्षियों को इसका जवाब देना होगा।  

अग्निवीर पर कांग्रेस पार्टी का प्रोपेगेंडा जारी है। पहले नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस विषय पर एक के बाद एक झूठ बोले, हालांकि सच्चाई सामने आने के बाद उनका झूठ बेनकाब हो गया। इसके बाद अब कांग्रेस पार्टी की प्रवक्ता रिटायर्ड विंग कमांडर अनुमा आचार्य ने कहा कि अग्निवीर जवान के पास हथियार होता है, तो वह या तो आत्महत्या करेगा या किसी और को मारेगा। यानी कांग्रेस पार्टी की प्रवक्ता ने देश के वीर सैनिकों को उकसा कर उसकी तुलना आतंकवादी से कर दिया। कांग्रेस पार्टी जोर-शोर से अग्निवीर को लेकर देश में भ्रम फैलाने में जुटी है। ऐसा प्रतीत होता है कि चीन और कांग्रेस पार्टी के बीच हुए गुप्त समझौते में एक प्रमुख बिंदू शायद भारतीय सेना को कमजोर करने की है। इसी एजेंडे के तहत कांग्रेस पार्टी सेना के शौर्य पर सवाल उठाती रही है और अब अग्निवीर मुद्दा उठाकर विवाद पैदा करना चाहती है। अग्निवीर मुद्दा उछालने के पीछे कांग्रेस की एक छुपी मंशा भी नजर आती है। कांग्रेस अल्पसंख्यक तुष्टिकरण के लिए देश में भ्रम का माहौल पैदा कर हिंदुओं को अग्निवीर योजना से दूर रखना चाहती है और चाहती है कि मुस्लिम युवा ज्यादा से ज्याद इसमें हिस्सा लें। यह अनायास नहीं है कि राहुल गांधी अग्निवीर योजना को बंद करने की बात करते हैं वहीं जुमे की नमाज के बाद मस्जिदों से एलान किया जा रहा है कि अग्निवीर योजना मुसलमानों के हित में है,ज्यादा से ज्यादा मुस्लिम युवा अग्निवीर बनें। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर राहुल गांधी को अग्निवीर योजना इतनी ही बुरी लगती है तो वे मुस्लिम युवाओं से अपील क्यों नहीं करते कि वे अग्निवीर योजना से दूर रहें।

वीर सैनिक की तुलना आतंकवादी से
राहुल गांधी के बाद कांग्रेस की एक प्रवक्ता रिटायर्ड विंग कमांडर अनुमा आचार्य ने एक टीवी चैनल डिबेट के दौरान कहा कि अग्निवीर जवान के पास हथियार होता है, तो वह या तो आत्महत्या करेगा या किसी और को मारेगा। यानी देश के वीर सैनिक को उकसा कर उसकी तुलना आतंकवादी से की जा रही है। सेना में काम करने के बाद भी कांग्रेस से जुड़ने के बाद अनुमा आचार्य अग्निवीर को किस तरह देश में भ्रम फैला रही हैं यह देख लीजिए। वह कह रही हैं- ”20-22 साल का युवा, जिसकी इतनी समझ नहीं होती है, अवसाद में जाएगा। उसके पास लाइव आर्म्स होते हैं। या तो आत्महत्या कर लेगा या मारे गुस्से से, ईश्वर ना करें… हमने अपनी 25 साल की सर्विस में एक भी आत्महत्या कभी देखी हो।” एक साजिश के तहत हिंदुओं को भड़काने के लिए वह ऐसा बयान दे रही हैं।

अग्निवीर यूज एंड थ्रो मजदूरः राहुल गांधी
राहुल गांधी ने एक अग्निवीर की शहादत का जिक्र करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी उसे शहीद नहीं कहते। उसके परिजनों को पेंशन नहीं मिलेगी। आम जवान को पेंशन मिलेगी, सरकार उसकी मदद करेगी लेकिन अग्निवीर को जवान नहीं कहा जा सकता। अग्निवीर यूज एंड थ्रो मजदूर है। राहुल गांधी ने कहा कि आप जवान और जवान के बीच में फूट डालते हो और फिर अपने आपको देशभक्त कहते हो। इस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सरहद पर अगर कोई अग्निवीर मारा जाता है, उसे एक करोड़ रुपये मिलता है। इस पर राहुल गांधी ने कहा कि सच्चाई क्या है, ये अग्निवीर जानता है। अमित शाह ने इस पर कहा कि इसका सत्यापन किया जाना चाहिए और अगर वह साबित नहीं करते हैं तो सदन और देश से इसकी माफी मांगनी चाहिए।

मस्जिदों से एलान, मुस्लिम युवक ज्यादा से ज्यादा अग्निवीर बनें
मुसलमान के लिए मस्जिदों से जुम्मे की नमाज के बाद ऐलान किया जा रहा है कि मुसलमान लोग ज्यादा से ज्यादा अग्निवीर बनें और वहीं कांग्रेस हिंदुओं को भड़का रही है कि तुम लोग अग्निवीर मत बनो। यूपी के कानपुर में मुस्लिम समाज ने केंद्र सरकार की अग्निवीर योजना का समर्थन किया है। कानपुर में 300 से ज्यादा मस्जिदों से जुमे की नमाज के बाद तकरीर में एलान किया गया कि अग्निवीर योजना देश के मुसलमानों के हित में है। इस योजना में उन्हें देशभक्ति दिखाने का मौका मिलेगा। इसके साथ ही वीर अब्दुल हमीद की तरह देश की सेवा करने का मौका मिल रहा है। मुस्लिम युवाओं से कहा गया है कि अग्निवीर बनकर देश के लिए कुर्बानी देने से पीछे नहीं हटें। शहर काजी मुफ्ती साकिब अदीब ने कहा कि मुस्लिम नौजवानों को बढ़चढ़ कर इस योजना का फायदा उठाना चाहिए। कानपुर की नारामऊ, रानीगंज, ओमपुरवा समेत अन्य मस्जिदों में जुमें की नमाज के बाद मस्जिदों से दी गई तकरीरों में अग्निवीर योजना की तारीफ की गई।

अग्निवीर पर राहुल गांधी ने फिर फैलाया झूठ
राहुल गांधी ने 1 जुलाई को संसद में बोलने के बाद 3 जुलाई को ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट कर अग्निवीर पर फिर से झूठ फैलाने का काम किया। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा- ”सत्य की रक्षा हर धर्म का आधार है! लेकिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शहीद अग्निवीर के परिवार को सहायता मिलने के बारे में संसद में झूठ बोला। उनके झूठ पर शहीद अग्निवीर अजय सिंह के पिता जी ने खुद सच्चाई बताई है। रक्षा मंत्री को संसद, देश, सेना और शहीद अग्निवीर अजय सिंह जी के परिवार से माफी मांगनी चाहिए।” ट्वीट के साथ जो वीडियो पोस्ट किया गया है कि उससे ऐसा लगता है कि कांग्रेस ने राहुल गांधी को फिर रिलांच किया है।

किसके फायदे के लिए सेना के बारे में इतना झूठ फैलाया
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस पर सेना में भर्ती को लेकर सरासर झूठ फैलाने का आरोप लगाते हुए 2 जुलाई को संसद में सवाल किया कि आखिर किसके फायदे के लिए सेना के बारे में इतना झूठ फैलाया जा रहा है। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि सेना में भर्ती को लेकर कांग्रेस की ओर से सरासर झूठ फैलाया जा रहा है ताकि नौजवान सेना में न जाएं। उन्होंने कहा कि युवाओं को सेना में जाने से रोकने के लिए झूठ फैलाया जा रहा है। मैं जानना चाहता हूं कि आखिर किसके लिए कांग्रेस हमारी सेनाओं को कमजोर करना चाहती है। किसके फायदे के लिए सेना के बारे में इतना झूठ फैला रही है।

सेना ने राहुल गांधी के झूठ का किया पर्दाफाश
अग्निवीर पर राहुल गांधी के झूठ का अब सेना ने पर्दाफाश किया है। सेना ने ट्विटर पर एक पोस्ट में लिखा कि “कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया है कि ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवाने वाले अग्निवीर अजय कुमार के परिजनों को मुआवजा नहीं दिया गया है। ऐसे दावे बिल्कुल निराधार हैं। भारतीय सेना अग्निवीर अजय कुमार के सर्वोच्च बलिदान को सलाम करती है। उनका पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। अग्निवीर अजय के परिवार को कुल देय राशि में से 98.39 लाख रुपये का भुगतान पहले ही किया जा चुका है।”

अग्निवीर अजय को दी गई राशि के सबूत
अग्निवीर अजय कुमार को फंड ट्रांसफर के दस्तावेजी साक्ष्य। 10 जून 24 को बीमा कंपनी ने 48 लाख रुपये का भुगतान किया। इसी तरह डीएसपी बीमा यानी गैर-अंशदायी बीमा के 50 लाख रुपये 13 फरवरी 24 को दिए गए। ये इस बात का सबूत है कि सेना सच बोल रही है। राहुल गांधी कांग्रेस पार्टी के 10 साल से सत्ता से बाहर होने की खीझ को मिटाने के लिए झूठ बोलकर राजनीतिक रोटी सेंकना चाहते हैं। लेकिन अब उनके इस झूठ का ढोल फट गया है।

रक्षा मंत्री ने संसद में राहुल के झूठ की पोल खोली
लोकसभा में राहुल गांधी के अग्निवीर योजना पर दिए बयान पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कड़ी आपत्ति जताई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी पर गलत बयान देकर लोकसभा को गुमराह करने का आरोप लगाया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “राहुल गांधी को गलत बयान देकर सदन को गुमराह करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा, “युद्ध के दौरान या देश की सुरक्षा के दौरान अगर हमारा कोई अग्निवीर का जवान शहीद होता है, तो उसे केंद्र सरकार द्वारा एक करोड़ रुपये की धनराशि उसके परिवार की सहायता के रूप में दी जाती है।” राहुल गांधी अग्निवीरों पर गलत बयान न दें, वे सदन को गुमराह करने का काम कर रहे हैं।

पहले शहीद अग्निवीर पर भी राहुल ने फैलाया था झूठ
राहुल गांधी ने अक्टूबर 2023 में पहले शहीद अग्निवीर लक्ष्मण गावते को लेकर झूठ फैलाने का काम किया था और देश युवाओं को गुमराह कर सेना के खिलाफ भड़काने का काम किया था। सियाचिन में तैनात अग्निवीर जवान अक्षय लक्ष्मण गावते की ड्यूटी के दौरान निधन हो गया था। लक्ष्मण गावते पहले अग्निवीर थे, जिनकी ड्यूटी के दौरान मौत हुई थी। वहीं एक आरटीआई से खुलासा हुआ था कि अक्षय लक्ष्मण गावते के परिजनों को सरकार ने एक करोड़ रुपये से ज्यादा की आर्थिक मदद प्रदान की है। लक्ष्मण भारतीय सेना की फायर एंड फ्यूरी कोर (14 कोर) का हिस्सा थे, जो लद्दाख में तैनात है। अग्निपथ योजना को लागू करने के दौरान सरकार ने कहा था कि ड्यूटी के दौरान अगर किसी अग्निवीर का निधन हो जाता है, तो उन्हें बीमा की रकम मिलेगी।

राहुल गांधी ने कहा था- देश में ‘दो तरह के सैनिक’
लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी कहा था कि पीएम मोदी ने देश में ‘दो तरह के सैनिक’ पैदा कर दिए हैं। उन्होंने कहा, “…एक गरीब, दलित, अल्पसंख्यक का बेटा है और दूसरा अमीर परिवार से है। उन्होंने गरीब के बेटे को नया नाम दिया है अग्निवीर, जिसे पेंशन, कैंटीन जैसी कोई सुविधा नहीं मिलेगी… लेकिन, अगर आप वरिष्ठ अधिकारी हैं या इन चारों में से कोई एक हैं, तो आपको ये सभी चीजें मिलेंगी। सेना में उन्होंने ‘दो-भारत’, दो तरह के ‘शहीद’ बनाए हैं।”

भारतीय सेना को ताकतवर होते नहीं देख सकते
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के लोग कभी भी भारतीय सेनाओं को ताकतवर होते नहीं देख सकते। उन्होंने कहा कौन नहीं जानता कि पंडित जवाहर लाल नेहरू के समय देश की सेना कितनी कमजोर होती थी। हमारी सेनाओं में कांग्रेस ने लाखों करोड़ों रुपये के घोटाले किए, जिसने देश की सेना को कमजोर किया। जब से देश आजाद हुआ तब से कांग्रेस ने जल, थल और वायु सेनाओं में भ्रष्टाचार की परम्परा बनाई। जीप घोटाले से लेकर पनडुब्बी और बोफोर्स घोटाले का हवाला देते हुए कहा कि इन घोटालों ने देश की ताकत बढ़ने से रोकी।

BBC का स्टार एंकर 3 साल से बच्चे से मँगा रहा था अश्लील तस्वीरें, बना दिया ड्रग एडिक्ट

एंकर किशोर से मँगा रहा था अश्लील तस्वीरें (प्रतीकात्मक)
BBC के एक एंकर को ऑफ एयर करते हुए उसे निलंबित कर दिया गया है। इसका कारण ये है कि उक्त एंकर कई वर्षों से एक किशोर की अश्लील तस्वीरें मँगा रहा था और इसके लिए पैसे भी दे रहा था। उक्त प्रेजेंटर को एक जाना-पहचाना चेहरा बताया जा रहा है, जिसका शो लाखों लोग देखते थे। पीड़ित की माँ ने कई आरोप लगाए हैं, जिसकी जाँच शुरू कर दी गई है। 19 मई, 2023 को ही इसका खुलासा करते हुए माँ ने कहा था कि उसके बेटे को कैश भेजना बंद करो।

परिवार ने उक्त एंकर के व्यवहार के बारे में BBC को शिकायत की। बाद में पता चला कि उक्त नाबालिग लड़का इन पैसों का इस्तेमाल कोकीन खरीदने के लिए कर रहा था। उसे ड्रग्स की लत लग गई है। परिवार का कहना है कि 3 साल पहले वो एक अच्छा बच्चा हुआ करता था, लेकिन अब वो एक ड्रग एडिक्ट बन गया है। जब ये सब शुरू हुआ उस समय पीड़ित की उम्र 17 साल हुआ करती थी, लेकिन अब वो 20 साल का युवक है। साथ ही ड्रग्स का आदी भी हो गया है।

लड़के की माँ ने अपने बेटे का बैन स्टेटमेंट दिखाते हुए कहा कि BBC का स्टार एंकर उसे पैसे भेजना बंद करे। रोती हुई माँ ने कहा कि कभी-कभी सैकड़ों तो कभी हजारों पाउंड्स रुपए उसके बेटे के बैंक खाते में भेजे गए। बता दें कि वर्तमान दरों के हिसाब से एक पांउड की कीमत 105.90 रुपए बैठती है। इस दौरान बीबीसी प्रेजेंटर ने खुद की पहचान भी नहीं छिपाई और वो वर्कप्लेस से खुद की तस्वीरें भी भेजता था। स्टार एंकर बच्चे से कहता था – ‘परफॉर्म करते हुए वीडियो भेजो’।

अब BBC कह रहा है कि वो हर तरह की शिकायत को गंभीरता से लेता है और इसकी अच्छे से जाँच कर रहा है। BBC ने कहा है कि ये एक पेचीदा मामला है और काफी तेजी से परिस्थितियों में बदलाव हो रहा है, ऐसे में आंतरिक जाँच पूरी होने तक स्टार एंकर को ऑफ एयर कर दिया गया है। बड़ी बात ये है कि आरोप सामने आने के कुछ हफ़्तों बाद उसी एंकर के साथ BBC के कॉर्पोरेट अधिकारियों ने पार्टी की। ब्रिटेन में भी किसी बच्चे से उसकी यौन तस्वीरें माँगना बड़ा अपराध है।