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भारत को बदनाम करने के लिए पाक ने दुनिया को दिखा रहा खरगे, टिकैत, नेहा, राठी के वीडियो; पाकिस्तान और पाकिस्तानपरस्त भूल रहे हैं भारत ने अभी अंगड़ाई लेनी है

             इन लोगों के बयान दिखाकर दुनिया से सहानुऊूति बटोरने का काम (साभार- सभी के X/FB अकाउंट)
किसी भी युद्ध, आतंकी घटना या संकट की घड़ी में देश के सभी लोगों से उम्मीद की जाती है कि वे एकजुट होकर उस संकट की घडी में सरकार के साथ खड़ा होना चाहिए। पाकिस्तानपरस्त नेताओं की नींद, रोटी और पानी हराम हो गया है। लेकिन कांग्रेस के कुछ नेताओं के साथ ही देश में कुछ ऐसे लोग भी हैं, जो क्षणिक फायदे के लिए देश विरोधी बयान देने लगते हैं। कुछ लोग तो तु्ष्टिकरण और वोट की राजनीति के लिए बाहरी शक्तियों को मजबूत करने का काम करते हैं। इतना ही नहीं कुछ लोग तो सिर्फ वीडियो पर दो-चार हजार ज्यादा व्यूज आ जाए, इसके लिए फेक न्यूज फैलाने के साथ देश विरोधी भावनाओं के बढ़ावा देने लगते हैं। इसी सब का फायदा देश विरोधी तत्व उठाने लगते हैं। 

इजराइल द्वारा हमास पर हमला करने पर खूब इजराइल को कोसते रहते थे कि स्कूलों, हॉस्पिटल और निर्दोष लोगों को मार रहा है। लेकिन किसी ने हमास से यह नहीं पूछा कि क्यों स्कूलों और हॉस्पिटल में ठिकाने बनाए जा रहे हैं? दूसरे अब इन पाकिस्तानपरस्तों को नहीं दिख रहा कि इनका लाडला मंदिरों और गुरुद्वारों पर बमबारी कर रहा है। इतिहास साक्षी है कि सनातन विरोधियों का कभी कोई नामलेवा नहीं रहा।    

अभी जब पाकिस्तान के साथ संघर्ष जारी है, तब वहां की सेना कुछ भारतीय नेताओं और लोगों के बयान को दुनिया के सामने रख भारत को बदनाम करने की कोशिश में लगी है। पाकिस्तान की सेना कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी के करीबी महाराष्ट्र के कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार, किसान नेता राकेश टिकैत, सपा प्रमुख अखिलेश यादव की करीबी नेहा सिंह राठौर, यूट्यूबर ध्रुव राठी, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के बयान को वर्ल्ड मीडिया और विदेशी राजनयिकों के सामने रख अपने को सही बताने में लगी है। 

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के साथ पाकिस्तान पर कड़ा प्रहार किया। इस कार्रवाई से बौखलाए पाकिस्तानी फौज ने अब भारत के खिलाफ प्रोपेगेंडा शुरू कर दिया है। पाकिस्तानी अधिकारियों ने एक वीडियो जारी किया, जिसमें भारत के कुछ नेताओं, इन्फ्लुएंसर्स और आम लोगों के बयानों को शामिल किया गया है। यह वीडियो 60 देशों के राजदूतों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया के सामने पेश किया गया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

दरअसल, जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमलों के बाद सरकार पर शिकंजा कसने के लिए पूरी मोदी विरोधी टोली एक साथ आ गई। एक्शन लेने के लिए बड़े बड़े सवाल किए गए, सरकार पर ताने मारे गए। कईयों ने तो ये तक कह डाला कि सरकार ने ही अपने लोगों पर हमला करवाया है। अब जब ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए भारत ने पाकिस्तान पर एक्शन लेना शुरू कर दिया है तो इस टोली को साँप सूँघ गया है।

पाकिस्तानी फौज का दावा है कि यह वीडियो भारत की ‘असली तस्वीर’ दिखाता है। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, तथाकथित किसान नेता राकेश टिकैत, यूट्यूबर ध्रुव राठी, गायिका नेहा सिंह राठौर और शंकराचार्य अभिमुक्तेश्वरानंद के बयान शामिल हैं। ये बयान पहलगाम हमले के बाद सरकार की आलोचना में दिए गए थे। कुछ ने सरकार पर सवाल उठाए, तो कुछ ने यह तक कहा कि हमला सरकार की साजिश था। पाकिस्तानी फौज ने इन बयानों को भारत के खिलाफ हथियार बनाकर दुनिया के सामने पेश किया है।

पहलगाम हमले के बाद भारत में सरकार से जवाबदेही की माँग उठी थी। विपक्षी नेताओं और कुछ इन्फ्लुएंसर्स ने सरकार पर तीखे हमले किए। लेकिन जब भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों को नष्ट किया, तो इन आलोचकों की बोलती बंद हो गई। पाकिस्तानी फौज ने मौके का फायदा उठाते हुए इन बयानों को वीडियो में जोड़ा और दावा किया कि भारत के अपने लोग ही सरकार के खिलाफ हैं।

सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर लोगों में गुस्सा है। यूजर्स का कहना है कि सरकार की आलोचना करना अलग बात है, लेकिन देश की एकता और सुरक्षा के समय इस तरह के बयान देना गलत है। कई लोगों ने ध्रुव राठी, नेहा सिंह राठौर और राकेश टिकैत पर देश को कमजोर करने का आरोप लगाया। एक यूजर ने लिखा, “ये लोग देश के मुश्किल वक्त में दुश्मन को ताकत दे रहे हैं।”

इसी बात का फायदा पाक फौज भी दुनिया के सामने उठाना चाहती है। फौजी अधिकारी वीडियो में कहते हुए सुने जा सकते हैं कि ये सभी भारतीय लोग हैं जो मुल्क की असलियत सामने रख रहे हैं।

‘पाकिस्तान : टॉप हिरोइनों के साथ सेक्स करते थे आर्मी और ISI चीफ’: पूर्व अधिकारी ने नाम नहीं बताया, लेकिन हनीट्रैप खुलासे को इन चार से जोड़ रहे लोग

पाकिस्तान की टॉप एक्ट्रेस मेहविश हयात, सजल अली, कुब्रा खान और माहिरा खान, (फोटो साभार: मेहविश, सजल अली का ट्विटर/ कुबरा और माहिरा का इंस्टाग्राम)

एक कहावत बहुत पुरानी है कि किसी आदमी या देश की बर्बादी में 3Ws(Wine, Wealth, Woman) की मुख्य भूमिका होती है। इतिहास साक्षी है, जिसमे इन तीनो का समावेश होगा, उसका डूबना निश्चित है, पाकिस्तान इसका जीता-जगता गवाह है। 1947 में हिंदुस्तान और पाकिस्तान आज़ाद हुए, हिंदुस्तान पाकिस्तान से बहुत आगे निकल गया, और पाकिस्तान की हालत क्या हो रही है। इतना ही नहीं, 1971 में पाकिस्तान से अलग होकर ईस्ट पाकिस्तान बांग्लादेश बन गया, वह भी पाकिस्तान से कहीं अधिक बेहतर स्थिति में है। बरहाल, कर्ज में डूबे पाकिस्तान में एक पूर्व सेना अधिकारी ने एक नया भूचाल ला दिया है।     

लंदन में रहने वाले पाकिस्तान के पूर्व सैन्य अधिकारी आदिल राजा (Adil Raja) ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा (General Bajwa) और आईएसआई चीफ रह चुके जनरल फैज (General Faiz) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आदिल राजा ने दावा किया है कि बाजवा और पूर्व आईएसआई चीफ फैज टॉप पाकिस्तानी एक्ट्रेस को खुफिया एजेंसी के मुख्यालय या सेफ हाउस में बुलाकर उनके साथ जिस्मानी रिश्ते बनाते थे। साथ ही देश के सियासतदानों का हनीट्रैप करने के लिए इन एक्ट्रेस को उनके पास भेजते थे और फिर उनका वीडियो बना लेते थे।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे अपने वीडियो ब्‍लॉग में राजा ने खुलासा किया, “कहा जा रहा है कि पाकिस्तान की टॉप मॉडल और एक्ट्रेस आईएसआई के सेफ हाउसेस और बी मेस में आकर ठहरती थीं। यहाँ उनका इस्तेमाल किया जाता था। जरनल फैज हमीद और जनरल बाजवा का यह दावा है कि ये लोग भी इन एक्ट्रेस का इस्तेमाल करते थे। उनके अलावा जब बाकी सियासतदानों को बुलाया जाता था, तो उनकी वीडियो भी बनाई जाती थी। इस मामले में चार टॉप एक्ट्रेस के नाम सामने आए हैं, जिनका मैं नाम नहीं लूँगा। मैं सिर्फ उनके बारे में संकेत दे सकता हूँ। पहला MH, दूसरा MK, तीसरा KK और चौथा नाम SA है। बस इससे ज्यादा मैं आपको कुछ नहीं बताऊँगा। ज्यादा गंद उछालने की जरूरत नहीं है। समझने वाले समझ जाएँ।”

उन्होंने अपनी बात को जारी रखते हुए आगे कहा, “मेरे लिए इस बात को आपसे शेयर करना बेहद तकलीफदेह है। अल्लाह मेरा गवाह है। ये जज्बात खुद ब खुद उबल रहे हैं। जब मुझे बताते हुए इतनी तकलीफ हो रही है, तो सुनने वालों को तो तकलीफ होती ही होगी।”

आदिल राजा का यह वीडियो 31 दिसंबर 2022 का है। उन्होंने अपने वीडियो में किसी का नाम नहीं लिया है। लेकिन राजा ने जो संकेत दिए हैं उसके बाद सोशल मीडिया पर पाकिस्तान की टॉप एक्ट्रेस माहिरा खान, मेहविश हयात, कुब्रा खान और सजल अली का नाम जोड़ा जा रहा है। इसको लेकर माहिरा को छोड़कर तीन हिरोइनों की प्रतिक्रिया सामने आई है।

मेहविश हयात ने आदिल राजा को फटकारा

पाकिस्तानी अभिनेत्री मेहविश हयात ने सनसनीखेज दावे करने वाले आदिल राजा को आड़े हाथों लेते हुए ट्विटर पर 3 जनवरी 2023 को लिखा, “सस्ती शोहरत हासिल करने के लिए कुछ लोग इंसानियत के दर्जे से भी गिर जाते हैं। उम्मीद है कि आप अपने दो मिनट के फेम का आनंद उठा रहे होंगे। सिर्फ इसलिए कि मैं एक अभिनेत्री हूँ, इसका मतलब यह नहीं है कि मेरे ऊपर कीचड़ उछाला जाए। किसी ऐसे व्यक्ति के बारे में बेबुनियाद आरोप लगाना, जिसके बारे में आप कुछ जानते भी नहीं हैं। इसके लिए आपको शर्म आनी चाहिए।” अपने दूसरे ट्वीट में मेहविश लिखती हैं, “इससे भी बड़ी शर्म की बात उन लोगों के लिए है, जो इस बकवास पर विश्वास करते हैं। यह हमारे समाज की उस बीमारी को दर्शाता है जो बिना सोचे-समझे इस गटर वाली पत्रकारिता पर विश्वास करते हैं। लेकिन अब यह सब बंद करो। मैं किसी को अपना नाम बदनाम करने की इजाजत नहीं दूँगी।”

सजल अली ने आदिल के दावों की कड़ी निंदा की

एक्ट्रेस सजल अली आदिल के दावों से काफी गुस्से में हैं। उन्होंने अपने ही देश की इस हरकत की जमकर आलोचना की है। सजल अली ने 2 जनवरी 2023 को अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, “बड़े दुख की बात है कि हमारा देश नैतिक रूप से निराधार और कुरूप होता जा रहा है। किसी को बदनाम करने के लिए उसके चरित्र पर उँगली उठाना मानवता और पाप का सबसे घिनौना रूप है।”

कुब्रा खान भी हुईं आगबूबला

कुब्रा खान ने आदिल राजा के दावों को निराधार बताते हुए इसकी आलोचना की है। कुब्रा खान ने 2 जनवरी 2023 को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में आदिल राजा के दावों को निराधार बताया। कुब्रा खान ने सोमवार को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में आदिल को चेतावनी देते हुए लिखा कि वह अपने ऊपर उँगली उठाने वालों के खिलाफ चुप नहीं बैठेंगी। उन्होंने जो दावे किए हैं उन्हें तीन दिनों में साबित करें, नहीं तो वह पूर्व पाकिस्‍तानी सैन्‍य अधिकारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने जा रही हैं। उन्होंने अपनी पोस्ट के अंत में लिखा, “मैं सच पे हूँ। मैं हक पे हूँ और मैं किसी के बाप से नहीं डरती हूँ।”

आदिल राजा ने दी सफाई
                                                      साभार: कुब्रा खान का इंस्टाग्राम

सोशल मीडिया पर चौतरफा घिरने के बाद आदिल राजा ने कुब्रा खान की पोस्ट पर सफाई देते हुए लिखा, “मिस कुब्रा एम खान, मैंने किसी भी तरह से आपका नाम नहीं लिया है या आपको बदनाम नहीं किया है। मैं सोशल मीडिया पर किसी का नाम लिए जाने की निंदा करता हूँ। हालाँकि, आपने अटकलों के आधार पर स्पष्ट रूप से मेरा नाम लिया और मुझे बदनाम किया। अच्छी बात है कि आप यूके आ रही हैं।”

हिन्दू देवी-देवताओं का मजाक उड़ाने में छद्दम धर्म-निरपेक्ष मशहूर हस्तियाँ, नेता, पत्रकार और पॉपुलर ब्रांड्स तक हैं शामिल

           ऐसी 21 घटनाएँ जब मशहूर हस्तियों, नेताओं, पत्रकारों और ब्रांडों ने हिंदू देवी-देवताओं का उड़ाया मजाक
बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नुपुर शर्मा और दिल्ली बीजेपी के पूर्व नेता नवीन जिंदल द्वारा पैगंबर मुहम्मद पर टिप्पणियों पर चल रहे विवाद के बीच, लोग हिंदू देवताओं पर टिप्पणियों की तुलना में पैगंबर पर की गई टिप्पणी पर एकतरफा चल रही प्रतिक्रिया पर 
सवाल उठा रहे हैं। जहाँ हिंदू देवताओं और सनातन परंपराओं पर बहुत खराब टिप्पणियाँ की गई हैं, जिन पर न कोई FIR हुआ और न मृत्युदंड की कोई माँग की गई, जबकि हर शहर में ‘लिबरल्स’ द्वारा समर्थित भीड़ नूपुर शर्मा के सिर पर लगातार ईनाम घोषित कर सिर कलम करने की माँग कर रही थी।

CAA में हिन्दुत्व विरोधी नारों पर भी छद्दम धर्म-निरपेक्षों के
मुंह में दही ही जमा था, सुनाई और दिखना भी बंद हो गया था 
इस्लामिक किताबों में लिखी बातों को आज नूपुर और नवीन जिंदल द्वारा कहे जाने पर जो बबाल मचा हुआ है, इसका मुख्य कारण सेकुलरिज्म नहीं बल्कि सेकुलरिज्म की आड़ में खेली गयी तुष्टिकरण की गन्दी सियासत। नूपुर को उकसाने वाले तस्लीम रहमानी का कोई नाम तक नहीं लेता,क्यों? अगर इस्लामिक किताब में लिखी बात को टीवी पर बुलवाने का असली गुनहगार रहमानी है, न शिवलिंग पर उकसाने वाली बात बोलता न ही नूपुर को बोलना पड़ता। दूसरे, हर देशप्रेमी को आंखें को अपने दिलो-दिमाग को खोल जन-विरोधी हरकतों में लिप्त नेताओं को पहचान जो हिन्दू नेता वोट बैंक की गन्दी घिनौनी सियासत कर नूपुर के विरुद्ध आवाज़ बुलंद करने वालों का समर्थन कर रहे है, ये लोग तब भी इन्हीं लोगों  खड़े थे, जब CAA विरोध में जब fuck hindutva के नारे लग रहे थे; इसी विरोध में हिन्दुओं की गैर-हाज़िरी में इन कट्टरपंथियों द्वारा भारत को इस्लामिक देश बनाये जाने पर नीतियां बनायीं जाती थीं। जब अपने सर्वाधिक पढ़े(एक लाख से अधिक) लेख में इसका उल्लेख किया था, किसी ने कट्टरपंथी ने विरोध तक नहीं किया था। 

हालाँकि, पिछले कुछ वर्षों में, कई मशहूर हस्तियों, पत्रकारों और राजनेताओं ने बिना किसी प्रतिरोध या प्रतिक्रिया के हिंदू देवी-देवताओं को गाली देना बंद कर दिया है। वास्तव में, उनमें से कई अपनी इस हरकत की वजह से अपने करियर में आगे बढ़े हैं। यहाँ ऐसी टिप्पणियों और सोशल मीडिया रिपोर्टों की एक छोटी सी सूची हम पेश कर रहे हैं। देखिए इन लोगों ने किस तरह से हिन्दू धर्म और देवी-देवताओं का अपमान किया है।

अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी

इससे पहले कि राम मंदिर निर्माण की बात थोड़ी दूर की कौड़ी लग रही थी, तब केजरीवाल ने 2014 में कहा था कि उनकी नानी (दादी) इसे कभी स्वीकार नहीं करेंगी। वह बार-बार राम मंदिर की जगह स्कूल, कॉलेज और अस्पताल बनाने की माँग कर रहे थे।
राम मंदिर पर हिंदुओं का मजाक उड़ाने के अलावा, 2019 में, सीएम केजरीवाल ने एक अपमानजनक तस्वीर साझा की, जहाँ एक व्यक्ति अपने हाथ में झाड़ू (उनकी पार्टी का प्रतीक) के साथ हिंदू पवित्र प्रतीक स्वास्तिक को पीटते हुए दूर भगाने की कोशिश कर रहा था।
एक अन्य ट्वीट में, केजरीवाल ने भारत सरकार के साथ दिल्ली की आप सरकार के टकराव से ध्यान हटाने के लिए भगवान हनुमान द्वारा जेएनयू को जलाने का चित्रण करते हुए एक कार्टून साझा किया
आप में केवल केजरीवाल ही नहीं हैं जो हिंदू विरोधी बयान देते हैं या हिंदुओं के खिलाफ माहौल बनाने में लिप्त हैं। आप नेता संजय सिंह ने भी राजनीति में प्रासंगिकता हासिल करने के प्रयास में जून 2021 में भाजपा और अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट द्वारा धन की हेराफेरी का आरोप लगाते हुए एक झूठा अभियान चलाया था। जो बाद में फेक साबित हुआ था।
अगस्त 2020 में, AAP के आधिकारिक ट्विटर हैंडल ने सिक्किम में कंचनजंगा की तस्वीरें साझा की थीं, जिन्हें हिंदुओं और बौद्धों, दोनों द्वारा पवित्र माना जाता है, उत्तराखंड में कामेट पीक और नंदा देवी पहाड़ियों, जहाँ नंदा देवी का एक पवित्र मंदिर है, जो एक अवतार है हिंदू देवी माँ दुर्गा की। इसने इन पवित्र चोटियों और दिल्ली के गाजीपुर में एक विशाल लैंडफिल के बीच समानता दिखाई। विवादित ट्वीट के साथ कैप्शन लिखा था, “भारत के सबसे ऊँचे पहाड़।”

ज्ञानवापी में मिले ‘शिवलिंग’ का अपमान

हाल ही में ज्ञानवापी विवादित ढाँचे के वजूखाने में मिले ‘शिवलिंग’ का मजाक उड़ाने का एक सिलसिला शुरू हो गया। तब भी हिन्दुओं की तरफ से कोई तीखी प्रतिक्रिया या FIR की बात नहीं आई।
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र की एक तस्वीर साझा करते हुए कटाक्ष करते हुए लिखा था कि उम्मीद है कि यह खुदाई सूची में अगला नहीं होगा।
यहाँ तक कि सबा नकवी ने ज्ञानवापी परिसर के अंदर मिले शिवलिंग का उड़ाने के लिए भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र की एक तस्वीर साझा की। हालाँकि इसे आलोचना के बाद अब डिलीट कर दिया है।
वहीं राजद नेता कुमार दिवाशंकर ने भी अपने ट्वीट में भाजपा का मजाक उड़ाते हुए शिवलिंग का अपमानजनक संदर्भ दिया।
पीस पार्टी के शादाब चौहान ने भी वाराणसी की एक अदालत द्वारा ज्ञानवापी विवादित ढाँचे को सील करने के आदेश के बाद एक अपमानजनक ट्वीट किया, जब उसके वुजुखाना के अंदर एक शिवलिंग मिला। चौहान ने छोटे खंभों के साथ लगे एक किनारे की तस्वीर पोस्ट की थी, जिसमें दावा किया गया था कि अगर कोई शिवलिंग पर दावा करता है तो न्यायाधीश उस क्षेत्र को सील कर देंगे।
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के नेता दानिश कुरैशी ने भी ज्ञानवापी विवादित ढाँचे के अंदर शिवलिंग मिलने पर तंज कसते हुए सोशल मीडिया पर शिवलिंग पर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। वहीं इस टिप्पणी को लेकर गुजरात पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था।
केवल नेता ही अपमानजनक टिप्पणी करने वाले नहीं हैं। इकोनॉमिक टाइम्स ने भी भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र को शिवलिंग के रूप में चित्रित करके हिंदुओं का मजाक उड़ाते हुए एक मीम प्रकाशित किया था और बम भोलेनाथ कैप्शन दिया था। तस्वीर को प्रिंट संस्करण के MEME’S THE WORD कॉलम में शामिल किया गया था।
कॉलम में एक और कार्टून ताजमहल के तहखाने में बंद दरवाजों को खोलने की माँग का मजाक उड़ाता है।
दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज में इतिहास के एसोसिएट प्रोफेसर रतन लाल ने भी ज्ञानवापी विवादित ढाँचे में मिले शिवलिंग को लेकर सोशल मीडिया पर अपमानजनक पोस्ट किया था। उन्होंने कहा था कि अगर वह शिवलिंग है, तो ऐसा लगता है कि शायद शिव जी का भी खतना हुआ था।
प्रोफेसर रविकांत चंदन ने ज्ञानवापी विवादित ढाँचे पर एक बहस के दौरान टिप्पणी की थी कि पंडितों द्वारा परिसर में हो रही अवैध गतिविधियों को कथित रूप से देखने के बाद इसे औरंगजेब द्वारा ध्वस्त कर दिया गया था। उन्होंने जिस किताब और कहानी का जिक्र किया, उसका किसी ऐतिहासिक दस्तावेज में कोई जिक्र नहीं है। यहाँ तक कि किताब के लेखक ने खुद किताब को गंभीरता से नहीं लेने का सुझाव दिया था।
स्वतंत्र पत्रकार रकीब हमीद नाइक, एक कुख्यात हिंदू-फोबिक तत्व, ने ज्ञानवापी में शिवलिंग को बदनाम करने के लिए व्हाइट हाउस की एक तस्वीर और उसके सामने का एक फव्वारा लगाया। तथाकथित ‘पत्रकार’ के अनुसार, सर्वेक्षण दल को शिवलिंग नहीं मिला, बल्कि एक फव्वारे का पता चला है, जिसका उपयोग हिंदू पक्ष द्वारा ज्ञानवापी के स्वामित्व के लिए किया जा रहा है।

आस्था का अपमान

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से जुड़े जेएन मेडिकल कॉलेज में फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ जितेंद्र कुमार अपनी कक्षा में यौन अपराधों के बारे में पढ़ा रहे थे। पॉवरपॉइंट प्रेजेंटेशन में वे विषय की व्याख्या करते थे, डॉ कुमार ने हिंदू देवताओं के लिए अपमानजनक संदर्भ दिए। बलात्कार के एक संक्षिप्त इतिहास को संक्षेप में प्रस्तुत करते हुए, उन्होंने बलात्कार को हिंदू देवी-देवताओं से जोड़ा। हालाँकि, कुमार को जाँच लंबित रहने तक विश्वविद्यालय से निलंबित कर दिया गया था, लेकिन उनके खिलाफ की गई किसी भी सख्त कार्रवाई पर अभी कोई अपडेट नहीं है।

कथित कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी द्वारा 2002 में गोधरा ट्रेन जलाने की घटना में मारे गए 59 कारसेवकों और माँ सीता के खिलाफ की गई अपमानजनक टिप्पणी को कोई कैसे भूल सकता है। हिंदुओं के विरोध के बाद हालाँकि उसके कई शो उस समय रद्द कर दिए गए थे। फिर भी उसे अभी एक बड़े रियलिटी शो लॉक अप में मौका दिया गया था जिसे उन्होंने जीता भी।

विवादास्पद इस्लामिक उपदेशक इलियास शरफुद्दीन ने भी शिवलिंग की तुलना पुरुष शरीर के अंग से की है और कहा है कि हिंदुओं को मूर्ति और पुरुष के निजी अंग की पूजा करने की आदत है। वह ज़ी न्यूज़ द्वारा आयोजित ‘ताल ठोक के’ बहस में भाग लेने वालों में से एक थे। वेदों, गीता और उपनिषदों का हवाला देते हुए, शराफुद्दीन ने पहले तर्क दिया कि हिंदू ग्रंथों में उल्लेख है कि ‘जो लोग मूर्तियों की पूजा करेंगे उन्हें नरक में भेजा जाएगा’। “हिंदुओं को मूर्ति, लिंग और मानव शरीर के गुप्तांगों की पूजा नहीं करनी चाहिए”, उसने ‘ज्ञानवापी सर्वेक्षण वीडियो में शिवलिंग की उपस्थिति का मजाक उड़ाते हुए कई भद्दी टिप्पणियाँ की। यहाँ तक कि अन्य प्रतिभागियों को न सुनकर, वह हँसा और कहा, ” प्राइवेट पार्ट की पूजा नहीं होनी चाहिए (निजी अंगों की पूजा नहीं करनी चाहिए)”।

ओवैसी के भाई अकबरुद्दीन ओवैसी ने भी हिन्दू देवी-देवताओं को ‘मनहूस’ कहा था।

बंगाली फिल्म अभिनेत्री सायोनी घोष ने अपने ट्विटर प्रोफाइल पर बेहद आपत्तिजनक कार्टून साझा किया था। जब उसे कार्रवाई की धमकी दी गई, तो उसने दावा किया कि उसका अकाउंट हैक कर लिया गया था। बाद में टीएमसी ने उन्हें विधानसभा चुनाव का टिकट भी दिया।

मशहूर हस्तियों, नेताओं और मीडिया घरानों के अलावा, ब्रांडों को भी हिंदू धर्म का मजाक उड़ाने की आदत होती है और जब उन्हें इस पर फटकार लगती है, तो उन्हें अक्सर वामपंथी और लिबरलों का समर्थन मिलता है। हाल के दिनों में, हिंदुओं को लक्षित करते हुए कई आपत्तिजनक अभियान और ब्रांड शुरू किए गए थे। हालाँकि, ज्यादातर मामलों में विज्ञापनों को हिंदुओं के विरोध के बाद हटा दिया गया था, लेकिन ब्रांड हिंदू विरोधी विज्ञापनों के किसी भी गंभीर परिणाम के बिना आसानी से पीछा छुड़ा लिए।

2019 में, रेड लेबल ने हिंदुओं को घृणित कट्टरपंथियों के रूप में पेश करते हुए गणेश चतुर्थी पर एक विज्ञापन अभियान शुरू किया। विज्ञापन में एक व्यक्ति को घर ले जाने के लिए गणेश की मूर्ति की खरीदारी करते हुए दिखाया गया, जहाँ उसने एक बुजुर्ग मूर्ति निर्माता से बात की कि वह किस प्रकार की मूर्ति खरीदना चाहता है। मूर्ति निर्माता को हिंदू पौराणिक कथाओं का गहरा ज्ञान था, वह जिस पेशे में है, उसके लिए आश्चर्य की बात नहीं है। बातचीत के दौरान मूर्ति निर्माता एक स्कल टोपी निकालता है और उसे पहनता है, जो यह दर्शाता है कि वह मुस्लिम है। यह देखकर, संभावित खरीदार हिचकिचाता है और कहता है कि वह आगे वापस आएगा, जिसका स्पष्ट अर्थ है कि वह किसी मुसलमान से मूर्ति नहीं खरीदना चाहता था। मूर्ति निर्माता ने तब उसे चाय की पेशकश की और कुछ बातचीत की, जिसने हिंदू व्यक्ति का मन बदल दिया, और उसने तुरंत वह मूर्ति खरीद ली। खैर, हिंदुस्तान यूनिलीवर के एक ब्रांड रेड लेबल को ऐसे विज्ञापनों को जारी करने और बैकलैश के बाद उन्हें वापस लेने की आदत है।

ऐसे ही ज्वैलरी ब्रांड तनिष्क द्वारा 2020 में लव जिहाद का महिमामंडन करने वाला एक विज्ञापन जारी किया गया था। विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लोगों ने उस विज्ञापन के लिए ज्वैलरी ब्रांड तनिष्क के बहिष्कार का आह्वान किया, जिसमें एक मुस्लिम परिवार में विवाहित हिंदू महिला को दिखाया गया था। उसके गोद भराई की तैयारी हो रही थी। हालाँकि, विरोध के बाद उसे YouTube से हटा दिया गया था।

2021 में, लोकप्रिय एथनिक गारमेंट ब्रांड फैबइंडिया ने भी दिवाली पर ‘जश्न-ए-रिवाज़’ नाम का एक विज्ञापन लॉन्च किया। जिस पर कई सोशल मीडिया यूजर्स ने हिंदू त्योहार और भावनाओं के इस तरह से इस्लामीकरण पर आपत्ति जताई। बहुत से लोगों ने दिवाली को ‘जश्न-ए-रियाज़’ कहने का समर्थन नहीं किया। इसे भी विरोध के बाद हटा दिया गया। हालाँकि, बाद में फैबइंडिया ने दावा किया कि यह दिवाली अभियान भी नहीं था जो कि लोगों के विरोध से बचने के लिए एक तरह की बहानेबाजी थी।