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नग्न ननों और हिन्दू महिलाओं के साथ पादरियों की तस्वीरें-वीडियो: कन्वेंट स्कूलों में छात्राएँ भी निशाना

कैथोलिक पादरियों की आपत्तिजनक तस्वीरें वायरल, ननों के साथ दिखे
एक बार फिर से भारत में पादरियों के सेक्स स्कैंडल का खुलासा हुआ है। कैथोलिक पादरियों की ननों और हिन्दू महिलाओं के साथ आपत्तिजनक अवस्था में तस्वीरें सामने आई हैं। ये तस्वीरें भारत में पोप के प्रतिनिधि और बॉम्बे के कार्डिनल-आर्कबिशप ओसवाल्ड ग्रेसियस को भी दिखाई गई हैं। ‘एसोसिएशन ऑफ कन्सर्न्ड कैथोलिक्स (AOCC)’ ने चेताया है कि इन पॉर्नोग्राफिक तस्वीरों को अंतरराष्ट्रीय मीडिया को दे दिया जाएगा, अगर पोप ने कार्रवाई नहीं की तो।

इन तस्वीरों में कई नन भी नंगी दिख रही हैं। 14 अप्रैल, 2023 को AOCC ने ग्रेसियस के सामने ये तस्वीरें रखी थीं और 29 अप्रैल को फॉलोअप मेल भेजा था। 9 मई को भेजे गए ईमेल में AOCC ने कहा कि उनके पास हिन्दू लड़कियों को निशाना बनाए जाने के सबूत भी हैं। हिन्दू लड़कियों की नग्न तस्वीरें भी हैं, जो इन पादिरयों ने ली थीं। उन्होंने कहा कि वो इन तस्वीरों को जाँच के लिए ‘राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW)’ को सौंपेंगे।

साथ ही संगठन ने कहा कि पादरियों के साथ हिन्दू लड़कियों की नग्न तस्वीरें-वीडियोज के अलावा कई अश्लील चैट्स भी उसके पास हैं, जिन्हें ‘बजरंग दल’ को सौंप दिया जाएगा। अधिकतर तस्वीरों में ननों और चर्च में काम करने वाली महिलाओं के साथ पादरियों के अश्लील रिश्ते सामने आए हैं। एक पादरी तो ननों को लेकर कश्मीर में हनीमून मनाने भी गया। नागपुर के ऑर्डर्स स्कूल में ट्रांसफर कर दिए गए पादरी अरुण बेबी जॉन पर भी औरंगाबाद के MSFS स्कूल के प्रधानाध्यापक रहते शिक्षिकाओं और ननों से यौन संबंध बनाने के आरोप हैं।

 इसी तरह दिल्ली के फ्रांसिस डिसेल्स स्कूल के एंथोनी अमलडॉस पर छात्रों तक से यौन संबंध बनाने के आरोप हैं। इसी तरह कई मिशनरी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों पर ऐसे आरोप लगे हैं। इनमें ब्लैकमेल से लेकर कवर-अप तक के आरोप हैं। 1987 से अब तक भारत में 24 ननों की आत्महत्या की खबरें सामने आई हैं, लेकिन वेटिकन इनकी जाँच नहीं कराता। ननों को बहला-फुसला कर भी उनके साथ सेक्स की खबरें सामने आती रहती हैं।


राजस्थान : अजमेर में 100+ छात्राओं का बलात्कार: कांग्रेसियों और दरगाह के खादिमों की करतूत की सज़ा कब? 30 साल हो गए, कई अब भी फरार

 राजस्थान (Rajasthan) के अजमेर शहर में आज से 30 साल पहले 1992 में एक वीभत्स सेक्स स्कैंडल हुआ था, जिसे ‘अजमेर सेक्स स्कैंडल’ के नाम से जाना जाता है। इस घटना ने समूचे देश को झकझोर कर रख दिया था। इस घटना में एक गर्ल्स स्कूल की 100 से अधिक स्कूली लड़कियों की अश्लील तस्वीरों के जरिए ब्लैकमेल कर उनका यौन शोषण किया गया था। इस कांड का असली गुनाहगार कांग्रेस नेता और अजमेर शरीफ दरगाह का खादिम था। मास्टरमाइंड था अजमेर शहर के यूथ कांग्रेस का अध्यक्ष फारुक चिश्ती, नफीस चिश्ती और अनवर चिश्ती।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपितों ने सबसे पहले एक बिजनेसमैन के बेटे के साथ कुकर्म कर उसकी अश्लील तस्वीर उतारी और उसे अपनी गर्लफ्रेंड को लाने के लिए बाध्य किया। उसकी गर्लफ्रेंड से रेप करने के बाद उसकी भी अश्लील तस्वीर उतारी गई और उसे भी अपनी सहेलियों या दूसरी लड़कियों को लाने के लिए बाध्य किया गया। इसी तरह मजबूर होकर आने वाली हर लड़की का रेप किया जाता और उसे अपनी सहेली को लाने के लिए ब्लैकमेल किया जाता। इस तरह एक चेन बनाते हुए 100 से अधिक रसूखदार घरानों की हिंदू लड़कियों का यौन शोषण किया गया।

पीड़ितों में कई बड़े-बड़े अधिकारियों और शहर के नामचीन घरानों की लड़कियाँ थीं। बताया जाता है कि इस दौरान बदनामी के डर से कई लड़कियों ने आत्महत्या कर ली थी। 30 साल पुराने इस केस में संपूर्ण न्याय मिलना अभी भी बाकी है। हालाँकि, इस कांड से जुड़े 10 दोषी तो जेल की सलाखों के पीछे पहुँच चुके हैं, लेकिन कई अभी भी बाहर घूम रहे हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री भैरो सिंह शेखावत की सरकार ने इसकी जाँच सीबी-सीआईडी को सौंप दी। शुरुआत में 18 आरोपितों, जिनमें फारूक चिश्ती (तत्कालीन यूथ कांग्रेस का अध्यक्ष), हरीश दोलानी, अनवर चिश्ती (तत्कालीन यूथ कांग्रेस का ज्वाइंट सेक्रेटरी), नफीस चिश्ती (तत्कालीन यूथ कांग्रेस का वाइस प्रेसीडेंट), पुरुषोत्तम उर्फ बबली, इकबाल भाटी, कैलाश सोनी, सलीम चिश्ती, सोहैल गनी, अल्मास महाराज, जमीर हुसैन, इशरत अली, मोइजुल्लाह उर्फ पूतन इलाहाबादी, परवेज अंसारी, नसीम उर्फ टारजन, महेश लोदानी, शम्शू उर्फ माराडोना, जऊर चिश्ती के खिलाफ जाँच शुरू की गई थी। इस केस में 12 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी, जिसमें से 8 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।

जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद एक आरोपित पुरुषोत्तम उर्फ बबली ने आत्महत्या कर ली। नसीम उर्फ टारजन तो जमानत पर बाहर आते ही फरार हो गया था। 2010 में पुलिस ने उसे फिर से पकड़ा। मास्टरमाइंड फारूक चिश्ती को 2007 में सजी सुनाई गई थी, लेकिन उसे सिजोफ्रेनिया की बीमारी के बाद मेंटल घोषित कर दिया गया।

नफीस को 2003 में अरेस्ट किया गया था, लेकिन अब वो बेल पर बाहर घूम रहा है। इकबाल भाटी भी बेल पर बाहर है। सलीम चिश्ती को उस घटना के 20 साल बाद 2012 में गिरफ्तार किया गया था। उस दौरान वह बुर्के में पकड़ा गया था, लेकिन बेल पर वह भी बाहर है। सोहेल गनी चिश्ती ने साल 2018 में आत्मसमर्पण किया था और अब बेल पर बाहर है, जबकि अल्मास महाराज के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी हुआ है।

पुलिस ने इस केस की जाँच के बाद सप्लीमेंट्री चालान पेश नहीं किया था। इस कारण गवाहों को बार-बार कोर्ट में गवाही देने के लिए आना पड़ा। इसी गलती के कारण यह केस आज भी खींच रहा है।

90 के दशक में अजमेर यूथ कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष फारुक चिश्ती, नफीस चिश्ती और अनवर चिश्ती ने यह घिनौना कुकृत्य किया था। ये लोग तब राजनीतिक और धार्मिक रूप से इतने प्रभावशाली थे कि इनके खिलाफ कोई मुँह खोलने को तैयार नहीं होता था। जानकारी होने के बावजूद पुलिस कार्रवाई करने से इसलिए बच रही थी कि शहर में दंगा ना भड़क जाए। ये खुद को अजमेर शरीफ के ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह के खादिम थे और खुद को चिश्ती का वंशज बताते थे। खास बात ये थी कि पीड़िताओं में हिंदू लड़कियाँ ही थीं, जबकि अधिकांश आरोपित मुस्लिम थे।

राजस्थान : भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष सुनीता वर्मा सेक्स स्कैंडल में ?

राजस्थान बीजेपी के दिन बेहद ही खराब चल रहे हैं तभी तो आए दिन पार्टी के किसी ना किसी नेता या कार्यकर्ता के काले कारनामों और खींचतान के चलते प्रदेश बीजेपी सुर्खियों में बनी रहती है। एक तरफ तो पार्टी में अपनी अंदरूनी खाईयों को पाटने की कोशिशें भी विफल साबित हो रही हैं तो दूसरी तरफ बीजेपी के नेताओं की बढ़ती दबंगई पर अंकुश लगाने में भी पार्टी असफल साबित हुई है। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के बल पर पार्टी के कई नेता कार्यकर्ता अपने रसूख को भुनाते हुए ऐसे अपराध करने से भी नहीं डर रहे जिनके लिये की मोदी जी ने बड़ा सख़्त ऐलान कर रखा है। मोदी जी जितना अपनी पार्टी को बेदाग रखने की वकालत करते हैं उतना ही उनकी पार्टी के नेता और मंत्री बेलगाम अपराधों में लिप्त पाय जाते हैं। अब राजस्थान की बीजेपी में भी इसी तरह एक केस से सनसनी फैल गई है। जो कांग्रेस को कटघरे में खड़ा कर सवाल जवाब करते हैं आज खुद कटघरे में खड़े हैं । महिला अपराधों पर राज्य सरकार पर हमलावर हो रही बीजेपी की महिला विंग से ही अब ऐसा मामला सामने आया है जो इस पार्टी की दोगली मानसिकता पर सवाल उठाता है। बीजेपी के महिला मोर्चा की एक जिलाध्यक्ष सुनीता वर्मा उर्फ संपत्ति बाई ने ऐसा कारनामा किया है जिससे प्रदेश बीजेपी के मुंह पर कालिख पुत गई है । दरअसल मामला सवाईमाधोपुर से उठा है जहां बीजेपी की महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष सुनीता वर्मा सहित दो अन्य लोगों पर नाबालिग से दुष्कर्म कराने का आरोप लगाया गया है।

पुलिस तहकीकात के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी, क्योंकि अभी भी भाजपा कार्यकर्ताओं सहित कई लोगों के दिल में यह बात सही से गले नहीं उतर पा रही है, कि सामाजिक कार्यकर्ता रही सुनीता वर्मा इस तरह के घिनौने कृत्य में भी शामिल हो सकती है।उनके प्रति लोगों के विश्वास की प्रमुख वजह यह है, कि संपूर्ण कोरोना काल के दौरान पूर्व भाजपा महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष सुनीता वर्मा उर्फ संपत्ति बाई ने जन सहयोग व अपने निजी खर्चे पर गरीब, जरूरतमंद व निराश्रित लोगों की पूर्ण मनोयोग से मतलब तन मन धन से सेवा की थी। इस दौरान वर्मा ने ड्राई खाद्य सामग्री से लेकर, तैयार भोजन व फल सब्जियों से लेकर नगद सहायता राशि भी कोरोना कालखंड में जारी लोक डाउन के दौरान लोगों को उपलब्ध कराई थी। सामाजिक सरोकार की दिशा में बेहतरीन कार्य करने के कारण आज भी समुदाय में कुछ प्रतिशत लोग ऐसे हैं जो वर्मा को गलत मानने को तैयार नहीं हैं। जिन्हें वर्मा ने आपत्ति काल में सहयोग प्रदान किया था वह यह मानने को तैयार नहीं है, कि वर्मा ऐसा भी कार्य कर सकती है, इसके कारण उन्हें नीचा देखना पड़े। कुछ लोगों की माने तो उनका सीधा सा जवाब है कि यह संपूर्ण कार्यवाही विपक्षी दल द्वारा वर्मा को बदनाम करने के लिए रची गई जो की एक साजिश का हिस्सा है। क्योंकि वर्मा का जिला मुख्यालय पर राजनीतिक कैरियर उछाल पर था।वर्मा की भारतीय जनता पार्टी में महिला सदस्य के रूप में अच्छी पहचान बनती जा रही थी। इस मसले पर स्वयं सुनीता वर्मा ने भी संपूर्ण मामले को षड्यंत्र करार दिया है। खैर  पुलिस तहकीकात के बाद ही मामले से पर्दा उठ पाएगा, लेकिन दाल में काला जरूर है। क्योंकि किसी शायर ने कहा है कि, अगर कोई बात निकलेगी, तो दूर तलक जाएगी। मतलब परिस्थितियां यह स्पष्ट करती है कि,वर्मा का किसी ना किसी रूप में मामले में हस्तक्षेप जरूर है। भले ही वर्मा अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करे, लेकिन घटना में उनकी संलिप्तता नजर आती हुई दिखाई दे रही है। यही वजह है, कि पुलिस को उनके खिलाफ एक्शन लेना पड़ा है। भारतीय जनता पार्टी ने भी किसी प्रकार की बदनामी वह राजनीतिक क्षेत्र में  होने वाली किरकिरी से बचने के लिए वर्मा को पद मुक्त कर अपना पीछा छुड़ा लिया है। जबकि विपक्ष इस मामले को ग्राम पंचायत चुनाव तक में भुनाने को लेकर प्रयासरत है।

क्या है पूरा मामला

बीजेपी महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष सुनीता वर्मा पर आरोप है कि उसने अपनी साथी पूजा के साथ मिलकर एक नाबालिग को बहला-फुसलाकर और पैसों का लालच देकर दुष्कर्म जैसे संगीन जुर्म में धकेलने का काम किया है। बीजेपी महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष ने नाबालिग को लालच दिया कि वो उसकी जिंदगी बना देगी और इसी तरह के लालच देकर नाबालिग को कई लोगों के पास भेजा गया, जहां नाबालिग के साथ दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराध को अंजाम दिया गया । इतना ही नहीं नाबालिग ने जब विरोध किया तो उसके अश्लील फ़ोटो सोशल मीडिया पर डालकर बदनाम करने और उसकी जिंदगी खराब करने की धमकी दी गई। पीड़िता के परिजनों का तो यहां तक आरोप है कि बीजेपी महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष ने बच्ची पर दबाव बनाकर उसके घर से पैसे भी चोरी करवाए। अब महिला मोर्चा की यह जिलाध्यक्ष फिलहाल गिरफ्तार कर ली गई है लेकिन सवाल यह उठता है कि स्वयं को वर्क फ्रंट पर सुपर एक्टिव बताने वाली बीजेपी अपने इतने महत्वपूर्ण पदों पर ऐसी धुमिल छवि और आपराधिक प्रवर्ती के लोगों को कैसे नियुक्ती दे देती है ? विपक्ष और कई बड़ी सर्वे कंपनियों में जिस ग्रेड पर नरेंद्र मोदी सरकार के माइक्रो मैनेजमेंट को आंका जाता है उसे देखकर तो यही लगता है कि इस तरह के लोगों को पार्टी के गरिमापूर्ण पदों पर नियुक्त करने के पीछे रिश्वतखोरी या प्रदेश बीजेपी के आलानेतृत्व पर काबिज़ नेताओं का निजी स्वार्थ काम कर रहा है। क्योंकी प्रदेश बीजेपी में यह पहला मामला नहीं है जब महिला अपराधों को लेकर पार्टी पर सवाल खड़े किये गये हैं।

बीजेपी में हैं बड़े बड़े कामाचारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भले ही अपनी सरकार का यह कहते हुए बचाव करते हों कि उनकी सरकार में दागदार छवि के लोगों का स्थान नहीं है पर उनकी सरकार से ही ऐसे कई नामवर व्यभिचारी निकले हैं जिन्होंने अपनी लंपटता के चलते न सिर्फ महिलाओं से अभद्रता की बल्कि उनके परिवारों तक को धरती पर नर्क भुगतने को मजबूर कर दिया । उत्तर प्रदेश के बांगरमऊ से बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर हो या पूर्व केंद्रीय मंत्री चिन्मयानंद और निहालचंद मेघवाल जैसे हाई प्रोफाइल केस, यह बीजेपी द्वारा देश पर लगाया गया कलंक साबित हुए हैं। बीजेपी के ऐसे बदनुमा दोगों की फेहरिस्त बहुत लंबी है। सवाईमाधोपुर की महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष के अलावा भी बीजेपी के कई स्थानीय नेता ऐसे हैं जिन्होंने महिला अत्याचार की सभी सीमाएं तोड़ी हैं। अप्रेल 2019 में हनुमानगढ़ के बीजेपी के युवा मोर्चा के पूर्व मंडल अध्यक्ष विकास नागपाल पर शादी का झांसा देकर एक महिला के ना सिर्फ देह शोषण का दोष सिद्ध हुआ था बल्कि पीड़िता की बेटी से भी छेड़खानी का आरोप लगाया गया था । वहीं सितंबर 2018 में भी जालोर के आहोर में भाजपा विधि प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष संतोष भारती पर माधोपुरा निवासी एक महिला से बलात्कार का मामला दर्ज हुआ था ।

बेहद खराब है बीजेपी का ट्रेक रिकॉर्ड

आपराधिक मानसिकता और पृष्ठभूमि वाले लोगों को संरक्षण देने के मामले में भी भारतीय जनता पार्टी का रिकॉर्ड खासा खराब रहा है। जनता को आंकड़ों से जागरूक करने वाली एजेंसी एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स यानी एडीआर तथा नेशनल इलेक्शन वॉच के एक सर्वे के अनुसार पिछले पांच वर्षों में बीजेपी द्वारा 66 उम्मीदवारों को विधानसभा में टिकिट दिये गये जो महिला अत्याचार से संबंधित मामलों में लिप्त थे । एडीआर के वर्ष 2019 के सर्वे के अनुसार बीजेपी के 21 सांसदों और विधायकों पर महिलाओं के प्रति अत्याचार के मामले दर्ज हैं। इनमें 10 मामले महिला अत्याचारों से जुड़े है जबकि 11 मामले सीधे दुष्कर्म के हैं। अगर सिर्फ अपराधिक रिकॉर्ड वाले बीजेपी के राज्यसभा सांसदों पर नज़र डालें तो इनमें 8 सांसदों के ऊपर क्रिमिनल केस हैं जिनमें 5 मामले गंभीर अपराधों से जुड़े हैं। इन सांसदों में राजस्थान के किरोणी लाल मीणा का भी नाम है जिन पर आईपीसी की 5 धाराओं में कुल 7 केस दर्ज हैं। तो लोकसभा में भी बीजेपी के 18 सांसदों का आपराधिक रिकॉर्ड है जबकि इनमें 1 मामला गंभीर प्रवर्ति के अपराध से जुड़ा है। 

नेशनल इलेक्शन वॉच और ऐडीआर की इस रिपोर्ट पर देशभर में उस समय खूब हो हल्ला मचा था । इससे पहले भी बीजेपी के कई नेताओं के नाम रेपकांड में सामने आ चुके हैं। इन नेताओं में हरियाणा से बीजेपी विधायक उमेश अग्रवाल, उत्तराखंड के बीजेपी नेता हरक सिंह रावत, उत्तर प्रदेश के बीजेपी विधायक कुशाग्र सागर, महाराष्ट्र बीजेपी नेता रवींद्र बावंथाडे और मधु चव्हाण, गुजरात बीजेपी उपाध्यक्ष रहे जयंती भानुशाली जैसे नाम शामिल हैं। वहीं #MeToo कैंपेन में धरे गये बीजेपी के पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर पर तो देश की 20 महिला पत्रकारों ने यौन शोषण का आरोप लगाया था, तब अकबर ने निजी तौर पर आरोपों के खिलाफ लड़ने की बात कह कर पद से इस्तीफा दिया था लेकिन फिलहाल वह किसी केस को लड़ते नज़र नहीं आ रहे हैं। कुल मिलाकर बीजेपी एक ऐसा दल है जिसने सत्ता में बने रहने के लिये देश की कमान दबंगों और दुष्कर्मियों को देने में ज़रा भी कोताही नहीं की। इसलिये बीजेपी के नेता काम से ज़्यादा कामासूत्र में लिप्त नज़र आए और देश को अपने ही द्वारा दिये विकास तथा शुचिता के नारों को ही बदल कर रख दिया । बीजेपी की अनदेखी की वजह से मेक इन इंडिया – रेप इन इंडिया बन गया । बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ की जगह लोग बेटी छिपाओ, बलात्कारियों से बचाओ के नारे लगाने लगे। अब सवाईमाधोपुर की घटना ने बीजेपी के ‘अबकी बार’ स्लोगन को अब की बार- नारी ने ही नारी की इज़्ज़त की तार तार में बदल दिया है। सोचनीय विषय यह है कि क्या बीजेपी के हाथों में देश सुरक्षित है ? 

हनी ट्रैप कांड का घिनौना सच : नेता, बॉलीवुड की हीरोइनें, कॉलेज की लड़कियाँ, लगभग 40 काल गर्ल्स

श्वेता विजय, बरखा और श्वेता स्वप्निल जैन
भोपाल हनी ट्रैप रैकेट: (बाएँ से) श्वेता विजय, बरखा और श्वेता स्वप्निल जैन (साभार-मनोरमा)
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
मध्यप्रदेश में हनी ट्रैप कांड के खुलासे के बाद जाँच टीम को इस मामले में हर सिरे पर नई जानकारी मिल रही है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक इस पूरे कांड में 40 काल गर्ल्स के शामिल होने की खबर है, जिनमें बॉलीवुड की कुछ हिरोइनों के नाम भी सामने आ रहे हैं। लेकिन अब गिरोह को चलाने वाली श्वेता जैन ने एसआइटी के सामने खुलासा किया है कि उसने करीब 2 दर्जन कॉलेज जाने वाली लड़कियों को सेक्स जाल का हिस्सा बनाया, जिसमें अधिकतर मिडिल क्लास परिवार की लड़कियाँ शामिल थीं।
इस हनी ट्रैप रैकेट में गिरफ्तार महिलाओं में श्वेता विजय जैन, बरखा सोनी, श्वेता स्वप्निल जैन, आरती दयाल, और एक 18 वर्षीय लड़की शामिल है। आरती दयाल के ड्राइवर को भी गिरफ्तार किया गया है।
इंदौर की पहली महिला एसएसपी रुचि वर्धन सिंह ने इस संबंध में बताया कि श्वेता और उसकी साथी आरती ने कॉलेज जाने वाली लड़कियों को फँसाकर, उन्हें मॉडर्न लाइफस्टाइल का लालच दिखाकर हनी ट्रैप गैंग में घसीटा था।
वहीं, श्वेता ने अपने मनसूबों के बारे में खुलासा करते हुए बताया कि हनी ट्रैप का मकसद वीआईपी लोगों को इसमें फँसाकर उनसे करोड़ों रुपए के आकर्षक सरकारी कॉन्ट्रैक्ट की खरीद करना था। जिनमें से कई कॉन्ट्रैक्ट श्वेता जैन और उनकी साथी आरती दयाल की कंपनियों को कमीशन के आधार पर दिए गए थे। हनी ट्रैप में फँसाकर कॉन्ट्रैक्ट खरीदने के अलावा श्वेता मध्यप्रदेश में आईएस और आईपीएस अधिकारियों की पोस्टिंग भी मैनेज करती थीं।
पूछताछ में श्वेता ने एसआईटी को बताया कि अधिकारियों की डिमांड पर वह आर्थिक रूप से कमजोर कॉलेज जाने वाली छात्राओं को रैकेट में फँसाती थी और बाद में नामी हस्तियों के साथ बिस्तर पर जाने के लिए मजबूर करती थी। जिन लोगों के साथ लड़कियों को रात गुजारने के लिए कहा जाता था, उनमें अधिकतर लोग लड़कियों की पिता के उम्र के होते थे।
एसआईटी के सामने पेश हुई एक लड़की ने खुलासा किया कि प्रतिष्ठित कॉलेज में एडमिशन लेने की मंशा से वह श्वेता के संपर्क में आई थी। लेकिन श्वेता ने किसी तरह लड़की को इस गिरोह का हिस्सा बना लिया और उसे भोपाल ले गई। वहाँ उसकी पहचान तीन अधिकारियों से करवाई गई, जहाँ शुरू में लड़की ने ये काम करने से मना कर दिया और अपने घर लौट आई। किंतु बाद में श्वेता की साथी आरती दयाल उसके घर गई और लड़की के पिता से बताया कि अगर वह अपनी बच्ची को भोपाल भेजेंगे तो उनका एनजीओ लड़की की पढ़ाई का पूरा खर्चा उठाएगा।
लड़की के मुताबिक आरती ने उसे श्वेता का एक एमएमएस भी दिखाया, जिसमें वो एक अधिकारी के साथ शारीरिक संबंध बना रही थी। आरती ने कहा कि बड़े पद पर पहुँचने के लिए ये सब करना पड़ता है।
इसके बाद आरती और श्वेता लड़की को एक लग्जरी कार में इंदौर लेकर चली गईं, वे वहाँ पॉश इंफिनिटी होटल में ठहरे। अगले दिन शाम को 60 वर्षीय इंजिनियर हरभजन सिंह की पहचान लड़की से कराई गई और पूरी रात लड़की को अपने पिता की उम्र के व्यक्ति के साथ रुककर सेक्स करना पड़ा। इस बीच आरती ने हरभजन का लड़की के साथ चुपके से वीडियो बना लिया। जिसे बाद में दिखाकर श्वेता ने हरभजन से 3 करोड़ रुपए माँगे और लड़की को भी धमकी मिली थी कि अगर उसने अपने पैरेंट्स को कुछ भी बताया तो वह उसकी वीडियो इंटरनेट पर डाल देंगे।
जाँच में खुलासा हुआ कि लोअर मिडिल क्लास परिवारों की लड़कियों को नौकरी का लालच देकर पहले फँसाया जाता था, फिर फाइव स्टार होटल का ग्लैमर और लग्जरी कल्चर दिखाया जाता था। बाद में उन्हें बहला-फुसला कर अधिकारियों को हनी ट्रैप में फँसाने के लिए बड़ी कीमत दी जाती थी।
इस पूरे कांड में बता दें कि आज जाँच टीम को एक हिट लिस्ट हाथ लगी है, जिसमें 13 आइएस अधिकारियों के नाम सामने आए हैं, जिन्हें लड़कियों ने प्रेम में फँसा लिया था और उनकी सेक्स वीडियो दिखाकर उनसे पैसे माँगने वाले थे। पुलिस को इस ब्लैकमेल करने वाले गिरोह से अभी तक 90 वीडियो मिल चुके हैं। जिनमें सियासत से जुड़े लोगों से लेकर कई ब्यूरोक्रेट्स के चेहरे उजागर हुए हैं। गिरोह में शामिल महिलाओं के पास से 8 सिम कार्ड भी मिले हैं, बाकी रिकॉर्ड अभी खंगाले जा रहे हैं।
हनीट्रैप सेक्स कांड: पुलिस के हाथ लगे 100 से ज्यादा वीडियो, कई नेताओं पर मंडराया खतरा
पुलिस के हाथ लगे 100 से ज्यादा वीडियो, कई नेताओं पर मंडराया खतरा
मध्य प्रदेश का हनीट्रैप सेक्स कांड छह साल पहले उजागर हुए व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) की याद ताजा कराने वाला है इस कांड की सूई भी व्यापमं की तरह नौकरशाहों-सफेदपोशों के आसपास ही घूमती नजर आ रही है पुलिस के हाथ 100 से ज्यादा वीडियो और 200 से ज्यादा ऐसे फोन नंबर लग गए हैं, जो सियासी तूफान खड़ा कर सकते हैं पिछले दिनों में हनीट्रैप सेक्स कांड से जुड़ी महिलाओं की तमाम बड़े नेताओं के साथ आई तस्वीरें और एक अफसर के साथ वीडियो यह तो साबित कर ही रहा है कि इस गिरोह का राज्य की सियासत और नौकरशाही में पर्याप्त दखल रहा है
इस कांड को देश का सबसे बड़ा ब्लैकमेलिंग सेक्स स्कैंडल कहा जा रहा है। इस मामले में जाँच में जुटी एसआईटी की टीम अब तक 4 हजार से ज्यादा फाइलें जुटा चुकी हैं और बाकी के मिलने का सिलसिला जारी है। बताया जा रहा है गिरोह के शिकंजे में कई शीर्ष नेता, आईएस अधिकारी, इंजिनियर और बड़े व्यापारी फँस चुके हैं। जिनकी सेक्स वीडियो और अश्लील चैट, ब्लैकमेलिंग के सबूत गिरोह के सदस्यों के लैपटॉप और मोबाइल से बरामद हुए हैं।
नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक इस जाँच के दौरान SIT को जो लिस्ट मिली है उसमें 13 ऐसे अधिकारियों के नाम हैं, जो अलग-अलग समय पर कृषि, संस्‍कृति, उद्योग, जल संसाधन, जन संपर्क, शहरी प्रशासन, मत्‍स्‍य पालन, श्रम, वन, और प्रशासनिक विभागों में काम कर चुके हैं। जिनके नामों को इस गिरोह के संचालक ने एक सरकारी डायरी के पन्नों पर लिखा हुआ था।
जाँच से जुड़े एक अधिकारी के अनुसार इस हिट लिस्ट में शामिल अफसरों के नामों के आगे टिक का निशान लगाकर कोड भाषा में कुछ लिखा हैं। इसके अलावा इस डायरी में कुछ लोगों के नाम के आगे घेरा भी बनाया हुआ और कुछ के नाम के आगे महत्वपूर्ण एवं ओके जैसी चीजें लिखी हैं। मामले में जाँच में जुटी टीम अब फिलहाल कोड वर्ड में लिखी बातों का मतलब पता लगा रही है।
मध्यप्रदेश, आईएस, हनी ट्रैप
एक सप्ताह पहले इंदौर की पुलिस ने दो महिलाओं और उनके वाहन चालक को गिरफ्तार किया था ये महिलाएं नगर निगम के इंजीनियर हरभजन सिंह का वीडियो बनाने के बाद उसे ब्लैकमेल कर उससे तीन करोड़ रुपए मांग कर रही थीं मांगी गई रकम की पहली किश्त के तौर पर 50 लाख रुपए जब वह लेने आईं तो पकड़ी गई बीते सात दिनों में इस कांड से जुड़ी जो तस्वीर सामने आ रही है, वह चौंकाने वाली है. साथ ही इस बात का एहसास करा रही है कि राज्य में बीते कई वर्षों में करोड़ों के ठेके उन लोगों के हाथ लग गए, जिन्होंने महिलाओं का भरपूर इस्तेमाल किया
कांग्रेस और विपक्षी दल भाजपा के नेताओं के नाम जुड़ने लगे
इस मामले की जांच अब एसआईटी (विशेष जांच टीम) को सौंप दी गई है इसके साथ ही सत्ताधारी दल कांग्रेस और विपक्षी दल भाजपा के नेताओं के नाम इस हनीट्रैप सेक्स कांड से जुड़ने लगे हैं अभी तक किसी भी नेता पर पुलिस ने तो उंगली नहीं उठाई है, मगर गलियारों में चर्चा यही है कि हनीट्रैप सेक्स कांड की महिलाओं से नेताओं के रिश्ते रहे हैं
व्यापमं घोटाले की जांच का दायरा कुछ ऐसे ही बढ़ा था
व्यापमं घोटाले पर गौर करें तो एक बात साफ होती है कि इस मामले में प्रशासनिक अधिकारियों और कई नेताओं को जेल जाना पड़ा है इस मामले की एसटीएफ, एसआईटी के बाद सीबीआई जांच कर रही है इस मामले से जुड़े लगभग 50 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें एक न्यूज चैनल के संवाददाता अक्षय सिंह का भी नाम शामिल है इस घोटाले में 1,450 छात्रों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किए गए और परिजनों को भी आरोपी बनाया गया लगभग 3000 लोगों को आरोपी बनाया गया, जिनमें से बड़ी संख्या में लोगों को जेल जाना पड़ा


हनीट्रैप सेक्स कांड के तार महाराष्ट्र और अन्य राज्यों से जुुुड़ने लगे
अब हनीट्रैप सेक्स कांड की कहानी व्यापमं की तरह राज्य की सीमाओं को लांघकर दूसरे राज्यों की ओर बढ़ रही है महाराष्ट्र और अन्य राज्यों से तार जुड़ने लगे हैं नौकरशाहों और सफेदपोशों के बीच इस गिरोह की महिलाओं की घुसपैठ की बात सामने आने लगी है कुछ दिन पहले एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी का वीडियो वायरल हो ही चुका है वहीं पुलिस के हाथ कई वीडियो और ऑडियो क्लिपिंग भी लगी हैं, जो अफसरों और नेताओं के इनके जाल में फंसने की ओर इशारा कर रहे हैं
व्यापमं का पार्ट-2 -कारोबारी, नौकरशाह, राजनेता, मीडिया का गठजोड़ 
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के.के. मिश्रा ने कहा, “हनीट्रैप सेक्स कांड पूरी तरह चारित्रिक पतन से जुड़ा हुआ है, यह घोटाला व्यापमं का पार्ट-2 है, जिसमें बड़े कारोबारी, नौकरशाह, राजनेता, मीडिया जगत के लोग जुड़े हुए हैं मुख्यमंत्री कमलनाथ ने यह जांच सक्षम अधिकारी अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक संजीव शमी को सौंपी है, उनकी जांच के बाद दूसरी किसी जांच की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि सारे चेहरे बेनकाब हो जाएंगे

भाजपा ने की सीबीआई जांच की मांग
भाजपा नेता और पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग कर चुके हैंभाजपा के मुख्य प्रवक्ता डॉ. दीपक विजयवर्गीय ने कहा कि जांच पूरी तरह पारदर्शी व निष्पक्ष होनी चाहिए, मगर सरकार जांच को अपनी मर्जी के अनुसार दिशा देने का प्रयास कर रही है
भाजपा के लोग व्यापमं की तरह जांच को प्रभावित करना चाहते हैं
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भाजपा की सीबीआई जांच की मांग पर यह कहकर तंज कस चुके हैं कि भाजपा के लोग व्यापमं की तरह सीबीआई के जरिए इस मामले की जांच को प्रभावित करना चाहते हैं

ऐसे काम करता था ये ग‍िरोह
सिंह ने कहा कि पुलिस के हाथ जो सुराग हाथ लगे हैं, वे इस बात का खुलासा करते हैं कि हनीट्रैप सेक्स कांड में सिर्फ पांच महिलाएं नहीं हैं, बल्कि उनके गिरोह के सदस्य छोटे जिलों तक फैले हुए हैं, जिनका समय-समय पर अपने तरह से उपयोग किया जाता था पहले संबंधित नेता अथवा अफसर को खुश करके ठेका या दूसरे काम मंजूर कराए जाते थे और जिससे यह काम नहीं हो पाता था उसे ब्लेकमैल करने की धमकी देकर रकम वसूली जाती थी इतना ही नहीं बड़े अफसरों की पोस्टिंग में भी ये महिलाएं बड़ी भूमिका निभाती थीं

कई नेताओं और अफसरों के चेहरे हो सकते हैं बेनकाब
सूत्रों का दावा है कि अगर जांच सही हुई और राजनीतिक दखल नहीं रहा, तो कई ऐसे नेताओं और अफसरों के चेहरे बेनकाब होंगे, जिनका अपने-अपने क्षेत्र में करियर अभी बहुत लंबा है और वे वर्तमान में भी प्रमुख पद पर हैं जिन लोगों के नाम सामने आ रहे हैं, उनमें कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों से जुड़े नेता बड़ी संख्या में हैं
पुलिस के हाथ 100 से ज्यादा वीडियो, सियासी तूफान आ सकता है 
पुलिस के हाथ 100 से ज्यादा वीडियो और 200 से ज्यादा ऐसे फोन नंबर लग गए हैं, जो सियासी तूफान खड़ा कर सकते हैं पिछले दिनों में हनीट्रैप सेक्स कांड से जुड़ी महिलाओं की तमाम बड़े नेताओं के साथ आई तस्वीरें और एक अफसर के साथ वीडियो यह तो साबित कर ही रहा है कि इस गिरोह का राज्य की सियासत और नौकरशाही में पर्याप्त दखल रहा है इसी के चलते कई लोग यह भी आशंका जता रहे हैं कि इस कांड का हाल भी कहीं व्यापमं जैसा न हो जाए पहले कई नेता-अफसर पकड़े जाएं और फिर सभी रिहा होते जाएं
। (एजेंसीज इनपुट्स सहित)

सपा, बसपा, कांग्रेस ,आप और आरजेडी नेताओं पर भी लगे बलात्कार और यौन शोषण के आरोप, बीजेपी की भी लंबी लिस्ट

पिछले कुछ सालों से नेताओं पर रेप और यौन शोषण के आरोपों की बाढ़ सी आ गई है. सितम्बर 20 को पूर्व केंद्रीय मंत्री चिन्मयानंद को गिरफ्तार कर लिया गया है. इस मामले की जांच कर रही है एसआईटी ने चिन्मयानंद की गिरफ्तारी के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस की और बताया कि चिन्मयानंद ने आरोप कबूल कर लिए हैं. लेकिन उनके उपर रेप का केस न करके उससे हल्का केस दर्ज किया गया है. आरोप लगाने वाली लॉ स्टूडेंट ने कहा कि उसके मैजिस्ट्रेट के सामने बयान देने के बावजूद रेप का केस दर्ज ना होना हैरत की बात है. फिलहाल चिन्मयानंद का नाम उन बीजेपी नेताओं की सूची में दर्ज हो गया जिन पर या तो रेप या फिर यौन शोषण का आरोप लगा है. लेकिन ऐसा नहीं है कि इन आरोपों में सिर्फ बीजेपी नेताओं के ही नाम हैं दूसरी पार्टी के नेता भी इसमें शामिल हैं. जिस तरह से इस सूची में नाम साल दर साल बढ़ते जा रहे हैं उससे पार्टियों की छवि पर गंभीर धक्का लगा है. वहीं कई मामलों में देर से हुई कार्रवाई ने भी पार्टी की जमकर फजीहत हुई है.
कांग्रेस नेता ंमहिपाल मदेरणा और भवंरी देवी कांडभंवरी देवी कांड ने हिला दी थी गहलोत सरकार की कुर्सी, अब आरोपियों के बच्चे कांग्रेस के टिकट पर लड़ रहे चुनाव



भंवरी देवी के राजस्थान के मंत्री महिपाल मदेरणा के साथ संबंध थे और वो इसकी एक सीडी बनाकर मंत्री को ब्लैकमेल कर रही थी.  बाद में उसका अपहरण कर हत्या कर दी गई.  बाद में राजस्थान के पूर्व मंत्री महिपाल मदेरणा और सत्तारूढ़ कांग्रेस के एक विधायक के भाई को गिरफ्तार किया. साल 2011 राजस्थान में अशोक गहलोत की कुर्सी हिला देने वाला भंवरी देवी कांड की वजह कांग्रेस की जमकर फजीहत हुई थी. 

आरजेडी विधायक अरुण यादवरेप के आरोपी RJD विधायक अरुण यादव फरार, घर पर इश्तेहार चश्पा किया गया
आरा की रहने वाली नाबालिग का सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि आरजेडी विधायक अरुण यादव ने उसके साथ गलत काम किया है. इसके बाद अरुण यादव फरार हैंं. पुलिस ने उनके घर पर इश्तेहार चस्पा किया है.

बीएसपी नेता पर आरोप
साल 2017 में एक युवती ने अयोध्या विधानसभा सीट से बसपा प्रत्याशी बज्मी सिद्द‍िकी और उनके साथियों पर गैंगरेप का आरोप लगाया है. मामले में बज्मी सिद्द‍िकी समेत 7 लोगों पर गैंगरेप का केस दर्ज कर लिया गया है. जानकारी के अनुसार इनमें से 5 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.
सपा नेता पर भी लगा रेप का आरोप
साल  2015 उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में शौच के लिए गई एक लड़की को अगवा करके उससे कथित रूप से सामूहिक दरिंदगी का मामला सामने आया. तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सौमित्र यादव ने बताया कि कादरचौक थाना क्षेत्र स्थित एक गांव में दलित परिवार की एक किशोरी शनिवार की रात को शौच के लिए खेत में जा रही थी. आरोप है कि रास्ते में समाजवादी पार्टी (सपा) के पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष टेकचंद पाल के बेटे ओमेन्द्र ने अपने साथियों नरेन्द्र और सुरेन्द्र की मदद से लड़की को जबरन मोटरसाइकिल पर बैठा लिया और एक बाग में ले जाकर तीनों ने उससे सामूहिक बलात्कार किया. परिजन के मुताबिक मामला सपा नेता के बेटे से जुड़ा होने की वजह से पुलिस ने पहले दिन तो रिपोर्ट दर्ज नहीं की, लेकिन ज्यादा जोर देने पर ओमेन्द्र, नरेन्द्र तथा सुरेन्द्र के खिलाफ अपहरण और बलात्कार के आरोपों में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई.  बाद में पुलिस ने इस मामले में आरोपी सुरेन्द्र को गिरफ्तार कर लिया. 
दिल्ली के पूर्व विधायक विजय जॉलीFormer Delhi BJP Legislator Vijay Jolly Denies Rape Charge
दिल्ली के पूर्व विधायक विजय जॉली पर साल 2017 में एक महिला ने आरोप लगाया. पुलिस के मुताबिक महिला ने आरोप लगाया कि उसको पहले उनको नशा दिया गया और फिर उसके के साथ यह घटना हुई. लेकिन इन आरोपों को विजय जॉली ने सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि यह उनकी छवि को खराब करने की कोशिश है.  विजय जॉली ने कहा कि महिला बीजेपी से जुड़ी रही है और उसने गुरुग्राम के एक रिसॉर्ट में मुलाकात की जहां उसने 5 लाख रुपये की वसूली की कोशिश की और धमकी दी कि अगर उनकी बात नहीं मानी तो वह रेप का मुकदमा दायर करेगी. 
गुजरात में जयेश पटेलdcnmvtnoगुजरात के वडोदरा के वाघोडिया में करीब 100 एकड़ में पारुल यूनिवर्सिटी बनी है। यहां इंजीयरिंग से लेकर मेडिकल कालेज भी हैं. साल 2016 में  इसके मुखिया जयेश पटेल पर उनकी ही युनिवर्सिटी में नर्सिंग का कोर्स कर रही एक छात्रा ने बलात्कार का आरोप लगाया. घटना में महिला वार्डन की मिलीभगत की बात सामने आई थी. आरोप लगते ही जयेश पटेल फरार हो गए. लेकिन उनके बेटे का दावा था कि उनके पिता जयेश पटेल भाजपा में नेता के तौर पर उभर रहे हैं और यहां से विधानसभा के टिकट के दावेदार हैं, इसीलिए उन्हें राजनैतिक साजिश के तहत फंसाया जा रहा है.
बीजेपी विधायक उमेश अग्रवाल पर आरोपDelhi Court Frames Rape Charges Against BJP Lawmaker
साल 2015 में दिल्ली की अदालत ने हरियाणा से बीजेपी विधायक उमेश अग्रवाल के खिलाफ रेप का मुकदमा दर्ज किया. इस मामले में तीन लोगों पर आरोप है. हालांकि उमेश अग्रवाल सहित तीनों आरोपियों ने अदालत में खुद को निर्दोष बताया और कहा कि यह मामला सिर्फ पैसे के लेन-देन से जुड़ा है. 
उत्तराखंड बीजेपी के नेता हरक सिंह रावत के खिलाफ दिल्‍ली में रेप का केस दर्ज
साल 2016 में उत्तराखंड के बीजेपी नेता हरक सिंह रावत पर दिल्ली पुलिस ने रेप का मामला दर्ज किया. असम की रहने वाली 32 साल की एक महिला ने दिल्ली के सफदरजंग थाने में शिकायत देकर कहा कि वो जंगपुरा इलाके में रहती है, उसके साथ 29 जुलाई को ग्रीन पार्क इलाके में रेप किया गया. रेप के बाद हरक सिंह ने उसे धमकाया. पुलिस ने महिला का बयान कोर्ट में भी दर्ज करवाया. हरक सिंह रावत पर इससे पहले 2014 में एक महिला ने इसी थाने में छेड़खानी का केस दर्ज कराया था.
मध्य प्रदेश में भाजपा नेताओं ने महिला को बनाया हवस शिकार, मामला दर्ज
साल 2018 में मध्य प्रदेश के सीहोर जिलें में 28 वर्षीय महिला का दो स्थानीय भाजपा नेताओं द्वारा कथित रूप से गैंगरेप का मामला सामने आया. दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया गया. अनुविभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीओपी) जीपी अग्रवाल ने बताया, '28 वर्षीय महिला से बलात्कार के मामले में भाजपा के स्थानीय नेता राजा राम (35) को गिरफ्तार किया गया है.'इसके अलावा, राजा राम के दोस्त मुकेश ठाकुर (32) के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है. राजा राम मध्यप्रदेश भाजपा अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के कार्यकारी समिति का सदस्य है और आष्ठा में प्रधानमंत्री कौशल विकास केंद्र का संचालक है. 
एक और बीजेपी विधायक पर रेप का आरोप, पीड़िता बोली- इंसाफ नहीं मिला तो दे दूंगी जान
साल 2018 में  बदायूं से विधायक कुशाग्र सागर पर 22 साल की महिला ने बलात्कार का आरोप लगाया है. महिला के मुताबिक़, 2012-2014 के समय जब वो नाबालिग़ थी, तब विधायक ने शादी का झांसा देकर दो साल तक उसका यौन शोषण किया.  पीड़िता भी मां के साथ विधायक के घर आती-जाती थी. ख़ास बात ये है कि पीड़िता ने ये आरोप तब लगाए हैं जब अगले महीने 17 तारीख़ को विधायक की शादी होनी है. विधायक के क़रीबी सूत्रों ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है. पुलिस ने महिला की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है.
महाराष्ट्र में बीजेपी नेता की हरकतबीजेपी नेता चलती बस में महिला को 'किस' करते कैमरे में हुआ कैद, रेप के आरोप में गिरफ्तार
साल 2017 में चलती बस में महिला के साथ 'किस' करने की तस्वीरें वायरल होने के बाद महाराष्ट्र में बीजेपी नेता को गिरफ्तार किया गया है. वह सार्वजनिक बस में एक महिला के साथ किस करते हुए कैमरे में कैद हुए थे. बीजेपी नेता रवींद्र बावंथाडे पर रेप का आरोप है. किसी अन्य यात्री द्वारा वीडियो बनाए जाने और फिर उसके सामने आने के बाद पीड़ित महिला ने कहा कि उसके साथ जबरदस्ती की गई.
गुजरात बीजेपी के उपाध्यक्ष पर लगा रेप का आरोप, निर्दोष होने का दावा कर दिया इस्तीफा
एक युवती ने गुजरात बीजेपी उपाध्यक्ष जयंती भानुशाली पर आरोप लगाया है कि उसने पिछले नवंबर से अब तक उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया. महिला का दावा है कि भानुशाली ने उससे वादा किया था कि वह प्रतिष्ठित फैशन डिजाइनिंग कॉलेज में उसका दाखिला कराएंगे. पूर्व विधायक जयंती भानुशाली ने बलात्कार का आरोप लगने के बाद गुजरात भाजपा के उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया. अपने इस्तीफे में इस आरोप से इनकार करते हुए दावा किया है कि उनकी छवि को खराब करने की साजिश हो रही है. लेकिन बाद में जयंति भानुशाली की चलती ट्रेन में हत्या कर दी गई और इस मामले में बीजेपी के ही नेता और पूर्व विधायक छबील पटेल के दो सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया था.
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साल 2013 में महाराष्ट्र बीजेपी के प्रवक्ता और पूर्व विधायक मधु चव्हाण के खिलाफ रेप और धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ.बीजेपी की ही पूर्व मुंबई उपाध्यक्ष और वतर्मान में शिवसेना से जुड़ी महिला नेता ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी.
पूर्व केंद्रीय पर निहालचंद पर आरोपImage result for NIHAL CHAND RAPE NDTV
2011 में महिला ने यौन शोषण का मामला दर्ज कराया था. महिला का आरोप था कि उसे ड्रग देकर उसके साथ रेप भी किया गया. एफआईआर में पीड़ित ने मंत्री निहाल चंद मेघवाल का नाम भी दर्ज कराया था. 2012 में पुलिस इस मामले में क्लोजर रिपोर्ट दे चुकी थी. लेकिन साल 2014 में पीड़ित की समीक्षा याचिका के आधार पर अदालत ने नोटिस जारी किए. वह गंगानगर से चौथी बार सांसद चुने गए थे. उनके ऊपर लगे आरोप के बाद उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल से हटा दिया गया था.
विधायक कुलदीप सिंह सेंगरउन्नाव मामला: नाबालिग से रेप के मामले में POCSO एक्ट के तहत कुलदीप सेंगर पर आरोप तय
उत्तर प्रदेश के बांगरमऊ से बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर महिला ने रेप का आरोप लगाया. काफी हंगामे के बाद उनको गिरफ्तार कर लिया गया और बीजेपी ने पार्टी से निकाल दिया. इसके बाद पीड़िता का एक्सीडेंट हो गया जिसमें उसके वकील और वह बुरी तरह घायल हो गई. इस घटना में उसके परिवार की एक महिला की मौत भी हो गई. पीड़िता के परिवार ने आरोप लगाया कि कुलदीप सिंह सेंगर की ओर से समझौते न करने पर जान से मारने की धमकी दी जा रही थी. फिलहाल अब मामला सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में है जांच सीबीआई कर रही है.
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Indian Politicians and Social Activists have had their share of secret relationships. Most affairs between them are rarely talked off...

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मायावती गेस्टहाउस काण्ड : RSS का क़र्ज़ भूली माया, जब इज़्ज़त बचाई थी
गेस्ट हाउस कांड के दौरान मायावती को बीजेपी के तत्कालीन विधायक ब्रह्मदत्त द्विवेदी ने बचाया था आर.बी.एल.निगम, वरिष्...


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राजनीति में उथल-पुथल मचाते सेक्स-स्कैंडल
केजरीवाल के मंत्री संदीप कुमार के सेक्स कांड के बाद गलियारों में राजनेताओं के सेक्स स्कैंडल्स की चर्चा तेज हो गई ह...

रेप के आरोपी चिन्मयानंद यानी कृष्णपाल सिंह का पूरा कच्चा चिट्ठाबीजेपी नेता चिन्मयानंद (Chinmayanand) को लॉ की छात्रा से बलात्कार के आरोप में शुक्रवार को कोर्ट ने 14 दिन के लिए जेल भेज दिया था. उनके ऊपर लॉ कॉलेज की छात्रा ने यौन शोषण का आरोप लगाया है.  इसी मसले में यूपी की विशेष जांच दल (SIT) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. एसआईटी प्रमुख नवीन अरोड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि चिन्मयानंद ने सारे आरोप कबूल कर लिए हैं. वायरल हुए वीडियो में खुद चिन्मयानंद हैं, यह उन्होंने स्वीकार किया. जिसपर बिना देरी के शुक्रवार को सुबह गिरफ्तार किया गया. वीडियो और ऑडियो की बारीकी से जांच की गई. SIT चीफ के मुताबिक चिन्मयानंद ने उनसे कहा कि मैं गलती पर शर्मिंदा हूं .

क्या अरविन्द केजरीवाल सबसे ईमानदार और चरित्रवान नेता हैं?

Image result for केजरीवालपूरी दुनिया को बेइमान और खुद को सबसे ईमानदार बताने वाले अरविंद केजरीवाल के चरित्र का सबसे काला पहलू उजागर हुआ है। कभी अरविंद के बेहद करीबी रहे पत्रकार कपिल बजाज ने कुछ ऐसे दावे किए हैं, जिनसे केजरीवाल को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ रहा है। कपिल ने एक ब्लॉग लिखकर बताया है कि शुरुआती दिनों से ही केजरीवाल के एक नौजवान लड़की से अवैध रिश्ते थे। जब वो मुख्यमंत्री बने तो इस लड़की को उन्होंने एक संवैधानिक संस्था के प्रमुख का पद दे दिया। कपिल बजाज ने अपनी पोस्ट में इस लड़की का नाम उजागर नहीं किया है। उसके असली नाम के बजाय उन्होंने ‘शिल्पा’ नाम का इस्तेमाल किया है। कपिल बजाज ने यह ब्लॉग 5 अक्टूबर को लिखा था, इसके बाद उन्होंने सभी मीडिया संस्थानों को ईमेल के जरिए इसे भेजा, लेकिन शायद दिल्ली सरकार के विज्ञापनों के दबाव में सभी ने इस खबर पर चुप्पी साधे रखी।

जूनियर से केजरीवाल के अवैध संबंध!

Image result for arvind kejriwal's ngoअपनी पोस्ट में कपिल बजाज ने बताया है कि बिजनेस टुडे में नौकरी छोड़कर उन्होंने अरविंद केजरीवाल का एनजीओ ज्वाइन किया था। ये शुरुआती दिन थे, जब उनके साथ मनीष सिसोदिया और 3-4 और लोग काम करते थे। उन्हीं में से एक शिल्पा (बदला हुआ नाम) भी थी। उसकी उम्र 20 साल के आसपास रही होगी। उसकी उम्र काफी कम थी, लेकिन केजरीवाल के साथ उसके संबंध बेहद हल्के-फुल्के थे। वो उनको प्यार से ‘आलू’ बोला करती थी। शिल्पा अक्सर दिल्ली से बाहर के शहरों में होने वाली मीटिंग्स में अरविंद के साथ जाया करती थी। कपिल बजाज ने 18 नवंबर 2008 की एक घटना का जिक्र किया है। तब वो केजरीवाल और शिल्पा केरल की लेफ्ट सरकार के एक प्रोजेक्ट पर तिरुवनंतपुरम गए थे। वहां पर तीनों सरकारी गेस्ट हाउस में ठहरे। लेकिन यहां पर जो कुछ हुआ उसे देखकर केजरीवाल के बारे में कपिल की राय बदल गई। कपिल ने लिखा है कि “जिस व्यक्ति को सामाजिक कार्यों के लिए मैगसेसे अवॉर्ड मिला हो और जो जीवन में ऊंचे आदर्शों की बातें करता हो, उसे अपनी पत्नी को छोड़ अपनी जूनियर सहयोगी के साथ चोरी-छिपे हमबिस्तर होते देखकर मैं सन्न रह गया।” यह वो वक्त था जब जनलोकपाल आंदोलन की तैयारी चल रही थी।

‘केजरीवाल चेहरा बदलने में माहिर’

Image result for arvind kejriwal sex scandalsकपिल ने तिरुवनंत उस घटना के बारे में काफी विस्तार से बताया है। वो लिखते हैं कि “केजरीवाल ने मुझे कुछ काम बताकर ट्रांसलेटर के पास जाने को बोला। मैं वो काम लेकर चला गया। काम जल्दी हो गया और मैं वापस गेस्ट हाउस लौट आया। मैं सीधे उनके कमरे में पहुंचा ताकि बता सकूं कि क्या हुआ। दरवाजा अंदर से बंद था। मुझे कुछ शक हुआ तो मैंने दरवाजे को खटखटाया। काफी देर तक अंदर से कोई आवाज़ नहीं आई। फिर मैंने दरवाजे की पतली दरार से अंदर झांक कर देखा। अंदर शिल्पा और अरविंद बिना कपड़ों में हड़बड़ी में बिस्तर से उतर रहे थे। केजरीवाल ने शिल्पा को बायीं तरफ बनी एक आलमारी में छिपने का इशारा किया। थोड़ी देर बाद जब दरवाजा खुला तो वो कपड़े पहन चुके थे। बाहर आकर उन्होंने ऐसे दिखाया मानो वो सो रहे थे। यह सब देखकर मेरा कलेजा जोर से धड़कने लगा था। मुझे लगा कि ये मेरी गलती है और मैं दो लोगों की प्राइवेसी में दखलंदाजी कर रहा हूं। मैंने किसी तरह अपनी भावनाओं को काबू किया और उन्हें ट्रांसलेटर से हुई बातचीत की जानकारी दे दी। इस दौरान मुझे यह देखकर हैरत हुई कि केजरी वाल इतना सधा हुआ नाटक कर रहे थे कि कोई यकीन ही नहीं कर पाएगा कि दरअसल वो क्या कर रहे थे और उसी कमरे में एक लड़की छिपी हुई है।” इसके बाद सहज दिखने का नाटक करते हुए उन्होंने पूछा- “शिल्पा कहां है?” इस पर कपिल यह कहते हुए बाहर चले गए कि मैं नहीं जानता।

केजरीवाल को अमेरिकी फंडिंग का जिक्र

कपिल बजाज ने अपने ब्लॉग में कुछ अमेरिकी एजेंसियों से केजरीवाल के एनजीओ को फंडिंग का भी जिक्र किया है। उन्होंने यह भी बताया है कि कैसे केजरीवाल शिल्पा पर खुलकर पैसे उड़ाया करते थे। कपिल बजाज ने एक जगह लिखा है कि केजरीवाल ने ‘गलत हरकत’ करने पर मंत्री संदीप कुमार को निकाल दिया था। जबकि वो खुद भी वैसी ‘गलत हरकतें’ करते रहते हैं।
कपिल बजाज का कहना है कि “पहले मैं भी उनको ईमानदार और साहसी माना करता था, लेकिन केरल यात्रा में जो कुछ हुआ उसने उनकी छवि को बदलकर रख दिया था।” दिसंबर 2009 तक उन्होंने केजरीवाल के साथ काम किया और उसके बाद वो मीडिया में वापस लौट गए। अप्रैल 2011 में अन्ना आंदोलन शुरू होने पर फिर से इन लोगों के साथ जुड़े, लेकिन केजरीवाल के पार्टी बनाने के साथ ही फिर से अलग हो गए।
कपिल बजाज के ब्लॉग को पूरे विस्तार से इस लिंक पर पढ़ा जा सकता है- My Stint with Kejriwal: Wising up to ‘Democracy’ and ‘Social Activism’

अरविंद केजरीवाल के चरित्र पर पहले से सवाल!

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इससे पहले दिल्ली से आम आदमी पार्टी के विधायक और केजरीवाल के करीबी रहे देवेंद्र सहरावत भी केजरीवाल के चरित्र पर सवाल उठा चुके हैं। सेहरावत ने कुछ दिन पहले ट्वीट करके एक महिला का जिक्र किया था। उन्होंने यहां तक बताया था कि केजरीवाल बेहद रंगीनमिजाज किस्म के आदमी हैं। बाहर से चेहरा ऐसा रखते हैं जिससे किसी को शक न हो, लेकिन अंदर-अंदर उनकी कहानियां तमाम सहयोगियों को पता हैं। केजरीवाल की शुरुआती सहयोगी संतोष कोली से भी केजरीवाल के करीबी रिश्तों की बातें कही जाती रही हैं। संतोष कोली की एक सड़क हादसे में मौत हो गई थी। खुद संतोष की मां ने तब आरोप लगाया था कि उनकी बेटी को केजरीवाल ने मरवाया है।
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दिल्‍ली सरकार के पूर्व मंत्री संदीप कुमार के स्‍कैंडल के बाद से लगातार आम आदमी
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आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार आम आदमी पार्टी (आप) का इंटरनल सर्वे इन दिनों चर्चा
आम आदमी पार्टी में चल रहे विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। सांसद भगवंत मान के विरोधी…
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मिर्ज़ापुर जिलाधिकारी को ज्ञापन देती कार्यकर्ता अन्ना आन्दोलन से उपजी केजरीवा
ये तमाम दावे और आरोप इस बात की ओर इशारा करती हैं कि आखिर केजरीवाल फरियाद लेकर आने वाली महिलाओं को कॉम्प्रोमाइज करने की सलाह देते रहते हैं। वैसे भी किसी व्यक्ति की पहचान उसकी संगत से होती है। यह महज इत्तेफाक नहीं कि केजरीवाल के सबसे करीबी ज्यादातर लोग चरित्र के मामले में हमेशा शक की नज़र से देखे जाते हैं।