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क्या मुनीर ईरान के लिए पाकिस्तान के "मीर ज़फर" बनेंगे? क्योकि इधर मोदी से बात, उधर पलट गए ट्रंप: एक बार फिर लिया भारत-पाक सीजफायर को रोकने का श्रेय, आसिम मुनीर को व्हाइट हाउस बुलाकर किस अधिकार से मुनीर से सौदा किया जा रहा है?


भारत के ऑपरेशन सिंदूर में हुए आक्रामक हमलों से पाकिस्तान अभी तक कराह रहा है। भारत से बचाने के लिए शहबाज-मुनीर अमेरिका, चीन और तुर्किए से गुहार लगा रहे हैं। आसिम मुनीर अपने कटोरा लेकर अमेरिका में ट्रंप को हाजिरी लगाने पहुंच चुके हैं, जबकि शहबाज शरीफ अगले हफ्ते ईरान जाने वाले हैं, जहां भीख में हथियार मांग सकते हैं। इस बीच मोदी सरकार ने साफ-साफ अल्टीमेटम दे दिया है कि अगर पाकिस्तान ने अब सीजफायर तोड़कर हमले की हिमाकत दिखाई, तो इस दफा उसका संपूर्ण संहार तय है। जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत यह भी साफ कर दिया कि किसी भी तरह का आतंकी हमला भी ‘एक्ट ऑफ वार’ माना जाएगा। इसलिए भारत लगातार युद्धाभ्यास में जुटा है, जिससे पाकिस्तानी हुक्मरानों की घबराहट बढ़ती जा रही है। पाकिस्तान पीएम मोदी की तासीर से अब बखूबी वाकिफ हो गया है, वे अंदर घुसकर मारने में यकीन रखते हैं। एकाधिक बार हुई सर्जिकल स्ट्राइक से उन्होंने यह साबित भी किया है। भारत का युद्धाभ्यास सीधा मुनीर-शहबाज को अल्टीमेटम है कि अगर सीजफायर तोड़ने की हिमाकत दिखाने की जुर्रत भी की, तो ऑपरेशन सिंदूर से भी बड़ा ऑपरेशन शुरू हो जाएगा क्योंकि टारगेट लॉक हो चुके हैं। काउंटडाउन शुरू हो जाएगा और उसके बाद पाकिस्तान का विनाश निश्चित है।

पीएम मोदी की नीति जो भारत को छेड़ेगा, उसको छोड़ा नहीं जाएगा
भारत युद्ध में पहल पर विश्वास नहीं करता, क्योंकि उसका मानना है कि यह युद्ध का युग नहीं है, बल्कि भारत बुद्ध का देश है, जो शांति में विश्वास रखता है। लेकिन इसके साथ ही पीएम मोदी की नीति है कि जो भारत को छेड़ेगा, उसको छोड़ा नहीं जाएगा। भारत ने इसके लिए जबरदस्त तैयारी शुरू कर दी है। सेना की ताकत में इजाफा किया जा रहा है, जिससे एक साथ तीन देशों को काउंटर किया जा सके। यदि पाकिस्तान ने सीजफायर करने की हिमाकत की तो इस बार भारत ट्रिपल प्रहार करेगा। सबसे पहले पाकिस्तान को तबाह करेगा। इस दौरान उसे हथियार भेजने वाले चीन और तुर्किए को भी सबक सिखाने की तैयारी है। पाकिस्तान में लगे चीन के डिफेंस सिस्टम और उसके हथियार डिपो तबाह कर दिए जाएंगे। इसी तरह तुर्किए के ड्रोन और वॉरशिप को भी निशाने पर लिया जाएगा। पाकिस्तान की घबराहट की सबसे बड़ी वजह भारत के हाईटेक हथियार हैं, जिन्होंने 48 घंटे में ही पाकिस्तान को घुटनों पर ला दिया था।

दूरदर्शी विजन और अत्याधुनिक हथियारों से दुश्मन को किया नाकाम
पीएम मोदी के दूरदर्शी विजन ने हमारी सेनाओं को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाया है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ही तीन हथियार ऐसे हैं, जिनका इस्तेमाल पहली बार किसी कॉम्बैट ऑपरेशन में किया गया, जिसमें वो शत-प्रतिशत सफल रहे। राफेल, जिससे पाकिस्तान और पीओके में आतंकी अड्डों को तबाह किया गया। दूसरा हथियार है ब्रह्मोस, जिसने पाकिस्तानी एयरबेस को भारी नुकसान पहुंचाया और तीसरा हथियार है S-400, जिसने पाकिस्तान के हर हमले को नाकाम किया। हालांकि एस-400 के साथ आकाश और स्पाइडर के अलावा दूसरे एयर डिफेंस सिस्टम ने पाकिस्तानी ड्रोन और जेट के के हमलों को 100 फीसदी नाकाम किया था।

भारत के अभेद्य सुरक्षा कवच को और अधिक मजबूत करने की तैयारी
भारत के अभेद्य सुरक्षा कवच के पीछे मजबूत वजह में लॉन्ग रेंज डिफेंस सिस्टम एस-400 है, जिसकी रेंज 400 किमी है। मीडियम रेंज का डिफेंस सिस्टम आकाश और बराक-8 है। आकाश की रेंज 70 से 80 किलोमीटर है, जबकि इजराइल के सहयोग से तैयार किए गए बराक की रेंज 70 से 100 किमी है। इसके अलावा शॉर्ट रेंज डिफेंस सिस्टम स्पाइडर और इग्ला-S है। स्पाइडर की रेंज 20 से 30 किमी है, जबकि इग्ला की रेंज 10 से 15 किमी है। इन डिफेंस सिस्टम का चक्रव्यूह तैयार किया गया, जिसमें पाकिस्तान का हर ड्रोन, हर मिसाइल फंस कर तबाह हो गए। अब भारत अपनी इस रक्षा प्रणाली में और ज्यादा इजाफा करने जा रहा है, जिसमें एयर डिफेंस के लिए तीन नई मिसाइलें तैनात की जाएंगी, जबकि एस-400 के बाकी 7 सिस्टम इस साल के आखिर तक भारत को मिल जाएंगे। पीएम मोदी के कार्यकाल में ही साल 2018 में एस-400 की डील हुई थी, जिसमें से तीन भारत को मिल चुके हैं, बाकी जल्द मिल जाएंगे। ऐसे भी कयास हैं कि एस-400 को लेकर नए कंसाइनमेंट की डील हो सकती है।

इधर पीएम मोदी से की बात, उधर पलट गए ट्रंप: एक बार फिर लिया भारत-पाक सीजफायर को रोकने का श्रेय, आसिम मुनीर को व्हाइट हाउस बुलाकर हो रहा सौदा 

भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर श्रेय लेने की कोशिश की है। उन्होंने कहा, “मैंने ही पाकिस्तान से वॉर को रुकवाया था। मुझे पाकिस्तान पसंद है, मैं सोचता हूँ मोदी भी शानदार व्यक्ति हैं।”

दरअसल, बुधवार (18 जून 2025) को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पाकिस्तान फौज के जनरल आसिम मुनीर ने व्हाइट हाउस में साथ में लंच किया। इसके बाद मीडिया से बातचीत की। इस दौरान ट्रंप ने एक बार फिर भारत-पाकिस्तान के बीच मध्यस्थ्ता कराने का दावा किया।

साथ ही आसिम मुनीर की तारीफ करते हुए कहा कि मध्यस्थता के दौरान पाकिस्तान ने भी काफी प्रभावी ढंग अपनाया। ट्रंप ने कहा कि इसमें आसिम मुनीर का खास नेतृत्व था। उन्होंने कहा कि भारत-पाकिस्तान न्यूक्लियर देश हैं, इसीलिए वॉर रुकवा दिया।

बता दें कि इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर 35 मिनट बात की थी। इस दौरान पीएम ने साफ कहा था कि भारत-पाकिस्तान सीजफायर में ट्रंप की कोई भूमिका नहीं थी। इसके बाद भी अब डोनाल्ड ट्रंप कह रहे हैं कि उन्होंने दोनों देशों के बीच सीजफायर करवाया।

सर्जिकल-एयर स्ट्राइक के बाद Water Strike, पानी को तरसेगा पाक, भारत ने चिनाब का पानी रोका, झेलम की तैयारी; पाकिस्तान भुखमरी का victim card खेलकर दुनिया को क्यों पागल बनाया जा रहा

साभार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान को उसी की भाषा में जवाब देना शुरू करने से पाकिस्तान ही नहीं भारत में पल रहे पाकिस्तान से स्लीपर सेल को भी चारों खाने चित करना शुरू कर दिया है। परन्तु घुसपैठियों की पकड़-धाकड़ जो अब शुरू की है वह 2014 में सत्ता में आते ही शुरू करनी थी। जिस दिन भारत सरकार ने घुसपैठियों को देश-निकाला कर दिया पाकिस्तान ही नहीं भारत में नेता का चोला पहन पाकिस्तानी स्लीपर सेल के साथ-साथ पत्थरबाजों पर भी बहुत बड़ा कुठाराघात होगा। क्योकि ये पत्थरबाज पत्थरबाज नहीं पाकिस्तान के स्लीपर सेल ही है, जो कुछ रूपए के लालच में शोभायात्राओं पर पत्थरबाज़ी कर सनातन को हमला करते हैं।
IMF को भी कोई कर्जा देने से पहले पाकिस्तान से पूछना चाहिए भुखमरी का victim card खेलकर दुनिया को क्यों पागल बनाया जा रहा है? अगर पाकिस्तान में भुखमरी है तो नेताओं और सैनिक अधिकारियों का विदेशों में तिजोरियां कैसे भर रही है? विदेशों की बजाए पाकिस्तान में ही उस चोरबाज़ारी के धन को क्यों नहीं रखा जाता? 

मोदी सरकार पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ एक के बाद एक सधे हुए और सख्त कदम उठा रही है। पाकिस्तान पहले ही सर्जिकल और एयर स्ट्राइक से मिले जख्मों को सहला रहा है। इस बीच वाटर स्ट्राइक ने पाकिस्तान के जख्म फिर से हरे कर दिए हैं। अब भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ बड़ी वाटर स्ट्राइक को अंजाम दिया है। इसके तहत जम्मू के रामबन स्थित बगलिहार बांध में चिनाब नदी के पानी को रोक दिया है। इससे पाक के सियालकोट में चिनाब नदी के पानी का लेवल 6 फीट गिरकर 22 फीट रह गया है। सियालकोट में चिनाब का डेड लेवल 12 फीट है, यानी इस लेवल से पानी नीचे जाने के बाद यहां से पानी नहीं लिया जा सकेगा। तब यहां पानी के लिए हाहाकार मचेगा। चिनाब की नहरों से सियालकोट में लगभग 12 हजार एकड़ क्षेत्र में सिंचाई होती है। इस बीच, भारत ने किशनगंगा बांध पर पाकिस्तान जाने वाले झेलम नदी के पानी को भी रोकने की पूरी तैयारी कर ली है। पाकिस्तान के डरे-सहमे नेता युद्ध के पहले ही इंग्लैंड भागने के लिए बेताब नजर आ रहे हैं और यहां भारत में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऐलान कर दिया है कि चाहे कुछ भी हो जाए भारत की जनता जो चाहती है, वो होकर रहेगा।

जम्मू के रामबन में बने बागलिहार बांध से चिनाब का पानी रोका

पहलगाम में देश-विदेश के पर्यटकों पर निर्दयता से आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान पर कूटनीतिक शिकंजा कसते हुए बड़ी कार्रवाई की है। पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि सस्पेंड करने के बाद भारत ने अब चिनाब नदी का पानी रोक दिया है। न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, जम्मू के रामबन में बने बागलिहार बांध से चिनाब का पानी रोका गया है। चिनाब नदी पर बने बगलिहार डैम से पानी के फ्लो को रोकने के बाद सोमवार को सलाल डैम से भी पानी को रोक दिया गया है। वहीं कश्मीर में किशनगंगा बांध के जरिए झेलम नदी का पानी रोकने की प्लानिंग चल रही है। सिंधु जल समझौते के सस्पेंशन के बाद भारत के इन कदमों से पाकिस्तान पानी-पानी के लिए मोहताज हो जाएगा। वहीं पंजाब के फिरोजपुर में सेना ने कैंट एरिया और सीमावर्ती गांवों में ब्लैकआउट एक्सरसाइज की गई। 30 मिनट तक पूरे इलाके में अंधेरा रखा गया, बिजली काटी गई। पाकिस्तान ने लगातार 11वें दिन 4-5 मई की रात पुंछ सेक्टर में सीजफायर तोड़ा। भारतीय सेना ने भी इसके जवाब में फायरिंग की।

भारत के पास है पानी छोड़ने के समय को रेगुलेडेट करने की क्षमता

दरअसल रामबन में बगलिहार डैम, रियासी में सलाल डैम और कश्मीर में किशनगंगा बांध भारत को पानी छोड़ने के समय को रेगुलेडेट करने की क्षमता प्रदान करते हैं। पहलगाम में आतंकवादी हमले में 26 लोगों की हत्या के बाद भारत ने दशकों पुरानी संधि को निलंबित करने का फैसला किया है। विश्व बैंक की ओर से मध्यस्थता की गई सिंधु जल संधि ने 1960 से भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियों के उपयोग को नियंत्रित किया था। पाकिस्तान ने अतीत में विश्व बैंक की मध्यस्थता की मांग की थी। चंदरकोट के पास रामबन जिले में बगलिहार बांध दोनों पड़ोसियों के बीच लंबे समय से विवाद का विषय रहा है। रामबन प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सुबह-सुबह ही बगलिहार डैम से पानी रोक दिया गया था। क्योंकि बांध के सभी गेट बंद थे। कुछ दिन पहले ऊपरी इलाकों में भारी बारिश हुई थी और रियासी की ओर पानी के प्रवाह की अनुमति देने के लिए गेट खोले गए थे और सलाल डैम से पानी का प्रवाह फिर से रोक दिया गया था। रियासी और अखनूर के निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। इससे पाकिस्तान में कुछ नुकसान हुआ। लेकिन सुबह बगलिहार डैम के गेट बंद कर दिए गए और पानी का बहाव पूरी तरह बंद हो गया।

 रामबन और डाउनस्ट्रीम में चिनाब नदी का तल पूरी तरह सूखा

इसके साथ ही रामबन और डाउनस्ट्रीम में चिनाब नदी का तल पूरी तरह सूख गया है। रियासी में सलाल डैम से पानी का बहाव भी कम हो गया है और अखनूर और जौरियन में भी पानी का स्तर काफी कम हो गया है। इससे पाकिस्तान में पानी का संकट और बढ़ गया है। सूत्रों ने बताया कि बगलिहार बांध में पर्याप्त जलभराव बनने में करीब तीन दिन लगते हैं। पुल डोडा से आगे, बटोटे-किश्तवाड़ रोड पर डोडा जिले के प्रेम नगर कस्बे के पास एक बड़ी झील बन जाती है। रियासी में सलाल हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट में एनएचपीसी के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक डोडा और किश्तवाड़ के ऊपरी इलाकों में बारिश हुई है और बगलिहार में जलाशय ऊपर तक भर गया है। बाढ़ के साथ गाद बनती है और फ्लशिंग की प्रक्रिया जरूरी हो जाती है। इस कारण पहले गेट खोले जाते हैं ताकि गाद और कीचड़ बाहर निकल जाए और फिर बंद कर दिए जाते हैं। इसके बाद डाउनस्ट्रीम में नदी सूख जाती है और जलाशय को फिर से भरने में कुछ समय लगता है।
जम्मू जिले को पानी के लिए अखनूर से बड़ी नहर बनाने की तैयारी
बता दें कि पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाक के खिलाफ सख्त कदम उठाए थे। इसमें सिंधु जल संधि को तत्काल प्रभाव से निलंबित करना प्रमुख था। इस संधि में सिंधु, झेलम, चिनाब, रावी, सतलुज और ब्यास नदी के जल का पाक को बंटवारा होता है। एनएचपीसी अधिकारी के मुताबिक बमुश्किल दो दिन पहले ही अखनूर और जौरियां क्षेत्रों में चिनाब नदी में भारी बाढ़ आई थी। बांध भर जाने के बाद सलाल बांध के गेट खोल दिए गए थे। गाद को बाहर निकाल दिया गया है और यह प्रक्रिया जारी है। सूत्रों ने खुलासा किया कि भारतीय अधिकारी अखनूर से एक और बड़ी नहर बनाने पर विचार कर रहे हैं, ताकि जम्मू जिले के शेष क्षेत्रों को रामगढ़ और सांबा और कथूस जिलों के कुछ हिस्सों में सिंचाई की जा सके। अखनूर, जौरियां और खौर क्षेत्र के कुछ हिस्सों में पड़ने वाली पुरानी प्रताप नहर को एडवांस करने और पानी को अंतिम छोर तक ले जाने की व्यवहार्यता की भी जांच की जा रही है। इतना ही नहीं अधिकारी परगवाल सेक्टर के लगभग 35 गांवों और घरोटा और कोट भलवाल के कंडी बेल्ट को भी चिनाब नदी के पानी का लाभ देने की योजना बना रहे हैं।
अगर भारत के साथ युद्ध छिड़ा तो इंग्लैंड भाग जाऊंगा-शेर अफजल
कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच काफी ज्यादा तनाव बढ़ गया है। पाकिस्तानी नेता कई बार युद्ध की खोखली चेतावनी दे चुके हैं। इस बीच पाकिस्तान के एक सांसद ने कहा है कि अगर भारत के साथ युद्ध छिड़ गया तो वो इंग्लैंड भाग जाएंगे। पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के सदस्य शेर अफजल मरवत से एक पत्रकार ने पूछा कि अगर भारत के साथ युद्ध छिड़ा तो क्या वो बंदूक लेकर बॉर्डर पर जाएंगे। इस पर मरवत ने कहा- अगर भारत के साथ युद्ध छिड़ा तो मैं इंग्लैंड चला जाऊंगा। इसके बाद जब उनसे पूछा गया कि क्या कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तनाव कम करने के लिए पीछे हट जाना चाहिए? इस पर मरवत ने कहा- क्या मोदी मेरी खाला (मौसी) के बेटे हैं कि मेरे कहने से पीछे हट जाएंगे? मरवत का यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल है। कुछ लोगों का कहना है कि उन्हें अपनी सेना पर भरोसा नहीं है। मरवत पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के सदस्य है।
हमारा एयरशिप प्लेटफॉर्म 17 किमी की ऊंचाई से जासूसी करेगा
इस बीच डीआरडीओ ने मध्य प्रदेश के श्योपुर ट्रायल साइट से ‘स्ट्रेटोस्फेरिक एयरशिप प्लेटफॉर्म’ का पहला सफल फ्लाइट ट्रायल किया। 62 मिनट चले ट्रायल में एयरशिप में ‘एनवेलप प्रेशर कंट्रोल सिस्टम’ और ‘इमरजेंसी डिफ्लेशन सिस्टम’ को सक्रिय किया गया। स्ट्रेटोस्फेरिक एयरशिप प्लेटफॉर्म 17 किलोमीटर की ऊंचाई से जमीन पर हर हलचल पर नजर रखेगा। एक ही स्थान पर स्थिर रहकर एयरशिप प्लेटफॉर्म ग्राउंड कंट्रोल को रियल टाइम डाटा भेज सकता है। ये दुर्गम पैट्रोलिंग क्षेत्रों में ‘जासूसी आंख’ की तरह से काम करेगा।

हैदराबाद : ट्रक में गोवंश, मुस्लिम भीड़… फिर भी नहीं डरीं हिंदू शेरनी: माधवी लता ने मैथिली और सुनीता को किया सम्मानित, कहा- नारी शक्ति जिंदाबाद

विरोध करती हिन्दू महिलाएँ (बाएँ) और उन्हें सम्मानित करती माधवी लता (चित्र साभार: @Kompella_MLatha/X & @KreatelyMedia/X)
हैदराबाद में गोवंश ले जा रहे ट्रक को रोकने वाली दो हिन्दू गौरक्षक महिलाओं को भाजपा नेता माधवी लता ने सम्मानित किया है। दोनों महिलाओं ने बकरीद से पहले एक ट्रक में भर कर ले जाए जा रहे गोवंश को बीच सड़क रोक लिया था। दोनों महिलाओं ने इस दौरान मुस्लिम भीड़ का सामना किया था।

जानकारी के अनुसार, बकरीद से एक दिन पहले 16 जून, 2024 को हैदराबाद के मलकापेट में एक वाहन में भर कर गोवंश ले जाए जा रहे थे। इसकी जानकारी जब इन दोनों गौरक्षक महिलाओं को हुई तो उन्होंने इसका विरोध किया। यह महिलाएँ इस ट्रक को रोक कर बैठ गईं और गोवंश ले जाने का विरोध करने लगीं।

इनमें से एक महिला ट्रक के बोनट पर चढ़ गई और उसे आगे बढ़ने देने से इनकार कर दिया। इस दौरान इन महिलाओं को मुस्लिमों की बड़ी भीड़ ने घेर लिया और महिला गौरक्षकों से बदसलूकी भी की। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

वायरल वीडियो में दिखता है कि महिला ट्रक के बोनट पर बैठी है और उसे कई टोपी लगाए लोगों ने घेर रखा है। इस बीच उसके बैठे होने के बावजूद एक बुजुर्ग मुस्लिम व्यक्ति गाड़ी आगे बढाने को कहता है, जिसका यह महिला विरोध करती है। एक दो मुस्लिम उसे ट्रक से खींचने का भी प्रयास करते हैं।

बाद में इस घटनास्थल पर पुलिस आई और महिलाओं को अपने साथ ले गई। इन दोनों महिलाओं का नाम भी सामने आया है। गोवंश को बचाने के लिए प्रयास करने वाली महिलाओं के नाम श्रीवनिता मैथिली और सुनीता हैं।

भाजपा नेता और लोकसभा चुनाव 2024 में प्रत्याशी बनाई गईं माधवी लता ने इस घटना की सूचना होने के बाद दोनों को सम्मानित किया है। उन्होंने इसका एक वीडियो भी साझा किया है। माधवी लता ने बताया है कि इन महिलाओं ने पूरे जीवन भर गायों को बचाने का संकल्प लिया है।