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उत्तर प्रदेश : समाजवादी पार्टी प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने ब्राह्मणों को बताया वेश्याओं से भी बुरा

लगता है समाजवादी पार्टी की भी उल्टी गिनती शुरू हो गयी है। वह किसी और ने नहीं समाजवादी पार्टी ने खुद ही शुरू की है। यह समाजवादी पार्टी का कसूर नहीं बल्कि सौबत का है। INDI गठबंधन में जितनी भी पार्टियां है सभी सनातन विरोधी हैं। सभी मुसलमानों के वोट खींचने में सनातन पर प्रहार कर रहे हैं। जबकि मुसलमान भी इन पाखंडियों को समझ रहा है कि जो अपने धर्म नहीं हुआ हमारा क्या होगा। इन सबकी हालत धोबी का कुत्ता घर का न घाट का होने वाली है। 
समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रवक्ता राजकुमार भाटी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें वह ब्राह्मणों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते नजर आ रहे हैं। बीजेपी की उत्तर प्रदेश इकाई ने राजकुमार भाटी का यह वीडियो X पर शेयर किया है।

इस वीडियो में राजकुमार भाटी कह रहे हैं, “ब्राह्मण भला ना वेश्या, इनमें भला ना कोई। कोई-कोई वेश्या तो भली, ब्राह्मण भला ना कोई।”

अवलोकन करें:-

BJP ने X पर लिखा, “सपा में बयान नहीं, बदजुबानी की प्रतियोगिता चल रही है। कभी सनातन पर हमला, कभी समाज के सम्मानित वर्गों पर अपमानजनक टिप्पणी, यही सपाई राजनीति की असली पहचान बन चुकी है।” BJP ने आगे लिखा, “भाटी द्वारा ब्राह्मण समाज का अपमान करने वाला बयान केवल एक व्यक्ति की सोच नहीं बल्कि उस मानसिकता का आईना है, जहाँ वोटबैंक के अहंकार में मर्यादा, संस्कार और सामाजिक सम्मान सब कुचल दिए जाते हैं।”

बिहार : रावण फूँकने जा रहे थे पप्पू यादव, खुद के पेट में लगी रॉकेट; Video


बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव दशहरा के दिन रावण दहन के दौरान दुर्घटना से बाल-बाल बच गए। दरअसल, रावण दहन के लिए पप्पू यादव ने जैसे ही पटाखे में आग लगाई, उसमें लगा रॉकेट ने बैकफायर करते हुए उनके ही पेट में घुस गया। इससे पप्पू यादव की शर्ट में आग लग गई। हालाँकि, वे बाल-बाल बच गए। इसका वीडियो भी सामने आया है।

रावण दहन का यह कार्यक्रम पूर्णिया शहर के मरंगा स्थित दुर्गा मंदिर प्रांगण में हो रहा था। सामने आए वीडियो में दिख रहा है कि पप्पू यादव के हाथ में पटाखा जल रहा है। उनके साथ खड़े पुलिस अधिकारी भी हाथ में पटाखा पकड़े हुए हैं। अचानक वो रॉकेट बैकफायर करता है और पप्पू यादव के पेट पर जाकर लगता है और उनकी शर्ट में आग लग जाती है।

इस दौरान आसपास के लोग पप्पू यादव को बचाने की कोशिश करते हैं। उनकी आँखों को हाथों से ढँकते हैं। हालाँकि, पप्पू यादव उस पटाखे को छोड़ते नहीं हैं। इस कार्यक्रम में सांसद पप्पू यादव को मुख्य अतिथि की हैसियत से बुलाया गया था।

हैदराबाद : ट्रक में गोवंश, मुस्लिम भीड़… फिर भी नहीं डरीं हिंदू शेरनी: माधवी लता ने मैथिली और सुनीता को किया सम्मानित, कहा- नारी शक्ति जिंदाबाद

विरोध करती हिन्दू महिलाएँ (बाएँ) और उन्हें सम्मानित करती माधवी लता (चित्र साभार: @Kompella_MLatha/X & @KreatelyMedia/X)
हैदराबाद में गोवंश ले जा रहे ट्रक को रोकने वाली दो हिन्दू गौरक्षक महिलाओं को भाजपा नेता माधवी लता ने सम्मानित किया है। दोनों महिलाओं ने बकरीद से पहले एक ट्रक में भर कर ले जाए जा रहे गोवंश को बीच सड़क रोक लिया था। दोनों महिलाओं ने इस दौरान मुस्लिम भीड़ का सामना किया था।

जानकारी के अनुसार, बकरीद से एक दिन पहले 16 जून, 2024 को हैदराबाद के मलकापेट में एक वाहन में भर कर गोवंश ले जाए जा रहे थे। इसकी जानकारी जब इन दोनों गौरक्षक महिलाओं को हुई तो उन्होंने इसका विरोध किया। यह महिलाएँ इस ट्रक को रोक कर बैठ गईं और गोवंश ले जाने का विरोध करने लगीं।

इनमें से एक महिला ट्रक के बोनट पर चढ़ गई और उसे आगे बढ़ने देने से इनकार कर दिया। इस दौरान इन महिलाओं को मुस्लिमों की बड़ी भीड़ ने घेर लिया और महिला गौरक्षकों से बदसलूकी भी की। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

वायरल वीडियो में दिखता है कि महिला ट्रक के बोनट पर बैठी है और उसे कई टोपी लगाए लोगों ने घेर रखा है। इस बीच उसके बैठे होने के बावजूद एक बुजुर्ग मुस्लिम व्यक्ति गाड़ी आगे बढाने को कहता है, जिसका यह महिला विरोध करती है। एक दो मुस्लिम उसे ट्रक से खींचने का भी प्रयास करते हैं।

बाद में इस घटनास्थल पर पुलिस आई और महिलाओं को अपने साथ ले गई। इन दोनों महिलाओं का नाम भी सामने आया है। गोवंश को बचाने के लिए प्रयास करने वाली महिलाओं के नाम श्रीवनिता मैथिली और सुनीता हैं।

भाजपा नेता और लोकसभा चुनाव 2024 में प्रत्याशी बनाई गईं माधवी लता ने इस घटना की सूचना होने के बाद दोनों को सम्मानित किया है। उन्होंने इसका एक वीडियो भी साझा किया है। माधवी लता ने बताया है कि इन महिलाओं ने पूरे जीवन भर गायों को बचाने का संकल्प लिया है।

उत्तराखंड : पुलिस वालों को जिंदा जला रहे थे कट्टरपंथी मुस्लिम दंगाई, पत्थरबाजों, पेट्रोल बम फेंकने वालों-नाबालिग, पुरुष या महिला-पर blind firing कानून कब?

हमले की आपबीती सुनाते पुलिसकर्मी (चित्र साभार: @MrSinha_ & @scribe9104/X)
उत्तराखंड के हल्द्वानी में हर तरफ तनाव फैला है। इंटरनेट बंद है। कर्फ्यू लागू है और देखते ही गोली मारने के आदेश डीएम की तरफ से दिए गए हैं। ऐसा इसलिए, क्योंकि हल्द्वानी का बनभूलपुरा थाना इलाके में अवैध अतिक्रमण हटाने पहुँची पुलिस-प्रशासन पर इस्लामिक कट्टरपंथियों की भीड़ ने हमला बोल दिया। इस हमले में पत्थरबाजी के साथ ही पेट्रोल-बम भी चलाए गए। दर्जनों गाड़ियों को आग लगा दिया गया। पुलिस थाने को घेर लिया गया और पुलिस वालों को निशाना बनाया गया। अभी तक मिल रही जानकारियों के मुताबिक, इस हिंसा में 6 लोगों की मौत हो चुकी है, तो करीब 300 लोग घायल हो चुके हैं, जिसमें अधिकाँश पुलिस कर्मी और अधिकारी हैं।

हल्द्वानी में नगर निगम की जमीन पर अतिक्रमण हटाने गई पुलिस-प्रशासन की टीम पर कट्टरपंथी मुस्लिमों की भीड़ ने हमला कर दिया। दंगाई मुस्लिमों की भीड़ ने पुलिसकर्मियों को घेर कर जलाने का प्रयास किया। पुलिसकर्मियों ने दंगाइयों के हमले की करतूत कैमरे पर आकर बताई है। इसमें कई महिला पुलिसकर्मी भी घायल हुई हैं।

हल्द्वानी हिंसा में घायल एक महिला पुलिसकर्मी ने मीडिया को बताया, “वहाँ से हम बच कर आए। एक घर के अंदर घुस गए हम, जिसमें आग लगाने की उन्होंने कोशिश की। पथराव किया। हम मुश्किल से वहाँ से जान बचा कर आए। हमारी फ़ोर्स काफी देर बाद आई, तब हम निकल कर आए। हर गलियों से, हर जगह से भी पथराव हो रहा था। उन लोगों ने गलियाँ घेर ली थीं। हमलोग 15-20 लोग एक घर के भीतर दबे पड़े थे। जिन्होंने हमें शरण दी, उसको भी गालियाँ दी गईं। उसका घर तोड़ा गया, जब हम वापस आ रहे थे तब शीशे, बोतलें और ईंट फेंकी।”

सरकार को जितनी जल्दी हो पत्थरबाजों और पेट्रोल बम फेंकने पर अश्रु गैस की बजाए सीधे blind firing करने वालों, वह चाहे नाबालिग हो, महिला हो या पुरुष, पर कानून बनाना चाहिए, अन्यथा ऐसी अप्रिय घटनाएं बढ़ती जाएँगी और सुरक्षाकर्मी एवं अन्य बेकसूर अकाल मृत्यु का ग्रास बनते रहेंगे। इस उपद्रवियों की समस्त सरकारी सुविधाएं जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, BPL कार्ड आदि समाप्त कर देनी चाहिए। इन सबके बैंक खातों की जाँच होनी चाहिए, क्योकि बिना लालच के कोई अपनी जान जोखिम में नहीं डालेगा। 

बताया गया है कि इस हिंसा में अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है। कट्टरपंथी मुस्लिमों के हमले में 300 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हैं। राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दंगाइयों को देखते ही गोली मारने के आदेश दिए हैं। हल्द्वानी में अभी कर्फ्यू लगाया गया है।

हल्द्वानी में हुए इस हमले से बच कर आए एक अन्य पुलिसकर्मी ने बताया है कि इन दंगाइयों ने गलियों से आकर पथराव किया। पुलिसकर्मी ने बताया है कि उनके वापस आते वक्त उन पर गोलियाँ बरसाई गईं। मुस्लिम दंगाइयों ने कट्टों से उन पर गोलियाँ चलाई। उन्होंने नगर निगम का ट्रैक्टर, एक गश्ती वाहन और कई मोटरसाइकिल जला दी।

एक अन्य वीडियो में एक पुलिसकर्मी अपने घाव को दिखाते हुए बताता है कि कैसे वह दंगाइयों से बच कर आया। एक सिख पुलिसकर्मी भी इन दंगों में घायल हुआ है।

हमले के बाद घायल हुए पुलिसकर्मियों का वीडियो भी आया है। इसमें बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी घायल दिख रहे हैं। पुलिसवालों का इलाज चल रहा है। वीडियो में दिखता है कि किसी पुलिसकर्मी के सर पर चोट लगी तो किसी के हाथ पर चोट आई है।

हल्द्वानी में इन्टरनेट सुविधाओं को भी बंद कर दिया गया है। हल्द्वानी में स्कूल कॉलेज भी बंद हैं। राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोगों से शान्ति बनाए रखने की अपील की है। 

थाने के बाहर मुस्लिम भीड़, धमकी सिर तन से जुदा, हाथ-पैर काटने की… SHO आनंद सिंह ठाकुर अकेले भिड़े

भीड़ में अकेले घुस चेतावनी देेते SHO आनंद सिंह ठाकुर (बाएँ) और इस्लामी भीड़ को उकसाता अकरम (चित्र साभार: @SinghPramod2784 & ShubhamShuklaMP/X)
मध्य प्रदेश के दमोह में कट्टरपंथी मुस्लिमों की एक भीड़ ने चार हिन्दू युवकों के हाथ-पैर और सिर काटने की धमकी दी गई। यह धमकी पुलिस के सामने मुस्लिमों की भीड़ इकट्ठा कर के दी गई। यहाँ मौजूद पुलिसकर्मियों से भी अभद्रता की गई और काफी बवाल काटा गया। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है। इसका एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें सैकड़ों की संख्या में जुटे कट्टरपंथियों के बीच इंस्पेक्टर आनंद सिंह ठाकुर पूरी निर्भयता के साथ भीड़ को चेतावनी देते नजर आ रहे हैं।

यह पूरा मामला मध्य प्रदेश के दमोह का है, जहाँ रविवार (3 फरवरी 2024) को चार हिन्दू युवकों का अंसार खान नाम के एक मुस्लिम दर्जी से कुछ विवाद हो गया। इस विवाद को देखकर एक इमाम हाफिज रिजवान खान यहाँ पहुँचा। बताया गया कि युवकों के कपड़े समय पर सिलकर नहीं दिए गए, जिसके कारण उनका आपस में विवाद हो गया।

यह विवाद इतना बढ़ गया कि मारपीट तक की नौबत आ गई। दावा यह भी किया गया है कि इस दौरान दर्जी अंसार खान के साथ-साथ इमाम हाफिज रिजवान खान की भी पिटाई कर दी गई। यहाँ तक कि मुस्लिम पक्ष इमाम की बाइक तोड़ने का भी आरोप उन युवकों पर लगा रही है। आखिरकार दर्जी और इमाम ने मामले की शिकायत नजदीकी पुलिस थाने में कर दी।

 शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने FIR दर्ज करके आगे की जाँच शुरू कर दी। पुलिस जब तक इन युवकों पर एक्शन लेती, तब तक इमाम की पिटाई की अफवाह शहर भर में फैला दी गई। इसके बाद सैकड़ों मुस्लिमों की भीड़ कोतवाली थाने के बाहर इकट्ठा हो गई। वे पुलिस पर 24 घंटे में उन्हें गिरफ्तार करने का दबाव बनाने लगे। इस दौरान यह भीड़ पुलिस और हिन्दुओं को धमकियाँ देने लगी।

इसी बीच एक मुस्लिम व्यक्ति अकरम राईन ने यहाँ पर लाउडस्पीकर लगाकर मुस्लिमों को भड़काना शुरू कर दिया। उसने कहा कि यदि पुलिस हिन्दू युवकों पर कार्रवाई नहीं करती तो मुस्लिम खुद ही उनके हाथ-पैर काट देंगे। उसने इन हिंदू युवकों का ‘सर तन से जुदा’ करने की भी धमकी दी। इस दौरान भीड़ अल्लाह-हू-अकबर और नारा-ए-तकबीर जैसे आपत्तिजनक नारे लगाने लगी।

जब पुलिस थाने SHO आनंद सिंह ठाकुर ने भीड़ में अकेले घुसकर भड़काने वाले युवक से माइक लिया और उद्दंडता पर उतरे मुस्लिमों को कानून प्रक्रिया में बाधा डालने की चेतावनी देने लगे। इसके बाद राईन की जहरीले बयानबाजी से भड़के मुस्लिम उनके धक्का-मुक्की करने की कोशिश करने लगे। हालाँकि, SHO आनंद सिंह ठाकुर के सख्त रूप को देखकर भीड़ उन्हें अपने दबाव में नहीं ले सकी।

जब उन्मादी भीड़ थाने पर पहुँचकर चिल्लाती है और हाथ-पैर काटने की धमकी देती है तो SHO आनंद सिंह ठाकुर अकेले ही उन्मादी भीड़ में घुस जाते हैं। वे कहते हैं, “मैं अकेले आ गया हूँ। मैं अकेला खड़ा होता हूँ, हाथ लगाओ कोई। ये कौन सी बात होती है कि हाथ काट देंगे, जब मैं बोल रहा हूँ कि हम कार्रवाई करेंगे।”

SHO आनंद सिंह ठाकुर ने भीड़ को समझाया और साथ ही हंगामा कर रहे मुस्लिम युवकों को शांत रहने और हाथ-पैर काटने की धमकी देने वाले को चेतावनी दी। इस पूरे घटनाक्रम के कई वीडियो सामने आए हैं। SHO आनंद सिंह ठाकुर की बहादुरी की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ की जा रही है। उन्हें रियल सिंघम कहा जा रहा है।

दमोह कोतवाली SHO आनंद सिंह ठाकुर ने बताया कि अकरम राइन के खिलाफ आर्म्स एक्ट समेत कई मामले दर्ज हैं। माइक से भड़काऊ भाषण देने के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 153ए, 141, 147 के तहत केस दर्ज किया है। SHO ने बताया कि जब पुलिस ने अकरम को गिरफ्तार किया तो उसके पास से एक पिस्टल भी जब्त की गई।  

पुलिस ने इस पूरे विवाद में 4 FIR दर्ज की है। जिन हिन्दू युवकों पर दर्जी और इमाम की पिटाई का आरोप है, उन पर भी मामला दर्ज किया गया है। वहीं, हंगामा मचाने वाली मुस्लिम भीड़ के 40 अज्ञात लोगों के विरुद्ध भी पुलिस ने मामला दर्ज किया है। हाथ-पैर काटने की धमकी देने वाले अकरम राईन को पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया है।

अकरम पर रासुका लगाई गई है। इसके अलावा पुलिस ने आरिफ, राशिद, समीर और मोहम्मद इंतशार को भी गिरफ्तार किया है। फुटेज के आधार पर दमोह में दंगा भड़काने और हंगामा काटने वालों की पहचान की जा रही है। इस मामले का मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी संज्ञान लिया है और इस घटना के मैजिस्ट्रेट जाँच के आदेश दिए हैं।

बिहार : पूर्व सांसद अली अनवर अंसारी द्वारा राम मंदिर पर सवाल उठाते ही गिर गया पूरा मंच: आए थे दाएँ पैर में बेल्ट बाँध कर, अब बायाँ पैर भी घायल

खुद भी गिरे अनवर अंसारी, दूसरों को भी ले डूबे! (फोटो साभार: वीडियो स्क्रीन ग्रैब)
बिहार के गया में मुस्लिम समुदाय की एक सभा में JDU के पूर्व सांसद अली अनवर अंसारी को राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की आलोचना करना भारी पड़ गया। जैसे ही उन्होंने रामलला के भव्य मंदिर और प्रभु की प्राण प्रतिष्ठा पर सवाल उठाया, मंच भरभरा कर गिर गया। इसके कारण मंच पर मौजूद जेडीयू नेता सहित कई और लोग घायल हो गए।

ये सभा अतरी प्रखंड के डिहुरी गाँव में हो रही थी। यहाँ मुस्लिम समुदाय की तरफ से फ्रीडम फाइटर और पूर्व मंत्री अब्दुल कयूम अंसारी की 51वीं पुण्यतिथि मनाई जा रही थी। कार्यक्रम में पूर्व सांसद अली अनवर अंसारी मुख्य वक्ता थे।

पूर्व सांसद अली अनवर अंसारी ने कहा, “22 जनवरी को श्रीरामचंद्र जी की प्राण प्रतिष्ठा है। वोट के लिए यह कार्यक्रम किया जा रहा है। जिस दिन भगवान राम का जन्मदिन है, उस दिन प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन क्यों नहीं किया गया?” इसके बाद क्या हुआ, वीडियो में देख सकते हैं।

JDU नेता अली अनवर अंसारी के इतना कहते ही अचानक से मंच भरभरा कर गिर गया और मंच पर मौजूद सभी नेता जमीन पर आ गए। जिस दौरान मंच गिरा, वहाँ गिनती के 10-12 लोग ही बैठे थे, लेकिन किसी को संभलने तक का मौका नहीं मिला और पल भर में ही पूरा मंच जमीन पर आ गया।

मंच के गिरते ही ‘खिसयानी बिल्ली खंभा नोचे’ की तरह पूर्व सांसद अली अनवर अंसारी ने कहा, “दाहिने पैर में हम बेल्ट बाँधकर आए थे। आज बायाँ पैर भी चोटिल हो गया, लेकिन कोई बात नहीं है। नेताओं को इसी तरह से फँसाया जाता है। फिरोज साहब ने कहा कि 10 से 12 गाँव हैं। नेता तो लोभी होता ही है। हमें लगा कि मजमा लगेगा, इसलिए आ गए। जितने लोग आए सभी को आभार व्यक्त करते हैं।”

मंच के गिरने से पूर्व सांसद अली अनवर अंसारी के बाएँ पैर में चोट आ गई। बताते चलें कि मंच गिरने से पहले ये कार्यक्रम सुचारू रूप से जारी था। कार्यक्रम दोपहर बाद शुरू हुआ था। मंच से भाषणबाजी जारी थी। अब्दुल कयूम अंसारी के कामों के कसीदे पढ़े जा रहे थे।

इसी दौरान मुख्य वक़्ता अंसारी की जुबान ने जैसे ही आराध्य में भगवान राम के समारोह पर सियासी बयानबाजी जारी की, रामलला पर सवाल उठाए, वैसे ही सब जमीन पर आ गिरे।

राजस्थान विधानसभा चुनाव : तारानगर से कांग्रेस प्रत्याशी नरेन्द्र बुडानिया का वीडियो वायरल, चुनाव जीतने के लिए किसी को भी मार डालो….कुछ भी करो, चुनाव जीतना है!

राजस्थान में हर 5 वर्ष के बाद सत्ता परिवर्तन होने की परम्परा चलती आ रही हैं। ना ही भाजपा को खुश होने की जरुरत है और ना ही कांग्रेस को दुखी। चुनावी रैलियों में सब एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और महंगाई का आरोप लगाते हैं, लेकिन सत्तारुढ़ होने पर वही ये सब आरोप कहीं सोने चला जाता है, फिर 5 साल बाद अपनी कालकोठरी से बाहर निकल आते हैं।
दूसरे, आरक्षण के नाम पर सभी पार्टियों द्वारा संविधान की धज्जियाँ उड़ाई जाती हैं। जनता सत्तारूढ़ और विपक्ष से पूछे जब संविधान सबको बराबरी की बात करता है, फिर आरक्षण क्यों? जिसको देना अपनी पार्टी में दो, ये दोगलापन कब तक? इन समस्त पार्टियों का एक और दोगलापन देखिए, सभी पार्टियां आंबेडकर की डूबडूबी बजाते हैं, लेकिन जब डॉ आंबेडकर ने आरक्षण का दुरूपयोग होते देख, इसे समाप्त करने को कहा था, लेकिन आज तक नहीं हुआ। इन सभी से पार्टियों से जनता को पूछना चाहिए कि कब तक आरक्षण की आग में जनता को झुलझाते रहोगे? 

विधानसभा चुनाव में एक ओर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अकेले पड़ते दिख रहे हैं तो दूसरी ओर कांग्रेस प्रत्याशी हार के डर से ओछी बयानबाजी पर उतर आए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राजस्थान में सभाओं और बीजेपी थिकं टैंक की रणनीति का पॉजिटिव असर राजस्थान की जनता पर दिख रहा है और वो तीन दशक से चले आ रहे बदलाव के रिवाज की ओर बढ़ रही है। इस बीच तारानगर से कांग्रेस प्रत्याशी बुड़ानिया ने मर्यादा की सारी हदें लांघते हुए बयान दे डाला है। बीजेपी के नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र सिंह राठौड़ के खिलाफ चुनाव लड़ रहे बुड़ानिया ने एक सभा में अपने समर्थकों से कह डाला है कि चुनाव जीतने के लिए किसी को भी मार डालो। कुछ भी करो हमें हर हाल में चुनाव जीतना है। बीजेपी ऐसी बयानबाजी की निर्वाचन आयोग से शिकायत करने का मन बना रही है।

‘चुनाव में किसी को मारना भी पड़े तो मार डालो, चुनाव हर हाल में जीतना है’
विधानसभा चुनाव में तारानगर सीट से कांग्रेस प्रत्याशी नरेंद्र बुडानिया का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद ही लोगों को पता चल रहा है कि कांग्रेस प्रत्याशी किस स्तर भी भाषणबाजी का इस्तेमाल कर रहे हैं। वे किस हद तक गिरकर लोगों को उकसाने के लिए नैतिकता की सारी सीमाएं लांघ रहे हैं। दरअसल, वायरल वीडियो के साथ यह दावा किया जा रहा है कि कांग्रेस प्रत्याशी बुडानिया अपने भाषण में कह रहे हैं- ‘चुनाव में किसी को मारना भी पड़े तो मार डालो, चुनाव तो हर हाल में जीतना है।’

जनसंपर्क और प्रचार अभियान का बुडानिया का वीडियो वायरल
इस तेजी से वायरल हो रहे वीडियो में जमीन पर बैठे लोग और मंच से नरेंद्र बुडानिया संबोधित करते दिख रहे हैं। ऐसे में साफ है कि ये जनसंपर्क और प्रचार अभियान के दौरान का ही वीडियो है। वीडियो के साथ कैप्शन दिया गया है- ‘हार के डर से नरेंद्र बुडानिया ने अपने कार्यकर्ताओं को लोगों को मारने के लिए उकसाया।’ दरअसल, बुडानिया ने चुनाव जीतने के लिए किसी को मारने की बात कही है।

सोशल मीडिया पर ट्रौल- हार की बौखलाहट इतनी भी ठीक नहीं है
कांग्रेस प्रत्याशी के आपत्तिजनक वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करते हुए यूजर्स ने अपने अलग-अलग रिएक्शन भी दे रहे हैं। सोशल प्लेटफॉर्म X पर एक यूजर ने लिखा कि -‘तारानगर के कांग्रेस प्रत्याशी नरेंद्र बुडानिया जी एक नया फतवा जारी कर रहे हैं ! सुनिए…! हार की बौखलाहट इतनी भी ठीक नहीं है।’ एक अन्य यूजर ने लिखा- ‘कांग्रेस प्रत्याशी जाट समाज के नरेंद्र बुडानिया का अपने समर्थकों को संदेश?’ वीडियो वायरल होने के बाद बुडानिया बौखला गए। इसके बाद कांग्रेस प्रत्याशी बुडानिया के अपने फेसबुक पेज पर अपने ही वीडियो को कांट-छांट वाला बता दिया। ऐसी घटिया राजनीति तारानगर में कभी स्वीकार नहीं की गई है।

पहले बोले थे- मुख्यमंत्री नहीं हूं, लेकिन मुख्यमंत्री से कम भी नहीं हूं..
यह पहला मौका नहीं है जबकि कांग्रेस नेता नरेन्द्र बुडानिया का वीडियो विवादों में आया हो। कुछ साल पहले भी उन्होंने अपनी ही सरकार के खिलाफ बयान दिया था, जो वायरल हो गया था। तब राजस्‍थान की महिला और बाल विकास राज्‍यमंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) ममता भूपेश के बाद कांग्रेस के ही विधायक नरेन्द्र बुडानिया का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वो कह रहे थे कि मैं मुख्यमंत्री तो नहीं हूं, लेकिन मुख्यमंत्री से कम भी बिल्कुल नहीं हूं। विधायक बुडानिया के चूरू बाईपास पर कहा कि जिन मुद्दों पर चुनाव लड़ा वे मंत्री नहीं बनने से कमजोर नहीं हुए। वो ही प्राथमिकताएं हैं। गहलोत ने मंत्री नहीं बनाया तो वे कमजोर हो गए, ये नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि वे इतना विश्वास दिलाना चाहेंगे कि वे अगर मुख्यमंत्री तो नहीं हैं, तो मुख्यमंत्री से किसी भी तरह कम भी नहीं हैं।

कांग्रेस दिग्गजों को घर में ही घेरने की भाजपा थिंक टैंक की रणनीति
राजस्थान विधानसभा चुनाव में भाजपा थिंक टैंक की रणनीति कांग्रेस दिग्गजों को घर में ही घेरने की है। ताकि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत समेत ये नेता अपनी सीटों को बचाने में ही उलझे रहें और उन्हें प्रदेश भर में चुनाव प्रचार का ज्यादा मौका ही न मिले। इसके चलते भाजपा ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, स्पीकर सीपी जोशी, पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट आदि के सामने अपने बड़े सूमराओं को उतारा है। इसके लिए बीजेपी ने कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के लिए खास प्लान तैयार किया है, ताकि चुनावी समर में वोट बैंक की राजनीति के साथ-साथ उन्हें चौतरफा घेरा जा सके।

बीजेपी ने चुनाव में सांसदों को उतारकर कांग्रेस की सांसे फुलाईं
राजस्थान में विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी चुनावी अभियान में जुटी हुई है। इधर, बीजेपी कांग्रेस को घेरने की तैयारी कर रही हैं। इसके लिए बीजेपी ने कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के लिए खास प्लान तैयार किया है। जिसके माध्यम से बीजेपी इन नेताओं की उनके निर्वाचन क्षेत्रों में घेराबंदी करेगी। ताकि ये नेता अपने क्षेत्र से बाहर नहीं निकल सके। इसके लिए बीजेपी विशेष रणनीति पर काम कर रही हैं। बीजेपी ने कुछ मुकाबले की सीटों पर अपने सांसदों को उतारकर कांग्रेस की सांसे फुला दी हैं। बीजेपी की इस चाल के बाद कांग्रेस काफी समय तक तो इन सीटों पर उम्मीदवार ही घोषित नहीं कर पाई थी। इसके साथ ही बड़े नेताओं को घेरने की खास रणनीति के तहत बीजेपी का प्रयास रहेगा कि यह नेता अपने निर्वाचन क्षेत्र से बाहर नहीं निकल पाए। बीजेपी चुनाव प्रबंधन समिति के संयोजक नारायण पंचारिया ने दावा किया कि इस विधानसभा चुनाव में बीजेपी 2013 का रिकॉर्ड तोड़ते हुए बड़े अंतर से जीत हासिल करेगी।

सचिन पायलट: टोंक में गुर्जर वर्सेज गुर्जर की लड़ाई में चौतरफा घिरे
विधानसभा चुनाव में पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट को तो दोहरी घेराबंदी का सामना करना पड़ेगा। सीएम गहलोत से छत्तीस के आंकड़े के चलते पार्टी में ही उनकी कारसेवा करने वाले कई सिपहसालार हैं। दूसरी ओर टोंक से पायलट के सामने बीजेपी ने तीन बार विधायक अजीत मेहता को उतारकर गुर्जर वर्सेज गुर्जर की दिलचस्प लड़ाई छेड़ दी है। टोंक विधानसभा क्षेत्र के गुर्जर बहुल होने के चलते इस बार गुर्जर मतों का बंटना तय है। वैसे भी गुर्जर कांग्रेस से इसलिए नाराज हैं कि उन्होंने पांच साल में पायलट को वादे के मुताबिक सीएम नहीं बनाया। बीजेपी ने इसके अलावा वरिष्ठ नेता रमेश विधूड़ी को भी यहां लगा रखा है। ऐसे में पायलट चौतरफा घिर गए हैं।

कनाडा में आपस में लड़-भिड़े तालिबानी और फिलिस्तीनी : प्रदर्शन में शामिल युवती ने हमास की दरिंदगी को बताया जायज ; वीडियो वायरल

   कनाडा में फिलिस्तीनी विरोध प्रदर्शन में घुसे तालिबान समर्थक, वीडियो वायरल (साभार- X हैंडल @CarymaRules)
इजरायल-हमास युद्ध के बीच फिलिस्तीनियों के समर्थन में कनाडा के मिसिसॉगा में एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया गया, जिसमें शनिवार (14 अक्टूबर, 2023) को सैकड़ों लोग शामिल हुए। हालाँकि, विरोध में एक दिलचस्प मोड़ तब आया जब किसी ने तालिबान का झंडा लहराते हुए इसमें शामिल होने का फैसला किया। कई फ़िलिस्तीन समर्थकों ने तालिबान समर्थकों के साथ बहस की और उन्हें यह कहते हुए चले जाने के लिए कहा कि उन्हें विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

जिसका सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो गया है, जिसमें कई लोग जीएमसी ट्रक में दो व्यक्तियों के साथ बहस करते हुए दिखाई दे रहे हैं, दोनों खिड़कियों से तालिबान के झंडे लहरा रहे हैं। जब वे ओंटारियो के मिसिसॉगा में सेलिब्रेशन स्क्वायर पर विरोध मार्च में पहुँचे, तो वे कई फिलिस्तीन समर्थकों से घिरे हुए थे, जिन्होंने उन्हें बताया कि तालिबान समर्थकों को फिलिस्तीन समर्थक विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी।

इस मामले में एक व्यक्ति ने उनसे कहा, “आप अफगानिस्तान में नहीं हैं, आपको ये बात समझनी होगी।” जब फ़िलिस्तीन समर्थक बहस कर रहे थे और उन्हें जाने के लिए कह रहे थे, तो तालिबान समर्थकों ने उनकी आवाज़ को दबाने के स्पष्ट प्रयास में, इंजन को तेज कर दिया। जब उन्होंने आगे बढ़ने की कोशिश की, तो फिलिस्तीन का झंडा लेकर एक महिला विशाल ट्रक के सामने खड़ी हो गई और उन्हें रोक दिया।

वहीं वीडियो रिकॉर्ड कर रहे शख्स ने जब तालिबान समर्थकों से उनकी टिप्पणी माँगी तो उन्होंने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। ड्राइविंग सीट पर बैठे शख्स ने कहा, “मुझे नहीं पता कि क्या कहूँ।”

जबकि इस पूरे टकराव के दौरान, दोनों व्यक्ति अपने गाड़ी की खिड़कियों के बाहर तालिबान के झंडे उठाए हुए थे। बता दें कि फिलिस्तीनी मूल के कनाडाई लोगों से कनाडा का सेलिब्रेशन स्क्वायर खचाखच भरा था और लोग “फ्री फिलिस्तीन” के नारे लगा रहे थे।

मिसिसॉगा में उसी विरोध प्रदर्शन में, एक महिला ने दावा किया कि हमास आतंकवादी संगठन नहीं है, और उन्होंने जो कुछ भी किया है वह जायज है। उन्होंने दावा किया कि हमास द्वारा बच्चों को मारने की खबरें फर्जी हैं। उन्होंने कहा, “हमास एक मुस्लिम समूह है, वे ऐसा कभी नहीं करेंगे।”

इस बीच, गाजा शहर में हमास के ठिकानों पर एक हफ्ते तक बमबारी करने के बाद, इज़राइल रक्षा बलों (आईडीएफ) ने घोषणा की है कि वह गाजा पट्टी में महत्वपूर्ण जमीनी अभियानों की तैयारी पूरी कर लिए हैं। आईडीएफ के अनुसार, वे हमास के आतंक का हवा, जमीन और पानी के रास्ते से मुहतोड़ जवाब देंगे। 

‘जब इंदिरा गांधी चांद पर पहुंची…’, राकेश रोशन के बाद अब ममता बनर्जी का नया बयान ; वीडियो वायरल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सत्ता मुक्त करने बने I.N.D.I.A नेताओं को कहते सुना जाता है कि नरेंद्र मोदी गठबंधन से डर गए हैं, 2014 में उनका जाना तय है। इतना ही नहीं, गठबंधन में शामिल पार्टी का हर प्रमुख प्रधानमंत्री बनने का स्वप्न देख रहा है और मोदी विरोध में विरोधियों की ज़ुबान फिसलती देख, अनुमान लगाया जा सकता है कि क्या कोई प्रधानमंत्री पद के योग्य है?
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल है। इस वीडियो में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को अंतरिक्ष यात्री बता दिया है। वायरल वीडियो में ममता बनर्जी कहती दिख रही हैं कि जब इंदिरा गांधी चांद पर पहुंची थीं। सोमवार 28 अगस्त को तृणमूल कांग्रेस यूथ विंग की रैली में ममता बनर्जी ने कहा कि जब इंदिरा चंद्रमा पर पहुंचीं, तो उन्होंने राकेश से पूछा कि चंद्रमा से भारत कैसा दिखता है?

इससे पहले भी 24 अगस्त को इंदिरा गांधी ने एक बयान में अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा की जगह अभिनेता राकेश रोशन का नाम लिया था। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में वो कहती दिख रहीं थीं कि मुझे याद है, जब “राकेश रोशन” चंद्रमा पर उतरे थे, तब पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उनसे पूछा था कि अंतरिक्ष से भारत कैसा दिखता है? उस समय भी लोगों ने ममता बनर्जी का काफी मजाक उड़ाया था।

पहले अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा की जगह अभिनेता राकेश रोशन को अंतरिक्ष यात्री बताना अब यह कहना कि जब इंदिरा गांधी चांद पर पहुंची थी…सोशल मीडिया यूजर्स एक बार फिर से ममता बनर्जी पर निशाना साध रहे हैं।

Video Playइससे पहले भी 24 अगस्त को इंदिरा गांधी ने एक बयान में अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा की जगह अभिनेता राकेश रोशन का नाम लिया था। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में वो कहती दिख रहीं थीं कि मुझे याद है, जब “राकेश रोशन” चंद्रमा पर उतरे थे, तब पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उनसे पूछा था कि अंतरिक्ष से भारत कैसा दिखता है? उस समय भी लोगों ने ममता बनर्जी का काफी मजाक उड़ाया था। पहले अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा की जगह अभिनेता राकेश रोशन को अंतरिक्ष यात्री बताना अब यह कहना कि जब इंदिरा गांधी चांद पर पहुंची थी…सोशल मीडिया यूजर्स एक बार फिर से ममता बनर्जी पर निशाना साध रहे हैं।


बॉडीगार्ड के साथ सेक्स करता दिखा तालिबान का मुल्ला अखुंद, समलैंगिक रिश्ते पर आम लोगों को पत्थर मार-मार कर दी जाती है मौत; video viral

बॉडी गार्ड से संबंध बनाता पकड़ा गया तालिबानी नेता (फोटो साभार: AamajNews)
अफगानिस्तान में तालिबानी शासन में समलैंगिक लोगों को पत्थर मार-मारकर मौत देने का कानून है। लेकिन तालिबान के एक नेता का समलैंगिक सेक्स का वीडियो सामने आने के बाद भी उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। यह कथित वीडियो मुल्ला अहमद अखुंद का बताया जा रहा है। वह दा अफगानिस्तान ब्रेशना शेरकोट (DABS) का प्रमुख है।

कथित वीडियो में मुल्ला के साथ हमबिस्तर दिख रहा युवक उसका बॉडीगार्ड बताया जा रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद भी तालिबान सरकार ने अखुंद को किसी प्रकार की सजा नहीं दी है। साथ ही वह अब भी अपने पद पर बना हुआ है।

वायरल वीडियो में मुल्ला अहमद अखुंद बिस्तर पर खड़े होकर कपड़े उतारता नजर आ रहा है। इसके बाद वह लेट जाता है। वहीं उसका बॉडीगार्ड भी कपड़े उतारकर अखुंद के साथ लेटा दिखाई दे रहा है। आमज न्यूज ने कहा है कि अखुंद जिस बॉडीगार्ड के साथ ‘हमबिस्तर’ नजर आ रहा है, वह 21 साल का है। साथ ही वह तालिबानी सरकार के उप रक्षा मंत्री मुल्ला फाजिल की कंपनी में भी देखा गया था। वह ब्रेशना शेरकट में तालिबान नेता के साथ काम करता था।

इस वीडियो के सामने आने के बाद से तालिबानी नेताओं के संबंधों और चरित्र को लेकर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। लोगों का कहना है कि महिलाओं पर प्रतिबंध लगाने वाला तालिबान खुद मौज कर रहा है। नेटिजन्स की भी प्रतिक्रिया सामने आ रही है। जितेन गजरिया नामक यूजर ने लिखा, “यह विडंबना है कि इस्लाम में समलैंगिकता के लिए मौत की सजा देना वाले तालिबान का टॉप कमांडर अपने बॉडीगार्ड के साथ संबंध बनाता पकड़ा गया।”

एक अन्य यूजर ने लिखा, “मुझे नहीं पता कि ऐसी खबर सामने क्यों आ रही है। तालिबान के अधिकांश लोग अपनी किशोरावस्था से ही समलैंगिक संबंध रखते हैं। अफगान समाज में लड़कों के साथ दुर्व्यवहार आम बात है। ‘बच्चा बाजी’ एक आम बात है। यह एक सड़ा हुआ समाज है। मदरसों में ऐसे लड़के होते हैं जिनके साथ 9 साल से कम उम्र के बच्चों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। इन्हें बिना दाढ़ी वाले लड़के पसंद हैं।”

एक यूजर ने लिखा, “तालिबानी एक-दूसरे के साथ सो रहे हैं। यह अफगान परंपरा है। तालिबान एक कट्टरपंथी समलैंगिक आतंकवादी संगठन है। अब यह समझा जा सकता है कि महिलाओं और अन्य जातीय समूहों के खिलाफ इनमें नफरत कहाँ से आती है।”

एक ओर जहाँ तालिबानी सरकार ने अपने नेता मुल्ला अहमद अखुंद को किसी प्रकार की सजा नहीं दी है, वहीं जनवरी 2023 में समलैंगिकता के आरोप में कोड़े मारने और हाथ काटने की बात सामने आई थी। ऐसे में तालिबानी हुकूमत पर दोहरा रवैया अपनाने का भी आरोप लग रहा है।


BBC का 99 रूपए में चुम्मा लेने के लिए ‘कपल्स केबिन’ का ऑफर

प्रेमी जोड़ों को कैफे दे रहा था प्राइवेट केबिन का ऑफर ( फोटो- वायरल वीडियो का स्क्रीन शॉट)
मध्य प्रदेश के इंदौर में एक कैफे का विज्ञापन सोशल मीडिया पर वायरल है। लोगों ने इस पर आपत्ति जताई और विरोध शुरू कर दिया। विज्ञापन में कैफे संचालक दीपेश जैन प्रेमी जोड़ों को प्राइवेट केबिन देकर किस करने की जगह देने का पैगाम दे रहा था। लोगों के विरोध के बाद पुलिस ने कैफे संचालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल संचालक दीपेश फरार है।

रिपोर्टों के मुताबिक कैफे संचालक ने कैफे में केबिन बनवाए हुए हैं। इन्हीं कैबिन को किराए पर देने के ऑफर पर बवाल मचा हुआ है। कैफे का नाम बीबीसी कैफे है जो इंदौर के छत्रीपुरा थाने के पास स्थित है। कैफे के वायरल विज्ञापन के अनुसार प्रेमी जोड़े यहाँ 99 रुपए प्रति घंटे की दर से प्राइवेट केबिन बुक कर सकते हैं। दीपेश जैन ने कलाकारों द्वारा इस विज्ञापन की शूटिंग करवाई थी। इसके बाद वीडियो को अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर अपलोड कर दिया था।

वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। लोगों का आरोप है कि नौजवानों में अश्लीलता को बढ़ावा दिया जा रहा है। कई रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि कैफे में पहले से ही कपल्स को विशेष सुविधाएँ दी जाती थीं। बताया तो यह भी जा रहा है कि इंदौर में कई ऐसे कैफे हैं जहाँ कपल्स को एकांत दिया जाता है।

वीडियो का क्यों हो रहा है विरोध?

वायरल वीडियो में दिखाया गया है कि एक लड़का-लड़की सार्वजनिक जगह पर बैठे हुए हैं। लड़की, लड़के को अश्लील इशारा करती है और कहती है कि अब वे किस कर सकते हैं। इसके बाद दोनों किस करने के लिए एकांत तलाशने लगते हैं। दोनों एक लिफ्ट में जाते हैं, लेकिन वहाँ कोई और आ जाता है। फिर दोनों ऑटो में सवार होते हैं, यहाँ भी ऑटो ड्राइवर उन्हें देखता रहता है। इसी बीच लड़की को कैफे के बारे में जानकारी मिलती है। जहाँ सिर्फ 99 रुपए में एक प्राइवेट केबिन मिलता है। लड़की अपने साथ लड़के को कैफे की तरफ ले जाती है। इसी वीडियो को लोग अश्लीलता को बढ़ावा देने वाला बता रहे हैं।

‘काफिर के साथ क्यों आई… &^$ फाड़ देंगे’ : अपने ही मजहब की लड़कियों को परेशान कर रहे इस्लामी कट्टरपंथी; मीडिया खामोश क्यों?

     हिंदू लड़के के साथ घूमने पर लड़की को कट्टरपंथियों ने किया परेशान (साभार: वायरल वीडियो का स्क्रीनशॉट)
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजी नगर (पहले औरंगाबाद) में हिजाब पहने लड़की को बीच सड़क पर परेशान करने के आरोप में पुलिस ने तीन कट्टरपंथी लोगों को पकड़ा है। इन कट्टरपंथियों ने काफी दूर तक मुस्लिम लड़की का पीछा किया, फिर उसका मोबाइल छीनने की कोशिश भी की और उसे गालियाँ भी दीं। उन्होंने उसके साथ ऐसा इसलिए किया, क्योंकि वह एक हिंदू लड़के के साथ बीबी का मकबरा देखने के लिए गई थी। यह घटना 24 अप्रैल 2023 को बेगमपुरा इलाके की है। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो खूब वायरल हो रहा। पुलिस ने केस दर्ज मामले की जाँच शुरू कर दी है।
'गंगा-जमुनी तहजीब', 'संविधान', 'freedom of expression' आदि नारों से जनता को गुमराह करने वाला गैंग और मीडिया कहां है? यदि स्थिति विपरीत होती इस गैंग और मीडिया ने  कोहराम मचा दिया होता। क्या कोई मुस्लिम लड़की किसी हिन्दू लड़के के साथ कहीं जा नहीं सकती?  
                                              हिजाब वाली लड़कियों को प्रताड़ित कर रहे कट्टरपंथी

हिंदू लड़कों से दोस्ती करने पर इस्लामी कट्टरपंथियों द्वारा मुस्लिम लड़कियों को प्रताड़ित करने के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इन वीडियोज में इस्लामी कट्टरपंथी बुर्का या हिजाब पहनी लड़कियों को परेशान करते दिखते हैं और उनके साथ सरेआम बदसलूकी भी करते हैं। इन दो वीडियोज को फैक्ट्स (Facts) नाम के ट्विटर यूजर ने अपने अकॉउंट पर शेयर किया है।

वायरल वीडियो में ये कट्टरपंथी कॉलेज की छात्रा को रोकने की कोशिश करते हैं। वे उसका हाथ पकड़ते हैं। उसका बैग छीनने कोशिश करते हैं और हिजाब खींचते हैं। लड़की सड़क पर ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाती है और बार-बार ‘मुझे छोड़ो, मुझे छोड़ो’ कहती है। लेकिन वे उसे छोड़ने की बजाए उसका फोन छीनने लगते हैं। वे उससे पूछते हैं, “वो लड़का कौन है। तुम किसी और धर्म के लड़के के साथ क्यों हो?”

इसके बाद वे उसे परेशान करने लगते हैं। उनमें से एक ने लड़की का हाथ पकड़ लेता है, तब वह उनसे बचने के लिए भागने लगती है। वह चिल्लाते हुए उनसे अपना हाथ छोड़ने को कहती है। इस दौरान सड़क पर आस-पास बहुत सारे लोग मौजूद होते हैं, लेकिन कोई भी लड़की की मदद के लिए आगे नहीं आता।

पहली वीडियो अहमदाबाद के जुहापुर की है। इसमें एक शख्स कैमरा लेकर बुर्काधारी लड़की के पास आकर उससे उसका नाम पूछता है, उसके बाद उसके पापा का नाम पूछता है और फिर उस लड़के के बारे में पूछता है जिसके साथ लड़की खड़ी थी। वीडियो में देख सकते हैं कि लड़की एक ही बार में बता देती है कि जो लड़का उसके साथ खड़ा था वो उसका दोस्त था। इस पर कट्टरपंथी उस पर चिल्लाता है और कहता है, “क्या आप वॉट्सएप नहीं चलाते, आपको नहीं पता कि कैसे इतने घपले होते हैं, आप लोग दूसरों के साथ घूमती हो, उन्हें गले लगाती हो।”

लड़की बताती रहती है कि वो लड़का उसका स्कूल का दोस्त है। इस पर लड़का भीड़ इकट्ठा करके इल्जाम लगाता है कि ये लड़की घपले वाले (गैर मजहबी लड़के) को किस कर रही थी। लड़की सवाल करती है कि वीडियो दिखाओ तो वो कहता है- “मैं तुम्हारी इज्जत कर रहा हूँ, लेकिन तुम्हें ऐसा नहीं करना चाहिए, इससे हिजाब भी खराब होता है और लड़कियों पर भी गलत असर पड़ता है।”

एक औरत इस बीच कहती है- “हट जाओ मैं पकड़ के धो देती हूँ इसे।” वहीं स्कूटर पर बैठा आदमी कहता है- “तुम काफिर के साथ क्यों आती हो।” तभी, वो लड़का जो वीडियो बना रहा होता है वो कहता है, “आपा सीधी बात बताता हूँ, यहाँ बहुत सारे मुसलमान है। अखलाख तुम्हारा बहुत खराब है। इतना सारा हमारे को जुनून आ जाता है कि माँ फाड़ डालें उसकी। मैं झूठ नहीं बोलता मैं काट डालता उसको।”

ऐसी ही एक वीडियो कथिततौर पर मेरठ के गाँधी बाग का है। इस वीडियो में एक हिजाब पहनी लड़की के पीछे पीछे कुछ लड़के चलते हैं और फिर कहते हैं- “देख तेरी वीडियो वायरल होगी।” लड़कों को कहते सुना जा सकता है, “देख लो मुसलमान की लड़की हिंदू के साथ घूम रही।” इस वीडियो में लड़की अपने दोस्त के साथ आगे बढ़ती है पर कट्टरपंथी लगातार उसका पीछा करते रहते हैं।

आधी रात का सीसीटीवी फुटेज 22.4.23 बनर्जीबगान, फतेहपुर, मेटियाब्रुज, कोलकाता

 कैसे 60-70 की मुस्लिम भीड़ ने हिंदू क्षेत्र में घुसने और तोड़फोड़ करने की कोशिश की लेकिन स्थानीय हिंदुओं ने उन्हें जमकर जवाब दिया और उन्हें इतना पीटा कि वे इधर-उधर भागने लगे।

(CCTV footage of midnight 22.4.23 Banerjeebagan, fathepur,metiabruz ,Kolkata.)

यही और केवल यही तरीका है, हैवानियत से अपने को बचाने का। यह कौम इसलिए शैतानियां करने में सफल होती है कि हिन्दू, घरों में भयभीत होकर, घरों में दुबक जाते हैं। 

हमने तो "हम दो हमारे दो" के सरकारी नारों को देश हित में अपनाया पर इन्होंने, "गजवा-ए-हिन्द" बनाने के अपने एजेंडे पर, जनसंख्या बढ़ाई। नतीजा हम डरने लगे कि हमारा एक ही लड़का है और उसे कुछ हो गया तो मेरा तो वंश ही खत्म हो जाएगा।

हिन्दुओं को भय त्याग कर, संगठित रहकर, इंट का जबाब पत्थर से देना होगा। हमें अपने बचाव का, सम्पूर्ण अधिकार है। हम हिंसा में विश्वास नहीं करते। हमारे सभी देवी-देवताओं के हाथों में अनेकानेक शस्त्र सजावट के लिए नहीं बल्कि आदेश है कि हथियार रखो, उन्हे पूजो। "अहिंसा परमो धर्म, धर्म रक्षार्थ तथऐव च"।" 

कभी बीवी, कभी अम्मी, कभी भाभी… हलाला की ‘हॉरर स्टोरी’

                                                                                          साभार: रामधरण दास द्वारा शेयर वीडियो
सोशल मीडिया पर बरेली की तीन तलाक पीड़िता की एक पुरानी वीडियो वायरल होना शुरू हुई है। इस वीडियो में पीड़िता बता रही है कि कैसे उसके शौहर ने पहले तीन तलाक देकर अपने अब्बा से उसका हलाला कराया और फिर दोबारा तलाक देकर अपने भाई से निकाह करके हलाला करने को कहने लगा।

इस वीडियो को हाल में इस्कॉन के प्रवक्ता राधारमण दास ने शेयर किया है। महिला का दर्द सुन आप हैरान रह जाएँगे। वीडियो में वह बता रही है निकाह के कई साल बाद तक औलाद न होने की वजह से उसके शौहर ने उसके जीवन का मजाक बना दिया।

वह कहती है, “पहले मैं अपने शौहर के साथ निकाह होकर गई। उसने मुझे तलाक दिया। फिर मेरे ससुर ने मुझसे निकाह किया तो इस हिसाब से मैं अपने शौहर की अम्मी बन गई। फिर से मेरे शौहर ने मुझे छोड़ा। फिर उन्होंने भाई से रिश्ता बनाने को कहा कि मतलब मैं उनकी भाभी बन जाऊँ। इस तरह से मेरे साथ मजाक हो रहा है कि कब मैं उसकी अम्मी बन जाऊँ, भाभी बन जाऊँ, बीवी बन जाऊँ।”

बरेली में मुस्लिम महिला के साथ हुई ज्यादती का यह मामला 2018 का है। मीडिया में इसकी खूब चर्चा हुई थी। 2009 में निकाह के बाद औलाद न होने के कारण पीड़िता को 2017 में तीन तलाक दिया गया था। इसके बाद इंजेक्शन देकर उसका ससुर से हलाला कराया गया। जब पीड़िता की बहन को खबर हुई तो उसने इस बाबत शिकायत दी। शिकायत में बताया गया कि कैसे कई दिन ससुर ने पीड़िता का बलात्कार किया। 

पीड़िता के ऊपर अत्याचार यहीं नहीं रुके। उसका शौहर से दोबारा निकाह हुआ और बदले में दोबारा तलाक ही नसीब हुआ। इस बार शौहर चाहता था कि उसकी बीवी उसके भाई से हलाला करे जिसके लिए महिला नहीं मानी। 2018 की एक वीडियो में देख सकते हैं कि कैसे महिला ने ट्रिपल तलाक का विरोध करते हुए अपना गुस्सा जाहिर किया था।

बरेली की पीड़िता ने मजहबी ठेकेदारों को करार जवाब देते हुए कहा था कि इन लोगों ने तमाशा बना रखा है। पहले बीवी को तलाक देते हैं, फिर निकाह कराते हैं, फिर हलाला कराने को मजबूर करते हैं। उसने कहा था, ये लोग बंद कमरे में तय कर लेते हैं कि किससे हलाला करवाना है, चाहे वो बाप के समान हो या कोई भाई जैसा। ये लोग बातों बाहर जाने ही नहीं देते। उन्होंने पूछा था कि शरीयत का हवाला देकर तीन तलाक को जायज बताने वाले बताएँ कि क्या बुआ-भतीजे, भाई-बहन का रिश्ता जायज होता है।