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केरल : ‘हिजाब न पहनने वाली महिलाओं का चरित्र गड़बड़’: आनाकानी के बाद पुलिस ने मौलाना पर दर्ज की FIR, महिला ने सरेआम हटा दिया था स्कार्फ

प्रगतिशील मुस्लिम मंच अध्यक्ष वीपी सुहरा ने मौलाना मुक्कम उमर फैजी के खिलाफ दर्ज की थी शिकायत (फोटो साभार: asianetnews/
केरल में टीवी डिबेट के दौरान एक मौलाना ने उन महिलाओं के चरित्र पर सवाल उठाया जो हिजाब नहीं पहनतीं। उनकी इस टिप्पणी को लेकर 4 जनवरी 2024 को उनके खिलाफ केरल के कोझिकोड में एफआईआर दर्ज हुई। इस मामले में शिकायत प्रगतिशील मुस्लिम महिलाओं के मंच NISA की अध्यक्ष वीपी सुहरा ने की थी।

उनकी शिकायत के बाद ही 4 जनवरी को मौलाना के खिलाफ IPC की धारा 295ए (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाना) और 298 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाले शब्द बोलना) के तहत FIR दर्ज की गई। इस एफआईआर के होने के बाद सुहरा ने मौलाना के खिलाफ की गई पुलिस कार्रवाई पर खुशी जाहिर की।

उन्होंने कहा, “हमारे सामने ऐसी कई घटनाएँ हुई हैं। वे मुस्लिम समुदाय और महिलाओं को खराब तरीके से दिखाने चाहते हैं। वे महिलाओं को बुर्का पहनने वाली और न पहनने वाली में बाँटकर समुदाय में तनाव पैदा करना चाहते हैं। फैजी ने उन सभी महिलाओं का अपमान किया है जो हेडस्कार्फ़ नहीं पहनती हैं।”

सुहरा ने पुलिस पर शुरू में उनकी शिकायत पर कार्रवाई न करने का आरोप भी लगाया है। उन्होंने कहा, “जब मैंने 7 अक्टूबर को शिकायत दर्ज की, तो पुलिस ने कहा कि अगर उन्हें अदालत से निर्देश मिलेगा तो वे केस दर्ज करेंगे। बाद में हमें कानूनी राय मिली कि पुलिस शिकायत पर कार्रवाई कर सकती है।”

उन्होंने आगे कहा, “हम संजीदगी और जिद के साथ अपनी शिकायत पर टिके थे ताकि यह पक्का किया जा सके कि मौलवी पर उनकी आपत्तिजनक टिप्पणी के लिए केस दर्ज किया जाए।”

दरअसल, एक टेलीविजन बहस के दौरान एक मौलवी मुक्कम उमर फैजी ने ये कथित टिप्पणी की थी कि जो मुस्लिम महिलाएँ हेडस्कार्फ या हिजाब नहीं पहनती थीं, वे संदिग्ध चरित्र वाली होती हैं।

ये टेलीविजन बहस बीते साल अक्टूबर 2023 में समान नागरिक संहिता पर एक सेमिनार के दौरान सीपीआई (एम) नेता अनिल कुमार के बयान को लेकर हुई थी। कुमार ने कहा था,”कम्युनिस्ट पार्टी के असर की वजह मलप्पुरम में मुस्लिम लड़कियों ने हिजाब छोड़ दिया और इससे मुस्लिम समुदाय अधिक प्रगतिशील हुआ है।”

इस बयान के बाद वो सीपीआई (एम) के लोकसभा सांसद ए एम आरिफ और पार्टी के कई अन्य मुस्लिम नेताओं के निशाने पर आ गए थे। सीपीआई (एम) के राज्य सचिव और पोलित ब्यूरो सदस्य एम वी गोविंदन ने कहा था कि पार्टी कुमार के रुख से राजी नहीं है। वहीं मौलाना ने भी टीवी प्रोग्राम में इस पर अपनी राय दी थी, जिसे सुनकर सुहारा काफी नाराज हो गईं थीं। उन्होंने अक्टूबर में एक सार्वजनिक मंच पर अपने सिर से स्कॉर्फ को हटा दिया था।

न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने शहर के नल्लालम में कुदुम्बश्री के थिरिके स्कूलिल (बैक टू स्कूल) अभियान के उद्घाटन सत्र के दौरान फैजी की टिप्पणी पर निशाना साधाते हुए कहा था कि सिर ढंकना या नहीं ढंकना महिला की पसंद है ये स्कॉर्फ हटाते हुए कहा था- “मैं सिर पर स्कार्फ पहनकर बड़ी हुई हूँ। यह मेरी आदत का हिस्सा है इसलिए नहीं कि मैं मुस्लिम हूँ।” उनके हेडस्कॉर्फ हटाने का विरोध भी हुआ था जिसके बाद पुलिस के पास शिकायत भी पहुँची थी। 

‘काफिर के साथ क्यों आई… &^$ फाड़ देंगे’ : अपने ही मजहब की लड़कियों को परेशान कर रहे इस्लामी कट्टरपंथी; मीडिया खामोश क्यों?

     हिंदू लड़के के साथ घूमने पर लड़की को कट्टरपंथियों ने किया परेशान (साभार: वायरल वीडियो का स्क्रीनशॉट)
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजी नगर (पहले औरंगाबाद) में हिजाब पहने लड़की को बीच सड़क पर परेशान करने के आरोप में पुलिस ने तीन कट्टरपंथी लोगों को पकड़ा है। इन कट्टरपंथियों ने काफी दूर तक मुस्लिम लड़की का पीछा किया, फिर उसका मोबाइल छीनने की कोशिश भी की और उसे गालियाँ भी दीं। उन्होंने उसके साथ ऐसा इसलिए किया, क्योंकि वह एक हिंदू लड़के के साथ बीबी का मकबरा देखने के लिए गई थी। यह घटना 24 अप्रैल 2023 को बेगमपुरा इलाके की है। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो खूब वायरल हो रहा। पुलिस ने केस दर्ज मामले की जाँच शुरू कर दी है।
'गंगा-जमुनी तहजीब', 'संविधान', 'freedom of expression' आदि नारों से जनता को गुमराह करने वाला गैंग और मीडिया कहां है? यदि स्थिति विपरीत होती इस गैंग और मीडिया ने  कोहराम मचा दिया होता। क्या कोई मुस्लिम लड़की किसी हिन्दू लड़के के साथ कहीं जा नहीं सकती?  
                                              हिजाब वाली लड़कियों को प्रताड़ित कर रहे कट्टरपंथी

हिंदू लड़कों से दोस्ती करने पर इस्लामी कट्टरपंथियों द्वारा मुस्लिम लड़कियों को प्रताड़ित करने के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इन वीडियोज में इस्लामी कट्टरपंथी बुर्का या हिजाब पहनी लड़कियों को परेशान करते दिखते हैं और उनके साथ सरेआम बदसलूकी भी करते हैं। इन दो वीडियोज को फैक्ट्स (Facts) नाम के ट्विटर यूजर ने अपने अकॉउंट पर शेयर किया है।

वायरल वीडियो में ये कट्टरपंथी कॉलेज की छात्रा को रोकने की कोशिश करते हैं। वे उसका हाथ पकड़ते हैं। उसका बैग छीनने कोशिश करते हैं और हिजाब खींचते हैं। लड़की सड़क पर ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाती है और बार-बार ‘मुझे छोड़ो, मुझे छोड़ो’ कहती है। लेकिन वे उसे छोड़ने की बजाए उसका फोन छीनने लगते हैं। वे उससे पूछते हैं, “वो लड़का कौन है। तुम किसी और धर्म के लड़के के साथ क्यों हो?”

इसके बाद वे उसे परेशान करने लगते हैं। उनमें से एक ने लड़की का हाथ पकड़ लेता है, तब वह उनसे बचने के लिए भागने लगती है। वह चिल्लाते हुए उनसे अपना हाथ छोड़ने को कहती है। इस दौरान सड़क पर आस-पास बहुत सारे लोग मौजूद होते हैं, लेकिन कोई भी लड़की की मदद के लिए आगे नहीं आता।

पहली वीडियो अहमदाबाद के जुहापुर की है। इसमें एक शख्स कैमरा लेकर बुर्काधारी लड़की के पास आकर उससे उसका नाम पूछता है, उसके बाद उसके पापा का नाम पूछता है और फिर उस लड़के के बारे में पूछता है जिसके साथ लड़की खड़ी थी। वीडियो में देख सकते हैं कि लड़की एक ही बार में बता देती है कि जो लड़का उसके साथ खड़ा था वो उसका दोस्त था। इस पर कट्टरपंथी उस पर चिल्लाता है और कहता है, “क्या आप वॉट्सएप नहीं चलाते, आपको नहीं पता कि कैसे इतने घपले होते हैं, आप लोग दूसरों के साथ घूमती हो, उन्हें गले लगाती हो।”

लड़की बताती रहती है कि वो लड़का उसका स्कूल का दोस्त है। इस पर लड़का भीड़ इकट्ठा करके इल्जाम लगाता है कि ये लड़की घपले वाले (गैर मजहबी लड़के) को किस कर रही थी। लड़की सवाल करती है कि वीडियो दिखाओ तो वो कहता है- “मैं तुम्हारी इज्जत कर रहा हूँ, लेकिन तुम्हें ऐसा नहीं करना चाहिए, इससे हिजाब भी खराब होता है और लड़कियों पर भी गलत असर पड़ता है।”

एक औरत इस बीच कहती है- “हट जाओ मैं पकड़ के धो देती हूँ इसे।” वहीं स्कूटर पर बैठा आदमी कहता है- “तुम काफिर के साथ क्यों आती हो।” तभी, वो लड़का जो वीडियो बना रहा होता है वो कहता है, “आपा सीधी बात बताता हूँ, यहाँ बहुत सारे मुसलमान है। अखलाख तुम्हारा बहुत खराब है। इतना सारा हमारे को जुनून आ जाता है कि माँ फाड़ डालें उसकी। मैं झूठ नहीं बोलता मैं काट डालता उसको।”

ऐसी ही एक वीडियो कथिततौर पर मेरठ के गाँधी बाग का है। इस वीडियो में एक हिजाब पहनी लड़की के पीछे पीछे कुछ लड़के चलते हैं और फिर कहते हैं- “देख तेरी वीडियो वायरल होगी।” लड़कों को कहते सुना जा सकता है, “देख लो मुसलमान की लड़की हिंदू के साथ घूम रही।” इस वीडियो में लड़की अपने दोस्त के साथ आगे बढ़ती है पर कट्टरपंथी लगातार उसका पीछा करते रहते हैं।

आधी रात का सीसीटीवी फुटेज 22.4.23 बनर्जीबगान, फतेहपुर, मेटियाब्रुज, कोलकाता

 कैसे 60-70 की मुस्लिम भीड़ ने हिंदू क्षेत्र में घुसने और तोड़फोड़ करने की कोशिश की लेकिन स्थानीय हिंदुओं ने उन्हें जमकर जवाब दिया और उन्हें इतना पीटा कि वे इधर-उधर भागने लगे।

(CCTV footage of midnight 22.4.23 Banerjeebagan, fathepur,metiabruz ,Kolkata.)

यही और केवल यही तरीका है, हैवानियत से अपने को बचाने का। यह कौम इसलिए शैतानियां करने में सफल होती है कि हिन्दू, घरों में भयभीत होकर, घरों में दुबक जाते हैं। 

हमने तो "हम दो हमारे दो" के सरकारी नारों को देश हित में अपनाया पर इन्होंने, "गजवा-ए-हिन्द" बनाने के अपने एजेंडे पर, जनसंख्या बढ़ाई। नतीजा हम डरने लगे कि हमारा एक ही लड़का है और उसे कुछ हो गया तो मेरा तो वंश ही खत्म हो जाएगा।

हिन्दुओं को भय त्याग कर, संगठित रहकर, इंट का जबाब पत्थर से देना होगा। हमें अपने बचाव का, सम्पूर्ण अधिकार है। हम हिंसा में विश्वास नहीं करते। हमारे सभी देवी-देवताओं के हाथों में अनेकानेक शस्त्र सजावट के लिए नहीं बल्कि आदेश है कि हथियार रखो, उन्हे पूजो। "अहिंसा परमो धर्म, धर्म रक्षार्थ तथऐव च"।" 

असम : कांग्रेस में महिलाओं का सम्मान नहीं : महिला अध्यक्ष अंगकिता दत्ता

                 असम यूथ कांग्रेस की अध्यक्ष डॉ अंगकिता दत्ता ने यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास BV
कांग्रेस पार्टी में सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के रहते भी पार्टी में महिलाओं की स्थिति बदतर बनी हुई है। पार्टी में महिलाओं का कोई सम्मान नहीं है। कांग्रेस नेता महिलाओं के साथ हमेशा बदसलूकी करते हुए पाए जाते हैं। कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा चुनाव के समय तो ‘लड़की हूं लड़ सकती हूं’ का नारा देती है, लेकिन और समय में पार्टी नेताओं की मानसिकता महिला विरोधी रहती है। ताजा मामले में यूथ कांग्रेस असम की अध्यक्ष अंगकिता दत्ता ने राहुल गांधी के करीबी यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हैरानी की बात यह है कि संज्ञान में आने के बाद भी राहुल गांधी ने कोई कार्रवाई करने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। एक के बाद एक कई ट्वीट करते हुए अंगकिता दत्ता ने लिखा है कि श्रीनिवास बीवी ने मुझे लगातार परेशान किया और लिंग के आधार पर मेरे साथ भेदभाव किया। मेरे मूल्य और संस्कार अब मुझे इसकी अनुमति नहीं देते। मामले को कई बार सामने लाने के बावजूद नेतृत्व में इसे अनसुना कर दिया।
असम कांग्रेस के सीनियर लीडर रहे स्वर्गीय अंजन दत्ता की पुत्री अंगकिता दत्ता ने आगे लिखा है कि बीवी श्रीनिवास को लगता है कि वह बहुत शक्तिशाली हैं और उन्हें पार्टी बड़े नेताओं का आशीर्वाद है इसलिए वह संगठन में एक महिला को परेशान और नीचा दिखा सकता है।
अंगकिता दत्ता का साफ कहना है कि उनकी शिकायतों के बावजूद यूथ कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ कोई जांच समिति गठित नहीं की गई। अंगकिता दत्ता ने यह भी कहा है कि कांग्रेस महिलाओं के लिए सुरक्षित जगह नहीं है।
यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पर परेशान करने का आरोप
यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी पर गंभीर आरोप लगे हैं। यूथ कांग्रेस असम की अध्यक्ष अंगकिता दत्ता ने आरोप लगाया है कि श्रीनिवास बीवी ने मुझे लगातार परेशान किया और लिंग के आधार पर मेरे साथ भेदभाव किया। मेरे मूल्य और संस्कार अब मुझे इसकी अनुमति नहीं देते। मामले को कई बार सामने लाने के बावजूद नेतृत्व में इसे अनसुना कर दिया। अंगकिता दत्ता ने कहा है कि बीवी श्रीनिवास को लगता है कि वह बहुत शक्तिशाली हैं और उन्हें पार्टी बड़े नेताओं का आशीर्वाद है इसलिए वह संगठन में एक महिला को परेशान और नीचा दिखा सकता है। युवा कांग्रेस की असम अध्यक्ष ने अपने ट्वीट में यह भी लिखा है उन्हें राहुल गांधी पर बहुत ज्यादा विश्वास था और भारत जोड़ो यात्रा के दौरान जम्मू में श्रीनिवास के उत्पीड़न और अपमानजनक बर्ताव के बारे में बताया भी था लेकिन अभी तक उनके खिलाफ कोई जांच या कार्रवाई नहीं हुई है। कांग्रेस महिलाओं के लिए सुरक्षित जगह नहीं है।

असम यूथ कांग्रेस की अध्यक्ष डॉ अंगकिता दत्ता ने यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास BV पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। उन्होंने 18 अप्रैल, 2023 को दोपहर 3:55 में की गई ट्वीट में लिखा, “मेरा परिवार 4 पीढ़ियों से कांग्रेस पार्टी में है। मैंने 2 बार पार्टी के आंतरिक चुनावों में हिस्सा लिया है, बूथ कमिटी बनाई है और पुलिस से पिटाई भी खाई है। मैंने दिल्ली विश्वविद्यालय से राजनीतिक विज्ञान में स्नातक किया, फिर LLB किया।”

उन्होंने आगे अपनी बात को जारी रखते हुए लिखा है, “मैंने गुवाहाटी यूनिवर्सिटी से PhD की डिग्री प्राप्त की। हम पार्टी के हित को ध्यान में रखते हुए चुप्पी साधे रहते हैं। लेकिन, श्रीनिवास द्वारा प्रताड़ना कम नहीं होती।” उन्होंने बताया है कि श्रीनिवास BV ने उन्हें कई बार प्रताड़ित किया है। डॉ अंगकिता दत्ता ने जानकारी दी है कि इस संबंध में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान उन्होंने राहुल गाँधी को भी बताया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

उन्होंने कहा कि श्रीनिवास BV ने उन्हें लगातार प्रताड़ित किया है और उनके स्त्री होने के कारण उनसे भेदभाव किया है। उन्होंने कहा कि उनके सिद्धांत और उनकी सहीक्षिक पृष्ठभूमि उन्हें अब और चुप रहने की अनुमति नहीं देती। उनकी मानें तो पार्टी आलाकामन के सामने ही कई बार ऐसा हुआ, फिर भी उन्होंने कुछ एक्शन नहीं लिया। उन्होंने कहा कि श्रीनिवास BV खुद को इतना शक्तिशाली समझते हैं कि उन्हें लगता है कि बड़े नेताओं के आशीर्वाद से वो संगठन में एक महिला को प्रताड़ित कर सकते हैं, नीचा दिखा सकते हैं।

उन्होंने राहुल गाँधी को टैग करते हुए अपने पोस्ट में लिखा, “मुझे राहुल गाँधी पर काफी विश्वास था और ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान श्रीनिवास BV की हरकतों के बारे में बताने के लिए मैं जम्मू गई थी। मैंने उन्हें बताया कि श्रीनिवास ने मेरे लिए कैसी भाषा का इस्तेमाल किया। अप्रैल आ गया है और अब तक इस मामले में कोई जाँच नहीं हुई है।” बता दें कि जनवरी के अंतिम हफ्ते में यात्रा जम्मू में थी। उन्होंने बताया कि वो इसीलिए चुप रहीं क्योंकि उन्हें उम्मीद थी कि पार्टी एक्शन लेगी, लेकिन कोई इन्क्वारी कमिटी नहीं बनी।

असम यूथ कांग्रेस की अध्यक्ष डॉ अंगकिता दत्ता ने यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास BV पर लगाए प्रताड़ना के आरोप

 डॉ अंगकिता दत्ता ने राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी को टैग करते हुए लिखा, “पूरे देश में मैं अकेली महिला हूँ, जो यूथ कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष है। फिर भी मुझे इस तरह प्रताड़ित किया गया। अगर मेरे साथ ऐसा हो सकता है, फिर मैं किस मुँह से दूसरे महिलाओं को पार्टी में शामिल होने के लिए कहूँगी?” उन्होंने कहा कि श्रीनिवास BV जैसे नेताओं के कारण कांग्रेस अब सुरक्षित जगह नहीं रही। इस प्रकरण पर कांग्रेस आलाकमान का कोई बयान सामने नहीं आया है।

हैदराबाद : सेंट एंड्रयूज स्कूल में माहवारी पीड़ित दलित के कई बार वॉशरूम जाने पर टीचर ने सारे कपड़े उतरवा दिए

                                                     प्रतीकात्मक 
हैदराबाद के सेंट एंड्रियूज स्कूल (St Andrews School) में एक 15 वर्षीय दलित छात्रा के साथ बदसलूकी की घटना सामने आई है।छात्रा 23 सितंबर को स्कूल में एक पेपर देने गई थी और उस समय उसकी माहवारी भी चल रही थी। ऐसे में उसे पेपर के बीच के कई बार वॉशरूम जाना पड़ा, जिसे देख टीचर को उस पर शक हुआ और टीचर उसे एक आया के साथ वॉशरूम में ले गई। वहाँ उससे उसके कपड़े उतरवाए गए और फिर अंडरगार्मेंट्स उतारने को मजबूर किया गया। टीचर दरअसल ये चेक करना चाहती थी कि कहीं छात्रा ने कपड़ों के भीतर मोबाइल तो नहीं छिपा रखा। अपने इसी शक में उसने लड़की को कपड़े उतारने पर मजबूर कर दिया लेकिन मिला कुछ नहीं। जब छात्रा की माँ को इसका पता चला तो उन्होंने इस संबंध में शिकायत लिखवाई और कार्रवाई की माँग की।

द न्यूज मिनट में प्रकाशित खबर के अनुसार, सेंट एंड्रियूज की छात्रा अनीता (बदला नाम) की माँ सुधा (बदला नाम) की शिकायत पर इस केस को आईपीसी की धारा 354, 504, 509 और एससी-एसटी एक्ट की धारा 3(2) के तहत दर्ज किया गया है। सुधा ने इस केस में ‘तेलंगाना स्टेट कमीशन फॉर द प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स’ को भी सूचित किया है। उनका कहना है कि वो अपनी बेटी के साथ हुए ऐसे बर्ताव से हैरान हैं और उनके अनुसार ये पहली दफा नहीं है जब स्कूल में उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया हो। बीते समय मे भी कई बार अनीता की टीचर ने पूरी क्लास में उलटा-सीधा बोला था। वो कभी कपड़ों पर बोलती थी तो कभी उसकी चाल-ढाल पर।

सुधा के मुताबिक उनकी बेटी को उनकी जाति की वजह से निशाना बनाया गया। वह लोग माला समुदाय के हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षिका का इस तरह से बच्ची के साथ बर्ताव और बीते समय में हुई घटनाएँ कि ये बताती है कि सबकुछ जानबूझकर हुआ। ऐसे में ये मानना भी जायज है कि उसके रंग और जाति की वजह से किया गया। सुधा कहती हैं कि ऐसे बर्ताव का असर उनकी बेटी पर आजीवन रह जाएगा। वो लोग हैरान हैं और शर्मसार भी कि उन्होंने पहले की घटनाओं को जाने दिया। 

वह कहती हैं, “ये शर्मनाक माहौल है जिसे सेंट एंड्रियूज स्कूल ने तैयार किया है। यहाँ बच्चों को बराबर नहीं देखा जाता और उन्हें जीवन भर ट्रॉमा से गुजरने के लिए ढकेला जाता है।” वह बताती है कि उनकी बेटी को एक बार छोटे कपड़े पहनने पर सुनाया गया था जबकि बाकी बच्चे भी वैसे कपड़े पहनके आए थे। वह कहती हैं कि हमेशा अनीता की हर बात के लिए आलोचना हुई। चाहे बात कपड़ों की हो, हेयरस्टाइल की हो या फिर ऑनलाइन क्लास के दौरान नेटवर्क फेल होने के कारण ऑफलाइन होने की। हर बार टीजर ने अनीता को कोसा।

लड़की की माँ कहती हैं कि जब उन्होंने इस संबंध में स्कूल प्रिंसिपल से शिकायत करनी चाही तो उन्हें कहा गया कि वो झूठ बोल रही है और ऐसी कोई घटना नहीं हुई। उन्होंने कहा कि बेटी पिछले साल कॉपी करते पकड़ी गई थी। सुधा का कहना है कि अगर ऐसा कुछ हुआ भी था तो उन्हें इस बारे में क्यों कुछ नहीं बताया गया। लेकिन इसके बदले उन्हें कोई जवाब नहीं मिला बल्कि उनकी बेटी पर इल्जाम लगते रहे।

सुधा अब बस स्कूल से टीचर के ख़िलाफ़ जाँच चाहती हैं और बेटी को गाली देने और उसको प्रताड़ित करने के लिए  कार्रवाई चाहती हैं। मगर स्कूल लगातार ऐसे किसी भी घटना से मना कर रहा है। प्रिंसिपल पदमाल्या सरमा का कहना है कि उनके स्कूल की जाँच में ऐसा कुछ सामने नहीं आया। वह कहती हैं कि उन्होंने तो टीचर को बच्ची की तारीफ करते देखा है। वह नहीं मानती कि उनके स्कूल में जाति-पाति से जुड़ी कोई बात हो सकती है। खुद को आर्मी ऑफिसर की पत्नी बताते हुए वह कहती हैं कि वो बच्चों के प्रति प्रोटेक्टिव हैं।

अब पुलिस इस मामले में सीसीटीवी फुटेज के जरिए छानबीन कर रही है। वहीं अन्य सबूतों पर भी गौर किया जा रहा है। मल्काज़गिरी के डीसीपी रक्षिता के मूर्ति कहते हैं, “मामला अभी जाँच के दायरे में। घटना संबंधी सबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं।”

इस घटना के बाद अनीता ने 20 अक्टूबर से स्कूल जाना बंद कर दिया है। वो अकेले ऑनलाइन क्लास ले रही है। उसे डर है कि कहीं इस घटना की वजह से उसे स्कूल में किसी से कुछ सुनना न पड़े। कहीं टीचर उससे नाराज न हों या कहीं बच्चे उसका मजाक न उड़ाएँ। वहीं लड़की के घरवालों का पूछना है कि अगर अनीता का रूटीम चेकअप ही किया गया तो फिर उसे बाथरूम में ले जाने की क्या जरूरत थी।

क्यों यूथ कांग्रेस से जुड़ी रेप पीड़िता को इंसाफ दिलाने के सवाल पर कन्नी काट गई प्रियंका?

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस ने हर हथकंडा अपनाना शुरू कर दिया है। जहां किसानों को भड़काने के लिए फर्जी आंदोलन की शुरुआत की, वहीं दलितों पर अत्याचार के मामले में सेलेक्टिव राजनीति कर अपनी पैठ बनाने की कोशिश कर रही है। इसी क्रम में कांग्रेस ने एक और दांव चला है। लखनऊ स्थित पार्टी के प्रदेश कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रियंका गांधी ने आगामी विधानसभा चुनावों में 40 प्रतिशत महिलाओं को टिकट देने का ऐलान कर दिया। लेकिन इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक ऐसी घटना घटी जिसने कांग्रेस और प्रियंका वाड्रा के महिला हितैषी होने के पाखंड से पर्दा हटा दिया।

दरअसल प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक पत्रकार ने प्रियंका वाड्रा से सवाल किया कि आप राजनीति में महिलाओं की भागीदारी और सशक्तीकरण की बात कर रही है, लेकिन मध्य प्रदेश में उज्जैन के बड़नगर से कांग्रेस विधायक मुरली मोरवाल का बेटा करण मोरवाल रेप मामले में आरोपी है और अभी छह महीने से फरार चल रहा है। पत्रकार ने सवाल किया कि क्या यही कांग्रेस का महिला सशक्तीकरण है ? लेकिन प्रियंका गांधी पत्रकार के सवाल से कन्नी काटती नजर आई। सवाल ने प्रियंका को असहज कर दिया था। इस लिए वो कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत की ओर मुखातिब हुई। इस दौरान सुप्रिया पत्रकार के सवालों को टालते हुए उन्हें बैठने पर मजबूर कर दिया।

विधायक मुरली मोरवाल के बेटे पर एक युवती ने रेप का केस दर्ज करवाया है। युवती यूथ कांग्रेस से जुड़ी रही है। आरोप है कि विधायक के बेटे ने युवती को शादी का झांसा देकर रेप किया। इसके बाद वह शादी से मुकर गया। पीड़िता इंदौर की रहने वाली है। लेकिन विधायक के बेटे की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुई है। आशंका व्यक्त की जा रही है कि वह नेपाल भाग गया है। अब इंदौर पुलिस ने इनाम की राशि बढ़ा दी है। करण मोरवाल पर पहले पांच हजार रुपये का इनाम घोषित था। अब उसे 15 हजार रुपये कर दिया है। वहीं रेप पीड़िता इंसाफ की मांग कर रही है।

कांग्रेस पार्टी में महिलाओं के साथ किस तरह बर्ताव किया जाता है। इसका एक और उदाहरण मथुरा में सामने आया, जहां महिला नेता ने कांग्रेस नेताओं पर ही बदसलूकी का आरोप लगाया।। मथुरा के वृंदावन में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर कांग्रेस की ओर से आयोजित दो दिवसीय कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर में एक महिला पदाधिकारी के साथ अभद्रता होने से बखेड़ा खड़ा हो गया। कांग्रेस महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष प्रीति तिवारी ने प्रदेश उपाध्यक्ष योगेश दीक्षित पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए शिविर छोड़ दिया। उन्हें मनाने के लिए पार्टी के बड़े नेता तक जुट गए।

प्रियंका वाड्रा पार्टी में महिलाओं की भागीदारी पर पर जोर दे रही है। लेकिन पार्टी में ही महिला नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ रेप की घटनाएं हो रही हैं। पार्टी नेता ही महिला कार्यकर्ताओं को अपने हवस का शिकार बना रहे हैं। महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष के साथ बदसलूकी हो रही है। ऐसे में कांग्रस और प्रियंका वाड्रा द्वारा महिलाओं की सुरक्षा, भागीदारी और सशक्तीकरण की बात पूरी तरह से छलावा है। इसका मकसद सिर्फ महिलाओं को गुमराह कर उनका वोट हासिल करना है।