Showing posts with label criticises. Show all posts
Showing posts with label criticises. Show all posts

पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा फर्जी वोटर : ‘आग से मत खेलो, दंगे होंगे’: SIR के विरोध में मारकाट की धमकी देने लगी ममता बनर्जी


क्या हमारे नेता जिन्हे जनता अपना शुभचिंतक समझती है विश्वास के काबिल हैं? विपक्ष में रहते जो ममता बनर्जी घुसपैठियों-रोहिंग्या, बांग्लादेशी और पाकिस्तानियों- को देश से निकालने की वकालत करती है आज मुख्यमंत्री बनने पर उन्ही घुसपैठियों का अपना दामाद बना अपनी कुर्सी की खातिर के लिए उन्हें निकालने का विरोध कर रही है।    

अगले साल पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस प्रक्रिया का जोरदार विरोध किया है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) का कहना है कि मुख्यमंत्री फर्जी वोटरों के कटने के डर से इसका विरोध कर रही हैं।

ममता बनर्जी ने अमित शाह को घेरा

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के इस कदम का कड़ा विरोध करते हुए BJP को चेतावनी दी। ममता बनर्जी ने कहा, “मैंने भाजपा को चेतावनी दी थी कि आग से मत खेलो। जनता के आक्रोश के लिए तैयार रहो।” ममता ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला और कहा कि वह एक्टिंग (कार्यवाहक) प्रधानमंत्री की तरह व्यवहार करते हैं।

ममता बनर्जी ने शाह की तुलना मीर जाफर से की, जिन्होंने 1757 में सिराज-उद-दौला से विश्वासघात किया था। उन्होंने कहा, “अमित शाह पर हमेशा भरोसा मत करो। वह एक दिन आपके मीर जाफर बनेंगे।” ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि अमित शाह ने पार्टी की बैठक में कई नाम हटाने की बात कही थी, जिस पर उन्होंने सवाल उठाया।

BJP का पलटवार: ‘फर्जी वोटरों के कटने का डर’

ममता बनर्जी के बयान पर BJP नेताओं ने तुरंत पलटवार किया। BJP सांसद बिप्लब कुमार देब ने कहा कि अमित शाह जो कहते हैं, वह वास्तव में करते हैं। उन्होंने राम मंदिर निर्माण और ट्रिपल तलाक खत्म करने जैसे फैसलों का हवाला दिया।

वहीं, BJP नेता लॉकेट चटर्जी ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि ममता बनर्जी बिहार में फर्जी मतदाताओं के नाम कटने के बाद SIR प्रक्रिया से डरी हुई हैं। उन्होंने दावा किया कि बंगाल में सबसे ज़्यादा फर्जी मतदाता हैं और अब ममता को चुनाव जीतने की उम्मीद नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री NRC की बात जनता को गुमराह करने के लिए कर रही हैं, जबकि भारतीय नागरिकों के नाम नहीं हटेंगे।

वहीं, भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर राजनीतिक मर्यादाएँ तोड़ने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने राज्य सचिवालय ‘नबन्ना’ में बैठकर खुलेआम धमकी दी है कि अगर बंगाल में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) हुआ, तो इससे दंगे भड़क सकते हैं और ‘कई अन्य चीजें’ हो सकती हैं।

बंगाल भाजपा के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने ममता बनर्जी पर दंगे भड़काने और हिंदू-मुस्लिम संघर्ष कराने की कोशिश का आरोप लगाया। उन्होंने घुसपैठिओं का मुद्दा भी उठाया और कहा कि अगर देश छोड़कर भागे लोग वापस आ गए हैं, तो यह कोई ‘धर्मशाला’ नहीं है, जहाँ कोई भी प्रवेश कर सकता है।

गोमांस खाने पर साथ आए कांग्रेसी सांसद गोगोई और AIDUF विधायक रफीकुल इस्लाम: हिमंता सरकार के गोमांस खाने पर सार्वजनिक बैन; विवादों की जननी कांग्रेस फिर दिखा रही अपना रंग


असम की हिमंता बिस्वा सरमा सरकार के सार्वजनिक जगहों पर गोमांस परोसे जाने के बैन पर कॉन्ग्रेस और बदरुद्दीन अजमल की पार्टी AIUDF गुस्सा हो गई है। कांग्रेस की तरफ से असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के बेटे और सांसद गौरव गोगोई ने गोमांस पर बैन की आलोचना का जिम्मा संभाला है।

असम सरकार के इस फैसले को लेकर AIUDF के विधायक रफीकुल इस्लाम ने कहा, “मैं समझता हूँ इसका ज्यादा महत्व नहीं है। भाजपा ने गोवा और नार्थईस्ट में बीफ पर बैन नहीं जबकि सब जगह उनकी सरकार है, वहाँ लोग बीफ खाते और खिलाते हैं… किसके घर में क्या पकेगा, कौन क्या खाएगा और कौन क्या पहनेगा यह कैबिनेट का विषय नहीं है।”

रफीकुल इस्लाम ने इस मामले में कांग्रेस पर भी निशाना साधा है। गोमांस के सार्वजनिक खाए जाने पर जाने पर बैन से नाराज कांग्रेस के एक विधायक शेरमन अली ने आरोप लगा दिया कि असम सरकार आरएसएस के एजेंडे पर चल रही है। उन्होंने इसे संविधान पर हमला बता दिया। वहीं कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने इसे झारखंड के चुनाव से जोड़ दिया।

गोमांस पर बैन को लेकर गोगोई ने कहा, “झारखंड में भाजपा को करारी शिकस्त दिलाने के बाद असम के मुख्यमंत्री अपने फेल्यर को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं। झारखंड की समझदार जनता की तरह असम की जनता भी अगले चुनाव में असम के भाजपा नेताओं के भ्रष्टाचार, कुशासन और उनके द्वारा अर्जित बेहिसाब संपत्ति की सजा देगी।”

असम कैबिनेट ने बुधवार (4 दिसम्बर, 2024) को राज्य के भीतर रेस्टोरेंट और होटल में गोमांस परोसे जाने पर बैन लगा दिया। सार्वजनिक जगहों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी इसे नहीं खाया जा सकेगा। यह फैसला हाल ही में भाजपा और कांग्रेस नेताओं के बीच गोमांस को लेकर चली जुबानी जंग के बाद सामने आया है।

पिछले दिनों मुख्यमंत्री ने कांग्रेस को चुनौती देते हुए कहा था कि वह समर्थन दे तो उनकी सरकार राज्य में पूर्ण रूप से गोमांस पर पाबंदी लगा देगी। असल में सामागुरी में बीजेपी की जीत के बाद कांग्रेस नेता रकीबुल हुसैन ने गोमांस बाँटने के आरोप लगाए थे। कहा था कि इसी कारण बीजेपी को इस सीट पर जीत मिली है।

रकीबुल हुसैन पिछले लगभग ढाई दशक से सामागुरी से विधायक थे। लोकसभा चुनाव में वे धुबरी से सांसद बन गए थे। इसके बाद उपचुनावों में इस सीट से कांग्रेस ने उनके बेटे तंजील हुसैन को मैदान में उतारा था। लेकिन करीब 60 प्रतिशत मुस्लिम आबादी वाली इस सीट को कांग्रेस बचा नहीं सकी।

रकीबुल हुसैन के आरोपों पर मुख्यमंत्री सरमा ने पूछा था कि क्या कांग्रेस अब तक गोमांस बाँट कर सामागुरी में जीत रही थी? उन्होंने कहा था, क्या सामागुरी सीट गोमांस बाँट कर जीती जा सकती है। अगर ऐसा है तो क्या कांग्रेस अब तक सामागुरी सीट गोमांस बाँट कर जीत रही थी? कांग्रेस नेता रकीबुल हुसैन सामागुरी सीट को अच्छी तरह से जानते हैं, इसलिए उन्हें पता होगा।

साथ ही उन्होंने कहा था कि वे राज्य में गोमांस पर बैन लगाने को तैयार हैं, बशर्ते इसके लिए असम कांग्रेस अध्यक्ष रिपुन बोरा सहमत हों। उन्होंने कहा कि अगर रिपुन बोरा सहमत हों तो अगली विधानसभा की बैठक में ही गोमांस पर बैन लगा दिया जाएगा।

बिहार : पूर्व सांसद अली अनवर अंसारी द्वारा राम मंदिर पर सवाल उठाते ही गिर गया पूरा मंच: आए थे दाएँ पैर में बेल्ट बाँध कर, अब बायाँ पैर भी घायल

खुद भी गिरे अनवर अंसारी, दूसरों को भी ले डूबे! (फोटो साभार: वीडियो स्क्रीन ग्रैब)
बिहार के गया में मुस्लिम समुदाय की एक सभा में JDU के पूर्व सांसद अली अनवर अंसारी को राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की आलोचना करना भारी पड़ गया। जैसे ही उन्होंने रामलला के भव्य मंदिर और प्रभु की प्राण प्रतिष्ठा पर सवाल उठाया, मंच भरभरा कर गिर गया। इसके कारण मंच पर मौजूद जेडीयू नेता सहित कई और लोग घायल हो गए।

ये सभा अतरी प्रखंड के डिहुरी गाँव में हो रही थी। यहाँ मुस्लिम समुदाय की तरफ से फ्रीडम फाइटर और पूर्व मंत्री अब्दुल कयूम अंसारी की 51वीं पुण्यतिथि मनाई जा रही थी। कार्यक्रम में पूर्व सांसद अली अनवर अंसारी मुख्य वक्ता थे।

पूर्व सांसद अली अनवर अंसारी ने कहा, “22 जनवरी को श्रीरामचंद्र जी की प्राण प्रतिष्ठा है। वोट के लिए यह कार्यक्रम किया जा रहा है। जिस दिन भगवान राम का जन्मदिन है, उस दिन प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन क्यों नहीं किया गया?” इसके बाद क्या हुआ, वीडियो में देख सकते हैं।

JDU नेता अली अनवर अंसारी के इतना कहते ही अचानक से मंच भरभरा कर गिर गया और मंच पर मौजूद सभी नेता जमीन पर आ गए। जिस दौरान मंच गिरा, वहाँ गिनती के 10-12 लोग ही बैठे थे, लेकिन किसी को संभलने तक का मौका नहीं मिला और पल भर में ही पूरा मंच जमीन पर आ गया।

मंच के गिरते ही ‘खिसयानी बिल्ली खंभा नोचे’ की तरह पूर्व सांसद अली अनवर अंसारी ने कहा, “दाहिने पैर में हम बेल्ट बाँधकर आए थे। आज बायाँ पैर भी चोटिल हो गया, लेकिन कोई बात नहीं है। नेताओं को इसी तरह से फँसाया जाता है। फिरोज साहब ने कहा कि 10 से 12 गाँव हैं। नेता तो लोभी होता ही है। हमें लगा कि मजमा लगेगा, इसलिए आ गए। जितने लोग आए सभी को आभार व्यक्त करते हैं।”

मंच के गिरने से पूर्व सांसद अली अनवर अंसारी के बाएँ पैर में चोट आ गई। बताते चलें कि मंच गिरने से पहले ये कार्यक्रम सुचारू रूप से जारी था। कार्यक्रम दोपहर बाद शुरू हुआ था। मंच से भाषणबाजी जारी थी। अब्दुल कयूम अंसारी के कामों के कसीदे पढ़े जा रहे थे।

इसी दौरान मुख्य वक़्ता अंसारी की जुबान ने जैसे ही आराध्य में भगवान राम के समारोह पर सियासी बयानबाजी जारी की, रामलला पर सवाल उठाए, वैसे ही सब जमीन पर आ गिरे।