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क्या वाकई बंगाल में बदलाव हुआ है? फाल्टा से रहे ममता की पार्टी का उम्मीदवार जहाँगीर खान गिरफ्तार, नेपाल बॉर्डर से पकड़ाया अभिषेक बनर्जी का करीबी

बंगाल में सत्ता परिवर्तन होने पर जिस रफ़्तार से TMC नेताओं पर कानूनी डंडा चल रहा है यह हकीकत है या कोई सपना? उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ द्वारा गुंडों और माफिया गैंग पर होती कार्यवाही पर तो सारा INDI गठबंधन चिल्ला रहा है लेकिन बंगाल में सब खामोश। जबकि दोनों जगह बीजेपी। इतना ही नहीं मुसलमान तक वर्तमान सरकार की कार्यवाहियों से खुश हैं। वही पुलिस वही मुस्लिम! अब कोई हिन्दू-मुस्लिम नहीं हो रहा। इतना ही नहीं जनता TMC नेताओं को जूतों का हार पहना रही है, अंडे और टमाटर फेंक रही है। क्या वाकई वामपंथियों से लेकर ममता राज तक जनता इतनी दुखी थी? सारा विपक्ष खामोश? जिसको देखो अपनी पार्टी को बचाए रखने की कोशिश में लगा है।अपने-अपने नेताओं तक की फ़िक्र नहीं। अजीब तमाशा चल रहा है बंगाल में।          

पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने TMC नेता जहाँगीर खान को नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार कर लिया है। जहाँगीर खान फाल्टा विधानसभा सीट से TMC के उम्मीदवार थे लेकिन चुनाव के दौरान हुईं गड़बड़ियों के बाद फिर से मतदान हुआ था। इसके बाद यहाँ दोबारा मतदान हुआ और जहाँगीर खान ने मैदान छोड़ दिया था।

जहाँगीर खान को ममता बनर्जी के भतीजी और TMC के सांसद अभिषेक बनर्जी का करीबी माना जाता है। जहाँगीर खान का यूपी के चर्चित IPS ऑफिसर अजयपाल शर्मा की चुनाव के दौरान तनातनी खूब चर्चा में रही थी। जहाँगीर खाने ने अजयपाल शर्मा को चुनौती देते हुए कहा था कि वो सिंघम हैं तो मैं पुष्पा हूँ झुकूँगा नहीं।

जहाँगीर के खिलाफ हत्या के प्रयास, जबरन वसूली और दंगा भड़काने समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज हैं। जहाँगीर के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला भी दर्ज है और ED उस मामले की जाँच कर रही है।

जमीन खरीदकर ‘हारून सेठ’ खुलवाता है मदरसा, रिपोर्टर ने पूछा पैसा कहाँ से आता है तो बंद करने की दी धमकी: नेपाल बॉर्डर पर डेमोग्राफी जिहाद के लिए पाकिस्तान से फंडिंग

                                                                                                                                         साभार 
भारत से सटे नेपाल के सीमावर्ती इलाकों में मुस्लिम आबादी में बेतहाशा वृद्धि हुई है। यहाँ सैकड़ों मदरसे और मस्जिद कुछ सालों में बने हैं। इसकी रिपोर्ट आए दिन आते रहते हैं। इस बीच दैनिक भास्कर की टीम ने 7 दिनों तक इन सीमावर्ती इलाकों का दौरा किया। इस दौरान कई खुलासे हुए।

नेपाल के बेदोली गाँव भारत की सीमा से सिर्फ 7 किमी दूर है। गाँव में 24 घंटे लोकल लोग पहरा देते हैं। यहाँ आने-जाने वाले हर गैर-मुस्लिम से पूछताछ करना एक परंपरा बन गई है। इसकी बड़ी वजह यह है कि इस गाँव के आस-पास 12 से ज़्यादा मदरसे हैं। गाँव में जहाँ भी खाली जमीन थी, वहाँ मदरसा बन गया।

यह हालत यूपी बॉर्डर से सिर्फ 5 से 7 किमी दूर नेपाल के 110 गाँवों में देखा जा सकता है। दैनिक भास्कर की टीम ने इन गाँवों में 7 दिन बिताए। नेपाल में कोई मदरसा बोर्ड नहीं है, फिर भी 4000 मदरसे चल रहे हैं। इनमें से भी आधे भारत-नेपाल बॉर्डर पर हैं। इसमें नए मदरसों की संख्या ज्यादा है। इन मदरसों को हवाला के जरिए पाकिस्तान से फंडिंग भी मिल रही है।

नेपाल के डेमोग्राफी में बदलाव

नेपाल में मार्च महीने में आम चुनाव हैं। ऐसे में मदरसों की तेज़ी से बढ़ती संख्या का मुद्दा गरम है। कुछ दिन पहले परसा के बीरगंज में हिन्दू-मुस्लिम हिंसा हुई थी। दैनिक भास्कर टीम ने पाया कि नए मदरसे भारत की सीमा से करीब 20-25 किमी के दायरे में ही खुल रहे हैं।

आस-पास के भारतीय गाँवों के कुछ बच्चे भी यहाँ पढ़ने जाते हैं। इस मदरसे को खोलने का कॉन्ट्रैक्ट एक लोकल बिजनेसमैन हारून सेठ को मिला है। बरोहियाँ और पकड़ी गाँवों के खेतों में अरबी एकेडमी भी बन रही हैं। यूपी से सटे नेपाल के इन हिस्सों में मदरसे डेमोग्राफी भी बदल रहे हैं। पूर्वी में गैर-मुस्लिम आबादी 70% थी, लेकिन 10 साल में तस्वीर बदल गई है। अब सिर्फ 10% से 18% गैर-मुस्लिम हैं।

हारून सेठ का नाम आते ही दैनिक भास्कर की टीम उसके घर पहुँची, लेकिन हारून वहाँ नहीं था। आस-पास के लोगों ने बताया कि गाँव में जो भी जमीन मिलती है, हारून उसे खरीद लेता है। मदरसा शुरू करता है। बच्चों के रहने के लिए बिल्डिंग बनाता है, हारून असल में एक मिडिल क्लास बिजनेसमैन है। हारून पैसे कहाँ से ला रहा है? भास्कर के रिपोर्टर ने पूछा तो गाँव वालों ने उसे कमरे में बंद करने की धमकी दी।

ज्यादातर मदरसे तराई इलाके में हैं। नेपाल सरकार 8 लाख रुपए मदद करती है, बाकी जकात से पैसा मिलता है। आज तक सरकारी पैसे दिए जाने का किसी ने विरोध नहीं किया था, लेकिन अब गैर मुस्लिम संगठन सामने आ रहे हैं। दरअसल इन मदरसे में गैर मुस्लिम पढ़ाई नहीं कर सकते। बच्चों को अरबी, उर्दू के साथ नेपाल की स्थानीय भाषा भी पढ़ाई जाती है।

नेपाल के इन बॉर्डर वाले गांवों में 250 से ज़्यादा मदरसे हैं। इनमें से कुछ पिछले साल के Gen-G आंदोलन के बाद से खुले हैं। भास्कर टीम हिडन कैमरे के साथ पकड़ी गाँव में बने मदरसा तुल ​​कुरान वसुन्ना पहुँची। यहां अब्दुल हलीम पढ़ाते दिखे। 2 मंजिला बिल्डिंग में 5 कमरे हैं। हलीम ने बताया कि इस मदरसे को बने कुछ साल हो गए हैं।

नेपाल में बढ़ती मुस्लिम आबादी को देखते हुए यहाँ महाकाल संस्था की स्थापना की गई है। इसके अध्यक्ष इंद्रजीत यादव का कहना है कि यहाँ कोई मदरसा बोर्ड नहीं है, लेकिन नेपाल में GEN Z आंदोलन के बाद मुख्यमंत्री कृष्ण प्रसाद यादव ने मधेश इलाके में मदरसा बोर्ड बनाया है। हिंदू इसका विरोध कर रहे हैं। धर्म बदलने के साथ-साथ 10 साल में मदरसों की संख्या तीन गुणा बढ़ गई है। किसी को भी रिहायशी मदरसों में जाने की इजाजत नहीं है।

नेपाल की आबादी करीब 3 करोड़ है, जिसमें करीब 40 लाख मुस्लिम हैं। 10 साल पहले मुस्लिम आबादी 12-13 लाख हुआ करती थी यानी मुस्लिम आबादी बेहिसाब बढ़ रही है।

भारत में बन रहे पाकिस्तान पर होता कुठाराघात : 17 मदरसे सीज, 89 अवैध निर्माण समतल… नेपाल बॉर्डर पर चला योगी सरकार का बुलडोजर

                       योगी सरकार ने कई जगह से कब्जेदारों को बेदखल भी भी किया है (फोटो साभार: Jagran)

पहलगाम हिन्दुओं की धर्म पूछकर हत्या करने पर जितनी गंभीर मोदी सरकार हुई अगर पीछे हुए हिन्दुओं पर हमलों पर भी गंभीर हो गयी होती, शायद उरी, पुलवामा या पहलगाम नहीं होता। हिन्दू शोभा यात्राओं पर होते हमले(पत्थरबाज़ी) आदि पर इतनी सतर्कता से कार्यवाही की होती आज का भारत कुछ और ही होता। आज तक राज्य एवं केंद्र सरकारें पत्थरबाजों के आकाओं को पकड़ने में असफल रही। 

बरहाल, देर आए दुरुस्त आए। पाकिस्तान पर हमला करने से पहले भारत में बन रहे पाकिस्तान का नेस्ताबूत करना मुख्य पाकिस्तान की कमर तोड़ने से कम नहीं।

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने भारत-नेपाल सीमा पर अवैध रूप से बने ढाँचों पर कार्रवाई की है। यहाँ कब्जा कर बनाए गए 80 से अधिक ढाँचे गिरा दिए गए हैं। नेपाल सीमा में मदरसों पर भी कार्रवाई हुई है। योगी सरकार ने एक दर्जन से अधिक मदरसे सील कर दिए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह कार्रवाई 25 अप्रैल, 2025 से 27 अप्रैल, 2025 के बीच की गई है। इसमें नेपाल से सीमा साझा करने वाले जिले बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर और लखीमपुर खीरी में कार्रवाइयाँ की गई हैं। कई जगह अवैध रूप से बनाई गई मस्जिदों को चिन्हित भी किया गया है।

योगी सरकार ने श्रावस्ती जिले में बिना किसी अनुमति के चल रहे 17 मदरसे सील कर दिए हैं। यह मदरसे नेपाल से सटी जमुनहा और भिनगा तहसील में चल रहे थे। इनको चलाने वाले मुस्लिम कोई भी वैध अनुमति पूछे जाने पर नहीं दिखा पाए, इसके बाद प्रशासन ने इन पर ताला जड़ दिया।

वहीं बहराइच जिले में नेपाल सीमा के 10 किलोमीटर के इलाके में बनाए गए 89 अतिक्रमण हटाए गए हैं। इनमें से 63 पहले हटाए गए थे जबकि 26 को बाद में जमींदोज कर दिया गया। बहराइच में ऐसे और भी निर्माण चिन्हित किए जा रहे हैं, जिन पर आगे कार्रवाई हो सकती है।

इसके अलावा नेपाल से सीमा साझा करने वाले जिले सिद्धार्थनगर में भी प्रशासन ने 5 जगह मस्जिद-मदरसे का अवैध अतिक्रमण पाया है। उनको भी चिन्हित कर लिया गया है। महाराजगंज जिले में 19 अवैध कब्जे पाए गए हैं, जिनको खाली करने की कवायद चालू हो गई है।

उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले की सीमा भी नेपाल से सटती है। यहाँ भी 67 अवैध कब्जे हटाए जाने की कार्रवाई चल रही है। प्रशासन के डर के चलते कई लोग अपने कब्जे खुद हटा रहे हैं। लखीमपुर खीरी जिले में भी अवैध नमाज स्थल पर कार्रवाई की गई है।

लखीमपुर खीरी की पलिया तहसील में एक जगह पर अवैध रूप से नमाज पढ़वाई जा रही थी, यहाँ मस्जिद बनाने की तैयारी थी। इसे प्रशासन ने खाली करवा दिया है। लखीमपुर खीरी में और भी ऐसी जगहें पहचानी जा रही हैं, जहाँ अवैध कब्जा किया गया है।

गौरतलब है कि ऑपइंडिया ने उत्तर प्रदेश की नेपाल से सटने वाली सीमा पर ग्राउंड रिपोर्ट की थी और बताया था कि यहाँ कैसे इस्लाम अपने पैर फैला रहा और डेमोग्राफी भी तेजी से बदल रही है। इस ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया था कि मात्र बलरामपुर जिले में ही नेपाल सीमा पर 108 मदरसे और 150 मस्जिदें बन गई थीं।

यह भी सामने आया था कि नेपाल सीमा के इलाकों में बाहर से भी पैसा आया है। कई जगह पर मंदिरों की जमीन कब्जे की भी बात सामने आई थी। इसके बाद यूपी सरकार ने सीमाई इलाकों में एक्शन भी लिया था। यह एक्शन भी उसी कड़ी का हिस्सा है।

‘बहराइच के दरिंदों का हो गया इलाज’: जिस अब्दुल हमीद के घर हुई रामगोपाल मिश्रा की हत्या, उसके 2 बेटों का नेपाल बॉर्डर पर उत्तर प्रदेश STF ने किया एनकाउंटर; कांग्रेस का विलाप शुरू

                               एनकाउंटर में घायल सरफराज और तालिब (साभार: ऑपइंडिया)
उत्तर प्रदेश के बहराइच में दुर्गा पूजा के मूर्ति विसर्जन के दौरान रामगोपाल मिश्रा की गोली मारकर हत्या करने के आरोपित रिंकू उर्फ सरफराज खान और तालिब उर्फ सबलू का एनकाउंटर कर दिया गया है। एनकाउंटर में दोनों आरोपितों के पैरों में गोली लगी है। इससे वे घायल हो गए हैं। सूत्रों के अनुसार, यह मुठभेड़ नानपारा कोतवाली के बाइपास में हुई है। 

घायल आरोपियों को इलाज के लिए नानपारा सीएचसी में भर्ती किया गया है। सीएचसी के बाहर पुलिस का पहरा बढ़ा दिया गया है। सीएचसी ने दोनों आरोपितों को बहराइच मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया है। कहा जाता है कि गोपाल मिश्रा पर गोली सरफराज ने ही चलाई थी। तालिब और सरफराज भाई बताए जा रहे हैं। दोनों आरोपित नेपाल भागने की फिराक में थे।

उत्तर प्रदेश के ADG (Law & Order) अमिताभ यश ने बताया कि पुलिस ने पाँच आरोपित पकड़े हैं। वहीं, एनकाउंटर में दो को गोली लगी है। रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपितों के नेपाल भागने की की सटीक सूचना मिलने पर दोपहर करीब 2 बजे STF और बहराइच पुलिस ने नानपारा कोतवाली क्षेत्र में हांडा बसेहरी नहर के पास आरोपितों को घेर लिया।

पुलिस ने आरोपितों को सरेंडर करने के लिए कहा तो वे पुलिस पर फायरिंग की। इसके बाद पुलिस और STF ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें सरफराज और तालिब को पैरों में गोली लगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बहराइच हिंसा के आरोपियों के पुलिस मुठभेड़ में घायल होने की जानकारी दी गई है।

बहराइच की एसपी वृंदा शुक्ला का कहना है, “जब पुलिस टीम हत्या में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी के लिए नानपारा इलाके में गई थी तो मोहम्मद सरफराज उर्फ ​​रिंकू और मोहम्मद तालिब उर्फ ​​सबलू ने हत्या में इस्तेमाल हथियार को वहाँ लोड करके रखा रखा हुआ था, जिसका इस्तेमाल उन्होंने पुलिस पर फायरिंग करने के लिए किया।”

उन्होंने आगे कहा, “आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें दोनों घायल हो गए। उनका इलाज चल रहा है और वे जीवित हैं। हमने अन्य तीन आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया है। सभी 5 को आधिकारिक तौर पर गिरफ्तार कर लिया गया है। उन सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी… अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।”

पुलिस ने सरफराज के भाई फहीम, पिता अब्दुल हमीद और एक अन्य को भी पकड़ा है। इससे एक दिन पहले सरफराज की गोली चलाते हुए तस्वीर सामने आई थी। इससे पहले राम गोपाल मिश्रा की हत्या मामले में पहली गिरफ्तारी भी आज गुरुवार (17 अक्टूबर 2024) को ही हुई। आरोपित की पहचान राजा उर्फ मोहम्मद दानिश उर्फ जहीर/सहीर खान के तौर पर हुई है।

बताया जा रहा है कि जहीर नेपाल जाने की फिराक में था, लेकिन उसे माहसी खंड में राजी क्रॉसिंग पर गिरफ्तार कर लिया गया। बहराइच हिंसा मामले में अब तक 11 एफआईआर दर्ज हुई हैं, इसमें 6 नामजद और 1304 अज्ञात लोगों को आरोपित बनाया गया है। वहीं, राम गोपाल की हत्या मामले में 10 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है।

मोहम्मद दानिश उर्फ ​​साहिर/जहीर खान इन्हीं आरोपितों में से एक था। उसके अलावा अब्दुल हामिद, सरफराज, फहीम भी इस मामले में आरोपित हैं। गौरतलब है कि 13 अक्टूबर को दुर्गा विसर्जन के दौरान हुई हिंसा मामले में अब तक 55 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन लोगों की पहचान सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हुई है।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय ने एनकाउंटर पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि सरकार शुरू से ही फर्जी एनकाउंटर करा रही है। वे सिर्फ अपनी विफलता को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं। मृतक रामगोपाल मिश्रा के पैर के नाखूनों को उखाड़ने के सवाल पर राय ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार दंगा कराना चाहती है।