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‘हिन्दू मंदिरों में लूटी जाती है बहन-बेटियों की इज्जत, होती है हत्या’: केजरीवाल के विधायक ने फिर उगला ज़हर, भड़काते हुए कहा – वहाँ जाना बंद करो

अरविंद केजरीवाल के विधायक राजेंद्र पाल गौतम ने हिन्दू मंदिरों पर उगला ज़हर
मुफ्त रेवड़ियों के लालच में 'हनुमान भक्त' अरविन्द केजरीवाल पार्टी की पार्टी को वोट देने वाले हिन्दुओं शर्म करो , देखों  इसका विधायक किस तरह मंदिरों जाने वालों के खिलाफ जहर उगल रहा है, और पार्टी खामोश है। अभी 5 राज्यों में हुए चुनावों में देखा कि पांचों राज्यों ने मुफ्त की रेवड़ियों को ठोकर मार दी। NOTA से भी कम वोट मिले, यानि लोगों ने घास तक नहीं डाली। इसका मतलब साफ है कि जलसे और जुलुस में जो भीड़ देखी, सब पैसे देकर लाए हुए थे। पार्टी समर्थक नहीं। दूसरे, NOTA से भी कम वोट मिलने का यह भी अर्थ निकाला जा सकता है कि स्वयं पार्टी उम्मीदवार और उसके परिवार ने भी वोट नहीं दिया। 

‘आम आदमी पार्टी (AAP)’ के विधायक और दिल्ली सरकार में मंत्री रहे राजेन्द्र पाल गौतम ने हिन्दू धर्म और हिन्दू मंदिरों के विरुद्ध एक बार फिर जहर उगला है। राजेन्द्र पाल का कहना है कि मंदिरों में जाने पर लोगों की हत्या होती है और बहन बेटियों की इज्जत लूटी जाती है। उनका यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल है।

दिल्ली सीमापुरी विधानसभा क्षेत्र से विधायक राजेन्द्र पाल गौतम इस वीडियो में कहते हुए दिखते हैं, “आप ऐसी चीजों में भरोसा मत करो जो आपको नुकसान पहुँचाती हो। आप एक बात बताइए, अगर कहीं मंदिर में जाने से हमारे लोगों की हत्या होती हो, अगर मूर्ति छू लेने से हमारे युवाओं की हत्या हो गई हो, तो आप ऐसी जगह क्यों जाते हो जहाँ आपका अपमान हो।”

आगे राजेन्द्र पाल गौतम इस वीडियो में आगे कहते हैं, “जहाँ आपकी बहन-बेटी की इज्जत लूटी जाए, जहाँ आपका क़त्ल कर दिया जाए, जहाँ अपमान हो वहाँ जाना बंद कर दो।” अब राजेंद्र गौतम के लगभग 30 सेकंड इस वीडियो पर प्रश्न उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, यह वीडियो हरियाणा के सोनीपत जिले का है जहाँ वह लहराड़ा गाँव में एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे।

भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने इस प्रश्न उठाया है कि आखिर खुद को कट्टर हनुमान भक्त बताने वाले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल राजेन्द्र पाल गौतम को अपनी पार्टी से निष्कासित क्यों नहीं कर रहे हैं जो कि लगातार हिन्दुओं के खिलाफ जहर उगलते आए हैं।

हालाँकि, यह कोई पहली बार नहीं है कि राजेन्द्र पाल गौतम ने हिन्दू धर्म पर विवादित बयान दिया हो या हिन्दू धर्म का अपमान किया हो। इससे पहले वह कई मौकों पर ऐसा ही कर चुके हैं। अक्टूबर 2022 में एक हिन्दू विरोधी कार्यक्रम में शामिल होने के कारण उन्हें दिल्ली सरकार के मंत्री पद से भी हाथ धोना पड़ा था।

अक्टूबर 2022 में AAP नेता ने झंडेवालान में आयोजित जिस कार्यक्रम में शामिल हुए थे उसमें 10,000 हिंदुओं का धर्मांतणरण हुआ था। शपथ में कहते सुना गया था – “मैं इस बात को नहीं मानता और न ही मानूँगा कि भगवान बुद्ध विष्णु के अवतार थे। मैं इसे केवल पागलपन और झूठा प्रचार मानता हूँ। मैं श्राद्ध नहीं करूँगा और न ही पिंडदान करूँगा।”

भगवा वस्त्र पहने हुए व्यक्ति ने इस शपथ को दिलाते हुए कहा था, “मैं ब्राह्मणों द्वारा किसी भी समारोह को करने की अनुमति नहीं दूँगा। मैं हिंदू धर्म का त्याग करता हूँ, जो मानवता के लिए हानिकारक और उनके विकास में बाधक है, क्योंकि यह असमानता पर आधारित है। मैं बौद्ध धर्म को अपना धर्म स्वीकार करता हूँ।”

कार्यक्रम के दौरान, AAP के मंत्री राजेंद्र पाल गौतम इन विवादास्पद लाइनों को दोहराते हुए और उस व्यक्ति के साथ मंच साझा करते हुए दिखाई दिए थे। उनके इस वीडियो के कारण केजरीवाल को गुजरात में काफी विरोध झेलना पड़ा था। राजेन्द्र पाल गौतम ने इसके पश्चात इस्तीफ़ा दिया था।

नवम्बर 2022 में राजेन्द्र पाल गौतम ने भारत में हिन्दुओं को अल्पसंख्यक बनाने को लेकर भी बयान दिया था। प्रोपेगंडा पोर्टल ‘द वायर’ की एंकर आरफा खान शेरवानी के साथ के इंटरव्यू में राजेन्द्र पाल ने कहा था, “इस देश के 110 करोड़ लोग अनुसूचित जाति/जनजाति समाज से हैं, वो सभी 5-6 वर्षों में बौद्ध धर्म अपना लेंगे। उसके बाद देखते हैं कि कौन बहुसंख्यक होता है।”

जनवरी 2023 में एक कार्यक्रम में राजेन्द्र पाल ने श्रीरामचरितमानस पर भी विवादित बयान दिया था। इसका वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो में वह कहते हुए दिखते हैं, “क्या रामचरितमानस में नहीं लिखा है ‘ढोल गँवार शूद्र पशु नारी ये सब ताड़न के अधिकारी।’ वो व्याख्या कर रहे हैं कि ताड़न का मतलब देखना है, जबकि क्लीयर है कि ताड़न का मतलब पीटना। यदि इसका मतलब देखना ही है तो क्या नारी को घूरना चाहिए? क्या पीटना चाहिए? आपके धर्मशास्त्र हमें इंसान का दर्जा देने को तैयार नहीं है।”

राजेन्द्र पाल गौतम लगातार ऐसे कार्यक्रमों में भाग लेते रहे हैं जहाँ हिन्दू धर्म, मंदिरों और ग्रन्थों के विरुद्ध अपमानजनक बातें की जाती हैं। अब मंदिरों में बलात्कार और हत्या वाले वीडियो को लेकर भी प्रश्न उठ रहे हैं लेकिन आम आदमी पार्टी के मुखिया केजरीवाल या पार्टी की तरफ से कोई स्पष्टीकरण नहीं सामने आया है। राजेन्द्र पाल गौतम ने भी अब तक इस बयान पर माफ़ी नहीं माँगी है।


दिल्ली : हिन्दुओं के धर्मांतरण : केजरीवाल और AAP मंत्री पर दंगा भड़काने के आरोप में दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज

                                                                                                            फोटो साभार: Mint
भारतीय जनता पार्टी दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने शुक्रवार (7 अगस्त 2022) को आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल और राजेंद्र पाल गौतम के खिलाफ दंगा भड़काने की कोशिश करने के आरोप में शिकायत दर्ज कराई है।

आदेश गुप्ता ने यह शिकायत धर्मांतरण कार्यक्रम के दौरान ली गई शपथ में उपयोग किए गए शब्दों के आधार पर की है। उक्त धर्मांतरण कार्यक्रम में, 10 हजार हिन्दुओं को बौद्ध धर्म में धर्मांतरित किया गया है।

दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने राजेंद्र पाल गौतम के खिलाफ संसद मार्ग थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने अपनी शिकायत में केजरीवाल और गौतम पर हिंदुओं के खिलाफ बड़े पैमाने पर आम जनता को भड़काने तथा बाद में अंबेडकर भवन में बयान देकर उन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करके दंगा, हिंसा और सार्वजनिक उपद्रव भड़काने की कोशिश करने का आरोप लगाया है।

आदेश गुप्ता ने शिकायत में कहा है, “अरविंद केजरीवाल ने राजेन्द्र पाल गौतम और अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर साजिश रचते हए धर्मांतरण के वीडियो को सोशल मीडिया में फैलाकर तनावपूर्ण स्थिति पैदा की है। यह देखा है सकता है कि वीडियो और इससे जुड़े पोस्ट आपराधिक प्रकृति के हैं। जिनका उद्देश्य धर्म के आधार पर देश को विभाजित करना है। जिसके बाद, विभाग धर्मों के बीच हिंसा, दंगे और दुश्मनी का माहौल बन गया है।”

इस शिकायत में यह भी कहा गया है, “यदि इस मामले की जाँच विशेष जाँच दल द्वारा की जाती है और इसके पीछे साजिश और मकसद का पता लगाने के लिए उचित कदम उठाए जाते हैं तो मैं आपका आभारी रहूँगा।”

दरअसल, दिल्ली सरकार के मंत्री राजेंद्र पाल गौतम बुधवार (5 अक्टूबर 2022) को दिल्ली में आयोजित एक धर्मांतरण कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इस कार्यक्रम में 10 हजार हिंदुओं को बौद्ध धर्म मे धर्मांतरित किया गया है। इस कार्यक्रम का वीडियो दिल्ली बीजेपी ने शेयर किया था।

इस वीडियो में आप (AAP) मंत्री समेत कई अन्य लोगों को शपथ लेते हुए दिखाया गया है। “मैं हिंदू धर्म के देवी देवताओं ब्रह्मा, विष्णु, महेश, श्रीराम और श्रीकृष्ण को भगवान नहीं मानूँगा, न ही उनकी पूजा करूँगा। मुझे राम और कृष्ण में कोई विश्वास नहीं होगा, जिन्हें भगवान का अवतार माना जाता है।” यह शपथ बीआर अंबेडकर की विवादास्पद 22 प्रतिज्ञाओं से काफी मिलती-जुलती थी।

इस दौरान यह भी कहते हुए सुना गया, “मैं इस बात को नहीं मानता और न ही मानूँगा कि भगवान बुद्ध विष्णु के अवतार थे। मैं इसे केवल पागलपन और झूठा प्रचार मानता हूँ। मैं श्राद्ध नहीं करूँगा और न ही पिंडदान करूँगा।”

भगवा वस्त्र पहने हुए एक व्यक्ति ने इस शपथ में आगे कहा है, “मैं ब्राह्मणों द्वारा किसी भी समारोह को करने की अनुमति नहीं दूँगा। मैं हिंदू धर्म का त्याग करता हूँ, जो मानवता के लिए हानिकारक और उनके विकास में बाधक है, क्योंकि यह असमानता पर आधारित है। मैं बौद्ध धर्म को अपना धर्म स्वीकार करता हूँ।”

अवलोकन करें:-

दिल्ली : आम आदमी पार्टी का हिन्दू विरोधी चेहरा : नहीं मानूँगा राम-कृष्ण को भगवान, न पिंडदान करूँग

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दिल्ली : आम आदमी पार्टी का हिन्दू विरोधी चेहरा : नहीं मानूँगा राम-कृष्ण को भगवान, न पिंडदान करूँग

इससे पहले, भाजपा दिल्ली अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने ट्वीट कर कहा था, “हिंदू विरोधी दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री ने हजारों लोगों के मध्य हिंदू देवी-देवताओं का अपमान किया है, यह क्षमा योग्य नहीं है। क्या किसी भी धर्म के प्रति ऐसे जहर उगलने की इजाजत आप के मंत्रियों को है? अरविंद केजरीवाल अगर जरा भी शर्म बची है तो ऐसे मंत्री को बर्खास्त करो।”

दिल्ली : आम आदमी पार्टी का हिन्दू विरोधी चेहरा : नहीं मानूँगा राम-कृष्ण को भगवान, न पिंडदान करूँगा…10 हजार हिन्दुओं का धर्मांतरण

झंडेवालान में सामूहिक धर्म परिवर्तन कार्यक्रम में शामिल हुए 'आप' के मंत्री (फोटो साभार: राजेंद्र पाल गौतम का ट्विटर)
दिल्ली सरकार के मंत्री राजेंद्र पाल गौतम (Rajendra Pal Gautam) को बुधवार (5 अक्टूबर 2022) को बौद्ध महासभा के कार्यक्रम में देखा गया, जहाँ 10000 हिंदुओं का बौद्ध धर्म में धर्मांतरण किया गया। बौद्ध सोसाइटी ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित विवादास्पद कार्यक्रम नई दिल्ली के झंडेवालान में डॉ. बीआर अंबेडकर भवन में आयोजित किया गया था।

सीमापुरी विधानसभा क्षेत्र से आम आदमी पार्टी के विधायक गौतम ने इस कार्यक्रम की जानकारी देते हुए अपने ट्विटर हैंडल पर इसकी कुछ तस्वीरें साझा की हैं। उन्होंने लिखा, “आज मिशन जय भीम के तत्वाधान में अशोका विजयदशमी पर डॉ. अंबेडकर भवन रानी झाँसी रोड पर 10000 से ज्यादा बुद्धिजीवियों ने तथागत गौतम बुद्ध के धाम में घर वापसी कर जाति विहीन और छुआछूत मुक्त भारत बनाने की शपथ ली। नमो बुद्धाय, जय भीम!”

ट्वीट का आर्काइव वर्जन लिंक पर क्लिक करके देखा जा सकता है।

जय भीम मिशन कार्यक्रम में 10 हजार लोगों को शपथ दिलाई गई कि वे हिन्दू देवी-देवताओं की पूजा नहीं करेंगे। इस दौरान यह कहते हुए सुना गया, “मैं हिंदू धर्म के देवी देवताओं ब्रह्मा, विष्णु, महेश, श्रीराम और श्रीकृष्ण को भगवान नहीं मानूँगा, न ही उनकी पूजा करूँगा। मुझे राम और कृष्ण में कोई विश्वास नहीं होगा, जिन्हें भगवान का अवतार माना जाता है।” यह शपथ बीआर अंबेडकर की विवादास्पद 22 प्रतिज्ञाओं से काफी मिलती-जुलती थी।

इस दौरान यह भी कहते हुए सुना गया, “मैं इस बात को नहीं मानता और न ही मानूँगा कि भगवान बुद्ध विष्णु के अवतार थे। मैं इसे केवल पागलपन और झूठा प्रचार मानता हूँ। मैं श्राद्ध नहीं करूँगा और न ही पिंडदान करूँगा।”

भगवा वस्त्र पहने हुए व्यक्ति ने इस शपथ को जारी रखा, “मैं ब्राह्मणों द्वारा किसी भी समारोह को करने की अनुमति नहीं दूँगा। मैं हिंदू धर्म का त्याग करता हूँ, जो मानवता के लिए हानिकारक और उनके विकास में बाधक है, क्योंकि यह असमानता पर आधारित है। मैं बौद्ध धर्म को अपना धर्म स्वीकार करता हूँ।”

कार्यक्रम के दौरान, ‘आप’ के मंत्री राजेंद्र पाल गौतम इन विवादास्पद लाइनों को दोहराते हुए और उस व्यक्ति के साथ मंच साझा करते हुए दिखाई दिए।

बाद में, उन्होंने अपने भाषण में हिंदुओं से अपने धर्म का त्याग करने और डॉ. अंबेडकर के मार्ग पर चलने का आग्रह किया। गौतम ने कहा, “यदि आप देशद्रोही नहीं कहलाना चाहते हैं, तो हमें बीआर अंबेडकर के इस संदेश को हर घर में फैलाने की जरूरत है। यदि जाति प्रकृति ने बनाई है, तो फ्रांस, चीन, कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड में कोई जाति क्यों नहीं है? इस जाति व्यवस्था से किसे फायदा हुआ और सबसे ज्यादा नुकसान किसको हुआ? बीआर अंबेडकर को इस बीमारी की दवा मिल गई थी और अब हम इसे फैला रहे हैं।”

इस दौरान ‘आप’ नेता ने अन्य देशों में को लेकर अपनी अज्ञानता साबित करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी।

राजेंद्र पाल गौतम ने इस बात पर भी अफसोस जताया कि कैसे बीआर अंबेडकर की बौद्ध धर्म अपनाने के एक महीने के भीतर ही मृत्यु हो गई थी और वह पूरे देश को बदल नहीं पाए। धम्मचक्र प्रवर्तन दिन के रूप में मनाए जाने वाले, 14 अक्टूबर, 1956 को अंबेडकर ने 3,80,000 अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म अपना लिया था।

आम आदमी पार्टी का हिन्दू विरोधी चेहरा

इस साल मार्च में अरविंद केजरीवाल ने विवेक अग्निहोत्री की फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ की आलोचना करने के बहाने दिल्ली विधानसभा में अपने संबोधन के दौरान हिंदुओं के नरसंहार का मजाक उड़ाया था। उन्होंने कहा था कि यह कल्पनाओं पर आधारित एक झूठी फिल्म है।
‘आप’ सुप्रीमो ने इससे पहले खुद को ‘हनुमान भक्त’ के रूप में रीब्रांड करने की कोशिश की थी। उस समय, नेटिज़न्स ने बताया कि कैसे उन्होंने राजनीतिक बयान देने के लिए हिंदुओं का मजाक उड़ाया था। जनवरी 2020 में जब जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में सेमेस्टर फॉर्म को लेकर वामपंथियों ने एबीवीपी के छात्रों पर हमला किया था, तब केजरीवाल ने एक आपत्तिजनक कार्टून साझा किया था। उसमें भगवान हनुमान को विश्वविद्यालय परिसर में आग लगाते हुए दिखाया गया था।
इसी तरह 2019 के आम चुनावों से पहले केजरीवाल ने एक तस्वीर साझा की, जिसमें एक व्यक्ति झाड़ू लेकर स्वस्तिक चिन्ह को मारता हुआ दिखाई दे रहा था।
अगस्त 2020 में, AAP के आधिकारिक ट्विटर हैंडल ने सिक्किम में कंचनजंगा, कामेट पीक और उत्तराखंड में नंदा देवी पहाड़ियों की तस्वीरें साझा कीं और दिल्ली के गाजीपुर में एक विशाल लैंडफिल के साथ समानताएँ बताई। विवादित ट्वीट के साथ कैप्शन लिखा था, “भारत के सबसे ऊँचे पहाड़।”
                                                         ‘आप’ के ट्वीट का स्क्रीनशॉट
2018 में, AAP सुप्रीमो जानबूझकर विश्वविद्यालयों और मंदिरों के निर्माण को लेकर निम्नस्तरीय राजनीति करते हुए दिखाई दिए, ताकि लोगों में यह संदेश जा सके कि मंदिर के निर्माण से देश का विकास नहीं हो पाएगा।
2014 में भी, उन्होंने राम मंदिर को लेकर पोस्ट किया था, “मेरा राम किसी की मस्जिद तोड़कर बनाए मंदिर में नहीं बस सकता।”
                                                  ‘आप’ के फेसबुक पेज का स्क्रीनशॉट
आपके सामने आम आदमी पार्टी के इतने सारे उदाहरण हैं, जब उन्होंने हिंदुओं को नीचा दिखाने की कोशिश की। ऐसे में ‘आप’ मंत्री राजेंद्र पाल गौतम का धर्मांतरण कार्यक्रम में शामिल होना कोई हैरानी की बात नहीं है।