Showing posts with label #fake documents. Show all posts
Showing posts with label #fake documents. Show all posts

ISI से लिंक, सेना मुख्यालय से लेकर सरकारी दफ्तरों में आना-जाना: मेरठ में अम्मी-बेटी निकली PAK की नागरिक, 30 सालों से फर्जी आधार कार्ड-पासपोर्ट के जरिए भारत में रह रहीं

पाकिस्तानी नागरिक अम्मी-बेटी के खिलाफ जाली भारतीय दस्तावेज और अवैध निवास के आरोप में FIR दर्ज (साभार: Dall-E/X)
उत्तर प्रदेश की मेरठ पुलिस ने 14 फरवरी 2026 को एक अम्मी और उसकी बेटी के खिलाफ केस दर्ज किया। आरोप है कि ये दोनों करीब 30 साल से भारत में रह रही थीं, जबकि वे पाकिस्तानी नागरिक हैं। इस मामले की शिकायत सामाजिक कार्यकर्ता रुखसाना ने की है। उन्होंने आरोप लगाया कि अम्मी-बेटी ने धोखे से भारतीय पहचान पत्र बनवा लिए। रुखसाना ने शिकायत में बताया कि पाकिस्तानी नागरिक होने के बावजूद दोनों ने फर्जी तरीके से आधार कार्ड, वोटर आईडी और भारतीय पासपोर्ट तक हासिल कर लिया।

मीडिया से बात करते हुए SSP अविनाश पांडेय ने बताया कि उन्हें फरहत मसूद नाम के एक व्यक्ति के बारे में जानकारी मिली। वह दिल्ली गेट इलाके में रहता है। बताया जा रहा है कि फरहत मसूद पाकिस्तान गया था, जहाँ उसने सबा नाम की औरत से निकाह किया। वहीं पाकिस्तान में उनकी एक बेटी पैदा हुई। सबा और उसकी बेटी दोनों ही पाकिस्तानी नागरिक हैं।

SSP ने बताया कि शुरुआती जाँच में यह साफ हो गया है कि आरोपित बिना वैध भारतीय नागरिकता के यहाँ रह रहे थे। उन्होंने कहा कि इससे पहले SP सिटी द्वारा की गई जाँच में भी आरोपों में सच्चाई पाई गई थी। जाँच में तथ्य सामने आने के बाद अब इस मामले में औपचारिक रूप से FIR दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने बताया कि आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है और पूरे मामले की गहराई से जाँच के आदेश दे दिए गए हैं।

मामले में FIR की पूरी जानकारी

ऑपइंडिया ने इस मामले में दर्ज की गई FIR की कॉपी देखी है। इस FIR में सबा मसूद उर्फ नाजी उर्फ नाजिया और उशकी बेटी ऐमन फरहत को मुख्य आरोपित बताया गया है। इन दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS)2023 की कई धाराएँ लगाई गई हैं।

इनमें धारा 318(4), 336(3), 338, 340(2), 351(2) और 352 शामिल हैं। ये धाराएँ धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करने और आपराधिक धमकी देने जैसे आरोपों से जुड़ी हुई हैं।

                                                                       साभार: UP पुलिस

शिकायतकर्ता ने बताया कि सबा ने पाकिस्तान में फरहत मसूद से निकाह किया था और उनके बेटी ऐमन का जन्म वहीं 25 मई 1993 को हुआ था। उन्होंने आगे कहा कि जब सबा भारत आई, तो ऐमन भी उसके साथ ही आई थी। ऐमन ने भारत में एंट्री सबा के पाकिस्तानी पासपोर्ट के जरिए की थी। उस पासपोर्ट में ऐमन का नाम और उसकी जन्मतिथि साफ-साफ दर्ज थी।

शिकायतकर्ता रुखसाना ने आगे बताया कि अम्मी और बेटी, दोनों ही पाकिस्तानी नागरिक होने के बावजूद मेरठ में रह रही थीं। उन्होंने कभी भी कानूनी तरीके से भारतीय नागरिकता लेने की प्रक्रिया पूरी नहीं की। रुखसाना ने यह भी कहा कि ऐमन ने मेरठ में ही पढ़ाई की, जबकि वह पाकिस्तानी नागरिक थी।

                                                              साभार: UP पुलिस

उन्होंने आगे बताया कि ऐमन के लिए भारतीय पासपोर्ट बनवाने के लिए फर्जी और बनावटी दस्तावेज तैयार किए गए। रुखसाना के मुताबिक, सबा ने भी दो अलग-अलग नामों से वोटर कार्ड बनवा लिए थे। इनमें एक सबा मसूद के नाम से और दूसरा नाजिया मसूद के नाम से था। शिकायत में कहा गया है कि ये सब जानबूझकर अपनी असली पहचान छिपाने और भारतीय अधिकारियों को धोखा देने के लिए किया गया।

रुखसाना ने अपनी शिकायत में सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि आरोपित फर्जी पासपोर्ट और दस्तावेजों के आधार पर कई बार पाकिस्तान और दूसरे देशों की यात्रा कर चुके हैं। उन्होंने पुलिस को यह भी बताया कि सबा के अब्बा हनीफ अहमद कथित तौर पर पाकिस्तान नागरिक थे और उनका संबंध ISI से बताया जाता है। रुखसाना के अनुसार, इसी वजह से यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से भी गंभीर हो जाता है।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपित अपनी असली पहचान छिपाकर दिल्ली में सेना मुख्यालय और दूसरे सरकारी दफ्तरों में भी अकसर आते-जाते रहे हैं।
FIR में यह भी दर्ज है कि शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि जब उन्होंने पहले इस मामले पर आपत्ति जताई थी तब उन्हें धमकाया और डराया गया था। रुखसाना का कहना है कि आरोपितों ने उन्हें यह कहकर दबाव बनाने की कोशिश की कि उनकी राजनीतिक पहुँच है और पुलिस प्रशासन में भी उनके संबंध हैं।

NEET पर जिस आयुषी पटेल के दावों को प्रियंका गाँधी ने दी हवा, उसके दस्तावेज फर्जी: कहा था- NTA ने रिजल्ट नहीं दिया, हाई कोर्ट में झूठी साबित हुई

आयुषी पटेल (बाएँ) का वीडियो प्रियंका गाँधी ने भी साझा किया था (साभार : Sunday Gurdian & @Horizonnews07)
लखनऊ की रहने वाली एक छात्रा आयुषी पटेल ने हाल ही में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर आरोप लगाया गया था कि एजेंसी ने उनका NEET परीक्षा का परिणाम जारी नहीं किया। आयुषी का आरोप था कि उनकी OMR शीट को NTA द्वारा फटा बताया गया। इसको लेकर आयुषी पटेल ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिका भी दाखिल की थी। अब आयुषी पटेल के सभी आरोप कोर्ट में झूठे साबित हुए हैं। आयुषी ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर NTA पर यह आरोप लगाए थे।

मंगलवार (18 जून, 2024) को इलाहाबाद हाई कोर्ट में इस मामले पर हुई सुनवाई में आयुषी पटेल झूठी साबित हुई हैं। NTA ने आयुषी पटेल की असली OMR शीट भी कोर्ट के सामने रख दी जिसे आयुषी ने भी स्वीकार किया। इस OMR शीट के अनुसार, आयुषी के 720 में से 355 नम्बर हैं।

 इलाहाबाद हाई कोर्ट में झूठी साबित होने के बाद आयुषी पटेल ने अपनी याचिका भी वापस लेने का अनुरोध किया। कोर्ट ने NTA को छूट दी है कि वह आयुषी पटेल के खिलाफ नियमानुसार एक्शन ले। कोर्ट ने यह याचिका भी खारिज कर दी। आयुषी पटेल के खिलाफ धोखाधड़ी का भी मामला बन रहा है।

दरअसल, NEET परिणाम जारी होने के बाद आयुषी पटेल ने दावा किया था कि उसका परिणाम नहीं जारी किया। आयुषी ने दावा किया था कि जब उन्होंने इस संबंध में NTA को इमेल भेज कर शिकायत की तो उन्हें एक फटी OMR शीट की फोटो भेजी गई और इसी आधार पर उनका परिणाम रोक लिया गया। आयुषी ने इसके बाद एक वीडियो बनाया था जो कि सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। आयुषी पटेल के लिए न्याय की माँग की जा रही थी।

NTA ने इसको लेकर स्पष्ट किया था कि उसने आयुषी पटेल को कोई OMR शीट नहीं भेजी है। दूसरी तरफ आयुषी ने जिस फटी OMR शीट के आधार पर NTA पर आरोप लगाए थे उसका नम्बर और आयुषी पटेल की असली OMR शीट का नम्बर भी अलग निकला।

कोर्ट में भी यह बात कही गई कि आयुषी ने NTA की तरफ से सामने रखी गई OMR शीट को अपनी माना है लेकिन वह फिर भी दूसरे नम्बर वाली OMR शीट के आधार पर अपना परिणाम ना दिए जाने का दावा कर रही थीं। आयुषी पटेल ने कोर्ट के समक्ष यही फर्जी दस्तावेज रख कर याचिका लगाई थी।

आयुषी पटेल ने इन्हीं फर्जी दस्तावेजों के आधार NTA NEET परीक्षा में घोटाले का आरोप लगाया था और खूब सिम्पथी बटोरी थी। आयुषी पटेल का वीडियो कॉन्ग्रेस नेता प्रियंका गाँधी ने भी बिना तथ्यों का मिलान किए एक्स पर डाला था। प्रियंका गाँधी ने इसके जरिए सरकार पर हमला बोला था। हालाँकि, अब जब आयुषी पटेल का दावा झूठा निकला है, तब उन्होंने कोई भी ट्वीट नहीं किया।

गौरलतब है कि हाल ही में NEET परीक्षा का परिणाम NTA ने जारी किया था। इसको लेकर देश भर के कई छात्रों ने प्रश्न उठाए थे। कुछ जगहों पर परीक्षा के दौरान गड़बड़ी की शिकायतें आई थीं। इस मामले को लेकर भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है।

उत्तर प्रदेश : आगरा में बांग्लादेशियों ने बसा रखी बस्ती

                                                                                                                    साभार: आगरा पुलिस
2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद से तथाकथित देशप्रेमी नेता और पार्टियां धर्म-निरपेक्षता और संविधान की दुहाई देकर जनमानस को भ्रमित करते आ रहे हैं। वर्तमान में विदेशी हिंडनबर्ग की रपट से देश को लाभान्वित करने वाले गौतम अडानी के विरुद्ध खुले मोर्चे को तो देख ही रहे हैं, इससे पूर्व देश नागरिक संशोधक कानून के विरोध में जगह-जगह बने शाहीन बागों को भी देखा। ये शाहीन बाग बने थे अवैध रूप से रह रहे 
रोहिंग्या, बांग्लादेशी और पाकिस्तानियों को संरक्षण देने के लिए।  

उत्तर प्रदेश के आगरा में बांग्लादेशी घुसपैठियों की एक बस्ती मिली है। पुलिस ने 28 घुसपैठियों को गिरफ्तार किया है। एक खाली जमीन पर झुग्गी बनाकर ये बस गए थे। इनके पास से फर्जी आधार, पैन कार्ड और वीजा भी मिला है। पूछताछ में बताया है कि बॉर्डर पार करने के लिए 15 से 20 हजार रुपए प्रति व्यक्ति के हिसाब उन्होंने हालिम को दिए थे।

आगरा पुलिस ने 5 फरवरी 2023 को इस बस्ती का पर्दाफाश किया। आगरा सिटी के DCP विकास कुमार ने बताया कि फर्जी दस्तावेज बनाने वालों की भी तलाश की जा रही है। हालिम के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि वह आगरा में 12 साल से स्वीपर बनकर रह रहा है। उसके बैंक अकाउंट में पैसों का अच्छा-खासा लेन-देन भी हुआ है। ये पैसे हवाला के माध्यम से बांग्लादेश भेजे गए हैं। हालिम के साथ बाकी अन्य आरोपितों के भी बैंक खातों की जाँच करवाई जा रही है।

मामला सिकंदरा थाना क्षेत्र का है। गिरफ्तार हुए सभी 28 बांग्लादेशियों ने आगरा की आवास-विकास कॉलोनी सेक्टर 14 के ग्राउंड को अपना ठिकाना बना लिया था। इनके पास से 35 फर्जी आधार कार्ड और एक फर्जी पैन कार्ड बरामद हुआ है। इन सभी पर IPC की धारा 419, 420, 467, 471 के साथ 14 (C) विदेशी विषयक अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। DCP विकास के मुताबिक इन सभी के प्रत्यर्पण के लिए भी संबंधित विभाग को पत्र लिखा जाएगा।

कुछ रिपोर्टों में बांग्लादेशी घुसपैठियों की संख्या 32 बताई गई है। समूह में 15 पुरुष, 13 औरतें और 12 साल से ज्यादा उम्र वाले 4 बच्चे बताए जा रहे हैं। 8 ऐसे भी बच्चे हैं जिनकी उम्र 1 से 8 साल के बीच की है। पुलिस ने बताया कि ये घुसपैठिए कूड़ा बीनने का काम करते थे। गिरफ्तार लोगों में अभी तक बबलू, फारुख, रवीउल शेख जैसे नाम सामने आए हैं। इनका कहना है कि इन्हें नदी के रास्ते नाव से पश्चिम बंगाल में बॉर्डर पार करवाया गया था।

पुलिस द्वारा शेयर अख़बारों में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार रास्ते में चेकिंग होने पर ये लोग खुद को मछुआरा बताते हैं। जानकारी के मुताबिक बांग्लादेश की रहने वाली रहीमा इन घुसपैठियों के फर्जी कागजात तैयार करती है।