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‘जब चाहे मालिक करेगा सेक्स, गुलाम को झुकना पड़ेगा’ : CEO ने महिला कर्मचारी से साइन कराया कॉन्ट्रैक्ट

                       यूएस कंपनी के सीईओ ने कर्मचारी से साइन कराया स्लेव कॉन्ट्रैक्ट
सैन फ्रांसिस्को टेक कंपनी का जो यौन उत्पीड़न मामला सामने आया है, कोई नयी अथवा हैरान करने वाली नहीं। सैन फ्रांसिस्को टेक कंपनी ने तो कॉन्ट्रैक्ट साइन करवाया है, लेकिन विश्व में न जाने ऐसे कितने संस्थान है, जहाँ यौन उत्पीड़न सामान्य बात है। महिला उसे नौकरी का हिस्सा मान मालिक के हर काम को करने को तैयार रहती है। अंतर केवल इतना है कि किसी का प्रकाश आ जाता है, कहीं संस्थान से बाहर हवा तक नहीं आती। कर्मचारियों को अपने परिवार की खातिर मान-मर्यादा को भूलना पड़ता है, और इस कटु सच्चाई से कोई इंकार नहीं कर सकता, चर्चा तक नहीं कर सकता। 

सैन फ्रांसिस्को टेक कंपनी ‘Tradeshift’ के सीईओ क्रिश्चियन लैंग पर आरोप लगा है कि वो अपने असिस्टेंट से एक कॉन्ट्रैक्ट साइन करवाकर उसका यौन उत्पीड़न करते थे। आरोप है कि क्रिश्चियन ने अपनी एग्जिक्यूटिव असिस्टेंट को हायर करने के कुछ महीने बाद ही गुलाम बनाने का ये कॉन्ट्रैक्ट साइन करवाया था।

पीड़िता का नाम कोर्ट डॉक्यूमेंट में जेन डो कहा गया है। उसने अपनी शिकायत में कहा कि उसका रेप सालों से किया जा रहा था। पीड़िता ने कहा कि उसे विभिन्न तरीरकों से शारीरिक दर्द दिए गए। कभी उसके ऊपर पेशाब किया गया तो कभी विदेशी चीजों को उसके प्राइवेट पार्ट में डाला जाता था।

कॉन्ट्रैक्ट के अनुसार ‘स्लेव’ को हमेशा अपने मालिक के लिए सेक्सुअल फेवर देने के लिए उपलब्ध रहना था, जब भी उसके मालिक को सेक्स की जरूरत लगती तो कॉन्ट्रैक्ट के हिसाब से वो उन्हें नहीं मना कर सकती थीं चाहे उसका मन हो या नहीं। इतना ही नही कॉन्ट्रैक्ट के मुताबिक लड़की को ये भी करने को कहा गया था कि वो जब भी अपने मालिक को अकेले में देखें तो घुटनों पर झुककर उनसे पूछे कि वो उनके लिए क्या कर सकती है।

                                                                                                  साभार: NYTimes

दस्तावेज में कहा गया था महिला को गुलाम बनाकर दी जाने सजाओं का भी जिक्र था। इसमें लिखा था कि मालिक जो चाहे वो सजा गुलाम को दे सकता है। लेकिन मालिक की ये जिम्मेदारी होगी कि वो सजा देते समय महिला को जान से नहीं मारेगा और न उसे पर्मानेंट इंजरी देगा। इतना ही नहीं कॉन्ट्रैक्ट में ये भी था गुलाम कैसे भी करके इन सजाओं को पाकर नाराज नहीं हो सकती थी और न ही अपने मालिक से नाराजगी जाहिर कर सकती थी।

महिला ने शिकायत में कहा कि उसे लैंग ने खून निकालने तक मारा और निर्जीव वस्तुओं के जरिए उसका उत्पीड़न किया। उसे कॉन्ट्रैक्ट में कहा गया था कि वो हमेशा ढंग से तैयार होकर रहे और खुद का वजन 130 से 155 पाउंड रखे। इसके अलावा गुलाम का समर्पण मालिक के प्रति हर प्रकार से रहना चाहिए। उसका शरीर मालिक का होना चाहिए। वो अगर उसे फिट देखना चाहता है तो शरीर को फिट ही होना चाहिए।

                                                                                                                      साभार: NYTimes

कोर्ट में दी शिकायत के अनुसार, महिला को अपनी जॉब Tradeshift में प्यारी थी इसलिए उसे ये सब करना पड़ा। बाद में उसने शारीरिक प्रताड़नाओं से तंग आकर शिकायत दी। इस शिकायत के बाद ट्रेडशिफ्ट ने अपने ऊपर लगाए इल्जामों को नकारा और कड़ा निर्णय लेते हुए क्रिश्चियन को उसके पद से टर्मिनेट कर दिया। मेल में कंपनी ने कहा कि लैंग के विरुद्ध बहुत सारी शिकायतें मिल रही थीं।

वहीं लैंग ने कहा कि उन दोनों के बीच बने संबंध रजामंदी के थे न कि किसी जोर जबरदस्ती के। उसने कोर्ट में डाली गई शिकायत पर को मानहानि करने वाला बताया। उसने कहा पूरा मुकदमा झूठा है। उसके मुताबिक सीईओ रहते हुए उसने किसी का यौन उत्पीड़न नहीं किया। महिला से संबंध थे लेकिन वो पहले के थे। उसके कंपनी ज्वाइन करने के बाद वो सब खत्म हो गया।

कई लोगों को क्रिश्चियन लैंग की हरकत देखने के बाद फिफ्टी शेड्स ऑफ ग्रे फिल्म की स्क्रिप्ट याद आ रही है। इस फिल्म में भी एक बिजनेसमैन ने महिला को सेक्स के लिए कॉन्ट्रैक्ट साइन करने को कहा था।

जिसे 16 की उम्र में ISIS ने बनाया सेक्स स्लेव, परिवार को मार डाला; उसकी किताब को ‘मुस्लिम विरोधी’ बता कनाडा ने लगाई रोक

कनाडा हाल के दिनों में यूरोप के कई साहित्य पर प्रतिबंध लगा चुका है। कारण दिया गया कि इसमें लिखी चीजें स्थानीय देशज लोगों के लिए ठीक नहीं हैं। राजधानी का ‘टोरंटो डिस्ट्रिक्ट स्कूल बोर्ड (TDSB)’ इस काम में वहाँ सबसे आगे है। बच्चों और साहित्य की लगभग 5000 पुस्तकों को वो आपत्तिजनक बता कर नष्ट कर चुका है। अब एक बुक क्लब कार्यक्रम से उसने अपना समर्थन वापस ले लिया है। इसमें नोबेल पुरस्कार विजेता और यज़ीदी मानवाधिकार कार्यकर्ता नादिया मुराद भी हिस्सा लेने वाली थीं।

इस कार्यक्रम में दो किताबों के लेखकों की मौजूदगी में उनकी पुस्तकों पर चर्चा के लिए आयोजित की जाने वाली थी। इसमें नादिया मुराद की पुस्तक ‘The Last Girl: My Story of Captivity, and My Fight Against the Islamic State‘ (द लास्ट गर्ल: मेरी कैद और इस्लामिक स्टेट के खिलाफ मेरी लड़ाई) भी शामिल है। बोर्ड का कहना है कि नादिया मुराद की पुस्तक मुस्लिमों की भावनाओं को ठेस पहुँचा सकती है और और इस्लामोफोबिया को बढ़ावा दे सकती है।

बोर्ड ने दावा किया कि ये पुस्तक मुस्लिमों के लिए ठीक नहीं है। बता दें कि नादिया मुराद जब  मात्र 16 साल की थीं, तब 2014 में ISIS के आतंकियों ने उनका अपहरण कर के उन्हें ‘सेक्स स्लेव’ बना दिया था। वो उत्तरी इराक के एक गाँव में रहती थीं, जहाँ हमले के बाद आतंकियों ने उन्हें बंदी बना लिया था। TDSB के प्रवक्ता रयान बर्ड ने कहा कि इस मामले में कुछ मिसअंडरस्टैंडिंग हुई है, बुक क्लब के लिए सिर्फ अपने छात्रों को वहाँ बैठने का समर्थन वापस लिया गया है।

‘A Room of Your Own; नामक क्लब को तान्या ली ने 2017 में शुरू किया था। इसमें कई स्कूलों के 13 से 18 वर्ष तक की उम्र की छात्राओं को बुला कर उन्हें किताबें पढ़ने और एक-दूसरे से ऑनलाइन चर्चाएँ करने की सुविधा दी जाती है। ली ने बोर्ड के निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यही इस्लामिक स्टेट का अर्थ होता है, जो एक आतंकी संगठन है। उन्होंने कहा कि सामान्य मुस्लिमों का इससे कुछ लेनादेना नहीं है और टोरंटो स्कूल बोर्ड को इस अंतर की जानकारी होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि पहली बार बोर्ड ने उनके बुक क्लब द्वारा आयोजित किसी कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी है। ये कार्यक्रम फरवरी 2022 में प्रस्तावित है। इस किताब में नादिया मुराद ने बताया है कि किस तरह उनकी आँखों के सामने उनके परिवार को मार डाला गया और उन्हें कैदी बना लिया गया। उनका कई बार आतंकियों द्वारा बारी-बारी से बलात्कार हुआ और प्रताड़ित किया गया। वो किसी तरह वहाँ से भाग कर निकलने में कामयाब रहीं। बोर्ड ने अब कहा है कि उसके कर्मचारी किताबें पढ़ रहे हैं।

उत्तर प्रदेश : ‘हिन्दुओ, औकात में रहो! तुम्हारी महिलाएँ हमारी हरम का हिस्सा थीं, दासी थीं’: अदनान खान, नेता समाजवादी पार्टी

सपा यूथ विंग का विधानसभा अध्यक्ष अदनान खान

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के एक नेता का आपत्तिजनक फेसबुक पोस्ट वायरल हो रहा है। उक्त फेसबुक पोस्ट आंबेडकर नगर के टांडा विधानसभा क्षेत्र में सपा यूथ विंग के विधानसभा अध्यक्ष अदनान खान का है, जिसमें हिन्दुओं को धमकी दी गई है। आंबेडकर नगर पुलिस ने जानकारी दी है कि सन्दर्भित प्रकरण के सम्बन्ध में थाना स्थानीय पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है और अभियुक्त को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है।

2017 में योगी सरकार आने से पूर्व हिन्दुओं को अपने तीज-त्यौहार मनाने की इतनी स्वतंत्रता नहीं थी, जितनी आज है। होती भी क्यों, जब निहत्ते रामभक्तों पर जो पार्टी गोली चलाती हो, वह अपनी कुर्सी की खातिर अपने वोटबैंक को खुश रखने के लिए पिछली सरकारें कुछ भी कर सकती थीं। उत्तर प्रदेश के कुछ लोगों से आने वाले चुनावों पर उनकी राय जानने का प्रयास किया। पार्टी की विचारधारा अलग है, लेकिन हिन्दुत्व और तीज-त्यौहारों के हिसाब से योगी की सरकार ही बननी चाहिए। 

अदनान खान ने 70 लोगों को टैग करते हुए अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा था, “हिन्दुओं, अपनी औकात में रहो। कल बसखारी में जो भारत-मिलाप में चिल्ला-चिल्ला के उड़ रहे हो लाउडस्पीकर साउंड लगा कर। आने दो अखिलेश भैया को, सब अंदर हो जाएगा। तब योगी घंटी बजाएगा। हिन्दू औरतें हमारी हरम का हिस्सा थीं, हमारी दासी थीं। जानवरों को पूजने वाले जानवर ही रहेंगे। जय समाजवाद। जय अखिलेश यादव ज़िंदाबाद। 22 में बाइसिकिल। मुलायम ज़िंदाबाद।”

हालाँकि, इस फेसबुक पोस्ट के वायरल होने के बाद अदनान खान ने इसे लिखे जाने से इनकार किया है। उसने आंबेडकर नगर पुलिस अधीक्षक को लिखे गए पत्र में कहा है कि 21-22 अक्टूबर, 2021 को उसकी फेसबुक आईडी हैक हो गई थी। उसने बताया है कि 22 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे जैसे ही उसे इसका पता चला, उसने पासवर्ड रिसेट कर के इस पोस्ट को डिलीट किया। उसने उलटा आरोप लगाया है कि कुछ लोग उस पोस्ट का स्क्रीनशॉट फैला कर माहौल खराब कर सकते हैं।

                                  ‘आईडी हैक हो गई थी’ – सपा नेता अदनान खान का नया दावा

एक अन्य फेसबुक पोस्ट में उसने लिखा, “मेरे फेसबुक अकाउंट से कुछ शरारती तत्वों द्वारा कुछ आपत्तिजनक पोस्ट किए जा रहे थे। असुविधा क लिए खेद है। आगे से ऐसी स्थिति या शिकायत का मौका नहीं उत्पन्न होगा।” अदनान खान ने अपने फेसबुक हैंडल पर सपा की लाल टोपी पहने तस्वीरें भी लगा रखी हैं। एक तस्वीर में वो पार्टी के मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ भी दिख रहा है।

वो क्षेत्र में अदनान खान ‘अद्दू’ के नाम से जाना जाता है, जो कई दिनों से अखिलेश यादव के संपर्क में रहा है। उसे अक्टूबर 2020 में ‘समाजवादी युवजन सभा’ का टांडा विधानसभा क्षेत्र का अध्यक्ष बनाया गया था। जिलाध्यक्ष प्रद्युम्न यादव ‘बब्लू’ ने उसकी नियुक्ति की थी। उसे बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करने की जिम्मेदारी भी दी गई थी। आंबेडकर नगर क्षेत्र में ही बसखारी प्रखंड आता है, जहाँ का वो रहने वाला है।