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दिल्ली वक्फ बोर्ड की 123 संपत्तियों को जब्त करेगी केंद्र सरकार

मुस्लिम वोट बैंक को खुश रखने के लिए बनाया वक़्फ़ बोर्ड हिन्दुओं के कितना घातक होगा, कांग्रेस में नेता बन रहे किसी हिन्दू ने हिन्दू हित के बारे में क्यों नहीं सोंचा? क्या कांग्रेस में हिन्दू जयचन्द की भूमिका निभा रहे थे? अगर 1400 वर्ष आये इस्लाम की इतनी भूमि हो सकती है, इस्लाम से शताब्दियों पूर्व से भारत में जो हिन्दू सम्राट शासन के युग वाली भूमि कहाँ है? ये तो वही बात हो रही है कि अपनी ही भूमि से हिन्दुओं को बेदखल कर वक़्फ़ बोर्ड द्वारा अधिकार करने से रोकना होगा। मुस्लिम तुष्टिकरण की इस कड़ी को तोडना होगा। हिन्दुओं को उन सभी कांग्रेसी हिन्दू नेताओं को जवाबदेही बनाना होगा। आखिर हिन्दुओं के साथ इतना खतरनाक खिलवाड़ क्यों किया?   

केंद्र सरकार ने दिल्ली वक्फ बोर्ड (Delhi Waqf Board) से जुड़ी 123 संपत्तियों को अपने अधिकार में लेने का ऐलान किया है। दिल्ली वक्फ बोर्ड की इन संपत्तियों में मस्जिद, कब्रिस्तान और दरगाह शामिल हैं। केंद्र के इस फैसले पर वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष अमानतुल्लाह खान ने कहा है कि वह सरकार को इन संपत्तियों पर कब्जा नहीं करने देंगे।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वक्फ बोर्ड की यह संपत्तियाँ केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के कब्जे में रहेंगी। इस मामले में, उप भूमि और विकास अधिकारी ने 8 फरवरी, 2023 को वक्फ बोर्ड को एक पत्र भेजा था। इस पत्र में वक्फ बोर्ड की 123 संपत्तियों को सभी मामलों से ‘मुक्त’ करने के बारे में कहा गया है।

दिल्ली वक्फ बोर्ड की संपत्ति में इस कब्जे को लेकर आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के भूमि एवं विकास कार्यालय ने कहा है कि रिटायर्ड जस्टिस एसपी गर्ग की अध्यक्षता में दो सदस्यीय समिति बनाई गई थी। इस समिति ने अपनी रिपोर्ट में गैर-अधिसूचित वक्फ संपत्तियों के मुद्दे पर कहा गया है कि उसे दिल्ली वक्फ बोर्ड से कोई प्रतिनिधित्व या आपत्ति प्राप्त नहीं हुई है। भूमि एवं विकास कार्यालय के पत्र के अनुसार, दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर केंद्र सरकार ने इस समिति का गठन किया था।

दिल्ली वक्फ बोर्ड की 123 संपत्तियों को जब्त करने को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) विधायक और बोर्ड के अध्यक्ष अमानतुल्लाह खान (Amanatullah Khan) ने कहा है कि वह संपत्तियों पर कब्जा नहीं होने देंगे। अमानतुल्लाह ने ट्वीट कर कहा है, “अदालत में हमने 123 वक्फ संपत्ति पर पहले ही आवाज उठाई है। उच्च न्यायालय में हमारी रिट याचिका संख्या 1961/2022 लंबित है। कुछ लोगों द्वारा इस बारे में झूठ फैलाया जा रहा है। इसका सबूत आप सबके सामने है। हम वक्फ बोर्ड की संपत्ति पर किसी भी तरह का कब्जा नहीं होने देंगे।”

अमानतुल्लाह खान ने 18 फरवरी 2023 को केंद्रीय मंत्रालय के उप भूमि और विकास अधिकारी को दिए जवाब में कहा है कि दो सदस्यीय समिति के गठन के खिलाफ दिल्ली वक्फ बोर्ड ने जनवरी 2022 में हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। मुस्लिम इन 123 संपत्तियों का उपयोग कर रहे हैं। वक्फ बोर्ड की तरफ से नियुक्त प्रबंध समिति या मुतवल्ली इन सभी संपत्तियों की देखरेख करते हैं।

ये सभी संपत्तियाँ कॉन्ग्रेस सरकार के दौरान दिल्ली वक्फ बोर्ड को दे दी गईं थीं। इन संपत्तियों को दिल्ली वक्फ बोर्ड को देने को लेकर ‘विश्व हिंदू परिषद’ ने दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। अगस्त 2014 में हाई कोर्ट ने आदेश का पालन करते हुए मंत्रालय ने हाई कोर्ट के पूर्व जस्टिस एसपी गर्ग की अध्यक्षता में दो सदस्यीय समिति का गठन किया था। इस समिति ने ही दिल्ली वक्फ बोर्ड के सभी हित धारकों और प्रभावितों के पक्ष को सुनते हुए रिपोर्ट जारी की है।

दिल्ली : BC(Bad Character) ही रहेगा AAP विधायक अमानतुल्लाह खान: हाईकोर्ट

दिल्ली मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल जिस ईमानदारी का चोला ओढ़ कर जनता को पागल बनाते रहे, धीरे-धीरे सच्चाई सामने आ रही है, कि पार्टी में किन लोगों का जमावड़ा है,   फिर लोग केजरीवाल पार्टी को वोट देते हैं, उनसे बड़ा मूर्ख विश्व पटल पर मिलना मुश्किल है।  
दिल्ली के आम आदमी पार्टी विधायक अमानतुल्लाह खान को दिल्ली पुलिस ने ‘बैड कैरेक्टर’ (Bad Character) करार दिया था। इस टैग को हटाने के लिए अमानतुल्लाह खान दिल्ली हाईकोर्ट पहुँचे थे, जहाँ 19 जनवरी 2023 को उनकी याचिका खारिज कर दी गई।

न्यायमूर्ति सुधीर कुमार जैन ने फैसला सुनाते हुए कहा कि संबंधित पुलिस उपायुक्त ने विधायक के खिलाफ कार्रवाई के समर्थन में कारण बताए हैं। इसके साथ ही न्यायाधीश ने कहा कि खान अगर चाहें तो दिल्ली पुलिस को इस टैग को हटाने के लिए संपर्क कर सकते हैं और इस संबंध में ज्ञापन सौंप सकते हैं। मामले में सुनवाई पूरी करने के बाद न्यायाधीश ने अक्टूबर 2022 में फैसला सुरक्षित रख लिया था।

खान के वकील एम सूफियान सिद्दीक़ी ने दावा किया है कि अधिकारियों ने इस मामले में पूरी तरह से गलत तरीके से काम किया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि हिस्ट्रीशीट एक गोपनीय दस्तावेज होता है, लेकिन प्रतिद्वंदी पार्टी के प्रवक्ता ने खान की छवि खराब करने के लिए इसे सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। वहीं, सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने तर्क दिया कि इस पूरे मामले में संबंधित अधिकारियों ने उचित प्रक्रिया का पालन किया है।

दिल्ली के जामिया नगर पुलिस स्टेशन ने 28 मार्च 2022 को ओखला विधानसभा के आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान को ‘बैड कैरेक्टर’ घोषित करने का प्रस्ताव भेजा था। प्रस्ताव को 30 मार्च 2022 को मंजूरी दे दी गई थी। प्रस्ताव में कहा गया था कि खान के खिलाफ विभिन्न मामलों में 18 एफआईआर दर्ज हैं।

शाहीन बाग़ और मदनपुर खादर में MCD द्वारा चलाए गए अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान AAP विधायक अमानतुल्लाह खान ने हंगामा किया था। पुलिसकर्मियों का आरोप लगाया था कि इस हंगामे के दौरान उन पर पथराव भी किया गया था।

पुलिस ने अमानतुल्लाह खान को इस मामले में मुख्य आरोपी बनाते हुए केस दर्ज किया था। विधायक की गिरफ्तारी भी हुई थी। हालाँकि, बाद में साकेत कोर्ट से उन्हें जमानत मिल गई थी। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में अमानतुल्लाह को BC (बैड कैरेक्टर) घोषित कर दिया था।

वहीं खान को सितंबर 2022 में भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ACB ने दिल्ली वक्फ बोर्ड भर्ती में कथित अनियमितताओं के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसी सिलसिले में उनके ठिकानों पर छापेमारी भी की गई थी। छापेमारी के दौर खान के सहयोगियों के यहाँ से लाख रुपए कैश और बिना लाइसेंस वाला हथियार बरामद किया गया था। हालाँकि 1 लाख रुपए के निजी मुचलके पर जमानत दे दी गई थी।

‘मुस्लिम अभी शांति से काम ले रहा… सड़क पर उतरा तो ईंट से ईंट बजा देगा’: अमानतुल्लाह का मस्जिदों में एहतेजाज-ए-खुत्बा का ऐलान

                         अमनतुल्लन खान ने महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती के खिलाफ उगला ज़हर (फाइल फोटो)
आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक अमानतुल्लाह खान ने एक बार फिर से मजहबी कट्टरवाद से सनी बातें की है। उसने एक वीडियो जारी कर कहा है कि अभी मुस्लिम ख़ामोशी से काम ले रहा है, लेकिन जब वो सड़कों पर आएगा तो तुम्हारी ईंट से ईंट बजा देगा। AAP नेता ने कहा कि इस तरह की तौहीन दुनिया का मुस्लिम बर्दाश्त नहीं कर सकता है, तुम्हारी ग़लतफ़हमी है अगर तुम सोचते हो कि वो सह लेगा।

दिल्ली की ओखला सीट से विधायक अमनतुल्लन खान ने वीडियो में कहा, “मुस्लिम अभी शांति से काम ले रहा है, क्योंकि वो नहीं चाहता कि इस मुल्क का अमन खराब हो। जुमे के दिन मुझे उम्मीद है कि नबी से मोहब्बत करने वाला हर मुस्लिम देश के हर मस्जिद में विरोध-प्रदर्शन करेगा और उस दिन हुकूमत जागेगी। इंशाअल्लाह! हर गाँव/बस्ती/शहर के हर मस्जिद में भारी संख्या में जुट कर मुस्लिम एहतेजाज-ए-खुत्बा करेंगे।”

अमानतुल्लाह खान ने कहा कि हर एक मस्जिद से हुकूमत-ए-हिन्द को मेमोरेंडम की शक्ल में एक चिट्ठी दी जाएगी। वीडियो में उसके साथ कई अन्य मुल्ला-मौलवी और मुस्लिम नेता दिखे, जो लगातार ‘नारा-ए-तकबीर’ और ‘अल्लाहु अकबर’ की नारेबाजी कर रहे थे। उसने बताया कि दिल्ली के तमाम इमाम उसके साथ हैं। उसने कहा कि सब ने मिलकर जुमे के दिन नमाज में एहतेजाजी खुत्बा का फैसला लिया है। ‘दिल्ली वक़्फ़ बोर्ड’ के अध्यक्ष ने इस दौरान एक शेर भी पढ़ा-

“मोहम्मद की मोहब्बत आन-ए-मिल्लत, शान-ए-मिल्लत है,
मोहम्मद की मोहब्बत रूह-ए-मिल्लत, जान-ए-मिल्लत है।

 मोहम्मद से मोहब्बत दीन-ए-हक़ की शर्त-ए-अव्वल है,

इसी में हो अगर खामी, तो सब कुछ नामुकम्मल है।”

अमानतुल्लाह खान ने कहा कि नमाज के दौरान खुत्बा देकर डासना के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती की गिरफ्तारी की माँग की जाएगी। साथ ही DM ऑफिस या नजदीकी थाने में सभी मुस्लिमों के हस्ताक्षर वाला पत्र दिया जाएगा। उसने कहा कि सरकार से माँग की जाएगी कि कोई भी कुछ ऐसा न कहे या करे, जिससे मुस्लिमों की भावनाएँ आहत हों।

इस दौरान वहाँ कई अन्य इमामों ने भी भड़काऊ बातें कहीं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार और पुलिस कुछ नहीं कर रही है तो हम जिम्मेदारी लेकर लोगों को बताएँगे। इस दौरान एक इमाम ने महंत को सख्त सज़ा की माँग की। उसने कहा कि ऐसे लोगों पर लगाम नहीं कसी गई तो ये रुकने वाले नहीं हैं। उस इमाम ने कहा कि इस्लामी कानून में ‘गुस्ताख़-ए-रसूल’ की सज़ा वही है, जो अमानतुल्लाह खान ने कहा है।

एक अन्य इमाम ने कहा कि प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति तक ये पैगाम पहुँचाया जाएगा कि किसी मजहब के खिलाफ बयानबाजी देश के विकास में बाधक है। इमामों ने कहा कि पिछले कुछ समय से मजहब के ऊपर टिप्पणियाँ बढ़ गई हैं और उसे समर्थन भी मिलता है। उन्होंने कहा कि इस्लाम में किसी मजहब या उसके पेशवा की बुराई पर प्रतिबंध है। करीब 50 उलेमा वहाँ मौजूद थे, जिन्होंने कहा कि जो अल्लाह से डरता है, उससे सारी दुनिया डरती है क्योंकि वही दुनिया चलाता है।

अमानतुल्लाह खान ने कहा, “अगर अल्लाह ने किसी को मौत देने की इच्छा नहीं रखी तो उसे कायनात की कोई ताकत कुछ नहीं कर सकती। हमने सिर्फ शरीयत के कानून की बात की थी। शरीयत में गर्दन और जुबान काटने की ही सज़ा है। खुलेआम क़त्ल करने की बात करने वालों पर कार्रवाई हो। जंगलराज है। रसूल की शान में गुस्ताखी करने वाला खुला घूम रहा है। क्या अमित शाह को नहीं पता पूरी दुनिया का मुस्लिम एहतेजाज कर रहा है।”

अवलोकन करें:-

‘नरसिंहानंद की गर्दन काटने वाले को 51 लाख रूपए इनाम, बेच डालूँगा घर, जमीन व जेवर’: मोहम्मद दानिश ग

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‘नरसिंहानंद की गर्दन काटने वाले को 51 लाख रूपए इनाम, बेच डालूँगा घर, जमीन व जेवर’: मोहम्मद दानिश ग

अमानतुल्लाह खान ने बीते 3 अप्रैल को अपने ट्विटर हैंडल से खुले तौर पर यति नरसिंहानंद की जुबान और गला काटने की धमकी दी थी। आप MLA ने लिखा, “हमारे नबी की शान में गुस्ताखी हमें बिल्कुल बर्दाश्त नहीं। इस नफरती कीड़े की जुबान और गर्दन दोनों काट कर इसे सख्त से सख्त सजा देनी चाहिए। लेकिन हिंदुस्तान का कानून हमें इसकी इजाजत नहीं देता।” सोशल मीडिया पर कट्टरपंथी मुस्लिमों ने उसका समर्थन भी किया था।

उत्तर प्रदेश : नरसिंहानंद की गर्दन काटने की धमकी देने वाले अमानतुल्लाह खान के खिलाफ UP पुलिस से FIR के लिए कपिल मिश्रा की अपील

                      केस आगे बढ़ता है तो UP पुलिस अपने 'ढंग' से गिरफ्तार कर ले जा सकती है!
भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने ओखला से आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक अमानतुल्लाह खान के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए यूपी पुलिस के समक्ष शिकायत दर्ज करवाई है। कपिल मिश्रा ने खुद ट्वीट करते हुए इसकी जानकारी दी। इससे पहले कपिल मिश्रा ने अमानतुल्लाह खान को चेतावनी देते हुए कहा था कि नरसिंहानंद जी को हाथ भी लगाने की गलती मत करना क्योंकि देश संविधान से चलता है, किसी किताब से नहीं।

दरअसल आप विधायक अमानतुल्लाह खान ने डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती का एक वीडियो शेयर कर कहा था इस (यति नरसिंहानंद) नफ़रती कीड़े की ज़ुबान और गर्दन दोनों काट कर इसे सख़्त से सख़्त सजा देनी चाहिए।

दिल्ली के पूर्व विधायक और भाजपा नेता कपिल मिश्रा के इस कदम पर ट्विटर पर लोगों ने हिन्दुत्व का दम भरने वाली भाजपा सहित दिल्ली के सातों सांसदों की भी लगा दी क्लास। वैसे अमानतुल्लाह की धमकी पर उन सभी हिन्दुओं को शर्म आनी चाहिए जो नागरिकता संशोधक कानून के विरोध में Fuck Hindutva  के नारे लगाने वालों के साथ कंधे से कन्धा मिलाकर खड़े थे।  

यति नरसिंहानंद का वीडियो शेयर करते हुए अमानतुल्लाह खान ने अपने ट्वीट में लिखा था, “हमारे नबी की शान में गुस्ताखी हमें बिल्कुल बर्दाश्त नहीं, इस नफ़रती कीड़े की ज़ुबान और गर्दन दोनो काट कर इसे सख़्त से सख़्त सजा देनी चाहिए। लेकिन हिंदुस्तान का क़ानून हमें इसकी इजाज़त नहीं देता, हमें देश के संविधान पर भरोसा है और मैं चाहता हूँ कि दिल्ली पुलिस इसका संज्ञान ले।”

इससे पहले आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक अमानतुल्लाह खान ने इस वीडियो को लेकर दिल्ली के जामिया नगर थाने में महंत के खिलाफ शिकायत की थी। अमानतुल्लाह खान ने ट्विटर पर वीडियो शेयर कर कहा था कि नरसिंहानंद की गुस्ताखी के लिए उनके ख़िलाफ़ जामिया नगर में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है।

इसके बाद दिल्ली पुलिस ने गाजियाबाद के डासना मंदिर के महंत स्वामी यति नरसिंहानंद सरस्वती के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया। दिल्ली पुलिस ने बताया कि विवादित वीडियो पर संज्ञान लेते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 153-A और 295-A के तहत पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में एफआईआर दर्ज की गई। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यति नरसिंहानंद की टिप्पणी वाला यह वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गया है।

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अमानतुल्लाह की शिकायत पर दिल्ली पुलिस हरकत में; लेकिन योगी जी दिल्ली विधायक अमानतुल्लाह पर कार

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अमानतुल्लाह की शिकायत पर दिल्ली पुलिस हरकत में; लेकिन योगी जी दिल्ली विधायक अमानतुल्लाह पर कार

उसने कहा था, “यति नरसिंहानंद ने जो पैगंबर मोहम्मद की शान में गुस्ताखी की है, उसके लिए हुक्म है कि उसका सिर कलम कर दिया जाए या उसकी जुबान काट ली जाए। लेकिन संविधान पर हमें भरोसा है। उम्मीद है कि उसके ऊपर कार्रवाई करके उसे जेल भेजा जाएगा। हम सारे धर्म के गुरुओं- श्रीराम, श्रीकृष्ण सभी का सम्मान करते हैं। इसलिए हम नहीं चाहते हैं किसी भी धर्म को मानने वाला हमारे धर्म गुरु… की शान में गुस्ताखी करे। शरीयत अगर यहाँ होता तो इस शख्स को सरेआम गर्दन काट कर, जुबान काटकर लटका दिया जाता। पर हम कानून का सम्मान करते हैं और वो इसकी इजाजत नहीं देता, इसलिए मैं यहाँ आया हूँ। आला अधिकारी से अपील करता हूँ कि इस शख्स ने मुल्क के माहौल को बिगाड़ने की कोशिश की है। मुसलमानों के दिल को ठेस पहुँची है, तकलीफ हुई है क्योंकि हम किसी भी हाल में ये गुस्ताखी बर्दाश्त नहीं कर सकते।” 

अमानतुल्लाह की शिकायत पर दिल्ली पुलिस हरकत में; लेकिन योगी जी दिल्ली विधायक अमानतुल्लाह पर कार्यवाही कब?

                                      यति नरसिंहानंद सरस्वती (बाएँ), अमानतुल्लाह खान (दाएँ)
आम आदमी पार्टी (AAP) विधायक अमानतुल्लाह खान ने पैगंबर मोहम्मद पर कथित आलोचनात्मक टिप्पणियों के लिए डासना देवी मंदिर के प्रमुख पुजारी यति नरसिंहानंद सरस्वती की जुबान और गर्दन काटने की माँग की।
‘नरसिंहानंद की जुबान और गर्दन काट कर सजा देनी चाहिए…’: पैगंबर मोहम्मद की आलोचना पर AAP नेता अमानतुल्लाह
गाजियाबाद के डासना मंदिर के महंत स्वामी यति नरसिंहानंद सरस्वती के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। इंडियन एक्सप्रेस के पत्रकार महेंद्र सिंह मनराल के अनुसार दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कथित तौर पर पैंगबर मोहम्मद के खिलाफ टिप्पणी कर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के आरोप में यह कार्रवाई की गई है।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि इस वीडियो पर संज्ञान लेते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 153-A और 295-A के तहत पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यति नरसिंहानंद की टिप्पणी वाला यह वीडियो सोशल मीडिया में वायरल है।
इससे पहले आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक अमानतुल्लाह खान ने इस वीडियो को लेकर दिल्ली के जामिया नगर थाने में महंत के खिलाफ शिकायत की थी। अमानतुल्लाह खान ने ट्विटर पर वीडियो शेयर कर कहा था कि नरसिंहानंद की गुस्ताखी के लिए उनके ख़िलाफ़ जामिया नगर में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है।
ऐसे में ज्वलंत प्रश्न यह है कि आखिर दिल्ली पुलिस ने एक तरफ़ा कार्यवाही क्यों की? क्यों नहीं अमानतुल्लाह के विरुद्ध भड़काऊ बयान का संज्ञान लिया? खैर, क्या न्यायालय मुस्लिम लेखक अनवर शेख की पुस्तकों और मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट जे एस लोहत द्वारा 31 जुलाई 1986 को दिल्ली की एक कोर्ट द्वारा इसी विवाद पर दिए निर्णय का संज्ञान लेगी? 
http://indiafacts.org/court-ruling-ayats-quran-cause.../
Court Ruling: Some Ayats in the Quran cause Communal Riots | IndiaFacts
INDIAFACTS.ORG
Court Ruling: Some Ayats in the Quran cause Communal Riots | IndiaFacts
अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और हिन्दू स्वयंसेवी संस्थानों आरएसएस, विश्व हिन्दू परिषद और हिन्दू महासभा आदि को भी दिल्ली विधायक के विरुद्ध एक हिन्दू नेता को धमकी देने के आरोप में कार्यवाही करनी चाहिए। 

अमानतुल्लाह खान ने यति नरसिंहानंद सरस्वती का इस्लाम की निंदा करता हुआ वीडियो शेयर करते हुए ट्विटर पर लिखा, “हमारे नबी की शान में गुस्ताखी हमें बिल्कुल बर्दाश्त नहीं, इस नफ़रती कीड़े की ज़ुबान और गर्दन दोनों काट कर इसे सख़्त से सख़्त सजा देनी चाहिए। लेकिन हिंदुस्तान का कानून हमें इसकी इजाज़त नहीं देता, हमें देश के संविधान पर भरोसा है और मैं चाहता हूँ कि दिल्ली पुलिस इसका संज्ञान ले।”

अमानतुल्लाह के इस दो-मुखी बयान पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संज्ञान लेकर सख्त कार्यवाही करनी चाहिए। अगर इन लोगों को अपने इस्लाम की बुराई पसंद नहीं, फिर किस आधार पर ये लोग हिन्दू देवी-देवताओं को अपमानित भाषा का प्रयोग करते हैं? दूसरे, शार्ली एब्डोलो द्वारा कार्टून पर शोर मचा सकते हैं, सलमान रश्दी और तस्लीमा के विरुद्ध हंगामा कर सकते हैं, लेकिन अनवर शेख के विरुद्ध बोलने अथवा फतवा देने का विश्व में किसी में साहस नहीं हुआ। जिनकी पुस्तकें इस्लाम और पैगम्बर को तार-तार किया है। दुनियां में हर धर्म के देवी-देवताओं पर शोध हुए हैं, जरुरी है इस्लाम पर भी शोध हुआ होगा, क्यों नहीं जगजाहिर किया जाता? यति नरसिंहानंद हो या कमलेश तिवारी इन्होंने उन्हीं तथ्यों को उजागर करने का प्रयास कर रहे हैं, जिस शोध को जनता से छुपाया जा रहा है। यदि अमानतुल्लाह के उकसाने पर किसी सिरफिरे ने यति का कमलेश तिवारी वाला हाल किया, इसका अंजाम इतनी दूर तक जाने की संभावनाएं हैं, कोई कल्पना भी नहीं कर पाएगा। केवल भारत ही नहीं विश्व में एक नयी बहस छिड़ जाएगी, जिसकी गूंज कट्टरपंथियों की रोटी ही नहीं रातों की नींद हराम कर देगा। (पढ़िए नीचे मीनाक्षीपुरम का कड़वा सच, जब कांग्रेस काल में हिन्दुओं का इस्लामीकरण किया गया था, लेकिन डॉ नसरुद्दीन कमाल परिवार सहित हिन्दू बन गया। )   

यति नरसिंहानंद सरस्वती प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। यहाँ उन्होंने पैगंबर मोहम्मद की असलियत को उजागर करने के लिए हिंदुओं से निडर होने का आग्रह किया। यति नरसिंहानंद सरस्वती ने कहा:

“अगर इस्लाम की असलियत, जिसके लिए मौलाना कहते हैं कि अगर मोहम्मद के बारे बोला तो सिर काट देंगे… हिंदू ये भय अपने दिमाग से निकाल दें। हम हिंदू हैं। हम राम के चरित्र की मीमांसा कर सकते हैं, हम परशुराम के चरित्र की मीमांसा कर सकते हैं, तो हमारे लिए मोहम्मद क्या चीज है? हम मोहम्मद की मीमांसा क्यों नहीं करेंगे और क्यों सच नहीं बोलेंगे?”

उन्होंने आगे कहा, “अगर आज मोहम्मद का सच दुनिया के मुसलमान को चल जाए तो उसे अपने मुसलमान होने पर शर्म आएगी। क्योंकि भगवान हर इंसान के अंदर एक अंतरात्मा देता है, जिसे पता होता है कि क्या अच्छा है, क्या बुरा है और जब किसी इंसान को पता चलेगा कि वो केवल एक चोर, लुटेरे, बलात्कारी को, औरतों की सौदागरी करने वाले को फॉलो कर रहा था, तो उसे शर्म आएगी। ये तो हिंदुस्तान के घटिया नेता और नकली धर्मगुरु हैं, जिन्होंने इस्लाम जैसी गंदगी का महिमामंडन कर दिया। अगर इस्लाम के बारे में खुल कर बोला जाता तो आज हम मुसलमान को अपने मुसलमान होने पर शर्म आती। उसे शर्म आती कि वो हिंदुओं के खाने में थूक रहा है, उसे शर्म आती कि उसने अपने भाई जैस दोस्त की पत्नी और बेटी पर गंदी निगाह डाली।” 

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वैदेही और इस्लाम....

23 फरवरी 1981 का दिन था वह, जब तमिलनाडु के मीनाक्षीपुरम में डाँ० नसरुद्दीन कमाल अपने साथियों के साथ एक दलित परिवार को बंधक बनाए हुए थे। घर के सभी लोगों ने इस्लाम कबूल लिया था, घर के लोग ही क्यों लगभग एक हजार दलित धर्मांतरण करके जबरन मुस्लिम बनाए चुके थे। इसलिए मीनाक्षीपुरम का नाम बदलकर रहमतनगर रख दिया गया था।

यह दलित गिने के घर की कहानी है। उसकी 8 वर्ष की पोत्री थी वैदेही...वह किसी भी कीमत पर मुस्लिम बनने को तैयार नहीं हुई,

‘‘मै मर जाऊंगी लेकिन कलमा नहीं पढ़ूंगी,’’ उसने अपने दादा से कहा था, ‘‘बाबा आपने ही तो मुझे गायत्री मंत्र सिखाया था ना...आपने ही तो बताया था कि यह परमेश्वर की वाणी वेदों का सबसे सुंदर मंत्र है, इससे सब मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं, फिर मैं उन लोगों का कलमा कैसे पढ़ सकती हूं, जिन्होंने मेरे सहपाठियों का कत्ल कर दिया, क्योंकि वे भी मुस्लिम नहीं बनना चाहते थे।

हम ऐसे मजहब को कैसे अपना सकते हैं?, जिसे न अपनाने पर कत्ल का भय हो, मुझे तो गायत्री मंत्र प्रिय है जो मुझे निर्भय बनाता है।’’

''बेटी जीवन रहेगा तो ही धर्म रहेगा ना...जिद छोड दे और कबूल कर ले इस्लाम।'' बाबा ने अंतिम प्रयास किया था।

उसने बाबा से सवाल किया था, ''बाबा आपने एक दिन बताया था कि गुरु गोबिंद सिंह के दो बच्चे दीवार में जिंदा चिनवा दिए थे, लेकिन उन्होंने इस्लाम नहीं कबूला था, क्या मैं उन सिख भाइयो की छोटी बहन नहीं? जब वे धर्म से नहीं डिगे तो मैं कैसे डिग सकती हूं?''

‘‘दो टके की लड़की, कलमा पढ़ने से इंकार करती है,’ डाँ० नसरूद्दीन कमाल के साथ खड़े मौलाना नुरूद्दीन खान ने उसके बाल पकड़ते हुए चूल्हे पर गर्म हो रहे पानी के टब में उसका मुंह डूबा दिया था। पानी भभक रहा था, इतना गर्म था कि बनती भाप धुंए के समान नजर आ रही थी। बालिका के चेहरे की चमड़ी निकल गई थी एक बार ही डुबोते, चीख पड़ी थी, ‘‘भगवान मुझे बचा लो?’’

‘‘तेरा पत्थर का भगवान तुझे बचाने नहीं आएगा, अब तो इस्लाम कबूल ले लड़की, नहीं तो इस बार तुझे इस खोलते पानी में डुबा दिया जाएगा।’’ मौलवी ने कहा था, फिर उसके दादा ने भी कहा, ‘‘कबूल कर ले बेटी इस्लाम, हम भी सब मुसलमान बन चुके, तू जिंदा रहेगी तो तेरे सहारे मेरा भी बुढ़ापा भी कट जाएगा।’’

मौलवी ने चूल्हे के पास से मिर्च पाउडर उठाकर उसकी आंखों में भरते हुए और चेहरे पर मलते हुए कहा, ‘‘दूध के दांत टूटे नहीं, और इस्लाम नहीं कबूलेगी।’’

एक बार फिर तड़प उठी थी वह मासूम, पर इस बार भी यही कह रही थी, ‘‘नहीं मैं इस्लाम नहीं कबूल करूंगी।’’

मौलवी को भी क्रोध आ गया था, इस बार तो उसका सिर जलते हुए चूल्हें में ही दे डाला था। परंतु प्राण त्यागते हुए भी उस बालिका के मुख से यही निकल रहा था, ‘‘मैं इस्लाम नहीं कबूल करूंगी।’’

अंतिम बार डाॅक्टर नसरूद्दीन कमाल की ओर आशा भरी दृष्टि से देखा था, ‘‘मेरा धर्म बचा लो...डाॅक्टर साहब...पत्थर के भगवान नहीं आएंगे, आज से मैंने तुझे भगवान मान लिया...’’

अब उसमें कुछ नहीं रहा था, वह तो मिट्टी बन चुकी थी, डाँ० नसरूद्दीन कमाल भी तो धर्मांतरण करने वाले लोगों की मंडली में ही शामिल था, लेकिन उस बालिका ने पता नहीं उसमें क्या देखा कि विधर्मी से ही धर्म बचाने की गुहार लगा बैठी थी, उस असहाय बालिका का धर्म के प्रति दृढ़ निश्चय देखकर हृदय चीत्कार कर उठा था नसरूद्दीन कमाल का, ‘‘या अल्लाह ऐसे इस्लाम के ठेकेदारों से तो मर जाना अच्छा है।’’ वह घर की ओर भाग लिया था और डाँ० नसरूद्दीन कमाल पूरे दस दिन अपने घर से नहीं निकला, कुछ खाया पीया नहीं, बस उस बालिका का ध्यान बराबर करता और आंखों में आंसू भर आते उसके...गायत्री मंत्र का अर्थ जानने के लिए उसने एक किताब खरीदी, गलती से वह नूरे हकीकत यानी सत्यार्थ प्रकाश थी। उसने उसका गहराई से अध्ययन किया और 11 नवंबर 1981 को एक जनसमूह के सामने विश्व हिन्दू परिषद और आर्य समाज के तत्वावधान में अपने पूरे परिवार के साथ वैदिक धर्म अंगीकार कर लिया।

डाँ० नसरूद्दीन ने अब अपना नाम रखा था आचार्य मित्रजीवन, पत्नी का नाम बेगम नुसरत जहां से श्रीमती श्रद्धादेवी और तीन पुत्रियों शमीम, शबनम और शीरीन का नाम क्रमशः आम्रपाली, अर्चना और अपराजिता रखा गया।

15 नवंबर 1981 को आर्य समाज सांताक्रुज, मुंबई में उनका जोरदार स्वागत हुआ, जहां उन्होंने केवल एक ही बात कही, ‘‘मैं वैदेही को तो वापस नहीं ला सकता, लेकिन हिन्दू समाज से मेरी विनती है, मेरी बेटियों को वह अपनाए, वे हिन्दू परिवारों की बहू बनेंगी तो समझूंगा कि उस पाप का प्रायश्चित कर लिया, जो मेरी आंखों के सामने हुआ। हालांकि वह मैंने नहीं किया, लेकिन मैं भी दोषी था, क्योंकि मेरी आंखों के सामने एक मासूम बालिका की निर्मम हत्या कर दी गई।’’

आचार्य मित्रजीवन ने अपना शेष जीवन वेदों के प्रचार-प्रसार में लगा दिया, इसलिए उन्हें आज बहुत से लोग जानते हैं, उनकी पुस्तकें पढ़ते हैं, लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि वे जन्म से मुस्लिम थे और यह तो कोई जानता ही नहीं कि वैदेही कौन थी?

साभार ......

वेद वृक्ष की छाया तले, पुस्तक का एक अंश

लेखिका फरहाना ताज

स्रोत : वैदेही के संदर्भ के लिए देखें 24 फरवरी 1981 इंडियन एक्सप्रेस

वैदिक गर्जना, मासिक पत्रिका 1982

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लोगों ने लगा दी अमानतुल्लाह और केजरीवाल की क्लास:-

इससे पहले भी अमानतुल्लाह खान ने दिल्ली दंगों के आरोपी ताहिर हुसैन का बचाव करने के लिए ’मुस्लिम कार्ड’ खेला था। उसने उसके खिलाफ ढेर सारे सबूतों को अनदेखा करते हुए दावा किया कि उसे सिर्फ इसलिए सजा दी जा रही है क्योंकि वह मुस्लिम है। बता दें कि खान पर खुद CAA विरोध प्रदर्शनों के दौरान 15 दिसंबर, 2019 को दिल्ली में हिंसा भड़काने का आरोप है।

हुसैन की बीवी को AAP देगी टिकट : अमानतुल्ला के ट्वीट पर कपिल मिश्रा

ताहिर बीवी AAP टिकट अमानतुल्ला
भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने एक ट्वीट में दावा किया है कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की सत्ता पर काबिज आम आदमी पार्टी (AAP) दिल्ली दंगों के मुख्य आरोपित और पूर्व AAP पार्षद ताहिर हुसैन की पत्नी को टिकट देगी। ज्ञात हो कि ताहिर हुसैन वर्तमान में पूर्वोत्तर दिल्ली में हुए हिन्दू-विरोधी दंगों के मामले में जेल में बंद है।
कपिल मिश्रा ने यह ट्वीट आम आदमी पार्टी नेता अमनातुल्ला खान के ट्वीट के बाद किया है, जिसमें उन्होंने ताहिर हुसैन के परिवार वालों की दुर्गति बयान की है। AAP विधायक अमानतुल्लाह खान ने दिल्ली के उप राज्यपाल से गुजारिश की है कि वह ताहिर हुसैन के परिवार को सुरक्षा दें। उन्होंने ट्वीट करके यह बात कही है।
अमानतुल्ला विधायक होने के नाते मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल से यह क्यों नहीं पूछते कि हमारे जिस पार्षद ताहिर हुसैन ने साम्प्रदायिक दंगे करवाए, उसके विरुद्ध देशद्रोह का मुकदमा चलाने की इजाजत क्यों नहीं दी जा रही? आखिर वोट तो हिन्दू ने भी दिया था? ये वही अमानतुल्ला है जिसने संविधान की शपथ लेने के बावजूद विदेशी रोहिंग्यों के आधार, राशन कार्ड और वोटर पहचान-पात्र बनवाए। फिर कहते हैं "हम संविधान के रक्षक हैं।" जनता से कितना बड़ा फरेब? अख़लाक़ के लिए तो बहुत दर्द हो रहा था, लेकिन विकासपुरी में डॉ नारंग और दिल्ली में बेगुनाह हिन्दुओं की हत्याओं कहाँ गया दर्द? आखिर इस सांप्रदायिक सियासत का कब जनाजा निकालोगे? इस नफरतभरी फिरकापरस्त सियासत पर कपिल मिश्रा का पुराना वीडियो आज भी सही साबित हो रहा है, जिसे आम आदमी पार्टी ही सही सिद्ध कर रही है, देखिए:-
‘दुर्दशा में ताहिर का परिवार, मिले प्रोटेक्शन’ – अमानतुल्ला
अगस्त 26, 2020 को AAP नेता अमनातुल्ला खान ने एक ट्वीट में लिखा, “ताहिर हुसैन के बच्चे आज मुझसे मिले और रोते हुए मुझसे कहा कि हमारा क्या क़ुसूर है? डर की वजह से आज हम अपने ही घर में नहीं रह पा रहे हैं, अकाउंट सीज़ होने की वजह से स्कूल की फ़ीस तक नहीं दे पा रहे। राज्यपाल साहब से मेरी गुज़ारिश है कि ताहिर हुसैन की फैमिली को प्रोटेक्शन दी जाए।”
आज ताहिर हुसैन के परिवार की चिंता करने वाले आम आदमी पार्टी नेता उस समय कहाँ थे, जब ये ही ताहिर बेकसूर हिन्दुओं के घर जलवा रहा था, उन पर पेट्रोल बम फेंकवा रहा था? इस दंगे में जिन हिन्दू परिवारों की कमाई का साधन समाप्त हो गया इन दंगाइयों का साथ देने वालों को क्या उनकी चिंता नहीं? उनकी कौन सुध लेगा, हिन्दुओं पर हमला करते या करवाते समय ताहिर या उसके समर्थकों को सोंचना चाहिए था कि पकडे जाने पर परिवार का क्या होगा? जब हिन्दुओं को मार कर नालों में फेंका जा रहा था, तब नहीं सोंचा किसी ने? जब संविधान की शपथ लेने वाला संविधान का ही अपमान कर हिन्दू विरोधी दंगे करवा रहा था, तब नहीं सोंचा किसी ने? ये Victim Card  खेलना बंद करो। अगर उपराज्यपाल या केंद्र सरकार ताहिर के बैंक खातों से सील हटाती है, तो यह हिन्दुओं पर घोर अत्याचार होगा। कई बार यह भी अहसास होता है की "1947 में भारत विभाजित करवाने वाली मुस्लिम लीग कहीं आम आदमी पार्टी के रूप में तो नहीं आ गयी?"





इसकी अगली सुबह एक ट्वीट में भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने लिखा, “आतंकी ताहिर हुसैन की बीवी को टिकट देगी AAP, जेल में ताहिर हुसैन को मिलेगी VVIP सुविधाएँ। देशद्रोह का केस चलाने की अनुमति नहीं देगी केजरीवाल सरकार। अंकित शर्मा के हत्यारे के परिवार से मिला अमानतुल्ला खान।”



Remove Zafarul-Islam Khan from post: Kapil Mishra tells Kejriwal ...
भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने ट्वीट के साथ Kreately.in पर प्रकाशित एक खबर का लिंक भी शेयर किया है। इस खबर के अनुसार, दिल्ली की तिहाड़ और मंडोली जेल में ताहिर हुसैन को वीवीआईपी सुविधाएँ देने की तैयारी चल रही है। इसमें कथित तौर पर बताया गया है कि दिल्ली में हुए हिन्दू-विरोधी दंगे और IB कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या के दौरान ताहिर हुसैन लगातार अमानतुल्ला खान और संजय सिंह के संपर्क में था।
Kreately.in की इस रिपोर्ट के अनुसार, “अब केजरीवाल कुछ भी करके ताहिर हुसैन की चुप्पी खरीदना चाहता हैं। इसी मकसद से केजरीवाल का खास दूत अमानतुल्ला खान ताहिर हुसैन के परिवार से मिला। चर्चा है कि केजरीवाल ने ताहिर हुसैन की चुप्पी के बदले उसकी बीवी को चुनाव में टिकट देने का संदेश भिजवाया है। साथ ही ये भी कहा है कि केजरीवाल सरकार ताहिर हुसैन पर देशद्रोह का मुकदमा चलाने की अनुमति नहीं देगी। दिल्ली की तिहाड़ और मंडोली जेल में ताहिर हुसैन को VVIP सुविधाएँ देने की भी तैयारी की जा रही है। ताहिर हुसैन के खिलाफ IB अफसर अंकित शर्मा की हत्या, सैकड़ो हिंदुओं की हत्या की साजिश, बम, गोली और एसिड से दुकानें, घर और हिंदुओं को जलाने व मारने के सबूत हैं और चार्ज शीट दायर हो चुकी है।”
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