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हिन्दू विरोधी I.N.D.I.A गठबंधन, राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में शामिल तमिलनाडु की एमएमके पार्टी के अध्यक्ष ने माता सीता का किया अपमान


विपक्षी दलों का I.N.D.I.A गठबंधन हिन्दू विरोधियों का जमावड़ा है। इस गठबंधन का नेतृत्वकर्ता कांग्रेस है, जिसका इतिहास ही हिन्दू विरोध रहा है। इस गठबंधन में वहीं पार्टियां शामिल हैं, जो हिन्दू धर्म और उसके देवी-देवताओं से नफरत करती हैं। I.N.D.I.A गठबंधन में शामिल और तमिलनाडु सरकार के सहयोगी दल मनिथानेया मक्कल काची(MMK) के अध्यक्ष जवाहिरुल्ला ने सड़कों पर ऐसे पोस्टर लगवाए, जो हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करने वाला था। यह अब सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। इस पोस्टर में माता सीता को अपमानजनक तरीके से दिखाया गया है, जिससे करोड़ों हिन्दुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। हालांकि इसके खिलाफ कार्रवाई की मांग उठ रही है, लेकिन स्टालिन की सरकार ने अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं की है। 

रविवार (30 जुलाई, 2023) को तमिलनाडु के डिंडीगुल जिले में मणिपुर की घटना को लेकर एमएमके ने प्रदर्शन किया। इस दौरान सड़कों पर एक आपत्तिजनक पोस्टर लगाया गया। सोशल मीडिया में वायरल हो रहे इस पोस्टर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भगवान राम और गृह मंत्री अमित शाह को लक्ष्मण दिखाया गया है। वहीं इन दोनों के बीच में माता सीता को निर्वस्त्र दिखाया गया है। इसके साथ ही राष्ट्रीय चिन्ह तिरंगे का भी अपमान किया गया है। इस पोस्टर को लेकर हिन्दुओं में जबरदस्त आक्रोश देखा जा रहा है। सवाल उठ रहे हैं कि तमिलनाडु की डीएमके और कांग्रेस गठबंधन की सरकार में हिंदू देवी देवताओं का अपमान करना,उनका अश्लील चित्रण करना क्या कानूनी रूप से वैध है?

हालांकि बाद में विवाद बढ़ते देख एमएमके अध्यक्ष ने इस विवादित पोस्टर को हटा दिया और लोगों की भावनाएं आहत होने के लिए मांफी मांग ली, लेकिन एमएमके पार्टी के इस पोस्टर को लेकर राहुल गांधी और कांग्रेस निशाने पर आ गए। बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने दावा किया कि एमएमके प्रमुख को कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान उनके साथ चलते हुए देखा गया था। गौरव भाटिया ने ट्वीट किया, “बहुत गहरा दुख पहुंचा है। हम उन्हें इतनी सख्ती से वापस देंगे। कानूनी युद्ध शुरू किया जाएगा। क्या यह धर्मनिरपेक्षता है? सिर्फ इसलिए कि हम सहिष्णु हैं, इससे भारत को हमारी धार्मिक भावनाओं को बेरहमी से कुचलने का अधिकार नहीं मिल जाता।” 

राहुल गाँधी ने फिर किया हिन्दू धर्म का अपमान, ‘ये देश पुजारियों का नहीं है’: महाभारत पर भी बाँचा उलटा-पुलटा ज्ञान

                        'भारत जोड़ो यात्रा' में राहुल गाँधी ने किया हिन्दू धर्म का अपमान (फाइल फोटो)
राहुल गाँधी फ़िलहाल ‘भारत जोड़ो यात्रा’ पर हैं। इस दौरान उनके द्वारा कई ऐसी हरकतें की गई हैं, जिन्हें लोगों ने हिन्दू धर्म का अपमान बताया है। अब राहुल गाँधी ने पुरोहितों पर विवादित बयान दिया है। साथ ही महाभारत का भी उलटा-पुलटा उदाहरण दे डाला। इसके बाद उन पर न सिर्फ ब्राह्मणों के प्रति नफरत फैलाने, बल्कि हमारे प्राचीन धर्म ग्रंथों की गलत व्याख्या कर दुष्प्रचार करने के आरोप भी लग रहे हैं।

जबकि कांग्रेस पुजारी का अर्थ मंदिर पुजारियों की बजाए मोदी पुजारियों(अंधभक्ति) से है, बता रहे हैं। अब कांग्रेस के इसी अर्थ को समझ लिया जाए तो कांग्रेस में ही परिवार भक्ति इतनी अधिक है, जिस पर जितना लिखा जाए, उतना ही कम है। सन्दर्भ में फिल्म "वक़्त" का यह संवाद "चिनॉय सेठ, जिनके घर शीशे के होते हैं, दूसरों के घर पत्थर नहीं फेंकते" ठीक बैठता है। 

राहुल गाँधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “ये देश तपस्वियों का है, ये देश पुजारियों का नहीं है। वास्तविकता इस देश की यही है।” इस पर लोग राहुल गाँधी से पूछ रहे हैं कि उन्हें पुजारियों से इतनी घृणा क्यों हैं? साथ ही सवाल उठ रहा है कि हिन्दू धर्म का बार-बार अपमान कर के कांग्रेस नेताओं को आखिर क्या मिलता है? लोग कह रहे हैं कि अब राहुल गाँधी को पुजारियों से भी दिक्कत है। कुछ लोग पूछ रहे हैं कि पुजारियों ने आखिर उनका क्या बिगाड़ा है?

भारत में हजारों मंदिर हैं और लगभग सभी में कोई न कोई एक पुजारी होते हैं। बड़े मंदिरों में कई पुजारी होते हैं। उन्हें शास्त्र का ज्ञान होता है और वो पूजा-पाठ करते व कराते हैं। गाँवों के मंदिरों के पुजारी गरीब होते हैं, जिनके परिवार का पालन-पोषण उन्हें मिलने वाली दक्षिणा पर निर्भर करता है। कई राज्यों में मस्जिदों के इमामों को वेतन मिलता है, लेकिन पुजारियों को कोई नहीं पूछता। अगर पुजारी न रहें तो मंदिर की देखभाल और प्रबंधन से लेकर समय-समय पर पूजा-आरती कैसे होगी?

अब भगवद्गीता और महाभारत पर राहुल गाँधी का ज्ञान सुनिए, “जब अर्जुन मछली की आँख में तीर मार रहा था, तो क्या उसने कहा कि इसके बाद मैं क्या करूँगा? कहा था क्या? नहीं कहा था न? उस कहानी का मतलब गीता में भी है – काम करो, फल की चिंता मत करो।” बता दें कि ‘मत्स्य भेदन’ की प्रतियोगिता की द्रौपदी के स्वयंवर और शादी के लिए हुई थी। अर्जुन को पता था कि लक्ष्य पर निशाना लगाने के बाद क्या होने वाला है।

हाल ही में राहुल गाँधी पर राजनीति के लिए बच्चे के इस्तेमाल का आरोप लगा था। इस विवाद का कारण एक तो यह था कि भयंकर ठंड के बाद भी बच्चे ने कपड़ा नहीं पहना हुआ था। वहीं, दूसरा यह कि बच्चे ने उल्टा जनेऊ पहना हुआ था। ट्वीट करने के कुछ घंटे बाद ही, इसे डिलीट कर दिया गया। भाजपा नेता तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने लिखा था, “4 डिग्री तापमान में राजनीति के लिए एक बच्चे को कपड़े उतार के घुमाना एक बेशर्म ही कर सकता है।”

भारत जोड़ो या भारत तोड़ो यात्रा: विवादास्पद पादरी के हिंदू विरोधी प्रवचन पर सिर हिलाते रहे राहुल गांधी

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के बेटे राहुल गांधी आजकल भारत जोड़ो यात्रा पर हैं। लेकिन यह यात्रा अब विवादों में है। लोग कांग्रेस नेता राहुल गांधी की इस यात्रा को भारत तोड़ो यात्रा कहने लगे हैं। सोशल मीडिया पर राहुल गांधी का ईसाई पादरी जॉर्ज पोन्नैया के साथ का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में जनन्याग क्रिस्थुवा पेरवई अमाईपु नामक एनजीओ के सलाहकार ईसाई पादरी जॉर्ज पोन्नैया हिंदू विरोधी टिप्पणी कर रहे हैं। विवादास्पद पादरी जॉर्ज पोन्नैया राहुल गांधी के सामने जीसस क्राइस्ट को असली भगवान बताते हुए हिन्दू देवी-देवताओं से तुलना कर रहे हैं। जॉर्ज पोन्नैया इस वीडियो में राहुल गांधी को कह रहे हैं कि जीसस क्राइस्ट ही असली भगवान हैं, शक्ति देवी और बाकी देवता नहीं हैं। हैरानी की बात यह है कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी उनकी हर बात में हां में हां मिलाते हुए सिर हिला रहे हैं।

आप इस बात को जानकर हैरान रह जाएंगे कि जॉर्ज पोन्नैया पहले भी विवादास्पद बयान देकर माफी तक मांग चुके हैं। ऑपइंडिया के अनुसार उन्होंने एक बार नागरकोली के बीजेपी विधायक एमआर गांधी पर तंज कसते हुए कहा था कि “वो इसलिए चप्पल नहीं पहनते क्योंकि वो भारत माता को दर्द नहीं देना चाहते और हम लोग इसलिए चप्पल पहनते हैं ताकि हमारे पैर गंदे न हों और भारत माता के कारण हमें कोई बीमारी न हो।” इतना ही नहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की मौत की कामना करते हुए उन्होंने कहा था, “नरेन्द्र मोदी का आखिरी दिन सब दयनीय होगा। मैं लिखकर दे सकता हूं। अगर जिन भगवान को हम पूजते हैं वो सच में जिंदा हैं तो इतिहास देखेगा कि मोदी और अमित शाह के सड़े शरीर को कुत्ते और कीड़े खाएंगे।” ऐसे में ताजा मामले को को लेकर सोशल मीडिया में लोग अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। यूजर्स ईसाई पादरी जॉर्ज पोन्नैया के साथ कांग्रेस की हिंदू विरोधी राजनीति की थू-थू कर रहे हैं।