Showing posts with label Jamat e islami. Show all posts
Showing posts with label Jamat e islami. Show all posts

ज्वलंत प्रश्न : आजम खान द्वारा "बजरंग अली" नाम पर चुनाव आयोग खामोश, क्यों?

लोकसभा चुनाव के पहले चरण के प्रचार के दौरान मायावती द्वारा मुसलमानों से एकजुट होकर गठबंधन को वोट देने के जवाब में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा बजरंग बली का नाम लेने से चुनाव आयोग को शायद साम्प्रदायिकता नज़र आते ही नोटिस दे दिया। वैसे माया और योगी दोनों ही को दिया है। प्रश्न यह उत्पन्न होता है कि मायावती द्वारा वोट ध्रुवीकरण किये जाते ही क्यों नहीं नोटिस दिया गया? योगी द्वारा ईंट का जवाब पत्थर से देने पर चुनाव आयोग का एक्शन में आना, क्या सिद्ध करता है? फिर जिस तरह जमात-ए-इस्लामी द्वारा "मुसलमानों से भाजपा को वोट न देने की अपील" पर क्यों खामोश है? यदि इस तरह की अपील हिन्दू साधु समाज की ओर हिन्दुओं से भाजपा को वोट देने की अपील की होती, क्या उस स्थिति में चुनाव आयोग इसी तरह खामोश रहता? इतना ही नहीं अब समाजवादी नेता आज़म खान ने हिन्दुओं के भगवान बजरंगबली को "बजरंग अली" नाम देने पर चुनाव आयोग अब तक क्यों खामोश है? क्या चुनाव आयोग किसी हिन्दू द्वारा इस्लामिक गुरुओं पर कोई टिप्पणी करेगा, तब कार्यवाही करेगा? इतना ही, कश्मीर में अब्दुल्ला और मुफ़्ती अनुच्छेद 370 और 35A के विरुद्ध जो बयानबाज़ी कर रहे हैं, क्या चुनाव आयोग इस तरह के भड़काऊ बयानों की इजाजत देता है?  
लोकसभा चुनाव का पहले चरण का मतदान खत्म होने के बाद समाजवादी पार्टी के नेता और रामपुर से महागठबंधन प्रत्याशी आजम खान ने रामपुर में किले मैदान में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि पहला चरण के चुनाव हो गया और बीजेपी का जनाजा निकल गया, गठबंधन जीत गया है। उन्होंने कहा कि आज उनका है, कल तुम्हारा है। 
अली-बजरंगबली को दिया नाम 
सपा नेता और पूर्व मंत्री आजम खान ने सीएम योगी के अली और बजरंगबली वाले बयान को उठाया और कहा कि अली और बजरंग बली को मैं एक नाम दिए देता हूं, 'बजरंग अली'
। उन्होंने सीएम योगी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि अली और राम में झगड़ा मत लगाओ। 

Embedded video

Azam Khan, Samajwadi Party in Rampur: Aap kal Nawaz Sharif ke dost the, aur aaj Imran Khan aapke dubara Wazir-e-Azam banne ka intezaar kar raha hai. Batao logon, Pakistan ka agent main hun ya ... ? (11.04.2019)
इमरान के बयान पर कसा तंज
रैली के दौरान उन्होंने इमरान के बयान पर तंज कसा. आजम खान ने कहा कि सरहदों पर फौजियों का खून बहा, 40 जवान आरडीएक्स के हमले में शहीद हो गए
। उन्होंने कहा कि आवाम ये समझती रही कि पाकिस्तान हमारा दुश्मन है। लेकिन क्या हिंदुस्तान की आवाम को ये पता है कि पाकिस्तान के वजीर-ए-आजम इतंजार कर रहे कि नरेंद्र मोदी दोबारा भारत के बने, जिससे हिंदुस्तान-पाकिस्तान का मसला हल हो जाए। उन्होंने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह (इमरान खान) तुम्हारा दोस्त कल भी था वो तुम्हारा दोस्त आज भी है। उन्होंने वहां मौजूद लोगों से कहा कि अब बताओ पाकिस्तान का एजेंट मैं हूं या फिर पाकिस्तान का एजेंट...? लोगों ने आम के सवाल का जवाब देते हुए कहा मोदी मोदी... पाकिस्तान का एजेंट मोदी है। 
अवलोकन करें:-
इस वेबसाइट का परिचय
NIGAMRAJENDRA.BLOGSPOT.COM
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार लोकसभा चुनाव 2019 में धर्म और जाति के आधार पर वोट देने की बात चाहे हम कितना ही नकारते रहें...

इस वेबसाइट का परिचय
NIGAMRAJENDRA.BLOGSPOT.COM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेशनल कान्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला पर कश्मीर के लिए अलग प्रधानमंत्री की कथित रू...
इस वेबसाइट का परिचय
NIGAMRAJENDRA.BLOGSPOT.COM
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और अखिलेश सरकार में मंत्री रहे आजम खान ने मार्च 15 को घोषणा करते हुए कहा कि समाजवादी .....
मोदी को दी चेतावनी
सपा नेता आजम खान ने कहा कि मोदी जी पाकिस्तान से दोस्ती करो, लेकिन 130 करोड़ के हिंदुस्तान के मुस्तकबील से अगर दोस्ती करोगे तो अंजाम बुरा होगा
। उन्होंने मंच से कहा कि पाकिस्तान के वज़ीर-ए-आजम पहले उन लोगों से नमाज-ए-जनाजा तो करा दो, जो हमारे सैनिकों ने मारे हैं। 

उत्तर प्रदेश: जमात-ए-इस्लामी की मुस्लिमों से अपील : 'महागठबंधन को दें वोट'


आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
लोकसभा चुनाव 2019 में धर्म और जाति के आधार पर वोट देने की बात चाहे हम कितना ही नकारते रहें, लेकिन कोई ना कोई धार्मिक संगठन या नेता धर्म या जाति के आधार पर वोट देने की अपील कर ही देता है।ताजा मामला मुसलमानों के धार्मिक संगठन जमात-ए-इस्लामी हिंद का समाने आया है। जमात-ए-इस्लामी हिंद ने मुसलमानों से धर्म के नाम पर वोट डालने की अपील की है।मुस्लिम संगठन ने चिट्ठी लिखकर अपील की है कि मुसलमान महागठबंधन को वोट करें। 
अगर मुस्लिम समाज ने जमात की अपील अथवा फतवा को स्वीकारते गठबंधन को वोट दे भी दिया और उत्तर प्रदेश में गठबन्धन सभी सीटें जीत भी लें, तो क्या केन्द्र में सरकार बना सकता है गठबंधन। क्यों मुस्लिम समाज को बदनाम कर रहे हो। भाजपा को छोड़ कर कोई भी पार्टी पूर्ण बहुमत के लिए लड़ ही नहीं रही है। बहुमत के लिए 272 सीट चाहिए और कांग्रेस कुल 230 सीटो पर चुनाव लड़ रही है जबकि सपा 37, माया 38, लालू 20, ममता 42 सीटों पर, मतलब सरकार बनाने के लिए कोई चुनाव नही लड़ रहा सिर्फ भाजपा को बहुमत न मिले इसलिए चुनाव लड़ रहे हैं।
स्मरण हो, कुछ वर्ष पूर्व तक कांग्रेस दिल्ली जामा मस्जिद के तत्कालीन इमाम अब्दुल्ला बुखारी और देवबन्द से मुसलमानों को कांग्रेस के लिए वोट करने के फतवा जारी करवाती थी, अब कांग्रेस की उसी नीति को मायावती ने अपनाया है। सत्ता के गलियारों में चर्चा है कि निश्चित रूप से भाजपा को सत्ता से रोकने के लिए जमात को मोदी और योगी का मुस्लिम समाज को भय दिखाकर यह अपील करवाई गयी हो।  
इससे पहले बीएसपी प्रमुख मायावती ने सहारनपुर की चुनावी रैली में मुस्लिम समुदाय से अपील की थी कि उनका वोट बंटना नहीं चाहिए। 
अब हिन्दुओं को नहीं समस्त देशवासियों को वोट देने से पूर्व निर्णय करना होगा कि "देश में साम्प्रदायिकता का जहर कौन फैला रहा है?" ये हैं जहरीले लोग जो आम मुसलमान को डरा-धमका कर मुख्यधारा से जुड़ने से रोकते हैं। धर्म-निरपेक्षता, समाजवाद और सौहार्द का चोला ओढ़कर देश को साम्प्रदायिकता की आग में झोंकते हैं। 
क्या प्रधानमन्त्री जनधन योजना और अन्य योजनाओं का लाभ लेने वाले मुसलमान भी मोदी को वोट देने से डरेंगे? यदि हाँ, तो उन्हें इन योजनाओं से अपने नाम और बैंकों में खाते बंद देने चाहिए। आखिर ये नेता और संगठन कब तक समाज में जहर फैलाते रहेंगे। हकीकत यह है कि कांग्रेस, बसपा और सपा कभी धर्म-निरपेक्ष ही नहीं रहीं। मायावती पहले ही कह चुकी है "तिलक, तराज़ू और तलवार! इनको मारो जूते चार !!" और समाजवादी पार्टी के मुलायम सिंह अयोध्या में निहत्थे कारसेवकों पर गोलियाँ चलवा चुके हैं। कांग्रेस की तत्कालीन प्रधानमंत्री इन्दिरा गाँधी ने देश में गौ-हत्या का विरोध कर रहे साधु समाज पर गोलियाँ चलवा कर दिल्ली में पार्लियामेंट स्ट्रीट को साधुओं के खून से रंग दिया था। फिर भी कुर्सी के भूखे हिन्दू इन पार्टियों में घुस रहे हैं। 
इस सन्दर्भ में अवलोकन करें:-
इस वेबसाइट का परिचय
NIGAMRAJENDRA28.BLOGSPOT.COM
गेस्ट हाउस कांड के दौरान मायावती को बीजेपी के तत्कालीन विधायक ब्रह्मदत्त द्विवेदी ने बचाया था आर.बी.एल.निगम, वरिष्...

आखिरकार वह गैंग बाहर आ ही गया, जिसका इन्तजार था। समझ नहीं आ रहा था कि #metoo, #not in my name, #intolerance, #mob lynching, #award vapsi आदि गैंग कहाँ है, चुनावों की बिसात बिछ चुकी है, लेकिन ये गैंग पता नहीं कहाँ है? चलो देर आए, दुरुस्त आए। अपनी औकात दिखाने आ ही गए। इस गैंग को केवल सिक्के का एक ही पहलु दिखता है, दूसरा नहीं। जब तक ये गैंग सक्रीय रहेगा, भारत देश में सौहार्द रह ही नहीं सकता। इस गैंग को इस वीडियो को देख माफ़ी माँगनी चाहिए:
इस वेबसाइट का परिचय
NIGAMRAJENDRA.BLOGSPOT.COM
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार आखिरकार वह गैंग बाहर आ ही गया, जिसका इन्तजार था। समझ नहीं आ रहा था कि #metoo, #not in my name, #intoleran...

इस वेबसाइट का परिचय
NIGAMRAJENDRA28.BLOGSPOT.COM
अश्वनी मिश्र, बशीरहाट-बादुरिया से लौटकर प. बंगाल में सत्ता की आंखें बंद हैं और मजहबी उन्मादियों ने हिन्दुओं पर हिं.....

इस वेबसाइट का परिचय
NIGAMRAJENDRA.BLOGSPOT.COM
इस्लामिक मुफ्तियों के एक वर्ग ने प्रस्ताव पारित कर कहा कि सरकार की सुकन्या समृद्धि योजना (एसएसवाई) शरिया के मुताबि...
इस वेबसाइट का परिचय
NIGAMRAJENDRA.BLOGSPOT.COM
केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी 03 अप्रैल को सुलतानपुर पहुंचीं. जहां उन्होंने बीएसपी प्रमुख मायावती पर जमकर हमला बोला ...
वहीं मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने मेरठ में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस-बीएसपी-एसपी महागठबंधन को 'अली' पर विश्वास है, तो हमें भी 'बजरंगबली' पर विश्वास है।महागठबंधन और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि दूसरे दलों ने ये मान चुके हैं, कि बजरंगबली के अनुयायी उन्हें वोट नहीं देंगे। 
खत्म होना चाहिए हरा वायरस
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि ये वे लोग (महागठबंधन) हैं, जो मुस्लिम लीग जैसे हरे वायरस के साथ मिलकर देश को बर्बाद करना चाहते हैं
। अब समय आ गया है कि इस हरे वायरस को सदैव के लिए खत्म किया जाना चाहिए।
हिन्दुओं के पास नहीं हैं विकल्प
सीएम योगी ने कहा कि जिस तरह बीएसपी प्रमुख मायावती ने मुस्लिमों के लिए वोट मांगे हैं. मुस्लिमों से कहा है कि वे सिर्फ गठबंधन के लिए वोट करें और अपना वोट बंटने न दें
। अब हिंदुओं के पास भारतीय जनता पार्टी के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।