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उत्तर प्रदेश : 'CM योगी राक्षस, शैतान और खूनी दरिंदे जैसे': आजम खान के लिए पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी ने तोड़ी मर्यादा

जैसे-जैसे उत्तर प्रदेश चुनाव निकट आ रहे हैं, विरोधियों द्वारा ध्रुवीकरण की राजनीति शुरू हो चुकी है। तथाकथित किसान नेता महापंचायत में अल्लाह-हु-अकबर के नारे लगा रहे हैं, तो उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल अजीज कुरेशी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विरुद्ध लगभग उसी भाषा का इस्तेमाल किया है, जैसी गोधरा दंगे के बाद सोनिया गाँधी ने नरेंद्र मोदी के लिए की थी। लेकिन ये लोग उस समय नहीं बोले जब निहत्ते रामभक्तों पर गोलियां चलाई जा रही थी, जब मुज़फ्फरनगर में दंगे हो रहे थे। परन्तु जब प्रदेश की जनता योगी राज में सुख का आनंद ले रही है, तमाम ज़िंदगी फिरकापरस्ती कर सियासत करने वाले को समझ नहीं आ रहा कि योगी सरकार को किस तरह बदनाम करें। 
उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी के खिलाफ प्रदेश सरकार के विरोध में अपमानजनक टिप्पणी के लिए राजद्रोह और धर्म के आधार पर दो समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने की कोशिश करने के आरोप में FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने सोमवार (सितंबर 6, 2021) को इसकी जानकारी दी। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कुरैशी के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 153 ए, 153बी, 124ए और 505 1 बी के तहत मामला दर्ज किया गया है।

भाजपा नेता आकाश कुमार सक्सेना ने रविवार (सितंबर 5, 2021) को रामपुर के सिविल लाइंस थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। सक्सेना ने आरोप लगाया कि कुरैशी सपा नेता आजम खान के घर गए और उनकी बीबी तज़ीन फातमा से मिलने के बाद अपमानजनक बयान दिया। उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार की तुलना ‘राक्षस, शैतान और खून पीने वाले दरिन्दे’ से की।

आकाश कुमार सक्सेना ने शिकायत में कहा, “कुरैशी ने अपने बयान में आजम के खिलाफ कार्रवाई को इंसान और दानव के बीच की लड़ाई करार दिया। यह बयान दो समुदायों के बीच तनाव और समाज में अशांति पैदा कर सकता है।” शिकायत के साथ सक्सेना ने पुलिस को विभिन्न चैनलों में प्रसारित कुरैशी के बयान की पेन ड्राइव भी दी है। पुलिस ने कहा कि मामले के सभी पहलुओं की जाँच की जा रही है और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

तजीन फातिमा से मिलने के बाद अजीज कुरैशी ने कहा, “योगी सरकार ने आजम खान पर ज्यादती की। सरकार ने जिस तरह आजम खान को प्रताड़ित किया, उसके लिए कुछ कहने की जरूरत नहीं है। इस मामले में मैं लगातार बयान देता रहा हूँ। अब भाभी से कहने आया था कि आप हिम्मत रखिए और लोग आपके साथ हैं। जीत आपकी ही होगी।” इस दौरान उन्होंने रामपुर के युवाओं को भड़काने की भी कोशिश की। उन्होंने कहा, “रामुपर के युवा आगे आएँ और रास्ता रोकें। आजम खान पर हुई कार्रवाई जुल्म है। गजनवी, अब्दाली और दुर्रानी से भी ज्यादा जुल्म है।”

अजीज विवादित बयान देने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने पहले कहा था कि पुलवामा में आतंकी हमला लोकसभा चुनाव जीतने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पूर्व नियोजित साजिश थी।

उत्तर प्रदेश : ‘समझौता कर लो, जो माँगोगी वो मिलेगा’: तलाक पीड़िता को सपा नेता आजम खान के ‘रिश्तेदार’

उत्तर प्रदेश के बरेली में तीन तलाक के एक मामले में सपा नेता आजम खान का नाम उछला है। खबर है कि एक पीड़िता ने पुलिस अधिकारी पर यह आरोप लगाया कि उसे न्याय दिलाने की बजाय पुलिस ने उससे कहा कि वह समझौता कर ले, क्योंकि उसके ससुराल वाले आजम खान के समधी हैं और वो जो भी माँगेगी उसे वो सब मिलेगा। हालाँकि, पुलिस अधिकारी ने अपने ऊपर लगे आरोपों को बेबुनियाद बता कर खारिज किया है।

पत्रिका की खबर के अनुसार, सूफिया खान नाम की महिला कांकरटोला की रहने वाली है। उसका निकाह 30 मई 2020 को फहाद अली से हुआ था। उसके मुताबिक फहाद के मामा सपा नेता आजम खान के समधी हैं इसलिए उनसे कहा जा रहा है कि वो समझौता कर ले। लेकिन वह इसके लिए तैयार नहीं है। वह बताती हैं कि निकाह के कुछ दिन बाद से ही उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया गया और इसी बीच उसके पति ने उसे तीन तलाक देकर घर से भी निकाल दिया।

कोई रास्ता न दिखने पर महिला ने 1 नवंबर को बारादरी पुलिस में इस संबंध में शिकायत की और पुलिस ने उसके बयान के आधार पर उसके शौहर फहाद, सास जरीना, जेठानी रूबी और जेठ रिजवान व आमिर के ख़िलाफ़ केस दर्ज किया। मगर दो माह बीत जाने के बाद भी जब इनके विरुद्ध पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया, तो महिला ने दोबारा आवाज उठाई।

इसके साथ ही पुलिस अधिकारी शितांशु शर्मा पर इल्जाम लगाकर कहा कि वह उस पर समझौते का दबाव बना रहे हैं, जबकि पुलिस इंस्पेक्टर का कहना है कि महिला के शौहर की ओर से पहले ही उसके व उसके परिजनों के विरुद्ध डकैती का केस दर्ज है। और इसीलिए वह इस मामले में अपनी जाँच कर रहे हैं। वहीं महिला का कहना है कि आरोपित शौहर ने उसके भाई व परिजनों के ख़िलाफ़ झूठे केस दर्ज करवाए हैं, जिसकी जाँच शितांशु शर्मा कर रहे हैं।

तीन तलाक का एक अन्य मामला उत्तर प्रदेश के हरदोई से आया है। यहाँ बेटे की चाहत में एक शौहर ने अपनी बीवी को तीन तलाक दिया और ससुराल वाले उसे ताने दे देकर प्रताड़ित करते रहे। महिला की शिकायत पर शौहर समेत 7 के विरुद्ध मामला दर्ज हुआ है।

पीड़िता ने बताया कि उसका निकाह साल 2015 में नजीफ से हुआ था। उसके तीन साल बाद उसने एक बेटी को जन्म दिया, जिसे देख पति, सास, ससुर सब मिलकर उसे प्रताड़ित करने लगे। जब महिला तंग होकर मायके गई तो एक माह पहले नजीफ वहाँ पहुँचा और उसे तीन तलाक देकर आ गया।

पुलिस ने इस संबंध में मुजीब, इस्लाम, गुलाम, मो इसहाक, नूरजहाँ व सकीना के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस पूरे मामले की जाँच कर रही है और उसी के आधार पर आरोपितों के विरुद्ध कार्रवाई होगी।

मेरे साथ आतंकवादियों जैसा सलूक हो रहा है: आजम खान

पत्नी और बेटे के साथ आजम खान
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
मखमली बिस्तर पर आराम फरमाने वाले सांसद आजम खां की रात शुक्रवार को सीतापुर जेल में करवटें बदलते कटी। कुछ ऐसा ही हाल उनके बेटे अब्दुल्लाह आजम और एमएलए बेगम तंजीन फात्मा का भी था। वैसे तो जेल पहुंचने पर इस रईस फैमिली के चाहने वालों ने आराम की हर चीज जेल में पहुंचाने की कोशिश की। बिछौना, ओढना, तकिया सब बाहर से गया था। जेल प्रशासन ने भी सांसद, विधायक के प्रोटोकॉल का हवाला दे, मेहमान नवाजी में कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन इन सबके बावजूद राजनैतिक रसूख रखने वाले इस परिवार की रात बेहद मुश्किल में कटी।
जेल में बंद सांसद आजम खां को शायद जेल के बर्तनों में खाना रास नहीं आया, इसीलिए पूर्व विधायक अनूप गुप्ता ने उनके लिए तीन तौलिया व साथ में प्लेट, कटोरी, चम्मच, ग्लास आदि बर्तनों का डिब्बा जेल के अंदर भेजा। हालांकि सांसद के जेल पहुंचने के फौरन बाद ही कई भारी भरकम बैगों में उनकी जेल गृहस्थी का सामान उसी दिन गया था।
आजम खां से मिलकर बाहर आती बहू
आजम खां से मिलकर बाहर आती बहू- फोटो : अमर उजाला
धोखाधड़ी के मामले में जेल में बंद सपा सांसद आजम खान, उनकी विधायक पत्नी तंजीन फातिमा और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को शनिवार (फरवरी 29, 2020) को सीतापुर जेल से रामपुर कोर्ट पेशी पर ले जाया गया। इस दौरान उन्‍होंने मीडिया से बातचीत में कहा, “मेरे साथ आतंकवादियों जैसा सलूक हो रहा है। इस सरकार में मेरे साथ अमानवीय व्यवहार हो रहा है।”
आजम खान के आतंकवादी वाले बयान पर सीतापुर के जेल अधीक्षक डीसी मिश्र ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “सांसद के साथ जेल में अच्छा व्यवहार किया जाता है। हम उन्हें जेल मैनुअल के हिसाब से ही सारी सुविधाएँ उपलब्ध करा रहे हैं।” साथ ही जेल अधीक्षक ने कहा कि वो बड़े व्यक्ति हैं, वह घर जैसी सुविधा सोचते होंगे तो वह सुविधा जेलों में उपलब्ध नहीं हो सकती।
इसके साथ ही नगर विकास राज्य मंत्री महेश चंद्र गुप्ता ने भी इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि आजम खान ने अपने जमाने में लोगों को बहुत परेशान किया। आजम खान अपनी फटकार से लोगों को परेशान करते थे। आज उनके साथ जो हो रहा है, सच्चाई में न्याय हो रहा है। आजम के साथ आतंकवादी जैसा कोई बर्ताव नहीं हो रहा है। मंत्री ने कहा कि आजम जैसा करेंगे, वैसा भरेंगे। सपा के राज में बहन-बेटियाँ स्कूल भी सही ढंग से नहीं जा पाती थीं।

पिछले साल भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने गंज कोतवाली में मोहम्मद आजम खान, अब्दुल्ला आजम और तजीन फातिमा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। साथ ही आरोप लगाया था कि अनुचित लाभ लेने के लिए सपा सांसद आजम खान और उनकी पत्नी तजीन फातिमा ने बेटे अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाण-पत्र बनवाए।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आजम खान के बेटे अब्दुल्ला की विधायकी रद्द

आजम खान के बेटे अब्दुल्ला की विधायकी रद्द, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गलत पाया हलफनामा
आज जब नेता स्वयं जालसाजी और भ्रष्टाचार में लिप्त हो, क्या ऐसे नेताओं से न्याय की उम्मीद की जा सकती है? किसी सदन में निर्वाचित होने उपरांत तिजोरी भरने के समाचार अब आम हो गए हैं, लेकिन विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए आयु को लेकर झूठ बोलने का समाचार पहली बार दिखा। 
समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की विधानसभा की सदस्यता रद्द कर दी है अब्दुल्ला आजम स्वार सीट से विधायक चुने गए थे कोर्ट ने चुनाव के दौरान दिए गए उनके हलफनामे में उम्र को गलत पाया है
इस मामले में साल 2017 में बहुजन समाज पार्टी के नेता नवाब काजिम अली ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी याचिका में बताया गया कि विधानसभा चुनाव दौरान अब्दुल्ला आजम ने हलफनामे में अपनी उम्र की गलत जानकारी दी थी नवाब काजिम अली ने चुनाव अर्जी में अब्दुल्ला को चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य बताते हुए उनका निर्वाचन रद्द किए जाने और रामपुर की स्वार विधानसभा सीट से नए सिरे से चुनाव कराए जाने की मांग की थी
बसपा नेता दायर की थी याचिकाकाजिम अली ने अपनी याचिका मे कहा था कि वर्ष 2017 में चुनाव के वक्त आजम खान के बेटे न्यूनतम निर्धारित उम्र 25 वर्ष के नहीं थे चुनाव लड़ने के लिए उन्होंने फर्जी कागजात दाखिल किए थे और झूठा हलफनामा दाखिल किया था बसपा नेता की ओर से अब्दुल्ला आजम की 10वीं कक्षा की मार्कशीट के साथ कई अहम दस्तावेजों में दर्ज जन्मतिथि को आधार बनाया गया था
अब्दुल्ला ने कोर्ट में दिया था जवाबहालांकि, पूरे मामले को लेकर अब्दुल्ला आजम का कहना था कि प्राइमरी में दाखिला के समय अध्यापक ने जन्मतिथि स्वयं दर्ज कर ली थी अब्दुल्ला आजम ने कोर्ट को बताया था कि जब वे एमटेक कर रहे थे तो हाई स्कूल सहित अन्य प्रमाणपत्रों में दर्ज जन्मतिथि उन्होंने परिवर्तन करा ली है जबकि हाईस्कूल में जन्मतिथि परिवर्तित कराने के लिए सीबीएसई बोर्ड को भी अर्जी दी गई है, जो कि लंबित है अब्दुल्ला ने बताया कि उनके पासपोर्ट पर जन्मतिथि संशोधित हो चुकी है अब्दुल्ला ने कहा कि उनका जन्म क्वींस मैरी हॉस्पिटल लखनऊ में 30 सितम्बर 1990 को हुआ था

आजम खान पर भैंस चुराने के आरोप में FIR दर्ज

Image result for आजम खानसमाजवादी पार्टी के सांसद और भू-माफिया आजम खान की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। उत्तर प्रदेश के रामपुर से सांसद आजम खान पर अब भैंस चुराने का आरोप लगा है। इस मामले में उनके खिलाफ रामपुर में दो लोगों ने FIR दर्ज कराई है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, आजम खान पर एक व्यक्ति ने दो भैंस और दूसरे ने एक भैंस चोरी होने की FIR दर्ज करवाई है। शहर कोतवाली में आसिफ अली और जाकिर अली की शिकायत पर ये मुकदमा दर्ज किया गया है। सपा सांसद आजम खान और पूर्व सीओ सिटी आलेहसन सहित 6 लोगों पर IPC की धारा 504, 506, 427, 395, 448, 452, 323, 304 के तहत केस दर्ज किया गया है।
इसमें 40 अज्ञात लोगों पर भी मुकदमा दर्ज किया गया है। आसिफ अली और जाकिर अली का कहना है कि इन्होंने (आरोपितों ने) घर में घुसकर तोड़फोड़ की, गालियाँ दीं, मारपीट की और भैंस चुराई।
2016 का है मामला 
FIR में दर्ज शिकायत के अनुसार- आरोप है कि अक्टूबर 16, 2016 को सुबह 6 बजे रामपुर पब्लिक स्कूल को बनाने के लिए यतीम खाना और उसके आस पास के मकानों को तोड़ा जा रहा था, उसी वक्त सपा नेता आज़म खान ओर उनके करीबी, तत्कालीन सीओ आले हसन, फसाहत शानू, मीडिया प्रभारी इस्लाम ठेकेदार, एसओ जी सिपाही धर्मन्द्र, सपा नेता वीरेन्द्र गोयल सहित 25 से 30 अज्ञात लोग अचानक पीड़ित के घर मे घुसे और मारने-पीटने लगे। आजम खान के साथी पीड़ित से कहने लगे कि घर से निकल जाओ, इस जगह आज़म खान का स्कूल बनना है।
इसके साथ ही वो लोग घर में रखे समान व सोने-चाँदी के आभूषण सहित नगदी लूट कर ले गए और जाते-जाते जान से मारने और झूठे मुकदमों में फ़साने की धमकी भी देकर फरार हो गए। इस कारण उस समय पुलिस ने उन पर कोई कार्रवाई नहीं की।
पीड़ित लगातार न्याय के लिए 3 साल से भटक रहा था। अब जाकर पीड़ित परिवार रामपुर एसपी अजय पाल शर्मा के पास न्याय के लिए गया और आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की माँग की। इस पर एसपी ने उनकी पूरी बात सुनते हुए कोतवाली पुलिस को भूमाफिया आजम खान और उनके सहयोगियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
साल 2014 में खुद आजम खान की भी भैंस चोरी हो गई थी। उस समय प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार थी। भैंस ढूंढने के लिए पुलिस की कई टीमें लगी थीं। यह बात काफी लंबे समय तक चर्चा का विषय बनी रही थी। तब पुलिस को भैंस चोर को ढूँढ निकालने में पाँच महीने बाद सफलता मिली थी। उसे इटावा के बकेवर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया था।

अब आजम खान के विधायक बेटे को पुलिस ने लिया हिरासत में

आजम खान की कम नहीं हो रहीं मुश्किलें, अब विधायक बेटे को पुलिस ने लिया हिरासत में, जानें पूरा मामलासमाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान के परिवार की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. एक दिन पहले आजम खान पर किताब चोरी का इल्ज़ाम लगा और अब उनके विधायक बेटे अब्दुल्ला आजम को पुलिस ने जिला प्रशासन की कार्रवाई में रुकावट डालने के आरोप में जुलाई 31 को हिरासत में लिया है. रामपुर के पुलिस अधीक्षक अजयपाल शर्मा ने बताया कि स्वार सीट से सपा विधायक अब्दुल्ला आजम को सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में हिरासत में लिया गया है.
उन्होंने बताया कि जौहर विश्वविद्यालय में छापेमारी की कार्रवाई के दौरान उसके पुस्तकालय से 2500 से ज्यादा चोरी की गई दुर्लभ किताबें बरामद हुई हैं. इस बीच, पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने बताया कि जौहर विश्वविद्यालय में कल शुरू हुई छापेमारी की कार्रवाई आज भी जारी है. यह कार्रवाई एक शिकायत के आधार पर की जा रही है. पूर्व में मदरसा आलिया के नाम से पहचाने जाने वाले ओरिएंटल कॉलेज के प्रधानाचार्य जुबैर खान की शिकायत पर पिछली 16 जून को इस मामले में पड़ताल शुरू की गई थी.
जुबैर ने आरोप लगाया था कि उनके मदरसे से करीब 9000 किताबें चोरी करके उन्हें जौहर विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी में रख ली हैं. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि अभी तक 50 डिब्बों में भरी 2500 दुर्लभ किताबें बरामद की जा चुकी हैं. इन सभी पदों पर मदरसा आलिया की मुहर लगी है. रामपुर से सपा सांसद आजम खां जौहर विश्वविद्यालय के संस्थापक और चांसलर है.
उधर, इस घटना के विरोध में सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल आनंदी बेन पटेल से मुलाकात की कोशिश की. बिना किसी सूचना के मुलाकात की बात करने पर उनकी सुरक्षाकर्मियों से झड़प भी हुई. उसके बाद उन्होंने राजभवन के गेट के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया. बाद में सभी प्रदर्शनकारी सपा कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया और बाद में रिहा कर दिया गया. सपा के विधान परिषद सदस्य आनंद भदौरिया ने कहा कि एक तरफ हमारे विधायक अब्दुल्ला आजम की गिरफ्तारी हो रही है. वहीं, पूरी सरकार उन्नाव के बलात्कारी भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर को बचाने की कोशिश में लगी है.
आजम खान भू-माफिया घोषित, एक हफ्ते में ही दर्ज किए गए 13 मामले

'रमा देवी की मांग : आज़म खान की लोकसभा सदस्यता खत्म की जाए

Image result for ओम बिरला स्पीकरभारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद रमा देवी पर समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता आजम खान के विवादित बयान पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने फैसला सुना दिया है। उन्होंने कहा कि आजम खान को अपने शर्मनाक बयान के लिए बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए। अगर वो ऐसा नहीं करते हैं तो वो कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहें। इस विषय पर लोकसभा में शुक्रवार(जुलाई 26) को भी हंगामा हुआ।
कुछ एक दलों को छोड़कर पार्टी लाइन से ऊपर उठते हुए नेताओं ने आजम खान पर कार्रवाई की मांग की। कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आजम के बयान को अभद्र बताते हुए कहा कि सपा नेता या तो सदन में माफी मांगे या उन्हें निलंबित किया जाए। लोकसभा में भाजपा के नेताओं ने आजम के बयान पर नाराजगी जाहिर की और स्पीकर से अपील की कि वह खान को ऐसी सजा दें जो मिसाल बन सके। खान पर कार्रवाई की मांग का टीएमसी और बाद में कांग्रेस ने भी समर्थन किया। भाजपा के अलावा टीएमसी, कांग्रेस और टीआरएस ने कहा कि इस मामले में कार्रवाई के लिए वे स्पीकर को अधिकृत करते हैं। लोकसभा के स्पीकर ओम बिड़ला ने कहा था  कि वह सभी दलों के नेताओं से बात करने के बाद खान पर कार्रवाई का फैसला करेंगे। 
सपा नेता ने जुलाई 25 को लोकसभा में रमा देवी पर विवादित टिप्पणी की थी। रमा देवी सदन की कार्यवाही चलाने के लिए स्पीकर की कुर्सी पर विराजमान थीं। इसी दौरान आजम खान ने उन पर विवादिय बयान दिया। आजम खान के इस बयान का भाजपा ने तीखा विरोध किया। खास बात यह थी कि आजम के बयान के समय सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी सदन में मौजूद थे लेकिन अपने नेता को रोकने या उनके बयान की निंदा करने की जगह उन्होंने खान का बचाव किया। शुक्रवार को रमा देवी ने आजम खान की लोकसभा सदस्यता रद्द करने की मांग की।
Lok Sabha Speaker Om Birla on Azam Khan: I will call a meeting of leaders of all parties and then take a decision on this issue
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लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने पर भाजपा नेताओं ने आजम खान के बयान का मुद्दा उठाते हुए उन पर कार्रवाई करने की मांग की। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'महिला से जुड़े मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए। हमें एकजुट होने की जरूरत है। कार्रवाई करने में इतनी हिचकिचाहट और किंतु-परंतु क्यों हैं?' वित्त मंत्री ने कहा कि सभी ने एक सुर में आजम खान के बयान की निंदा की है, इसे देखकर उन्हें अच्छा महसूस हुआ। उन्होंने कहा, 'हम खान पर कार्रवाई करते हुए स्पीकर को देखना चाहते हैं।'
लोकसभा में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा, 'कांग्रेस पार्टी महिलाओं के अनादर के खिलाफ रही है लेकिन यह भी सच है कि एक समय इसी संसद में सोनिया गांधी को 'इटली की कठपुतली' कहा गया।' रंजन के इस बयान का भाजपा सदस्यों ने विरोध किया। इससे पहले कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि आजम खान अपने बयान के लिए यदि माफी नहीं मांगते तो उन्हें संसद से निलंबित किया जाना चाहिए। भाजपा सदस्यों की मांग का समर्थन टीएमसी सांसद मिमी चक्रवर्ती ने भी किया। 
TMC MP, Mimi Chakraborty on Azam Khan, in Lok Sabha: Nobody can stand in the Parliament and tell a woman "look into my eyes and talk." Speaker sir, all women here are expecting something big from you on this.
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मिमी चक्रवर्ती ने कहा, 'संसद में कोई भी खड़ा होकर एक महिला से यह नहीं कह सकता कि मेरी आंखों में देखकर बात करो। स्पीकर महोदय, आज लोकसभा की सभी महिलाएं आप से कार्रवाई की उम्मीद कर रही हैं।' केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि गुरुवार को लोकसभा में जो कुछ हुआ उसे पूरे देश ने देखा। ईरानी ने कहा कि इसे केवल महिलाओं से जोड़कर न देखा जाए। अमेठी से सांसद ने कहा, 'मैं सभी से एक आवाज में बोलने की अपील करती हूं। आप एक महिला से बदसलूकी नहीं कर सकते।'
Rama Deviरमा देवी की मांग : आज़म खान की लोकसभा सदस्यता खत्म की जाए 
उत्तर प्रदेश के रामपुर से समाजवादी पार्टी के लोकसभा सदस्य आजम खान द्वारा शुक्रवार को भाजपा सांसद रमा देवी पर की गई टिप्पणी से बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। रमा देवी जिस समय सदन की अध्यक्षता कर रहीं थीं उसी दौरान आजम ने यह अभद्र टिप्पणी की। अब रमा देवी ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आजम खान कभी भी महिलाओं की इज्जत नहीं करते हैं और इसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए।
मीडिया से बात करते हुए रमा देवी ने कहा, 'आसन पर बैठने वाला आदमी सभी लोगों के प्रति समान भाव से काम करता है और सबकी चिंता करता है। ऐसी आपत्तिजनक बात कोई भी करता है तो उसको रोका जाता है, कार्रवाई से निकाला जाता है, वो सारी बातें हो रही थीं कि कार्रवाई से निकाला जाए। लेकिन उनका (आजम खान) का लड़ने का मूड था। हमारे पार्टी के जो लोग बाद में बोलना शुरू किए। मैंने उनसे अध्यक्ष की तरफ मर्यादा में रहकर बात करने को कहा। उसके बाद वो शुरू हो गए। वो तंज करने वाली बातों को कहने लगे।' 
Rama Devi,BJP MP on Azam Khan's remark on her: He has never respected women, we all know what he had said about Jaya Prada ji. He has no right to stay in Lok Sabha, I will request Speaker to dismiss him. Azam Khan must apologize.
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मैंने निभाई सदन की मर्यादा
रमा देवी ने आगे कहा, 'उस समय मुझे बहुत बुरा लगा, लेकिन फिर भी मैं आसन पर बैठी हुई थी, उसकी मर्यादा  को निभाते मैंने उनसे कहा कि ठीक से बोलो जो कुछ बोलना है सही से बोलो। कार्रवाई से निकालने के बाद वो कहा कि मैं तो इनको बहन की तरह प्यार करता हूं। मैं कुछ नहीं बोली, मुझे हंसी भी आई कि ये नौटंकीबाज यहां संसद बंद करता है वो महिलाओं को किस नजर से देखता है वो सारा जगजाहिर है। कहीं ऐसा नहीं है कि ये आदमी कभी भी महिला की इज्जत किया हो। उनको या तो रिजाइन करना होगा या मैं अध्यक्ष से जाकर कहूंगी कि इनमें कोई कार्रवाई करें और इस तरह की बातों के लिए माफी मांगे।' 
Smriti Irani'आजम खान और अखिलेश यादव की सोच एक जैसी' : स्मृति ईरानी
आजम खान ने माफी मांगने के बदले सपा सदस्यों के साथ सदन से वॉकआउट किया। उनके इस व्यवहार की जमकर आलोचना होने लगी। अमेठी से बीजेपी सांसद स्मृति ईरानी ने शर्मानक बताते हुए सपा मुखिया अखिलेश यादव को घेरा। स्मृति ईरानी ने ट्वीट किया, आजम खान द्वारा दिया गया शर्मनाक बयान उनके चरित्र का प्रतिबिंब है; उनका बचाव करके अखिलेश यादव ने भी प्रमाणित कर दिया की उनकी सोच में भी कोई फर्क नहीं। जो सदन में महिला के साथ निंदनीय व्यवहार कर सकता है वह साधारण महिला से किस प्रकार का व्यवहार करता होगा यह सोचने वाली बात है।
आज़म खान द्वारा दिया गया शर्मनाक बयान उनके चरित्र का प्रतिबिंब है; उनका बचाव करके अखिलेश यादव ने भी प्रमाणित कर दिया की उनकी सोच में भी कोई फ़र्क़ नहीं।

जो सदन में महिला के साथ निंदनीय व्यवहार कर सकता है वह साधारण महिला से किस प्रकार का व्यवहार करता होगा यह सोचने वाली बात है।
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सपा सांसद आजम खान जब मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक, 2019 पर लोकसभा में हो रही बहस में भाग ले रहे थे खान ने केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी के हस्तक्षेप का जिक्र किया और एक दोहे पढ़े...तूं इधर-उतर की बात ना कर। इस पर पीठासीन अध्यक्ष रमा देवी ने कहा कि इधर उधर न देखें और अध्यक्ष के आसन की ओर देखकर संबोधित करें।
इसके बाद आजम खा ने कुछ ऐसी आपत्तिजनक टिप्पणी की जिससे सदन का मौहल अचानक गर्म हो गया। हंगामा शुरू हो गया। बीजेपी सांसदों ने आजम खान का जोरदार विरोध किया और माफी मांगने के लिए कहा। रमा देवी भी ने भी कहा यह बोलना उचित नहीं है और इसे रिकॉर्ड से हटाया जाना चाहिए। उन्होंने भी इसके लिए आजम खान से माफी मांगने को भी कहा। हालांकि आजम खान ने उन्हें संबोधित करते हुए कहा, आप मेरी प्यारी बहन हैं।'
This man is shame for the entire elected representatives, he has become a repeat sexism offender, who doesn't have any respect for women.

Rather sacking him from party, @yadavakhilesh enjoys guttermouth's Thamasha!

Anyone voice against this from liberal gang??
बीजेपी सांसद शोभा करंदालजे ने कहा कि यह शख्स सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों पर धब्बे की तरह है। वो लगातार महिलाओं के प्रति अभद्र टिप्पणियां करता रहा है, सच तो ये है कि महिलाओं के लिए आजम खान के दिल में सम्मान का भाव नहीं है। उन्होंने अखिलेश यादव पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वो आजम खान को बर्खास्त करने की जगह गंदी जुबां वाले शख्स का तमाशा देख रहे हैं। क्या कोई लिबरल गैंग से ऐसा सदस्य है जो आजम खान के खिलाफ कुछ बोले। 
अवलोकन करें:-
समझ में नहीं आता कि "आखिर किस कारण समाजवादी पार्टी आज़म खान को ढ़ो रही है? आखिर क्या मजबूरी है, जो मुलायम सिंह से लेकर अब अखिलेश यादव इस अमर्यादित आज़म खान को पार्टी में क्यों रखे हुए हैं? क्या समाजवादी पार्टी का महिलाओं को अपमानित करना ही उद्देश्य है? जब लोगों की प्रतिक्रिया होगी, फिर सिरफिरा आज़म खान इस्लाम को बीच में लाकर जहर फैलाएगा। आखिर कोई न कोई ऐसा राज है, जिस कारण मुलायमसिंह से लेकर अखिलेश यादव इस आदमी को पार्टी से निकालने की बजाए इसका बचाव करते आ रहे हैं?"
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आर.बी.एल.निगम लोकसभा में तीन तलाक बिल पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान की एक टिप्पणी को लेकर हंगाम...

आजम खान को सात दिनों की स्पेशल ट्रेनिंग की जरूरत है- पूर्व स्पीकर
पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने गुरुवार को कहा कि समाजवादी पार्टी के सांसद मोहम्मद आजम खान जैसे लोगों के लिए एक ट्रेनिंग प्रोग्राम होना चाहिए ताकि वे सीख सकें कि संसद में कैसे व्यवहार किया जाए। उन्होंने कहा कि यह केवल किसी महिला या पुरुष की प्रतिष्ठा का मामला नहीं है, खान ने एक आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिससे पूरे संसद की गरिमा और परंपराओं को ठेस पहुंची। यह पूछे जाने पर कि खान के खिलाफ क्या कार्रवाई की जानी चाहिए? उन्होंने कहा कि केवल कुछ दिनों के लिए संसद से निलंबन पर्याप्त नहीं होगा। उनके जैसे लोगों के लिए सात दिनों की स्पेशल ट्रेनिंग की जरूरत है। ताकि उन्हें पता चल सके कि एक सांसद को सदन में कैसा व्यवहार करना चाहिए। महाजन ने कहा कि खान को खुद स्वीकार करना चाहिए कि उन्होंने संसदीय परंपराओं का उल्लंघन किया है। अध्यक्ष से माफी मांगनी चाहिए। जब तक वह माफी नहीं मांगे तक उन्हें सदन में बोलने नहीं देना चाहिए।

आजम खान खुद सोचें, सांसद कहलाने के योग्य है या नहीं?
पूर्व स्पीकर ने कहा कि संसद के सदस्य बनने के बाद सांसद एक-दूसरे का सम्मान करते हैं। अगर यह व्यक्ति (खान) यह समझने में असमर्थ है, तो उसे खुद के लिए सोचना होगा कि क्या वह सांसद कहलाने के योग्य है या नहीं?' महाजन ने कहा, 'आपत्तिजनक टिप्पणी करने के बाद, खान ने चेयर (रमा देवी) को अपनी बहन कहना शुरू कर दिया। लेकिन शेर-ओ-शायरी (उर्दू कविता) जिसे संसद में सुनाया, एक बहन को संबोधित नहीं किया।'उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया पर भी निराशा व्यक्त की। 'मुझे समझ नहीं आया कि अखिलेश को क्या हो गया है। वह एक राज्य के मुख्यमंत्री थे, वह खान के पक्ष में क्यों खड़े हैं?'

आजम खान को पागलखाने या जेल भेजना चाहिए
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा कि सपा नेता आजम को संसद के लिए अयोग्य घोषित कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने ट्वीट किया वह आजम की अपमानजनक बयान की निंदा करती हैं। उन्हें संसद के लिए अयोग्य घोषित किया जाना चाहिए। दिल्ली महिला आयोग की चीफ स्वाति मालीवाल ने भी खान आलोचना करते हुए कहा कि उन्हें इस असभ्य बयान के लिए जेल भेज देना चाहिए। उन्होंने ट्वीट किया 'आजम खां को शर्म आनी चाहिए। पीठासीन सभापति की कुर्सी पर बैठीं सांसद के खिलाफ ऐसा असभ्य बयान ऐसे नेताओं की गिरफ्तारी के लिए केंद्र सरकार कब कानून बनाएगा? इस व्यक्ति को पहले पागलखाने और फिर जेल भेजना चाहिए।'

आश्चर्य तब हुआ जब सपा सांसद, पार्टी के मुखिया और उत्तर प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने पार्टी के सांसद की निंदा करने के बजाय कहा कि मैं नहीं मानता आजम खान जी ने अध्यक्ष (रमा देवी) जी अनादर किया है। ये (बीजेपी सांसद) लोग इतने असभ्य हैं, कौन हैं जो उंगलियां उठाते हैं?

आखिर बद्तमीज आज़म खान को समाजवादी पार्टी क्यों पाले हुए है?


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लोकसभा में तीन तलाक बिल पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान की एक टिप्पणी को लेकर हंगामा मच गया। सपा सांसद आजम खान ने भाजपा सांसद रमा देवी के खिलाफ विवादित बयान दे दिया, जिस पर रमा देवी सहित संसद के सदस्यों ने आपत्ति जताई आजम खान ने स्पीकर की चेयर पर बैठीं रमा देवी से कहा कि 'मैं आपको इतना देखना चाहता हूं कि आप कहें की नजरें हटा लो मैं आपकी आंखों में आंखें देख कर बात करना चाहता हूं आप इतनी प्यारी हैं' बिहार के शिवहर से सांसद रमा देवी ने उस वक्त स्पीकर की कुर्सी पर बैठी हुई थीं 
वहीं, स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि यह भाषा असंसदीय है. आपको मर्यादित होकर अपनी बात रखनी चाहिए. उन्होंने आजम से माफी मांगने को कहा इसके बाद हंगामा होने पर आजम खान रमा देवी को बहन-बहन कहने लगे। क्या बद्तमीज़ आज़म खान को बहन का भावार्थ मालूम है? क्या आज़म खान अपनी बहन को ऐसे शब्द बोलने की हिम्मत कर सकते हैं? हैरानी होती है, ऐसे बद्तमीज आदमी को वोट देने वालों पर कि जो आदमी नारी जाति का सम्मान नहीं कर सकता, उसे नेता बने रहने का अधिकार भी नहीं। 
हालांकि बाद में आजम खान की इस बात को सदन के रिकॉर्ड से हटा दिया गया इसके बाद आजम खान ने कहा कि अगर मैंने कोई भी आपत्तिजनक शब्द बोला है तो मैं अभी इसी वक्त इस्तीफा देता हूं इसके बाद आजम खान लोकसभा से निकलकर चले गए वहीं, समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने कहा, 'मुझे नहीं लगता, आज़म खान जी का अध्यक्ष (रमा देवी) का असम्मान करने का इरादा था... ये लोग (BJP सांसद) बेहद अशिष्ट हैं, तो वे अंगुली उठाने वाले कौन होते हैं'
आजम खान का विवादों से पुराना नाता रहा है इससे पहले कई बार उन्होंने विवादित बयान दिया है। भारत माता को डायन कहने वाले भी यही मुस्लिम सांसद। लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने जया प्रदा को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी बता दें कि आजम खान ने एक चुनावी रैली के दौरान रामपुर से बीजेपी की उम्मीदवार जया प्रदा पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि मुझे तो यह भी पता है कि वह तो अंदर अंडरवीयर भी खाकी का है पहनती है उन्होंने  रैली के दौरान जया प्रदा पर निशाना साधते हुए कहा कि जिसको हम ऊंगली पकड़कर रामपुर लाए, आपने 10 साल जिससे अपना प्रतिनिधित्व कराया...उसकी असलियत समझने में आपको 17 बरस लगे, मैं 17 दिन में पहचान गया कि इनके नीचे का अंडरवियर खाकी रंग का है 
अवलोकन करें:-

समझ में नहीं आता कि "आखिर किस कारण समाजवादी पार्टी आज़म खान को ढ़ो रही है? आखिर क्या मजबूरी है, जो मुलायम सिंह से लेकर अब अखिलेश यादव इस अमर्यादित आज़म खान को पार्टी में क्यों रखे हुए हैं? क्या समाजवादी पार्टी का महिलाओं को अपमानित करना ही उद्देश्य है? जब लोगों की प्रतिक्रिया होगी, फिर सिरफिरा आज़म खान इस्लाम को बीच में लाकर जहर फैलाएगा। आखिर कोई न कोई ऐसा राज है, जिस कारण मुलायमसिंह से लेकर अखिलेश यादव इस आदमी को पार्टी से निकालने की बजाए इसका बचाव करते आ रहे हैं?" 
विवादित बयान को लेकर आज़म ख़ान के खिलाफ़ FIR दर्ज