Showing posts with label Kidnap. Show all posts
Showing posts with label Kidnap. Show all posts

सोशल मीडिया फ्रेंड से मिलने नाइजीरिया गई असम की महिला बॉक्सर बरनाली बौरा सैकिया का अपहरण

                                           नाइजीरियन दोस्त ने असम की बॉक्सर का किया अपहरण
असम के गुवाहटी में रहने वाली एक महिला बॉक्सर व सर्टिफाइड जिम ट्रेनर को उनके ‘दोस्त’ ने नाइजीरिया में कथिततौर पर बंधक बना लिया है। महिला बॉक्सर की पहचान ‘बरनाली बौरा सैकिया’ के तौर पर हुई है। बताया जा रहा है कि नाइजीरिया के दोस्त से वह सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में आई थीं। इसी के बाद वो उससे मिलने गईं। शुरुआत में तो सब ठीक रहा लेकिन बाद में उन्हें कमरे में बंदी बना लिया गया और उनके घर फोन करके फिरौती के पैसे माँगे जाने लगे।

जानकारी के मुताबिक बरनाली को उनके दोस्त किंग और उसके साथी डेनियल ने बंधक बनाया है। वो लोग महिला बॉक्सर के घर फोन कर करके उनसे फिरौती माँग रहे हैं। अब घरवालों ने इस संबंध में एफआईआर दर्ज करवाई है। शिकायत में बताया गया है कि बरनाली के पति नयन सैकिया के जरिए किंग उनके घर के लोगों को जानने लगा था। धीरे-धीरे बरनाली और वो चैट करने लगे। दोस्ती इतनी घनिष्ठ हो गई कि बरनाली ने एक दिन टूरिस्ट वीजा पर नाइजीरिया जाने का निर्णय लिया और 28 अक्टूबर को बेंगलुरु से लागोस की फ्लाइट लेकर वो नाइजीरिया चली गईं।

नाइजीरिया में जाकर वह किंग से दोस्त बनकर मिलीं, लेकिन उनके उसी दोस्त ने उनको बंदी बना लिया। 3 दिन तक बरनाली अपने घर में संपर्क नहीं कर पाईं। चौथे दिन जाकर किसी तरह उन्होंने अपने घर एक वॉट्सऐप कॉल की और मदद माँगी। उन्होंने बताया कि वो एक कमरे में बंदी बनाकर रखी गई हैं। उन्हें खाने को खाना तक नहीं दिया जाता है।

इसी बीच किंग के परिजन भी बरनाली को छोड़ने के बदले उनके घरवालों से फिरौती माँगने लगे और उनको धमकियाँ देने लगे। इस मामले में परिवार ने पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाई है। महिला बॉक्सर की बेटी ने बताया- “28 अक्टूबर को मेरी माँ बेंगलुरु से लागोस गई थी। शुरू में सब ठीक था लेकिन कुछ दिनों से उन्हें खाने को कुछ नहीं दिया जा रहा है, उन्हें बंदी बनाकर रख लिया गया है।”

ये शिकायत असम के डिसपुर पुलिस थाने में हुई है। शिकायत में कहा गया कि बरनाली की वापसी की टिकट 13 नवंबर की कराई गई थी लेकिन बरनाली को एयरपोर्ट तक नहीं आने दिया दिया गया। परिजनों ने दिल्ली क्राइम ब्रांच को भी संपर्क किया है। वहीं पति ने भारतीय प्रशासन अधिकारियों से भी मदद माँगी है ताकि उनके हस्तक्षेप से उनकी बीवी आराम से घर आ पाएँ।

पति ने बताया कि शुरू में नाइजीरिया में उनकी बीवी को एक होटल में रखा गया लेकिन बाद में एक कमरे में शिफ्ट कर दिया गया। नयन के अनुसार वह अब तक 5 से 6 लाख रुपए किंग को दे चुके हैं, लेकिन उसने उनकी पत्नी को नहीं छोड़ा है।

‘इजरायली महिलाओं की लाशों से करो बलात्कार, जिस्म ही तो है’: हमास आतंकियों की क्रूरता, हर एक बंधक पर 8 लाख रूपए का वजीफा; वीडियो

  हमास के आतंकियों को मिला था इजरायली औरतों की लाशों से रेप का निर्देश (फोटो साभार: IDF एक्स हैंडल @IDF)
गाजा पट्टी से इजरायल पर हमले करने वाला आतंकी संगठन कितना खतरनाक और वहशी है, इसका खुलासा खुद उसके ही आतंकियों ने कर डाला है। पकड़े गए इन आतंकियों ने कबूल किया कि उन्हें इजरायली बच्चों, औरतों और मर्दों पर ऐसे जुल्म ढाने के निर्देश थे कि इंसानियत की रूह काँप उठे।

‘इज़राइल सिक्योरिटीज अथॉरिटी‘ (आईएसए) ने सोमवार (23 अक्टूबर, 2023 ) को एक वीडियो क्लिप जारी किया। इसमें कथित तौर पर हमास आतंकवादियों को 7 अक्टूबर को दक्षिणी इज़राइल में घातक आतंकवादी हमलों में अपनी सक्रिय भागीदारी कबूल करते हुए दिखाया गया है।

इस वीडियो को लेकर ISA ने कहा है कि उसके कम्युनिकेशन सेल को की दी गई एक वीडियो फ़ाइल 7 अक्टूबर के हमलों में शामिल हमास आतंकवादियों के बयानों के साथ पूछताछ के दौरान की है। वीडियो में हमास के आतंकवादी यह कहते हुए सुने जा रहे हैं कि उन्हें नागरिक बंधकों को इजरायल से गाजा ले जाने के लिए वजीफा का वादा किया गया था।

हमास के एक आतंकवादी को वीडियो में कथित तौर पर यह कहते हुए सुना जा सकता है,”जो कोई बंधक का अपहरण करेगा और उन्हें गाजा लाएगा, उसे 10,000 अमेरिकी डॉलर का वजीफा और एक अपार्टमेंट मिलेगा।”

 उन्हें यह कहते हुए भी सुना जाता है कि उनके आकाओं ने उन्हें खास तौर से बुजुर्ग महिलाओं और बच्चों का अपहरण करने का निर्देश दिया था। आतंकवादियों में से एक ने कहा, “हमें घरों में लूटपाट करने और जितना संभव हो सके उतने लोगों को बंधक बनाने के लिए अपहरण करने के लिए भी कहा गया था।”

आतंकवादी को वीडियो में आगे कहते हुए सुना जा सकता है, “उसका (पीड़ित का) कुत्ता बाहर आया और मैंने उसे गोली मार दी।” वीडियो में हमास आतंकी आगे कहता है, “उसका शरीर फर्श पर पड़ा था, मैंने उसे भी गोली मार दी।”

उसने बताया कि इस पर कमांडर ने मुझ पर चिल्लाते हुए कहा (कि) मैं एक लाश पर गोलियाँ बर्बाद कर रहा हूँ।” हमास के एक अन्य आतंकवादी ने कहा कि अपने आका की आज्ञा का पालन करने के बाद, उसने दो घरों को जला दिया। उसने कहा, “हम जो करने आए थे उसे पूरा किया और फिर दो घरों को जला दिया।”

हमास के एक आतंकी ने कहा, “हम किबुत्ज में जीप से आए। हमने घरों के कमरों को खोला और बारी-बारी से एक के बाद वहाँ हमले की कार्रवाई को तब-तक अंजाम दिया जब तक की सब खत्म नहीं कर दिया। हमने ग्रेनेड फेंके, गोलियाँ चलाईं। हमारा मकसद एक ही था – सबको खत्म कर देना। हमें साफ निर्देश मिले थी कि घर में कोई भी हो बच्चा, बूढ़ा, जवान, औरत सबको जान से मारना है।”

आतंकी ने आगे बताया, “बटालिन कमांडर ने हमसे कहा था कि उनके सिर कुचलो, काट दो। तुम उनके साथ जो चाहो करो, उनके पैर काट दो। हमास ISIS बन गया है। उनका दिमाग नहीं है। वो इंसान नहीं जानवर बन गए है, क्योंकि कोई इंसान ये नहीं कर सकता है। हमें मारी गई युवा इजरायली महिलाओं की लाशों के साथ सेक्स करने के लिए कहा गया, क्योंकि वो केवल जिस्म भर हैं, इंसान नहीं।”

इस दौरान आईएसए ने अपने बयान में कहा कि 7 अक्टूबर की हत्याओं के मामले में चल रही जाँच के दौरान कई बातें (अपराधों की प्रकृति और तौर-तरीके) बार-बार सामने आई हैं। कथित तौर पर वीडियो क्लिप में आतंकवादियों ने बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों सहित नागरिकों को मारने और अपहरण करने के लिए हमास के खुले और साफ निर्देशों को स्वीकार कर इस हमले को अंजाम दिया।

हमास आतंकियों ने इस दौरान दक्षिणी इजरायल में 7 अक्टूबर के नरसंहार के कई खौफनाक और दर्द भरे वाकयों के बारे में भी बताया है। इस बीच, आईएसए ने कहा कि हमास के मिलिट्री विंग के सीनियर कमांडर ने अपने बंदूकधारियों को इज़रायल में लड़ने, मरने या गिरफ्तार होने के लिए भेजते वक्त सुरक्षित रहने के लिए घरों में छुपने के लिए आदेश दिए थे।

इज़रायल सुरक्षा बलों ने नरसंहार में शामिल सभी आतंकवादियों को खत्म करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की। बयान में कहा गया है, “इज़रायल के सुरक्षा बल 7/10 को नरसंहार में शामिल आतंकवादियों के साथ सभी हिसाब-किताब बराबर करेंगे।”

7 अक्टूबर के हमास के इस भयंकर और संगठित हमले में अनुमान के मुताबिक 2500 हमास आतंकवादी जमीन, आसमान और समुद्र के रास्ते इज़रायल में घुसे थे। यहाँ उन्होंने दक्षिणी इज़रायल में नागरिकों पर आतंक की दिल दहला देने वाली वारदातों को अंजाम दिया।

रिपोर्टों के अनुसार, हमलों में 1400 लोग मारे गए, जिनमें से अधिकांश नागरिक थे। ‘द टाइम्स ऑफ़ इज़राइल’ के मुताबिक, इनमें से कुछ आतंकवादियों ने कम से कम 222 नागरिकों को बंधक बना लिया और उन्हें गाजा ले आए।

राजस्थान : RTI कार्यकर्ता के पैरों में शराब माफियाओं ने ठोंकी कीलें, आरपार हुआ सरिया, पिलाई पेशाब भी

                                                                                                                   साभार - TV 9 भारतवर्ष
उत्तर प्रदेश में किसी भी अप्रिय घटना होने पर सियापा करने वाली प्रियंका वाड्रा, राहुल गाँधी और इनकी पार्टी राजस्थान में इतनी घिनौनी वारदात पर क्यों खामोश हैं? राजस्थान के बाड़मेर में शराब माफियाओं की शिकायत करने वाले RTI कार्यकर्ता की बुरी तरह पिटाई की गई है। RTI कार्यकर्ता अमराराम के पैरों में कीलें ठोंक दी गई हैं। उन्हें पेशाब पिलाई गई। इस समय अमराराम की हालत गंभीर बताई जा रही। हालाँकि, खबर ये भी है कि राजस्थान पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर के आरोपितों की तलाश शुरू कर दी है। यह घटना बुधवार (22 दिसम्बर, 2021) की है।

जानकारी के मुताबिक अमराराम जोधपुर से गाँव चिमोणियों की ढ़ाणी जा रहे थे। तभी रास्ते में स्कोर्पियो सवार 8 बदमाशों ने उनका अपहरण कर लिया। उन्हें कुंपलिया गाँव में एक वीरान जगह पर ले जा कर बेरहमी से मारा गया। पीड़ित के शरीर में फैक्चर बताया जा रहा है। पीड़ित के पैरों पर सरियों से वार हुआ, पैरों में कीलें ठोंकने के लिए हथौड़ा चलाया गया। जिससे बताया जा रहा है कि सरिया आर-पार हो गया। वहीं उनकी हालत गंभीर होने के कारण जोधपुर रैफर कर दिया गया है।

अमराराम ने खुद को मिल रहीं धमकियों को अपने फेसबुक पर सार्वजनिक किया था। उन्होंने किसी से न डरने और अंतिम साँस तक लड़ने की बात कही थी। उन्होंने इस मामले की शिकायत पुलिस में भी की थी। इस मामले पर राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग ने राजस्थान पुलिस, आबकारी विभाग और बाड़मेर प्रशासन से रिपोर्ट माँगी है।

इस मामले में पुलिस अधीक्षक दीपक भार्गव ने बताया, “पीड़ित का इलाज पुलिस की देखरेख में हो रहा। आरोपितों को पकड़ने के लिए पुलिस की 4 टीमें लगाई गई हैं। हमलवारों पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। 15 दिसम्बर को अमराराम की शिकायत पर पुलिस ने किराना स्टोर की आड़ में बिक रही भारी मात्रा में अवैध शराब भी बरामद किया था।” 

लड़कियों को अगवा कर यौन शोषण करता था मदरसे का मौलाना, फिर बेच देता था


दिल्ली पुलिस ने एक 16 साल की लड़की को 3 दिनों के अंदर बरामद कर अपहरणकर्ता को भी धर-दबोचा है। समयपुर बादली पुलिस ने एक सफल छापेमारी के बाद अपहरणकर्ता को गिरफ्तार किया। लड़की का अपहरण दिसंबर 19, 2020 को हुआ था। आउटर नॉर्थ दिल्ली जिले की पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया 45 वर्षीय मौलाना नौशाद आदतन अपराधी है और उत्तर प्रदेश के हरदोई में लड़कियों के अपहरण और शोषण के उस पर 10 से अधिक मामले दर्ज हैं।

आरोपित अपहृत की गई लड़की को सीलमपुर क्षेत्र में बेचने की फिराक में लगा हुआ था। डिप्टी कमिश्नर गौरव शर्मा ने बताया कि पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए और लोगों की सुरक्षा के लिए हमेशा सतर्क है। उन्होंने बताया कि दिल्ली के सिंघु सीमा पर चल रहे ‘किसान आंदोलन’ के कारण पुलिस फोर्स का एक बड़ा हिस्सा वहाँ मौजूद है, जिससे इलाके में अपराधियों ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है।

लड़की की माँ ने पुलिस को सूचित किया था कि दोपहर 2 बजे से ही उनकी बेटी गायब है और उसी इलाके में रहने वाला एक अन्य व्यक्ति भी उसी समय से गायब है, जिस पर उन्हें शक है। इसके बाद तुरंत FIR दर्ज की गई और लड़की की बरामदगी के लिए पुलिस टीम का गठन किया गया। चूँकि दिल्ली में पिछले कुछ दिनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, इसीलिए डेडिकेटेड अधिकारियों की एक टीम बनाई गई है।

पुलिस ने जब मौलाना नौशाद के घर पर छापेमारी की तो वो गायब निकला और उसके परिवार वालों को भी उसके बारे में कोई सूचना नहीं थी। हरदोई के मदिया जिले का रहने वाला मौलाना नौशाद अपनी बीवी के साथ यहाँ रह रहा था। इसके बाद आरोपित और उसकी बीवी के मोबाइल नंबरों को तुरंत सर्विलांस पर रखा गया। इलाके के CCTV कैमरों के फुटेज की जाँच के बावजूद उसके बारे में कुछ पता नहीं चल पा रहा था।

इसके बाद हिमाचल प्रदेश के बद्दी में आरोपित के मोबाइल नंबर का लोकेशन मिला। जब पुलिस की टीम बद्दी के लिए निकली तो रास्ते में पता चला कि आरोपित भी दिल्ली के ही रूट में है। इसके बाद दिल्ली तक उसका पीछा करते हुए तकनीकी सर्विलांस अपनाया गया और सीलमपुर से उसे गिरफ्तार किया गया। नौशाद ने अपने साथी के साथ वहाँ से भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उसे धर लिया।

नौशाद मानव तस्करी और अपहरण के 10 से ज्यादा मामलों में नामजद है। वो एक मदरसा में बतौर शिक्षक काम करता है। वो पहले अल्पसंख्यक व गरीब लड़कियों से परिचय बढ़ाता था, फिर उन्हें लालच देकर अपने साथ ले जाता था। इसके बाद वो लड़की का यौन शोषण करता था और फिर उसे बेच देता था। इस बार भी उसने पीड़िता को लालच देकर निकाह का झाँसा दिया था। 2018 में भी उसने एक लड़की को लालच देकर उससे निकाह कर लिया था और उसके साथ रहने लगा था।

पुलिस नौशाद की पत्नी की भूमिका पर भी जाँच कर रही है क्योंकि फोन पर उसने अपने शौहर के साथ बात की थी और काम ख़त्म कर उसे भागने की भी सलाह दी थी। हिमाचल प्रदेश में लड़की का सौदा नहीं हो पाया था, इसलिए वो वापस दिल्ली लौट रहा था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पीड़िता के साथ नौशाद ने यौन शोषण भी किया है। उसकी मेडिकल जाँच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

कुछ ही दिनों पहले उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के विजयनगर थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति को अपने ही दोस्त की बच्ची से भीख मँगवाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। आरोपित दीन मोहम्मद ने अपने मित्र की बेटी का न सिर्फ अपहरण किया, बल्कि प्रताड़ित कर उससे भीख भी मँगवाई। पुलिस ने लगभग एक महीने बाद बच्ची को सकुशल बरामद करते हुए मुरादनगर थाना क्षेत्र स्थित नेकपुर के निवासी दीन मोहम्मद को गिरफ्तार कर लिया है।