Showing posts with label Mulayam Singh. Show all posts
Showing posts with label Mulayam Singh. Show all posts

क्या मुलायम जैसा ही होगा सचिन का हश्र? : पबजी वाली पाकिस्तानी सीमा हैदर भी लूडो वाली इकरा की तरह वाया नेपाल भारत में घुसी थी

    क्या इकरा-मुलायम (बाएँ) की कहानी जैसा होगा सचिन-सीमा हैदर की कहानी का अंत (फोटो साभार: NBT, HT)
पाकिस्तानी महिला सीमा हैदर का कहना है कि पबजी खेलते हुए वह नोएडा के रबूपुरा के सचिन के करीब आई। प्यार हुआ तो अपने चार बच्चों को लेकर पाकिस्तान से भारत आ गई। अब उत्तर प्रदेश एटीएस ने उसे पूछताछ के लिए उठाया है। कहा जा रहा है कि वह गिरफ्तार की जा सकती है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सीमा हैदर का हाल इकरा जैसा होगा? क्या सचिन के इस कथित प्रेम कहानी का अंतिम पड़ाव जेल है, जैसा मुलायम सिंह यादव के साथ हुआ था?

समाचार यह भी है कि कथित प्रेम दीवानी सीमा के चाचा पाकिस्तान आर्मी में सूबेदार है और भाई भी आर्मी है, जिस कारण उसके भारत आने में ISI जासूस होने की शंका को लेकर सरकार सख्ती से पूछताछ कर सच्चाई को सामने लाने के प्रयास किये जा रहे हैं। दूसरे, 5 पासपोर्ट का होना, पाकिस्तानी सिम को तोडना आदि से शक की सुई घूमेगी ही। संभव है, सरकार सचिन के बैंक खाते और घर की वित्तीय स्थिति की भी जाँच कर सकती है।    

सीमा एक वकील से मिलने गई थी, वकील ने ही पुलिस को टिप दी। गैरकानूनी तरीके से भारत आने के जुर्म में सीमा को गिरफ़्तार किया गया। सीमा के पास से 4 मोबाइल फोन और कई सिम भी मिले हैं। लोग कह रहे हैं कि सीमा पाकिस्तान की जासूस है।

सीमा, सचिन और सचिन के पिता से उत्तर प्रदेश पुलिस की एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड (Uttar Pradesh Police ATS) ने पूछताछ की। सचिन और सीमा की PUBG गेम खेलते हुए दोस्ती हुई। दोस्ती प्यार में बदल गई। मई 2023 में सीमा, दुबई और नेपाल होते हुए गैरकानूनी तरीके से भारत पहुंची। रिपोर्ट्स के अनुसार, सीमा हैदर के भारत आने के बाद पाकिस्तान में मंदिर तोड़े जाने की घटनाएं सामने आ रही हैं।

सीमा हैदर का पति गुलाम हैदर भी यही गुज़ारिश कर रहा है कि उसकी पत्नी और बच्चों को पाकिस्तान भेजा जाए। इस मामले पर दोनों देशों की जनता ने भी कई तरह की टिप्पणियां की। सीमा ने हिन्दू धर्म अपना लिया है, वो मीडिया के सामने इंटरव्यूज़ देती हैं और यही गुज़ारिश करती है कि उसे भारत में रहने दिया जाए। उन्हें पाकिस्तान दोबारा नहीं जाना है वह भारत की नागरिकता चाहती हैं और भारत में ही रहना चाहती हैं।

कहीं आईएसआई अपने मंसूबों में कामयाब न हो जाए’
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने भी सीमा हैदर को पाकिस्तान भेजने की बात कही है।उनका मानना है कि सीमा पाकिस्तान की जासूसी एजेंसी की एजेंट हो सकती हैं। इस एजेंसी की अधितकर चालें भारत के खिलाफ रहती हैं। उसकी ये नई फितरत हो सकती है, जिसके जरिए उसने पाकिस्तानी महिलाओं का धर्मांतरण कराकर भारत भेजा हो। इसे साजिश के तहत ही देखा जाना चाहिए।

उनका कहना है कि जिस तरह से सीमा हैदर भारत आने के लिए नेपाल गई, वहां के मंदिर में शादी की और फिर धर्म परिवर्तन करके उसका प्रचार कर रही है, जिससे उससे ऊपर शक गहरा रहा है।अगर उसे पाकिस्तान वापस नहीं भेजा गया तो आईएसआई अपने मंसूबों में कामयाब हो जाएगी।भारत सरकार को चाहिए कि इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करे।बड़ी बात ये है कि इस महिला के जाल में फंसकर सचिन भी मोहरा न बन गया हो।

दरअसल इकरा और मुलायम सिंह यादव की कथित प्रेम कहानी भी इसी साल जनवरी में सामने आई थी। हालाँकि इस कहानी को मीडिया में उतनी फुटेज नहीं मिली, जितनी सीमा और सचिन ने खाई है। लेकिन दोनों कहानी में कई समानता है। जैसे सीमा पबजी से सचिन के प्यार में आने के दावे कर रही है, वैसे ही पाकिस्तान की इकरा जिवानी को ऑनलाइन लूडो खेलते हुए मुलायम सिंह यादव से प्यार हो गया था। वह भी नेपाल के रास्ते ही भारत में दाखिल हुई थी। जब भेद खुला तो गिरफ्तारी हुई और बाद में वापस पाकिस्तान भेज दिया गया।

पाकिस्तान के हैदराबाद में रहने वाली इकरा जिवानी का कहना था कि ऑनलाइन लूडो खेलते हुए वह 2019 में बेंगलुरु में रहने वाले मुलायम सिंह यादव के संपर्क में आई। दोनों लूडो गेम खेलते और बातें करते। इसी दौरान दोनों में प्यार हो गया। 10वीं पास मुलायम सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ का रहने वाला है। वह बेंगलुरु में एक प्राइवेट फर्म में सिक्योरिटी गार्ड का काम करता था। वहीं इकरा अंडर ग्रेजुएट है और पाकिस्तान में कोचिंग में पढ़ाती थी। प्यार परवान चढ़ा तो मुलायम सिंह ने इकरा को नेपाल के रास्ते भारत लाने की योजना बनाई। 

मुलायम इकरा को भारत लाना चाहता था। लेकिन इकरा के पास न तो पैसे थे और न ही भारत आने का वीजा। इसलिए उसने पहले तो अपने गहने बेचे फिर दोस्तों से पैसे उधार लिए। इसके बाद 19 सितंबर 2022 को इकरा अपने घर से कॉलेज के लिए निकली, लेकिन वापस घर नहीं लौटी। वह पाकिस्तान से फ्लाइट पकड़कर दुबई गई और फिर वहाँ से नेपाल के काठमांडू पहुँची। यहाँ मुलायम सिंह यादव पहले ही उसका इंतजार कर रहा था। दोनों ने नेपाल में ही शादी कर ली। इसके बाद मुलायम उसे लेकर बेंगलुरु चला आया। इकरा की पहचान छिपाने के लिए मुलायम ने उसका नाम बदलकर रवा रख दिया। यही नहीं, इसी नाम से उसका आधार कार्ड बनवाकर भारतीय पासपोर्ट के लिए भी आवेदन कर दिया।

कैसे हुआ खुलासा

इकरा ने मुलायम सिंह यादव से शादी तो कर ली थी, लेकिन वह फिर भी नमाज पढ़ती थी। उसे नमाज पढ़ते पड़ोसियों ने देख लिया। हिंदू के घर में नमाज पढ़ रही लड़की को देखकर लोगों को शक हुआ। मामला पुलिस के पास पहुँचा और पूछताछ के दौरान सच सामने आ गया। इसके बाद पुलिस ने 23 जनवरी 2023 को दोनों को गिरफ्तार कर लिया। इकरा को बेंगलुरु के महिला गृह में रखा गया था। महिला गृह के अधिकारियों की माने तो इकरा उन लोगों से अक्सर कहती थी कि वह अपनी जिंदगी अपने पति मुलायम के साथ रहकर गुजारना चाहती है। वह मुलायम से बात करने की अनुमति और पाकिस्तान न भेजने की बात कहती थी।
अवलोकन करें:-
हालाँकि इसके बाद 19 फरवरी 2023 को भारत-पाकिस्तान सीमा से इकरा को पाकिस्तान के इमिग्रेशन अफसरों को सौंप दिया गया था। जहाँ से अधिकारियों ने उसे उसके अम्मी-अब्बू के पास पहुँचा दिया। वहीं, मुलायम सिंह यादव के खिलाफ जालसाजी, फॉरेनर एक्ट और आईपीसी की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। यह मामला अब भी कोर्ट में है। क्या सचिन का हश्र भी अंत में मुलायम जैसा होगा? क्या सीमा को उसके बच्चों के साथ पाकिस्तान को सौंप दिया जाएगा?

उत्तर प्रदेश चुनाव : ब्राह्मण-क्षत्रिय चोर हैं, हमें इन दोनों जातियों का वोट नहीं चाहिए: अबरार अहमद, सपा विधायक

हिन्दू और हिन्दुत्व को गाली देना इन दिनों सिरफिरे नेताओं ने मजाक समझ रखा है। फिरोज जहांगीर का पोता एवं पोती राहुल गाँधी और प्रियंका वाड्रा जनेऊ पहन मंदिरो में जाकर ऐसे माथा टेक रहे हैं जैसे ये बहुत बड़े हिन्दू हैं, मुलायम सिंह यादव निहत्ते रामभक्तों पर गोली चलवाते हैं, अरविन्द केजरीवाल हनुमान चालीसा पढ़ते हैं, लेकिन इनके वोट बैंक द्वारा किसी हिन्दू की हत्या करने पर चुप्पी साध लेते हैं, विपरीत इसके किसी अख़लाक़ के मारे जाने पर जमीन आसमान एक देते हैं, मायावती कहती थी, तिलक, तराज़ू और तलवार इनके मारो जूते चार, नागरिक संशोधक कानून के विरोध को समर्थन देने वाली पार्टियां हिन्दुत्व विरोधी नारों का समर्थन करती हैं, फिर भी बेशर्म हिन्दू अपने आत्मसम्मान को चूल्हे में डाल ऐसे हिन्दू विरोधी पार्टियों की जी-हजूरी करते हैं। हिन्दुओं जागो, आंखें खोलो और हिन्दुत्व विरोधी पार्टियों को पाताललोक पहुंचाओ। 

संविधान की दुहाई देने वाली इन्हीं पार्टियों ने हिन्दुओं को जात-पात में बांट संविधान का घोर अपमान किया है। आज तक इनमें से किसी की मुस्लिम समाज में हिन्दुओं से अधिक जातियों को एक दूसरे के विरुद्ध करने का साहस नहीं हुआ, क्योकि ये सभी पार्टियां जानती हैं कि जिस दिन ये काम हुआ, कोई इन्हें पानी पिलाने वाला नहीं मिलेगा, क्योकि इस्लाम के नाम पर ये सब एकजुट हैं। जबकि हिन्दू किस तरह जात-पात के नाम पर विभाजित हो गया है। 

लेकिन उत्तर प्रदेश में जैसे-जैसे चुनाव निकट आ रहे हैं, फिर समाजवादी पार्टी के नेताओं के बोल बिगड़ने शुरू हो गए हैं। हिन्दुओं को ऐसे नेता और पार्टियों को धूल चटानी चाहिए। 

क्या समाजवादी पार्टी को ब्राह्मण-क्षत्रिय वोट नहीं चाहिए? सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो से तो ऐसा ही लगता है। 
एक तरफ सपा प्रमुख अखिलेश यादव अगले साल की शुरुआत में उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए जातिगत समीकरण साधने की कोशिश कर रहे हैं. प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलनों का आयोजन कर रहे हैं, भगवान परशुराम की मुर्ति लगवा रहे हैं. वहीँ दूसरी ओर सपा विधायक ब्राह्मणों और क्षत्रियों को चोर बता रहे हैं और कह रहे हैं की हमें इन दोनों जातियों का वोट नहीं चाहिए। पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के करीबी विधायक अबरार अहमद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में अबरार अहमद ब्राह्मण और क्षत्रिय जाति के वोटर को ‘चोट्टा’ बोलते हुए सुने जा सकते हैं। उनका कहना है कि चुनाव जीतने के लिए उन्हें ब्राह्मणों और क्षत्रियों के वोट की जरूरत नहीं है, उनके बिना भी वह जीत सकते हैं।

समाजवादी पार्टी के विधायक अबरार अहमद सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में ब्राह्मण और क्षत्रिय जाति के मतदाताओं को ‘चोट्टा’ बोलते हुए सुने जा सकते हैं. अबरार अहमद कह रहे हैं कि चुनाव जीतने के लिए उन्हें ब्राह्मणों और क्षत्रियों के वोट की जरूरत नहीं है, उनके बिना भी वह जीत सकते हैं. वायरल वीडियो में इसौली सपा विधायक कह रहे हैं कि मुसलमान ही उनके वास्तविक वोटर्स हैं.

सपा विधायक अबरार अहमद वीडियो में कहते सुने जा सकते हैं कि मैं जब सड़कों पर चलता हूं तो लोग हाथ उठाकर मेरा अभिवादन करते हैं. बहुत से लोग ऐसे हैं, जो यादवों और मुस्लिमों को उनके जाति और धर्म से संबोधित करते हैं. हमें ऐसे लोगों का वोट नहीं चाहिए. हमें जिनके वोट की जरूरत है, उनका मत हमें मिलता है.

अबरार अहमद पर कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए नही तो राष्ट्रीय अध्यक्ष जी @yadavakhilesh जी मैं अपनी सारी सेवा वापस लें लूंगा और पार्टी को छोड़ने पर मजबूर हो जाऊंगा ब्राह्मण विरोधी लोग नही होने चाहिए..@RoliTiwariMish1 @Santoshpandemla @profamishra @samajwadiparty @NareshUttamSP pic.twitter.com/SWk4qtcL6H

— जीतेन्द्र पाठक (@imjitedrapathak) September 29, 2021

इस वीडियो के आने के बाद लोग सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। आप भी देखिए…