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धार्मिक यात्रा पर पाकिस्तान गया देवेंद्र, हुस्न जाल में फँस बन गया ISI जासूस: पैसे-लड़कियों का दिया लालच, हथियारों संग फोटो से खुला भेद

                पाकिस्तान के लिए जासूसी कर रहा था देवेंद्र सिंह ढिल्लों-बीच में (फोटो साभार - अमर उजाला)
पंजाब के पटियाला की स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट ने हरियाणा के कैथल जिले में छापेमारी की और मस्तगढ़ गाँव के देवेंद्र सिंह ढिल्लों को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया। उसे आईएसआई ने हनी ट्रैप में फँसाकर जासूसी के लिए तैयार किया था। वो आईएसआई के 5 एजेंट्स के संपर्क में था। उसे आईएसआई ने लड़की का लालच भी दिया था, जिसके बदले में उसने सैन्य प्रतिष्ठान से जुड़ी तस्वीरें भी भेजी थी। इस मामले में स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट ने कैथल के मस्तगढ़ गाँव से उसे पकड़ा।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पंजाब के पटियाला में रहकर देवेंद्र पंजाब यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करता था और वो खालसा कॉलेज में पढ़ रहा था। राजनीति शास्त्र के छात्र देवेंद्र पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने का आरोप है। जाँच में पता चला कि नवंबर 2024 में वह करतारपुर कॉरिडोर के जरिए सिख श्रद्धालुओं के साथ पाकिस्तान गया था। वहाँ उसने करतारपुर साहिब, ननकाना साहिब और लाहौर जैसे धार्मिक स्थलों का दौरा किया, जहाँ उसकी मुलाकात आईएसआई एजेंटों से हुई।

पुलिस के मुताबिक, देवेंद्र पाँच से ज्यादा पाकिस्तानी एजेंटों के संपर्क में था। उसकी दोस्ती फेसबुक पर एक पाकिस्तानी युवती से हुई, जो बाद में आईएसआई एजेंट निकली। हनी ट्रैप में फँसकर उसने पटियाला के सैन्य क्षेत्र की तस्वीरें खींचकर एजेंटों को भेजीं। जब पुलिस जाँच की आहट मिली, तो उसने अपने मोबाइल का सारा डाटा डिलीट कर दिया। साइबर यूनिट अब डाटा रिकवरी में जुटी है।

देवेंद्र मध्यमवर्गीय परिवार से है, जिसमें माता-पिता और एक बहन हैं। उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था, लेकिन हथियारों के साथ सोशल मीडिया पर तस्वीरें डालने से पुलिस का ध्यान उसकी ओर गया। ये हथियार गाँव के मालक सिंह के थे, जिसके आधार पर पुलिस ने डर फैलाने का आरोप भी जोड़ा।

डीएसपी वीरभान सिंह के अनुसार, देवेंद्र करतारपुर साहिब दर्शन के बहाने पाकिस्तान गया था, जहाँ वह ISI एजेंटों के संपर्क में आया और भारत की सैन्य जानकारी पाकिस्तान को भेजने लगा।

एसपी आस्था मोदी ने कहा कि देवेंद्र के अन्य संपर्कों की जाँच जारी है। यह मामला आईएसआई के सोशल मीडिया हनी ट्रैप नेटवर्क को फिर उजागर करता है, जिसने पहले भी कई भारतीय कर्मचारियों को निशाना बनाया है।

यह मामला एक बार फिर आईएसआई द्वारा सोशल मीडिया पर फैलाए गए हनी ट्रैप नेटवर्क को सामने ला रहा है, जिससे पहले भी DRDO और विदेश मंत्रालय के कर्मचारियों को निशाना बनाया गया है।

कर्नाटक : ‘मॉडल’ मेहर मर्दों को घर बुलाकर बिकनी में चुम्मा-चाटी करते इस्लाम कबूलने और खतना करवाने का डालती थी दबाव

कर्नाटक पुलिस ने हनीट्रैप के मामले में बुधवार (16 अगस्त 2023) को मुंबई की एक कथित मॉडल को गिरफ्तार कर लिया। मेहर नाम की यह मॉडल एक गिरोह चलाती है, जिसने 20-50 वर्ष की आयु के लगभग एक दर्जन से अधिक पुरुषों को धमकी देकर उनसे भारी मात्रा में धन ऐंठा है। इस मामले में बेंगलुरु के पुत्तेनहल्ली पुलिस ने अब्दुल खादर, यासीन सहित तीन आरोपितों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं, मेहर अब तक फरार थी।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हनीट्रैप के इस मामले में मुख्य आरोपित महिला की पहचान मेहर के रूप में हुई है। वह नेहा नाम से टेलीग्राम एप्लिकेशन पर पुरुषों को फँसाती थी। पुरुषों को अपने चंगुल में फँसाने के बाद मेहर और उसका गिरोह ब्लैकमेल करता था। इस गिरोह ने पीड़ितों को धर्म बदलकर इस्लाम कबूल करने और खतना कराने के लिए भी मजबूर किया। इसके बदले में गिरोह पीड़ितों से मोटी रकम वसूलता था।

कैसे फँसाते थे शिकार 

पुलिस के अनुसार, नेहा उर्फ ​​मेहर बेंगलुरु में 20 से 50 साल की उम्र के बीच के कई लोगों से संपर्क करती थी। फँसाने के बाद उन्हें जेपी नगर स्थित अपने घर में यौन संबंध बनाने के लिए बुलाती थी। घर बुलाने के बाद वह बिकिनी पहनकर उनका स्वागत करती थी। इसके बाद वह पीड़ितों को जबरदस्ती गले लगाती और फिर उन्हें चूम लेती थी।
इस दौरान गिरोह के अन्य सदस्य उसके घर में छिपे होते और मॉडल के साथ पीड़ित पुरुषों के अपमानजनक अश्लील वीडियो बना लेते थे। इसके बाद गिरोह के सदस्य पीड़ित का फोन छीन लेते थे और सभी कॉन्टैक्ट की लिस्ट बना लेते थे। वे पीड़ित को ब्लैकमेल कर पैसे माँगते थे और धमकी देते थे कि अगर उनकी डिमांड पूरी नहीं हुईं तो वे तस्वीरें भेजकर उसके परिवार और मित्र मंडली में उसे बदनाम कर देंगे।
गिरोह पीड़ित पर आरोपित मॉडल मेहर से निकाह करने का दबाव बनाता था। वे इस बात पर ज़ोर देते थे कि मॉडल एक मुस्लिम है, इसलिए पीड़ित को इस्लाम कबूल करने के बाद ही उससे निकाह करना होगा। इसके साथ ही वे पीड़ितों का तुरंत खतना भी कराने का दबाव बनाते थे। इन माँगों से डरकर पीड़ित आरोपितों को मोटी रकम सौंप देते थे। 

कैसे हुआ भंडाफोड़

गिरोह का यह ब्लैकमेलिंग का खेल तब समाप्त हुआ जब एक पीड़ित इंजीनियर ने पुलिस को इसके बारे में बताने की हिम्मत की। शुरुआती जाँच में यह बात सामने आई कि इस ग्रुप ने अब तक 12 लोगों को ब्लैकमेल किया है। वहीं, पुलिस अधिकारी अन्य मामलों की जाँच कर रहे हैं, जहाँ उन्हें गिरोह की संलिप्तता का संदेह है।
कर्नाटक पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए शरण प्रकाश बालिगेरा, अब्दुल खादर और यासीन को गिरफ्तार किया था। हालाँकि, आरोपित मॉडल मेहर फरार थी। पुलिस ने उसे 16 अगस्त को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब इस मामले में शामिल एक अन्य आरोपित नदीम की तलाश कर रही है।

क्या मुलायम जैसा ही होगा सचिन का हश्र? : पबजी वाली पाकिस्तानी सीमा हैदर भी लूडो वाली इकरा की तरह वाया नेपाल भारत में घुसी थी

    क्या इकरा-मुलायम (बाएँ) की कहानी जैसा होगा सचिन-सीमा हैदर की कहानी का अंत (फोटो साभार: NBT, HT)
पाकिस्तानी महिला सीमा हैदर का कहना है कि पबजी खेलते हुए वह नोएडा के रबूपुरा के सचिन के करीब आई। प्यार हुआ तो अपने चार बच्चों को लेकर पाकिस्तान से भारत आ गई। अब उत्तर प्रदेश एटीएस ने उसे पूछताछ के लिए उठाया है। कहा जा रहा है कि वह गिरफ्तार की जा सकती है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सीमा हैदर का हाल इकरा जैसा होगा? क्या सचिन के इस कथित प्रेम कहानी का अंतिम पड़ाव जेल है, जैसा मुलायम सिंह यादव के साथ हुआ था?

समाचार यह भी है कि कथित प्रेम दीवानी सीमा के चाचा पाकिस्तान आर्मी में सूबेदार है और भाई भी आर्मी है, जिस कारण उसके भारत आने में ISI जासूस होने की शंका को लेकर सरकार सख्ती से पूछताछ कर सच्चाई को सामने लाने के प्रयास किये जा रहे हैं। दूसरे, 5 पासपोर्ट का होना, पाकिस्तानी सिम को तोडना आदि से शक की सुई घूमेगी ही। संभव है, सरकार सचिन के बैंक खाते और घर की वित्तीय स्थिति की भी जाँच कर सकती है।    

सीमा एक वकील से मिलने गई थी, वकील ने ही पुलिस को टिप दी। गैरकानूनी तरीके से भारत आने के जुर्म में सीमा को गिरफ़्तार किया गया। सीमा के पास से 4 मोबाइल फोन और कई सिम भी मिले हैं। लोग कह रहे हैं कि सीमा पाकिस्तान की जासूस है।

सीमा, सचिन और सचिन के पिता से उत्तर प्रदेश पुलिस की एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड (Uttar Pradesh Police ATS) ने पूछताछ की। सचिन और सीमा की PUBG गेम खेलते हुए दोस्ती हुई। दोस्ती प्यार में बदल गई। मई 2023 में सीमा, दुबई और नेपाल होते हुए गैरकानूनी तरीके से भारत पहुंची। रिपोर्ट्स के अनुसार, सीमा हैदर के भारत आने के बाद पाकिस्तान में मंदिर तोड़े जाने की घटनाएं सामने आ रही हैं।

सीमा हैदर का पति गुलाम हैदर भी यही गुज़ारिश कर रहा है कि उसकी पत्नी और बच्चों को पाकिस्तान भेजा जाए। इस मामले पर दोनों देशों की जनता ने भी कई तरह की टिप्पणियां की। सीमा ने हिन्दू धर्म अपना लिया है, वो मीडिया के सामने इंटरव्यूज़ देती हैं और यही गुज़ारिश करती है कि उसे भारत में रहने दिया जाए। उन्हें पाकिस्तान दोबारा नहीं जाना है वह भारत की नागरिकता चाहती हैं और भारत में ही रहना चाहती हैं।

कहीं आईएसआई अपने मंसूबों में कामयाब न हो जाए’
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने भी सीमा हैदर को पाकिस्तान भेजने की बात कही है।उनका मानना है कि सीमा पाकिस्तान की जासूसी एजेंसी की एजेंट हो सकती हैं। इस एजेंसी की अधितकर चालें भारत के खिलाफ रहती हैं। उसकी ये नई फितरत हो सकती है, जिसके जरिए उसने पाकिस्तानी महिलाओं का धर्मांतरण कराकर भारत भेजा हो। इसे साजिश के तहत ही देखा जाना चाहिए।

उनका कहना है कि जिस तरह से सीमा हैदर भारत आने के लिए नेपाल गई, वहां के मंदिर में शादी की और फिर धर्म परिवर्तन करके उसका प्रचार कर रही है, जिससे उससे ऊपर शक गहरा रहा है।अगर उसे पाकिस्तान वापस नहीं भेजा गया तो आईएसआई अपने मंसूबों में कामयाब हो जाएगी।भारत सरकार को चाहिए कि इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करे।बड़ी बात ये है कि इस महिला के जाल में फंसकर सचिन भी मोहरा न बन गया हो।

दरअसल इकरा और मुलायम सिंह यादव की कथित प्रेम कहानी भी इसी साल जनवरी में सामने आई थी। हालाँकि इस कहानी को मीडिया में उतनी फुटेज नहीं मिली, जितनी सीमा और सचिन ने खाई है। लेकिन दोनों कहानी में कई समानता है। जैसे सीमा पबजी से सचिन के प्यार में आने के दावे कर रही है, वैसे ही पाकिस्तान की इकरा जिवानी को ऑनलाइन लूडो खेलते हुए मुलायम सिंह यादव से प्यार हो गया था। वह भी नेपाल के रास्ते ही भारत में दाखिल हुई थी। जब भेद खुला तो गिरफ्तारी हुई और बाद में वापस पाकिस्तान भेज दिया गया।

पाकिस्तान के हैदराबाद में रहने वाली इकरा जिवानी का कहना था कि ऑनलाइन लूडो खेलते हुए वह 2019 में बेंगलुरु में रहने वाले मुलायम सिंह यादव के संपर्क में आई। दोनों लूडो गेम खेलते और बातें करते। इसी दौरान दोनों में प्यार हो गया। 10वीं पास मुलायम सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ का रहने वाला है। वह बेंगलुरु में एक प्राइवेट फर्म में सिक्योरिटी गार्ड का काम करता था। वहीं इकरा अंडर ग्रेजुएट है और पाकिस्तान में कोचिंग में पढ़ाती थी। प्यार परवान चढ़ा तो मुलायम सिंह ने इकरा को नेपाल के रास्ते भारत लाने की योजना बनाई। 

मुलायम इकरा को भारत लाना चाहता था। लेकिन इकरा के पास न तो पैसे थे और न ही भारत आने का वीजा। इसलिए उसने पहले तो अपने गहने बेचे फिर दोस्तों से पैसे उधार लिए। इसके बाद 19 सितंबर 2022 को इकरा अपने घर से कॉलेज के लिए निकली, लेकिन वापस घर नहीं लौटी। वह पाकिस्तान से फ्लाइट पकड़कर दुबई गई और फिर वहाँ से नेपाल के काठमांडू पहुँची। यहाँ मुलायम सिंह यादव पहले ही उसका इंतजार कर रहा था। दोनों ने नेपाल में ही शादी कर ली। इसके बाद मुलायम उसे लेकर बेंगलुरु चला आया। इकरा की पहचान छिपाने के लिए मुलायम ने उसका नाम बदलकर रवा रख दिया। यही नहीं, इसी नाम से उसका आधार कार्ड बनवाकर भारतीय पासपोर्ट के लिए भी आवेदन कर दिया।

कैसे हुआ खुलासा

इकरा ने मुलायम सिंह यादव से शादी तो कर ली थी, लेकिन वह फिर भी नमाज पढ़ती थी। उसे नमाज पढ़ते पड़ोसियों ने देख लिया। हिंदू के घर में नमाज पढ़ रही लड़की को देखकर लोगों को शक हुआ। मामला पुलिस के पास पहुँचा और पूछताछ के दौरान सच सामने आ गया। इसके बाद पुलिस ने 23 जनवरी 2023 को दोनों को गिरफ्तार कर लिया। इकरा को बेंगलुरु के महिला गृह में रखा गया था। महिला गृह के अधिकारियों की माने तो इकरा उन लोगों से अक्सर कहती थी कि वह अपनी जिंदगी अपने पति मुलायम के साथ रहकर गुजारना चाहती है। वह मुलायम से बात करने की अनुमति और पाकिस्तान न भेजने की बात कहती थी।
अवलोकन करें:-
हालाँकि इसके बाद 19 फरवरी 2023 को भारत-पाकिस्तान सीमा से इकरा को पाकिस्तान के इमिग्रेशन अफसरों को सौंप दिया गया था। जहाँ से अधिकारियों ने उसे उसके अम्मी-अब्बू के पास पहुँचा दिया। वहीं, मुलायम सिंह यादव के खिलाफ जालसाजी, फॉरेनर एक्ट और आईपीसी की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। यह मामला अब भी कोर्ट में है। क्या सचिन का हश्र भी अंत में मुलायम जैसा होगा? क्या सीमा को उसके बच्चों के साथ पाकिस्तान को सौंप दिया जाएगा?

कर्नाटक : हनीट्रैप में पहले हिंदू युवकों को फँसाती, फिर ISIS में धकेलती: पूर्व कांग्रेस MLA की बहू ‘मरियम’ का पूरा चिट्ठा

पिछले साल जनवरी में राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने दीप्ति मरला उर्फ मरियम को कुख्यात आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) से कथित संबंधों के आरोप में गिरफ्तार किया था। कर्नाटक के कोडागु की रहने वाली दीप्ति बीएम बाशा के बेटे अनस अब्दुल रहमान की पत्नी हैं। इनके पिता इदिनब्बा कभी कांग्रेस  के विधायक थे। इदीनाबा की 2009 में मृत्यु हो गई।

NIA के अधिकारियों ने दीप्ति से मरियम बनी युवती के बारे में संदेह के आधार पर जाँच की थी। जाँच के दौरान पता चला कि मरियम इस्लामिक स्टेट (ISIS) नेटवर्क में युवाओं को भर्ती करने के रैकेट में शामिल थी। उसे गिरफ्तार करने के लिए सुरक्षा एजेंसी ने पाँच महीनों तक उसके खिलाफ सबूत जुटाए थे।

उल्लेखनीय है कि NIA ने अगस्त 2021 में उसके घर पर छापा मारा था और अनस अब्दुल रहमान के चचेरे भाई अम्मार को ISIS लिंक के लिए गिरफ्तार किया था। NIA ने उस वक्त मरियम से पूछताछ की थी। हालाँकि, उस वक्त उसे हिरासत में नहीं लिया गया था। सबूत मिलने के बाद उसे जनवरी 2022 में गिरफ्तार कर लिया गया।

पेशे से दंत चिकित्सक दीप्ति मरला, अनस से निकाह करने से पहले हिंदू थीं। जब वह UAE में पढ़ती थी, उस दौरान वह इस्लाम की ओर ‘आकर्षित’ हो गई। बाद में मैंगलोर के डेरलकट्टे के एक कॉलेज में बीडीएस की पढ़ाई के दौरान उसे अनस से प्यार हो गया। उसने इस्लाम धर्म अपना लिया और अपना नाम मरियम रख लिया। इसके बाद उसने अनस से निकाह कर ली।

हिंदुओं को हनीट्रैप में फँसाती थी मरियम

पूछताछ के दौरान दीप्ति मरला उर्फ मरियम ने NIA को बताया कि वह हनीट्रैप के जरिए हिंदुओं को फँसाती थी और इस्लाम में धर्मांतरित करती थी। इसके बाद वह उन्हें ISIS में भर्ती करने की कोशिश करती थी। उसने पूरे कर्नाटक में 10 से अधिक हिंदू युवकों को इस्लाम में धर्मांतरित करने की बात कबूल की।
मरियम ने फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हिंदू और मुस्लिम नामों से 15 से ज्यादा अपनी ID बना रखी थी। वह अपने शौहर के कहने पर ISIS के लिए इंस्टाग्राम पेज क्रॉनिकल फाउंडेशन को हैंडल करती थी।
मरियम अश्लील चैट के जरिए युवाओं को फँसाती थी। जान-पहचान बढ़ाने के बाद मरियम ने हिंदू युवकों को वीडियो कॉल किया। उसकी यौन उत्तेजक बातचीत युवकों को लुभाती थी और उन्हें प्यार के जाल में फँसा लेती थी। फिर वह उनसे शादी करने का वादा करती थी।
एक बार जब हिंदू युवक उसकी जाल में पूरी तरह से फँस जाते थे तो वह उन्हें इस्लाम कबूल करने और फिर आईएसआईएस में शामिल होने के लिए मजबूर करती थी। अगर उसका संभावित निशाना कोई मुस्लिम युवक होता तो वह प्यार का नाटक करती और उन्हें आईएसआईएस में शामिल होने के लिए उकसाती थी।
NIA ने कहा कि मरियम के बहकावे में आकर 2020 और 2021 में चार से पाँच युवक केरल से सीरिया चले गए। गिरफ्तारी से पाँच महीने पहले बेंगलुरू में गिरफ्तार मदेश पेरुमल उर्फ अब्दुल भी मरियम के झाँसे में आ गया था। उसने धर्म परिवर्तन करके इस्लाम अपना लिया था।
मदेश पेरुमल ने कथित तौर पर आतंकवादी संगठन के संचालकों को देश में बम विस्फोट करने का वादा किया था। एजेंसी ने बताया कि मरियम ने मदेश पेरुमल को लुभाने के लिए 10 लाख रुपए खर्च किए हैं। ISIS के साथ संबंध होने के अलावा दीप्ति मरला उर्फ मरियम के जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी संगठनों के साथ भी संबंध थे।
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, NIA ने कहा, “जाँच के दौरान यह पता चला है कि सीरिया/ईराक में ISIS खिलाफत खत्म होने के बाद दीप्ति मरला और मोहम्मद अमीन ने जनवरी और मार्च 2020 में हिजरा (धार्मिक प्रवास) के तहत कश्मीर का दौरा किया था। वह कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने और ISIS की गतिविधियों का समर्थन करने के लिए के लिए वहाँ गए थे।
जाँच के दौरान यह भी पता चला है कि मोहम्मद अमीन के साथ-साथ दीप्ति मरला भी ISIS की साजिश का सरगना थी। मार्च 2021 में दर्ज मामले के संबंध में NIA द्वारा गिरफ्तार किए गए लोगों में मोहम्मद अमीन उर्फ ​​अबू याहया और उसके दो सहयोगी- डॉ. रहीस रशीद और मुसहब अनवर भी शामिल थे।
कुख्यात इस्लामी आतंकी संगठन ISIS के साथ संबंधों को लेकर दीप्ति मरला उर्फ मरियम की गिरफ्तारी होने के बाद उसके माता-पिता ने उससे संबंध तोड़ लिए। कहा जाता है कि इसके लिए उसके माता-पिता ने एक समाचार पत्र में विज्ञापन देकर अपने संबंध खत्म करने की घोषणा की।