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‘बेशर्म(कंगना रनौत), तू इस्लाम की बात करती है?’ 'बदतमीज महिला' : सपा प्रदेश अध्यक्ष अबू आजमी

अबू आजमी, कंगना रनौत
80 के दशक में प्रदर्शित जीतेन्द्र और सुलक्षणा पंडित अभिनीत फिल्म "अपनापन" का एक गीत "आदमी मुसाफिर है आता और जाता है ...." सुशांत राजपूत केस में चरितार्थ हो रहा है, सुशांत दुनियां में आया और गया, लेकिन अपनी हत्या से बॉलीवुड के घिनौने चेहरे को उजागर कर गया। ड्रग्स के बहाने अभी तो परदे को मात्र हाथ लगाया है, परदे के पीछे और परदे के पीछे और बिछी चादर उठनी बाकी है और जब पूरा पर्दा हटेगा, तब क्या हालत होगी, बॉलीवुड से लेकर सियासत तक जो खलबली मच रही है, स्पष्ट संकेत दिखने शुरू हो गए हैं। इस चकाचौंध दुनियां कितनी गंदगी से भरी पड़ी है। अगर गंभीरता से जाँच हुई, पता नहीं कितने धुरंदर नपेंगे, जो छद्दम सेकुलरिज्म का चोला ओढ़े सत्ता के गलियारों में बैठ जनता के धन पर मालपुए खाने के साथ-साथ अपनी तिजोरियां भर रहे हैं। आगे देखो होता क्या है? 
महाराष्ट्र में समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अबू आजमी कंगना रनौत से खासे खफा हैं और इसी क्रम में उन्होंने शिवसेना के मुख्य प्रवक्ता संजय राउत का अनुसरण करते हुए कंगना रनौत पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर डाली। कंगना को अबू आजमी ने बेशर्म करार दिया। अबू आजमी ने दावा किया कि कंगना रनौत ने कहा था कि उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में इस्लामी वर्चस्व ख़त्म कर दिया। इसके बाद उन्होंने पूछा, ‘ बेशर्म! इस्लाम के बारे में बात करती है तू?’
अबू आजमी ने महाराष्ट्र विधानसभा की कार्यवाही के दौरान ये बातें कही। उन्होंने मीडिया में बयान देते हुए भी कंगना पर अलग-अलग टिप्पणी की है। इससे पहले उन्होंने कहा कि अगर कंगना रनौत को मुंबई पुलिस पर भरोसा नहीं है तो वो अपने राज्य हिमाचल प्रदेश में रहे और वहीं काम करे। उन्होंने कहा कि मुंबई पुलिस कभी नाकामयाब नहीं रही है। उन्होंने कहा कि वो पहले से ही ड्रग्स को लेकर आवाज़ उठाते रहे हैं लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
लोगों की प्रक्रियाएं 


सपा नेता ने ‘तनु वेड्स मनु रिटर्न्स’ की अभिनेत्री को ‘बदतमीज महिला’ बताते हुए कहा कि वो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भाषा बोल रही हैं। उन्होंने ये भी कहा कि शिवसेना जो भी कर रही है, वो ठीक कर रही है। अबू आजमी वैसे तो शिवसेना के खिलाफ बोलते रहे हैं लेकिन इस बार उन्होंने कंगना रनौत के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है और महाराष्ट्र की सत्ताधारी पार्टी का पक्ष ले रहे हैं। अबू आजमी की टिप्पणियों के बाद लोगों ने उनका विरोध किया।
कुछ ही महीनों पहले सपा प्रदेश अध्यक्ष ने एक महिला पुलिसकर्मी के साथ बदतमीजी की थी। बाद में उलटा महाराष्ट्र सरकार ने अधिकारी का ही ट्रांसफर कर दिया था। आजमी ने शर्मा के सस्पेंड करने की माँग करते हुए कहा था, “ये औरत कहती है कि आप पुलिस पे इल्जाम लगाते हो, मैं बात नहीं करूँगी। तेरे बाप के बाप के बाप को बात करनी पड़ेगी।” शर्मा के तबादले को लेकर बीजेपी के पूर्व सांसद किरीट सौमैया ने उद्धव सरकार को घेरा था।
फराह खान-रिया चक्रवर्ती
फराह खान उतरी रिया के समर्थन में, कभी जिसका शौहर भी जो चूका है ड्रग्स के मामले में गिरफ्तार
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) द्वारा रिया चक्रवर्ती की गिरफ्तारी ने भारतीय फिल्म उद्योग की कई सच्चाइयों को उजागर किया है। अभिनेता ऋतिक रोशन से संबंधित होने के लिए पहचाने जाने वाली ऐसी ही एक तथाकथित बॉलीवुड ’सेलिब्रिटी’ फराह खान ने अभिनेत्री रिया खान के साथ सहानुभूति जताने के लिए ट्विटर का सहारा लिया है।
ड्रग्स खरीदने और उसके इस्तेमाल के लिए रिया चक्रवर्ती को गिरफ्तार किए जाने के तुरंत बाद, फराह खान ने रिया को ‘कठिन समय में मजबूत रहने’ के लिए कहा है। फराह खान ने कहा कि ‘जब तक आपका विवेक साफ है, तब तक आप मजबूत रहेंगे।’
फराह खान ने रिया को नसीहत दी कि ‘ईश्वर में विश्वास रखें और हर दिन प्रार्थना करें’, क्योंकि उन्होंने कहा था कि ‘अगर ईश्वर ने आपको यहाँ पहुँचाया है तो सिर्फ यह ध्यान रखें कि वही आपको इससे बाहर भी निकालेगा।”
फराह खान ने खुद ही स्वीकारा है कि हालाँकि, वह रिया चक्रवर्ती से कभी नहीं मिली हैं, ना ही उन्हें, ना ही उनके परिवार को जानती हैं, फिर भी फराह खान ने रिया को मजबूत रहने की सलाह दी है।
रिया की गिरफ्तारी को लेकर फराह खान की भावनाएँ इतनी गहरी थीं कि उसने ‘टाइम्स नाउ’ की पत्रकार नविका कुमार के खिलाफ भी अपशब्द कहे। दरअसल, नाविका कुमार ने ही रिया की गिरफ्तारी की खबर शेयर करते हुए कहा था कि पहली बार ड्रग्स की कहानी उनके द्वारा ही सामने रखी गई थी।
फराह खान ने वरिष्ठ पत्रकार नविका कुमार को यह कहकर लताड़ लगाई, “एक दिन आप दूसरी तरफ होंगे और फिर वहाँ ऐसे लोग भी होंगे जो आपके लिए उतने ही निर्दयी होंगे जितने कि आप हैं। मेरी बात याद रखना।”
आश्चर्य की बात यह है कि अगर फराह खान कभी रिया से नहीं मिली, उन्हें जानती तक नहीं तो फिर वह रिया चक्रवर्ती के समर्थन में कूदने वाली पहली महिला क्यों थी? संभवतः वह रिया के दर्द को महसूस कर रही होंगी। इन्हे शायद यह भी डर सता रहा होगा कि ड्रग्स मामले में उनके शौहर या फिर उनका नाम भी न आ जाए। 
फराह खान के पति डीजे अकील 2007 में दुबई में ड्रग्स रखने के आरोप में पकड़े गए थे। हालाँकि, डीजे अकील को कुछ दिनों के बाद रिहा कर दिया गया था, जब अधिकारी उस पर किए गए परीक्षणों में ड्रग्स के सबूत खोजने में विफल रहे।
फराह खान के बारे में बहुत लोग कुछ भी नहीं जानते, लेकिन लोग बॉलीवुड अभिनेता ऋतिक रोशन को जानते हैं। यह कम सुनाई देने वाली ’सेलिब्रिटी’ ऋतिक रोशन की पूर्व पत्नी सुज़ैन खान की बहन और संजय खान की बेटी है। वही संजय खान, जो 1990 के दशक की शुरुआत में एक लोकप्रिय टेलीविजन श्रृंखला में टीपू सुल्तान की भूमिका के लिए जाने जाते थे।
वह उन इस्लाम समर्थकों में से एक थीं, जो अभिनेता तुषार कपूर के पीछे सिर्फ इस कारण पड़ गई थी क्योंकि उन्होंने दिल्ली में हुए हिन्दू-विरोधी दंगों को फ़ेक फेक न्यूज़ फ़ैलाने से बचने की अपील की थी। उन्होंने भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर पर भी दंगे भड़काने का आरोप लगाया था।
फरहा पाकिस्तान आर्मी का भी समर्थन कर चुकी है 
रिया चक्रवर्ती की गिरफ्तारी के बाद उसके समर्थन में सामने आने वाली फराह खान ने एक बार पाकिस्तान के लिए भी अपना समर्थन जताया था। धर्मनिरपेक्ष और सहिष्णु दिखने की अपनी कोशिश में, उसने पूर्व पाकिस्तानी सेना प्रवक्ता द्वारा एक फर्जी प्रोपेगेंडा ट्वीट को री-ट्वीट किया था, जिसमें कश्मीर को ‘इंडिया ऑक्युपाइड जम्मू कश्मीर’ कहा गया था।
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सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में बॉलीवुड में सरेआम इस्तेमाल और सप्लाई किए जा रहे ड्रग्स का एंगल सामने आया है.....
जब उसे इस मूर्खता का आभास कराया गया तो उसने और भी मूर्खता के साथ जवाब देते हुए कहा कि उसने आसिफ गफूर के प्रोपेगेंडा ट्वीट को सिर्फ इस कारण समर्थन के योग्य माना क्योंकि उसके ट्विटर हैंडल में लिखा गया था- ‘पीस फॉर चेंज।’

सुशांत सिंह राजपूत : कभी गुजरात दंगों पर ‘प्रोपेगेंडा’ से रोटियॉं सेकने वाले अब रिया में अपनी TRP की तलाश

राजदीप-रिया
न्यूज़ रूम से समाचार पढ़ना और अपने विचार थोप देना एक समय तक भारतीय मीडियाकारों की सच्चाई रहा है। लेकिन तब बाजार में आज की तरह प्रतिस्पर्धा, संचार के मध्यम और सोशल मीडिया जैसे प्लेटफॉर्म भी मौजूद नहीं थे। राजदीप सरदेसाई जैसे तथाकथित पत्रकारों ने शायद ही कभी सोचा होगा कि उन्हें न्यूज़रूम में बने बनाए माहौल के अलावा कभी दोहरे संचार के लिए भी लोगों के बीच होना होगा और जिस दिन ऐसा हुआ उस दिन वो लोगों के साथ मुक्केबाजी करते नजर आए।
24×7 समाचार पढ़ने और सोशल मीडिया के कारण हर शब्द के लिए जनता के प्रति जवाबदेही से राजदीप सरदेसाई जैसे लोग बौखलाए हुए हैं। दरअसल, इस हर समय जनता के सामने और जनता के बीच होने की वजह से इन पत्रकारों का वास्तविक चेहरा भी अब सबके सामने है क्योंकि हर समय आप अपने शब्दों के चयन और अपने व्यवहार के लिए न्यूज़रूम के बनाए बनाए माहौल और स्क्रिप्ट के अनुसार नहीं चल सकते।
राजदीप सरदेसाई जैसे लोग, जिन्होंने अपनी पत्रकारिता का करियर ही 2002 के गुजरात दंगों में नरेन्द्र मोदी को विलेन साबित करने और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के खिलाफ खुद ही न्यायधीश बनकर बनाया है, आज बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह की मौत में उनके परिवार द्वारा मुख्य आरोपित बताई गई रिया चक्रवर्ती का मीडिया मैनेजमेंट कर रहे हैं।
इसके साथ ही राजदीप सरदेसाई अपने निष्पक्ष होने का भी दावा करना चाहते हैं और साथ ही तटस्थ रिपोर्टर होने का भी दावा करते हैं। उससे भी बड़ी विडंबना यह कि रिया चक्रवर्ती जैसी एक विफल अभिनेत्री में राजदीप अपनी पत्रकारिता का भविष्य तलाश रहे हैं।
नरेंद्र मोदी की खरी-खरी 
यह 2014 के आम चुनावों से ठीक पहले की ही बात है जब भाजपा ने पार्टी के चेहरे के रूप में नरेंद्र मोदी को चुना और भारत अपने अगले युग के राजनितिक बदलाव की तैयारियाँ कर रहा था। राजदीप सरदेसाई इस समय सीएनएन-IBN के न्यूज़ रिपोर्टर हुआ करते थे।
राजदीप सरदेसाई ने शायद ही सोचा होगा कि उन्हें अपनी वर्षों पुरानी रोजी-रोटी के जुगाड़ की कहानी को ही फिर से दोहराने के लिए नरेंद्र मोदी की ओर से इतना स्पष्ट जवाब मिलेगा। रैली के दौरान ही राजदीप सरदेसाई ने अपने लिए नरेंद मोदी के पास जगह बनाई और माइक पर उनसे सवाल किया कि क्या 2002 के दंगे उनके भविष्य की राजनीति की राह में बाधक साबित होंगे?
इस पर नरेंद्र मोदी ने जो जवाब दिया था उसके स्वर आज तक राजदीप के कानों में गूँजते होंगे। नरेंद्र मोदी ने कहा – “मैं राजदीप सरदेसाई को शुभकामना देता हूँ कि वो पिछले दस साल से इसी मुद्दे के भरोसे जी रहे हैं।”
इस पर जब राजदीप ने अपने भावों को नियंत्रित करते हुए नरेंद्र मोदी को टोकने का प्रयास किया तो नरेंद्र मोदी ने उनसे कहा- “नहीं, सुनना पड़ेगा। इसी मुद्दे से आपकी रोजी-रोटी चलती है। और मैंने तो ऐसा भी सुना है कि मोदी को गाली देने वालों को राज्यसभा की सीट मिलती है, पद्म भूषण और अन्य पुरस्कार मिलते हैं। मेरी राजदीप को शुभकामना है कि आप अपना यह अभियान जारी रखिए और ऐसे मित्रों की मदद से राज्यसभा पहुँच जाइए…पद्म भूषण, पद्म विभूषण कुछ प्राप्त करिए।”
राजदीप ने फिर अपना घटिया और घिसा-पिटा सवाल जारी रखा और ‘कहीं ना कहीं’ को कई बार दोहराते हुए फिर कहा कि 2002 मोदी के राजनीतिक जीवन में रुकावट पैदा कर सकता है।
इस पर नरेंद्र मोदी ने उन्हें फिर उसी भाषा में जवाब देते हुए कहा – “राजदीप सरदेसाई आपके पास आपका न्यूज़ चैनल है। आप घंटों तक इस पर डिबेट चलाइए।” नरेंद्र मोदी तब भी आज जितने ही अपने पूरे नियंत्रण में थे, जबकि राजदीप के चेहरे और आवाज में आज जितना ही छिछोरापन!
राजदीप सरदेसाई और नरेंद्र मोदी के बीच बातचीत के इस दुर्लभ क्षण को इस लिंक पर देखा सकते हैं –


इसके बाद नरेंद्र मोदी के राजनीतिक जीवन में जो कुछ घटा है, वह सब हम सबके सामने है। और राजदीप के साथ क्या कुछ घटित हो रहा है वह भी हम सब देख रहे हैं। राजदीप को आज एक बॉलीवुड की ऐसी अभिनेत्री का मीडिया मैनेजमेंट करके जीवन यापन करना पड़ रहा है, जिसके खाते में उसके द्वारा की गई फिल्मों से ज्यादा उस पर एक सफल अभिनेता की मौत से जुड़े आरोप लग चुके हैं।
यह भी वास्तविकता है कि राजदीप सरदेसाई को ना ही रिया चक्रवर्ती से और ना ही सुशांत सिंह राजपूत से ही संवेदना है। वह बस TRP की रेस में किसी तरह खुद को खबरों में बनाए रखने का प्रयास कर रहे हैं। और उन्होंने रिया चक्रवर्ती का प्रायोजित इंटरव्यू कर साबित कर दिया है कि इसके लिए वो किसी भी हद तक गुजरने के लिए भी तैयार हैं।
राजदीप के लिए यह कोई समझौते वाली बात भी नहीं है, वास्तव में यही उनका वास्तविक नजरिया है। 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनते ही मानो राजदीप सरदेसाई पर वज्रपात हो गया। इसके रुझान न्यूयॉर्क के मेडिसन स्क्वायर पर उनके द्वारा मोदी समर्थकों के साथ की गई मुक्केबाजी थी। इसी बीच उन्होंने राज ठाकरे से भी इंटरव्यू के दौरान डाँट भी खाई। लेकिन यही राजदीप का स्वभाव है और यही उनकी फितरत है।
उन्हें तो अब यह महसूस होना भी बंद हो गया होगा कि वह अपने इस स्वभाव, जिसे वो पत्रकारिता कहते हैं, के कारण उन्हीं के पूर्व सहयोगी रवीश कुमार द्वारा ‘दुकानदार’ तक कह दिया गया। रिया चक्रवर्ती के इंटरव्यू के बाद वह हमेशा से ही विवादित बरखा दत्त से भी फटकार खा चुके हैं। जनता उन्हें रोज ही भली-बुरी बातें सुना रही है।
यही वो राजदीप सरदेसाई भी है, जो आज भी मौका मिलते ही पीएम मोदी पर गुजरात दंगों का आरोप लगाने का अवसर नहीं गँवाते। सुप्रीम कोर्ट कब की पीएम मोदी पर लगे आरोपों के बाद उन्हें दोषमुक्त भी घोषित कर चुकी है। लेकिन राजदीप की अपनी एक निजी अदालत है ; यह अदालत सस्ती लोकप्रियता और TRP के लिए उन्हें कभी न्यायधीश तो कभी वादी और कभी प्रतिवादी बना रही है। यही वजह है कि वो एक ऐसे व्यक्ति की मौत की जाँच तक को समय की बर्बादी बताने से नहीं चूकते, जो अभी अपने अभिनय के करियर के शुरूआती दिनों में ही था।
राजदीप ने सोहराबुद्दीन केस में मांगी थी माफ़ी 
इसके अलावा, राजदीप की पत्रकारिता के खोजी संस्करणों में एक बड़ी उपलब्धि तब जुड़ी थी, जब उन्होंने मई 2007 में, सीएनएन-आईबीएन के तत्कालीन प्रधान संपादक रहते सोहराबुद्दीन मामले पर एक कार्यक्रम चलाया था, जिसका शीर्षक था ’30 मिनट – सोहराबुद्दीन, द इनसाइड स्टोरी।’
सोहराबुद्दीन केस में झूठी रिपोर्टिंग के लिए ‘पत्रकार’ राजदीप सरदेसाई को कोर्ट से बिना शर्त माफी माँगनी पड़ी थी। दरअसल, इस कार्यक्रम में राजदीप सरदेसाई द्वारा पेश की गई न्यूज रिपोर्ट में कहा गया था, “पुलिस सूत्रों का कहना है कि वंजारा और पांडियन ने हैदराबाद स्पेशल इंवेस्टिगेशन यूनिट के एसपी राजीव त्रिवेदी की मदद से बीदर में सोहराबुद्दीन और कौसर बी को पकड़ा। राजीव त्रिवेदी ने फर्जी नंबर प्लेट वाली कारें मुहैया कराईं, जिसमें सोहराबुद्दीन को अहमदाबाद लाया गया और फिर एक फर्जी मुठभेड़ में मारा गया।
इस कार्यक्रम के बाद आंध्र प्रदेश स्टेट द्वारा राजदीप सरदेसाई और सीएनएन-आईबीएन के 10 अन्य पत्रकारों के खिलाफ हैदराबाद की एक अदालत में शिकायत दर्ज की गई। आईपीएस राजीव त्रिवेदी को बिना शर्त माफी जारी करते हुए राजदीप सरदेसाई ने कहा, “मैंने महसूस किया कि इसमें कोई साक्ष्य नहीं है कि स्पेशल इन्वेस्टिगेटिव यूनिट के एसपी राजीव त्रिवेदी की मदद से वंजारा और पांडियन ने सोहराबुद्दीन और कौसर बी को बीदर में पकड़ा। श्री राजीव त्रिवेदी, आईपीएस के बारे में यह झूठी खबर थी।”
मोदी की कुत्ते से तुलना की थी 
इसके अलावा पीएम मोदी के लिए राजदीप की नफरत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह उनके नाम की तुलना एक कुत्ते तक से कर चुके हैं। आम चुनाव प्रचार के दौरान, जब समर्थकों ने नरेंद्र मोदी के लिए ‘नमो’ और राहुल गाँधी के लिए ‘रागा’ जैसे नामकरण करने शुरू किए थे, तो राजदीप ने फरवरी 08, 2014 को एक ट्वीट में अपने पालतू कुत्ते का नाम ‘निमो’ रखा और भारतीय पीएम उम्मीदवार की कुत्ते से तुलना करते हुए भड़काऊ ट्वीट किए।

पत्रकारिता की आड़ में वर्षों से एक परिवार और उसके कार्यकर्ताओं की ‘स्वामिभक्ति’ करने वाले राजदीप अपने अन्नदाताओं के प्रति कितने निष्ठावान हैं इस बात का उदाहरण इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब पी चिदंबरम सीबीआई से भाग रहे थे, तब राजदीप ने कहा था कि चिदंबरम राजनीतिक साजिश का शिकार बनाए गए हैं। चिदंबरम तिहाड़ में थे और राजदीप न्यूज़रूम में।
2010 में जब सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस में अमित शाह को जेल भेजा गया था, तब राजदीप सरदेसाई ने इसे क़ानून की जीत बताया था। जबकि इसी राजदीप को चिदंबरम को जेल भेजे जाने पर उन्हें साजिश नज़र आ रही है।
आज यही राजदीप रिया चक्रवर्ती को निर्दोष साबित करने के लिए सुबह शाम सोशल मीडिया पर और बची हुई कसर अपने न्यूज़ चैनल पर पूरी करते देखे जा सकते हैं। वर्ष 1993 के मुंबई बम धमाके में दाउद इब्राहिम का नाम आने पर रिया चक्रवर्ती की ही तरह का ‘कवर-अप’ करते हुए राजदीप ने उसे निर्दोष बताने के लिए टाइम्स ऑफ़ इंडिया में लेख तक लिखा था।
गैर-कॉन्ग्रेसी प्रधानमंत्री से नफरत और दक्षिणपंथियों का विरोध ही राजदीप सरदेसाई की पत्रकारिता का असली चेहरा है। इसके अलावा जो कुछ है, वह सब आडम्बर और प्रासंगिक बने रहने की चाह है।

रवीना टंडन का फूटा बॉलीवुड ‘नेक्सस’ पर गुस्सा, दुनिया को बताया इंडस्ट्री का काला सच

रवीना टंडन बॉलीवुड नेक्सस
बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या से पूरा देश सदमे में है। सुशांत की इस मौत ने बॉलीवुड को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए है। कई बॉलीवुड स्टार्स भी इंडस्ट्री की अंदरुनी ‘गंदगी’ को लेकर ट्वीट कर रहे हैं। एक्टर सुशांत सिंह ने रविवार (जून 14, 2020) को मुंबई के बांद्रा में अपने में आत्महत्या कर ली। जिसके बाद सोशल मीडिया पर एक के बाद एक बॉलीवुड के राज खुल रहे हैं।
एक्ट्रेस कंगना रनौत, निर्देशक अभिनव सिंह कश्यप समेत कई स्टार्स ट्वीट कर बॉलीवुड इंडस्ट्री पर जमकर गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। इसी बीच अब एक्ट्रेस रवीना टंडन ने भी सोशल मीडिया पर बॉलीवुड से जुड़े कई खुलासे किए है।
रवीना टंडन ने सोशल मीडिया पर लगातार कई ट्वीट किए। रवीना टंडन ने ट्वीट करते हुए लिखा, “ऐसा कई बार होता है कि फिल्मों से आपको अचानक निकाल दिया जाएगा और हीरो अपनी किसी गर्लफ्रेंड को ले लेता है। इतना ही नहीं, कुछ लोग तो ऐसा भी करते है कि आपके बारे में फेक न्यूज फैलाते है। ताकि आपकी इमेज खराब हो और उससे आपका करियर खत्म हो सके। इसी वजह से इस इंडस्ट्री में बहुत स्ट्रगल करना पड़ता है कुछ लोग इसे झेल लेते है तो कुछ लोग नहीं।”
अपने दूसरे ट्वीट में रवीना टंडन ने लिखा कि, “जब आप इनके खिलाफ बोलते है तो आपको झूठा कहा जाता है। कई लोग तो आपको पागल तक कह देते है। इस इंडस्ट्री ने मुझे बहुत कुछ दिया है। जिसकी मैं आभारी हूँ लेकिन यही बॉलीवुड की सच्चाई है।”


आगे रवीना टंडन ने एक अन्य ट्वीट में कहा, “ऐसा किसी के साथ भी हो सकता है फिर चाहे वो इंडस्ट्री में पैदा हुआ ‘इनसाइडर’ हो या फिर बाहर से आया कोई नया चेहरा ‘आउटसाइडर।’ यहाँ पर दबाने वाले बहुत लोग हैं। मुझे भी दबाने की कोशिश हुई है लेकिन मैंने उतनी तेजी से फाइट की। गंदी राजनीति हर जगह है।”
अपने आखिरी ट्वीट में एक्ट्रेस ने लिखा, “मैं अपनी इस इंडस्ट्री से प्यार करती हूँ लेकिन ये भी सच है कि यहाँ बहुत ज्यादा प्रेशर है। यहाँ अच्छे लोग भी हैं, तो वहीं कुछ ऐसे भी लोग हैं जो गंदी पॉलिटिक्स करते हैं। दुनिया ऐसी ही है।”
इससे पहले कंगना रनौत ने सुशांत सिंह राजपूत की मौत पर बॉलीवुड को खरी-खोटी सुनाई थी। कंगना ने कहा था कि बॉलीवुड के लिए सुशांत ने इतनी अच्छी फिल्में कीं। मगर उन्हें कभी कोई अवॉर्ड नहीं मिला। उन्होंने काय पो छे से डेब्यू किया। उन्हें डेब्यू तक का अवॉर्ड नहीं मिला। उन्होंने 6-7 साल के अंतराल में केदारनाथ, धोनी और छिछोरे जैसी अच्छी फिल्में बनाईं। मगर, फिर भी उन्हें कोई अवॉर्ड नहीं मिला। कोई सराहना नहीं मिली। वहीं, गली बॉय जैसी वाहियात फिल्म को अवॉर्ड मिल जाते हैं।
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आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ फिल्म समीक्षक फिल्म थ्री इडियट के एक सीन में ‘रैंचो’ आमिर खान अपने प्रोफेसर ‘वीरू सहस्त्रबुद...
वहीं सलमान ख़ान की फिल्म ‘दबंग’ के निर्देशक अभिनव सिंह कश्यप ने सरकार से माँग की है कि सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या मामले की विस्तृत जाँच की जाए। उन्होंने कहा कि सुशांत भले ही चले गए लेकिन उनकी लड़ाई अभी भी जारी है। उन्होंने कहा कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत ने कई बड़ी समस्याओं को सामने ला दिया है, जिससे आज बॉलीवुड में कई लोग जूझ रहे हैं। 

फैंस को भाया अंकिता लोखंडे का ये हॉट लुक

Ankita Lokhande Hot and Sexy photoshoot
Ankita Lokhande Hot and Sexy photoshoot   |  तस्वीर साभार: Instagram
छोटे पर्दे की खूबसूरत बहू अंकिता लोखंडे हर किसी के दिल में इस कदर बसी हुई हैं कि चाह कर भी इन्‍हें अनदेखा नहीं किया जा सकता। अंकिता जल्‍द ही बॉलीवुड की क्‍वीन कंगन रनोत की फिल्‍म 'मणिकर्णिकाः द क्वीन ऑफ झांसी' से डेब्‍यू करने वाली हैं। 
टीवी पर अंकिता अक्‍सर साड़ी में नजर आया करती थीं मगर इन दिनों वह सोशल मीडिया पर एक से बढ़ कर एक ग्‍लैमरस और हॉट तस्‍वीरें शेयर कर रही हैं। हाल ही में अंकिता ने इंस्‍टाग्राम पर अपनी कई ऐसी फोटो शेयर की हैं जिसमें वह हद से ज्‍यादा सेक्‍सी नजर आ रही हैं। 
अंकिता का यह हॉट अवतार उनके एक लेटेस्‍ट फोटोशूट के लिए है, जिसकी झलक उन्‍होंने अपने फैंस के साथ शेयर की है। ज्‍यादातर ट्रेडिशनल लुक में नजर आने वाली अंकिता रियल लाइफ में किसी डीवा से कम नहीं हैं। इंडियन हो या वेस्‍टर्न वह हर लुक में ग्‍लैमरस नजर आती है। 



इस फोटो में अंकिता ने गोल्‍डन आउटफिट पहन रखा है, जिसमें उनका क्‍लीवेज साफ झलक रहा है। वह इस लुक में काफी कंफर्टेबल फील कर रही हैं। उनके घुंघराले बाल उनके लुक में चार चांद लगा रहे हैं। मणिकर्णिका में अंकिता लोखंडे झलकारी बाई का किरदार निभा रही हैं।
अंकिता लोखंडे के फैंस का मानना है कि सुशांत सिंह से ब्रेकअप होने के बाद अंकिता और भी ज्‍यादा हॉट और हसीन दिखने लगी हैं। अंकिता और सुशांत सिंह राजपूत कई सालों के लंबे रिलेशनशिप के बाद अलग हो गए। एक ओर जहां सुशांत का नाम ऐक्ट्रेस कृति सेनन के साथ जुड़ने लगा तो वहीं अंकिता, रायपुर  बेस्‍ड बिजनेसमैंन विकास जैन के साथ डेटिंग करने लगीं। 

4 साल बाद फिर से साथ दिखेंगे 

सुशांत सिंह राजपूत और अंकिता लोखंडे

Sushant Singh Rajput and Ankita Lokhande
 सुशांत सिंह राजपूत और अंकिता लोखंडे  तस्वीर साभार: Instagram
एक जमाने में टीवी की सबसे हिट जोड़ी रही सुशांत सिंह राजपूत और अंकिता लोखंडे फिर से साथ नजर आने वाले हैं। तकरीबन 6 साल तक लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाला यह एक्‍स कपल ब्रेकअप के बाद अपने ही पॉपुलर टीवी सीरियल 'पवित्र रिश्ता' में नजर आएगा। 
पब्लिक डिमांड के चलते हाल ही में जी टीवी ने यह घोषणा की है कि 'पवित्र रिश्ता' और 'जोधा अकबर' एक बार फिर से ऑनएयर होने जा रहे हैं। यही नहीं, चैनल ने इस बात की जानकारी इंस्‍टाग्राम पर भी दी है जिसमें लिखा है, दर्शकों की मांग पर लोकप्रिय शो पवित्र रिश्ता और जोधा अकबर फिर ऑनएयर किए जाएंगे। 
सुशांत सिंह राजपूत और अंकिता लोखंडे टीवी के बेस्‍ट कपल में एक थे। लेकिन 6 साल के बाद दोनों ने एक दूसरे से दूरी बना ली और अलग हो गए। अब दोनों ही अपनी लाइफ में काफी आगे बढ़ चुके हैं। एक ओर जहां सुशांत सिंह का नाम एक्‍ट्रेस कृति सेनन के साथ जोड़ा गया है वहीं अंकिता लोखंडे मुंबई के एक बिजनेसमैन विक्की जैन को डेट कर रही हैं।