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TMC हो रही हवा-हवाई, ममता बनर्जी की करीबी सांसद सुष्मिता देव ने भी दिया इस्तीफा: असम मुख्यमंत्री से की मुलाकात

                मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा से राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव की मुलाकात (साभार : Indiatoday)
कहते है कि बुरे वक़्त में साया भी साथ छोड़ देता है। जिस तरह अखाड़े में दो पहलवानों की कुश्ती में एक हारता है और एक जीतता है ठीक उसी तरह चुनावों में उम्मीदवार बहुत होते हैं लेकिन जीतता सिर्फ एक ही है। लेकिन बंगाल का चुनाव तो एकदम अनोखा जान दिखाई पड़ता है जहाँ 
TMC के हारने पर पूरी पार्टी ताश के पत्तों की तरह ढह रही है। पार्टी छोड़ने वालों का यही सिलसिला जारी रहा तो शायद दो महीने से पहले ही ममता बनर्जी और उसकी पार्टी TMC इतिहास के गर्द में ऐसी दबेगी जहाँ से निकलना बहुत मुश्किल होगा। जितनी दुर्दशा ममता और उसकी पार्टी TMC की हो रही है किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी। यही एक चुनाव ऐसा था जब चुनाव अभियान में ममता चोटिल होने का ड्रामा भी नहीं कर पायी। वरना हर चुनाव में हार सामने देख चोटिल होने का ड्रामा कर सहानुभूति वोट लेकर सत्ता में आ जाती थी। चोट भी ऐसी जो वोटिंग होते ही ठीक जो जाती थी। 

जितना तानाशाह का आतंक ममता के मुख्यमंत्री रहते बंगाल में देखने को मिला शायद ही भारत के इतिहास में ऐसा हुआ हो। INDI गठबंधन के शामिल किसी भी पार्टी में ममता के अत्याचारों के खिलाफ बोलने की हिम्मत कर सकी। किसी INDI गठबंधन को घास नहीं डालने वाली ममता उसी INDI गठबंधन की चौखट पर माथा टेक रही है। घुसपैठियों को दामाद की तरह पाला-पोसा जा रहा था और ममता की सत्ता जाते ही वो भी बंगाल छोड़ भागने शुरू हो गए। वैसे जितनी भी पार्टियां हैं बंगाल चुनाव से सीखते हुए घुसपैठियों को पालना बंद करे। जिन रोहिंग्यों को कोई मुस्लिम मुल्क रखने को तैयार नहीं तुम उनको दामाद बना संरक्षण दे रहे हो। उनके आधार कार्ड, राशन कार्ड और वोटर कार्ड बनवा रहे हो।     

पश्चिम बंगाल में सत्ता से बाहर होते ही ममता बनर्जी की पार्टी TMC बिखरने लगी है। बुधवार (10 जून) को ममता की बेहद करीबी राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। सुखेंदु शेखर के बाद इस्तीफा देने वाली वह दूसरी बड़ी नेता हैं।

इस्तीफे के बाद सांसद सुष्मिता देव ने असम मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा से मुलाकात की है। इससे पहले TMC के 28 लोकसभा सांसदों में से 20 सांसदों ने बागी रुख अपनाया था और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को चिट्ठी लिखकर संसद में अलग बैठने की व्यवस्था माँगी थी। यह गुट बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए को समर्थन दे सकता है।

पार्टी के अंदर मचे इस घमासान से ममता बनर्जी अब बिल्कुल अकेली पड़ती जा रही हैं। इससे पहले TMC के विधायक दल भी दोफाड़ हो चुका है। बागी गुट का नेतृत्व कर रही सांसद काकोली घोष के साथ फिलहाल 14 सांसदों के नाम साफ हो चुके हैं।

इनमें शताब्दी रॉय, सुपरस्टार देव (दीपक अधिकारी) और जून मालिया जैसे बड़े चेहरे शामिल हैं। सुष्मिता देव के इस्तीफे की असली वजह अभी सामने नहीं आई है, लेकिन इसे TMC के लिए बहुत बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री से मिले 2024 बैच के आईएफएस प्रशिक्षु, भारत की ‘विश्वबंधु’ भूमिका पर हुई विशेष चर्चा


19 अगस्त का दिन 2024 बैच के भारतीय विदेश सेवा (IFS- आईएफएस) के प्रशिक्षु अधिकारियों के लिए काफी खास रहा, जब उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके आवास, 7 लोक कल्याण मार्ग पर मुलाकात की। इस मुलाकात में प्रधानमंत्री ने इन भावी राजनयिकों के साथ एकदम खुलकर बातचीत की और भारत की वैश्विक भूमिका, कूटनीति और तकनीक से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की।

बैच में देश के अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कुल 33 प्रशिक्षु अधिकारी शामिल हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने सबसे पहले भारत की भूमिका पर बात की – कैसे आज का भारत ‘विश्वबंधु’ के रूप में उभर रहा है, यानी ऐसा देश जो दुनिया के हर कोने से दोस्ती निभा रहा है। उन्होंने कहा कि जब भी किसी देश को जरूरत पड़ी, भारत ने सबसे पहले मदद का हाथ बढ़ाया – चाहे वो वैक्सीन भेजना हो, आपदा में राहत देना हो या तकनीकी सहयोग।

प्रधानमंत्री मोदी ने ग्लोबल साउथ यानी विकासशील देशों के साथ भारत के सहयोग का भी जिक्र किया और बताया कि भारत ने न सिर्फ खुद को मजबूत किया है, बल्कि दूसरे देशों की क्षमता निर्माण में भी सहयोग दिया है। उन्होंने प्रशिक्षुओं से कहा कि भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाना है, और इस लक्ष्य को हासिल करने में आईएफएस अधिकारियों की भूमिका बेहद अहम है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आप लोग देश की विदेश नीति के चेहरे होंगे – दुनिया को भारत से जोड़ने का काम आपके हाथों में है।

मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री ने अधिकारी प्रशिक्षुओं से सीधे संवाद भी किया और पूछा कि अब तक के प्रशिक्षण में उन्होंने क्या अनुभव किया है। प्रशिक्षुओं ने अपने प्रोजेक्ट्स और रिसर्च से जुड़े अनुभव साझा किए – जिनमें समुद्री कूटनीति, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर्स, आयुर्वेद, सांस्कृतिक जुड़ाव और सॉफ्ट पावर जैसे विषय शामिल थे।

प्रधानमंत्री ने खास तौर पर सुझाव दिया कि अलग-अलग देशों के युवाओं में भारत को लेकर जिज्ञासा बढ़ाने की जरूरत है। इसके लिए उन्होंने “अपने भारत को जानें” जैसी प्रश्नोत्तरी और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं को और अधिक रोचक बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि इनमें भारत के समकालीन मुद्दों और उत्सवों को भी शामिल किया जाए – जैसे महाकुंभ और गंगईकोंडा चोलपुरम मंदिर के 1000 साल पूरे होने जैसे आयोजन।

तकनीक की बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज की दुनिया तकनीक-प्रेरित है, और इसमें संचार यानी कम्युनिकेशन की भूमिका बहुत बड़ी है। उन्होंने प्रशिक्षुओं से आग्रह किया कि वे विदेशों में स्थित भारतीय मिशनों की वेबसाइट्स को अच्छे से समझें और जानें कि प्रवासी भारतीयों से बेहतर संवाद कैसे स्थापित किया जा सकता है। अंतरिक्ष क्षेत्र पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में इस सेक्टर में जबरदस्त संभावना है। निजी स्टार्टअप्स इस दिशा में अच्छा कर रहे हैं, और अब जरूरत है कि हम अंतरराष्ट्रीय अवसरों की ओर भी देखें। उन्होंने आत्मविश्वास से कहा कि भारत इस क्षेत्र में एक बड़ी भूमिका निभा सकता है। 

‘सतर्क रहने की जरूरत’- निज्जर मामले पर बोले कनाडाई प्रधानमंत्री, दोस्ती बढ़ाने पर की कवायद: G7 सम्मेलन में मार्क कार्नी से मिले प्रधानमंत्री मोदी, कई मुद्दों पर हुई चर्चा

                                कनाडा के पीएम मार्क कार्नी से मिले पीएम मोदी (फोटोृ- एक्स)
G7 शिखर सम्मेलन के दौरान कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भारत के पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इसके बाद मीडिया ने कार्नी से हरदीप सिंह निज्जर की हत्या पर सवाल किया। इस पर कनाडाई पीएम ने कहा कि कानूनी प्रक्रिया चल रही है, पर मुझे बोलने से पहले सतर्क रहना होगा।

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार तीन देशों के दौरे पर हैं। इनमें साइप्रस, कनाडा और क्रोएशिया शामिल है। G7 शिखर सम्मेलन में भी कनाडा ने पीएम मोदी को आमंत्रित किया था।

भारत G-7 देशों का हिस्सा नहीं है, पर आमंत्रण के बाद आउटरीच पार्टनर के तौर पर भारत शिखर सम्मेलन में शामिल हुआ। इस दौरान पीएम मोदी G7 सम्मेलन के लिए आए कई देशों के नेताओं से मिले और द्विपक्षीय वार्ता भी की।

मीडिया से बात करते हुए कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि पीएम मोदी के साथ उन्होंने प्रवर्तन (law enforcement) के महत्व और उसके प्रत्यक्ष सहयोग पर चर्चा की इसके अलावा अंतर्राष्ट्रीय दमन पर भी बात की गई।

इस दौरान मीडिया ने सवाल पूछा कि निज्जर हत्या के मामले को लेकर क्या पीएम मोदी से कोई चर्चा की गई। इस पर कार्नी ने कहा, “मामले की कानूनी प्रक्रिया चल रही है, लेकिन इस पर कुछ और कहने से पहले मुझे सावधानी बरतनी होगी।”

वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक पर कनाडा पीएम से मुलाकात के बाद लिखा कि दोनों देशों के बीच दोस्ती बढ़ाने पर काम किया जाएगा। इसके अलावा दोनों नेताओं ने व्यापार, एनर्जी, अंतरिक्ष, स्वच्छ ऊर्जा, दुर्लभ मिनरल्स और फर्टिलाइजर्स समेत कई अन्य मुद्दों पर चर्चा कर इस पर आगे काम करने की बात कही।

प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, “कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ शानदार बैठक हुई। भारत और कनाडा लोकतंत्र, स्वतंत्रता और कानून के शासन के साथ विश्वास से जुड़े हुए हैं और दोनों देशों की दोस्ती को आगे बढ़ाने पर काम करेंगे।

गौरतलब है कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा घोषित आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की 18 जून 2023 को एक गुरुद्वारे के बाहर गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। यहाँ तक कि कनाडा के पूर्व पीएम जस्टिन ट्रूडो ने दावा किया था कि निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंट जुड़े हुए हैं। इसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव का माहौल बन गया था।

अक्टूबर 2024 में भारत ने कनाडा से अपने 6 डिप्लोमेट्स वापस बुला लिए थे। वहीं, कनाडा के डिप्लोमेट्स को भी भारत से वापस भेज दिया गया था। इसके बाद मार्च में चुने गए कनाडा के नए प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने दोनों देशों के बीच के तनाव को खत्म करने के लिए G7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी को आमंत्रित कर दोबारा दोस्ताना माहौल शुरू करने की कोशिश की है।

G-7 दुनिया की 7 उन्नत अर्थव्यवस्थाओं और यूरोपीय संघ का एक अनौपचारिक समूह है। इसमें संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और यूनाइटेड किंगडम शामिल हैं। रूस भी पहले इस समूह का हिस्सा था, लेकिन क्रीमिया देश पर कब्जा करने के बाद समूह से उसे निष्कासित कर दिया गया।

G7 शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा, आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री अल्बनीज समेत अन्य नेताओं के साथ मुलाकात कर द्विपक्षीय वार्ता की। G7 में प्रतिभाग करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी क्रोशिया के दौरे पर निकल गए हैं।

20 जनवरी से ही पहले ट्रम्प काम पर :एलन मस्क ने की व्यापार जगत के भारतीय दिग्गजों से मुलाकात, कहा- पॉजिटिव डायरेक्शन में भारत- अमेरिका संबंध


दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों में से एक अमेरिकी कारोबारी एलन मस्क ने टेक्सास के अपने स्पेसएक्स स्टारबेस फैसिलिटी में व्यापार जगत के भारतीय दिग्गजों से मुलाकात की है। इंड‍िया ग्‍लोबल फोरम (India Global Forum) के तत्वाधान में हुई इस मुलाकात में टेस्ला और स्पेसएक्स प्रमुख एलन मस्क ने उनसे भारत-अमेरिकी संबंधों के साथ तमाम मुद्दों पर बात की।

टेस्ला सीइओ ने बातचीत के दौरान कहा कि भारत और अमेरिका के बीच का संबंध पॉजिटिव डायरेक्शन में आगे बढ़ रहा है। भारतीय व्यापारियों और स्टार्टअप जगत के प्रमुख हस्तियों के साथ मुलाकात में एलन मस्क ने भारत को प्राचीन सभ्यता और जटिलता का अद्भुत मिश्रण बताते हुए दोनों देशों के बीच मजबूत सहयोग की वकालत की।

इस मुलाकात से आने वाले दिनों में भारत- अमेरिका के बीच संबंधों में और मजबूती आने की संभावना और बढ़ गई है। स्पेसएक्स के सीईओ अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के काफी करीबी हैं। उन्हें आगामी ट्रंप सरकार में एक अहम पद के लिए भी चुना गया है। निर्वाचित राष्ट्रपति ट्रंप ने उनका चयन कामकाज में दक्षता बढ़ाने के लिए सरकारी दक्षता विभाग (DOGE) के सह-अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया है।

एलन मस्क की भारतीय व्यापारिक हस्तियों के साथ यह मुलाकात दोनों देशों के बीच टेक्नोलॉजी और स्पेस इनोवेशन के क्षेत्र में साझेदारी की नई संभावनाओं को जन्म दे सकती है। ऐसा इसलिए भी है कि बातचीत में उन्होंने भारत को वैश्विक नवाचार में एक अहम देश बताते हुए स्पेस साइंस में भारत की प्रगति की सराहना की।

इंड‍िया ग्‍लोबल फोरम के नेतृत्व में मस्क से मिलने वालों में भारत के दूसरे सबसे बड़े को-वर्किंग प्लेटफॉर्म Innova के संस्थापक रितेश मलिक, ओयो के संस्थापक रितेश अग्रवाल, फ्लिपकार्ट के सीईओ कल्याण रमन, आदित्य बिड़ला ग्रुप के निदेशक आर्यमन बिड़ला, एस्सार कैपिटल के निदेशक प्रशांत रुइया, कोटक811 के सह-प्रमुख जय कोटक, बेस्टसेलिंग लेखक अमीश त्रिपाठी जैसे नाम शामिल थे। इन व्यापारिक हस्तियों ने एलन मस्क के साथ टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में संभावनाओं पर चर्चा की।

अब तक 60 से ज्यादा स्टार्ट-अप्स में निवेश कर चुके रितेश मलिक ने कहा कि हमें सहस्राब्दी के व्यक्ति एलन मस्क के साथ समय बिताने का एक अविश्वसनीय सम्मान मिला। इसके लिए उन्हें धन्यवाद। रितेश मलिक ने कबा कि फ्लाइट 7 का प्रक्षेपण देखना और दुनिया के बारे में एलन के विचारों के बारे में बात करना अविश्वसनीय था।

इंडिया ग्लोबल फोरम के संस्थापक मनोज लाडवा ने कहा कि यह आयोजन बेहद अहम था। अमेरिका में ट्रंप के राष्ट्रपति बनने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में पहले बातचीत काफी मायने रखता है। उन्होंने यह भी कहा कि आज का भारत प्रतिभाशाली लोगों से भरा हुआ है। इंडिया ग्लोबल फोरम में हमारा उद्देश्य दुनिया भर की सरकारों और व्यवसायों के माध्यम से इन अवसरों को वैश्विक समुदाय तक पहुंचाना है।