Showing posts with label sakshi. Show all posts
Showing posts with label sakshi. Show all posts

जमीनी हकीकत जहाँ साहिल खान ने की साक्षी की हत्या : बांग्लादेशी घुसपैठिए, बढ़ती मुस्लिम आबादी, अवैध शराब और ड्रग्स

                         दिल्ली में अवैध शराब-ड्रग्स का बांग्लादेशी कनेक्शन (फोटो साभार: bing AI)
देश श्रद्धा हत्याकांड को भूला भी नहीं कि उससे पहले ही राजधानी दिल्ली में 16 साल की लड़की साक्षी की हत्या ने फिर से पूरे समाज को आक्रोश से भर दिया। हत्या किस जघन्य तरीके से की गई, उस वायरल वीडियो को देखने से स्पष्ट है। इतनी निर्मम हत्या जहाँ हुई, वहाँ का माहौल क्या है? आस-पास कैसा समाज है? पुलिस-प्रशासन को लेकर वहाँ के लोगों का क्या कहना है? इन्हीं चंद सवालों को तलाशते ऑपइंडिया की टीम पहुँची शाहबाद डेरी।

शाहबाद डेरी पहुँच कर सबसे पहले हम गए हत्या वाली जगह पर। वहाँ आस-पास जिन चीजों ने हमारा ध्यान खींचा, उनमें सबसे प्रमुख था एक अवैध मजार का होना। इसके अलावे हत्या वाली जगह के ठीक सामने 200 मीटर की दूरी पर आम आदमी पार्टी के विधायक का ऑफिस भी है। 

अवैध मजार के अलावा हत्या वाली जगह और वहाँ के समाज को देखने पर मोटा-मोटी यह अंदाजा लगा कि सरकारी तंत्र लचर है। किस हद तक लचर है, किन-किन मसलों पर सरकार फेल रही है, यह जानने के लिए हमने वहाँ के कई स्थानीय लोगों से बात की। इलाके में खुलेआम अवैध शराब और ड्रग्स के धंधे पर लोगों ने सरकार और पुलिस को घेरा। इन्हीं लोगों में से एक मिले स्थानीय पत्रकार। देव सिंह हैं उनका नाम।

पत्रकार देव सिंह ‘तेज टी24 न्यूज’ के लिए काम करते हैं। साक्षी की हत्या वाली जगह से लगभग 2 किलोमीटर की दूरी पर उनका घर है। ऑपइंडिया से बातचीत में देव ने साक्षी की हत्या के अलावा इस क्षेत्र में लव जिहाद के मामले से लेकर मुस्लिम आबादी और अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों तक की जानकारी दी। देव सिंह ने बताया: “यहाँ धीरे-धीरे मुस्लिमों की आबादी बढ़ती जा रही है। ये लोग जिस मस्जिद और मदरसे में नमाज पढ़ने जाते हैं, वहाँ इन लोगों को इन सब चीजों की ट्रेनिंग दी जाती है। इलाके में होने वाले अवैध धंधों में बांग्लादेशी मुस्लिम भी शामिल हैं।”

सरकारी जमीन-पार्क पर अवैध कब्जा

देव सिंह ने बताया कि शाहबाद डेरी इलाके के आधे से अधिक पार्कों में अवैध कब्जा हो गया है। लोगों को टहलने, घूमने के लिए जगह नहीं बची है। उनके अनुसार यहाँ इतने बड़े-बड़े पार्क हैं, जहाँ लोग आसानी से घूम फिर सकते हैं लेकिन अवैध कब्जों के कारण यह संभव नहीं। लोगों को टहलने के लिए दूर जाना पड़ता है।
इसी समस्या पर आगे बात करते हुए उन्होंने बताया कि जब इलाके की लड़कियाँ घूमने-खेलने दूर जाती हैं तो उनके साथ छेड़खानी होती है। पास में जो पार्क है, उनमें कब्जे हो गए हैं। ऐसे में बच्चे-बच्चियाँ खेलने के लिए आखिर कहाँ जाएँ?

अवैध शराब, ड्रग्स, अफीम… शाहबाद डेरी इलाके में सब कुछ

लचर सरकारी तंत्र (पुलिस और प्रशासन) पर बात करते हुए देव सिंह ने बताया कि शाहबाद डेरी इलाके में अवैध शराब से लेकर ड्रग्स, अफीम सब कुछ आसानी से मिल जाता है। स्थानीय लोगों के साथ-साथ अवैध बांग्लादेशी घुसपैठिए भी ड्रग्स और शराब के धंधे में लिप्त हैं।
देव के अनुसार मीडिया में खबर आने के बाद एक-दो जगह छापेमारी हो जाती है। लेकिन अवैध धंधा चलता रहता है। शाहबाद डेयरी से लेकर रोहिणी सेक्टर-25, सेक्टर-26, सेक्टर-27 और तमाम झुग्गियों में रहने वाले लोग अवैध शराब, ड्रग्स और सट्टेबाजी का कारोबार करते हैं। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले इसी इलाके से नारकोटिक्स सेल ने 35 लाख रुपए की ड्रग्स बरामद थी।

लव जिहाद का मामला साक्षी तक सीमित नहीं

साहिल खान अक्सर हाथ पर कलावा बाँधता था और साक्षी उसे एक हिंदू समझती थी। देव सिंह ने आशंका जताई कि हो सकता है साक्षी को साहिल के मजहब के बारे में जानकारी हो गई हो। इसके बाद साक्षी ने साहिल से दूरी बनाने की कोशिश की होगी। ये बात साहिल को नागवार गुजरी और उसने साक्षी की बेरहमी से हत्या कर दी।
साक्षी के अलावा शाहबाद डेरी इलाके में कोई दूसरी घटना लव जिहाद से जुड़ी रही हो, इस सवाल पर पत्रकार देव सिंह ने दो मामलों का जिक्र किया। हालाँकि यह भी बताया कि मामले पुराने हैं, इसलिए पीड़ित लड़कियों या आरोपितों का नाम याद नहीं। दोनों मामले किस जगह पर हुए, इसकी जानकारी उन्होंने दी: “इससे पहले यहाँ सेक्टर-25 (रोहिणी) में लव जिहाद का एक मामला सामने आया था। जो काफी दिनों तक चर्चा में था। एक मामला सेक्टर-27 में भी आया था। एक तरफा प्यार के सनकी युवक ने लड़की की हत्या कर दी थी।” 

AAP की केजरीवाल सरकार और क्राइम

दिल्ली में शीला दीक्षित के मुख्यमंत्री रहते रेप-क्राइम कितने थे? केजरीवाल ने भ्रष्टाचार और ‘रेप-कैपिटल दिल्ली’ के खिलाफ सत्ता हासिल की। ऐसे में स्थानीय पत्रकार होने के नाते दोनों वक्त की सत्ता और सरकारी तंत्र में होने वाले क्राइम को लेकर पूछे गए सवाल का देव सिंह ने जो जवाब दिया, वो पढ़िए: “दिल्ली में किसी प्रकार का कोई बदलाव नहीं हुआ। जैसे पहले हालात थे, वैसे ही अब भी हैं। यहाँ आए दिन गौहत्या हो रही है। सबसे अच्छा तो यह है कि इस देश में योगी राज आना चाहिए। जब तक देश में बांगलादेशी और ऐसे लोग हैं, तब तक देश में अपराध कम नहीं होगा।”

लव-जिहाद में फंसाने के कई तरीके, आजकल मुस्लिम युवक हाथ में बांधने लगे कलावा, साहिल खान ने नाबालिग को ऐसे ही फंसाया


देश में लव जिहाद का फन कैसे निरंतर फुफकार रहा है, दिल्ली की नाबालिग साक्षी की निर्मम हत्या इसका ताजातरीन उदाहरण है। पिशाच बने साक्षी के कातिल साहिल खान ने इस भोली-भाली लड़की के सपनों, भरोसे और विश्वास का ही खून नहीं किया, बल्कि यह भी साबित किया है कि #TheKeralaStory सिर्फ फिल्मी पर्दे तक ही सीमित नहीं है, बल्कि हकीकत में भी कई हिंदू लड़कियां लव जिहाद की शिकार हो रही हैं। इससे पहले भी एनसीआर में ही श्रद्धा वाकर और निकिता तोमर भी लव जिहाद की भेंट चढ़ चुकी हैं। जैसे केरला स्टोरी महिलाओं पर अंतहीन अत्याचार, महिलाओं के धर्मांतरण और लव जिहाद की जुगुत्सा का जीवंत चलचित्र है। वैसे ही देश के कई हिस्सों में लड़कियों को अपने जाल में फंसाकर लव जिहाद का शिकार बनाया जा रहा है। साक्षी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर चाकू के 16 जख्म पाए गए हैं। 

लोगों में इसे लेकर काफी गुस्सा है और सोशल प्लेटफार्म पर इसे जाहिर भी कर रहे हैं। साक्षी नाम की यूजर ने ट्विटर पर लिखा है, ‘श्रद्धा, साक्षी, निकिता और ना जाने कितनी लड़कियां रोज लव-जिहाद और नफरत का शिकार हो रही हैं।अगर अपनी बहन या बेटी पर ऐसा वहशी हमला होता तो भी क्या ये लोग ऐसे ही चलते चले जाते। ऐसे लोगों का सीधे एनकाउंटर होना चाहिये।

साहिल के कुकृत्य का कोई समर्थन नहीं करता, साहिल को समर्थन देने वालों पर भी कार्यवाही होनी चाहिए। लेकिन इस दुर्घटना में जितना साहिल जिम्मेदार है, शायद उतने ही जिम्मेदार वहां तमाशबीन भी है। सरकार की आलोचना करने में जब मुंह खुल सकता है, जब साहिल इस दरिंदगी को अंजाम दे रहा था, किसी ने पुलिस को फोन तक क्यों नहीं किया? क्यों नहीं, पीड़ित की सहायता के लिए आगे आये? भाजपा सांसद हंस राज हंस ने पीड़ित परिवार को एक लाख रूपए का चेक जरूर दे दिया है, लेकिन यह आश्वासन नहीं दिया कि ऐसे लोगों के परिवार को मिलने वाली हर सुविधा से ब्लैकलिस्ट करने के लिए संसद में प्रश्न उठाएंगे। 

दरिंदे साहिल ने चाकू के किए कई वार, पत्थर से सिर फोड़ा, पर कोई पछतावा नहीं

राजधानी दिल्ली के शाहबाद डेरी इलाके से हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां साहिल खान नाम के एक 20 वर्षीय दरिंदे शख्स ने 16 साल की नाबालिग लड़की को बेहरमी से मार डाला। दिल्ली पुलिस ने साहिल को यूपी के बुलंदशहर से गिरफ्तार किया है। साहिल की गिरफ्तारी के दौरान की एक तस्वीर सामने आई है, जिसमें साहिल के हाथ में कलावा बंधा दिख रहा है। साहिल को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम के मुताबिक साहिल इस कदर वहशी बना हुआ था कि वो साक्षी को कई दिनों से चाकू लेकर ढूंढ रहा था। जब लड़की उसे दिखी तो बिना समय गंवाए साहिल ने उसपर बेरहमी से चाकू के वार पर वार कर दिए। दरिंदे का दिल इसमें भी नहीं भरा तो बड़ा सा पत्थर लेकर उसके सिर पर दे मारा, जिससे उसकी मौत हो गई। आरोपी साहिल खान को बुलंदशहर के अटेरना गांव से गिरफ्तार किया गया। जिसके बाद उसे बवाना थाने में रखा गया। पुलिस अधिकारीयों का कहना है कि साहिल को अपने किये का कोई पछतावा नहीं है। रात भर थाने में उसकी गतिविधियां भी सामान्य थीं। पुलिस की अलग-अलग यूनिट साहिल से पूछताछ कर रही है।

सोशल प्लेटफार्म इंस्टाग्राम पर कई और लड़कियों से भी गांठ रखी थी दोस्ती

पुलिस की पूछताछ में साहिल ने मृतक लड़की साक्षी और अन्य दोस्तों के बारे में भी जानकारी दी है। आरोपी साहिल खान के इंस्टाग्राम चैट्स से पता चलता है कि उसकी कई लड़कियां दोस्त थी। जिनसे उसकी लगातार बात होती थी और शायद यही वजह थी कि साक्षी उसे छोड़ना चाहती थी। जानकारी के मुताबिक लड़की के पहले बॉयफ्रेंड से ब्रेकअप के बाद साहिल ने उसे प्रपोज किया था। साहिल के इंस्टाग्राम से पता चलता है कि साहिल लड़की को धोखा दे रहा था और शायद यही वजह थी कि साक्षी उसे छोड़ना चाहती थी। साहिल को ये बात नागवार गुजरी और उसे लड़की पर इतना गुस्सा आया कि उसने साजिश रच कर साक्षी की बेरहमी से हत्या कर डाली। फिलहाल आरोपी साहिल खान पुलिस हिरासत में है और पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।

कब तक सहेंगे, ऐसे दरिंदे गली-गली बना रहे हैं केरला स्टोरी- मिश्रा

बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने जघन्य हत्याकांड को लव जिहाद से जोड़ा है, उन्होंने कहा है कि गली-गली केरला स्टोरी बनाई जा रही है। बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने ट्वीट करते हुए इसे लव जिहाद का मामला बताया है। उन्होंने कहा, ‘ये है मोहम्मद साहिल s/o सरफराज। इसी हैवान ने दिल्ली में नाबालिग हिंदू लड़की को बेरहमी से चाकुओं से गोद गोद कर मार डाला। इस साहिल के हाथ में कलावा कैसे ? ये लव जिहाद है। ये बेटियों के खिलाफ सुनियोजित हमला है। साहिल के मास्टर माइंड कौन है?’ इससे पहले कपिल मिश्रा ने इस घटना को केरला स्टोरी जैसा बताया था। उन्होंने कहा था कि ‘गली-गली कितनी केरला स्टोरी, कितनी? कब तक बेटियों को इस तरह निर्दयता के साथ मारा जाता रहेगा?’ भाजपा नेता ने कहा कि इस दिल्ली में श्रद्धा के साथ ऐसा ही हुआ था, उसके हत्यारे को भी अभी तक फांसी नहीं हुई।’

भारत को मुस्लिम देश बनाने के लिए लव जिहाद पर जोर

लव जिहाद या रोमियो जिहाद एक षड्यंत्र है जिसके तहत युवा मुस्लिम लड़के गैर-मुस्लिम लड़कियों के साथ प्यार का ढोंग करके उनका धर्म-परिवर्तन करते हैं। भारत के संदर्भ में यह अधिकतर हिंदु युवतियों के साथ किया जाता है। अब यह साफ हो गया है कि यह एक अंतरराष्ट्रीय साजिश है और पूरी दुनिया को इस्लाम में बदल देने के आह्वान से जुड़ा हुआ है।

निम्न वीडियो को देखिए,जो सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है। ऐसे ही मौलानाओं द्वारा साहिल जैसों को प्रेरणा मिलती है। सबसे ज्यादा हैरानी नीचे लिखी कैप्शन है, जिसमें हिन्दुओं को गद्दार बताया गया है। लेकिन यह वीडियो कब का है, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। 

इस वीडियो को गौर से देखो और उन हिंदू गद्दारों को भेजो जो आज भी अपने चंद छोटे से स्वार्थ के लालच में राजनीति करते हैं और किस पार्टी का समर्थन करते हैं। उनको समझ आएगा इस वीडियो को देखकर कि उनका भविष्य कितना अंधकार में है। वह गद्दार अपने बच्चों के लिए कैसा खतरनाक भविष्य छोड़कर जा रहे है। 

भारत को इस्लामी राज्य बनाने की साजिश

यह एक बड़ी साजिश का हिस्सा है और इसका एक सिरा गजवा-ए-हिन्द यानी हिंदुस्तान को इस्लामी साम्राज्य का हिस्सा बनाने से जुड़ा हुआ है। गजवा-ए-हिन्द का मतलब होता है इस्लाम की भारत पर विजय। एक जगह जहां मीडिया हिन्दुओं का ध्यान बांटने में लगी है, वही दूसरी ओर यह कोशिशें जोरों पर जारी है कि कैसे हिंदुस्तान को इस्लामी साम्राज्य में तब्दील कर दिया जाए। फर्क सिर्फ यह है इन कोशिशों को सेकुलर चोला पहनाया जा रहा है। यानी जैसे ही इन कट्टरपंथियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई करने की बात आती है तो तथाकथित सेकुलर जमात इसे अलग ही रंग देने में लग जाता है। जाहिर है यह एक बड़ी साजिश का हिस्सा है।

अरब देशों से होती है ‘धर्मांतरण और लव जिहाद’ की फंडिंग

पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ यानी PFI और ‘सथ्य सरानी’ जैसे संगठन पूरी तरह से एक व्यवस्थित मशीनरी इस तरह के काम में लगी हुई है। युवा लड़कियों का धर्म परिवर्तन कराना और उन्हें कट्टरपंथ की ओर धकेलने में इन संगठनों की अहम भूमिका है। इसके लिए अरब देशों से बजाप्ता फंडिंग भी होती है। India today के स्टिंग ऑपरेशन में भी इस बात का खुलासा हो चुका है जिसमें PFI के संस्थापक सदस्य और इसके मुखपत्र ‘गल्फ थेजास’ के प्रबंध संपादक अहमद शरीफ ने इस बात को स्वीकार भी किया है कि इसकी फंडिंग अरब देशों से की जाती है और वह हवाला के जरिये रुपये मंगवाता है।

लव जिहाद करने वालों को मदद देता PFI

स्टिंग ऑपरेशन में अहमद शरीफ ने साफ स्वीकार किया कि वह भारत में इस्लामिक स्टेट की स्थापना के छुपे मकसद के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि केवल भारत ही नहीं बल्कि दुनिया भर में इस्लामी साम्राज्य की स्थापना उनका मकसद है और इसके लिए वह हर मदद करता है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया है कि धर्मांतरण करने वाले या लव जिहाद करने वाले युवकों को उनकी संस्था मदद करती है। कुछ साल पहले केरल सहित पूरे देश में ‘किस ऑफ लव’ कैंपेन हुआ था, इसके आयोजन के पीछे भी PFI का हाथ था। इस कैंपेन में हिस्सा लेने वाले 90 प्रतिशत युवतियां हिंदू थीं और युवक मुस्लिम।

‘संभलकर रहो बहनों, शराफत का चौला और कलावा पहनकर दरिंदे घूम रहे हैं

बीजेपी ने तो इस घटना को लव जिहाद का मामला बताया है, साथ ही सोशल मीडिया पर यूजर भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया जता रहे हैं। साक्षी नाम की यूजर ने ट्विटर पर लिखा, ‘श्रद्धा साक्षी और ना जाने कितनी लड़किया रोज लव जिहाद और नफरत का शिकार हो रही है,अगर अप नी बहन या बेटी पर ऐसा वहशी हमला होता तो भी क्या ये लोग ऐसे ही चलते चले जाते। जानवर सिर्फ वो नहीं, सब हैं। ऐसे लोगो का सीधे एनकाउंटर होना चाहिये। मयंक जौहरी नाम के यूजर ने लिखा ‘दिल्ली में 16 साल की साक्षी का मर्डर, आरोपी की पहचान साहिल पुत्र सरफराज के रूप में हुई। ये लव जिहाद नहीं तो क्या है ? द केरला स्टोरी यही है… और दिल्ली के लोग मूक दर्शक बने रहते है। पुलिस हर गली में नहीं हो सकती, खुद भी जिम्मेदार बनो।’ विकास शर्मा नाम के दूसरे यूजर ने इस मामले पर गृहमंत्री अमित शाह से संज्ञान लेने की अपील करते हुए कहा, ‘संभलकर रहो बहनों, शराफत का चौला पहनकर दरिंदे घूम रहे हैं । कलावा पहने हुए लव जिहाद करने का इनका एजेंडा चला हुआ लगता है।’

बीजेपी सांसद हंसराज हंस ने की साहिल को फांसी देने की मांग
मंगलवार को बीजेपी सांसद हंस राज हंस शाहबाद डेयरी में साक्षी के घर पहुंचे। उसके माता-पिता से मिले और उन्हें 1 लाख रुपये का चेक सौंपा। आरोपी साहिल को फांसी दिए जाने की मांग करते हुए हंस ने कहा कि ‘हम सियासत के अलावा बेटे-बेटियों वाले बच्‍चे हैं… हमारी भी औलाद हैं… जब वीडियो देखा तो कोई भी जिसका दिल धड़कता है… जिसकी अपनी बेटी है… इसीलिए प्रधानमंत्री जी तो खुद इतने भावुक हो गए… उन्होंने हुकुम किया… गृह मंत्री साहब ने हुकुम किया।’

मुस्लिम युवा लव जिहाद की ऐसे सुनियोजित तरीके से रचते हैं साजिश

  1. स्कूलों में मुस्लिम लड़कियां अपनी हिंदू सहेलियों की सैटिंग अपने मुसलमान दोस्तों, भाइयों से करवाती हैं और खुद हिंदू लड़कों से बहुत दूर रहती हैं। क्योंकि स्कूलों में मुसलमान लड़के और लड़कियां झुंड बनाकर रहते हैं और वहां पर मुसलमान लड़कियों को ऐसा ही करने के लिए समझाया जाता है।
  2. कालेजों में भी हिंदू लड़कियों को फंसाने के लिए मुसलमानों की अलग से ही Fresher Party होती हैं जिसमें सभी लड़के-लड़कियों की आपस में पहचान करवाई जाती है। उनके दिमाग में डाला जाता है कि मुस्लिम लड़कियां क्यों और कैसे हिंदू लड़कों से दूर रहें? और मुस्लिम लड़के कैसे हिंदू लड़कियों के पास आएं?
  3. दरगाहों, मज़ारों, पीरखानों, कब्रों और मस्जिदों से मुस्लिम युवा एक विशेष किस्म का प्रसाद लेकर आते हैं, जिसे कि तव्वरुक्ख कहा जाता है। उसमें एक विचित्र प्रकार का नशीला पदार्थ मिला होता है।
  4. फेसबुक आदि सोशल साइयों के माध्यम से मुस्लिम युवा हिंदू लड़कियों को अनेकों नकली IDs बनाकर request भेजते हैं। भोली-भाली हिंदू लड़कियों से मीठी मीठी बातें करके पहले उनसे दोस्ती गहरी करते हैं। फिर उनसे उनकी निजी फोटो मांगते हैं। 
  5. वहीं मुसलमान लड़के उन फोटो के आधार पर लड़की को Blackmail करते हैं। जिससे हताश होकर बहुत सी लड़कियां उनके जाल में फंस जाती हैं और मजबूरन उनसे शादी तक कर लेती हैं।
  6. लड़कियों के स्कूलों पर पंचर लगाने वाले, सब्जी या फल बेचने वाले, चाय-थड़ी वाले मुसलमान कड़ी नज़र रखते हैं। हिंदू लड़कियों के बारे में अपनी पास की मस्जिदों में बताते हैं, जिससे कि तैयार हुए मुसलमान लड़के छुट्टी के समय मोटरसाइकिल लेकर हाथ में कलावा बांधकर, माथे पर टीका लगाकर हिंदू लड़कियों के आसपास मंडराते हैं और किसी न किसी को फंसा लेते हैं।
  7. ऐसे बुटीक या ब्यूटी पार्लर, जहां मुस्लिम महिलाएं काम करती हैं, वे वहां आने वाली हिंदू महिलाओं और लड़कियों को बहला-फुसलाकर अपने मुसलमान साथी लड़कों से सैटिंग करवाती हैं। उनके नंबर और घर के पते मुसलमान लड़कों को बताती हैं। जिससे वो इन्हें अपने जाल में फंसा लेते हैं।
  8. अधिकतर Jim Training Centres में मुस्लिम कोच जान बूझकर रखे जाते हैं। ताकि Jim करने वाली हिंदू लड़कियों पर हाथ साफ कर सकें।
  9. कपड़े सिलने वाले दर्जी, मोबाइल ठीक करने और रिचार्ज करने वाले कई मुसलमान दुकानें चलाते हैं। ये मुस्लिम कपड़े सिलाने या रिचार्ज करवाने आई हिंदू लड़कियों के नंबर अपने जिहादी दोस्तों को बांटते हैं।
  10. उनके नाम और पते की लिस्ट ये लोग अन्य साथियों को मुहैया करवाते हैं। जिसका चलते मुस्लिम लड़के हिंदू महिलाओं और लड़कियों का पीछा करना शुरू कर देते हैं । ऐसे ही अनेकों तरीकों से लव जिहाद फैलाया जा रहा है और हिंदू लड़कियों को बरगलाकर, लालच-प्रलोभन देकर फंसाया जा रहा है।
आफताब ने शादी से बचने के लिए श्रद्धा की हत्या कर उसके 35 टुकड़े किए
आज देश में लव जिहाद के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। जब लड़कियां प्रेम जाल में नहीं फंसती हैं या उसके चंगुल से बाहर निकलने की सोचती हैं तो ये जिहादी मानसिकता के इस्लामी युवक उसे प्रताड़ित करने, हमला करने, धमकी देने और यहां तक कि हत्या करने से भी नहीं चूकते। अब तो आए दिन मुस्लिम युवकों द्वारा हिन्दू लड़कियों की हत्या की खबरें भी सामने आ रही हैं। एक तय रणनीति के तहत हिंदू लड़कियों को लव जिहाद में फंसाने के लिए मुस्लिम युवकों को पैसे, घर और अन्य प्रलोभन दिए जाते हैं और इसके जरिये इलाके की डेमोग्राफी चेंज करने की साजिश रची जा रही है। अभी ताजा मामले में मुस्लिम युवक आफताब ने हिंदू लड़की श्रद्धा की हत्या कर दी। अब यह भी सामने आ रहा है कि आफताब के श्रद्धा से पहले चार और हिंदू लड़कियों से संबंध थे। ऐसे में हिंदू समाज को इस गहरी साजिश को समझने की जरूरत है और वक्त का तकाजा है कि वह इस साजिश के खिलाफ उठ खड़ा हो और अपनी बेटियों के साथ ही धर्म को सुरक्षित रखे।
शव के कटे हुए हिस्सों को रखने के लिए 300 लीटर वाला फ्रिज खरीदा
दिल्ली पुलिस ने आफताब नाम के ऐसे दरिंदे को गिरफ्तार किया है, जिसने 6 महीने पहले अपनी लिव-इन हिंदू पार्टनर की न सिर्फ बेरहमी से हत्या कर दी, बल्कि उसके शव के 35 टुकड़े कर दिये। यही नहीं, आफताब अपने घर में बड़ा फ्रीजर लेकर आया, जहां उसने करीब 18 दिनों तक शव के टुकड़ों को सुरक्षित रखा और हर रात 2 बजे वो एक थैले में श्रद्धा के शव के एक-दो टुकड़ों को थैली में लेकर निकलता और यहां-वहां फेंक कर चला आता। अंतत: करीब 6 महीने बाद उसके पापों का खुलासा हुआ है और दिल्ली पुलिस ने आफताब को गिरफ्तार कर लिया है। पहले दोनों मुंबई में रहते थे और कुछ समय बाद जब श्रद्धा ने शादी का दबाव बनाया तो आफताब ने हत्या की पूरी साजिश रच डाली। श्रद्धा को शादी का झांसा देकर दिल्ली लाया और यहां पर रहने वाला। इसके बाद मौका पाकर एक दिन श्रद्धा की हत्या की फिर उसके शव के कई टुकड़े कर दिए। पुलिस से बचने के लिए और सबूत छिपाने के मकसद से श्रद्धा के शरीर के टुकड़ों को दिल्ली के कई इलाकों में फेंक रहा था। आफताब से पूछताछ के बाद ये दिल दहला देने वाली कहानी सामने आई है। आफताब ने जांच के दौरान पुलिस को बताया कि शादी को लेकर हुए झगड़े के बाद उसने श्रद्धा वाकर की हत्या की और उसके शरीर को टुकड़ों में काटने का विचार उसे एक अमेरिकी वेब सीरीज ‘डेक्सटर’ से आया था। आरोपी ने शव के कटे हुए हिस्सों को रखने के लिए 300 लीटर वाला एक फ्रिज खरीदा तथा शव से आने वाली बदबू को दबाने के लिए अगरबत्तियों एवं रूम फ्रेशनर का उपयोग किया। पुलिस ने कहा कि आधी रात को पॉली बैग में शरीर के अंगों को पैक करके बाहर निकलने वाले आरोपी आफताब ने सावधानीपूर्वक इस आधार पर योजना बनाई कि शरीर का कौन सा हिस्सा जल्द से जल्द सड़ना शुरू हो जाता है और इसी के अनुसार शव के हिस्सों को ठिकाने लगाया।
आफताब से पिंड छुड़ाना चाहती थी श्रद्धा वाकर 
महाराष्ट्र की रहने वाली श्रद्धा वाकर जिस आफताब के साथ रहने के लिए अपने परिवार से भी दूर हो गई थी। उसी आफताब ने उसे टॉर्चर करना शुरू कर दिया था। मौत से पहले श्रद्धा ने अपने कुछ दोस्तों को बताया था कि आफताब उसे पीटता है और अब वह इस रिलेशन को खत्म करना चाहती है। दिल्ली के महरौली इलाके में अपनी लिव-इन पार्टनर श्रद्धा वाकर की गला घोंटकर कथित रूप से हत्या कर उसके शव के 35 टुकड़े करने वाले ठिकाने लगाने वाले आफताब के बारे में श्रद्धा के दोस्तों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आफताब ने एक शातिर अपराधी की तरह न केवल श्रद्धा की हत्या की, बल्कि उसके शव के 35 टुकड़े कर अलग-अलग जगहों पर फेंक दिए थे। महाराष्ट्र के पालघर में रहने वाले श्रद्धा के दोस्त रजत शुक्ला ने बताया कि श्रद्धा और आफताब 2018 से रिलेशनशिप में थे। शुरू में दोनों खुशी-खुशी रहने लगे, फिर शारदा ने बताया कि आफताब उसे पीटता है और वह उसे छोड़ना चाहती थी, लेकिन वह ऐसा नहीं कर सकी। वे नौकरी के लिए दिल्ली चले गए थे। पालघर में रहने वाले श्रद्धा के एक और दोस्त लक्ष्मण नादिर ने कहा कि मैं जुलाई से ही श्रद्धा को लेकर चिंतित था क्योंकि उसकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया था। उसका फोन भी स्विच ऑफ था। उसके अन्य दोस्तों से उसके बारे में पूछताछ करने के बाद, मैंने उसके भाई को इस बारे में सूचित किया और हमने पुलिस से संपर्क किया था।
लव जिहाद: अंकिता के बाद अब नैना, दिल्ली में अमानत अली ने चलवाई गोली
झारखंड में शाहरुख द्वारा अंकिता को जलाकर मार डालने का मामला सामने आया। इसके बाद झारखंड की राजधानी रांची के बेड़ो प्रखंड में शहरूद्दीन अंसारी ने एक नाबालिग आदिवासी छात्रा के साथ रेप किया। अब देश की राजधानी दिल्ली में 16 साल की एक नाबालिग लड़की को स्कूल से लौटने के दौरान गोली मारकर हत्या करने की कोशिश की गई। एक तय रणनीति के तहत हिंदू लड़कियों को लव जिहाद में फंसाया जाता है और कई इलाकों में इसके जरिए डेमोग्राफी को चेंज करने की कोशिश होती है। लव जिहाद देश में एक नासूर बन रहा है।
महाराष्ट्र के अमरावती में बड़े पैमाने पर हो रहा ‘लव जिहाद
भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद अनिल बोंडे ने महाराष्ट्र के अमरावती जिले में बड़े पैमाने पर ‘लव जिहाद’ के मामले सामने आने का आरोप लगाया है। बोंडे ने कहा कि अमरावती में अब तक लव जिहाद के 20 मामले सामने आए हैं, जिनमें से कई लड़कियों का शादी के बाद अता पता नहीं चला है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि अमरावती के धारनी में एक मुस्लिम युवक ने हिंदू लड़की से शादी करने का खुलासा आज ही किया। इस घटना का जिक्र करते हुए बोंडे ने कहा कि अमरावती जिल में इस तरह ‘लव जिहाद’ की घटनाएं ज्यादा हो रही हैं। बोंडे ने कहा कि कई मामलों में शादी के बाद लड़की का आज तक पता नहीं चला। उन्होंने कहा, ‘इसके पहले भी एक लड़की के साथ शादी की गयी थी जिसका पता अब तक पुलिस को नहीं लग पया है। लड़कियों को बहला-फुसला कर शादी कराई जाती है, उन्हें देह व्यापार के धंधे में उतारा जाता है।’ बीजेपी सांसद ने कहा मुस्लिम समुदाय के लोग अपने लड़कों की तरफ ध्यान दें। उन्होंने कहा कि अगर मुस्लिम समुदया के लड़के हिंदुओं की लड़कियों को इसी तरह गुमराह कर शादी करते रहे तो नतीजे अच्छे नहीं होंगे। बोंडे ने कहा, ‘अमरावती में अब तक लव जिहाद के 20 मामले सामने आए हैं। कई लड़कियों का शादी के बाद अता पता नहीं है। कुछ लड़कियों को तो वेश्या व्यवसाय में उतारा गया है। एक लड़की की शादी कुछ दिनों पहले हुई थी, उस लड़की को बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद की मदद से हमने छुड़ाया है। लड़की की शादी एक एम्बुलेंस ड्राइवर के साथ हुई थी, अब वह अपने परिवार के साथ है।’
झारखंड में शाहरुख ने हिंदू लड़की को जलाकर मार डाला
झारखंड के दुमका में अंकिता ने बात करने से मना किया तो शाहरुख ने पेट्रोल डालकर आग लगा दी। 12वीं में पढ़ने वाली लड़की पांच दिन तक अस्पताल में जिंदगी और मौत से जंग लड़ती रही और बाद में उसकी मौत हो गई। शाहरुख आते-जाते अंकिता (17) को छेड़ता और दोस्ती के लिए दबाव डालता था। अस्पताल में जिंदगी की जंग हारने से पहले अंकिता ने बताया कि घटना 23 अगस्त की सुबह पांच बजे के आसपास की है। मैं अपने कमरे में सो रही थी, अचानक कमरे की खिड़की के पास आग की लपटें देखकर मैं डर गई। जब मैंने खिड़की खोली तब देखा की मोहल्ले का आवारा लड़का शाहरुख हुसैन हाथ में पेट्रोल का कैन लिए मेरे घर की तरफ से भाग रहा था। तब तक आग मेरे शरीर में भी लग चुकी थी और मुझे काफी जलन सी महसूस हो रही थी। मैं सिर्फ यही देख पाई की ब्लू टीशर्ट पहने, हाथ में पेट्रोल की कैन लिए शाहरुख भाग रहा था। ये वही शाहरुख था जो पिछले दस पन्द्रह दिन से मुझे परेशान कर रहा था। मोहल्ले में उसकी छवि एक आवारा किस्म के लड़के की थी। जिसका काम सिर्फ लड़कियों को परेशान करना और उन्हें अपने झांसे में लेकर इधर-उधर घुमाना था। अंकिता ने मौत से पहले अपने दिए बयान में कहा कि पिछले दस-पंद्रह दिन से वह मेरे आगे पीछे घूम रहा था। जब भी मैं स्कूल या ट्यूशन के लिए जाती वह मेरा पीछा करता। हालांकि मैंने कभी उसकी हरकतों को सीरियसली नहीं लिया, लेकिन उसने कहीं से मेरे मोबाइल का नम्बर जुगाड़ कर लिया था। उसके बाद अक्सर मुझे फोन करके मुझसे दोस्ती करने का दबाव बनाने लगा। मैंने उसे स्पष्ट कर दिया था कि मुझे इन सबसे कोई लेना देना नहीं है।
झारखंड में शहरूद्दीन ने आदिवासी छात्रा के साथ किया दुष्कर्म
रांची जिले के बेड़ो प्रखंड के नारकोपी थाना क्षेत्र में आदिवासी नाबालिग छात्रा से 26 वर्षीय आरोपी शहरूद्दीन अंसारी ने 28 अगस्त को रेप किया। नाबालिग छात्रा दोपहर अपने घर के पास की कुएं पर नहाने के लिए गई थी। इसी दौरान बारिश होने लगी तो उसने बचने के लिए वहां पास के एक पेड़ के नीचे शरण ली। वहीं गांव के एक लड़के को पास आता देख नाबालिग छात्रा बारिश में भीगते हुए अपने घर की ओर भागने लगी इसी दौरान नाबालिग छात्रा का पीछा करते हुए शहरुद्दीन उसके घर तक पहुंच गया। घटना के वक्त घर के सभी लोग खेत में काम करने गए थे और छात्रा घर पर अकेली थी। घर पर अकेला देख नाबालिग छात्रा के साथ उसने रेप की वारदात को अंजाम दिया। छात्रा ने बताया कि ऐसे लोगों को इस समाज में रहने का कोई हक नहीं है। ऐसे लोगों को फांसी की सजा होनी चाहिए। वहीं पीड़िता के भाई ने कहा कि आज उसकी बहन ऐसे लोगों की शिकार हुई है कल कोई और ना हो इसलिए ऐसे लोगों पर प्रशासन कड़ी कार्रवाई करे क्योंकि ऐसे लोगों का प्रशासन से डर उठ चुका है। उन्होंने कहा कि आरोपी को या तो उम्र भर जेल में रखा जाए या तो उसे फांसी दे दी जाए।
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में दिलशाद ने हिंदू लड़की का जबरन कराया धर्म परिवर्तन
उत्तर प्रदेश के जिले फतेहपुर में धर्मांतरण का मामला सामने आया है। शहर के उन्नाव के बांगरमऊ गांव के रहने वाले दिलशाद नाम के मुस्लिम युवक ने नाबालिग हिंदू लड़की को अगवाकर जबरन धर्म परिवर्तन कराया। इतना ही नहीं आरोपी युवक लड़की को हरियाणा ले जाकर धर्म परिवर्तन करवा कर उससे निकाह कर लिया। इसकी जानकारी तब हुई जब लड़की ने मौका पाकर अपने भाई को फोन कर पूरी दास्तान बताई। उसके बाद भाई ने थाने पहुंचकर पुलिस को पूरी कहानी बताई। जिसके बाद पुलिस हरियाणा के लिए रवाना हो गई। हरियाणा पुलिस की मदद से फतेहपुर पुलिस ने आरोपी दिलशाद के चंगुल से नाबालिग को छुड़ावाया और उसे गिरफ्तार कर लिया है। लड़की के भाई ने बताया कि उसकी 17 वर्षीय बहन हाईस्कूल की छात्रा है। वह 17 अगस्त को स्कूल के लिए घर से निकली पर वापस घर लौटकर नहीं आई। उसकी काफी खोजबीन की गई लेकिन कुछ पता नहीं चला तो थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। उसके बाद 21 अगस्त को उसकी बहन ने अपने भाई को फोन करके बताया कि उसे उन्नाव के बांगरमऊ का रहने वाला दिलशाद नाम के मुस्लिम युवक ने किडनैप कर लिया है। इतना ही नहीं वह उसको हरियाणा ले आया है और उसका जबरन धर्मांतरण कर निकाह भी कर लिया है। बहन ने अपने भाई से कहा कि मैं यहां दिलशाद की कैद में हूं, भाई प्लीज मुझे यहां से जल्दी से ले जाओ नहीं तो ये मुझे जान से मार देगा।
मध्य प्रदेश के खजुराहो से लापता हिंदू लड़की आगरा में मिली
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के खजुराहो से करीब एक सप्ताह पहले युवती गायब हुई थी। परिजनों ने वहां के राजनगर थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस ने युवती के मोबाइल की लोकेशन चेक की तो वह आगरा के एसएन मेडिकल कालेज के पास पता चली। वहां की पुलिस ने इसकी जानकारी आगरा एमएम गेट थाने की पुलिस को दी। उसे युवती की फोटो और लोकेशन भेजी। पुलिस ने छानबीन की तो पता चला कि उक्त हुलिए की एक युवती इमरजेंसी में दिखाने आई थी। उसके दोनों पैर की हड्डी टूटी हैं। बुधवार को युवती को एसएन इमरजेंसी से ई-रिक्शा में बैठ कर जाते पकड़ लिया। इंस्पेक्टर एमएम गेट अवधेश गौतम ने बताया, युवती को आशा ज्योति केंद्र में रखा गया है। युवती ने पुलिस को बताया कि वह शनिवार को आगरा आई थी और गिरने के चलते दोनों पैरों में फ्रैक्चर हो गया। जानकारी होने पर राष्ट्रीय हिंदू परिषद भारत के अध्यक्ष गोविंद पाराशर समेत अन्य पदाधिकारी भी पहुंच गए। गोविंद पाराशर ने बताया कि मामला लव जिहाद का है। युवती को मुस्लिम युवक अपने जाल में फंसाकर ले आया था। खजुराहो से कुछ लोगों द्वारा दोनों के फोटो भेज उनके आगरा में होने की जानकारी दी गई थी। जिसके चलते संगठन के लोग अपने स्तर से युवती की तलाश में जुटे थे।
गुजरात के बनासकांठा में लव जिहाद, युवती के परिवार का किया धर्मांतरण
उत्तर गुजरात के बनासकांठा में मुस्लिम युवक के प्रेम में फंसी लड़की तथा उसके भाई व मां के धर्म परिवर्तन कराने का मामला सामने आया है। पीडि़त पिता हरेश सोलंकी ने परिवार के सदस्यों का जबर्दस्ती धर्म परिवर्तन से दुखी होकर आत्महत्या का प्रयास किया। पुलिस ने इस मामले में 2 आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। बनासकांठा जिले की डीसा तहसील के मालगढ गांव निवासी हरेश सोलंकी के भाई राजेश ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि गांव के ही शेख परिवार के सदस्यों ने उसकी भतीजी का ब्रेनवॉश किया तथा एजाज ने उसे प्रेमजाल में फंसा लिया। संयुक्त परिवार के लोगों ने जब इसका विरोध किया तो लड़की का भाई व मां भी उसके पक्ष में हो गये तथा धर्म परिवर्तन कर घर में नमाज भी पढ़ने लगे। परिवार के सदस्यों ने विरोध किया तो शेख परिवार की मदद से वे अलग होकर दूसरे मकान में चले गये। हरेश ने इससे दुखी होकर आत्महत्या का प्रयास किया, उसका पालनपुर के निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। पुलिस ने सोहेल व उसके परिवार के 4 सदस्यों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इससे पहले जब हरेश ने अपने परिवार से मिलने की इच्छा जताई तो शेख परिवार ने उससे 25 लाख रुपये की मांग की।
नोएडा में आरिफ खान ने खुद को आरिकान राणा बताकर दुष्कर्म के बाद कराया गर्भपात
हरियाणा के गुरुग्राम निवासी पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि आरिफ खान नाम के एक युवक ने अपना नाम आरिकान राणा बताकर उसके साथ प्रेम संबंध बनाए। आरिफ ने शादी का झांसा देकर सेक्टर-51 स्थित एक होटल में उसकी मर्जी के खिलाफ शारीरिक संबंध बनाए। आरिफ ने शादी करने का वादा करके कई महीने तक उसके साथ दुष्कर्म किया। जिससे वह गर्भवती हो गई। उसके बाद आरिफ ने अपने पिता और अन्य लोगों से मुलाकात करवाई। सभी ने शादी का भरोसा देकर उसका गर्भपात करवा दिया। इस दौरान पीड़िता को उसके मुस्लिम होने का पता चला। विरोध करने पर आरिफ मारपीट और गाली-गलौज की। कुछ दिन बाद उसने मोबाइल बंद करके फरार हो गया। कोतवाली प्रभारी यशपाल धामा का कहना है कि इस संबंध में गुरुग्राम के सेक्टर-5 थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। मुकदमा अब वहां से ट्रांसफर होकर नोएडा आ गया है। रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्राथमिक जांच में पता चला है कि युवती की कुछ वर्ष पहले फेसबुक पर आरिफ से दोस्ती हुई थी। दोस्ती बाद में प्यार में बदल गई। दोनों साथ रहने लगे। युवती का आरोपित के परिवार में आना जाना होने लगा। सभी पहलुओं से मामले की जांच की जा रही है।
सुमित बनकर 8 साल तक महिला के साथ लिवइन में रहा शहनवाज, शादी का दबाव बनाने पर खुली पोल
गाजियाबाद के थाना इंदिरापुरम क्षेत्र में एक मुस्लिम युवक आठ साल तक हिन्दू नाम सुमित रखकर सिख महिला के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रहा और जब महिला ने उससे शादी के लिए कहा तो वो उसे अपने गांव बिहार ले गया। जहां उसे सारी सच्चाई पता चली। जिसके बाद उसने महिला पर धर्म बदलने का दबाव बनाया। इन दोनों का एक बेटा भी है। पीड़िता ने बताया कि बिहार में उसके गांव जाने पर उसे पता चला कि जिस सुमित के साथ वो आठ साल से लिव इन में रह रही ती वो दरअसल एक मुसलमान है और उसका नाम शहनवाज है। महिला ने कहा कि वो अपना नाम सुमित यादव बताता था। गांव ले जाने के बाद उसने धर्म बदलने की बात कही। इसके साथ ही मेरे बेटे का खतना करने को भी कहा। पीड़िता के सामने जब आरोपी की सच्चाई सामने आई तो वो एक समाजसेवी के पास गई। समाजसेवी ने बताया कि सिख धर्म की महिला मेरे पास आई थी, जिससे आरोपी ने अपना नाम बदलकर शादी की थी। इसके बाद उस पर जिस्मफरोशी का भी दबाव बनाया। शाहनवाज आलम ने पहले भी हिंदू धर्म की महिला से शादी की थी और वो इनसे जिस्मफरोशी का धंधा कराना चाहता था। महिला ने इसका विरोध किया, जिसके बाद उसने पुलिस में उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
लव जिहाद में विफल रहने पर मोहम्मद तौफीक ने निकिता को गोलियों से भूना
हरियाणा के बल्लभगढ़ में वर्ष 2020 में हिंदू लड़की निकिता तोमर की मोहम्मद तौफीक ने गोली मार कर हत्या कर दी। इस्लामिक जिहादी मोहम्मद तौफीक ने निकिता को अपने प्रेमजाल में फंसाने की हरसंभव कोशिश की। बीकॉम फाइनल ईयर की छात्रा निकिता शाम चार बजे अग्रवाल कॉलेज से परीक्षा देकर निकल ही रही थी कि तौफीक ने कार से अपहरण करने की कोशिश की। कार में खींचने की कोशिश में विफल रहने पर तौफीक ने निकिता को गोली मार दी। तौफीक 12वीं तक निकिता के साथ ही पढ़ता था। तौफीक ने निकिता को कई बार अपने प्रेमजाल में फंसाकर धर्मांतरण कराने को कोशिश की। दोस्ती और जबरन निकाह से इनकार किए जाने के कारण तौफीक ने एक बार पहले भी साल 2018 में निकिता का अपहरण किया था। उस समय बदनामी और लोकलाज के कारण परिजनों ने मामले को रफा-दफा कर दिया था। तौफीक उसके बाद भी निकिता पर दोस्ती के लिए दबाव बनाता रहा और वो इनकार करती रही। इसके बाद तौफीक ने फिर अपहरण करने की कोशिश की। दूसरी बार अपहरण करके निकिता को बुर्का पहनाने और धर्मांतरण में फेल रहने पर तौकीफ ने सरेआम दिन-दहाड़े गोली मार दी।
लव जिहाद की शिकार अंजना तिवारी उर्फ आएशा ने कर लिया आत्मदाह
उत्तर प्रदेश की अंजना तिवारी ने लव जिहाद का शिकार हो जाने के बाद आत्मदाह कर लिया था। कभी हिंदू-मुस्लिम वाली बातों को सांप्रदायिक बताने वाली महाराजगंज की अंजना तिवारी ने परिवार और समाज के खिलाफ जाकर मुस्लिम लड़के आसिफ से निकाह कर लिया था। निकाह के बाद इस्लाम भी कबूल कर लिया, अंजना तिवारी से आएशा बन गई लेकिन शादी से पहले प्रेमजाल में फंसाने वाला आसिफ निकाह के बाद एकदम से बदल गया। आसिफ नौकरी के नाम पर सउदी अरब चला गया, जिसके बाद परिवार ने परेशान करना शुरू कर दिया। आसिफ के परिवार के उत्पीड़न से तंग अंजना तिवारी उर्फ आएशा ने 13 अक्तूबर 2020 को उत्तर प्रदेश विधानसभा के सामने आत्मदाह करने की कोशिश की। 85 प्रतिशत जल चुकी अंजना उर्फ आएशा की बाद में मौत हो गई।
हिंदू लड़की को दो बच्चों की मां बनाकर विदेश भाग गया दानिश
उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक मुस्लिम युवक दानिश ने हिंदू युवती को हिंदू नाम सोनू से पहले प्रेमजाल में फंसाया। शादी के बाद महिला को पता चला कि सोनू का असली नाम दानिश है और उसने अपना धर्म छिपाकर शादी की है। इसके बावजूद उसने सोनू को ही अपना जीवनसाथी मानकर पूरी तरह उसे अपना लिया। इस दौरान दंपती के दो बच्चे भी हुए। इसके बाद दानिश ने उसका जयपुर का एक मकान और गहने बिकवा दिए। दानिश काफी समय तक महिला के पैसों से ही मौज-मस्ती करता रहा। पैसा खर्च होने के बाद दानिश उसे छोड़कर विदेश भाग गया।
शालिनी यादव को बना डाला फिजा फातिमा
उत्तर प्रदेश के कानपुर में कुछ वर्ष पहले शालिनी यादव नाम की हिंदू लड़की पहले भागकर मुसलमान फैजल से शादी करती है फिर धर्म बदल कर अपना नाम शालिनी यादव से फिजा फातिमा बन जाती है। शालिनी यादव के भाई विकास यादव का कहना है कि फैसल, लव जिहाद गैंग का सरगना है और यही कारण है कि उसने शालिनी को इस्लाम कबूल करा फिजा फातिमा बना डाला। सवाल ये है कि धर्म बदलने की क्या जरूरत? धर्म शालिनी यादव ने ही क्यूं बदला? फ़ैसल ने क्यूं नहीं? तभी तो कहते हैं, ये लव नहीं, ये लव जिहाद है। अगर इस पर लगाम नहीं लगाया गया तो यह लव जिहाद कई हिंदू बहन-बेटियों की जिंदगी बर्बाद कर देगा।
असम में लव जिहाद के कई मामले सामने आए 
असम में हाल के वर्षों में लव जिहाद के कई मामले सामने आए हैं। यहां हिंदू लड़की को मुस्लिम युवकों ने हिंदू नाम बताकर प्रेमजाल में फंसा लिया। इन लड़कियों का धर्मांतरण करके निकाह किया गया। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने साफ कहा कि जो मुस्लिम लड़के फर्जी नाम रख कर हिंदू लड़कियों से निकाह करते हैं, वह शादी नहीं बल्कि विश्वासघात है। कई मुस्लिम लड़के हिंदू नाम से फेसबुक अकाउंट बनाते हैं और मंदिरों में खुद की तस्वीरें पोस्ट करते हैं। एक बार जब एक लड़की की शादी एक ऐसे लड़के से हो जाती है, तो उसे पता चलता है कि वह उसी धर्म से नहीं है। यह एक विवाह बंधन नहीं बल्कि विश्वास का उल्लंघन है।
केरल में कोर्ट ने माना, होता है ‘लव जिहाद’!
केरल में पिछले दस साल के दौरान करीब दस हजार लड़कियों ने धर्म परिवर्तन किया। केरल हाईकोर्ट ने भी आशंका जताई है कि ISIS के इशारे पर लव जिहाद के जरिए लड़कियों को फंसा कर उनका धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। उनका ब्रेनबॉश करके उन्हें आतंकवाद के रास्ते पर भेजा जा रहा है। अब जब सवाल आया कि क्या लव जिहाद होता है भी है या नहीं? लव जिहाद के बारे में लंबी बहस है और इससे इनकार नहीं किया जा सकता। यहां तक कि शुरुआत में इसे सिरे से नकारने वाली कांग्रेस ने भी बाद में कहा लव जिहाद होता है।
ऐसे किया जाता है लव जिहाद
ये भी आरोप कई संगठनों की तरफ से लगाए गए कि हाथ में कलावा और सिर पर तिलक लगाकर लव जिहादी दूसरे धर्म का होने का छलावा करते हैं। इन्हें बाइक और पैसा दिया जाता है ताकि ये लड़कियों को अपने जाल में फंसा सके। ये स्कूल-कॉलेज के इर्द-गिर्द मंडराते हैं और इन्हें इसके लिए पैसा भी दिया जाता है। बीते साल कोझीकोड लॉ कॉलेज से जहांगीर रजाक नाम के एक लव जिहादी ने 42 लड़कियों की अकेले ही फंसा लिया और उन सब को मिलाकर एक सेक्स रैकेट चलाने लगा। ऐसी ही एक लड़की थी गीता। दिल्ली की रहने वाली इस लड़की को जैसे ही पता चला कि उसका ब्वॉयफ्रेंड विशाल दरअसल मोहम्मद एजाज है, तो उसने मौत को गले लगा लिया।

साक्षी विवाद : मीडिया का दलित कार्ड खेल

Image may contain: 4 people, people smiling, beard, selfie and closeup
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
जब अपने ही दाँत अपनी जिव्हा काट दें, फिर किसे दोष दें। ऐसे में चर्चित कव्वाल हबीब पेंटर की एक कव्वाली "जब खून ही दुश्मन बने, फिर किसे दोष दीजियेगा।..." ,आज बरेली से भाजपा विधायक की बेटी साक्षी द्वारा एक दलित से प्रेम-विवाह करने को मीडिया ऐसे उछाल रही है, मानो यह कोई अनोखी शादी हुई है, पर शत-प्रतिशत चरितार्थ हो रही है। मीडिया द्वारा इस मुद्दे को उछाल केवल अपनी TRP बढ़ाकर क्या हांसिल करना चाहती है। एक अपनी TRP बढ़ाने के मीडिया ने कितनों की ज़िंदगी से खिलवाड़ किया है, नहीं जानती, उन्हें तो बस अपनी TRP से मतलब है। जिस दलित कार्ड को उछाला जा रहा है, क्या उस दलित लड़के के चरित्र को उजागर करने का तनिक भी प्रयास किया? आखिर किस कारण नेताओं से अधिक मीडिया ने इस मुद्दे को उछाला? यदि मीडिया वास्तव में निष्पक्ष है, तो उसी प्रमुखता से इस दलित लड़के के चरित्र को भी उछालिए, ताकि दलित ने नाम पर राजनीती करने वालों की भी आंखें खुलें, साथ ही ऐसे दोहरे चरित्र वालों से लड़कियाँ भी सचेत रहे। 
अभी-अभी(जुलाई 15) प्राप्त समाचारों के अनुसार: sakshi ajitesh seeks protection allahabad highcourt बरेली की लव स्टोरी चर्चा के केंद्र में है। साक्षी और उसके पति अजितेश की अर्जी पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई हुई जिसमें अदालत ने साक्षी के पिता राजेश मिश्रा को फटकार लगाई। इस बीच ये भी खबर आई कि अदालत परिसर में साक्षी और अजितेश के साथ मारपीट की गई। लेकिन पुलिस ने मारपीट से इनकार किया है। इस बीच राजेश मिश्रा को हिरासत में लिया गया है। 
हाईकोर्ट ने साक्षी और अजितेश को बालिग माना और साक्षी के पिता के व्यवहार को गलत माना। बता दें कि साक्षी ने एक वीडियो जारी कर ये बताया था कि उसकी और उसके पति की जान खतरे में है। उसके पिता गुंडों के जरिए उसका पीछा करा रहे हैं। ये बात अलग है कि बरेली के बिथरी चैनपुर से विधायक राजेश मिश्रा ऊर्फ पप्पू भरतौल ने आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि उनकी बेटी बालिग है और उसने जो फैसला किया है उससे उन्हें ऐतराज नहीं है। 

देखिए उस दलित लड़के का चरित्र 
विधायक राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल की बेटी साक्षी ने जिस युवक अजितेश के कारण बागी तेवर दिखाए, उसी के पड़ोसियों ने उसकी पोल खोलकर रख दी है। वीर सावरकर नगर नामक कॉलोनी में अजितेश उर्फ अभि का घर है। टीवी चैनलों से बातचीत के दौरान अजितेश के पड़ोसियों ने ही उसके चरित्र पर सवाल उठाए। इंजीनियर एके सिंह समेत कई लोगों का कहना था कि अजितेश नशे का आदी है और कॉलोनी में काफी दबंग तरीके से रहता था। कई लोगों से उसने मारपीट की थी तो रुतबा कायम करने के लिए अक्सर पिस्टल और नीली बत्ती लगी गाड़ी के साथ अपने फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर चुका था। 
अजितेश की हो चुकी है किसी और लड़की से सगाई
पड़ोसियों का कहना था कि कॉलोनी में ही अजितेश पर लड़कियों से छेड़खानी करने के कई बार आरोप लगे, थाने में भी ये मामले पहुंचे। एक मामले में मारपीट के बाद अजितेश ने तीन लोगों के खिलाफ जानलेवा हमले की रिपोर्ट भी लिखाई थी। पड़ोसियों के आरोपों पर अजितेश और उसके पिता हरीश कुमार से फोन पर कई बार बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उनके फोन पर कॉल ही रिसीव नहीं हुई। साक्षी के फोन पर भी घंटी जाती रही, लेकिन उसने भी फोन नहीं उठाया।
विधायक राजेश मिश्रा ने कहा कि अजितेश उर्फ अभि उनके बेटे विक्की का दोस्त था। हालांकि उसकी और विक्की की उम्र में काफी अंतर है। उन्होंने बताया कि उन्हें विक्की से अजितेश की दोस्ती की तो जानकारी थी, लेकिन अजितेश उनके घर पर भी अक्सर आता-जाता था, यह उन्हें अब पता लगा है। दरअसल अजितेश तभी उनके घर आता था, जब वह नहीं होते थे। बेटी साक्षी के इस आरोप पर कि वह उसके साथ ज्यादा बात नहीं करते थे, उन्होंने कहा कि यह आरोप गलत है। बेटे और दोनों बेटियों से वह हमेशा दोस्ताना व्यवहार रखते थे। वह जब भी घर पहुंचते थे और कभी उन्हें कोई गुमसुम दिखता था तो वह हंसी-मजाक कर उसे बगैर हंसाए नहीं छोड़ते थे। 
परिवार को बगैर बताए घर से भागकर प्रेम विवाह करना और फिर विधायक पिता पर हत्या का आरोप लगाया जाना सोशल मीडिया को रास नहीं आया है। सिर्फ साक्षी ही नहीं, अपने टीवी चैनल की डिबेट में विधायक को खलनायक साबित करने की कोशिश करने वाली एंकर अंजना ओम कश्यप भी सोशल मीडिया में निशाने पर हैं। साक्षी और अजितेश को लोग खुलकर लानत-मलामत कर रहे हैं तो अंजना ओम पर भी सवाल दागने से लोग नहीं चूक रहे हैं। 
फेसबुक पर एक के बाद एक धड़ाधड़ पोस्ट की जा रही हैं। ये पोस्ट करने वालों में सिर्फ बरेली नहीं बल्कि दूसरे शहरों के भी लोग हैं। दो बार वीडियो वायरल कर और फिर टीवी चैनलों पर रोते हुए पिता पर हत्या की कोशिश के आरोप लगाने के बावजूद साक्षी के सपोर्ट में एक भी पोस्ट नहीं दिख रही। लोग आपस में दबी जुबान से उनकी बेटी के आरोपों पर चर्चाएं करते रहे। उसके पति अजितेश उर्फ अभि को लेकर उठ रहे सवाल भी इन चर्चाओं का हिस्सा बनते रहे।
सोशल मीडिया पर मीडिया का उड़ता मजाक 
अनावश्यक मुद्दे को तूल देने के कारण सोशल मीडिया पर जिस तरह मीडिया का मजाक बनाया जा रहा है, बहुत ही निंदनीय है। एक समय था जब मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ एवं सरकार और समाज का आईना बताया जाता था, आज वही मीडिया राजनेताओं के हाथ  बिकाऊ वस्तु बनकर रह गयी है। 
ये वही मीडिया है जो 2014 लोकसभा चुनाव से पूर्व हिन्दुत्व की बात करने से परहेज करती थी और "हिन्दू आतंकवाद" और "भगवा आतंकवाद" के नाम पर झूठे आरोपों में पकडे जा रहे साधु-संत और साध्वियों के चरित्र पर कीजड़ फेंक हिन्दू धर्म को अपमानित करने वाली भी यही मीडिया है। अरे कभी तो सच्चाई का आईना का दिखाने वाली मीडिया स्वयं भी अपने आपको आईने के सामने खड़ा करने का प्रयास करे। 
अगर मीडिया नेताओं की भाँति तुष्टिकरण का खेल खेलती रही, वह दिन भी दूर नहीं होगा, जब जनता समाचार चैनलों की बजाए केवल धारावाहिक और फिल्में देखने के लिए ही अपने टीवी को खोलेगी।  



जिसको जो तर्क देना है दे लेकिन मैं तो कहूंगा: एक समाजिक सच्चाई ये भी है कि बेटियों को गर्भ में ही मारने का एक प्रमुख कारण भागकर माँ बाप के मर्जी के खिलाफ विवाह भी है । आज के युग में कोई भी बाप बेटी को बेटा से कम लाड़ प्यार नहीं देता है । एक बाप जहाँ बेटा से आशा रखता है कि वो उसकी विरासत को सम्भालेगा, बुढापे में उसकी देखभाल करेगा, उसका वक़्त बदलेगा आदि आदि लेकिन बेटी से एक ही आशा रखता है कि वो उसकी इज्जत आबरू को बचा के रखेगी क्युकि प्राचीन काल से ही भारत में बेटियों को इज्जत का प्रतीक माना जाता है । आप इसे झूठी शान कहे, ढकोसला कहे या अमानवीयता लेकिन ग्रामीण भारत में आज भी ये एक समाजिक सच्चाई है ।

जिस घर की बेटी भाग जाए उस परिवार का मज़ाक नहीं उड़ाना चाहिए। एक कुटुंब के लिए मौत से बड़ी कोई त्रास्दी है तो वह यही है।
बात जाति से बाहर शादी करने की बिल्कुल नहीं है। बात है अपने माँ बाप का आशीर्वाद लिए बिना शादी करना और ऊपर से वीडियो डाल कर उनकी जगहंसाई करवाना।
मैं ऐसे दो-तीन केस जानता हूँ जहां घरवालों से अन्तरजातीय विवाह की अनुमति ना मिलने पर प्रेमी युगल 40 वर्ष की आयु तक अविवाहित रहे। पर घरवालों के ख़िलाफ़ जाकर, भाग कर शादी नहीं की। आखिरकाऱ घरवालों को उनके प्रेम के सामने झुकना पड़ा और उनकी शादी सबकी रजामंदी से करवा दी गई। इस तरह स्वार्थ व वासना से रहित प्रेम को घरवालों ने पहचान लिया उर उसे सहर्ष अंजाम तक पहुंचा दिया।
माफ़ करना छोटी बहन साक्षी पर तुम्हारा प्रेम प्रेम ना होकर ड्रामा लग रहा है। ना ही तुम्हारे प्रेम में सब्र नज़र आता है ना ही शुद्धता। तुम्हारा सम्मोहन तो मात्र 6 महीने में टूट जाएगा, लेकिन एक बाप अंदर से सदा के लिए मर जाएगा। एक लड़के को भी किसी की बेटी भगाने से पहले सो बार सोचना चाहिए। कर्म का चक्कर 360° घूमता है।
मान लो मेरी ही एक बेटी है, मिश्रा जी के स्थान पर खुद को रखता हूँ तो कांप जाता हूँ, खुद को विवश पाता हूँ। विवशता इसलिए कि कर ही क्या सकते हैं। शायद इससे बड़ा टॉर्चर एक बाप के लिए कोई और नहीं।
 तुमने प्रेम किया- स्वीकार है कोई समस्या नही।
● तुमने प्रेम दलित से किया-वो भी स्वीकार कोई समस्या नही,दलित भी इंसान और हिन्दू ही है।
● तुम्हे शादी शुदा से प्रेम हो गया- चलो वो भी स्वीकार भावनाएं और प्रेम शायद यह विभेद नही कर पाता।
● तुम्हे अपनी उम्र से 20 साल बड़े व्यक्ति से प्रेम हो गया- स्वीकार भावनाएं और प्रेम उम्र नही देखते।
●तुम्हे अपने भाई के मित्र से प्रेम हो गया- चलो वो भी स्वीकार,किसी को कोई समस्या नही।
● तुम्हे अपने घर के टुकड़े पर पलने वाले और 1 करोड़ का उधार लिए व्यक्ति से प्रेम हो गया- चलो वो भी स्वीकार भावनाएं और प्रेम शायद स्टेटस और बैंक बैलेंस नही देख पाता,हालांकि तुम्हारे प्रेमी(अब तथाकथित पति) ने ये सब देखा है।
● तुमने उससे भाग के शादी कर ली- यह भी स्वीकार है,कानूनन बालिग हो शादी करके उसके साथ रहो या बिना शादी किये कोई समस्या नही,कानून तुम्हारे साथ है।
मगर जो अस्वीकार है वो ये है कि...
तुम्हे इन सब के बाद कोई अधिकार नही था एक बाप की इज्जत को खबरिया कोठों पर दलालों के साथ बैठकर नीलाम करने का...तुम्हे कोई हक नही था एक माँ की ममता,बाप के प्यार और भाई के स्नेह को टीआरपी की भूखी  खबरिया गिद्धों के साथ चैनेलो पर  बैठकर गिद्ध बनकर नोचने का..साक्षी नोची तो तुम भी जाओगी अपने बाप की इज्जत की तरह या यूं कह लो गिद्ध तुम्हें भी नोच रहे हैं बस तुम्हे पता दो चार साल बाद चलेगा। उस समय न ये मीडिया आएगा और न ही नारीवाद का झंडा उठाये ये वामी..अगर उस बाप में जरा भी स्वाभिमान बचा होगा तो वो भी नही आएगा उस समय तुम्हारे साथ...तुमने अपनी नियति खुद चुनी है। प्रेम, प्रेम संबंध या विवाह से समस्या नही थी समस्या तुम्हारे द्वारा अपने बाप के खिलाफ चलाये जा रहे मीडियाई एजेंडे से थी है और रहेगी...



मै Rahul Shukla एक हालिया लव-मैरिज ड्रामा पे ज़बर्दस्त लिखा है. पढ़ने लायक..
साक्षी के नाम खुला पत्र..
#साक्षी तुम्हें पता भी है तुमने कितनी लड़कियों की जिंदगी बर्बाद कर दी है।
साक्षी क्या तुम जानती हो कि तुमने कितनी लड़कियों के सपनों का गला घोंटा है। साक्षी क्या तुम जानती हो कि तुमने लड़कियों को कितने पीछे धकेल दिया है, बिलकुल वहीं..जहां से वे संघर्ष कर आगे बढ़ी थीं।
तुम्हारे प्रेम से दुनिया को कोई दिक्कत नहीं थी, लेकिन तुमने जो उसका तमाशा बनवाया है, उससे तुम ही आज कटघरे में खड़ी हो, और तुम्हारे साथ खड़ी हैं वे अनगिनत बेकसूर लड़कियां, जिन्हें अब उनके माँ, बाप, भाई ही शक की नज़र से देख रहे हैं।
तुम्हे यदि जान का खतरा था तो न्याय पाने के और भी तरीके थे। तुमने वीडियो जारी किया, चलो उसे भी जायज़ मान लिया जाए। लेकिन जिस तरह तुमने न्यूज़ चैनल में बैठकर अपने परिवार की इज्जत हवा में उछली है ना, उससे तुम्हारी नीयत पर शक पैदा होता है। तुम अकेली लड़की नहीं हो, जिसने परिवार के ख़िलाफ़ जाकर विवाह किया है, लेकिन उन्होंने अपने पिता की इज्जत यूं तार-तार नहीं की। यदि प्रेम विवाह के बाद कि प्रतिक्रिया सहने के साहस नहीं था, तो ऐसा कदम ही क्यूं उठाया।
तुम्हारे कृत्य से षड्यंत्र की बू आ रही है। वीडियो में जिस तरह तुम अपने पिता का नाम ले रही थी ना, उसमें घृणा का भाव जाहिर हो रहा था। तुम अपने पिता को समझा नहीं धमका रही थीं। तुम्हारी भाषा से तो नहीं लगा कि तुम डरी हुई हो। जिस तरह से सजी संवरी बैठी थी, उसे देखकर भी नहीं लगा कि तुम जान बचाने के लिए मारी-मारी फिर रही थीं।
हर पिता अपनी बेटी को अरमानों के साथ विदा करना चाहता है, कोई बात नहीं कि तुमने अपने परिवार को विश्वास में लिए बिना ही रवाना हो गयी, पर एक बात याद रखना कि तुम्हारे कृत्य से (प्रेम विवाह करने से नहीं, बल्कि परिवार की भद्द पिटाने के कारनामे से) आज हम सब लड़कियां शर्मिंदा हैं। जो तुमने किया वो प्रेम नहीं केवल आकर्षण का शिकार होना है। क्योंकि जो अपने माता-पिता से प्रेम नहीं कर सकता, वो किसी से क्या प्रेम करेगा और क्या निभाएगा।
अंत में एक बात याद रखना, हमारे यहां कहावत है-- जो ना माने बड़ों की सीख, ले कटोरा मांगे भीख। और एक बात यदि किसी न्यूज़ चैनल में बैठकर समस्याएं हल हो जाती तो देश की 80 फीसदी समस्याओं का समाधान हो गया होता। मैं खुद मीडिया से हूँ और मुझे कहने में कोई समस्या नहीं कि हम लोगों की परेशानी कम करने के बजाए बढ़ा रहे हैं।
औऱ जाते-जाते सुन लो कि हमें ना तुम्हारी जान बचाने में रुचि है ना ही तुम्हारे पिता जी की इज्ज़त बचाने में कोई इंटरेस्ट। तुम्हारे जैसे मूर्ख केवल हमारी टीआरपी बढ़ाने के टूल हो, इससे ज्यादा कुछ नहीं.
बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ की मुहिम में बेटियों का भी साथ चाहिए, #बिटिया_रानी कितनी बड़ी हो गई है ना ?
ये जो पहले चित्र में आदमी है ना, ये विधायक है।
साथ मे जो लड़की है वो इसकी बेटी है।
दूसरे चित्र में वही बेटी घर से भागने के बाद अपने प्रेमी के साथ दिख रही। 
ये बेटी कह रही है कि मुझे अपने बाप से जान का खतरा है।
जिस समय बेटियों को गर्भ में मारने का भयंकर सिलसिला चल रहा था तब इनके जन्म पर जश्न हुआ था।
ये वही बेटी है जो साल भर की होने पर चलने की कोशिश करती हुई बार बार गिरती थी तो इस बाप ने उसके नाजुक हाथो को थामा, उसे चलने को सहारा दिया, उसे चलना सिखाया।
कुछ दिन बाद साइकिल सिखाई, फिर स्कूटी की जिद हुई तो वो भी दिलाई। एक बार कहीं बाजार में किसी को स्कूटी से ठोक दिया।खुद भी चोट खाई सामने वाले को भी मरणासन्न कर दिया।
इसी बाप ने पूरा अस्पताल सर पर उठा लिया, एक से एक डॉक्टर की लाइन लगाकर खड़ा कर दिया।
जिसको ठोका था उसका इलाज करवाया, लाखो रुपये उसे देने पड़े।
इस बेटी को तो पता भी नही था कि लाखों रुपये कैसे कमाये जाते हैं। खैर ये ऐश आराम करते हुए बड़ी हुई।स्कूल से कॉलेज में आई।
फिर कहीं किसी से आंखे चार हो गई।
मोहब्बत की पींगे बढ़ी। साथ जीने मरने की कसमें खाई। दोनों की जात समान नही थी तो थोड़ी दिक्कत थी।लेकिन समाज मे फैलती नाजायज आजादी की हवा इन्हें भी छू गई। एक दिन अपने बाप के सिर पर पैर रखकर ये ऊंची छलांग लगा गई और प्रेमी के साथ वीडियो बनाकर डाला गया।
कि मेरा बाप मुझे और मेरे आशिक को मार डालना चाहता है।
पूरे देश मे हल्ला है,
विधायक की बेटी जो भागी है।
मीडिया वाले विधायक के पास भागे भागे जा रहे है उनसे सवाल कर रहे है कि आप प्यार के दुश्मन है ? आजाद पंछियो को क्यों कैद करना चाहते है ? 21 वी सदी में भी आप जातिवाद को बढ़ावा दे रहे है ? टीवी पर बेटी का इन्टरव्यू चल रहा बहुत सारे लोग जिन्होंने विधायक जी का इससे पहले नाम भी नहीं सुना था थोक के भाव में गालियां दे रहे।
सबके कैमरे विधायक जी के चेहरे पर लगे हैं, उसके मुंह से शब्द सुनने को आतुर हैं।लेकिन बाप की आंखे किसी को दिखाई नहीं दी, उसकी कंपकपाती जुबान, रुंधा हुआ गला..
कोई ध्यान नही दे रहा उसपे।
लड़का और लड़की दोनो हिन्दू है, भले ही किसी भी जाति के हों, दोनों ने प्यार किया और दोनों एक दूसरे के साथ खुश हैं तो किसी को भी कोई आपत्ति नही होनी चाहिये। हमें भी नहीं है, लेकिन प्रेमी के बहकावे में आकर निर्लज्जता और पब्लिसिटी की मारी बेटी ने इस घटना को जो जातीय रंग दिया है, वीडियो बनाकर, टीवी पर बैठकर बाप को जलील करके जो छिछलेदारी की है वो थोड़ा खराब लगा।
बेटी होना घर में लक्ष्मी का आगमन माना जाता है लेकिन यहां राजेश मिश्रा जैसे पिता अब भगवान से यही प्रार्थना कर रहे होंगे कि
अगले जनम मोहे बिटिया ना दीजो...

No photo description available.
पिछले दिनों से बरेली से बीजेपी विधायक राजेश मिश्रा की बेटी और उसके पति अजितेश का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें बेटी ने अपने पिता से खुद को बचाने की गुहार लगाती दिखाई दे रही है। वायरल वीडियो के बाद राकेश मिश्रा की बेटी साक्षी अपने पति अजितेश कुमार के साथ आजतक के स्टूडियो पहुंचती है और आरोप लगाती है कि उनके पिता ने उन्हें पढ़ने नहीं दिया। मुझे घर से निकलने नहीं देते थे, मैं उनसे कहना चाहती हूं कि आप अपनी सोच बदलो और जितना महत्व बेटे को देते हो उतना ही मुझे और मेरी बहन को भी दो। आप बाहर दिखावा करते हैं कि बहुत प्रगतिशील हैं लेकिन घर के अंदर बेटा और बेटी के बीच अंतर करते हैं। इसी दौरान साक्षी ने अपने पिता से भी बात की जहां उनके पिता ने उन्हें खुश रहने का आशीर्वाद दिया और फोन काट दिया. लेकिन फिर से विधायक पिता से पूछा गया कि क्या वो बेटी और दामाद को स्वीकार करेंगे, लेकिन उन्होंने कहा कि मुझे परेशान किया जा रहा है और परिवार के मामले में ऐसा सवाल करके उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर न किया जाए। फोन पर पिता की भराई हुई आवाज ये बता रही थी कि ऐसी बेटी जिसने पिता को कहीं मुंह दिखाने योग्य नहीं छोड़ा।
अब सवाल ये है कि क्या वो पुत्री सही हो सकती है जिसे पिता ने इतने साल पाल पोस कर जवान किया लेकिन बंदिशे इसलिए लगाई क्योंकि वो एक राजनेता है और राजनीति में दुश्मनों की कमी नहीं होती, ऐसे में अगर एक पिता अपनी बेटी को सबकी नजरों से बचाना चाहता है तो क्या गलत करता है। उस बेटी को बंदिशे नजर आई, लेकिन शर्म से झुका उनका कन्धा और आँखे नजर नहीं आई जो इस लड़की के कृत्य के बाद किसी से मिल नहीं पा रहीं। कितना दर्द होगा उस पिता के दिल में जिसकी बेटी ही उसकी इज़्ज़त की सरेआम धज्जियाँ उड़ा रही है। मैं अन्तर्जातीय विवाह की विरोधी नहीं हूँ लेकिन एक पिता को इस तरह पूरे समाज में अपनी ही बेटी के द्वारा सरेआम नंगा किये जाने के खिलाफ हूं। मैं उस पिता का दर्द दिल से महसूस करती हूं। वो एक शक्तिशाली राजनेता हुए तो क्या हुआ एक जिम्मेदार पिता भी तो हैं, जिन्होंने समाज के वहशीपन और हवस से बचाने के लिए अपने बच्चों को खुली छूट नहीं दी। ऐसी लड़कियां समाज की अच्छी लड़कियों को भी खराब करती हैं। थू है ऐसी बेटी पर जिसने अपने बाप की नजरों को जमाने के सामने झुका दिया और अपनी हवस के लिए बाप की पगड़ी उछाल दी
आजतक के न्यूज़ चैनल पर रोने लगी विधायक राजेश मिश्रा की बेटी साक्षी जुलाई 12 को आजतक के स्टूडियो में अपने पति अजितेश कुमार के साथ पहुंचीं. इस दौरान आजतक ने विधायक राजेश मिश्रा से उनकी बेटी साक्षी की बात कराई. पिता से बात करते हुए साक्षी ने कहा कि पापा मुझे माफ कर दो. इस पर विधायक राजेश मिश्रा ने कहा कि जहां रहो खुश रहो, मैंने कल ही अपना बयान दे दिया. मेरे परिवार को चैन से रहने दो विधायक राजेश मिश्रा की बेटी साक्षी से बातचीत.



Image may contain: one or more people and people standingदेखिए इसमें मेरी नजर के हिसाब से साक्षी मिश्रा गलत है रीजन यह है की या तो साक्षी जी अपने पिताजी से अपने लवर्स के बारे में पहले बता देती तो क्या पता उसके पिताजी उसका सपोर्ट भी करते यह एक तरह से नादानी है साक्षी मिश्रा की एक पिता अपने बच्चे का कभी गलत नहीं कर सकता ऐसा मेरा मानना है तो इसको अपनी पूरी डिटेल अपने फादर के साथ शेयर करनी थी इसके बाद यदि कोई डिसीजन लेते तो इसमें इसकी भी बुलाई थी और उसके फादर की भी इज्जत बनी रहे
पिछले 3 दिनों से सोशल मीडिया और भारतीय मेनस्ट्रीम मीडिया में #शोषित #दलित बनकर विक्टिम कार्ड खेलने वाला यह #दुर्दांत #अपराधी 3 दिन पहले तक बरेली की जनता के ऊपर ठाकुर बनकर अत्याचार किया करता था। #बरेली के लोग इसको शुरू से ही #ठाकुर समझते आ रहे थे।आप लोग इस बात की गंभीरता को आसानी के साथ समझें कि ठाकुर बनकर बरेली की जनता के ऊपर अत्याचार किया इस #भेड़िये ने और बदनाम हुआ पूरा #ठाकुर समाज।
<iframe src="https://www.facebook.com/plugins/video.php?href=https%3A%2F%2Fwww.facebook.com%2F2016811485007959%2Fvideos%2F541144676419159%2F&show_text=0&width=560" width="560" height="313" style="border:none;overflow:hidden" scrolling="no" frameborder="0" allowTransparency="true" allowFullScreen="true"></iframe>
.
बात केवल यहां पर ही खत्म नहीं हो जाती है। अत्याचार करते समय यह ठाकुर बना था और जब यह अपराधी एमएलए राजेश मिश्रा की बेटी को भगा ले गया, तब यह विक्टिम कार्ड खेलते हुए #दलित बन गया।
सोचिए यह व्यक्ति कितना #शातिर और #धूर्त रहा होगा। जिस परिवार ने इसके परिवार को अपना माना और अपने घर अंदर तक स्थान दिया, एक थाली में खाना खिलाया, उसके साथ ही इसने #गद्दारी की, यह बात शायद ही किसी व्यक्ति को अच्छी लगी होगी।
यदि कोई व्यक्ति दलित है तो उसे ठाकुर बनने की क्या आवश्यकता है? वह दलित बनकर ही समाज में उच्च स्थान प्राप्त कर सकता है। लेकिन दलित होने के बाद फर्जी ठाकुर बनकर जनता पर अत्याचार करके ठाकुरों को #बदनाम करना कहां की #दलित राजनीति है? भारत के संविधान का कौन सा हिस्सा ऐसा करने की इजाज़त देता है?
मैं पुनः इस बात को कहना चाहता हूं कि माननीय विधायक श्री राजेश मिश्रा जी और उनके समर्थकों की आपत्ति इस व्यक्ति के दलित होने से बिल्कुल भी नहीं है। यदि यह व्यक्ति उनका सजातीय भी रहा होता तो भी माननीय विधायक जी इसके #आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए इसके साथ अपनी बेटी के रिश्ते को लेकर कभी भी हां नहीं कहते। इसके विपरीत यदि यह व्यक्ति एक साफ-सुथरा और नेक इंसान रहा होता तो राजेश मिश्रा जी अपनी बेटी के साथ इसके विवाह को लेकर शुरू में न सही लेकिन बाद में तैयार अवश्य हो जाते।
आज "मीठा-मीठा गपा गप और कड़वा कड़वा थू थू..." वाली कहावत चरितार्थ हो रही है। जनता पर जुल्म करते समय ठाकुर और विधायक की बेटी को भगाते समय दलित बनकर यह कुख्यात अपराधी बाबासाहेब अंबेडकर के #संविधान की जमकर लंका लगा रहा है। इस व्यक्ति को #दलित बिल्कुल भी नहीं मानना चाहिए क्योंकि अभी तक यह व्यक्ति समाज में ठाकुर बनकर रह रहा था और समाज के ऊपर #अत्याचार कर रहा था।
*******************************************
अच्छा हुआ जो बरेली का #धूर्त मक्कार परिवार टीवी पर पहुंच गया वरना इसकी सच्चाई कभी जनता के सामने न पहुंच पाती। बाप बेटे दोनों #धूर्त है और जितनी जानकारी निकलकर सामने आ रही है उससे लगता है कि ये बाप बेटे #ठगी का #धंधा भी करते हैं।

मसलन, बरेली के जिस वीर सावरकर कालोनी में यह परिवार रहता है वहां अपनी #जाति छिपा रखी है। वहां ये लोग अपने आपको #ठाकुर बताते हैं। लड़का खुद फेसबुक पर #अभी #सिंह के नाम से मौजूद है।

आज तक को लगा कि मामला बैक फायर कर गया है तो डैमेज कन्ट्रोल करने के लिए आज उनका पत्रकार स्वयं उस कालोनी में गया और कालोनी वालों ने इस ठग और धूर्त परिवार की सारी सच्चाई कैमरे पर बयान कर दी।
जहां तक चरसी बेटे का सवाल है तो उसका रिकार्ड कालोनी में ही इतना खराब है कि आते जाते लड़कियों को छेड़ता है। कच्चे नशे का आदी है। गांजा चरस पीता है और उसका वीडियो फेसबुक पर भी अपलोड करता है। इन्होंने भोपाल में झूठी सगाई करके ही लाखों नहीं उड़ाये, खबर है कि इन लोगों ने अलग अलग जगहों पर डेढ़ करोड़ रूपये की ठगी कर रखी है।
हो न हो किसी साजिश के तहत इस चरसी ठग ने विधायक परिवार का भरोसा जीता हो और लड़की को जानबूझकर अगवा किया हो ताकि बाद में विधायक जी से इसकी मोटी कीमत वसूल सके। शादी का जो #सर्टिफिकेट ये लोग दिखा रहे हैं वह भी जाली निकला। मंदिर के मुख्य पंडित ने #सर्टिफिकेट को जाली करार दिया है।
अब विधायक पप्पू भरतौल को चाहिए कि वो इस आदमी और उसके बाप के खिलाफ लड़की को अगवा करने, उससे जबर्दस्ती शादी करने और झूठा #प्रोपोगेण्डा फैलाने का केस करें। राज्य की योगी सरकार को भी चाहिए कि इस पूरे मामले की जांच करे और इस #ठग परिवार को कानून के कटघरे में खड़ा करें ताकि पूरे मामले में न्याय हो सके।