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जम्मू-कश्मीर के राजौरी में सैन्य वाहन पर आतंकी हमला: 3 जवान बलिदान, इजराइल की तरह आतंकी अड्डों पर हमला कब?

                                                                                                                  साभार : X_ANI
जम्मू-कश्मीर के राजौरी सेक्टर के थाना मंडी इलाके में गुरुवार (21 दिसंबर 2023) को आतंकवादियों ने दो सैन्य वाहनों पर हमला कर दिया, जिसमें तीन जनाव वीरगति को प्राप्त हो गए। वहीं, तीन अन्य जवान घायल हो गए हैं। ये जवान आतंकियों के खिलाफ एक अभियान में शामिल होने के लिए जा रहे थे। हमले के बाद पूरे इलाके की घेराबंदी करके तलाशी अभियान शुरू कर दी गई है।

देश में नोटबंदी और अनुच्छेद 370 के समाप्त होने को आतंकवाद पर एक जीत माना जा रहा था, लेकिन थोड़े दिन बीतते नहीं, फिर आतंकी चले आते हैं, आखिर ये आतंकी कहाँ से आ रहे हैं? कौन इनको पनाह दे रहा है? जब तक भारत सरकार इजराइल की तरह इनके अड्डों को बर्बाद नहीं करेगी, उस स्थान की बिजली पानी बंद नहीं होगी, ये proxy war समाप्त नहीं होगी। सेना में जवान घुसपैठियों द्वारा मारे जाने के लिए नहीं जाता। इजराइल इस बात की परवाह नहीं कर रहा कि आतंकी हमास ने स्कूल, मदरसा या हॉस्पिटल में अपने अड्डे बनाये हैं, वहां हमला करने पर बेगुनाह भी मारे जाएंगे, बस मिशन अर्जुन की तरह मछली की आंख यानि आतंकवाद को समाप्त करना। 

सेना के एक अधिकारी ने बताया, “ये हमला उस काफिले को निशाना बनाकर किया गया, जो थाना मंडी इलाके में जारी मुठभेड़ में री-इन्फोर्समेंट के लिए पहुँच रहा था। उस इलाके में कल (20 दिसंबर 2023) शाम से ही मुठभेड़ चल रही थी। वहाँ जाते वक्त आतंकियों ने दोनों वाहनों को निशाना बनाया। इस हमले में तीन जवान वीरगति को प्राप्त हो गए हैं।”

दो गाड़ियों में ये जा रहे इन जवानों पर घात लगाकर बैठे आतंकियों ने अंधाधुन फायरिंग शुरू कर दी। इन जवानों ने भी जवाबी फायरिंग की, जिनमें तीन जवान बलिदान हो गए। दरअसल, पिछले कुछ समय से आतंकी जम्मू-कश्मीर में शांति और कानून व्यवस्था को बिगाड़ने में लगे हुए हैं। हालाँकि, सुरक्षाबल उनके नापाक मंंसूबों को हर बार नाकामयाब करती रही है। इस दौरान कई कुख्यात आतंकी भी मार गिराए गए।

बीते नवंबर माह में राजौरी के कालाकोट जंगलों में चल रही मुठभेड़ में 23 नवंबर 2023 को सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को मार गिराया था। इनमें से एक लश्कर-ए-तैयबा के टॉप कमांडर कारी था। वो कम से कम पाँच हत्याओं में शामिल रहा था। जानकारी के मुताबिक, दोनों आतंकियों को जम्मू-कश्मीर के राजौरी और पुंछ में फिर से आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए भेजा गया था।

मारे गए दोनों आतंकी आईईडी बनाने में और उसे चलाने में माहिर थे। इसके अलावा दोनों ही एक्सपर्ट स्नाइपर भी थे। इन दोनों ने गुफाओं में छिपने में भी महारत हासिल की थी। इन दोनों आतंकियों के खिलाफ चलाए गए उस ऑपरेशन में सेना के अधिकारी समेत 4 जवानों को वीरगति प्राप्त हुई थी।


कश्मीर : निकाह कर फिर लूट कर हो जाती शाहीन अख्तर फरार : 12 ‘पीड़ित शौहर’ आए सामने, 27 मर्दों के होने की अंदेशा

ठगी का शिकार हुए एक युवक के साथ आरोपित शाहीन अख्तर (फोटो साभार: FirstPost)
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक ऐसी महिला को गिरफ्तार किया है जो निकाह के बाद शौहर को लूटकर फरार हो जाती थी। इस महिला की पहचान शाहीन अख्तर के रूप में सामने आई है। 5 जुलाई 2023 को मोहम्मद अल्ताफ ने अपने साथ निकाह के नाम पर ठगी की शिकायत की थी। उसके बाद वह पकड़ी गई। अब तक 12 लोग उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराने सामने आए हैं। लेकिन कहा जा रहा है कि निकाह कर वह कम से कम 27 मर्दों को लूट चुकी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार राजौरी जिले के मोहम्मद अल्ताफ मीर ने शिकायत दर्ज कराते हुए पुलिस को अपने साथ हुई ठगी की कहानी सुनाई थी। इसके बाद पुलिस ने राजौरी जिले के ही नौशेरा से शाहीन अख्तर को गिरफ्तार किया। उसकी गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद 12 अन्य लोगों ने भी इसी तरह की ठगी को लेकर थाने जाकर शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत करने पहुँचे सभी लोगों के पास एक ही महिला की फोटो मिलने के बाद पुलिस को मामले की गंभीरता का पता चला। आरोपित महिला के पीछे किसी बड़े रैकेट का होने की भी आशंका जताई जा रही है। यह भी कहा जा रहा है कि महिला द्वारा ठगी का शिकार हुए लोगों की संख्या बढ़ सकती है।

इस मामले में ठगी का शिकार हुए अब्दुल अहद मीर का कहना है, “मेरे बेटे को कुछ शारीरिक समस्याएँ हैं। एक स्थानीय बिचौलिए ने मुझसे कहा था कि वह मेरे बेटे का निकाह करवाएगा। इसके एवज में मुझे उसे 2 लाख रुपए देने होंगे। इसके बाद मैं कुछ रिशेतदारों के साथ राजौरी गया और होटल में रुक गया। हालाँकि बिचौलिया निकाह की बात टालता रहा। कुछ दिनों बाद, उसने कहा कि लड़की का एक्सीडेंट हो गया है और मुझे आधे पैसे लौटा दिए। कुछ घंटे बाद फिर से पैसे वापस माँगे और एक अन्य लड़की की फोटो दिखाई।”

अब्दुल अहमद मीर ने आगे कहा, “जब हम राजी हो गए तो रात में निकाह कराई गई। हम लोग उसी रात कश्मीर वापस लौट आए। कुछ दिनों बाद, महिला ने मेरे बेटे यानी अपने शौहर से कहा कि वह अस्पताल जाकर जाँच कराना चाहती है। लेकिन जब शौहर हॉस्पिटल गया तो वह सारा सामान लेकर भाग गई।”

एक अन्य पीड़ित के पिता ने कहा है, “हमने महिला को मेहर की गारंटी के रूप में 3 लाख 80 हजार रुपए व सोना दिया था।” एक अन्य पीड़ित के भाई अब्दुल रशीद ने बताया है कि बिचौलिए ने रात में महिला से मिलवाया था और रात में ही निकाह करवा दिया। ठगी का शिकार हुए राशिद नामक व्यक्ति ने कहा है, “निकाह के बाद वह केवल दस दिन ही घर पर रुकी। इसके बाद वह हॉस्पिटल गई और भाग खड़ी हुई।” ऐसा ही दावा अन्य पीड़ितों का भी है।

निकाह के चक्कर में ठगी का शिकार हुए लोगों के वकील का कहना है, “महिला और इसके गिरोह के लोगों ने कई लोगों को लूटा है। निकाह के दस्तावेज़ों में उसका नाम ज़हीन, इलयास और शाहीना है। लेकिन कोई भी उसका असली नाम नहीं जानता था। केवल बडगाम में ही उसने बिचौलिओं की मदद से कम से कम 27 लोगों से निकाह की है।”

The Kashmir Files : ज़हर उगलने वाले मौलाना फ़ारूक़ ने माफ़ी मांगी

                                                               साभार- JK मीडिया
ज़हर उगल कर माफ़ी मांगने वाले मौलानाओं की वजह से कश्मीरी पंडितों पर अत्याचार नहीं बल्कि देश में साम्प्रदायिक दंगे होते हैं। और जब कोई कपिल मिश्रा या अनुराग बोलता है, इनके समर्थक victim card खेलते हुए सारा दोष कपिल और अनुराग पर डाल मज़लूम, गरीब और नादान साबित करने की कोशिश करते हैं। सरकार को ऐसे मौलानाओं पर माफ़ी मांगने के बावजूद सख्त कार्यवाही करनी चाहिए, क्योकि माफ़ी से पहले ज़हर तो फैला चुके होते हैं। 
जम्मू कश्मीर के राजौरी के एक मौलवी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह खुदा की कसम खाते हुए हिंदुओं के मिट जाने का ऐलान करता है। मौलवी फारूक कश्मीरी पंडितों पर बनी फिल्म ‘द कश्मीर फ़ाइल्स (The Kashmir Files)’ नाम की फिल्म को बैन करने की माँग करता है। इस वीडियो के वायरल होने और उसके खिलाफ कार्रवाई की माँग होने पर उसने प्रतिक्रिया है। मौलवी का कहना है कि वह किसी समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि सरकार के खिलाफ बोला है।

कानूनी कार्रवाई को देखते हुए एक अन्य वीडियो में सफाई देते हुए मौलवी फारूक ने कहा, “आज से दो रोज पहले जुमे की खुतबे (धार्मिक भाषण) में ये कश्मीर फाइल्स के नाम से एक मूवी बनाई गई है, जिसमें हमारे कश्मीरी पंडित भाइयों के ऊपर जुल्म दिखाया गया है, उस सिलसिले में हमने मौजूदा हुकूमत से एक मुतालबा (अनुरोध) किया था कि इस तरह की फिल्में समाज में इंतसार का सबब होती हैं।”

उन्होंने कहा, “उसमें (खुतबे में) हमने मौजूदा हुकूमत से मुतालबा किया था कि वो ऐसी ‘फिलम’ पर पाबंदी लगाए। हमारा न किसी मजहब को, ना किसी तबके को टारगेट करना है, बल्कि मैं तो ये कहता हूँ कि कश्मीरी पंडित हमारे जम्मू-कश्मीर की शान हैं, आन हैं, बान हैं और उनके बगैर जम्मू-कश्मीर अधूरा है। मेरे बयान को शायद किसी के समझने में, क्योंकि मेरी तकरीर में किसी जात से कोई मतलब नहीं है। मेरा हुकूमत से इस बात का मुतालबा था।”

मौलवी कश्मीरी पंडितों को भाई बताते हुए माफी के दौरान भी फिल्म को एकतरफा करार दिया और कहा, “इसमें एक रूख दिखाया गया है। कश्मीरी पंडित हमारी भाई हैं, इसलिए उनके खिलाफ वाली कोई बात नहीं है।”

उन्होंने कहा कि अगर उनका जुमला कि किसी के समझ में ना आया हो तो वे एक ‘वसी उल कल्बी’ (बड़े दिल का) आदमी हैं, इसलिए माफी माँग रहे हैं। मौलवी कहा कि वे अमन का ही पैगाम देते हैं। उन्होंने किसी मजहब या जाति के खिलाफ नहीं, बल्कि सरकार से सवाल किया था।

जुमे की तकरीर में क्या था मौलाना ने

सामने आए वीडियो में राजौरी के जामा मस्जिद का मौलवी फारुक भारत पर 800 साल राज करने की बात करता है। इसके बाद वो खुदा की कसम खाते हुए हिंदुओं (जो सिर्फ 70 साल से राज कर रहे हैं) के मिट जाने का ऐलान कर रहा। जब फारूक जहर उगल रहा होता है, उस समय उसके सामने बैठी भीड़ ‘नारा-ए-तकबीर’ और ‘अल्लाह-हू-अकबर’ के नारे लगाती है।
अवलोकन करें:-
The Kashmir Files बैन हो : ‘हमने 800 साल भारत पर हुकूमत की… खुदा कसम तुम मिट जाओगे’
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The Kashmir Files बैन हो : ‘हमने 800 साल भारत पर हुकूमत की… खुदा कसम तुम मिट जाओगे’
द कश्मीर फ़ाइल्स (The Kashmir Files) के निर्माता विवेक अग्निहोत्री ने इस वीडियो को ट्वीट करते हुए लिखा, “राजौरी के मौलवी साहब का कहना है कि यह फ़िल्म बंद होनी चाहिए। हमने 800 साल तुम पर हुकूमत की। तुम 70 साल की हुकूमत में हमारा निशान मिटाना चाहते हो? दोस्तों, बिलकुल इसी तरह कश्मीर से कश्मीरी हिंदुओं का नाम-ओ-निशान मिटा दिया गया था।”