Showing posts with label BJP MP. Show all posts
Showing posts with label BJP MP. Show all posts

चड्डा-चड्डी वालों को, गोली मारो सालों को: मुस्लिम नेता की धमकी

आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
जबसे नागरिकता संशोधन कानून बना है, देश में तुष्टिकरण की सियासत करने वालों की नींद, रोटी और पानी हराम हो गया है और उसकी बौखलाहट में ये लोग क्या बोल रहे हैं और क्या नहीं बोलना चाहिए, बिल्कुल भी होश नहीं। जिस कारण भारत को विश्व में एक मजाक बनवा रहे हैं। दूसरे यह भी सिद्ध कर रहे हैं कि भारत के नेता अपनी कुर्सी, रोजी और रोटी की खातिर किसी भी हद जा  सकते हैं। शपथ संविधान की लेते हैं, लेकिन संविधान के विरुद्ध काम करने और काम करते हैं। जबकि भारत से बाहर किसी भी देश में विपक्ष को देशहित में लिए सरकार के किसी भी निर्णय के विरुद्ध जाने का साहस नहीं करते। 
सोशल मीडिया पर पूर्व भाजपा सांसद हरि माँझी ने एक वीडियो शेयर किया है। इसमें उन्होंने दावा किया है कि राजस्थान का एक मुस्लिम नेता खुलेआम लोगों को धमका रहा है। सीएए और एनआरसी के ख़िलाफ़ बोलते हुए उक्त मुस्लिम नेता आरएसएस के लिए आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करता हुआ दिख रहा है। हरि माँझी लगातार दो बार बिहार के गया से सांसद रह चुके हैं। उन्होंने ट्विटर पर वीडियो शेयर करते हुए बताया कैसे मुस्लिम नेता खुलेआम प्रशासन को धमका रहा है।
साथ ही वो खुलेआम गोली मारने की भी धमकी दे रहा है। माँझी ने इस ट्वीट में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट को टैग करते हुए पूछा कि वो भड़काऊ बयान देने वाले इस नेता के ख़िलाफ़ क्या कार्रवाई करने वाले हैं? माँझी ने भाजपा प्रवक्ता तजिंदर सिंह बग्गा और राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को भी इस ट्वीट में टैग किया।
“मैं प्रशासन को चेतावनी देता हूँ। मच्छीपुरा से आने वाली गाड़ियों पर पथराव किया गया है। याद रखना, कुचल के फेंक देंगे। ग़लतफ़हमी में मत रहना। ये चड्डा-चड्डी वालों को, गोली मारो सालों को। बाहर निकालो सालों को।”

मुस्लिम नेता अपने वीडियो में प्रशासन और संघ के लिए आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते हुए धमकी दे रहा है और साथ ही गोली मारने व बाहर निकालने की बात भी कह रहा है। हालाँकि, अभी तक मुख्यमंत्री गहलोत या उप-मुख्यमंत्री पायलट ने इस वीडियो पर कुछ प्रतिक्रिया नहीं दी है।

बंगाल: BJP सांसद अर्जुन सिंह की कार पर फेंका बम

मुस्लिमों का उग्र प्रदर्शन
नागरिकता संशोधन बिल पारित होने के बाद से देश में हो रहे उपद्रव के पीछे छद्दम धर्म-निरपेक्ष पार्टियों का हाथ बताया जा रहा है। जिसका कारण है इस बिल के कानून बनने से सरकार ने इनके वोटबैंक पर जबरदस्त हमला बोला है। 
दरअसल, अवैध रूप से रह रहे पाकिस्तानी, बांग्लादेशी, अफगानी, और अन्य लोगों के राशन कार्ड, मतदाता सूची में नाम, और आधार कार्ड आदिसरकारी सुविधाएं देकर अपने वोटबैंक को संजोए हुए थे। लेकिन उसी धराशाही होते देख, मुस्लिमों में डर का माहौल पैदा कर उपद्रव करवाया जा रहा है।  
नागरिकता संशोधन कानून (CAB) के खिलाफ पश्चिम बंगाल में हिंसक प्रदर्शन के बीच बीजेपी सांसद अर्जुन सिंह पर हमले की खबर है। हालाँकि हमले में सांसद बाल-बाल बच गए, लेकिन इस अन्य शख्स जख्मी हो गया। घायल का नाम गणेश सिंह बताया जा रहा है।
पश्चिम बंगाल के बैरकपुर से बीजेपी सांसद अर्जुन सिंह ने बताया, “मैं कनकिनारा से लौट रहा था। मेरी कार के ऊपर ईंट से हमला किया गया और उसके बाद गाड़ी के नजदीक बम फेंका गया। पश्चिम बंगाल में कोई कानून-व्यवस्था नहीं है। राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा देना चाहिए।”
हमले में घायल गणेश सिंह को सांसद अर्जुन सिंह ने ही भाटपाड़ा स्टेट जनरल अस्पताल पहुँचाया। हालत गंभीर होने पर उसे कल्याणी जेएनएम हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया है।
बीजेपी सांसद अर्जुन सिंह ने हमले के लिए टीएमसी के कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा, “टीएमसी के गुंडों ने मेरी कार पर ईंट फेंके। इसके बाद मैं अपनी कार से बाहर आया और देखा कि एक व्यक्ति जमीन पर पड़ा है। उस व्यक्ति का नाम गणेश सिंह है। वह शराब के नशे में था। इसके बाद अचानक मेरी कार पर बम फेंका गया।” अर्जुन सिंह जब गणेश सिंह को लेकर हॉस्पिटल पहुँचे थे, तो उस समय भी उनकी टीएमसी के कार्यकर्ताओं के साथ बहस हुई थी।
इस घटना के बाद से भाटपाड़ा में एक बार फिर तनाव पसर गया है। तनाव को देखते हुए यहाँ रैपिड एक्शन फोर्स की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना ना हो। गौरतलब है कि इससे पहले भी भाजपा सांसद अर्जुन सिंह पर जानलेवा हमला हुआ हो चुका है। जिसमें उन्हें गंभीर चोटें आई थीं।
इसी साल सितंबर में उत्तरी-24 परगना जिले में भी एक हमले में अर्जुन सिंह घायल हो गए थे, जिसमें उनके माथे पर कुछ टाँके लगे थे। दरअसल टीएमसी के लोग भाजपा के कार्यालय पर कब्जे की कोशिश कर रहे थे। इसकी जानकारी मिलने पर जब सिंह मौके पर पहुॅंचे तो उनकी कार में तोड़फोड़ की गई। इस हमले के पीछे भी उन्होंने टीएमसी कार्यकर्ताओं हाथ बताया था।
इसके अलावा जुलाई में भी अर्जुन सिंह के उत्तर-24 परगना के भाटपाड़ा स्थिति आवास के बाहर बम फेंके जाने का मामला सामने आया था। सिंह ने इस हमले के पीछे भी टीएमसी कार्यकर्ताओं का हाथ होने का आरोप लगाया था। वहीं मई में लोकसभा चुनावों के दौरान भी अर्जुन सिंह ने बैरकपुर में तृणमूल कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा उन पर हमले का आरोप लगाया।

CAB के विरोध में बंगाल में जुमे की नमाज के बाद कई जगहों पर हिंसा देखने को मिली थी। मुर्शिदाबाद जिले में एक रेलवे स्टेशन परिसर में शुक्रवार शाम हजारों की भीड़ ने आगजनी की थी। पूर्वी मिदनापुर जिले में भाजपा महासचिव सायंतन बसु की कार पर प्रदर्शनकारियों ने हमला किया था। हिंसा का हवाला देते हुए भाजपा महासचिव और बंगाल के पार्टी प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इन्हीं हालातों से निपटने के लिए एनआरसी जरूरी है।
हिंसा का एक वीडियो ट्वीट करते हुए उन्होंने लिखा है, “जो ये सवाल उठा रहे हैं कि एनआरसी क्यों जरूरी है, उन्हें बंगाल की हालत पर नजर डालनी चाहिए। यहाँ हिंसा और आगजनी की घटनाओं में वही घुसपैठिए संलग्न हैं, जिन्हें ममता बनर्जी ने वोट बैंक की खातिर राज्य में बसा रखा है। इन्हें खदेड़ने के लिए ही ऐसा कानून जरूरी है।”

कांग्रेस ने पोस्टर पर भोपाल की बीजेपी सांसद प्रज्ञा ठाकुर को 'हिंसा की पुजारन' लिखा!

कांग्रेस ने पोस्टर पर भोपाल की बीजेपी सांसद प्रज्ञा ठाकुर को 'हिंसा की पुजारन' लिखा!
भोपाल की बीजेपी की सांसद प्रज्ञा ठाकुर को
कांग्रेस ने गांधी जयंती पर एक पोस्टर में निशाना बनाया.
महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती पर मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में कांग्रेस नेताओं द्वारा लगवाया गया एक पोस्टर बुधवार को चर्चा का विषय बन गया. राज्य में सत्तासीन कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने पोस्टर में भोपाल की सांसद प्रज्ञा ठाकुर का फोटो इस्तेमाल किया और उसके नीचे 'हिंसा की पुजारन' लिखा. पोस्टर में महात्मा गांधी की भी तस्वीर है जिसके नीचे 'अहिंसा के पुजारी' लिखा गया है. बीजेपी सांसद प्रज्ञा ठाकुर पर कांग्रेस नेताओं द्वारा इस तरह निशाना बनाने का यह पहला मामला है. इंदौर शहर के बींचोंबीच स्थित रीगल चौराहे पर महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने बुधवार(अक्टूबर 2) को एक बड़े पोस्टर ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया.
पोस्टर पर ऊपर एक ओर महात्मा गांधी और दूसरी ओर भोपाल की बीजेपी की सांसद प्रज्ञा ठाकुर की तस्वीर है. गांधी जी की फोटो के नीचे 'अहिंसा के पुजारी' लिखा और प्रज्ञा ठाकुर के चित्र के नीचे 'हिंसा की पुजारन' लिखा गया.
पोस्टर में नीचे विवेक खंडेलवाल और गिरीश जोशी के नाम हैं और उनकी तस्वीरें भी हैं. पोस्टर पर लिखा है कि 'गोडसे को मानने वाली पार्टी क्या कभी प्रज्ञा ठाकुर को भाजपा से निकालेगी? गांधी जयंती पर ढकोसला करने आने वाले भाजपाई जवाब दें? राष्ट्रपिता महात्मा गांधी अमर रहें..'
यह पोस्टर शहर के उस स्थल पर लगाया गया जहां बाद में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, राज्य के गृह मंत्री बाला बच्चन और स्वस्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने गांधी जयंती पर आयोजित समारोह को संबोधित किया.
उधर छत्तीसगढ़ की विधानसभा में बुधवार को महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती के अवसर पर आयोजित दो दिवसीय विशेष सत्र में कांग्रेस के सदस्यों ने गोडसे मुर्दाबाद के नारे लगाए. संभवतः यह पहली बार है जब किसी सदन में नाथूराम गोडसे के मुर्दाबाद के नारे लगाए गए.

दिल्ली भाजपा में फूट? भाजपा सांसद ने ही दिए संकेत

Image result for रमेश बिधूड़ी
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
दक्षिणी दिल्ली से भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी ने दावा किया है कि अगर पार्टी के नेता एकजुट होकर काम करते तो हालिया लोकसभा चुनाव में पार्टी और अधिक वोट हासिल कर सकती थी। उनके बयान को पार्टी की दिल्ली इकाई के भीतर मतभेद होने का संकेत माना जा रहा है। बिना किसी का नाम लिए बिधूड़ी ने आरोप लगाया कि पार्टी के कुछ नेता चुनाव के दौरान उनके खिलाफ काम कर रहे थे लोकसभा चुनाव में भाजपा को दिल्ली की सभी सीटों पर जीत मिली थी 
दिल्ली भाजपा की ‘सोशल मीडिया मीट' में जुलाई 30 को बिधूड़ी ने कहा, ‘‘अगर आप रमेश बिधूड़ी पर प्रहार करेंगे तो पार्टी को भी नुकसान होगा और आपको कुछ नहीं मिलेगा पार्टी के सत्ता में आने पर ही आपको कुछ हासिल होगा अगर ऐसी चीजें नहीं होती तो हम लोकसभा चुनाव में 57 प्रतिशत वोट की बजाए 62 प्रतिशत से ज्यादा वोट हासिल कर सकते थे''
चित्र देख कर बताइये
विधायक महोदय
 "कौन पियेगा इस पानी को?"
 

लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 303 सीटें जरूर अर्जित कर मोदी को पुनः सत्ता सौंपी है, लेकिन सच्चाई यह है कि यह मोदी-योगी-अमित की मेहनत से, स्थानीय स्तर के पदाधिकारियों की वजह से नहीं। प्रमाण के रूप में जीत का अंतर देखा जा सकता है। वैसे तो जीत तो एक वोट से भी होती है। व्हाट्सअप पर फोटो डालने से कुछ नहीं होता, नगर निगम और विधान सभा चुनाव नेता की लोकप्रियता पर जीते जाते हैं, अब मै आपको शाहदरा लेकर चलता हूँ, एक जगह विधायक है भाजपा का और दूसरी तरफ है आप का, कब नलों में गन्दा पानी आ जाये पता नहीं, अचानक देखने पर मोटर बंद कर पूरी टंकी खाली करनी पड़ती है। मैंने कई बार विधायक के फेसबुक पर गंदे पानी की फोटो डालने पर, मेरे परिचित के घर कार्यकर्ता शिकायत करने पहुँच गए कि "साहब की फेसबुक पर क्यों शिकायत करवाई?" जबकि बेशर्म और हरामखोर कार्यकर्ता साथ वाली गली में रहते हैं। सांसद क्षेत्र का दौरा नहीं कर सकता, लेकिन पार्षद और विधायक को क्षेत्र में दौरा कर जन समस्याओं को सुनने जा सकता है, नहीं जी साहब के ऑफिस में आकर लिखवाओ, तब विचार होगा। जिस विधायक के ऐसे विचार हों, न ही ऐसा विधायक और न ही उसके कार्यकर्ता वोट के हक़दार हैं। वोट मांगने घर-घर जाएंगे, पैर छुएंगे, आशीर्वाद दो। अच्छे नाटककार हैं। स्थानीय स्तर पर भाजपा कार्य मोदी-योगी-अमित के अनुरूप नहीं हो रहा। गिनती के विधायक हो, इनका कर्त्तव्य था कि ऐसा काम करते जो साथ के के क्षेत्र को भी प्रभावित कर, भाजपा का जनादेश बढ़ता। फिर वही बात, दिल्ली में सातों सीटें मोदी के नाम पर, किसी सांसद अथवा स्थानीय नेताओं के दम पर नहीं। जबकि जनसंघ के कार्यकाल में हर गली का कार्यकर्ता जन समस्या को अपने नेता तक पहुंचाता था, चाहे वह पराजित क्यों न हुआ हो, यही कारण था, जनसंघ हर नागरिक के दिल में समाये हुए थी। 
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेताओं ने अपने प्रतिद्वंद्वियों से बदला लेने के लिए पार्टी के मंच का इस्तेमाल किया उन्होंने मौके पर मौजूद दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी का नाम लिए बिना कहा, ‘‘कभी-कभी हम पार्टी के मंच का इस्तेमाल बदला लेने के लिए करने लगते हैं सोशल मीडिया टीम को इसे देखना चाहिए। मनोज मुझसे सहमत नहीं होंगे, लेकिन इस पर फैसला लेना चाहिए''
अवलोकन करें:-

About this website
NIGAMRAJENDRA28.BLOGSPOT.COM
राजनेता चाहे जिस तरह की राजनीति खेले, लेकिन जनता उनसे दस कदम आगे ही चलती है। आज नेता समाज जिस तरह तुष्टिकरण नीति अपन...


NIGAMRAJENDRA.BLOGSPOT.COM
चाँदनी चौक से भाजपा उम्मीदवार डॉ हर्षवर्धन के कार्यक्रम की सुचना में भयंकर चूक। ऐसा पहली बार नहीं हुआ, आम घटना अथव.....
About this website

NIGAMRAJENDRA.BLOGSPOT.COM
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार लोकसभा चुनावों के लिए पांचवें चरण की वोटिंग के बाद देश में अगली सरकार फिर से नरेन्द्र ...

About this website

NIGAMRAJENDRA.BLOGSPOT.COM
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 23 मई को नतीजे घोषित किए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी देश की सबसे अधिक सांसदों वाली पा...

चलो देर आए, दुरुस्त आए। बिधूड़ी ने जिस बात को आज उजागर किया है, मै अपने इस ब्लॉग कई बार लिख चुका हूँ, जिसे पार्टी के चमचों--इस शब्द का जानबूझ कर प्रयोग कर रहा हूँ-- ने पार्टी विरोधी कहकर अपनी वाह-वाही को बनाये रखने के लिए उच्च पदाधिकारियों को भ्रमित कर किसी ने गंभीरता से नहीं लिया। हकीकत यह है, जिसे देखो मोदी-योगी-अमित के करिश्मा पर ही अधीन रहते हैं। जिला चाँदनी चौक में ही कम से कम तीन मंडल ऐसे हैं, जो 1977 में जनता पार्टी बनने के बाद से आज तक संगठित नहीं हो पाए। कौन है कसूरवार, चमचे पदाधिकारियों के पास कुछ पकवान ले जाकर उनको खुश कर भ्रमित कर अपनी रोजी-रोटी चला रहे हैं। जिसे देख एवं विचारने से यही निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि आज की भारतीय जनता पार्टी वह पार्टी जो भारतीय जनसंघ के समय थी। बिधूड़ी ने जो दर्द बयां किया है, केन्द्रीय पदाधिकारियों को उसे गंभीरता से लेकर मंथन करना होगा, अन्यथा मोदी-योगी-अमित की मेहनत पर पानी फेर दिया जाएगा। क्यों मोदी-योगी-अमित की मेहनत व्यर्थ कर रहे हो। वर्तमान कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी शायद यह जानने का कष्ट किया होगा कि जनसंघ कालीन कमर्ठ कार्यकर्ता कहाँ है? क्यों उन्हें उपेक्षित किया हुआ है?  

#metoo : बिल्ली आ रही है थैले से बाहर

लगता है बिल्ली थैले से बाहर आ रही है। जिसे सिद्ध कर रही है,दैनिक भास्कर पर प्रकाशित लेख। वास्तव में #Metoo अभियान महिला शोषण को उजागर करना नहीं, बल्कि मुख्य समस्याओं से मोदी सरकार का ध्यान भटकाने का है। फिर जिनके चरित्रों पर कीजड़ फेंकी जा रही है, वह सभी किसी न किसी मोड़ पर प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी के साथ रहे हैं। दूसरे, इस अभियान पर प्रतिक्रिया करने वालों को भी पहचानने की कोशिश करें।भास्कर ने भी अपनी रपट में इस अभियान को हवा देने वालों को उजागर करने का एक प्रयास किया है। भाजपा सांसद उदितराज ने इस अभियान पर बहुत जल्दी प्रश्नचिन्ह लगाने का प्रयास किया है, जिसे हर महिला हितैषी और देशप्रेमी को अपना समर्थन देकर उदित के इस प्रयास को बल देना चाहिए। चुनाव का माहौल है और मोदी विरोधी इस विवादित अभियान से जनता का ध्यान भटकाने का प्रयत्न कर रहे हैं, जो मतदान समाप्त होते ही कहीं दफ़न कर दिया जायेगा। निम्न लेख को गंभीरता से देखिए, केन्द्रीय मन्त्री एम.जे. अकबर पर ट्वीटों पर ध्यान दें, किसी भी ट्विटर का नाम स्पष्ट नहीं दिया, क्यों? आरोप लगाए जा रहे हैं तो खुलकर सामने आने में संकोच कैसा?
अवलोकन करें:--
#metoo अभियान के तहत जो गड़े मुर्दे बाहर आ रहे हैं, शंका करने को मजबूर कर रहा है, कि दाल में कुछ काला नहीं, सारी ही दाल काली दिख रही है। जिसने भी इस अभियान को चलाया है, उसने मंशा महिला सुरक्षा की नहीं, बल्कि कुछ और ही है। देश की अन्य गंभीर समस्याओं से ध्यान भटकाने का प्रयास है। क्योकि इस अभियान में जितने भी मुद्दे निकलकर आये हैं, सभी पुराने हैं, नया एक भी नहीं। 
मैंने जब स्वतन्त्र पत्रकारिता शुरू की थी, वह भी फिल्मों से। क्योकि फिल्म जगत से बहुत पुराना-- या यूँ कहा जाये जन्म से तो कोई अतिशियोक्ति नहीं होगी। जब मै इस दुनियां में आया, तब मेरे पिताश्री एम.बी.एल. निगम 50 दशक के नामी फिल्म वितरकों में शुमार थे। फिल्म वितरण असफल होने पर चर्चित सम्वाद लेखक और निर्माता कमाल अमरोही ने तत्कालीन बम्बई अब मुंबई बुला कर अपने प्रोडक्शन महल पिक्चर्स का सारा भार सौंप दिया।-- नाता है। शायद इसी कारण फिल्म लेखन चुना। जैसाकि अब इस अभियान में विनता नन्दा का अलोक नाथ पर जबरदस्ती शराब पिलाकर यौन शोषण करने का जो आरोप लगा है, इस पर स्मरण होता है, चर्चित अभिनेता, निर्माता-निर्देशक गुरुदत्त की फिल्म "साहिब बीबी और गुलाम" का "ना जाओ सइयां छुड़ाकर बहियाँ, कसम तुम्हारी मै रो पड़ूँगी ....." इस गीत को फिल्म की नायिका मीना कुमारी को शराब के नशे में फिल्माना था। गीत मीना जी के वास्तविक जीवन को छू रहा था, उन्होंने निर्माता गुरुदत्त को शराब पीकर गीत फिल्माने की जिद की। हालाँकि गुरुदत्त ने गीत के फिल्मांकन में शराब के लिए सख्ती से स्पष्ट रूप से मना कर दिया था। लेकिन मीना की जिद के आगे, गुरुदत्त को झुकना पड़ा था। शायद फिल्म इतिहास में यही एक ऐसा गीत होगा, जिसे वास्तव में शराब पीकर फिल्माया गया हो। 

NIGAMRAJENDRA.BLOGSPOT.COM
पिताश्री एम.बी.एल.निगम #metoo अभियान के तहत जो गड़े मुर्दे बाहर आ रहे हैं, शंका करने को मजबूर कर रहा है। मैंने जब स्वतन्त्....

गंभीरता से निम्न लेख का अध्ययन करिए:-

मी टू के 8 मामले / अकबर पर 4 और महिलाओं ने लगाए उत्पीड़न के आरोप, आलोक नाथ पर भी उठे सवाल

Dainik Bhaskar

Oct 09, 2018, 05:38 PM IST द्वारा प्रकाशित निम्न लेख, जिसे बिना किसी सम्पादन के प्रकाशित किया जा रहा है:--me too india cases of entertainment industry Alok Nath
मी टू कैम्पेन के तहत एंटरटेनमेंट और मीडिया इंडस्ट्री से जुड़े लोगों पर यौन शोषण के आरोप लग रहे हैं। सबसे पहले अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने नाना पाटेकर पर एक शूटिंग के दौरान गलत तरीके से छूने का आरोप लगाया था। इसके बाद अभिनेता रजत कपूर, निर्माता-निर्देशक विकास बहल, गायक कैलाश खेर पर भी ऐसे ही आरोप लगे। ताजा आरोप केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर पर लगे हैं। पूर्व संपादक अकबर पर कई महिला पत्रकारों के साथ आपत्तिजनक हरकतें करने का आरोप लगा है। अक्टूबर 9 को चार और महिलाओं के ट्वीट सामने आए, जिन्होंने अकबर पर परेशान करने का आरोप लगाया।
वहीं, नब्बे के दशक के टीवी शो ‘तारा’ की राइटर-प्रोड्यूसर का आरोप है कि एक ‘संस्कारी अभिनेता’ ने उनसे दुष्कर्म किया था। सिने एसोसिएशन ने आलोक नाथ को नोटिस भी भेज दिया है। इस पर आलोक नाथ ने कहा कि रेप हुआ होगा, लेकिन किसी और ने किया होगा। मैं इस पर कुछ नहीं कहूंगा, क्योंकि हमेशा महिलाओं की ही बात सुनी जाती है।  
me too1) प्रिया रमानी का आरोप- होटल में आपत्तिजनक हरकतें करते थे एमजे अकबर 
प्रिया रमानी नाम की महिला ने ट्वीट कर केंद्रीय मंत्री और पूर्व संपादक एमजे अकबर पर आरोप लगाए हैं। प्रिया का आरोप है कि अकबर जब संपादक थे तब होटल रूम में इंटरव्यू के दौरान कई महिला पत्रकारों के साथ आपत्तिजनक हरकतें कर चुके हैं। अारोप लगाने वाली एक अन्य महिला ने कहा है कि तब वह सीनियर जर्नलिस्ट थी। अकबर होटल रूम्स में इंटरव्यू करते और महिलाओं को बिस्तर और शराब की पेशकश करते थे।
महिला ने पिछले साल अक्टूबर में 'टू द हार्वे वेनस्टींस ऑफ द वर्ल्ड' शीर्षक से प्रकाशित एक लेख में आरोप लगाया था कि "वे अश्लील फोन कॉल, टेक्स्ट मैसेज, अनुचित प्रशंसा और जवाब में ना नहीं सुनने के एक्सपर्ट हैं।' महिला ने लिखा था कि कई युवा महिलाएं उनकी गलत हरकतों की भुक्तभोगी हैं। लेख के प्रकाशन के समय आरोपी का नाम नहीं दिया गया था। अब बताया गया कि वे एमजे अकबर हैं।
अकबर पर चार और महिलाओं के आरोप
MJ Akbar
उदित राज का विवादास्पद बयान
भाजपा सांसद उदित राज ने कहा, "महिलाएं आरोप लगाने के लिए 2-4 लाख लेती हैं। इसके बाद वे अन्य पुरुषों को निशाना बनाती हैं। क्या कोई महिला परफेक्ट होती है? क्या उसका गलत इस्तेमाल नहीं हो सकता? आरोप लगाने से एक आदमी की जिंदगी तबाह हो जाती है।" इसके अलावा उदित राज ने एक ट्वीट भी किया। इसमें उन्होंने 10 साल बाद किसी पर यौन शोषण के आरोप लगाने पर सवाल भी उठाए।
जरूरी है लेकिन किसी व्यक्ति पर 10 साल बाद यौन शोषण का आरोप लगाने का क्या मतलब है ? इतने सालों बाद ऐसे मामले की सत्यता की जाँच कैसे हो सकेगा?जिस व्यक्ति पर झूठा आरोप लगा दिया जाएगा उसकी छवि का कितना बड़ा नुकशान होगा ये सोचने वाली बात है।गलत प्रथा की शुरुआत है।
2) राइटर-प्रोड्यूसर ने कहा- शिकारी अभिनेता ‘संस्कारी’ बन गया
90 के दशक के टीवी शो ‘तारा’ की राइटर-प्रोड्यूसर ने फेसबुक पोस्ट लिखकर अपने साथ दुष्कर्म होने का खुलासा किया। उन्होंने अपनी पोस्ट में किसी का नाम बताने की बजाय सिर्फ यही लिखा कि दुष्कर्म करने वाला यह ‘शिकारी’ आज बड़ा अभिनेता है और उसे फिल्म और टीवी इंडस्ट्री का सबसे ‘संस्कारी’ व्यक्ति कहा जाता है। 
माना जा रहा है कि उनका इशारा आलोक नाथ की तरफ है जो टीवी शो ‘तारा’ के एक्टर थे। प्रोड्यूसर ने लिखा कि एक शाम को ‘संस्कारी अभिनेता’ ने उन्हें कार में लिफ्ट दी। फिर शराब पिलाई और घर ले जाकर दुष्कर्म किया। कुछ दिनों बाद इस अभिनेता ने दोबारा घर बुलाकर ऐसा ही किया। मैं चुप रही क्योंकि मुझे पैसे की जरूरत थी और इंडस्ट्री में काम भी चाहिए था।
3) विकास बहल पर एक और अभिनेत्री ने लगाए आरोप
विकास बहल पर फैंटम फिल्म्स की एक महिला कर्मचारी ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। कंगना ने पीड़िता का पक्ष रखते हुए अपने साथ हुई एक घटना का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था- 2014 में क्वीन फिल्म की शूटिंग के दौरान विकास उन्हें जबर्दस्ती गले लगाते थे। विकास बहल के खिलाफ अब एक और अभिनेत्री सामने आई हैं। क्वीन में कंगना की सह-अभिनेत्री रहीं नयनी दीक्षित ने आरोप लगाया कि विकास चाहते थे कि होटल में वे उनके साथ रूम शेयर करें। 
ऋतिक रोशन सुपर-30 फिल्म कर रहे हैं, जिसे विकास बहल डायरेक्ट कर रहे हैं। विकास पर लगे आरोपों पर ऋतिक रोशन ने सुपर-30 फिल्म के प्रोड्यूसरों से कहा है कि इस मामले की जांच कर कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। ऐसे किसी भी व्यक्ति के साथ काम करना असंभव है जो इतने घृणित काम में लिप्त हो।
4) एआईबी सीईओ तन्मय और गुरसिमरन हटाए गए 
महिला कर्मचारियों से दुर्व्यवहार और यौन उत्पीड़न के मामले में वेब चैनल एआईबी ने सोमवार को बड़ा फैसला लिया। चैनल ने तन्मय भट्‌ट और गुरसिमरन खंभा को हटा दिया। रविवार को सिंगर सोना मोहपात्रा ने भी तन्मय भट्‌ट के विवादित ट्वीट्स अपने फेसबुक पेज पर शेयर किए थे। इसके बाद से ही मामला सुर्खियां में आ गया था।
5) महिला पत्रकार के आरोपों के बाद रजत कपूर ने मांगी माफी 
अभिनेता रजत कपूर पर एक महिला पत्रकार ने गलत व्यवहार करने का आरोप लगाया है। पत्रकार के मुताबिक, एक इंटरव्यू के दौरान रजत कपूर ने उससे कहा था कि उनकी आवाज इतनी अच्छी है तो क्या वे दिखने में भी ऐसी ही हैं? हालांकि इन आरोपों पर रजत कपूर ने ट्वि्टर पर माफी मांगी। उन्होंने लिखा- 'मैंने अपनी पूरी जिंदगी कोशिश की है कि मैं एक सभ्य पुरुष बना रहूं और हमेशा सही करूं। लेकिन मेरे किसी शब्द से किसी को भी तकलीफ हुई है तो मैं इसके लिए माफी चाहता हूं।'
6) चेतन भगत ने महिला और पत्नी से माफी मांगी 
एक महिला ने लेखक चेतन भगत से सोशल मीडिया पर हुई बातचीत का स्क्रीन शॉट सोशल मीडिया पर शेयर किया था। इसके बाद चेतन ने फेसबुक पर पोस्ट लिखकर इस गलती को स्वीकार कर लिया था। उन्होंने इसके लिए उस महिला और अपनी पत्नी से भी माफी मांगी थी।
7) नाना पाटेकर ने नहीं दिए मीडिया के सवालों के जवाब
तनुश्री दत्ता ने हाल ही में आरोप लगाए थे कि नाना पाटेकर ने 2008 में एक फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्हें गलत तरीके से छूने की कोशिश की थी। साथ ही एक गाने में बोल्ड सीन देने के लिए जबरदस्ती की थी। इस मामले में नाना पाटेकर ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना पक्ष रखने की बात कही थी। लेकिन उन्होंने ऐन वक्त पर इसे टाल दिया। उन्होंने कहा कि उनके वकील ने उन्हें किसी मीडिया चैनल से बात न करने की सलाह दी है। हालांकि उन्होंने कहा- मैंने 10 साल पहले कहा था। वह आज भी वैसा ही है। सच हमेशा सच ही रहेगा।
8) कैलाश खेर पर गलत तरीके से छूने का आरोप
बॉलीवुड गायक कैलाश पर एक महिला फोटो जर्नलिस्ट ने आरोप लगाया था कि एक इंटरव्यू के दौरान वे बार-बार उसे गलत तरीके से छूने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि कैलाश ने इन आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा- ये आरोप बेहद दुखद हैं। वे हमेशा महिलाओं का सम्मान करते हैं। और उन्हें इस तरह की किसी भी घटना के बारे में कुछ भी याद नहीं है।