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हैदराबाद एनकाउंटर पर मेनका गांधी- फिर फायदा क्या है अदालत का, फिर तो आप बंदूक उठाओ

तेलंगाना एनकाउंटर पर बीजेपी की सांसद मेनका गांधी ने कहा कि वहां जो हुआ वह बहुत भयानक हुआ इस देश के लिए. आप लोगों को ऐसे नहीं मार सकते हैं. आप कानून को अपने हाथ में नहीं ले सकते हैं. मेनका गांधी ने कहा कि वे आरोपी थे और वैसे भी कोर्ट से उसे फांसी की सजा मिलती. उन्‍होंने कहा कि ऐसा होने लगे तो फिर फायदा क्‍या है कानून का, फायदा क्‍या है सिस्‍टम का. मेनका ने कहा, 'इस तरह तो अदालत और कानून का कोई फायदा ही नहीं, जिसको मन हो बंदूक  उठाओ जिसको मारना हो मारो. कानूनी प्रक्रिया में गए बिना आप उसे मार रहे हो तो फिर कोर्ट, कानून और पुलिस का क्‍या औचित्‍य रह जाएगा'.

इससे पहले तेलंगाना में रेप कांड के चारों आरोपियों का आज सुबह एनकाउंटर कर दिया गया. इन चारों पर महिला वेटरनरी डॉक्टर के साथ रेप और मर्डर का आरोप था. पुलिस का दावा है कि ये सभी आरोपी भागने की कोशिश कर रहे थे और इस दौरान पुलिस की ओर से हुई फायरिंग में सभी आरोपी मारे गए हैं. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह एनकाउंटर आज तड़के 3 बजे से 6 बजे के बीच हुआ है. मिली जानकारी के मुताबिक अदालत में चार्जशीट दाखिल करने के बाद पुलिस इन चारों आरोपियों को घटनास्थल पर ले गई थी ताकि 'सीन ऑफ क्राइम' (रिक्रिएशन) की पड़ताल की जा सके. लेकिन उनमें से एक आरोपी ने पुलिसकर्मी का हथियार छीन कर भागने की कोशिश करने लगा. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अगर यह आरोपी भाग जाते तो बड़ा हंगामा खड़ा हो जाता इसलिए पुलिस के पास दूसरा कोई रास्ता नहीं था और जवाबी फायरिंग में चारो आरोपी मारे गए.
28 नवंबर को इन चार आरोपियों की जिनकी उम्र 20 से 26 साल के बीच थी, महिला डॉक्टर को टोल बूथ पर स्कूटी पार्क करते देखा था. आरोप है कि इन लोगों ने जानबूझकर उसकी स्कूटी पंक्चर की थी. इसके बाद मदद करने के बहाने उसको एक सूनसान जगह पर ले जाकर गैंगरेप किया और बाद में पेट्रोल डालकर आग के हवाले कर दिया. पुलिस के मुताबिक घटना से पहले इन लोगों ने शराब भी पी रखी थी. रेप और मर्डर की  इस घटना के बाद पूरे देश में गुस्सा था और इस मामले की सुनवाई के लिए फॉस्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया गया था. 

तेलंगाना एनकांउटर : उत्तर प्रदेश और दिल्ली पुलिस को प्रेरणा लेनी चाहिए--BSP प्रमुख मायावती

बीएसपी सुुुप्रीमो मायावती ने कहा है कि तेलांगना एनकांउटर पर कहा है कि उत्तर प्रदेश और दिल्ली पुलिस को इससे प्रेरणा लेनी चाहिए.  मायावती ने अपने बयान में कहा है कि उत्तर प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध चरम पर है लेकिन राज्य सरकार सो रही है, यहां की पुलिस और दिल्ली को हैदराबाद पुलिस से प्रेरणा लेनी चाहिए. लेकिन दुर्भाग्य यह है कि उत्तर प्रदेश में अपराघियों को गेस्ट बनाकर रखा जाता है, उत्तर प्रदेश में जगंल राज है'. गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के उन्नाव में एक रेप पीड़िता को आरोपियों ने जिंदा जलाकर मारने की कोशिश की थी. गुरुवार सुबह जब वह केस की सुनवाई के लिए रायबरेली के लिए घर से निकली तो आरोपी ने अपने साथियों के साथ उसके ऊपर केरोसिन छिड़ककर आग लगा दी.

पीड़िता की हालत गंभीर बनी हुई है. अधिकारियों के मुताबिक पीड़िता 60-70 फीसदी तक जल गई है. पीड़िता ने पांच आरोपियों के नाम बताए हैं, इनमें से 3 को पहले पकड़ लिया गया था. बाद में दो आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया. 
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तेलंगाना में रेप कांड के चारों आरोपियों के एनकाउंटर के बाद पीड़ित महिला डॉक्टर के पिता की प्रतिक्रिया सामने आई है....

घटना के बाद से ही विपक्षी पार्टी लगातार सरकार पर हमलावर है. गुरुवार को उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्वीट कर लिखा था "उन्नाव की दुष्कर्म पीड़िता को जिंदा जलाये जाने के दुस्साहस की नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए प्रदेश की भाजपा सरकार का सामूहिक इस्तीफ़ा होना चाहिए."

फ‍िल्‍मकार डेनियल श्रवण का शर्मनाक बयान, लड़कियों के पास हो कंडोम और सरकार रेप को करे लीगल तो नहीं होगी हत्‍या

Daniel Shravan
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार एवं फिल्म समीक्षक 
एक तरफ पूरा देश हैदराबाद में डॉ रेड्डी संग हुए बलात्‍कार और हत्‍या पर आक्रोश में है, वहीं दूसरी तरफ एक फ‍िल्‍मकार ने शर्मनाक और बेहूदा बयान देकर मानसिक विकलांगता का परिचय दिया है। फ‍िल्‍ममेकर डेनियल श्रवण ने सोशल मीडिया पर पोस्‍ट लिखकर रेप को लीगल करने की मांग की है, ताकि पीड़ित की हत्‍या ना हो। 
लगता है डेनियल का मानसिक संतुलन ठीक नहीं, अन्यथा इतनी बेशर्मी की बात करने का साहस नहीं कर पाते। लोगों का यह भी कहना है कि शायद डेनियल के परिवार की महिलाओं को ऐसी ही आदत है। 
क्या अच्छा होता, एक फ़िल्मकार होने के नाते बॉलीवुड द्वारा निर्मित उन साहसिक फिल्मों को बंद बॉक्सों से निकाल दूरदर्शन अन्य सिनेमा घरों में पुनः प्रदर्शित की बात कही होती। 
ज्ञात हो, 70 के दशक में भारत की प्रथम सेक्स शिक्षा पर आधारित निर्माता-निर्देशक बी.के.आदर्श की फिल्म "गुप्त ज्ञान" प्रदर्शित हुई थी। जिसे सेंसर बोर्ड ने बैन कर दिया था, लेकिन तत्कालीन दूरगामी राजनेताओं अटल बिहारी वाजपेयी और चंद्रशेखर आदि के अथक प्रयासों के कारण कुछ 'कट' उपरांत सेंसर बोर्ड ने फिल्म को पारित किया। निर्माता ने फिल्म प्रारम्भ होने से पूर्व उन सभी 50-60 महानुभावों के नाम देकर आभार व्यक्त किया है। जानते हैं उस फिल्म का जनजीवन पर कितना प्रभाव पड़ा था, फिल्म देखने उपरांत, कॉलेज और यूनिवर्सिटी के पास बाग़ सुने, भारत के वेश्या बाज़ारों में उल्लू बोलने लगे थे। इतना ही नहीं, पति-पत्नी तक ने सेक्स के मामले में दूरी बना ली थी। फिल्म देखने युवा-युवती जोड़े हँसते हुए जाते थे, लेकिन मुंह लटकाते हुए बाहर निकलते थे। 
यह वह फिल्म थी जिसका दिल्ली के शीला सिनेमा में दोपहर का शो केवल महिलाओं के लिए होता था। महिला कॉलेजों में स्पेशल शो आयोजित किये जाते थे। परन्तु जब से फिल्मों में पश्चिमी सभ्यता का बोलबाला हावी हुआ, फिल्मों से भारतीय सभ्यता नदारत हो गयी।   
इतना ही नहीं, डेनियल ने बड़ी बेशर्मी से लड़कियों को भी नसीहत दे डाली है।
डेनिएल जैसे निर्माताओं ने औरत को मात्र एक भोग की वस्तु समझ अपनी नादानी ही बल्कि तुछ संस्कारों का परिचय दिया है। इन्ही जैसे लोगों ने औरत को बाजारू समझ रखा है। 60 के दशक में देव आनंद और साधना अभिनीत चर्चित फिल्म "हम दोनों" का एक गीत आज भी चर्चित है "औरत ने जन्म दिया मर्दों को, मर्दों ने उसे बाजार किया", लगता है वह गीत डेनियल जैसे ओछे फिल्मकारों पर सटीक बैठता है। इस फ़िल्मकार को शायद औरत की शक्ति का अहसास नहीं।   
पोस्‍ट में उसने लिखा है कि लड़कियां पुरुषों की sexual desires के लिए मना नहीं कर सकती हैं, ऐसे में 18 साल से उम्र की लड़कियां अपने साथ condoms and dental dams साथ लेकर चलें। डेनियल की बेहूदा सलाह है कि कोई रेप करना चाहे तो condoms and dental dams का इस्‍तेमाल करें, जब रेप करने वाले की sexual desires पूरी हो जाएगी तो वह मारेगा नहीं। 
अपनी इस गंदी मानसिकता से डेनियल सरकार को भी नसीहत देने लगे। उसने लिखा है- सरकार को रेप के बाद होने वाली हत्‍याएं रोकने के लिए कदम उठाना चाहिए। रेप के दौरान पुरुष की sexual desires पूरी नहीं होती है, इसलिए वह हत्‍या जैसी घटना को अंजाम देता है। बेहतर है सरकार को Rape Without Violence Scheme लानी चाहिए।  
अपने कुतर्कों को सही ठहराने के लिए उसने वीरप्‍पन का उदाहरण दिया कि उसे मारने के बाद अपरहण, हत्‍या और काले धंधे कहा रुके। निर्भया रेप कांड के बाद भी रेप की घटनाएं नहीं रुकीं। डेनियल ने बाद में यह पोस्‍ट हटा दिया, लेकिन तब तक सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ गुस्‍सा भर गया।
 
बॉलीवुड अदाकारा कुब्रा सैत ने लिखा कि कौन है ये डेनियल श्रवण, इसे तुरंत इलाज की जरूरत है। वहीं कई यूजर्स ने गुस्‍से में डेनियल को पागल करार दिया।

हैदराबाद गैंगरेप हत्‍या: फैमिली ने कहा- जब 100 नंबर डायल किया तो पुलिस बोली, आधार नंबर बताओ

हैदराबाद गैंगरेप हत्‍या: फैमिली ने कहा- जब 100 नंबर डायल किया तो पुलिस बोली, आधार नंबर बताओहैदराबाद में महिला डॉक्‍टर के साथ गैंगरेप और हत्‍या के मामले में पूरा देश गुस्‍से में है. सख्‍त सजा देने की मांग को लेकर लोग सड़कों पर उतर आए हैं. वहीं संसद में भी तत्‍काल सजा की मांग की गई है. इस बीच एक निजी टीवी चैनल से बातचीत में पीड़िता के परिजनों ने जो आपबीती बताई है वह कंपा देने वाली है.
पीड़िता का शव मिलने के बाद जब पीड़िता की बहन पुलिस के पास पहुंची तो पुलिस वालों ने कहा कि अगर तुम्‍हारी बहन ने 100 नंबर पर फोन किया होता, तो शायद वह बच जाती. पीड़िता की बहन ने बताया कि जब परिजनों के खोजने के बाद भी नहीं मिली तो परिवार वालों ने 100 नंबर पर पुलिस को फोन किया. कुछ समय बाद जब एक पुलिस कर्मी से बात हुई तो उन्‍होंने पहले आधार कार्ड का नंबर लिखा, फिर उनकी शिकायत लिखी.
पीड़िता के परिजनों का कहना है कि जब वे शिकायत लिखवाने के लिए पुलिस के पास पहुंचे तो पुलिस वालों ने यहां तक कह दिया था कि तुम्‍हारी बेटी किसी के साथ घूमने गई होगी. पीड़िता के पिता का कहना है कि उन्‍होंने पुलिसवालों को बेटी से बातचीत की रिकॉर्डिंग भी सुनाई. फिर भी वे नहीं माने. काफी देर तक टहलाने के बाद उन्‍होंने शिकायत दर्ज की.
पीड़िता का नाम जाहिर करने पर नोटिस
कुछ समाचार चैनलों और सोशल मीडिया साइटों द्वारा दुष्कर्म के बाद हत्या की शिकार हुई 25 वर्षीय पशु चिकित्सक का नाम उजागर करने पर उन्हें नोटिस जारी कर इसे रोकने का निर्देश दिया है. इन चैनलों और साइटों पर आरोपियों की तस्वीर भी प्रकाशित व प्रसारित की गई.
मामले की जांच कर रही साइबराबाद पुलिस ने यह भी कहा कि कुछ प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ने समाचार चैनलों, अखबारों और सोशल मीडिया पर जांच से जुड़े दस्तावेजों का प्रकाशन और प्रसारण किया जिससे जांच बाधित हुई. इसलिए उन्हें दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 149 के तहत नोटिस जारी कर ऐसी सामग्री का प्रकाशन व प्रसारण रोकने को कहा गया है.
कुछ टीवी चैनलों को भी नोटिस
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को बताया, 'कुछ टीवी चैनल और सोशल मीडिया उपयोगकर्ता लगातार पीड़ित, आरोपियों और जांच से जुड़े दस्तावेजों का प्रकाशन, प्रसारण कर रहे हैं. हम ऐसे टीवी चैनलों से बात कर रहे हैं और उन्हें नोटिस जारी कर इनका प्रसारण रोकने को कहा है. इसके साथ ही सोशल मीडिया कंपनियों से भी बात कर रहे हैं कि ऐसी सामग्री को अपने मंच से हटाएं.'
हैदराबाद के एक सरकारी अस्पताल में सहायक पशु चिकित्सक के तौर पर काम करने वाली युवती का जला हुआ शव 28 नवंबर की सुबह शादनगर में एक पुलिया के नीचे से बरामद किया गया था. घटना से एक दिन पहले ही वह लापता हुई थी. इस संबंध में चार आरोपियों को 29 नवंबर को गिरफ्तार किया गया.
बाद में साइबराबाद पुलिस ने मीडिया से अनुरोध किया था कि वह इस जघन्य दुष्कर्म और हत्याकांड पर लगातार प्रसारण न करे और पीड़िता का नाम लेने से बचे. उसने सोशल मीडिया पर 'जस्टिस फॉर दिशा' हैशटैग का सुझाव भी दिया था.(भाषा इनपुट के साथ)

हैदराबाद गैंगरेप कांड की संसद में गूंज : दोषियों को दें सरेआम सजा-- जया बच्चन

हैदराबाद गैंगरेप कांड की संसद में गूंज, जया बच्चन ने कहा- दोषियों को दें सरेआम सजा
भारत की राजधानी दिल्ली में जब निर्भय कांड हुआ था, घोटालों में लिप्त तत्कालीन कांग्रेस समर्थित एनजीओस सड़क पर उतर आये थे, राष्ट्रपति भवन तक पहुँच दरवाजों को झकझोड़ रहे थे, तब भी सरकार ने सख्त कानून का आश्वासन दिया था। जबकि हमारे वर्तमान कानून ही इतने कठोर हैं, दुर्भाग्य से उनका उचित तरीके से पालन नहीं किया जाता। 
कभी नेता तो कभी मानवाधिकार अपनी रोटियां सेकने अड़े आ जाते है। लेकिन किसी नेता या कोर्ट ने इन लोगों से पीड़ित और उसके घर वालों के बारे में सोंचने के लिए नहीं बोला, क्यों? विपरीत इसके पीड़ित को ही बदचलन आदि कहकर बदनाम किया जाता रहा है। इसी कारण देश में बलात्कार जैसी अमानवीय घटनाएं धमने का नाम नहीं ले रही। बलात्कारी समस्याओं का एक माह में फैसला आना चाहिए। दूसरे, बलात्कारी को सपरिश्रम उसकी मृत्यु तक जेल में रखा जाना चाहिए।  
हैदराबाद (Hyderabad Gangrape murder case) में वेटनरी डॉक्टर के साथ गैंगरेप और मार कर जलाने का मामला संसद में भी गूंजा. शीतकालीन सत्र के सोमवार(दिसंबर 2) को लोकसभा में यह मुद्दा संसद में उठाया गया। साथ ही राज्यसभा में भी मामला गूंजा. लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि 'देश में जो घटनाएं घट रही हैं, उस पर संसद भी चिंतित हैं। मैंने प्रश्न काल के बाद इस पर चर्चा की अनुमति दी है।' 
साइबराबाद रेप और मर्डर पर राजनाथ सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार कठोर से कठोरतम कानून बनाने के लिए तैयार है। इस घटना से हर कोई आहत है। इससे बड़ा अपराध नहीं हो सकता है। कड़े कदम उठाने के लिए जो भी कुछ करना होगा सरकार पीछे नहीं हटेगी। हालांकि केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने तेलंगाना सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि मामले को फास्ट ट्रैक सौंपने में सरकार को तीन दिन लग गए।
वहीं राज्यसभा में सांसद जया बच्चन ने दुष्कर्म के दोषियों को सार्वजनिक सजा देने की बात कही
समाजवादी पार्टी की राज्य सभा सांसद जया बच्चन ने कहा कि 'मुझे लगता है कि यह समय है जब लोग चाहते हैं कि सरकार उचित और निश्चित जवाब दे।' उन्होंने कहा कि 'इस प्रकार के लोगों (बलात्कार के अभियुक्तों) को सार्वजनिक तौर पर सज़ा देने की जरूरत है।'
इससे पहले राज्यसभा में सभापति वेंकैया नायडू ने कहा कि 'हैदराबाद में जो हुआ वह हमारे समाज और मूल्य प्रणाली के लिए अपमानजनक है। हमें देखना चाहिए कि ऐसी चीजें क्यों हो रही हैं और हमें उपायों की तलाश करनी चाहिए। मैं चाहता हूं कि सभी सुझाव दें।' उन्होंने कहा कि 'बलात्कारियों को कोई दया नहीं दी जानी चाहिए। कोई नया बिल नहीं चाहिए, बल्कि इच्छाशक्ति की आवश्यकता है।'
सदन में कांग्रेस समेत कई दलों ने यह मुद्दा उठाया. कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि 'कोई भी सरकार या नेता नहीं चाहेगा कि ऐसी घटना उनके राज्य में घटित हो। यह समस्या सिर्फ कानून बनाने से हल नहीं हो सकती है। ऐसे कृत्यों को मिटाने के लिए, ऐसे अपराधों के खिलाफ एक साथ खड़े होने की जरूरत है।'


देश बच्चों और महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं- AIADMK सांसद
AIADMK की राज्य सभा सांसद विजिला सत्यनाथ (Vijila Sathyananth) ने कहा कि 'देश बच्चों और महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं है। इस अपराध को अंजाम देने वाले 4 लोगों को 31 दिसंबर से पहले मौत की सजा दी जानी चाहिए। फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना की जानी चाहिए। न्याय में देरी न्याय ना देना होता है।'

कांग्रेस की ही राज्य सभा सांसद अमी याजनिक ने कहा कि 'मैं ज्यूडिशरी,विधायिका, कार्यपालिका और अन्य सभी सिस्टम्स से अपील करती हूं कि वह सामाजिक परिवर्तन के लिए आगे आएं। यह तत्काल प्रभाव से होना चाहिए।'
राज्यसभा में आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि जिस तरह से बलात्कार के मामले सामने आ रहे हैं वो न केवल हम सबको शर्मसार करते हैं बल्कि कुछ सोचने को मजबूर भी करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को ज्यादा से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे और पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था करनी चाहिए। इस तरह की मानसिकता वालों के खिलाफ भी सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि दूषित मानसिकता वाले लोगों के दिल में कानून का खौफ हो।
संसद के दोनों सदनों में इस विषय पर चर्चा के बीच बेंगलुरु के पुलिस कमिश्नर भाष्कर राव का कहना है कि बेंगलुरु आने वाली महिलाओं को डरने की जरूरत नहीं है। उन्हें 100 फीसद सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी। अगर कोई महिला पुलिस को कॉल करती है तो सात सेकेंड के अंदर उसे जवाब मिलेगा। 
इतने दिन हो गए कोई #not in my name, #award vapsi, #mob lynching और #intolerance आदि बिकाऊ गैंग नहीं बोला।