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ड्रेसिंग रूम में मोदी ने ऐसा क्या कह दिया कि मुस्कुराने लगे रोहित शर्मा और विराट कोहली: प्रधानमंत्री ने दिया न्योता, वीडियो

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खिलाड़ियों से ड्रेसिंग रूम में जाकर मिले और उनका हौसला बढ़ाया। पीएम मोदी द्वारा खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने का वीडियो अब सामने आया है, जिसमें वो खिलाड़ियों की हौसला-अफजाई करते हुए कहते हैं कि पूरा देश आपके साथ खड़ा है। उन्होंने भारतीय टीम के खिलाड़ियों से एक-एक कर मुलाकात की और सभी का हौसला बढ़ाया। इस दौरान भारतीय क्रिकेट टीम के कोच राहुल द्रविड से भी वो गले मिले और उनसे हौसला बनाए रखने को कहा।

मोदी का टीम इंडिया के खिलाड़ियों से ड्रेसिंग रूम में मुलाकात का वीडियो सामने आया है। इसमें देखा जा सकता है कि पीएम मोदी टीम के सभी खिलाड़ियों से मुलाकात कर रहे हैं। वह सबसे पहले कप्तान रोहित शर्मा और विराट कोहली से मिलते हैं। वो रोहित शर्मा ने बोलते हैं, “आप लोग 10 मैच जीतकर यहाँ तक आए हैं। ये तो होता रहता है। मुस्कुराइए भाई, देश आप लोगों को देख रहा है।” वीडियों में पीएम मोदी रोहित और विराट के कंधे को थपथपाते हुए भी दिख रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी खिलाड़ियों को दिल्ली आने का भी न्यौता दिया है और उनसे संपर्क करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि मैं यहाँ बस हौसला बढ़ाने आ गया था, आप लोग दिल्ली आइए, तो जरूर मिलिए। आपसे मुलाकात के लिए समय निकालेंगे।

पीएम मोदी टीम इंडिया के कोच राहुल द्रविड़ से कहते हैं, “आप लोगों ने बहुत मेहनत की है।” इस दौरान पीएम मोदी ने रविंद्र जडेजा से गुजराती में बातचीत की, तो जसप्रीत बुमराह से भी पूछा कि क्या वो गुजराती में बात करते हैं, इसके जवाब में बुमराह कहते हैं “थोड़ो-थोड़ो (थोड़ा-थोड़ा)।” फिर वो श्रेयस अय्यर, सूर्य कुमार यादव, कुलदीप यादव से भी मिलते हैं।

पीएम मोदी ने मोहम्मद शमी को गले से लगा लिया और कहा कि आपने इस बार बहुत अच्छा किया है। वहीं, KL राहुल का नाम लेकर उनका हौसला भी पीएम मोदी बढ़ाते दिखे। समाचार एजेंसी ANI ने पीएमओ के हवाले से ये वीडियो जारी किया है और लिखा है, “19 नवंबर को गुजरात के अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में आईसीसी विश्व कप फाइनल के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टीम इंडिया से उनके ड्रेसिंग रूम में मुलाकात की। पीएम ने खिलाड़ियों से बात की और पूरे टूर्नामेंट में उनके प्रदर्शन के लिए उनका हौसला बढ़ाया।”

भारतीय क्रिकेट टीम विश्व कप के फाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया से 6 विकेट से हार गई। पिछले 10 सालों में भारतीय टीम एक भी आईसीसी ट्रॉफी नहीं जीत पाया है। इस हार के बाद सभी खिलाड़ियों के चेहरे मायूसी से भरे नजर आए थे। खुद पीएम मोदी इस मौके पर स्टेडियम में मौजूद थे और उन्होंने विजेता कप्तान पैट कंमिस को ट्रॉफी भी सौंपी और इसके बाद रात में भारतीय ड्रेसिंग रूप में जाकर उन्होंने फाइनल मुकाबला हारने वाले खिलाड़ियों से मुलाकात की।


तमिलनाडु : सब-इंस्पेक्टर ने कूड़ेदान में फेंका तिरंगा झंडा, फैंस को अंदर नहीं ले जाने दिया गया राष्ट्रध्वज: वायरल वीडियो के आधार पर आरोप, पाकिस्तान का था मैच

वायरल वीडियो में पुलिसकर्मी तिरंगे को कूड़ेदान से निकालते हुए दिखता है (चित्र साभार: @annamalai_k/X)
तमिलनाडु के चेन्नई से एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर द्वारा तिरंगे झंडे को कूड़ेदान में फेंकने और उसका अनादर करने का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद अब सब-इंस्पेक्टर को ट्रांसफर कर दिया गया है।

सबसे पहले तमिल न्यूज ’24×7′ नाम के एक्स (पहले ट्विटर) हैंडल ने एक वीडियो डाला जिसमें एक पुलिस वाला दो तिरंगों को एक कूड़ेदान से निकाल कर अपनी गाड़ी में डाल कर जाता हुआ दिखता है। हालाँकि, इस अकाउंट ने कुछ देर के बाद यह वीडियो हटा दी।

सोशल मीडिया पर मौजूद लोगों ने यह वीडियो डाउनलोड कर ली थी और उन्होंने इस मामले को उठाना चालू किया। मामले में सामने आया कि 23 अक्टूबर को चेन्नई के चेपक स्टेडियम में आयोजित अफगानिस्तान बनाम पाकिस्तान मैच के दौरान ड्यूटी पर लगे इस पुलिसकर्मी ने भारतीय तिरंगा अंदर ले जाने से मना किया था।

उसने तिरंगा कूड़ेदान में भी फेंका लेकिन आसपास मौजूद लोगों के विरोध के पश्चात उन्हें उठा कर लाया और अपनी गाड़ी में रख लिया। कई फैन्स ने यह भी आरोप लगाए कि उन्हें इस मैच के दौरान तिरंगा स्टेडियम के अंदर नहीं ले जाने दिया गया।

पुलिसकर्मी द्वारा तिरंगे के अपमान के इस मामले ने सोशल मीडिया पर जोर पकड़ लिया। तमिलनाडु भाजपा के प्रदेश मंत्री एसजी सूर्या ने इस मामले पर ट्वीट किया और कहा कि एक तो पुलिसकर्मी ने तिरंगा ले जाने नहीं दिया और फिर उसे कूड़ेदान में फेंक दिया। उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से इस मामले पर कार्रवाई करने को कहा।

तमिलनाडु भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के अन्नामलाई ने भी इस मामले पर ट्वीट किया। उन्होंने कहा कि पहले उदय स्टालिन को मैच के दौरान ‘जय श्री राम’ के नारों से दिक्कत थी और अब ‘तमिलनाडु क्रिकेट असोसिएशन’ ने एक कदम आगे बढ़ कर तिरंगे का अपमान किया। अन्नामलाई ने इस पर कार्रवाई ना होने पर कड़े विरोध प्रदर्शन की चेतावनी भी दी।

क्रिकेट फैन्स और भाजपा नेताओं के इन आरोपों पर डीएमके समर्थक सफाई पेश करने लगे। ट्विटर पर मौजूद एक पेज ‘द्रविड़ियन इनसाइट्स’ ने दावा किया कि BCCI ने स्टेडियम के अंदर डंडे में लगा हुआ तिरंगा ले जाने पर प्रतिबन्ध लगा रखा है। इसी पेज ने भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष विनोद नेता का फोटो डाला जिसमें वह स्टेडियम के अन्दर झंडा पकड़े हुए खड़े हैं।

हालाँकि, लोगों ने स्पष्ट किया कि भाजपा नेता वहाँ पुलिसकर्मी वाले कांड के बाद पहुँचे थे। इस मामले में पुलिसकर्मी की पहचान कर उस पर कार्रवाई भी की गई है। भाजपा नेता एसजी सूर्या ने बताया कि पुलिसकर्मी की पहचान सब-इंस्पेक्टर नागार्जुन के रूप में हुई है। उन्होंने तिरंगे का अपमान करने वाले का मात्र ट्रांसफर करने और कोई कड़ी कार्रवाई न करने पर मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पर प्रश्न भी उठाए।

मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि पुलिसकर्मी को कंट्रोल रूम में ट्रांसफर कर दिया गया है। तमिलनाडु पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि स्टेडियम के अन्दर तिरंगा ले जाने पर कोई रोकटोक नहीं थी। फैन्स को अफगानिस्तान, पाकिस्तान और भारत का झंडा ले जाने की अनुमति दी गई थी।


हार के बाद भारतीय दर्शकों पर खुन्नस निकाल रहे पाकिस्तान को इरफान पठान ने लताड़ा, बताया- पेशावर में उनकी आँख पर मारी थी कील

                  पेशावर में पाकिस्तानी फैंस ने इरफान पठान को मारी थी कील (फोटो साभार: इंडिया टुडे)
भारत और पाकिस्तान के बीच कोई भी मैच हो, विवाद में ही रहा है, आखिर तुष्टिकरण और छद्दम सेकुलरिज्म के नाम पर कब तक छलावा होता रहेगा? भारत सरकार द्वारा वर्ल्ड कप में पाकिस्तान टीम के भारत आने का विरोध क्यों नहीं किया गया? क्या सिर्फ आतंकवाद के नाम पर ही पाकिस्तान का विरोध किया जाता रहेगा? 

क्रिकेट विश्व कप 2023 के दौरान फैंस के व्यवहार को लेकर पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) से शिकायत की है। पूर्व भारतीय क्रिकेटर इरफान पठान ने इस पर सवाल उठाते हुए एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने बताया है कि पाकिस्तान में खेलते हुए उन पर कील फेंकी गई थी। कील उनकी आँख के नीचे लगी थी।

पठान ने यह खुलासा 19 अक्टूबर 2023 को पुणे में खेले गए भारत-बांग्लादेश मैच मे कॉमेंट्री के दौरान की। उन्होंने कहा, “हम पेशावर में खेल रहे थे, तभी एक फैन ने मुझ पर कील फेंकी, जो मेरी आँख के नीचे लगी। मैं गंभीर रूप से घायल हो सकता था। मैच 10 मिनट के लिए रुका हुआ था, लेकिन हमने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया, क्योंकि हम अच्छा क्रिकेट खेल रहे थे।”

इरफान पठान जब पेशावर में हुई इस घटना का जिक्र कर रहे थे तब बांग्लादेश की टीम बैटिंग कर रही थी। मैच का 31वां ओवर शार्दूल ठाकुर फेंक रहे थे। इस दौरान पठान ने यह भी कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को भारतीय दर्शकों की शिकायत करने से पहले अपने गिरेबान में भी झाँकना चाहिए।

14 अक्टूबर को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत से करारी शिकस्त मिलने के बाद पाकिस्तान ने आईसीसी से शिकायत की थी। इसमें कहा था कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों के पवेलियन लौटते वक्त कुछ फैंस ने धार्मिक नारे लगाए। यह खिलाड़ियों की भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाले थे।

पठान के इस खुलासे के बाद भारत के पूर्व बल्लेबाज आकाश चोपड़ा ने एक्स/ट्विटर पर पोस्ट कर कर कहा है, “मुझे पता नहीं था कि फैंस ने पेशावर में इरफान पर कील फेंकी थी, जो उनकी आँख के नीचे लगी थी। याद है कि मैच फैंस की वजह से कुछ देर के लिए रुका था। लेकिन मुझे आज सही कारण का पता चला। बड़ी तस्वीर को ध्यान में रख हुए इस बात को नजरअंदाज कर बहुत अच्छा किया इरफान पठान। लव यू ब्रो।”

इरफान पठान ने एक्स पर किए एक पोस्ट में कुछ समाचार पत्रों की स्क्रीनशॉट भी साझा की है। इनसे भारतीय खिलाड़ियों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं के बारे में पता चलता है। उन्होंने लिखा है, “मैं अब भी कह रहा हूँ कि ऐसा होता है। कई अच्छे प्रशंसक भी थे जो बालाजी जरा धीरे चलो का शोर मचा रहे थे। लेकिन इस तरह की घटना भी घटी। इस पर हल्ला मचाने की जगह हम आगे बढ़े और जीतने पर ध्यान केंद्रित किया।”

अवलोकन करें:-

सेक्युलर रोग वाले पाकिस्तान प्रेमियो… क्रिकेट छोड़ खिलाड़ियों संग लौट गए थे सचिन, श्रीकांत पर

World Cup 2019: इस वजह से एडम जम्‍पा पर लगे बॉल टैम्‍परिंग के आरोप

World Cup 2019: वर्ल्ड कप 2019 (World Cup 2019) में ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम (Australia Cricket team) अपना तीसरा मुकाबला भारतीय क्रिकेट टीम (India Cricket team) से हार गई. मैच के बाद कुछ क्रिकेटप्रेमियों ने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज एडम जम्‍पा (Adam Zampa) पर बॉल टैम्‍परिंग (गेंद से छेड़छाड़) का आरोप लगाया. हालांकि ऑस्ट्रेलिया के कप्तान एरॉन फिंच (Aaron Finch) ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. मैच के दौरान जम्पा को गेंदबाजी के वक्त बार-बार अपना हाथ जेब में ले जाते देखा गया. इससे यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि जम्‍पा अपनी जेब में से कुछ निकालकर गेंद पर लगा रहे थे और फिर गेंदबाजी कर रहे थे.
भारत ने इस मैच में ऑस्ट्रेलिया (AUS vs IND) को 36 रनों से हरा दिया. इस मैच में जम्‍पा (Adam Zampa) को एक भी विकेट नहीं मिला और उन्होंने 6 ओवर गेंदबाजी करते हुए 50 रन खर्च किए. गेंदबाजी के दौरान जेब में हाथ लिए जम्‍पा की तस्वीरें वायरल हो रही हैं और इससे यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि वह बॉल टैम्‍परिंग में शामिल थे.इस मामले में जम्‍पा की स्थिति साफ करते हुए कप्तान ने कहा कि ऐसा कुछ भी नहीं है और जम्‍पा की जेब में हाथ ले जाने की पुरानी आदत है.
World Cup 2019: Aaron Finch rejects speculation of ball tempering by Adam Zampa
World Cup 2019: भारत ऑस्ट्रेलिया मैच के दौरान
जेब में बार-बार हाथ डालते गेंदबाज एडम जंपा
हालांकि भारतीय प्रशंसकों ने ट्वविटर पर एडम जम्‍पा के बार-बार जेब में हाथ डालने, जेब से कुछ निकालने और उसे बॉल पर लगाने की तस्वीरों को लेकर ट्वीट किए हैं. भारतीय प्रशंसकों द्वारा किए गए ट्वीट में कुछ यहां है...


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Hey @ICC instead of just troubling players on putting the logo on keeper gloves, can you clarify what is this ? Are the aussies back to Old Trick ? ??
See Kishan Kumar Prajapati's other Tweets


Fresh ball-tampering claims as footage shows Adam Zampa with a 'fishy' object in his hands http://WWW.BLACKMAN.COM.AU 
फिंच (Aaron Finch) ने मैच के बाद कहा, 'मैंने वे तस्वीरें नहीं देखीं, लेकिन मैं इतना जरूर जानता हूं कि उन्होंने अपनी जेब में वार्मर (गर्माहट देने वाली वस्तु) रख रखी थी. वह हर मैच में वार्मर अपने साथ रखते हैं.' ऑस्ट्रेलिया टीम पर न्यूलैंड्स टेस्ट के दौरान हुई बहुचर्चित सैंडपेपर घटना की साया अभी भी बना हुआ है. उस मैच में तीन खिलाड़ी डेविड वॉर्नर (David Warner), स्टीव स्मिथ (Steve Smith) और कैमरन बैनक्राफ्ट (Cameron Bancroft) बॉल टैम्‍परिंग के दोषी पाए गए थे. वॉर्नर और स्मिथ पर एक साल का प्रतिबंध लगा था और बैनक्राफ्ट पर नौ महीने का प्रतिबंध लगाया गया था. (इनपुटः IANS)
(साभार:https://sports.ndtv.com/hindi/world-cup-2019/world-cup-2019-aaron-finch-rejects-speculation-of-ball-tempering-by-adam-zampa-2050808)

धोनी 'बलिदान बैज' मामलाः धोनी की पहचान देश की पहचान है, सेना की पहचान है और यह राजनीति नहीं है। : किरन रिजिजू,खेल मंत्री

MS Dhoni Kiran Rijiju
नवनियुक्त खेल मंत्री किरन रिजिजू ने शुक्रवार(जून 7) को कहा कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को महेंद्र सिंह धोनी के दस्तानों पर बने सेना के चिन्ह पर उठे विवाद पर पूर्व कप्तान के साथ खड़े रहना चाहिए। रिजिजू ने यहां संवाददाताओं से कहा, 'मुझे उम्मीद है कि बीसीसीआई इस मुद्दे को आईसीसी के पास ले जाएगी और मुद्दा सुलझा लिया जाएगा। धोनी की पहचान देश की पहचान है, सेना की पहचान है और यह राजनीति नहीं है। बीसीसीआई को धोनी के साथ खड़ा रहना चाहिए।'
रिजिजू ने साथ ही कहा कि सरकार खेल संघों के मामलों में दखल नहीं देगी। उन्होंने कहा, "मैं एक बात साफ कह देना चाहता हूं कि सरकार खेल संघों के मामले दखल नहीं देगी। बीसीसीआई या कोई और संघ, वो स्वतंत्र हैं और अपना काम स्वतंत्र रूप से कर रही हैं।" रिजिजू ने कहा कि आईसीसी से इस मुद्दे पर बात करते वक्त बीसीसीआई को भारतीय नागरिकों का ध्यान भी रखना चाहिए। 
रिजिजू ने कहा, "विश्व कप के दौरान जो मुद्दा उठा वह भारत के सम्मान की बात है। मुझे लगता है कि बीसीसीआई को अपने स्तर पर इस मुद्दे को आईसीसी के पास ले जाना चाहिए और भारतीय नागरिकों की भावना को ध्यान में रखना चाहिए।" उन्होंने कहा, "मैं चाहता हूं कि बीसीसीआई इस मुद्दे को सलीके से आईसीसी के समक्ष ले जाए और अगर जरूरी हो तो सरकार को खबर करे।" प्रशासकों की समिति (सीओए) ने आईसीसी से अपील की है कि वह धोनी को अपने दस्तानों पर सेना के चिन्ह का उपयोग करने दें।
MS Dhoni
ICC ने ख़ारिज की BCCI की माँग 
महेंद्र सिंह धोनी विकेटकीपिंग के दस्तानों पर कृपाण वाले चिन्ह ने भारतीय क्रिकेट प्रशासकों को आईसीसी के खिलाफ लाकर खड़ा कर दिया क्योंकि बीसीसीआई ने विश्व संस्था के इसे हटाने के अनुरोध को मानने के बजाय इस स्टार खिलाड़ी द्वारा इसे लगाये रखने की अनुमति मांगी है। प्रशासकों की समिति प्रमुख विनोद राय ने कहा कि धोनी इसे लगाना जारी रख सकते हैं क्योंकि यह सेना से जुड़ा नहीं है। हालांकि विश्व संस्था ने बीसीसीआई की मांग को खारिज कर दिया है क्योंकि नियमों के अनुसार विकेटकीपर के दस्ताने पर केवल एक ही प्रायोजक का ‘लोगो’ लगाने की अनुमति दी जाती है। धोनी के मामले में वह पहले ही अपने दस्तानों पर एसजी का लोगो पहनते हैं। उन्हें इस चिन्ह को लगाये रखना ‘उपकरण प्रयोजन उल्लघंन’ होगा।
भारत के दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शुरुआती मैच के दौरान धोनी के दस्तानों पर कृपाण वाला चिन्ह बना हुआ था जो कि सेना के प्रतीक चिन्ह जैसा लग रहा था। राय ने पीटीआई से कहा, ‘बीसीसीआई पहले ही मंजूरी के लिये आईसीसी को औपचारिक अनुरोध कर चुका है। आईसीसी के नियमों के अनुसार खिलाड़ी कोई व्यावसायिक, धार्मिक या सेना का लोगो नहीं लगा सकता है। हम सभी जानते हैं कि इस मामले में व्यावसायिक या धार्मिक जैसा कोई मामला नहीं है।’
MS Dhoniउन्होंने कहा, ‘‘और यह अर्द्धसैनिक बलों का चिन्ह भी नहीं है और इसलिए धोनी ने आईसीसी के नियमों का उल्लंघन नहीं किया है।’ उनका यह बयान आईसीसी के बीसीसीआई से किये उस अनुरोध के बाद आया है जिसमें विश्व में क्रिकेट की सर्वोच्च संस्था से धोनी को दस्ताने से चिन्ह हटाने के लिये कहने को कहा था। इस संदर्भ में उसने नियमों का हवाला दिया जो खिलाड़ियों को ‘‘राजनीतिक, धार्मिक या जातीय गतिविधियों या किसी उद्देश्य के लिये संदेश का प्रदर्शन करने से रोकते हैं। ’’
बीसीसीआई के आग्रह के बाद आईसीसी क्रिकेट संचालन टीम इस मसले पर विश्व कप प्रतियोगिता तकनीकी समिति के साथ इस पर चर्चा करेगी। इन दोनों के प्रमुख ज्योफ अलारडाइस हैं। 

बीसीसीआई को यह साबित करना होगा कि धोनी के दस्ताने पर बना कृपाण का चिन्ह सेना का प्रतीक नहीं है और अगर प्रतियोगिता तकनीकी समिति उससे सहमत हो जाती है तो धोनी को आगे भी उसे लगाने की अनुमति मिल जाएगी। धोनी प्रादेशिक सेना की पैराशूट रेजिमेंट के मानद लेफ्टिनेंट हैं और यह चिन्ह उनके प्रतीक चिन्ह का हिस्सा है।
राय ने आस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच में भारतीय टीम द्वारा सीआरपीएफ जवानों को श्रृद्धांजलि देने के लिये सेना की टोपी पहनने का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘अगर उन्हें (आईसीसी) लगता है कि तो हम इसकी अनुमति ले लेंगे जैसा हमने पहले किया था। अगर आपको याद हो हमने सेना की कैप वाले मामले में ऐसा किया था। और अगर आईसीसी के कुछ नियम हैं तो हम उनका पालन करेंगे।’ उन्होंने कहा, ‘सीओए ने धोनी से बात नहीं की है।’
राय की साथी सदस्य डायना इडुल्जी ने भी धोनी का समर्थन किया। उन्होंने कहा, ‘यह कोई मुद्दा है ही नहीं। हमने टीम से बात नहीं की है लेकिन हम धोनी का समर्थन करेंगे, बल्कि हम किसी भी भारतीय खिलाड़ी का समर्थन करेंगे।’ उन्होंने साथ ही कहा, ‘धोनी विवाद पैदा करने वाले व्यक्ति नहीं है, मुझे कोई मुद्दा नहीं दिखता। उन्होंने पहले भी विशेष कैप पहनने की अनुमति दी थी। उम्मीद करते हैं कि मैच से पहले यह सब निपट जायेगा।’ 
सीओए प्रमुख ने इस संदर्भ में कहा कि अर्द्धसैनिक बल के कृपाण वाले चिन्ह में ‘बलिदान’ शब्द लिखा है जबकि धोनी ने जो लोगो लगा रखा उस पर यह शब्द नहीं लिखा है। लेकिन अगर आईसीसी ने कड़ा रवैया अपनाया तो यह तर्क भी नहीं चल पाएगा। सीओए ने यह प्रतिक्रिया आईसीसी की आपत्ति को लेकर सोशल मीडिया पर आलोचना के बाद दी है। 

अपने ही खोदे गड्ढे में गिरा पाकिस्तान, कंगाली की हालत में PCB ने BCCI को दिए 16 लाख डॉलर

अपने ही खोदे गड्ढे में गिरा पाकिस्तान, कंगाली की हालत में PCB ने BCCI को दिए इतने करोड़...पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने पिछले वर्ष बीसीसीआई खिलाफ आईसीसी की विवाद समाधान समिति के समक्ष लगभग 7 करोड़ अमेरिकी डॉलर के मुआवजे का दावा करते हुए मामला दर्ज किया था जिसमें उसे हार का सामना करना पड़ा. PCB के अध्यक्ष एहसान मनी ने सोमबार को दावा किया कि पीसीबी ने विवाद समाधान समिति में मुकदमा हारने के बाद बीसीसीआई को मुआवजे के रूप 16 लाख डॉलर की राशि दी है. पाकिस्तान की मालिकाना हालत को देखते हुए लगभग 11 करोड़ एक बड़ा आर्थिक दंड है. मनी ने साथ ही यह भी बताया कि इस मामले में क्रिकेट बोर्ड ने लगभग 22 लाख डॉलर खर्च किए थे वो भी उसे गवाने पड़े.
पिछले वर्ष PCB ने बीसीसीआई पर दोनों बोर्डों पर के बीच समझौता ज्ञापन का सम्मान नहीं करने का मामला दर्ज किया था. इस समझौता ज्ञापन के मुताबिक भारत को 2015 से लेकर 2023 तक पाकिस्तान के खिलाफ छह द्विपक्षीय श्रंखला खेलना था जिसे भारत ने नहीं माना. इस मामले के खिलाफ भारत ने आईसीसी के सामने यह दलील रखी थी कि हम इस समझौते का पालन इसलिए नहीं कर पाए क्योंकि सरकार ने इसकी अनुमति नहीं दी. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने इस मामले में यह दावा किया था कि यह समझौता कानूनी रूप से बाध्यकारी है जिसका पालन भारत को करना ही पड़ेगा. भारत ने PCB के इस दावे को भी खारिज कर दिया.
पीसीबी अध्यक्ष एहसान मनी ने बताया कि भारत को भुगतान में दी गई राशि के अलावा उन्हें अन्य खर्च कानूनी फीस और यात्रा से संबंधित राशि भी दी है. BCCI ने कहा कि PCB ने जो इस समझौते को कानूनी रूप से बाध्यकारी बताया था वह महज एक प्रस्ताव था. आप को बता दें वर्तमान में पाकिस्तान की आर्थिक हालत बहुत ही खराब है और दंड के रूप में भारत को लगभग 11 करोड़ रुपये का भुगतान उसके ऊपर दोहरी मार है.(एजेंसीज इनपुट्स)