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हापुड़ में सपा नेता अब्दुल रेहान के घर पुलिस का छापा, 55 भरे गैस सिलेंडर बरामद: 2000 रुपए में कालाबाजारी का आरोप

                                  सपा नेता अब्दुल रेहान के घर मिले 55 गैस सिलेंडर (फोटो साभार : NBT)
उत्तर प्रदेश में गैस सिलेंडरों की किल्लत के बीच कालाबाजारी करने वालों पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। हापुड़ के गाँव असौड़ा में समाजवादी पार्टी के नेता अब्दुल रेहान के घर पर पुलिस और जिला पूर्ति विभाग ने छापेमारी की। इस कार्रवाई में रेहान के घर से 55 भरे हुए और कई खाली गैस सिलेंडर बरामद हुए हैं। छापेमारी की भनक लगते ही आरोपित नेता मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी है।

सरकार और पुलिस को सिलेंडर सप्लाई करने वाली एजेंसी पर सख्त कार्यवाही कर उसका लाइसेंस तुरंत कैंसिल कर उसके बैंक अकाउंट और दुकान को भी सील कर देना चाहिए। 

महँगे दामों पर बेच रहे थे सिलेंडर

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि अब्दुल रेहान मजबूरी का फायदा उठाकर जरूरतमंदों को एक सिलेंडर 2000 रुपए तक में बेच रहा था। पुलिस को सूचना मिली थी कि पंचायती घर के पास रहने वाला रेहान अपने घर में अवैध रूप से सिलेंडरों का बड़ा स्टॉक जमा किए हुए है। सूचना मिलते ही टीम ने दबिश दी और सभी सिलेंडरों को जब्त कर लिया।

प्रदेश में सिलेंडरों की कमी के बीच इस तरह की कालाबाजारी को योगी सरकार को बदनाम करने की साजिश के तौर पर भी देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि अवैध भंडारण के खिलाफ यह अभियान जारी रहेगा। साथ ही जनता से अपील की गई है कि यदि कहीं भी ऐसी कालाबाजारी दिखे, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।

सीजेआई की गणेश पूजा में पीएम मोदी के जाने से इफ्तार पार्टी गैंग को लगी मिर्ची


देश-दुनिया में आजकल गणेश उत्सव मनाया जा रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कल 11 सितंबर को देश के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के घर जाकर पूजा-अर्चना और आरती की। प्रधानमंत्री ने एक्स पर एक फोटो शेयर करते हुए लिखा कि भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ जी के आवास पर गणेश पूजा में शामिल हुआ। भगवान श्री गणेश हम सभी को सुख, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य का आशीर्वाद दें।

प्रधानमंत्री मोदी ने सीजेआई चंद्रचूड़ के यहां जाकर देश की खुशहाली के लिए प्रार्थना की, लेकिन देश के कथित लिबरल-सेकुरल गैंग को इससे मिर्ची लग गई। इस कथित इफ्तार पार्टी गैंग ने सोशल मीडिया पर छाती पीटना शुरू कर दिया। उन्हें पीएम मोदी के सीजेआई के घर जाने मात्र से लोकतंत्र खतरे में नजर आने लगा। इन लेफ्ट और खान मार्केट गैंग के लोगों ने इस पूजा-अर्चना और आरती पर ही सवाल उठा दिए। सोशल मीडिया पर इस गैंग के लोग विधवा विलाप करने लगे।

जबकि इन लोगों के जमाने में सीजेआई से से लेकर पीएम तक इफ्तार पार्टी में खुलकर मिलते थे। सोशल मीडिया पर वामपंथी गैंग जहां उल्टी करने में लगे हैं वहीं नेशन फर्स्ट वाले लोग उनका खाता-खेसरा निकाल कर उन्हें लताड़ लगा रहे हैं। देखिए किस तरह से खान मार्केट गैंग के लोगों की किरकिरी हो रही है…

 

दिल्ली : शराब के बाद अब पानी पर घिरी AAP: 10 ठिकानों पर ED की दबिश

अरविंद केजरीवाल और सांसद एनडी गुप्ता (तस्वीर साभार: द हिंदू और हिंदुस्तान)
जल बोर्ड टेंडर केस में आम आदमी पार्टी के सांसद एनडी गुप्ता के घर आज (6 फरवरी 2024) प्रवर्तन निदेशालय छापेमारी कर रही है। ये रेड दिल्ली के 10 ठिकानों पर मारी गई है। इसमें मुख्यमंत्री केजरीवाल के निजी सचिव विभव कुमार और आप से जुड़े अन्य लोगों के ठिकाने भी शामिल है। इन सबके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग केस में छापेमारी हो रही है।

रेड की खबर आने के बाद दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री आतिशी मार्लेना ने कहा कि इस तरह की कार्रवाइयों से वह डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा, “सुनने में आया है कि मुख्यमंत्री के पीए सहित पार्टी के कई नेताओं के घर पर रेड हो रही है। ये हमें डराने धमकाने की कोशिश है। लेकिन मैं पीएम मोदी से कहना चाहती हूँ कि हम डरने वाले नहीं है।”

आतिशी ने यह भी कहा कि ईडी रेड के बाद दावा किया जाता है कि करोड़ों रुपयों की रिकवरी हो रही है। लेकिन दो साल और कई रेड के बाद भी कोई रुपया नहीं मिला है। दूसरी महत्वपूर्ण चीज है गवाही, लेकिन इन्हें कोई गवाही भी नहीं मिली है।

आप मंत्री ने दावा किया, “आज मैं खुलासा करूँगी कैसे ईडी ने सारी स्टेटमेंट में फर्जीवाड़ा किया है। कई विटनेस सामने आए, जिन्होंने कहा उनसे स्टेटमेंट दबावपूर्वक लिया गया है।”

आतिशी ने आरोप लगाए कि एक विटनेस ने उन्हें बताया है कि उसके कान पर जोर से थप्पड़ मारा गया। वहीं दूसरे विटनेस कहा गया, “तेरी बेटी कॉलेज कैसे जाएगी जबकि तीसरे को कहा गया कि तेरी बीवी को देख लेंगे।”

‘न्यूज़क्लिक’ को चीन की फंडिंग का मामला : मुंबई में तीस्ता सीतलवाड़ के ठिकाने पर छापा, सीताराम येचुरी के घर भी पहुँची दिल्ली पुलिस

न्यूज क्लिक मामले में तीस्ता सीतलवाड़ और सीताराम येचुरी के घर पर छापे (फोटो साभार: सीताराम येचुरी फेसबुक अकाउंट/ पेन इंटरनेशनल वेबसाइट )
न्यूज क्लिक (Newsclick) मामले में दिल्ली पुलिस ने सीपीआईएम के महासचिव सीताराम येचुरी तो मुंबई पुलिस ने प्रोपेगेंडा एक्टिविस्ट तीस्ता सीतलवाड़ के घर की भी तलाशी ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मंगलवार (3 अक्टूबर 2023 ) को डिजिटल न्यूज वेबसाइट न्यूज़क्लिक और मीडिया कंपनी से जुड़े पत्रकारों के 30 ठिकानों पर छापेमारी की।

वेबसाइट की फंडिंग की जाँच के तहत ये छापेमारी शुरू की गई है। वेबसाइट के खिलाफ केस 17 अगस्त को दर्ज किया गया था। केस गैरकानूनी गतिविधियांँ (रोकथाम) अधिनियम के प्रावधानों के साथ-साथ भारतीय दंड संहिता की धारा 153 ए (विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) और 120 बी (आपराधिक साजिश के लिए सजा) के तहत दर्ज किया गया।

इससे पहले दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने भी केस दर्ज किया था। इसके साथ ही ईडी ने भी कार्रवाई की थी। हाई कोर्ट ने उस वक्त न्यूज क्लिक के प्रमोटरों को गिरफ्तारी से राहत दे दी थी।

दिल्ली में न्यूज़क्लिक के कार्यालय में तलाशी के साथ ही तीस्ता सीतलवाड के मुंबई आवास पर भी तलाशी ली जा रही है। सीतलवाड थिंक टैंक ट्राइकॉन्टिनेंटल: इंस्टीट्यूट फॉर सोशल रिसर्च की निदेशक हैं। वो भी न्यूज़क्लिक में आर्टिकल लिखती रही हैं।

उधर दूसरी तरफ दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद में न्यूज़क्लिक वेबसाइट से जुड़े कुछ पत्रकारों के घरों पर दिल्ली पुलिस की छापेमारी सीपीआई (एम) के महासचिव सीताराम येचुरी के घर भी हुई। इस बारे में येचुरी ने खुद मीडिया को जानकारी दी है।

सीपीआई (एम) के महासचिव येचुरी ने कहा, “पुलिस मेरे घर पर आई थी, क्योंकि मेरा एक साथी जो मेरे साथ वहाँ रहता है, उसका बेटा न्यूज़क्लिक के लिए काम करता है। पुलिस उससे पूछताछ करने आई थी।”

उन्होंने आगे कहा, पुलिस ने उनका लैपटॉप और फोन ले लिया। वे क्या जाँच कर रहे हैं, कोई नहीं जानता। अगर यह मीडिया को दबाने की कोशिश है, तो देश को इसके पीछे की वजह पता होना चाहिए।”

न्यूज़क्लिक से जुड़े कई लोगों जिनमें वेबसाइट के संपादक प्रबीर पुरकायस्थ, पत्रकार अभिसार शर्मा, औनिंद्यो चक्रवर्ती और भाषा सिंह, साथ ही व्यंग्यकार संजय राजौरा के घर पर कथित तौर पर पुलिस ने छापेमारी की है। अभिसार शर्मा ने अपने एक्स हैंडल से पोस्ट कर इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि पुलिस उनके फोन और लैपटॉप जब्त कर रही है। इसी तरह भाषा सिंह ने बताया कि पुलिस ने उनका फोन जब्त कर लिया है।

सोनिया गाँधी के आवास 10 जनपथ पर कब्र किसकी और कहाँ से आयी?

                                                       10 जनपथ पर दिखी रहस्यमयी मजार
कुछ दिन पहले कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजद जब कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी के आवास पर बैठक के लिए गए तो गाड़ी बदलते हुए उनकी एक तस्वीर वायरल हुई, जिसमें एक रहस्यमयी ढाँचा नजर आ रहा था। कई लोगों ने इसे देख हैरानी जताई कि सोनिया गाँधी के आधिकारिक आवास पर क्या कोई मजार है?

कई रिपोर्टों में बताया गया कि ये मजार ही है जो 10, जनपथ पर स्थित है। हालाँकि, इस संबंध में जानकारी कहीं भी ज्यादा नहीं दी गई। ऐसे में ऑपइंडिया ने पता लगाने का प्रयास किया कि ये मजार किसकी है। चूँकि आमतौर पर हर मजार, दरगाह, मस्जिद और मदरसा की जानकारी वक्फ बोर्ड पर होती है इसलिए हमने वक्फ से सूचना जुटाने को ही बुद्धिमानी समझी। हम इस प्रक्रिया के साथ कहाँ पहुँचे, आइए बताएँ:

मजार किसकी है?

हमने दिल्ली वक्फ बोर्ड से संपर्क किया कि इस मजार का पूरा विवरण क्या है। हमने बोर्ड को मेल भेजा, कॉल की, लेकिन कहीं से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। नतीजन हमें इंटरनेट पर मौजूद जानकारी पर निर्भर होना पड़ा। हम इंटरनेट से वक्फ की साइट पर गए और उस सेक्शन पर सर्च किया जहाँ वक्फ से जुड़ी हर संपत्ति की जानकारी दी गई होती है। इस विकल्प पर आप राज्यवार ढंग से हर जगह वक्फ की संपत्ति का पता लगा सकते हैं। हमने अपने काम के लिए दिल्ली चुना।
हालाँकि साइट के अनुसार, दिल्ली वक्फ बोर्ड के तहत 1045 संपत्तियाँ पंजीकृत हैं लेकिन हम यह सत्यापित नहीं कर सकते हैं कि ये संख्या इतनी ही है या इससे और ज्यादा। हमें नहीं मालूम ये साइट नियमित अपडेट की गई या नहीं।
जनपथ क्षेत्र नई दिल्ली जिले में आता है। साइट के अनुसार, नई दिल्ली तीन भागों में विभाजित है- कनॉट प्लेट, चाणक्यपुरी और संसद मार्ग। हमने तीनों क्षेत्र खंगाले लेकिन जनपथ पर या 10 जनपथ के नजदीक हमें कोई मजार नहीं मिली। लिस्ट में सिर्फ दरगाह शेख करीमुल्लाह मजार थी।
                                                       वक्फ बोर्ड साइट से लिया स्क्रीनशॉट
अगर आगे इस संबंध में हमें कोई जानकारी मिली तो इस रिपोर्ट को अपडेट किया जाएगा।

10 जनपथ की रहस्यमयी मजार

अब चूँकि हम वक्फ बोर्ड की साइट खंगाल चुके थे, अगला कदम था कि इसके बारे में जानकारी इंटरनेट से जुटाएँ। हमने इस नाम वाली मजार के बारे में इंटरनेट पर जानकारी देखी। खोजने पर डेलीओ की रिपोर्ट मिली और चीजें दिलचस्प होती गईं। दरअसल, 10 जनपथ को इस रिपोर्ट में अनलकी कहा गया था और इसी रिपोर्ट में उस मजार का जिक्र था जो कि पेड़ के नीचे बनी है। रिपोर्ट में इस मजार का और अतीत में हुई तमाम घटनाओं को जोड़कर बताया गया था। 
ये जानना उल्लेखनीय है कि पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री भी इसी इमारत में रहते थे जो पीएम बनने के बाद यहाँ आए और दो साल बाद उन्हें रूस में मृत पाया गया। आज तक किसी को नहीं पता उनके साथ क्या हुआ, उनका निधन कैसे हुआ, या कथित हत्या के पीछे किसका हाथ था। कहते हैं कि वो दिल का दौरा था लेकिन किसी को नहीं मालूम रिपोर्ट्स में कितनी सच्चाई है।
उनके बाद सोनिया गाँधी और राजीव गाँधी यहाँ आए। 1991 में राजीव गाँधी की LTTE आतंकियों द्वारा हत्या कर दी गई। सोनिया गाँधी अब भी अपने बेटे राहुल के साथ वहाँ रहती हैं। लेकिन वहाँ रहते हुए राहुल गाँधी को अपने आप को साबित करने के लिए कितनी कोशिशें करनी पड़ रही हैं ये हर कोई जानता है। यही हाल है प्रियंका गाँधी का। 
दिलचस्प बात है कि साल 2004 में सोनिया गाँधी ने लोकसभा चुनाव जीते और पीएम बनने को तैयार हुईं लेकिन इटली से जुड़ी पृष्ठभूमि के कारण ऐसा नहीं हुआ। कुछ लोग इसे अंधविश्वास कह सकते हैं। लेकिन क्या यह वास्तव में एक अंधविश्वास ही है सबसे पुरानी पार्टी की अध्यक्ष कथित रूप से ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ इमारत में रहते हुए पार्टी को बचाने के लिए संघर्ष करती हैं?
2014 की संडे गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, जब ये इमारत कॉन्ग्रेस का कार्यालय थी तब आपातकाल के समय कई कॉन्ग्रेस सदस्यों को यहाँ के कुछ इलाकों में खून के धब्बे दिखे थे। 10 जनपथ को लेकर ऐसी और अफवाह है। हालाँकि हमें नहीं पता कि इन सबका मजार से कुछ लेना-देना है या नहीं। लेकिन बता दें कि राजीव गाँधी के इस इमारत में आने से पहले यहाँ कॉन्ग्रेस नेता केके तिवारी रहते थे जिनका राजनैतिक करियर भी समय के साथ गिरता गया।

अन्य जगहों को लेकर पसरे अंधविश्वास

अपनी रिसर्च के दौरान, हमें दिल्ली की मशहूर जगह जैसे लुटियन दिल्ली और दिल्ली एयरपोर्ट से जुड़े कुछ और अंधविश्वासों के बारे में पता चला। यहाँ कुछ का जिक्र कर रहे हैं। पहला 22, शामनाथ मार्ग से जुड़ा है। संडे गार्जियन के अनुसार, यहाँ भाजपा नेता मदन लाल खुराना 3 साल तब रहे जब वो दिल्ली के मुख्यमंत्री थे। 1993 में वे यहाँ आए और 1996 में तब तक रहे जब तक कि हवाला स्कैम आया और इसमें उनका भी नाम था।
बाद में इसी आवास में शीला दीक्षित सरकार के मंत्री दीप चंद बंधू आए और यहाँ रहते हुए उनकी मृत्यु हो गई। इसके बाद ये जगह अशुभ मानी जाने लगी। 
अगला अंधविश्वास क़ुतुब कर्नलनेड से जुड़ा है। माना जाता है कि इसे लड़कियों और महिलाओं का श्राप मिला है जिन्हें नवाब और वरिष्ठ अधिकारी अपने लिए अपहरण कर लेते थे। इन लड़कियों को बंदी बनाकर यहाँ प्रताड़िता किया जाता था। जो इस इमारत के आसपास रहते हैं उनका दावा है कि यहाँ से लड़कियों के चीखने की आवाजें आती हैं।

रनवे वाली दरगाह

इन सबके अलावा क्या आप जानते हैं कि इंदिरा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के परिसर में भी एक मजार है? माना जाता है कि दो सूफी संत- हजरत काले खान और हजरत रौशन खान यहाँ सुरक्षित हवाई उड़ानों के लिए हैं।  एयरपोर्ट के कई कर्मचारी और एयरलाइन से जुड़े लोग इस मजार पर जाते हैं और मानते हैं कि पीर बाबा उनकी रक्षा करेंगे। ये दोनों संत 14 वीं और 15वीं सदी के माने जाते हैं।
इस दरगाह को रनवे दरगाह भी कहते हैं। ये जनता के लिए हर गुरुवार खुलती है लेकिन बस कुछ घंटों के लिए। एयरपोर्ट प्रशासन एक खास बस का इंतजाम करता है ताकि मजार पर लोग जा सकें।

वक्फ की संपत्ति हमेशा वक्फ की होती है

गौरतलब है कि जब कोई संपत्ति वक्फ के साथ पंजीकृत की जाती है। ये हमेशा वक्फ में जुड़ी होती है। लेकिन 10 जनपथ वाले मामले में ये नहीं मालूम कि ये मजार और उसके आस-पास का एरिया वक्फ में पंजीकृत है या नहीं। इसलिए ये नहीं कह सकते कि सोनिया गाँधी का आवास वक्फ की संपत्ति है या नहीं। या इस पर वक्फ अपना दावा कर सकता है या नहीं।
                                                           वक्फ बोर्ड की वेबसाइट
हाल में, गुजरात वक्फ बोर्ड ने सूरत नगर निगम की इमारत पर अपना दावा बोला था। उनका कहना था कि मुगल काल में सूरत नगर निगम की इमारत सराय थी और इसे हज यात्रा के दौरान इस्तेमाल किया जाता था। इसके बाद ये संपत्ति ब्रिटिश साम्राज्य से जुड़ गई। लेकिन जब 1947 में भारत आजाद हुआ तो संपत्ति भारत सरकार को मिली, लेकिन इसके दस्तावेज अपडेट नहीं हुए। इसके बाद ये बिल्डिंग वक्फ की हो गई और वक्फ तो कहता ही है कि एक बार जो वक्फ का हुआ वो हमेशा वक्फ का रहता है।
अगर आपको बतौर पाठक 10 जनपथ पर स्थित मजार या उस ढाँचे के बारे में कोई जानकारी है या आप जानते हैं कि वो कंपाउंड वक्फ संपत्ति में आता है या नहीं तो आप anurag@opindia.com पर इसकी जानकारी दे सकते हैं।(साभार)