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केरल और कर्नाटक में सक्रिय हैं ISIS के 200 आतंकी, भारत में हमले की साजिश रच रहा अलकायदा: UN की रिपोर्ट में खुलासा

केरल, कर्नाटक, ISIS, आतंकीआतंकवाद पर आई संयुक्त राष्ट्र (UN) की एक रिपोर्ट में चेताया गया है कि भारतीय राज्य केरल और कर्नाटक में अच्छी-खासी संख्या में खूँखार वैश्विक आतंकी संगठन ISIS के आतंकवादी मौजूद हैं। साथ ही खुलासा किया गया है कि ISIL की भारतीय यूनिट ‘हिन्दू विलायाह’ के भी कम से कम 180 से लेकर 200 तक आतंकी सक्रिय हैं। बता दें कि इस आतंकी संगठन के गठन की घोषणा मई 2019 में हुई थी।
ISIS सहित अन्य आतंकी संगठनों पर नजर रखने के लिए गठित की गई यूएन की ‘Analytical Support and Sanctions Monitoring Team’ की 26वीं रिपोर्ट के अनुसार केरल और कर्नाटक में ISIS के कई आतंकी सक्रिय हैं। साथ ही इस रिपोर्ट में चेताया गया है कि अलकायदा की भारतीय उपमहाद्वीपीय यूनिट AQIS भी इस क्षेत्र में हमले की साजिश रच रहा है। ये संगठन तालिबान के बैनर तले सक्रिय है।
इसके सरगना निमरूज़, हेलमंद और कंधार प्रांतों से अपनी गतिविधियों को अंजाम देते हैं। भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और म्यांमार में इस आतंकी संगठन के 150-200 आतंकी सक्रिय हैं। ये संगठन अपने पूर्व-सरगना की मौत का बदला लेना चाहता है। फिलहाल ओसामा महमूद AQIS का सबसे बड़ा सरगना है। इससे पहले असीम उमर था, जिसे मार गिराया गया था। उसकी ही मौत का बदला लेने को ये आतंकी संगठन बेचैन है।

पिछले साल 2019 में ISIS ने अपने ‘अमाक न्यूज एजेंसी’ के माध्यम से दावा किया था कि उसने भारत में एक नया प्रांत बनाया है, जिस पर उसका कब्जा है। उसने जम्मू-कश्मीर के भीतर के ही एक क्षेत्र को ‘वालियाह-ए-हिन्द’ या ‘हिन्द प्रांत’ नाम दिया था। जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के साथ मुठभेड़ के बाद ये दावा किया गया था। हालाँकि, ये अपने-आप में इस किस्म का पहला दावा था। सुरक्षा बलों ने इसे नकार दिया था।
इससे पहले जम्मू-कश्मीर में सक्रिय ISIS आतंकियों में से कइयों के नाम खोरासन प्रांत में सक्रिय आतंकी संगठन के ब्रांच से जुड़ा था। इसकी स्थापना 2015 में की गई थी, ताकि ‘अफगानिस्तान और पाकिस्तान के इलाकों को कवर किया जा सके।’ हालाँकि, भारत में भी केरल व कर्नाटक में सक्रिय ISIS आतंकियों के बारे में तब पता चला था, जब NIA ने स्पेशल सब-इन्स्पेक्टर विल्सन की हत्या मामले में फाइल की गई चार्जशीट में इसका खुलासा किया था।
इसमें बताया गया था कि केरल और कर्नाटक में न सिर्फ़ ISIS के आतंकी सक्रिय हैं, बल्कि उनकी संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है। तमिलनाडु पुलिस ने ISIS के आतंकियों मोहम्मद हनीफ़ खान, इमरान खान और मोहम्मद जैद को जनवरी 2020 में मार गिराया था। इसके जवाब में खुद को जिहादी कहने वाले आतंकियों ने विल्सन की हत्या कर दी थी। इस मामले में ISIS (इराक व सीरिया) के आतंकी खाजा मोहिदीन का नाम सामने आया था।
जाँच में पता चला था कि उसने ही मई 2019 में अब्दुल शमीम और मोहम्मद तौफीक को आतंक की ‘तालीम’ दी थी। उसने इन दोनों को हथियार मुहैया कराया था। साथ ही हमला करने के लिए प्रशिक्षित किया था।
अफगानिस्तान और इराक सहित अन्य देशों में ISIS ने केरल के आतंकियों को लगाया हुआ है। सबसे ज्यादा कन्नूर के युवक इस आतंकी संगठन में शामिल हुए हैं। पिछले सप्ताह के आँकड़ों के अनुसार, केरल के कुल 98 लोगों ने ISIS की सदस्यता ली थी। इनमें से 38 मारे जा चुके हैं जबकि 60 आतंकी अब भी सक्रिय हैं। जून 2019 तक कन्नूर की 8 महिलाओं के आतंकी संगठन में शामिल होने की ख़बर आई थी।
कन्नूर के अलावा कासरगोड, मल्लपुरम, कोझिकोड, एर्नाकुलम और थिसुर के कई लोगों ने भाग कर आतंकी संगठन ज्वाइन किया था। ये सभी मिडिल-ईस्ट में जाकर ‘जिहाद’ कर रहे हैं। इन सभी को वहाँ विभिन्न इलाक़ों में तैनात किया गया है। कहा गया है कि वैश्विक आतंकी संगठन वहाँ के मुस्लिम युवकों को निशाना बनाता है और उन्हें आतंक के लिए प्रशिक्षित करता है।

पाकिस्तान कर सकता है मसूद की संपत्ति और बैंक खाते सील

Image result for मसूद अजहरपाकिस्तान ने जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र द्वारा वैश्विक आतंकवादी घोषित किए जाने के बाद उसकी संपत्तियां सील करने और उस पर यात्रा प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है. पाकिस्तान में रहने वाले अजहर के हथियार खरीदने-बेचने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है.
इस्लामिक स्टेट और अल-कायदा पर संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंध समिति ने बुधवार को अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित किया था. जैश ने फरवरी में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए हमले की जिम्मेदारी ली थी.
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को जारी अधिसूचना में कहा, ‘‘संघ सरकार को यह आदेश देते हुए प्रसन्नता हो रही है कि अजहर के खिलाफ प्रस्ताव 2368 (2017) का पूर्ण रूप से पालन होगा.’’ सरकार ने अधिकारियों को अधिसूचना के आधार पर जैश सरगना के खिलाफ समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.
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वाशिंगटन की ओर से दिल्ली को ईरान से तेल खरीद मामले में सख्त संदेश पहु्ंचा दिया गया है। इसमें कहा गया है कि भारत को च.....


UAE के बाद अब रूस ने मोदी को दिया देश का सर्वोच्च सम्मान

UAE के बाद अब रूस ने पीएम मोदी को दिया देश का सर्वोच्च सम्मान
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
भारत में विरोधी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर नितरोज कोई न कोई आरोप लगा रहे हैं, वही दूसरी ओर विश्व उसी मोदी को एक के बाद एक पुरस्कारों से अलंकृत कर रहे हैं। यह उन सभी विरोधियों के लिए शर्म की बात है, जो अमेरिका को पत्र लिखते थे कि "गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को वीजा मत दो।"
मेरे अल्प ज्ञान के अनुसार भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शायद पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जिन्हें इतने कम समय में इतने विदेशी पुरस्कारों से सुशोभित किया गया हो। यह उनकी कूटनीति, विदेश नीति और कठोर परिश्रम का परिणाम है। 
फ्रेंच ज्योतिष नॉस्त्रेदमस की 1555 की भविष्यवाणी चरितार्थ होती प्रतीत हो रही हैं कि "2014 में तीन समुद्रों(भारत) से घिरे देश को ऐसा अधेड़ उम्र का कठोर नेता मिलेगा, जो विदेशों में देश का नाम चमकाएगा...।" तथास्तु !!! 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रूस का सर्वोच्च सम्मान मिला है। उन्हें ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रू द एपोस्टल अवॉर्ड दिया गया है। इसे रूस का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है और यह दो देशों के बीच सामाजिक और रणनीतिक साझेदारी को अद्वितीय बढ़ावा देने के लिए दिया जाता है।
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सर्वोच्च नागरिक सम्मान जायद मेडल देने की घोषणा की है। अप्रैल के शुरुआती हफ्ते में यूएई के प्रिंस शेख मोहम्मद बिन जायद ने ट्वीट में लिखा था- भारत के साथ यूएई के घनिष्ट संबंध हैं। इसमें मेरे प्रिय मित्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अहम भूमिका रही है। इसके लिए यूएई के राष्ट्रपति उन्हें जायद मेडल प्रदान करते हैं।
यह यूएई का सबसे बड़ा सम्मान है, जो राजाओं, राष्ट्रपतियों और राष्ट्राध्यक्षों को ही दिया जाता है। मोदी पहले भारतीय, जिनको यह सम्मान मिला है। इससे पहले यह सम्मान एलिजाबेथ, जॉर्ज डब्ल्यू बुश, व्लादिमीर पुतिन, निकोलस सरकोजी, शी चिनफिंग और एंजेला मार्केल को दिया है।
साउथ कोरिया और यूएन से भी मिला है सम्मान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विदेश में कद किस तरह बढ़ा है, इसकी तस्दीक संयुक्त राष्ट्र और दक्षिण कोरिया से मिले सम्मान जाहिर करते हैं। प्रधानंमत्री मोदी को अक्टूबर 2018 में संयुक्त राष्ट्र के सर्वोच्च पर्यावरण पुरस्कार 'चैंपियंस ऑफ अर्थ द अवॉर्ड’' से सम्मानित किया गया। संयुक्त राष्ट्र महासचिव गुटारेस ने पर्यावरण के क्षेत्र में योगदान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'चैंपियंस ऑफ द अर्थ' अवॉर्ड से सम्मानित किया।
इससे बाद फरवरी में दक्षिण कोरिया ने पीएम मोदी को 2018 का सियोल शांति सम्मान दिया है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मोदी के योगदान को मान्यता देने के लिए यह पुरस्कार दिया गया था। दक्षिण कोरिया मेक इन इंडिया, स्वच्छ भारत और स्टार्ट अप इंडिया का महत्वपूर्ण साझीदार है।(एजेंसीज इनपुट्स)

UN सर्वे: पाकिस्तान की आर्थिक हालत नेपाल, बांग्लादेश से भी बदतर होने के कगार पर

इमरान खानइन दिनों पाकिस्तान का हाल काफी बुरा है। वहाँ की अर्थव्यवस्था गर्त में चली गई है और महंगाई आसमान छू रही है। जरूरत का हर सामान दुगने-तिगुने दामों पर मिल रहा है। खाने-पीने से लेकर पेट्रोल-डीजल की कीमताें में बेतहाशा बढ़ाेतरी दर्ज की गई है। कंगाली के दौर से गुजर रहे पाकिस्‍तान के लिए एक और बुरी खबर है। संयुक्त राष्ट्र की एक आर्थिक रिपोर्ट में पूर्वानुमान लगाया गया है कि इस साल 2019 में पाकिस्‍तान की जीडीपी वृद्धि दर सबसे कम 4.2% और 2020 में मात्र 4% रह सकती है। बड़ी बात यह है कि रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्‍तान की जीडीपी दर नेपाल, बांग्‍लादेश और मालदीव से भी पीछे रह सकती है।
एशिया और प्रशांत क्षेत्र के लिए संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक और सामाजिक आयोग (ईएससीएपी) की तरफ से ‘एंबिशंस बियॉन्ड ग्रोथ’ शीर्षक से जारी की गई सर्वेक्षण रिपोर्ट में यह बात कही गई है कि 2019 में पाकिस्तान की जीडीपी की वृद्धि दर इस क्षेत्र में सबसे कम 4.2% रहने का अनुमान है। जबकि इसी वर्ष बांग्‍लादेश की जीडीपी 7.3%, भारत की 7.5%, मालदीव और नेपाल की 6.5% की दर से बढ़ने का अनुमान है।
पाकिस्तान में पर्यावरणीय पतन खतरनाक स्तर तक पहुँच चुका है, जो कि विकास की उपलब्धियों के लिए खतरा बन रहे हैं। गौरतलब है कि इससे पहले एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने भी कहा था कि पाकिस्तान की आर्थिक वृद्धि दर 2019 में सुस्त होकर 3.9% रहेगी। एडीबी ने ‘व्यापक आर्थिक चुनौतियों’ का हवाला देते हुए कहा था कि पाकिस्तान की वृद्धि दर वित्त वर्ष 2018 में 5.2% से गिरकर 2019 में 3.9% पर आने का अनुमान है। 
एशियाई विकास परिदृश्य 2019 के अनुसार, कृत्रि क्षेत्र में सुधार के बावजूद 2018 में पाकिस्तान की आर्थिक वृद्धि दर धीमी पड़ी है। इसमें कहा गया है कि पाकिस्तान की विस्तारवादी राजकोषीय नीति ने बजट और चालू खाते के घाटे को व्यापक रूप से बढ़ाया और विदेशी मुद्रा का भारी नुकसान किया है। एडीबी ने कहा कि जब तक वृहद आर्थिक असंतुलन को कम नहीं किया जाता है, तब तक वृद्धि के लिए परिदृश्य धीमा बना रहेगा, ऊँची मुद्रास्फीति रहेगी, मुद्रा पर दबाव बना रहेगा। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिला 'चैंपियंस ऑफ द अर्थ' अवॉर्ड, UN महासचिव ने किया सम्‍मानित

LIVE : पीएम मोदी को मिला चैंपियंस ऑफ द अर्थ पुरस्कार, कहा- 'करोड़ों लोगोंं को समर्पित'भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार (3 अक्टूबर) को चैंपियंस ऑफ द अर्थ के पुरस्कार से नवाजा गया है. राजधानी दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने प्रधानमंत्री मोदी को इस पुरस्कार से नवाजा. यह अवॉर्ड देने की घोषणा 26 सितंबर को गई थी। उन्‍हें फ्रांस के राष्‍ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ संयुक्‍त रूप से यह अवॉर्ड देने की घोषणा की गई थी। 
पीएम मोदी को यह अवॉर्ड पर्यावरण के क्षेत्र में महत्‍वपूर्ण योगदान के लिए दिया गया है। उन्‍हें सतत विकास, जलवायु परिवर्तन पर अनुकरणीय नेतृत्व और सकारात्मक कदम उठाने के लिए यह अवॉर्ड दिया गया है। उन्‍हें यूएन का यह सर्वोच्‍च पर्यावरण पुरस्‍कार भारत को 2022 तक एकल इस्तेमाल वाले प्लास्टिक से मुक्त कराने के संकल्प और अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन के कुशल नेतृत्व के लिए प्रदान किया गया है।
चैंपियंस ऑफ द अर्थ के पुरस्कार से नवाजे जाने के बाद पीएम मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित किया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि चैंपियंस ऑफ द अर्थ का सम्मान पर्यावरण की सुरक्षा के लिए भारत की जनता की प्रतिबद्धता का परिणाम है.
अवलोकन करें:--
भारत में प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी की चाहे इनके विरोधी अपनी वोटों के चक्कर में लाख विरोध करते हों, लेकिन दिल से इस बात को भी स्वीकारते हैं, कि विश्व में भारत को जो सम्मान मोदी ने दिलवाया है, वह कोई नहीं दिलवा पाया। पूर्व में जितने भी प्रधानमन्त्री आए, उन सभी के सीमित ही दायरे रहे, लेकिन मोदी ने विश्व के हर देश में भारत का सम्मान बढ़ाया है। हर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय समस्या पर विश्व का ध्यान आकृषित किया है। यही कारण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के एक सर्वोच्च सम्मान से नवाजा गया है।
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संयुक्त राष्ट्र को सम्बोधित करते प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी आर.बी.एल. निगम, वरिष्ठ पत्रकार भारत में प्रधानमन्त्...

पीएम मोदी के संबोधन की खास बातें
ये भारत की उस महान नारी का सम्मान है, जिसके लिए सदियों से रेस्क्यू और रिसाइकल रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा रहा है. 
जो पौधे में भी परमात्मा का रूप देखती है.जो तुलसी की पत्तियां भी तोड़ती है, तो गिनकर. जो चींटी को भी अन्न देना पुण्य मानती है.
ये भारत के आदिवासी भाई-बहनों का सम्मान है, जो अपने जीवन से ज्यादा जंगलों से प्यार करते हैं. पीएम मोदी ने कहा कि ये सम्मान देश के हर उस मछुआरे को समर्पित है, जो समंदर से सिर्फ उतना ही लेते हैं जितना अर्थ उपार्जन के लिए आवश्यक होता है.
पर्यावरण क्षेत्र में दिए जाने वाला सबसे बड़ा सम्मान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुअल मैक्रों को संयुक्त रूप से संयुक्त राष्ट्र का पर्यावरण क्षेत्र में दिये जाने वाला सबसे बड़ा सम्मान दिया गया है. अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन और पर्यावरणीय कार्रवाई की दिशा में नए क्षेत्रों को प्रोत्साहन की दोनों नेताओं की पहल पर यह सम्मान देने की घोषणा की गई थी.

पर्यावरण में बदलाव लाने के लिए लोगों को किया प्रोत्साहित
पीएम मोदी और मैक्रां दुनिया के उन छह प्रबुद्ध लोगों में हैं जिन्हें पर्यावरण में बदलाव लाने के लिए ‘चैंपियंस आफ द अर्थ अवॉर्ड’ देने की घोषणा की गई थी. संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम ने कहा, ‘‘इस साल सम्मान पाने वालों ने साहसी, नवोन्मेषी तथा जमकर हमारे समय के सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों से निपटने के लिए काम किया.’’