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भारत जोड़ो” नहीं “भारत तोड़ो” : कांग्रेस का एकमात्र लक्ष्य बना

सुभाष चन्द्र

राहुल गांधी की 4000 किलोमीटर चली “भारत जोड़ो” यात्रा का लक्ष्य वस्तुतः “भारत तोड़ो” ही था जो अब साबित भी होता जा रहा है। कर्नाटक चुनाव अभियान में 6 मई, 2023 को सोनिया गांधी ने कर्नाटक की “संप्रभुता” की बात कह कर इस लक्ष्य को सामने रख दिया था सोनिया का बयान प्रकाशित हुआ था

“"CPP Chairperson Smt. Sonia Gandhi ji sends a strong message to 6.5 crore Kannadigas: "The Congress will not allow anyone to pose a threat to Karnataka's reputation, sovereignty or integrity"

लेखक 
इस बयान पर चुनाव आयोग ने सोनिया गांधी को नोटिस जारी किया था लेकिन आयोग तो किसी देशद्रोह या भ्रष्टाचारी राजनीतिक दल की मान्यता समाप्त करने की कोई शक्ति ही नहीं रखता और इस तरह आयोग पूरी तरह एक दंतहीन संस्था है चुनाव आयोग ने सोनिया गांधी के खिलाफ क्या कार्रवाई की कुछ पता नहीं जबकि कांग्रेस ने स्वीकार किया था कि सोनिया का बयान गलत ढंग से रिपोर्ट हो गया जिसका मतलब साफ़ था कि उसने “संप्रभुता” की बात तो कही लेकिन उसका मतलब वह नहीं था जो निकाला गया 

अब कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री DK Shivkumar के भाई लोकसभा के सदस्य डीके सुरेश ने खुल कर कर्नाटक को अलग देश बनाने बनाने की वकालत कर दी उसने अंतरिम बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “दक्षिण भारत के साथ अन्याय हो रहा है, जो पैसा दक्षिण तक पहुंचना चाहिए, उसको डायवर्ट कर उत्तर भारत में बांटा जा रहा है अगर इस अन्याय को दूर नहीं किया गया तो दक्षिणी राज्य एक अलग देश बनाने की मांग करने के लिए मजबूर होंगे”  

सच्चाई तो यह है कि आज कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने 6 महीने में राज्य को दिवालिया बना दिया है 

इससे पहले कांग्रेस के ही सहयोगी DMK के सांसद A Raja और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन अलग तमिल राज्य की बात कर चुके है राहुल “कालनेमि” भी उत्तर-दक्षिण का रोना रो चुका है जब उसने कहा था कि वह उत्तर भारत की राजनीति अलग तरह की देखता है जबकि दक्षिण के राज्य केरल में लोग अलग सोच रखते हैं 

कांग्रेस के “चपरासी” सा दिखाई देने वाला पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कल राज्यसभा में इसे दूसरे सदन का विषय बता कर बचने की कोशिश की लेकिन बाद में कहा कि “कोई भी देश को तोड़ने की बात करेगा तो हम सहन नहीं करेंगे, चाहे वह किसी भी पार्टी का हो मैं खुद कहूंगा कि कन्याकुमारी से कश्मीर तक हम एक हैं और एक रहेंगे” 

खड़गे ने एक तरह स्वयं मान लिया कि डीके सुरेश ने देश तोड़ने का बयान दिया है फिर कांग्रेस उसके खिलाफ क्या कार्रवाई कर रही है या उसके लिए सोनिया गांधी से पूछना पड़ेगा जो खुद इस मामले पर चुप है और न उसका लाड़ला राहुल “कालनेमि” कुछ बोल रहा है जो आजकल “न्याय” की बात कर रहा है 

डीके सुरेश का बयान एक सांसद द्वारा ली गई शपथ का उल्लंघन है और तुरंत प्रभाव से उसे लोकसभा से निलंबित कर देना चाहिए जब तक “आचार समिति” कोई निर्णय न ले ले लोकसभा सांसद शपथ लेता है कि -

“मैं विधि द्वारा स्थापित भारत के संविधान के प्रति सच्ची श्रद्धा और निष्ठा रखूँगा, मैं भारत की प्रभुता और अखंडता अक्षुण्ण रखूँगा” 

वैसे कुछ दिन पहले मोहम्मद अकबर लोन ने भी सुप्रीम कोर्ट में देश के संविधान के प्रति साफ़ शब्दों में निष्ठावान रहने का हलफनामा नहीं दिया था और CJI चंद्रचूड़ ने कुछ नहीं किया था ऐसा न हो डीके सुरेश के बयान को भी सुप्रीम कोर्ट द्वारा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता न कह दिया जाए 

देश की प्रभुता और अखंडता को ही ख़त्म करने की बात की है डीके सुरेश ने और उसकी पार्टी उसके साथ खड़ी है, ऐसा साफ़ प्रतीत होता है कांग्रेस की भी मान्यता समाप्त होनी चाहिए 

आरबीआई के पूर्व गवर्नर अर्थशास्त्री रघुराम राजन के चेहरे से उठा नकाब


भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन अक्सर मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों की आलोचना करते रहे हैं। उनकी आलोचना को एक अर्थशास्त्री की आलोचना मानी जाती थी। लेकिन रघुराम राजन ने राजस्थान के सवाई माधोपुर में कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होकर अपने चेहरे से नकाब हटा दिया। सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें  रघुराम राजन को राहुल के साथ कदमताल करते और बातें करते देखा जा सकता है। अब दुनिया को भी पता चल गया है कि जिसे वो अर्थशास्त्री समझकर उसकी बातों को महत्व दे रही थी, वो वास्तव में कांग्रेस का एक कार्यकर्ता है और मोदी सरकार की आर्थिक नीति को लेकर कांग्रेस के सुर में सुर मिला रहा था।

राहुल और रघुराम राजन के कदमताल पर सोशल मीडिया में भी प्रतिक्रिया सामने आ रही है। फिल्ममेकर अशोक पंडित ने तंज कसते हुए ट्वीट किया, जिसमेंं उन्होंने लिखा ‘यह वह अंग्रेज हैं जो चंद दिनों के लिए हिंदुस्तान आता है। बहुत कोशिश की थी देश की आर्थिक नीतियों को बर्बाद करने की लेकिन उस से पहले ही मोदी जी ने निकल बाहर कर दिया।’ इसी के साथ फिल्मेकर ने राहुल गांधी और रघुराम राजन की यात्रा के दौरान की एक तस्वीर शेयर करते हुए ट्वीट किया कि यह तस्वीर साबित करती है कि सरकार ने उन्हें और विस्तार न देकर सही किया।

सत्यम गोस्वामी नाम के एक ट्विटर यूजर ने लिखा कि राहुल गांधी के साथ में जो चल रहे हैं वे रिज़र्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन हैं, ये वही हैं जिन्होंने नोटेबंदी को गलत बताया था और मोदी सरकार की तमाम आर्थिक नीतियों को गलत बताया था, भारत जोड़ो यात्रा बहुत अच्छी पहल है, सपोले बिलों से बहार निकल रहे हैं!!

डॉक्टर प्रीति प्रकाश नाम के ट्विटर यूजर ने लिखा कि जैकेट और चश्मा वाले ये वही महोदय रघुराम राजन पूर्व आरबीआई गवर्नर,दो दिन पहले अल्पसंख्यकों के शोषण की बात कर रहे थे। अब अल्पसंख्यकों की लड़ाई लड़ने के लिए भारत तोड़ो गैंग के साथ खुलकर सामने आ गए हैं।

 समझ सकते हो किस तरह भारत की नस नस में घुसे विपक्षी पाप धीरे-2 खुलकर बाहर आ रहे।

‘सपोले बिलों से बहार निकल रहे हैं’

राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा 7 सितंबर को कन्याकुमारी से शुरू हुई और अब तक तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश को कवर करते हुए राजस्थान पहुंच चुकी है। यह यात्रा फरवरी 2023 की शुरुआत में जम्मू और कश्मीर में समाप्त हो जाएगी। यह यात्रा अपने चेहरे पर नकाब लगाए मशहूर लोगों को बेपर्दा कर रही है। कल तक जिन्हें सेलिब्रिटी कहते थे, वो वास्तव में कांग्रेस के कार्यकर्ता थे, जो खुद को स्वतंत्र बताते हुए कांग्रेस का पक्ष लेते थे।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं जो अब तक अपने चेहरे पर नकाब लगाए घूम रहे थे…

कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा तेलंगाना पहुंचने पर राहुल गांधी ने हैदराबाद शहर से पदयात्रा की। इस यात्रा में एक्ट्रेस पूजा भट्ट भी शामिल हुईं। इस यात्रा में शामिल होने वाले सेलेब्स में सुशांत सिंह, रिया सेन, बिग बॉस फेम रश्मि देसाई और एक्ट्रेस आकांक्षा पुरी का नाम शामिल हो गया। अभिनेत्रियों की राहुल गांधी के साथ फोटो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। 

अमोल पालेकर

इन सभी सेलेब्स के बाद अभिनेता और फिल्म निर्देशक अमोल पालेकर को भी इस यात्रा में देखा गया। महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में अमोल पालेकर भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुए। इस यात्रा की तस्वीरों को कांग्रेस के ऑफिशयल ट्विटर पेज से शेयर किया गया। अब सवाल उठ रहे हैं कि ये अभिनेता है या कांग्रेस के कार्यकर्ता हैं ?

संध्या गोखले

महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में अमोल पालेकर की पत्नी संध्या गोखले भी भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुईं। फिल्म निर्देशक और लेखिका संध्या गोखले के तटस्थता के दिखावे का अब अंत हो गया है। अब वो तटस्थ न होकर एक कांग्रेस कार्यकर्ता हैं।

रश्मि देसाई

टीवी एक्ट्रेस रश्मि देसाई भी भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुईं और राहुल गांधी के साथ हाथ में हाथ डालकर चलती नजर आईं। अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या खुले तौर पर किसी राजनीतिक अभियान का समर्थन करने के बाद उनकी आवाज़ में तटस्थता का कोई अंश बचा है?

अकांक्षा पुरी

टीवी अभिनेत्री आकांक्षा पुरी भी राहुल गांधी के समर्थन में भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुईं। अब सवाल उठ रहे हैं कि अब तक तटस्थता का चादर ओढ़े इन अभिनेत्रियों की आवाज को निष्पक्ष माना जा सकता है ?

मोना अंबेगांवकर

बॉलीवुड अभिनेत्री मोना अंबेगांवकर भी महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुईं। अब इस अभिनेत्री के चेहरे से तटस्थता का नकाब उतर चुका है।

रिया सेन

अभिनेत्री रिया सेन कांग्रेस पार्टी की भारत जोड़ो यात्रा ज्वाइन की। राहुल गांधी के साथ पैदल यात्रा करते हुए उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। राहुल गांधी ने महाराष्ट्र के पातुर से यात्रा को फिर से शुरू किया था। इस दौरान उनके साथ रिया सेन भी नजर आईंं।

अभिनेता सुशांत सिंह

अभिनेता सुशांत सिंह महाराष्ट्र के नांदेड़ में कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुए। क्या अब अभिनेता सुशांत सिंह के किसी राजनीतिक मुद्दे पर राय को निष्पक्ष माना जा सकेगा ? 

अभिनेत्री पूजा भट्ट

बॉलीवुड अभिनेत्री पूजा भट्ट को हैदराबाद में कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में शामिल होते हुए देखा गया। वह इस यात्रा के दौरान राहुल गांधी के साथ कदम से कदम मिलाकर सड़क पर चलती नजर आईं।

अभिनेत्री पूनम कौर

पूनम कौर एक भारतीय अभिनेत्री और मॉडल हैं जो मुख्य रूप से तेलुगू और तमिल फिल्मों में नजर आती हैं। उन्होंने तेलंगाना में राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में भाग लिया। वायनाड के सांसद को उस समय उनका हाथ पकड़े देखा गया जब वे दुर्घटनावश गिरने वाली थीं। अब अभिनेत्री पूनम कौर किसी मुद्दे पर अपनी राय वक्त करती है, तो स्वाभाविक रूप से उनकी राय कांग्रेस की राय मानी जाएगी। 

अनिर्बान धर उर्फ ओनिर

फिल्म निर्माता ओनिर भी भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होकर राहुल गांधी के साथ कदमताल करते नजर आए। इस साल के शुरुआत में रक्षा मंत्रालय ने समलैंगिक सैनिकों पर ओनिर की पटकथा को खारिज किया था। इस पठकथा को लेकर काफी विवाद हुआ था। 

सईद अख्तर मिर्जा

राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में पटकथा लेखक सईद अख्तर मिर्जा ने हिस्सा लिया। अब सवाल उठ रहे है कि खुद को तटस्थ दिखाने वाले अब पक्षपात के आरोप से बच सकते हैं ?

रमेश पिशारोडी

कॉमेडियन, अभिनेता और निर्देशक रमेश पिशारोडी राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुए। इसके माध्यम से रमेश ने स्पष्ट कर दिया कि वो भी एक कांग्रेस कार्यकर्ता है।

पद्मिनी थॉमस

 एथलीट पद्मिनी थॉमस ने राहुल गांधी का समर्थन करने के लिए भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुईं। अब सवाल उठ रहे हैं कि जब उनकी जैसी हस्तियां किसी एक पक्ष या पार्टी के साथ राजनीतिक रूप से जुड़ती हैं, तो क्या उन्हें कभी तटस्थ और निष्पक्ष आवाज़ के रूप में देखा जा सकता है?

राहुल गाँधी गो बैक… राजस्थान में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का कुछ यूँ स्वागत कर रहे ग्रामीण

 भारत जोड़ो यात्रा' का विरोध, जगह-जगह 'राहुल गाँधी गो बैक' के नारे लिखे गए (फोटो साभार: @SevadalKL/TV9)
साभार सोशल मीडिया 
राजस्थान के दौसा के बांदीकुई में राहुल गाँधी की 'भारत जोड़ो यात्रा' का विरोध होना, दर्शाता है राजस्थान में कांग्रेस का कमजोर होना, यानि आम आदमी पार्टी को वहां मजबूत करना। क्योकि जहाँ-जहाँ कांग्रेस कमजोर हुई है, केजरीवाल पार्टी वहीं मजबूत होती है। जिसका प्रमाण हिमाचल प्रदेश में देखना को मिला कि वहां कांग्रेस के मजबूत होने के कारण केजरीवाल पार्टी के उम्मीदवारों की जमानत ही जब्त नहीं हुई, बल्कि कई जगह तो NOTA से भी कम वोट मिले। दिल्ली में वोट प्रतिशत बढ़ने के अलावा दिल्ली नगर निगम में केजरीवाल पार्टी सत्ता में आ गयी, अगर कांग्रेस ने मजबूती से चुनाव लड़ा होता केजरीवाल पार्टी को कम से कम 40 सीटों का लाभ मिल गया, जो कांग्रेस की झोली में जानी थी।  

कांग्रेस नेता राहुल गाँधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का 13 दिसंबर, 2022 राजस्थान में 9वाँ दिन है। राज्य में सवाई माधोपुर जिले में खंडार के जीनापुर से शुरू हुई यह यात्रा आज 22.4 किलोमीटर का सफर तय ​करेगी। इस बीच दौसा पहुँचने से पहले राहुल की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का विरोध करने की खबर सामने आई है। दौसा जिला मुख्यालय पर सड़कों के किनारे और पुलिया के नीचे कई जगहों ‘राहुल गाँधी गो बैक’ के नारे लिखे गए हैं।

वहीं, दौसा के बाँदीकुई विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीणों ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे से जयपुर के लिए निकल रहे हाईवे पर श्यामसिंह पुरा और द्वारापुरा के मध्य कट की माँग की है। उन्होंने कांग्रेस विधायक जी आर खटाणा को चेतावनी दी है कि अगर उनकी माँगों को समय रहते पूरा नहीं किया गया तो वे मिलकर राहुल गाँधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का विरोध करेंगे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष की यात्रा के बीच में आने वाली दीवारों पर काली स्याही से लिखा है, “राहुल गाँधी GO BACK, जितेंद्र मेघवाल को न्याय दो। कार्तिक भील को न्याय दो। इंद्र कुमार मेघवाल को न्याय दो। ओमप्रकाश रैगर को न्याय दो।” बताया जा रहा है कि ‘भीम आर्मी’ ने राहुल के खिलाफ ये नारे लिखवाए हैं।

उधर दौसा के बाँदीकुई विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीणों ने सभा का आयोजन किया है। इस दौरान ग्रामीणों ने कहा कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे से बाँदीकुई विधानसभा क्षेत्र में एक भी कट नहीं दिया गया, जबकि विश्व प्रसिद्ध आभानेरी की चाँद बावड़ी बाँदीकुई क्षेत्र में स्थित है। वहीं दिल्ली से मेहँदीपुर बालाजी आने-जाने वाले लोग भी बड़ी तादाद में यहाँ से होकर आते हैं, लेकिन इस क्षेत्र में हाईवे पर कट नहीं होने से उन्हें परेशानी होगी और उनको घूमकर आना पड़ेगा। ऐसे में यहाँ कट देना बेहद जरूरी है।

ग्रामीणों की सभा में पहुँचे कांग्रेस विधायक जी आर खटाणा को भी उनके विरोध का सामना करना पड़ा। इसके बाद ग्रामीणों ने फोन पर दौसा से भाजपा सांसद जसकौर मीणा से बात की और उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत करवाया। जसकौर मीणा ने लोगों को फोन पर भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं को वह लोकसभा में उठाएँगी और उम्मीद है कि जल्द इसका समाधान भी होगा।

राजस्थान में कांग्रेस सांसद राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में पार्टी महासचिव प्रियंका गाँधी वाड्रा, उनके पति रॉबर्ट वाड्रा और उनकी बेटी मिराया वाड्रा भी नजर आईं।

‘भारत जोड़ो यात्रा’ में स्वरा भास्कर को पैसे के बदले मिला ‘अली का टिश्यू पेपर’

                        अभिनेत्री स्वरा भास्कर भी बनीं राहुल गाँधी की 'भारत जोड़ो यात्रा' का हिस्सा
बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर (Swara Bhasker) हाल ही में मध्य प्रदेश के उज्जैन में कॉन्ग्रेस सांसद राहुल गाँधी
 की भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुईं। सोशल मीडिया पर उनकी राहुल के साथ कई तस्वीरें सामने आई हैं। स्वरा भास्कर ने ‘टाइम्स आफ इंडिया’ से ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में शामिल होने और कथित रूप से ‘बोलने की कीमत चुकाने’ समेत कई मुद्दों पर बातचीत की।

‘भारत जोड़ो यात्रा (Bharat Jodo Yatra)’ में शामिल होने के सवाल पर अभिनेत्री ने कहा, “इस यात्रा का जो संदेश है, उससे मैं बहुत ज्यादा प्रभावित हुई। इसमें कुछ भी गुप्त नहीं है।” वह यह भी कहती हैं कि पिछले 8 वर्षों में सार्वजनिक संस्कृति और राजनीतिक संस्कृति बिगड़ी है। उन्होंने दावा किया कि ‘भारत जोड़ो यात्रा’ नफरत का विरोध करने का एक क्रांतिकारी तरीका है और समाज में जिस तरह से नफरत फैल रही है, उससे वह बहुत चिंतित हैं।

स्वरा भास्कर का ये भी आरोप है कि इस दौरान मेनस्ट्रीम मीडिया ने भी अपेक्षित भूमिका नहीं निभाई है। उन्होंने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से राहुल गाँधी से काफी प्रभावित हैं।

राहुल गाँधी की प्रशंसा करते हुए वह कहती हैं कि कौन कहता है कि वह एक अनिच्छुक नेता हैं? बकौल स्वरा, वह 3600 किलोमीटर से ज्यादा पैदल चल रहे हैं और आम लोगों से मिल रहे हैं, जो उन्हें अपनी तरह-तरह की समस्याएँ बता रहे हैं। स्वरा भास्कर ने कहा, “वह मुझे बिल्कुल भी अनिच्छुक नेता नहीं लगते। वह मुझे ऐसे नेता लगते हैं, जिसकी भारत को आज सबसे अधिक आवश्यकता है। स्वरा ने कहा, “हम एक ऐसे समय में जी रहे हैं, जहाँ जो लोग झुकते नहीं हैं, उन्हें हर तरह से बदनाम किया जाता हैं। यह मेरे साथ पिछले 8 साल से हो रहा है। सत्ता पर सवाल उठाने वालों को हमेशा बदनाम करने की कोशिश होती रहेगी।”

क्या आपने कभी राजनीति में शामिल होने के बारे में सोचा है? इसके जवाब में स्वरा कहती हैं, “नहीं। लेकिन हर कोई सोचता है कि मैं राजनीति में शामिल होना चाहती हूँ। मुंबई में कई निर्माता हमेशा कहते हैं कि उसे कास्ट मत करो, वह वैसे भी राजनीति में शामिल होने जा रही है। लेकिन मुझे नहीं पता कि आप राजनीति से क्या मतलब रखते हैं। अगर आपका मतलब चुनावी राजनीति से है, तो फिलहाल मेरी कोई योजना नहीं है।”

भाजपा के मुताबिक, कॉन्ग्रेस राहुल गाँधी के साथ चलने के लिए बॉलीवुड हस्तियों को पैसे दे रही है। बीजेपी ने इसके लिए ‘पेड पीआर’ शब्द का इस्तेमाल किया है। क्या आपको पैसे मिले, या आपने पैसे दिए? इस पर वह कहती हैं, “नहीं। मैं पैसे क्यों दूँगी? मेरा मतलब है, मैं किसी को तब तक पैसे नहीं देती, जब तक कोई मेरे बाल नहीं बनाता और मेकअप नहीं करता।”

इसके बाद वह एक किस्सा बताती हैं कि एक बार वो एक कॉफी शॉप में बैठी थी, तभी एक लड़का आया और उसने उन्हें एक टिश्यू पेपर थमाते हुए कहा, “मेरे जाने के बाद आप इसे पढ़ना।” उसने इसमें लिखा था, “हाय, स्वरा, मेरा नाम अली है। मेरी इच्छा बस आपको धन्यवाद कहने की है। क्योंकि भारत में रहने वाले एक मुस्लिम के रूप में, आपको पता नहीं है कि आप जैसे लोगों से हमें कितनी ताकत और एकजुटता की भावना मिलती है।” स्वरा के शब्दों में, “मुझे लगता है कि यह मेरा भुगतान है।”

राजस्थान : गद्दार हैं सचिन पायलट : अशोक गहलोत, मुख्यमंत्री

                                                                                                                 साभार: @SachinPilot
राजस्थान में कांग्रेस के दो गुटों के बीच तकरार बढ़ती जा रही है। राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री पद का सपना सजाने वाले पूर्व उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट को गद्दार बताया है। उन्होंने कहा कि एक गद्दार कभी मुख्यमंत्री नहीं बन सकता।

गहलोत ने कहा, “एक गद्दार मुख्यमंत्री नहीं हो सकता। हाईकमान सचिन पायलट को मुख्यमंत्री नहीं बना सकता। वे ऐसे आदमी हैं, जिनके पास 10 विधायक नहीं हैं। उन्होंने बगावत की। उन्होंने पार्टी को धोखा दिया। वह गद्दार हैं। गद्दार को कोई विधायक स्वीकार नहीं करेगा।”

उन्होंने आगे कहा, “देश के इतिहास में पहली बार हुआ होगा कि एक पार्टी अध्यक्ष ने अपनी ही सरकार को गिराने की कोशिश की। इसके लिए बीजेपी की तरफ से पैसा दिया गया था। बीजेपी के दिल्ली दफ्तर से 10 करोड़ रुपए आए थे। इसका मेरे पास सबूत है। इन पैसों में से किसे कितना दिया गया, ये मुझे नहीं पता।” 

दोनों के बीच तल्खी 23 नवंबर 2022 को पार्टी की बैठक में भी दिखी। दरअसल, राहुल गाँधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ राजस्थान में आने वाली है। इसकी तैयारियों को लेकर एक बुलाई गई थी। इस बैठक में सीएम गहलोत और पायलट दूर-दूर बैठे। इस दौरान दोनों नेताओं ने बात भी नहीं की। वहीं, बैठक खत्म होने से पहले ही सचिन पायलट वहाँ से चले गए।

मुख्यमंत्री की कुर्सी बचाने के लिए सीएम गहलोत ने पार्टी अध्यक्ष पद की कुर्सी ठुकरा दी। सीएम गहलोत को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनकर सीएम की कुर्सी सचिन पायलट को सौंपने के लिए कहा गया था। हालाँकि, उन्होंने ऐसी बिसात बैठाई कि पायलट की यह कोशिश नाकाम हो गई।

उसके बाद से दोनों गुटों के बीच आंतरिक कलह खुलकर सामने आ गई है। पार्टी के हालात को देखते हुए पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने पार्टी नेताओं को सलाह दी थी कि अन्य नेताओं के खिलाफ या पार्टी के आंतरिक मामलों के बारे में वे सार्वजनिक बयानबाजी करने से बचें। हालाँकि, राजस्थान कॉन्ग्रेस में इस सलाह का असर नहीं दिख रहा है।

सचिन पायलट द्वारा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ विद्रोह करने के बाद साल 2020 में उन्होंने पायलट को ‘निकम्मा’ और ‘नकारा’ कहा था। उस दौरान पायलट के साथ 18 अन्य विधायकों का भी साथ मिला था। इसके बाद सीएम गहलोत ने पायलट को उप-मुख्यमंत्री की कुर्सी से हटा दिया था।

दोनों नेताओं के बीच आंतरिक कलह साल 2018 में पहली बार सामने आई थी। उस दौरान राज्य में विधानसभा चुनाव होने वाले थे और दोनों गुट प्रत्याशियों के चयन में हस्तक्षेप करते हुए अपने लोगों को टिकट दिलवाना चाहते थे। इसके बाद पार्टी की जीत हुई तो मुख्यमंत्री पद को लेकर भी दोनों का मनमुटाव सामने आया।

जब पार्टी ने अशोक गहलोत को प्रदेश का मुख्यमंत्री और सचिन पायलट को उप-मुख्यमंत्री बनाया तो यह कलह थमने के बजाय और उग्र हो गया। दोनों नेता अपने-अपने मंत्रियों के पोर्टफोलियो बँटवारे को लेकर आमने-सामने आ गए। इसके बाद पायलट 18 विधायकों के साथ सीएम गहलोत के खिलाफ खुला विद्रोह कर दिया। इसका नतीजा यह हुआ कि उन्हें उप-मुख्यमंत्री का अपना पद गँवाना पड़ा।

दोनों गुट के नेता एक-दूसरे पर गद्दार, रजिस्टर्ड दलाल, चरित्रहीन जैसे आरोप लगा रहे हैं। उधर सचिन पायलट कुर्सी के लिए राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी से लगातार सिफारिश लगा रहे हैं। सचिन पायलट राहुल गाँधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में भी शामिल हुए। राहुल गाँधी के साथ प्रियंका गाँधी भी इस यात्रा में शामिल रहीं।

भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी के साथ अपनी तस्वीर साझा करते हुए सचिन पायलट ने एक ट्वीट किया। इस ट्वीट में उन्होंने लिखा, “भारत जोड़ो यात्रा का आज एक नया दिन परंतु देश जोड़ने का संकल्प व जोश वही। मध्य प्रदेश के बोरगांव से आज आरंभ हुई भारत जोड़ो यात्रा में सम्मिलित हुआ। राहुल गाँधी जी और प्रियंका गाँधी जीके साथ उठता हर कदम एक सकारात्मक परिवर्तन की ओर इशारा करता है।”

‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान राहुल गाँधी ने ‘राष्ट्रगीत’ बजाने के लिए कहा, बजने लगा नेपाल का राष्ट्रगान, कौन है षडयंत्रकारी ? वीडियो

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गाँधी के माध्यम से देश की जनता को समय-समय पर मनोरंजन का अवसर मिल जाता है। ऐसी ही एक घटना राहुल गाँधी के ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान महाराष्ट्र के वाशिम में सजे मंच से देखने को मिली। दरअसल, यहाँ भारतीय राष्ट्रगान की जगह नेपाली राष्ट्रगान बज उठा। कुछ देर तक यह बजता रहा। इस बीच मंच पर उपस्थित राहुल गाँधी और दूसरे नेता से ‘राष्ट्रगीत’ का रट लगाते रहे।

नेपाल के राष्ट्रगान के बजने के लिए सारा आरोप राहुल गाँधी पर आना, कोई बड़ी बात नहीं लेकिन राहुल के आड़ में असली आरोपी बच निकले। कांग्रेस को जाँच इस बात पर करनी चाहिए कि नेपाली राष्ट्रगान किसने बजाया? आखिर किसके इशारे पर यह खेल खेला गया? उस पर कार्यवाही जरुरी है। अन्यथा, उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का राहुल को अध्यक्ष बनाने पर उनकी टिप्पणी 'जितनी जल्दी हो राहुल बाबा को अध्यक्ष बनाइए' निरंतर सत्य हो दिख रही है। इस पर कांग्रेस गंभीर होना पड़ेगा, क्योकि इस भयंकर गलती का असर गुजरात और दिल्ली चुनावों में देखने को मिल सकता है।   

राहुल गाँधी की भारत जोड़ो यात्रा महाराष्ट्र के वाशिम में पहुँची। वहाँ राहुल गाँधी और कुछ कांग्रेस नेता एक मंच पर लोगों को संबोधित कर रहे थे। राहुल गाँधी ने भाषण के बाद बगल में खड़े नेताओं से ‘राष्ट्रगीत’ बजाने के लिए कहा, लेकिन नेपाल का राष्ट्रगान बजने लगा। यह कुछ देर तक बजता रहा और राहुल गाँधी सावधान की मुद्रा में खड़े रहे। फिर उन्हें एहसास हुआ कि यह जन-गण-मन नहीं है तो उन्होंने फौरन नेताओं से ‘राष्ट्रगीत’ बजाने के लिए कहा।

हालाँकि, राहुल के कहने के बावजूद भी कुछ नेता उनकी बातों को नहीं समझ पा रहे थे। वीडियो में देखा जा सकता है कि कई बार कहे जाने के बाद राष्ट्रगान बजाया गया। जो राष्ट्रगान बजाया गया वह भी तय शब्दों से अधिक बजा “जय हे, जय हे… जय जय जय जय हे…” के बाद राष्ट्रगान समाप्त हो जाता है, लेकिन यहाँ इसके बाद भी कई सेकेंड तक गाना बजता रहा। इसे वीडियो के 24-27 मिनट के बीच सुना जा सकता है।

जन-गण-मन राष्ट्रगान है और वंदे मातरम राष्ट्रीय गीत है। इसे रविंद्रनाथ टैगोर ने लिखा है। वहीं, राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम को बंकिमचंद्र चट्टोपाध्या ने लिखा है। राहुल गाँधी ‘जन-गण-मन’ को मंच से ‘राष्ट्रगीत’ के रूप में संबोधित करते रहे।

भाजपा नेताओं और नेटिजन्स के निशाने राहुल गाँधी

इस गलती के लिए भाजपा नेताओं को और नेटिजन्स को मौका मिल गया। भाजपा नेताओं ने इसके लिए राहुल गाँधी और कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया। महाराष्ट्र के भाजपा नेता नितेश राणे ने इस घटना का एक वीडियो भी साझा किया है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, “राहुल का कॉमेडी सर्कस।”
तमिलनाडु के भाजपा नेता अमर प्रसाद रेड्डी ने भी वही वीडियो शेयर कर लिखा कि राहुल गाँधी, यह क्या है?
भाजपा नेताओं के अलावा सोशल मीडिया यूजर्स ने भी राहुल गाँधी का मजाक उड़ाया। एक यूजर ने लिखा कि क्या यह नेपाल का राष्ट्रगान है? एक अन्य यूजर ने लिखा कि राहुल को 5 सेकंड से ज्यादा समय यह समझने में लगा कि यह गलत गाना बजा है। @ShefVaidya नाम के यूजर ने लिखा, “जिस राहुल गाँधी को भारत के राष्ट्रगीत के ओपनिंग बार्स तक पता नहीं है वो क्या ख़ाक भारत जोडेगा?”
रामेश्वर सनातनी नाम के यूजर ने लिखा कि इन लोगों पर गलत राष्ट्रगान गाने और इसके अपमान के लिए केस दर्ज होना चाहिए।

तेलंगाना : राहुल गाँधी की 'भारत जोड़ो यात्रा' बनी 'मुस्लिम तुष्टिकरण यात्रा'

                                                                                                               साभार: Telugu Stop
हिमाचल प्रदेश और गुजरात में चुनाव की बिसात बिछ चुकी है, लेकिन चुनाव से दूर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कहलाए जाने वाले भारत जोड़ो यात्रा (Bharat Jodo Yatra) पर निकले कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी  तुष्टिकरण की राजनीति को नया मुकाम दे रहे हैं। पहले उन्होंने भारत माता को लेकर घृणा दिखाने वाले पादरी से ईसाइयत का पाठ पढ़ा था। अब कथित मुस्लिम बुद्धिजीवियों के साथ उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की है।

7 सितंबर 2022 को तमिलनाडु के कन्याकुमारी से 3750 किमी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ शुरू हुई थी। अभी यह यात्रा तेलंगाना में है। तमिलनाडु, केरल, आंध्रप्रदेश और कर्नाटक से गुजरते हुए राहुल गाँधी तेलंगाना पहुँचे हैं। इस दौरान उन्होंने एआईएमआईएम (AIMIM) के गढ़ हैदराबाद की चार मीनार मस्जिद के सामने भाषण भी दिया था।

इसके अलावा तेलंगाना के हनुमाननगर में राहुल गाँधी ने वरिष्ठ अधिवक्ताओं, शिक्षाविदों, सेवानिवृत्त नौकरशाहों, सामुदायिक संगठनों के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, लेखकों, कर्मचारी प्रतिनिधियों और विभिन्न क्षेत्र से जुड़े लोगों सहित मुस्लिम बुद्धिजीवियों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत की। इन मुस्लिम ‘बुद्धिजीवियों’ ने राहुल गाँधी और कांग्रेस पार्टी पर अपना विश्वास जताया।

डेक्कन क्रॉनिकल की एक रिपोर्ट के अनुसार, मुस्लिम बुद्धिजीवियों और राहुल गाँधी के बीच मुस्लिम समुदाय के कथित उत्पीड़न से लेकर वक्फ संपत्तियों के संरक्षण सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई। फरहाना खान नाम की एक शिक्षाविद ने मीडिया को बताया, “राहुल गाँधी ने हमें कई आश्वासन दिए हैं, जो हमें वास्तविक लगे। हमने वक्फ संपत्तियों के संरक्षण सहित कई मुद्दों पर उनसे चर्चा की है, जिन्हें नेताओं द्वारा लूटा जा रहा है।”

एक सामाजिक कार्यकर्ता सबा कादरी ने कहा, “मुस्लिमों पर हमेशा से हमले होते रहे हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस सत्ता में आने पर मुस्लिमों की रक्षा करेगी। इस पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा से एक धर्मनिरपेक्ष पार्टी रही है और मैं इस विचारधारा के साथ खड़ा रहूँगा।” राहुल से चर्चा करने वालों में पूर्व अधिकारी शफीकुज्जमां और तेलंगाना हाई कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता कुदसिया तबस्सुम भी शामिल थे।

तबस्सुम ने राहुल गाँधी से यूएपीए (UAPA) के दुरुपयोग के बारे में बात की, जिसके तहत कथित तौर पर मुस्लिमों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूएपीए की धाराओं का इस्तेमाल मुस्लिमों को बुनियादी मौलिक अधिकारों से वंचित करने के लिए किया जा रहा है। वहीं शफीकुज्जमां ने पुलिस के हमले में मुस्लिमों को निशाने के बारे में चर्चा की। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के पास बेहतर मुस्लिम प्रतिनिधित्व और स्थानीय नेतृत्व होना चाहिए।

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, राहुल गाँधी ने इन सभी बातों को धैर्यपूर्वक सुना। ऐसा प्रतीत होता है कि राहुल गाँधी ने मुस्लिम नेताओं की माँगों के अनुरूप यूएपीए कानून के विरोध में उनका समर्थन किया। कथित तौर पर, राहुल ने सहमति व्यक्त की कि समाज के कुछ वर्गों को निशाना बनाने के लिए यूएपीए और अन्य कानूनों का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मुस्लिम समुदाय के नेताओं द्वारा उठाए गए मुद्दों का समाधान करेगी।

दिलचस्प बात यह है कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस मदन बी लोकुर ने एक सिटिजन रिपार्ट जारी की थी, जिसमें यूएपीए कानून को कमजोर करने की माँग को लेकर दिल्ली हिंदू विरोधी दंगों की जाँच को गलत तरीके से पेश किया गया था।

इससे पहले राहुल गाँधी ने 9 सितंबर 2022 को हिंदू विरोधी टिप्पणियों के लिए कुख्यात पादरी जॉर्ज पोन्नैया से मुलाकात की थी। इस मुलाकात का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें जीसस के बारे में चर्चा हो रही थी। पादरी राहुल गाँधी को समझा रहे थे कि यीशु ही असल में ईश्वर हैं।

तेलंगाना : भारत जोड़ो यात्रा में पूजा भट्ट के शामिल होने पर कांग्रेस बोली- मोहब्बत चाहने वालों की तादाद बढ़ रही

                                                                           साभार : ANI
अभिनेत्री एवं फिल्म निर्माता पूजा भट्ट कांग्रेस पार्टी की भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुई। यात्रा आज(नवंबर 1) सुबह तेलंगाना के हैदराबाद शहर से शुरू हुई। हालांकि, पूजा भट्ट ने कुछ ही समय के लिए यह यात्रा की। इंडियन यूथ कांग्रेस ने तस्वीर शेयर कर लिखा कि- हर रोज नया इतिहास रचा जा रहा है…हर रोज देश में मोहब्बत चाहने वालों की तादाद बढ़ रही है। भारत जोड़ो यात्रा लोक कलाओं का संगम स्थल बनती जा रही है। भारतवासी अभी हर सुबह राहुल गांधी के जरिए कई रंगों से रूबरू हो रहे हैं।

राहुल गांधी की पदयात्रा में दिवंगत रोहित वेमुला की मां भी शामिल हुईं। उन्होंने इस यात्रा को लेकर कहा कि एकजुटता दिखाई दे रही है। उन्होंने राहुल गांधी से मुलाकात भी की। राहुल के गले लगकर भावुक नजर आईं।

राहुल की भारत जोड़ो यात्रा उज्जैन महाकाल की नगरी भी जाएगी। यहां राहुल बाबा महाकाल के दर्शन भी करेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद राहुल गांधी साधु संतों के साथ मप्र में प्रवेश के साथ मां नर्मदा की पूजा-अर्चना भी करेंगे।

भारत जोड़ो यात्रा 7 सितंबर से तमिलनाडु के कन्याकुमारी से शुरू हुई थी जो अब तक चार राज्यों तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और आंध्रप्रदेश से गुजर चुकी है और अभी तेलंगाना में है। कांग्रेस की 3750 किमी की यह यात्रा 12 राज्यों से गुजरेगी। कांग्रेस ने ट्वीट कर कहा कि- #BharatJodoYatra देश को भी जोड़ रही है और ज्वलंत मुद्दों को भी उठा रही है… इस यात्रा में देश के किसान को उम्मीद की किरण नजर आ रही है।